Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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November 12, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना

पांच सौ का नोट

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना – बदलते इतिहास के साक्षी बने हैं हम … हालाकिं बैंंक में लम्बी कतारें हैं लोगो परेशान हो रहे हैं … फिर भी जरा सब्र कीजिए और इस कदम का स्वागत कीजिए अफरातफरी से कुछ नही होगा … जरा संयम रखना ही होगा

पांच सौ का नोट – एक हजार रुपये और दिक्क्तों का सामना

नमक की खबर पढी कि दिल्ली, यूपी और उत्त राखंड के कई हिस्सों में इस तरह की अफवाह फैली है कि नमक नही मिल रहा … हमारे शहर मे अफवाह फैली की दस के सिक्के नही चलेगें … वहीं नोट जिन्होने आजतक कूडे दान नही देखा था आज कूडे मे पडे हैं वहीं नोट पानी तक मे भी बहते देखे गए …

पांच सौ का नोट

पांच सौ का नोट

 

पांच सौ का नोट

पांच सौ का नोट

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा – Monica Gupta

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा. जबसे मोदी जी ने धोषण की है कि 500 और 1000 रुपये के नोट अब बंद हो गए हैं तब से एक हडकम्प एक हाहाकार मच गया है. एक सराहनीय कदम read more at monicagupta.info

 

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट – Monica Gupta

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट.. 500 और 1000 के नोट बंद .. बेशक, काला धन और भ्रष्टाचार में जरुर लगाम लगेगी पर छुट्टे के चक्कर में तो हमें ही निशाना बना दिया चोर Read more…

 

 

November 12, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मेरी माँ प्यारी माँ – मां के साथ कैसे बर्ताव करेंं – How To Deal With Mothers

मेरी माँ प्यारी माँ – मां के साथ कैसे बर्ताव करेंं – How to deal with mothers …बहुत अजीब लगा न सुनकर कि How to deal with mothers यानि मां के साथ कैसे डील करेंं … हम पढते हैं बच्चों के साथ कैसे डील करें पेरेंटस … आफिस में बॉस के साथ कैसे डील करें …. गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड के साथ कैसे डील करें पर … मदर … अपनी मम्मी के साथ कैसे डील करें …

मेरी माँ प्यारी माँ – मां के साथ कैसे बर्ताव करेंं

ये बात आज कहने की जरुरत इसलिए आई है कि  बदलते समय में बच्चे जरा भी महत्ता नही देते और ना ही उन्हें कुछ समझते …अकसर उल्टा बोलते या जवाब देते नजर आते हैं..

How to deal with mothers …

मेरी सहेली ममता ने नई कार चलाना सीखा और 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद जब अपने बच्चों और पति को कहा कि जरा देखो मेरे ड्राईविंग कैसी है तो हंसने लगे बच्चे बोले हमें मरने का शौक नही है … आप ही जाओ … कुछ हो जाए तो फोन कर देना … उस समय उस मां की क्या फीलिंग होगी क्या आप सोच सकते हैं … ये वही मां है जिसने रात रात भर जाग कर आपकी देखभाल की … अपनी उंगली पकड कर चलना सीख्या … फिर वॉकर और फिर ट्राय साईकिल पहले दिन स्कूल लेकर गई ..  उसके साथ इतना रुखा व्यावहा

या फिर हम हम ये सोच ले कि मदर्स सिर्फ  कि सिर्फ मदर्स डे पर ही या फेसबुक पर लिखने से ही प्यार का इजहार हो जाता है बहुत है.. … मैंं आपको एक बात बताती हूं जब मदर्द डे गया तो मेरी सभी सहेलियों ने एक से एक मैसेज और ढेर सारी फोटो डाली हुई थी कोई गले मिलते पांव छूते  बस एक सहेली की वॉल खाली थी उसने कुछ भी नही लिखा … अगले दिन जब वो आई तो सब हंंसने लगी कि कहा थी उसने बताया कि कल उसकी मम्मी की तबियत ठीक नही थी बस उन्ही के साथ रही पूरा दिन उन्हें उसकी जरुरत थी …

