Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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November 15, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

एक हजार रुपये – अलविदा , तुम बहुत याद आओगे

पांच सौ का नोट और हजार का नोट बंद

एक हजार रुपये – अलविदा , तुम बहुत याद आओगे – बात है मंगलवार और तारीख 8 नवम्बर.. हर रोज की तरह मैं चैनल बदल बदल कर देख रही थी क्योकिं कही ट्रम्प तो कहीं पर्यावरण प्रदूषण की खबरों ने  कब्जा किया हुआ था और शहीदों की खबर भी सुर्खियों में थी और अचानक देखते ही देखते एक ठहराव सा  आ गया …

एक हजार रुपये – अलविदा , तुम बहुत याद आओगे

मोदी जी न्यूज में कुछ बोल रहे थे पहले सोचा कि ऐसे ही कोई खबर होगी पर जैसे जैसे खबर देखी और ब्रेकिंग न्यूज लिखी आने लगी कि रात 12 बजे से 500 और हजार रुपये के नोट कागज हो जाएगे … मन में घबराहट सी हो गई कि  ये क्या है … जब बात ही गहराई तक गई तो लगा कि बेहतरीन कदम है जो काफी समय पहले से कर लेना चाहिए था… पर चलिए देर आए दुरुस्त आए … !!

एक हजार रुपये

एक हजार रुपये

पर धीरे धीरे समय बदलने लगा क्योकि जिस तरह से बैंकों में लम्बी लम्बी कतारें थी और एटीएम में पैसे ही नही थे लोग रात रात भर सडकों पर ही सोए… हालाकि जनता ने बदलाव का स्वागत भी किया पर फिर भी चूल्हा ही न जले ऐसे में कैसे खुशी हो …

पर ऐसे में कही कहीं चुहलबाजी भी हुई …

 

cartoon-line-by-monica-gupta

पांच सौ रुपए – गैरकानूनी हुए पांच सौ और हजार के नोट – Monica Gupta

पांच सौ रुपए – गैरकानूनी हुए पांच सौ और हजार के नोट – अचानक एक ब्रेकिंग न्यूज ने जहां एक ओर सकते में डाल दिया वही बहुत लोगों के लिए खुशखबरी और कालेधन से जुड See more…

 

November 15, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

पुराने नोटों की कीमत – नोट पर राजनीति सक्रिय

पुराने नोटों की कीमत - नोट पर राजनीति सक्रिय

पुराने नोटों की कीमत – नोट पर राजनीति सक्रिय – सरकार के नोटबंदी के फैसले पर अरविंद केजरीवाल हो या अन्य विपक्षी पार्टी जबरदस्त राजनीति हो रही है… और दुखी, परेशान, हैरान है देश का आम नागरिक…

  पुराने नोटों की कीमत – नोट पर राजनीति सक्रिय

8 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का आह्वान किया! यह कदम काले धन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लिया गया, जिसकी सराहना हर इंसान ने की!लेकिन जैसे जैसे आम आदमी को दिक्कत का सामना करना पड रहा है … खुशी उदासी में बदल रही है … कई बार लगता है फैसला सही था मोदी जी का पर मीडिया और विपक्ष के  नेताओ तर्क सुनकर तनाव है …

पुराने भारतीय नोट … पांच सौ और हजार के … हाय राम …

पुराने नोटों की कीमत - नोट पर राजनीति सक्रिय

पुराने नोटों की कीमत – नोट पर राजनीति सक्रिय

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना – Monica Gupta

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना – बदलते इतिहास के साक्षी बने हैं हम … हालाकिं बैंंक में लम्बी कतारें हैं लोगो परेशान हो रहे हैं … read more at monicagupta.info

 

भयानक सपने- देश में तनाव का माहौल – Monica Gupta

भयानक सपने- देश में तनाव का माहौल – बेशक मोदी जी की घोषणा के बाद देश ने खुश होकर स्वागत किया था पर समय बीता और मीडिया मे खबरें दिखाई जाने लगीं तो तनाव बढने Read more…

 

November 14, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

वायरल खबर – अफवाहें फैलानें से पहले सावधान

दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी

वायरल खबर – अफवाहें फैलानें से पहले सावधान – आतंकित कर देती हैं कुछ खबरें और सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर जिनका कोई सिर पैर नही होता … व्यक्ति को गहन तनाव में भी डाल देती हैं … इसलिए सावधान हो जाईए

