Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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July 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे

जब कोई बात बिगड़ जाये तो रहें बी पॉजिटिव

बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे –  bachon ki parwarish per dhyan de – हम पेरेंटस तो बन बन जाते हैं पर पेशेंस  Patience नही रख पाते. जबकि आज के समय को देखते हुए बच्चों से ज्यादा पेरेंटस को सीखना चाहिए और कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.

बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे

थोडी देर पहले एक जानकार के घर से लौटी हूं मन बहुत खराब हो रहा है असल में, जानकार के घर बच्चे और मम्मी मे खूब कहा सुनी हो रही थी जितना मम्मी बोल रही थी उतना ही या शायद उससे भी ज्यादा बच्चा बोल रहा था. उनका बच्चा 9 क्लास में है बस फर्क इतना ही था कि मम्मी बच्चे पर हाथ उठा रही थी और बच्चा मम्मी का हाथ कस कर पकडे हुए था. मम्मी बोल रही थी तमीज से बात कर मुझसे नौकरानी नही हूं तेरी मम्मी हूं..

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-child-by-monica-gupta.wav

क्लिक करिए और सुनिए 2 मिनट और 23 सैकिंड का ऑडियो Parenting पर

 

 

ऑडियो - मोनिका गुप्ता

ऑडियो – मोनिका गुप्ता

बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे

असल में, हम पेरेंटस तो बन बन जाते हैं पर पेशेंस  Patience नही रख पाते. जबकि आज के समय को देखते हुए बच्चों से ज्यादा पेरेंटस को सीखना चाहिए और कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.

जैसे बच्चों की कभी भी दूसरे बच्चों से तुलना नही करनी चाहिए और ना ही दूसरे परिवार की देखा देखी उनके rules  अपने बच्चों पर लागू करने चाहिए. हर किसी परिवार का अपना अपना रहन सहन तौर तरीका होता है इसलिए अपने घर परिवार को देखते हुए वैसा ही माहौल बनाए रखना चाहिए.

पेरेंटस को कूल और रिलेक्स रहना चाहिए आफिस का तनाव घर पर नही लाना चाहिए अक्सर आफिस का तनाव घर पर ले आते हैं या काम वाली के न आने पर मम्मी उसका गुस्सा बच्चों पर निकालती हैं .. जोकि सही नही है.. इतना ही नही बच्चों को ना सिर्फ पूरा समय देना चाहिए बल्कि उन्हें ध्यान से सुनना भी चाहिए कि उनके मन में क्या चल रहा है.

बच्चों पर हर समय नजर रखने  के बजाय उनपर पूरी तरह विश्वास करके उन्हें पूरी freedom भी देनी चाहिए. बाहर से आए मेहमानो के सामने बिल्कुल भी डांटना  नही चाहिए… अगर हम भरपूर प्यार और मान देंगें तो यकीनन बच्चा भी मान देगा..

मुझे याद आ रही  है एक घटना जब बचपन में अपनी सहेली के घर गई हुई थी. उसके पापा किसी बात पर उसकी खूब पिटाई कर रहे थे. शाम को जब वो अपने दोस्तों के साथ badminton खेल रहे थे तो पैर मुड गया और फ्ररेक्चर हो गया इस पर मेरी सहेली बहुत खुश हुई बोली जिस पैर से मारा वही टूटा. बहुत अच्छा हुआ सबक मिला. आज इस बात को इतने साल हो गए पर वो अपने पापा को बिल्कुल पसंद नही करती.