अब मैं आती हूं अपने विषय पर कि How to deal with mothers

तो अगर आप ये सोच रहे हैं कि मैं बताऊगी कि मम्मी के साथ कैसे डील करे तो … जी नही मैं ये नही बताऊंगी कि कैसे डील करें क्योकि मुझे जरुरत ही नही है बताने की मुझे पता है कि आप जानते ही हो … आपकी मम्मी किस बात पर मुस्कुराती है किस बात पर खिलखिलाती है …उनका पसंद का खाना क्या है … क्या चीज उन्हें अच्छी नही लगती …  मैं तो बस याद दिलाने आई थी कि … तो यही छोडे जा रही हूं इस विश्वास के साथ कि मम्मी की फीलिंग को समझोगें  appreciate करेंगे … उन्हें जातएगे कि हम भी आपसे उतना ही प्यार करते हैं प्यार देंगें समय दोगे जिसका उन्हें हमेशा से  इंतजार  था है और रहेगा …

दिनभर काम करती है जब भी हमें उनकी जरुरत होती है वो साथ खडी होती है … और मांगती क्या है जरा सा प्यार हल्की सी मुस्कान और पूछ्ना कि कैसी हो मां …

पहला कदम पहली मुस्कान – एक अविस्मरणीय अनुभव – Monica Gupta

पहला कदम पहली मुस्कान एक अविस्मरणीय अनुभव टेलिविजन पर एक विज्ञापन आता था. वो पहला कदम पहली मुस्कान…. जिसमे मम्मी अपने नन्हे से बच्चे को चलना सीखाती है और एक दिन उसे उसी के नन्हे नन्हे पैरो से डगमगाते हुए चलते देख कर भावुक हो जाती है. read more at monicagupta.info

 

माँ का दिल , माँ का प्यार , माँ की ममता, माँ की याद, माता का आँचल , मेरी मां, मेरी माँ प्यारी माँ – मां के साथ कैसे बर्ताव करे,

November 11, 2016 By Monica Gupta 1 Comment

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है

दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है . हमें हर समय इन्हें दाना पानी देते रहना चाहिए … बहुत खुशी महसूस होती है क्योकि ये हमारे मित्र हैं …

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है

इनके मदद करनी चाहिए और कोई सुबह चिडिया के लिए पानी रखते हुए मैने देखा कि तो एक घर के बाहर एक महिला कटोरी मे दूध लिए एक महिला घूम रही थी. मुझे देखते ही बोली कि क्या आपने अभी काला कुत्ता देखा अभी गया है यहा से !! मैने इंकार किया ही था कि तभी एक सफेद कुत्ता जाता दिखा.

मैने कहा कि सफेद कुत्ता तो ये है इस पर वो बोली कि अरे नही आज काले कुत्ते को ही दूध पिलाना है बेचारा सफेद कुता काफी देर तक इंजार करता रहा कि शायद दूध मिल जाए और फिर सिर झुकाए चला गया. फिर वो महिला भी चली गई .

वैसे मुझे इस बात की नॉलिज नही कि किस दिन किस पक्षी या जानवर को खिलाया जाए पर इस बात का जरुर पता है सुबह हो शाम हो गर्मी हो या सर्दी हो पशु , पक्षी की मदद करके हमेशा अच्छा ही लगता है… …

चाहे तो पानी रखा हो या दाना डालना हो … नियमित चारा दाना डालते रहॆ तो भी नेक कार्य ही है !!!

पशु पक्षी और हम

मेरी एक सहेली हैं घर से आफिस तक कोई भी बीमार कुत्ता देखती हैं या तो वही उसकी मदद करती हैं या घर ले आती है … पशु , पक्षियों का संसार बहुत ही रोचक है

                                 पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है

रोचक कहानी चिडिया की

वैसे एक कहानी भी मुझे बहुत रोचक लगती है.. दो चिडिया थी… पक्की सहेलियां थी एक बार जंगल में एक शिकारी आया और एक उसकी पकड मे आ गई और उसे ले गया… उसे पिंजरे मे रख लिया… कुछ दिन बाद उसी शिकारी को उसी जंगल में दुबारा जाना पडा … चिडिया ने कहा कि प्लीज मुझे भी ले चलो इस पर शिकारी बोला कि ले कर तो नही जाउगांं पर कोई मैसेज हो तो वो दे दूंगा

