Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

हमारा घर, स्वच्छता और वास्तु शास्त्र

रिश्वतखोरी - आईए रिश्वत देंhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/08/audio-vastu-by-monuca-gupta.wav

क्लिक कीजिए और सुनिए एक मिनट और 53 सैकिंड की छोटी सी ऑडियो

हमारा घर, स्वच्छता और वास्तु शास्त्र

वास्तु के अनुरूप आमतौर पर हम लोग आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर घर का निर्माण करवाने लगें  हैं पर इसका मतलब यह भी नही कि दिखावे के लिए खूब पैसे खर्च करें  पर छोटी छोटी सी बातों को अनदेखा कर दें.

कौन सी छोटी छोटी सी बात ?? अगर आप जानना चाहतें हैं तो आपको ऑडियों सुनना ही पडेगा और अमल भी करना पडेगा

शुभ लाभ

वास्तु – Monica Gupta

लेख -वास्तु मेरी एक जानकार ने नया घर बनाया है उसी के घर गई तो उसके कोई परिचित बैठे थे और पूरे घर का मुआयना करने के बाद वो सहेली को गुस्सा हो रहे थे कि वास्तु के हिसाब से ये नही किया वो नही किया. इस पर सहेली ने बोला कि जितना आर्किटेक्ट को पता था उस हिसाब से किया है बाकि अपना खर्चा भी देखा है इस पर वो बोले कि उन्होनें भी अपना नया घर बनाया है और हर जगह वास्तु ही वास्तु रखा है. अपने नए घर में हर कमरे मे बाथरुम में, छ्त पर हर जगह वास्तु के हिसाब से किया है . read more at monicagupta.info

 

August 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

कामवाली बाई , छुट्टियां और तनाव

कामवाली बाई

कामवाली बाई और मनोरंजक कार्टून

कामवाली बाई , छुट्टियां और तनाव

Weekend  holiday package of  Kaamwali bai

बेशक , कामवाली बाईयों पर बने कार्टून हमेशा मनोरंजक लगते हैं पर असल जिंदगी में बहुत तनाव पैदा कर देते हैं.. अब देखिए ना हमारी कामवाली बाई internet पर holiday package सर्च करने की बात कर रही है…पर इसे कौन बताए कि इसके बिना कितनी दिक्कत हो जाएगी… कैसे बैठ पाऊंगी सारा सारा दिन में इंटरनेट पर, मौहल्ले वालियों की खबरें कौन लाकर देगा… फिलहाल तो मैं उसके जाने की खबर से उदास ही हूं …

ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता – Monica Gupta

क्लिक करिए और सुनिए आप बीती ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता मोनिका गुप्ता का नमस्कार आज मैं आपको व्यंग्य सुनाने जा रही हूं जिसका शीर्षक है काम वाली बाई है मेरे पास !!!! …सुनने  से पहले प्लीज ध्यान दें ….इस व्यंग्य की सारी बाते सच्ची धटना पर आधारित है और इसका किसी व्यक्ति,स्थान उम्र से अगर मेल हो तो इसे कोई हैरानी बात ना होनी चाहिए… जी.. read more at monicagupta.info

 

August 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

समय का महत्व – अपनोंं के साथ (ऑडियो)

रिश्वतखोरी - आईए रिश्वत दें

 

ऑडियो मोनिका गुप्ता

ऑडियो मोनिका गुप्ता

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/08/audio-positive-thought-by-monica-gupta.wav

Click कीजिए और सुनिए 2 मिनट और 8 सैकिंड का audio

समय का महत्व – अपनोंं के साथ (ऑडियो)

मोनिका गुप्ता का नमस्कार.