असल में, बहुत दुख होता है हम पेरेंटस तो बन जाते हैं पर पेरेंटिंग नही सीख पाते.. अच्छे पेरेट्स बन कर तो देखिए जिंदगी में हर तरफ खुशिया ही खुशिया नजर आएगी..और अगर आपका भी कोई एक्सपीरियस हो तो जरुर बताईएगा … मुझे इंतजार रहेगा.. तब तक बाय …

बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे

कैसे हैं आप भी जरुर सुनिए

 

 

July 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

खानपान में बदलाव – 5 चीजें न लें

खानपान में बदलाव

खानपान में बदलाव कितना जरुरी है अक्सर जब हमेंं कोई टोकता है तो हमे बहुत बुरा लगता है पर यह भी सोचना चाहिए कि वो हमारे अच्छे के लिए ही कह रहे हैं

 खानपान में बदलाव –  5 चीजें न लें

खानपान में बदलाव कितना जरुरी है हुआ ये कि आज सुबह टीवी पर स्वस्थ शरीर के लिए  हैल्थ टिप्स बता रहे थे कि बारिश के मौसम में पत्ता गोभी, फूल गोभी और सरसों जैसे पत्ते वाली सब्जी नही खानी चाहिए क्योकि उसमे कीडे पनपते हैं जो नुकसान करते हैं अगर खाना ही हो तो  भली प्रकार सब्जी धो कर उबाल कर खानी चाहिए.

सही बात है. मौसम कोई भी हो हमें अपने खान पान का बहुत ध्यान रखना चाहिए.

eating photo

खानपान में बदलाव

 

जानकारी काम की

अब अगर हम रसोई की ही बात करें तो मैने भी कही पढा था कि रसोई की पांच सफेद चीज बहुत नुकसान करती हैं जैसाकि चीनी, नमक, मैदा, दूध और चावल. शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हैं पर अगर दूध डबल टोन्ड पिया जाए, चावल उबाल कर खाए जाएं या ब्राऊन राईस खाया जाए, नमक सेंधा खाएं तो काफी हद तक स्वस्थ रह सकते हैं पर अच्छी चीजे हमें अच्छी लगती ही कहां हैं.

देखा आप भी विचलित हो गए ना कि क्या फालतू है मैने तो पहले ही लिख दिया था ये बात आपको विचलित कर सकती है…  वैसे आप खुद भी समझदार हैं … है ना

वैसे बहुत चीजे शरीर को फायदा भी पहुंचा सकती हैं वो फिर कभी और …

Photo by Suki Kim

July 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

पंजाब, शुक्रवार और ड्राई डे – एक जाम स्वच्छता के नाम

Dry day cartoon by monica gupta

पंजाब, शुक्रवार और ड्राई डे – एक जाम स्वच्छता के नाम

पिछ्ले कुछ समय से पंजाब सुर्खियों में चल रहा है. पहले तो उडता पंजाब, फिर नशा, फिर सेंसर बोर्ड और  फिर आम आदमी पार्टी का वहांं अपनी जीत का दावा और अब ड्राई डे..

ड्राई डे नाम सुनकर चुनाव, गांधी जयंती का नाम दिमाग में आता है अगर आप भी कुछ ऐसा सोच रहे हैं तो झटक दीजिए अपना ख्याल क्योंकि यहां ड्राई डे का मतलब है शराब् पर कंट्रोल नही बल्कि है स्वच्छता का ख्याल … डेग़ू मच्छर से बचाव

आप की तरह मैं भी हैरान हुई थी  पर पंजाब में डेंगू की रोकथाम को लेकर अब हर शुक्रवार को ड्राई डे मनाया जाएगा.  इसमें कूलरों और वाटर कंटेनरों की सफाई होगी. ..यानि शराब से इसका दूर दूर तक सम्बन्ध  नही

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सेहत मंत्री ने सभी विभागों को मिलकर अभियान चलाने को कहा। स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास विभागों को ट्रांसमिशन सीजन के दौरान घरों व दफ्तरों की चेकिंग करने को कहा गया। अगर डेंगू पैदा करने वाली जगह मिलती है तो संबंधित जगह के मालिक का चालान काटा जाए।

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पंजाब में हर शुक्रवार को मनाया जाएगा ड्राई-डे | punjabnewslive

शुक्रवार को ड्राई डे के रूप में मनाएंगे लोग

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वैसे अगर हम सभी इस दिन को मनाए और हर रोज मनाएं ताकि डेंगू पनपे ही ना तो क्या विचार है …

मन की बात भी जरुर देखिए

नेता जी भी देखिए

 

 

 

July 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

महिलाओं का वजन – भारतीय महिलाएँ और उनका वजन

महिलाओं का वजन

महिलाओं का वजन की जब बात आती है तो बस एक  ही बात जहन  में आती है और वो ये कि  हम भारतीय महिलाएँ जितना अपने परिवार  का ख्याल रखने मे, Care करने में,  अव्वल होती है उतनी ही careless अपना ख्याल रखने में होती है.