उसने कहा कि बता देना कि वो कैद मे है… शिकारी जंगल गया और उसने देखा कि वो चिडिया चुपचाप बैठी थी… चिडिया ने उससे पूछा कि मेरी सहेली कैसी है इस पर शिकारी ने बताया कि वो मेरी कैद में है …

ये सुनते ही वो चिडिया एकदम से उपर उडी और फिर एकदम से नीचे गिर गई ऐसा लगा मानो वो मर गई … शिकारी ने सोचा जरुर उसे महसूस हुआ होगा इसलिए मर गई … वापिस आया तो पिंजरे वाली चिडिया ने पूछा क्या तुम मेरी सहेली से मिले वो कैसी है इस पर शिकारी ने बताया कि जब मैने उसे बताया कि मैने उसे कैद कर रखा है तो वो पहले तो खूब उंचा उडी और फिर एक दम से नीचे गिर गई और मर गई …

ये सुनते ही अचानक उस चिडिया ने अपने पर फडफडाए उडने को हुई और एक दम से निढाल हो गई …

शिकारी ने सोचा कि शायद ये अपनी सहेली की मरने वाली बात से दुखी हो गई इसलिए ये मर गई … उसने हिलाया दुलाया फिर पिजंरा खोल दिया कि अब तो ये मर गई …

पिंजरा खोलते ही वो चिडिया फुर्र से उड गई .. शिकारी हैरान कि ये क्या हुआ … इस पर चिडिया बोली मेरी सहेली ने मुझे आईडिया दिया था कि कैसे आजाद होना है … इतने में उसकी सहेली भी आ गई और दोनो शिकारी को बाय बाय करती हुई उड गई …

देखा कितना रोचक और प्यारा संसार है इनका इसलिए इन्हें दाना पानी खिलाते रहना चाहिए अच्छा लगता है

पक्षियों को दाना डालने से क्या होगा – पशु पक्षी के प्रति हमारा प्रेम

ऑडियो – जानवर और इंसान – Monica Gupta

यहांं क्लिक कीजिए और सुनिए एक मिनट और 40 सैंकिड का मजेदार ऑडियो – जानवर और इंसान  ऑडियो – जानवर और इंसान बीप बीप … वैसे आपने कभी महसूस किया है कि हम आम बोलचाल में जानवरों का नाम कितनी सहजता से लेते हैं … नही !! विश्वास नही हो रहा … है ना !! … read more at monicagupta.info

 

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है – आपको कैसा लगा और वैसे दाना डालने के बारे मॆ आपकी क्या राय है  जरुर बताईएगा …

क्या आपने चिडिया के लिए पानी रखा – पशु पक्षी मित्र हैं हमारे

.. तब तक अपना और खुश रहिए मुस्कुराते रहिए

चींटी, चिड़ियों, गिलहरियां, कबूतर, तोता, कौआ और अन्य पक्षियों के झुंड और गाय, कुत्तों को नियमित दाना , ज्वार , पानी दाना-पानी देने से  मानसिक शांति प्राप्त होती है … आजमा कर देख लीजिए …

 

 

 

 

November 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जीवन में इंटरनेट की भूमिका – पहचान बनाने का सशक्त माध्यम है नेट

दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी

जीवन में इंटरनेट की भूमिका – पहचान बनाने का सशक्त माध्यम है नेट – जिंदगी मे भी अक्सर ऐसा होता है जो हमारे पास होता है हम उसकी परवाह नही करते कद्र नही करते उसकी वेल्यू value  ही नही करते … अब इंटर नेट inter net को ही लीजिए … कितना कुछ है यहां कर दिखाने के लिए बस आप मे इच्छा शक्ति या स्पार्क spark चाहिए … कुछ कर दिखाने का हुनर होना चाहिए फिर sky is the limit है … पर हमारे पास बहाने तैयार रहते हैं क्योकि हम कुछ करना ही नही चाह्ते …

जीवन में इंटरनेट की भूमिका – पहचान बनाने का सशक्त माध्यम है नेट

 

मैं अक्सर नेट पर thoughts search  करती रहती हूं कल भी सर्च कर रही थी और सर्च करते करते बहुत साईटस sites  देखी. देखते देखते एक विचार बहुत पसंद आया.मैं उसने नोट note करने ही वाली थी फिर सोचा चलो और आगे सर्च कर लूं शायद इससे भी अच्छा मिल जाए …..और बेहतर और भी बेहतर के चक्कर में मैं आगे बढती रही पर कोई पसंद ही नही आया फिर सोचा चलो वैसे पहले वाला ही विचार अच्छा है वही नोट कर लेती हूं  पर ओह … वो गायब हो गया.