वैसे इंटरनेट सशक्त माध्यम है बहुत सारी बातें जानने, सीखने और कुछ नया सर्च करने  का. हर कोई अपने interest के हिसाब से सर्च करते हैं कोई लेटेस्टlatest  खबरे सर्च करते हैं तो कोई games.. कोई online  शापिंग तो कोई डाईट कैसी हो इस पर सर्च करते है मैं भी बहुत कुछ सर्च करती रहती हूं नेट पे पर पॉजिटिव thoughts पढना बहुत पसंद हैं और जो अच्छे लग्ते हैं उन्हे लिख लेती हूं या सेव save कर लेती हूं और फिर दोस्तों के साथ  शेयर share करती हूं हमेशा की तरह् आज भी मैं बहुत अच्छे से विचार की तलाश कर रही थी और सर्च करते करते बहुत साईटसsites  देखी. देखते देखते एक विचार बहुत पसंद आया.मैं उसने नोट note करने ही वाली थी फिर सोचा चलो और आगे सर्च कर लूं शायद इससे भी अच्छा मिल जाए …..और बेहतर और भी बेहतर के चक्कर में मैं आगे बढती रही पर कोई पसंद ही नही आया फिर सोचा चलो वैसे पहले वाला ही विचार अच्छा है वही नोट कर लेती हूं  पर ओह … वो गायब हो गया.

बहुत सारी साईटस  sites खोल रखी थीं, सर्च कर रही  थी स्क्राल scroll  भी कर रही थी  वो उसी में कही गुम हो गया.  खोजा… खोजा उसे बहुत खोजा पर !!!  पर मिला नही  और याद भी नही था कि क्या लिखा था. बस इतना याद था कि जिंदगी के बारे मे था और बहुत ही अच्छा था

उदास मन लिए मै सोचने लगी कि जिंदगी मे भी अक्सर ऐसा होता है जो हमारे पास होता है हम उसकी परवाह नही करते कद्र नही करते और बेहतर और अच्छा खोजने के चक्कर मे हम अपनो को भी खो देते हैं इसलिए जो हमारे पास है उसी की वेल्यू value  करनी चाहिए और उसी मे खुश रहना सीखना चाहिए नही तो फिर परेशान ही होना पडेगा जैसे मै हो रही हूं वैसे  वो विचार कब मिलेगा.. मिलेगा भी या नही पर एक विचार मुझे बहुत ही पसंद है वो मैं आप सभी से जरुर शेयर करना चाहूंगी वो है … सुनाऊंं… जी सुनाती हूं

मंजिल मिले ना मिले..ये तो मुकदर की बात है
हम कोशिश भी ना करे…ये तो गलत बात है..

तो हो जाईए तैयार कोशिश करने के लिए … मैं भी एक बार फिर कोशिश करती हूं शायद मिल ही जाए… मिल गया तो ठीक नही तो  कल फिर मिलूगी एक और विषय के साथ…  तब तक खुश रहिए मुस्कुराते रहिए … बाय बाय

 

August 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका

स्वच्छ भारत अभियान के असली हीरो

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका

स्वच्छता अभियान के दौरान, गांव के  बच्चों मे स्वच्छता के प्रति उत्साह देख कर हमनें ये वीडियो बनाई थी

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, सिरसा , हरियाणा , गांव सिकंंदरपुर

बात उन दिनों की है जब हरियाणा के सिरसा में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान जोरो शोरो से चला हुआ था और सभी गांव वाले एक जुट होकर अपने अपने गांव को स्वच्छ बनाने में जुटे थे. तभी हमने यह महसूस किया कि बच्चे इस अभियान को बहुत गम्भीरता से ले रहे हैं और अपने गांव की न सिर्फ निगरानी कर रहे हैं बल्कि जो भी बाहर शौच के लिए जाता है उसे समझाते हैं और जो नही समझता उसकी शौच पर मिट्टी डाल कर आते ताकि बीमारी न फैले … ये देख आदमी इतना शर्मसार हो जाता  कि वो कुई बना कर उसी में जाने लगा… !!!

बेशक, बच्चों को  जिला प्रशासन और टीचर्स ने मिलकर गाईड किया पर उन्होनें इसके महत्व को समझा और स्वच्छ  गांव  बनाने में जुट गए. कभी रैली निकालना तो कभी खुद झाडू लेकर सफाई में जुट जाना …उनके इसी जोश को देख कर हम भी प्रेरित हुए और बच्चों की वीडियों बना डाली. उन दोनो शकंर अहसान जी का ये गीत बहुत सुर्खियों में था और  इस गाने पर कोई थीम बेस्ड वीडियो भी बनानी थी तब हमने इसे बनाया  स्वच्छता पर …

sawacchta-book-by-monica-gupta

स्वच्छता के नारे – Monica Gupta

• 1-2-3-4, कुर्इ खुदवा लो मेरे यार read more at monicagupta.info

वैसे स्वच्छता को लेकर आपकी क्या सोच है जरुर बताईगा … !!!