महिलाओं का वजन – भारतीय महिलाएँ और उनका वजन

डीयर लेडीज, गृहणी, हाउस वाईफ, महिला, मां, मम्मी ,  माता, बहन जी व अन्य सब महिलाए…

सारी सारी रात बच्चों के लिए जाग सकती हैं बच्चों की पढाई के लिए घर छोड कर बाहर भी रह सकती हैं ताकि बच्चों को दिक्कत न हो  पति को तकलीफ हो तो अपनी किडनी देने में पल भर भी नही सोचती …. पर पर पर जब बात अपनी सेहत की आती है उसकी कोई चिंंता नही. फ्रिज में पडा चार दिन पुराना खुद खा लेंगी पर बच्चों को ताजा बना कर देंगी कि कही नुकसान न कर जाए.. सुबह शाम पति को या बीमार ससुर को नियमित रुप से दवाई देंगी पर जब खुद ताकत की दवाई या कैलशियम खाने की बात आएगी तो मुस्कुरा कर कहेंगी … ओह भूल गई

महिलाओं का वजन

महिलाओं का वजन

समय, बेसमय कुछ भी अंट शंट खा लेंगी और अपनी फिक्र नही करेंगी पर घर परिवार के लिए सदा सोचती रहेगीं… और जब अपना ख्याल आएगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी.. जागो महिलाओ जागो .. !!

July 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

उफ! ये डायटिंग

जब कोई बात बिगड़ जाये तो रहें बी पॉजिटिवhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-diet-by-monica-gupta.wav

क्लिक करिए और सुनिए  2 मिनट और 33 सैंकिंंड का व्यंग्य  उफ !! ये डायटिंग …

ऑडियो - मोनिका गुप्ता

ऑडियो – मोनिका गुप्ता

 डायटिंग चार्ट – वेट कम करना

ये dieting नही आसान  है आसान बस इतना समझ लीजिए… उफ! ये डायटिंग करते रह जाना है …

बारिशें शुरु हो चुकी हैं और मुझे फिर याद दिलाया गया वो वादा जो मैने अपने परिवार से किया था कि बस..बरसात आते ही मैं डायटिंग शुरु कर दूंगीं.

नमस्कार मैं हूं मोनिका गुप्ता. बात पिछ्ले साल बारिशों के मौसम  की है जब डाक्टरों के चक्कर काटने पडे और कुल मिला कर समझ यही आया की अपनी जीभ पर यानि खाने पर कंट्रोल कर लो तो सारी बीमारियां खत्म…खाने पर कंट्रोल यानि पराठें, मखन्न, आलू पूरी चावल,, मटका कुल्फी सब पर पूर्ण विराम … हाय राम कैसे होगा …

मुझे मेरी सेहत का वास्ता दिया गया और मैने भावनाओ ने बह कर यह निर्णय सुना दिया कि बस अगले महीने से पूरी तरह से खाने पर कंट्रोल करुंगी और उसके साथ एक डायलॉग भी जोड् दिया कि  खाने पर कंट्रोल, डायटिंग करना  कोई मुश्किल नही .. बस मेरे करने की देर है.. चुटकियों में वजन कम होगा चुट्कियों में …

खैर,  अगला महीना भी आ गया और अचानक मौसम शादियों का भी आ गया इसलिए मैने कहा कि इस मौसम मे दो चार शादियां है वो निबट जाए बस….. फिर देखना चुटकियों में वजन कम करुगींं…

इसी बीच नया साल शुरु होने को था.. मेरे पूछ्ने पर कि नए साल में कौन सा सकंल्प लू तो यही सुझाया गया कि आप तो बस वजन ही कम कर लो .. तो मैने बोला  अरे ये क्या संकल्प हुआ ये तो कोई मुश्किल ही नही है.. वो तो बस मेरे करने की देर है… चुटकियो में … और फिर शुरु हुआ नया साल ..