वायरल खबर – अफवाहें फैलानें से पहले सावधान

500 और हजार के नोट बंद हुए है … इस पर कितनी बाते वायरल हुई … जिसमें  जरा भी सच्चाई नही थी ..नमक नही मिलेगा उस चक्कर में लोगो ने 500 का नमक भी खरीदा …
जिनके घर में शादी है, वे शादी के कार्ड पर अपने एरिया के डीसीपी से मुहर लगवाकर RBI से 5 लाख रुपये निकाल सकते हैं।
लोगों के हाथ में जिस दिन पहली बार 2000 का नोट आया उसी दिन नोट में टाइपिंग एरर की अफवाह भी सोशल मीडिया पर फैलने लगी….
और अब अफवाह भी देखिए हम भी बिना सच्चाई जाने उसे शेयर करते जाते हैं … जबकि ऐसी खबरें शेयर करके हम भी उसमे बराबर के भागीदार बन जाते हैं … जबकि हमें कोई भी खबर शेयर करते हुए 100 बार सोचना चाहिए क्योकि किसी की जान भी जा सकती है ..

वायरल खबर – अफवाहें फैलानें से पहले सावधान

कल एक जानकार के घर जाना हुआ …  उनके पास कोई फोन आया और वो बोले कि आज नही नही डाक्टर साहब नही देखेंगे आज छुट्टी पर हैं  और ये कह कर हंसते  हुए फोन रख दिया… हमें समझ नही आया कि किस डाक्टर के लिए कह रहे थे क्योकि वो बिजनेसमैन है … जब मैने पूछा तो उन्होने हंसते हुए बताया कि कोई रॉग नम्बर था… किसी डाक्टर के बारे में कोई पूछ रहा था तो मैने ऐसे ही बोल दिया कि आज नही देखेंगें …

क्या ये सही किया … ना जाने कोई किस परेशानी में हो और बजाय ये कहने के रॉग नम्बर है हम झूठ बोलेंगें … बहुत गलत है वैसे सोशल मीडिया पर भी तो बहुत कुछ गलत सलत लिखा जाता है  …मजाक उडा दिया जाता है किसी की बात बिना सच्चाई जाने पोस्ट वायरल कर दी जाती है …

कितनी खबरें तो मैने ही देखी हैं एक जाने माने कलाकार को मार दिया जब पोस्ट इतनी वायरल हुई तब उन्हें खुद मीडिया में आकर कहना पढा कि वो जिंदा हैं वही एपीजे कलाम साहब की भी न्यूज वायरल हुई थी कि उनकी डेथ हो गई है … जबकि ये भी गलत थी …  

और अब जो 500 और हजार के नोट बंद हुए है … इस पर कितनी बाते वायरल हुई … नमक नही मिलेगा उस चक्कर में लोगो ने 500 का नमक भी खरीदा … जिनके घर में शादी है, वे शादी के कार्ड पर अपने एरिया के डीसीपी से मुहर लगवाकर RBI से 5 लाख रुपये निकाल सकते हैं।

लोगों के हाथ में जिस दिन पहली बार 2000 का नोट आया उसी दिन नोट में टाइपिंग एरर की अफवाह भी सोशल मीडिया पर फैलने लगी

और अब अफवाह भी देखिए हम भी बिना सच्चाई जाने उसे शेयर करते जाते हैं … जबकि ऐसी खबरें शेयर करके  हम भी उसमे बराबर के भागीदार बन जाते हैं … जबकि हमें कोई भी खबर शेयर करते हुए 100 बार सोचना चाहिए क्योकि किसी की जान भी जा सकती है ..

मजाक अपनी जगह है पर लोगो की जान से खिलवाड …  कि है कि क्या हम भी  इस वायरल वीडियो भेडचाल में शामिल होगें या एक अच्छे नागरिक होने  का फर्ज अदा करेंगें …वायरल वीडियो

जरुर सोचिए

वायरल सच ऐसा भी – Monica Gupta

वायरल सच ऐसा भी सोशल मीडिया और वायरल का बुखार जोरो पर है पर आज मैं जिस वायरल की बात करने जा रही हूं वो हम सभी की जिंदगी से जुडा है.  वायरल का सच है इसलिए बहुत सोच विचार कर ही पढे. जब बच्चा छोटा होता है और कभी कभार खेलते खेलते उसे चोट … वायरल सच ऐसा भी – Monica Gupta

वायरल खबर – अफवाहें फैलानें से पहले सावधान के बारे में आपके क्या विचार हैं … ???