 

August 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छता का महत्व – गांव ताजिया खेडा (सिरसा)

 

स्वच्छता का महत्व – गांव ताजिया खेडा (सिरसा)

स्वच्छता अभियान और गांव,

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान और स्वच्छता के नारों से गूंज उठा ये गांव. गांव भर में कुईया बन गई  और महिला हो, पुरुष हो या बच्चे बाहर खुल्ले में  शौच नही जाते.

ये गांव हैं हरियाणा के जिला सिरसा का ताजिया खेडा. किसी अन्य गांव की तरह इस गांव में भी बहुत गंदगी थी. कारण यही था कि लोग खुले में शौच जाते पर जब जिला प्रशासन द्वारा गांव वालो को स्वच्छता का मह्त्व समझाया गया. बच्चों को स्वच्छता की मह्त्ता समझाई गई और महिलाओं को शर्म का अहसास करवाया तो जागरुकता आनी शुरु हो गई. सभी ने मिलकर स्वच्छता रैली निकाली और देखते ही देखते स्वच्छता का अर्थ समझ आने लगा

गांव के राम सिह ने माना कि पहले सभी लोग बाहर शौच के लिए जाते थे पर अब नही जाते

वही मोनिका स्कूली छात्रा ने भी स्वीकार किया कि अब हमारे गांव में बहुत स्वच्छता आ गई है.

महिलाओं की असली खुशी तो देखते ही बनती थी. गुर्गा देवी ने बताया कि वो निगरानी कमेटी मे थी और उसने जिला प्रशासन के साथ मिलकर बहुत काम किया.

स्वच्छता तभी आई जब सभी ने इसकी महत्ता को समझा और एकजुट होकर काम किया.

इस गांव में चाहे बडा हो, युवा हो या बूढा सभी बहुत खुश हैं

स्वच्छता अभियान

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम – Monica Gupta

यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री ने अपने मुंह से किसी गांव के सरपंच का जिक्र किया हो। पीएम मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मन की बात कार्यक्रम में बीबीपुर की पंचायत द्वारा इसी महीने आयोजित बेटी बचाओ, सैल्फी बनाओ प्रतियोगिता को लेकर कहा कि हरियाणा के एक छोटे से गांव बीबीपुर के सरपंच सुनील जागलान की बेटी बचाओ-सैल्फी बनाओ प्रतियोगिता की पहल से देशभर में पिता अपनी बेटी के सोचने के लिए मजबूर हुआ और उन्होंने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। read more at monicagupta.info

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात – Monica Gupta

क्लिक करिए और सुनिए स्वच्छता अभियान पर 4 मिनट और 35 सैकिंड की ऑडियो… मेरा अनुभव स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात बात स्वच्छता अभियान के दौरान की है. जब गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा था.लोगो को समझाया जा रहा था कि खुले मे शौच नही जाओ आसान नही था क्योकि सदियों से चली आ रही मानसिकता बदलना मुश्किल था. See more…

 

 

 

 

 

August 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

दीपावली की कहानी – पांच पर्वों का प्रतीक है दीवाली

दीपावली की कहानी

दीपावली की कहानी – पांच पर्वों का प्रतीक है दीवाली . दीवाली को दीपावली भी कहते हैं. हमारे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाने वाला त्योहार है दीपावली. दीपवाली को पांच पर्वो का प्रतीक भी कहा जाता है आईए जाने दीपावली की कहानी

दीपावली की कहानी

दीपावली की कहानी

 

दीपावली की कहानी – पांच पर्वों का प्रतीक है दीवाली

वो पांच दिन (बाल कहानी)

नन्हा रवि दिवाली को लेकर बहुत उत्साहित था. जी नही, पटाखों की वजह से नही बल्कि दादी के घर जाने के लिए… हर दिवाली वो पापा मम्मी के साथ दादी के घर जाता है  वहां पर उसके ढेर सारे दोस्त हैं पर वो उत्साहित इसलिए है कि दादी खूब सारी कहानियां सुनाती है.. इस बार उसे स्कूल में होमवर्क भी मिला था कि दिवाली पर कुछ रोचक लेख लिख कर लाना है और दादी से अच्छा उसे और कौन बता सकता था … बस इसीलिए वो दादी के पास जल्दी से जल्दी जाना चाह रहा था…!!