मैने मन बना लिया था कि बस सर्दी निकल जाए क्योकि ठंडे मौसम में गर्म गर्म खान बहुत अच्छा लगता है … कुछ समय बाद अचानक सुनने को मिला कि शहर मे नया जिम खुल रहा है बस वही ज्वाईन करुंगी दो महीने बाद पता चला कि जिम की जगह वहा पिज्जा पैलेस खुल गया है फिर मेरी तलाश शुरु हुई  वजन तोलने यानि वेइंग स्केल की कि बस वो  मिलते ही डाईटिंग शुरु … चुटकियों मे वजन कम कर  के दिखाउगी …

अब बरसात शुरु हो चुकी है और मुझे मेरा चुट्कियो वाला  ओह मेरा मतलब वजन वाला वायदा याद दिलाया गया ..सभी नाराज थे और इल्जाम लगा रहे थे कि आपसे हो ही नही हो सकता वजन कम… और् मैने एलान कर दिया कि वजन कम करने की प्रक्रिया शुरु होती है आज और अभी से..

एलान किया ही था कि  डोर बैल हुई .. घर पर मेहमान आए थे और वो बीकानेर वाले छोले भठूरे और फलूदा कुल्फी लाए थे  सब मेरी तरफ देख रहे हैं और मैं छोले भठूरे की तरफ कि बस कल से शुरु करती हूं पक्का प्रोमिस … क्योकि अगर ये नही खाया तो मेहमान बुरा मान जाएगें और वैसे भी एक ही दिन की तो बात है ये कोई मुश्किल  नही है..

बस मेरे करने की देर है… चुटकियो में वजन कर के दिखाऊग़ी और मैं चटखारे लेकर सभी के साथ खाने में जुट गई… अरे आप क्या सोचने लगे मैं कम कर सकती हूं अपना वजन. पर कल से  तो कल मिलते हैं तब तक बाय बाय…

ऐसा मोटापा आपको भी मुबारक हो जरुर सुनिए 🙂

July 4, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

विचार शून्यता

cartoon idea by monica

विचार शून्यता

अक्सर लेखकों, ब्लॉगर और कार्टूनिस्टों में विचार शून्य के  लक्षण पाए जातें हैं. जहां कई बार विचारो की सुनामी आ जाती है तो वही कई बार विचारों का सूखा या अकाल भी पड जाता है इतना ही नही कई बार अचानक इतने मुद्दे आ जाते हैं कि दिमाग ही घूम जाता है किस पर लिखे या बनाए और कौन सा मुद्दा छोड दें …

वैसे कई बार जब विचार शून्यता होती है तो अलग अलग तरीके से माननीय लोग सोचते हैं.. जैसा कि कोई बाहर घूमने निकल जाते हैं  कोई दीवार पर बस शून्य पर ही निहारता रहतें हैं , कोई टहलने लग जातें हैं , कोई टॉयलेट चला जातें हैं   कोई स्नान लेते हुए सोचते हैं या फिर कोई  कोई तो सो भी जाते हैं ताकि जब उठे तो विचार दिमाग में हो.

महिलाए भी अक्सर रसोई का काम करती, बर्तन साफ करती या आटा गूथती भी विचारों में खो जाती हैं और  तब तक जुटी रहती हैं जब तक किसी विचार को पकड न लें और उसके बाद शुरु होता है लेखन या कार्टून बनाना..

मेरी पात्रा भी आज विचार शून्य की प्रक्रिया से गुजर रही है और चाय पीते पीते कुछ सोच रही है… देखते हैं कि क्या नया विचार कब तक निकल कर आएगा ..

कार्टून मोनिका गुप्ता

कार्टून मोनिका गुप्ता

वैसे आपका सोचने का तरीका क्या है जरुर बताईएगा..

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