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November 13, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

भयानक सपने- देश में तनाव का माहौल

भयानक सपने

भयानक सपने- देश में तनाव का माहौल – बेशक मोदी जी की घोषणा के बाद देश ने खुश होकर स्वागत किया था पर समय बीता और मीडिया मे खबरें दिखाई जाने लगीं तो तनाव बढने लगा और आज जब  मोदी जी ने कहा कि 50 दिन दीजिए सब ठीक हो जाएगा

भयानक सपने- देश में तनाव का माहौल

पता नही क्या सोच कर कहा गया होगा फोन पर … “आप कतार में हैं … यू आर इन ए Queue… !! अरे भई….. वाकई में, हम कतार यानि लाईन यानि पक्ति में ही हैं….

जिस तरह से लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड रहा है … बहुत तनाव है … किसी की शादी रुक गई … कोई बीमार अपना ईलाज नही करवा पा रहा … पैसे मिलने की कोई उम्मीद जल्दी से नही … किसी के घर में खाना नही बना …

नोट जिसने कभी कूडे दान नही देखा आज देखा … देनदार लिया रुपया देने को तैयार है बार बार फोन भी कर रहा है पर लेनदार तैयार नही … पूरा परिवार सारा काम काज छोड कर लाईन में लगा है  …

पता नही क्या सोच कर कहा गया होगा फोन पर … “आप कतार में हैं … यू आर इन ए Queue… !! अरे भई….. वाकई में, हम कतार यानि लाईन यानि पक्ति में ही हैं

 

भयानक सपने

भयानक सपने

भयानक सपने

भयानक सपने

 

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना – Monica Gupta

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना – बदलते इतिहास के साक्षी बने हैं हम … हालाकिं बैंंक में लम्बी कतारें हैं लोगो परेशान हो रहे हैं … read more at monicagupta.info

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट – Monica Gupta

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट.. 500 और 1000 के नोट बंद .. बेशक, काला धन और भ्रष्टाचार में जरुर लगाम लगेगी पर छुट्टे के चक्कर में तो हमें ही निशाना बना दिया चोर मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट – Monica Gupta

 

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा – Monica Gupta

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा. जबसे मोदी जी ने धोषण की है कि 500 और 1000 रुपये के नोट अब बंद हो गए हैं तब से एक हडकम्प एक हाहाकार मच गया है. एक सराहनीय कदम

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा. जबसे मोदी जी ने धोषण की है कि 500 और 1000 रुपये के नोट अब बंद हो गए हैं तब से एक हडकम्प एक हाहाकार मच गया है. एक सराहनीय कदम read more at monicagupta.info

अब एटीएम से निकाल सकेंगे 2500 रुपए दिन अौर सप्ताह में बैंक से निकाल पाएंगे 24000 रुपए…
मुझे लगता है धीरे धीरे सरकार अपना लिया फैसला भी वापिस ले लेगी … सब सामान्य हो जाएगा …

November 13, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ - लौट आई खुशी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी – बच्चों की छोटी कहानियाँ हमेशा आकर्षित करती है चाहे प्रेरक हो या मनोरंजक – बच्चे कहानी बहुत चाव से पढते हैं. नन्हें सम्राट नामक पत्रिका में प्रकाशित  मेरी लिखी पढिए एक मजेदार कहानी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी

कल दीवाली है पर आज मणि बहुत उदास है. मणि को क्या हुआ और वो उदास किसलिए है यह बताने के लिए आपको मैं लिए चलती हूं फ्लैश बैक में यानि कुछ समय पहले…

बात एक साल पहले की है जब दीपावली आने वाली थी और मणि को अपने अब्दुल चाचा का इंतजार था. मणि दूसरी क्लास में पढती है और अपने मम्मी पापा के साथ शहर में रहती है. उसके अब्दुल चाचा ( जोकि उसके पिता के बहुत ही अच्छे दोस्त हैं और वो उन्हें हमेशा चाचू कह कर बुलाती है) गाँव में रहते हैं पर हर त्योहार पर मिलने जरुर आते हैं जैसे मणि का परिवार ईद पर हर साल उनके गांव जाता है वैसे ही वो भी त्योहार पर शहर आते हैं. मणि को अब्दुल चाचा इसलिए भी अच्छे लगते हैं कि उन्हें बहुत सारी कहानियां सुनाते हैं खासकर परियों की, राजकुमारियों की और जादू की कहानियां वो बहुत शौक से सुनती है.