वो दिन भी आ गया और वो दादी के पास आलथी पालथी मार कर बैठ गया कि दिवाली पर कुछ रोचक बाते बताईए. दादी ने दिवाली के बारे में बताना शुरु किया कि कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दिवाली या दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली एक त्योहार नही बल्कि त्योहारों की एक श्रृंखला है क्योंकि  इस पर्व के साथ पांच पर्व जुड़े हुए हैं। सभी पर्वों के साथ दंत-कथाएं जुड़ी हुई हैं। दिवाली का त्योहार दिवाली से दो दिन पूर्व आरम्भ होकर दो दिन पश्चात समाप्त होता है।

रवि ध्यान से सारी बात सुन रहा था. दिवाली का शुभारंभ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के दिन से होता है। इसे धनतेरस कहा जाता है। इस दिन आरोग्य के देवता धन्वंतरि की आराधना की जाती है। इस दिन नए-नए बर्तन, आभूषण इत्यादि खरीदने का रिवाज है। रवि को याद आया कि मम्मी भी इस दिन बर्तन जरुर खरीदती हैं. इस दिन घी के दिये जलाकर लक्ष्मी जी का आहवान किया जाता है।

दूसरे दिन चतुर्दशी को नरक-चौदस मनाया जाता है। इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन एक पुराने दीपक में सरसों का तेल व पाँच अन्न के दाने डाल कर इसे घर की नाली ओर जलाकर रखा जाता है। यह दीपक यम दीपक कहलाता है। एक अन्य दंत-कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन नरकासुर राक्षस का वध कर उसके कारागार से 16,000 कन्याओं को मुक्त कराया था।

तीसरे दिन अचानक रवि बोल उठा कि फिर आती है दीपावली… दादी ने खुशी खुशी बताया कि हां, अमावस्या को दिवाली का त्योहार खूब हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता  है। नए नए कपडे पहनते हैं मिठाई खाते हैं और दूसरों को भी खिलाते हैं और हैप्पी दिवाली बोल कर एक दूसरे को बधाई दी जाती है. इस दिन देवी लक्ष्मी व गणेश की पूजा की जाती है।

दिवाली के पश्चात अगले दिन अन्नकूट मनाया जाता है। यह दिवाली की श्रृंखला में चौथा उत्सव होता है। लोग इस दिन विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर गोवर्धन की पूजा करते हैं। इस दिन मन्दिरों में  खूब पकवान बनाए जाते हैं जिसे बहुत चाव से खाया जाता है. रवि ने बताया कि पिछ्ली बार वो भी मंदिर से कढी और पूरी लाया था.

और फिर आता है भईया दूज. भाई-दूज या भैयादूज नाम से त्योहार मनाया जाता है. ये हैं पाचं त्योहार जो हम सभी धूमधाम से मनाते हैं

रवि सारी बात समझ चुका था अब उसका प्रश्न था कि दिवाली पर दीए ही क्यो जलाए जातें है दिवाली पर तब दादी ने बताया कि दीपक जलाने की प्रथा के पीछे अलग-अलग कारण या कहानियाँ हैं।

मान्यता है कि दिवाली वाले दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध कर के अयोध्या लौटे थे। उनके लौटने कि खुशी यह पर्व मनाया जाने लगा।

ये भी मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था।  इस नृशंस राक्षस के वध से जनता में अपार खुशी हुई और जनता ने खुशी में घी के दीये जलाए।

रवि सारी बात समझ चुका था और अच्छी बात ये भी है कि वो पांच दिन सारे त्योहार देखेगा और हर त्योहार की फोटो भी लेगा ताकि एक अच्छा सा लेख या दीपावली की कहानी लिख कर वो टीचर को दिखा सके… 

दीपावली की कहानी – पांच पर्वों का प्रतीक है दीवाली  आपको कैसी लगी … जरुर बताईएगा …

Photo by sangeeta Nath

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