 

बहुत सारी साईटस  sites खोल रखी थीं, सर्च कर रही  थी  scroll  भी कर रही थी  वो उसी में कही गुम हो गया.  खोजा… खोजा उसे बहुत खोजा पर !!!  पर मिला नही  और याद भी नही था कि क्या लिखा था. बस इतना याद था कि जिंदगी के बारे मे था और बहुत ही अच्छा था वैसे

जिंदगी मे भी अक्सर ऐसा होता है जो हमारे पास होता है हम उसकी परवाह नही करते कद्र नही करते उसकी वेल्यू ही नही करते … अब इंटर नेट को ही लीजिए … कितना कुछ है यहां कर दिखाने के लिए बस आपमे इच्छा शक्ति या स्पार्क चाहिए …  कुछ कर दिखाने का हुनर होना चाहिए फिर स्काई इज द लीमिट है …  पर हमारे पास बहाने तैयार रहते हैं

एक फेसबुक पर मैसेज आया कि मैं भी कुछ करना चाह्ती हूं पर मैं हाऊस वाईफ हूं … अरे मैने लिखा कि आज के समय में हाऊस वाईफ होना लक्की है क्योकि घर के समय से समय निकाल कर हम बहुत कुछ कर सकते है .. और लेखको के लिए तो Dream come true   है … ना सम्पादक की इंतजार न पब्लिशर की लिखो और पब्लिश करो और तो और अपनी book भी पब्लिश कर सकते हैं पर टालना और बहाने बनाना अच्छी बात नही है …वैसे आप कैसे हैं ??

इसलिए जो हमारे पास है उसी की वेल्यू value  करनी चाहिए और उसी मे खुश रहना सीखना चाहिए नही तो फिर परेशान ही होना पडेगा जैसे मै हो रही हूं वैसे  वो विचार कब मिलेगा.. मिलेगा भी या नही पर एक विचार मुझे बहुत ही पसंद है वो मैं आप सभी से जरुर शेयर करना चाहूंगी वो है … सुनाऊंं… जी सुनाती हूं

मंजिल मिले ना मिले..ये तो अलग की बात है
हम कोशिश भी ना करे…ये तो गलत बात है..
आपके क्या विचार हैं इस बारे में … !!!

November 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट

मैं क्या करूँ - बंद हुए नोट

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट.. 500 और 1000 के नोट बंद .. बेशक, काला धन और भ्रष्टाचार में जरुर लगाम लगेगी पर छुट्टे के चक्कर में तो हमें ही निशाना बना दिया चोरों ने.. अब तो हम गरीब को बहुत  सम्भल कर रहने की जरुर है… हाहाकार

मैं क्या करूँ - बंद हुए नोट

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट

मैं क्या करूँ – बंद हुए नोट

अब लोगों के पास मौजूद पांच सौ और एक हजार के नोट केवल कागज के एक टुकड़े के समान रह जाएंगे।… 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 के नोट बंद हो जाएंगे। आपके पास 50 दिनों का समय है…  हम अपने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक अपने बैंक या डाकघर के खाते में जमा करवा सकते हैं…

 

November 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा

हाहाकार - छुट्टा नही है बाबा

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा. जबसे मोदी जी ने धोषण की है कि 500 और 1000 रुपये के नोट अब बंद हो गए हैं तब से एक हडकम्प एक हाहाकार सा मच गया है… पर एक सराहनीय कदम जिसकी बहुत समय से दरकार थी …

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा

खैर लोग तो बोलेगें ही कुछ दिन परेशान भी रहेंगें … पर जो हुआ बहुत अच्छा ही हुआ … कम से कम काला धन पर ब्रेक तो लगेगा … मामला काला धन

 

हाहाकार - छुट्टा नही है बाबा

हाहाकार – छुट्टा नही है बाबा

Black money

Black money भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काला धन मामले पर राज्यसभा में बताया कि 250 लोगों ने स्वीकार किया है कि उनके विदेश में बैंक खाते हैं और read more at monicagupta.info

 

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