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 मणि के मम्मी पापा तो अपने अपने काम में व्यस्त रहते हैं और शायद उन्हें कहानियां आती भी नही हैं. हालाकि वो कॉमिक्स तो बहुत सारी लाकर देते पर मणि को कामिक्स पढ़ कर उतना आनन्द नहीं आता जितना कि कहानियां सुन कर आता इसलिए हर बार उसे चाचू के  आने का इंतजार रहता ।

उसे बहुत ही अच्छा लगता  जब पुरानी कहानियों में मेंढ़क किस करने से खूबसूरत राजा बन जाता था या फिर सिर्फ छूने से ही पत्थर परी बन जाती हर बार की तरह पिछ्ली दीपावली पर भी वो आए पर इस बार वो मणि के लिए बेहद खूबसूरत उपहार भी लाए.

वो लाए थे प्यारा सा सफेद पामेरियन कुत्ता. पहले तो मणि को उसे हाथ लगाते भी डर लगा जैसे ही वो भौं-भौं करता मणि की ड़र के मारे अंगुलियां मुंह में चली जाती पर कुछ ही घण्टों में वह उससे इतनी हिल-मिल गर्इ कि उठते बैठते, खेलने जाते, खाते पीते हर समय वो पूछं हिलाते मणि के साथ ही रहता. मणि ने उसका नाम प्यारु रखा  क्योकि वो था ही इतना प्यारा.

अब आप सोच रहे होंगें कि जब सब कुछ ठीक चल रहा था तो मणि इस बार उदास किसलिए है. जी बिल्कुल वही तो मैं बताने जा रही हूं  बेशक, प्यारु के साथ वो खूब व्यस्त हो गई थी पर कहानियां सुनने का शौक वैसे ही जारी रहा अब वो प्यारु को अपनी गोदी में बैठा कर अब्दुल चाचा से कहानी सुन रही थी.

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ - लौट आई खुशी

दीपावली के बाद चाचा भी वापिस चले गए और मणि अपनी पढ़ार्इ और  प्यारु में मस्त हो गर्इ। समय बीतता रहा और कुछ समय पहले राखी गई और दीपावली आने वाली थी. हुआ ये कि एक दिन जब मणि स्कूल गर्इ हुर्इ थी उसके पापा दफ्तर जाने के लिए गैराज से कार निकाल रहे थे. अचानक सडक पर एक तेज गति से कार आई और प्यारु को टक्कर मार कर तेज रफ्तार से अपनी कार दौडा कर ले गया. मणि के पापा उसे तुरंत अस्पताल ले कर गए पर प्यारु को डाक्टर बचा नही पाए और प्यारु मर गया.

अब मणि के मम्मी-पापा दोनों उदास हो गए क्योकि मणि का वो सबसे अच्छा दोस्त था उन्हें सबसे ज्यादा मुश्किल यह हो रही थी कि वह मणि को कैसे समझाऐंगे कि प्यारु अब नही रहा.। उन्होनें अब्दुल को फोन किया और सारी बात बताई.

शाम को जब मणि स्कूल से घर लौटी तो उसे यही बताया गया कि गेट खुला रह गया और प्यारु कही चला गया. वो अपने आप आ जाएगा पर मणि ने जो रो-रो कर हाल बेहाल किया वो तो उसके पड़ोसी भी जान गए. उस दिन से मणि एकदम चुप सी हो गई थी. 

अब हम आते हैं आज पर यानि फ्लेश बैक खत्म हुआ. आज भी मणि उदास है क्योकि दस दिन होने को आए पर प्यारु वापिस नही आया. कल दीपावली है और अब्दुल चाचा का फोन आया कि वो आने वाले हैं पर मणि के चहेरे पर स्माईल नही है .असल में, प्यारु से वो इतना जुड गई थी कि अब उसके बिना उसका किसी काम में दिल ही नही लग रहा है

 मणि अपने कमरे की खिडकी से बाहर सडक पर झांक ही रही थी तभी बाहर एक कार आकर रुकी. मणि के देखा कार से अब्दुल चाचा उतरे. मणि उन्हें देखते ही बाहर बताने भागी कि प्यारु कही चला गया तभी मणि ने देखा कि उनके हाथ में एक छोटा-सा पिंजरा है और उसमे प्यारा-सा तोता है. मणि कुछ कहती इससे पहले अब्दुल चाचा बोले कि अरे प्यारु से क्या कह दिया था वो मेरे पास गांव आया था

 क्या….? आपके पास….!मैंने तो कुछ भी नहीं कहा”। चाचा ने बताया कि प्यारु गांव आया और उसने कहा कि मणि दी का मन करता है कि वह मुझे स्कूल ले जाए और मुझसे बातें करे पर  न तो वो स्कूल तो नहीं जा सकता है और न  मीठी-मीठी बातें कर सकता है इसलिए उसे तोता बना दो जब भी दी स्कूल जाऐंगी मैं उड़ कर उन्हें स्कूल तक छोड़ने जाऊंगा और छोड कर वापिस आ जाया करुंगा और फिर शाम को ढ़ेर सारी बाते किया करुंगा. तो,

लो भर्इ ये रहा तुम्हारा प्यारु अब वो तोता बन गया है. तभी तोता भी बोलने लगा, हैल्लो मणि दी मैं हूं आपका प्यारु… कैसी हो!! मैने आपको बहुत मिस किया.

मणि हैरान होकर तोते की ओर देखे जा रही थी. वो उसकी मीठी और प्यारी बात सुनकर इतनी खुश हुई कि अब्दुल चाचा से लिपट ही गई और फिर उनके हाथ से पिंजरा छीन कर अपने कमरे में ले गर्इ और बाते कर रही थी कि प्यारु अब कही मत जाना मुझे छोड कर.

कल दिवाली है हम खूब मस्ती करेंगें चल मुझे अपनी नई ड्रेस भी दिखाती हूं

मणि के मम्मी-पापा भी सारी बातें पीछे खड़े होकर सुन रहे थे। अब्दुल चाचा ने  सारी बात सम्भाल ली थी जिससे  मणि की खोई मुस्कान लौट आई. अब घर में खुशनुमा माहौल है और सब हसते मुस्कुराते दीवाली की तैयारी में जुट गए.

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ - लौट आई खुशी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी

बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ – लौट आई खुशी आपको कैसी लगी ?? जरुर बताईएगा !!

baccho ki manoranjak kahaniya

November 13, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों का व्यक्तित्व विकास कैसे हो – बच्चों में छिपी प्रतिभा पहचानिए

दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी

बच्चों का व्यक्तित्व विकास कैसे हो – बच्चों में छिपी प्रतिभा पहचानिए – आज के इस बदलते दौर में हमें अपने बच्चों में छिपी हुई प्रतिभा को पहचान कर दुनिया के सामने रखना होगा … पढाई के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी उनका मनोबल बढाना होगा…

बच्चों का व्यक्तित्व विकास कैसे हो – बच्चों में छिपी प्रतिभा पहचानिए

थोडी देर पहले कुछ बच्चे आए और पूछ्ने लगे कि 14 नवम्बर को हमारा कोम्पीटिशन है फैंसी ड्रेस में हमें क्या बनना चाहिए दो बच्चे चित्रकारी मे हिस्सा ले रहे थे और दो बच्चे रेस में … कुल मिला कर बहुत बहुत उत्साहित थे… सच मे … उन्हॆ 14 नवम्बर की खुशी इसलिए थी कि कुछ अलग कर दिखाने का मौका मिलेगा..

वही पेरेंटस भी अपना प्रोग्राम बना रहे हैं कोई पिकनिक पर जा रहे हैं तो कोई कि मूवी और फिर डिनर पर जाने का प्रोग्राम बना रहे है… और कोई जानना चाह रहा है कि क्या गिफ्ट चाहिए … मेरे विचार से अगर पेरेंटस बच्चों को कुछ देना ही चाह्ते हैं तो उनके भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर लाए उन्हें प्रोत्साहित करें

बच्चो को कभी कम नही समझना चाहिए कई बार बच्चे कुछ ऐसा काम कर जाते हैं कि बडे भी हैरान हो जाते हैं … बहुत समय पहले मैने एक कहानी पढी थी  …  कहानी कुछ ऐसे थी कि एक लडकी होती है

6 क्लास मे पढती है … मम्मी ने दाल चावल बनाए होते हैं और लडकी खाना न्ही खा रही होती है मम्मी गुस्सा करती है और पापा उसे कहते हैं अगर उनकी बेटी सारा खाना खत्म कर देगी तो जो वो कहेगी वही उसे मिलेगा …

लडकी पापा से प्रोमिस ले लेती है कि पक्का ना … आप देंगें न मुझे जो मैं कहूंगी … पापा हामी भरते है … लडकी फटाफट सारा खाना खा जाती है खाना खाकर वो पापा से कहती है अब पूरा कीजिए अपना वायदा

… पापा हसंते हुए कहते हैं बताईए मेरी राजकुमारी का क्या हुक्म है … क्योकि उन्हें लगता है कि छोटी मोटी चीज की ही फरमाईश होगी … पर लडकी की बात सुनकर वो सकते में आ जाते हैं … पता है बिटिया क्या कहती है वो कहती है कि मुझे गंजा होना है और वो भी अभी … मम्मी पापा हैरान …

मम्मी का गुस्सा तो सातवें आसमान पर पहुंच जाता है … पापा पहले मम्मी को शांत करते हैं फिर बेटी को समझाते हैं पर वो जिद कर लेती है कि अपना किया प्रामिस पूरा करो … बहुत समझाने के बाद पापा को बाल कटवाने लेकर ही जाना पडता है और उस दिन पूरा दिन तनाव रहता है अगले दिन वो स्कूल छोडने जाते है और ये सोचते है कि बच्चे कया कहेंगें टीचर क्या कहेगी कि ये क्या …

जैसे ही वो स्कूल पहुंचते है इतने में एक कार और आती है … उनकी बेटी फटाफट कार से बाहर निकलती है और दूसरी कार से भी एक लडकी बाहर निकलती है और वो भी बिल्कुल गंजी थी …

पिता देख ही रहे होते है तभी उस कार से एक महिला बाहर निकलती है और रोते हुए बोलती है कि भाई साहब आपकी बेटी बहुत महान है … उन्हें समझ नही आया कि गंजा होना क्या महानता दर्शाता है  तब उस महिला ने बताया कि उनकी बेटी को कैसर है और अब वो ठीक हो रही है क्योकि ईलाज के दौरान उसको गंजा किया गया और अभी बाल नही आए बेटी स्कूल आना चाहती थी पर गंजे होने पर उसका मजाक बनाया जाएगा इस वजह से नही आ पा रही थी पर जब आपकी बेटी को पता चला तो उसने कहा कि आप कल स्कूल जरुर आना …

आज आपकी बेटी को भी गंजा देखा … पिता अब समझ चुके थे कि इनकी बेटी ने कितना बडा काम किया कल तक जो गुस्सा आ रहा था

आज वो प्यार में बदल चुका था … इस कहानी को बताने का  मतलब यही है कि बच्चो को कम नही वे समझए जिस भी फील्डड में वो है उन्हे आगे लाएं और एक नया आसमान दें …

बच्चा बनना बच्चो का खेल नही है …

 

बच्चों का व्यक्तित्व विकास कैसे हो – बच्चों में छिपी प्रतिभा पहचानिए
चिल्ड्रन स्टोरीज, बच्चों की कहानियाँ, बाल दिवस पर भाषण, बाल दिवस पर प्रेरक कहानी , माता पिता ध्यान दें

 

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका – Monica Gupta

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका स्वच्छता अभियान के दौरान, गांव के बच्चों मे स्वच्छता के प्रति उत्साह देख कर हमनें ये वीडियो बनाई थी सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, सिरसा , हरियाणा , गांव सिकंंदरपुर बात उन दिनों की है जब हरियाणा के सिरसा में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान जोरो शोरो से चला हुआ था और सभी गांव वाले एक जुट होकर अपने अपने गांव को स्वच्छ बनाने में जुटे थे. तभी हमने Read more…

 

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