Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Archives for Monica Gupta

September 29, 2015 By Monica Gupta

स्मार्टफोन

स्मार्ट फोन

आजकल हम सभी स्मार्ट हैं  या स्मार्ट फोन  हैं या जिस शहर में हम रह रहे हैं वो स्मार्ट है .. !!! कुछ समझ नही आ रहा .

असल में, हुआ ये कि कल एक जानकार मुझसे नाराज हो गई. उसको शिकायत थी कि मैनें उसका फोन नही उठाया. जबकि मेरे पास तो कोई ट्रिन ट्रिन नही हुई. ऐसे ही  जब आज मैं भी अपनी  सहेली को बार बार फोन कर रही थी और bell जाते ही busy आ जाता. गुस्सा तो बहुत आ रहा था कि ऐसी भी क्या व्यस्त हो रखी है वो  ?? पर बाद में मुझे लगा कि शायद नेटवर्क की दिक्कत होगी.

वही फेसबुक पर कुछ जानकार दबाव बना रहे है कि अपने प्रोफाईल पिक्चर को तिरंगा करो … पर आप ही बताईए कि कैसे करुं सुबह का बनाया कार्टून नेट स्लो चलने की वजह से शाम को ही अपलोड हो तो कैसे और किस विश्वास से अपनी तस्वीर बदलें… मैं सोच ही रही थी कि तभी मणि भी आ गई.हम बाते कर ही रहे थे कि अचानक उसके पास फोन आया. उसने फोन नही उठाया मेरे पूछ्ने पर उसने बताया कि अगर एक बार फोन पर बात शुरु हो गई तो आधा घंटा समझो गया.. और वैसे भी आजकल नेट वर्क की दिक्कत चल रही है तो जब मिलेगी बोल दूंगी कि अच्छा ?? फोन किया था ??? ओह ?? पता ही नही चला !!!

हे भगवान !!! आजकल हम सभी स्मार्ट हैं  या स्मार्ट फोन  हैं या जिस शहर में हम रह रहे हैं वो स्मार्ट है .. !!! जरा सोच लूं !!!

smart phone photo

September 28, 2015 By Monica Gupta

गूगल

गूगल
गूगल कार्टून ( मोनिका ग़ुप्ता)

गूगल कार्टून ( मोनिका ग़ुप्ता)

मोदी जी और गूगल

गूगल ऑफिस और मोदी जी का ये दौरा और भी खास बन गया जब वो फेसबुक आफिस में एक प्रश्न का जवाब देते हुए भावुक हो गए और चैंनल पर यही खबर बार बार दिखाई जाने लगी

 

Jansatta

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गूगल परिसर का दौरा किया और कहा कि एक समय आएगा जब इंटरनेट व प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल होगा और इससे आम लोगों की जिंदगी में गुणात्मक बदलाव आएंगे।

मोदी ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान फेसबुक के बाद गूगल के मुख्यालय का दौरा किया जहां उन्हें गूगल कंपनी द्वारा उत्पादित कुछ आधुनिकतम उत्पाद दिखाए गए।

इस दौरान उन्होंने कहा, कभी-कभी मैं मजाक में कहता हूं कि प्रौद्योगिकी का जन्म समय, मानव श्रम व कागज बचाने के लिए हुआ। लेकिन हुआ इसका उलटा। आज लोग सबसे ज्यादा समय इसी में बिताते हैं। शिशु जब दूध मांगता है तो मां कहती है कि ठहरो मुझे एक व्हाटसएप्प करना है।

उन्होंने कहा, इस प्रौद्योगिकी का बहुत लाभ हुआ है। मुझे उसका बहुत फायदा मिला है। नरेंद्र मोदी एप से लगातार संदेश व सुझाव मिलते हैं। यह लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी ताकत बन गया है। Read more…

गूगल

September 28, 2015 By Monica Gupta

रक्तदान और युवा

रक्तदान और युवा
रक्तदान और युवा

रक्तदान और युवा

रक्तदान और युवा – रक्तदान पर मैनें दिल्ली रोहिणी  क्राऊन प्लाजा में ट्रास्कान 2015 के दौरान अपने विचार कुछ ऐसे व्यक्त किए. विषय था….सोशल मीडिया के मद्देनजर युवा रक्तदाताओं को कैसे जोडे …

monica gupta 3 speech

रक्तदान और युवा

Recruiting Young Donors- Focus on Social Media

“वसुधैव कुटुम्बकम” बहुत समय पहले सुना करते थे  अर्थात पूरी धरती एक परिवार है मैं अक्सर सोचती थी कि सारी धरती एक परिवार कैसे हो सकती है दुनिया इतनी बडी है कोई कहां तो कोई कहां ऐसे में  एक ही परिवार कैसे हो सकता है  पर जब से  सोशल मीडिया फेसबुक, टवीटर, गूगल सक्रिय हुआ और देश क्या विदेश की भी सभी जानकारी मिलने लगी. विचार सांझा होने लगे. तब लगा कि अरे वाह, जो हमारे पूर्वजो ने  उस समय कहा था वो तो आज साकार हो रहा है.

रक्तदान और युवा

रक्तदान और युवा

 सोशल मीडिया से हमारा जुडे रहना और भी सार्थक हो जाता है अगर हम नोबल cause के लिए जुडे … और रक्तदान जैसा कोई नोबल cause और हो ही नही सकता.

ये सच है कि रक्तदान पुण्य का कार्य है पर सोचने वाली बात ये है कि युवाओं को इससे कैसे जोडे. यूथ इसलिए भी क्योकि वो सोशल नेट वर्क पर बेहद सक्रिय है और दूसरी वजह ये भी है कि वो समाज के लिए कुछ करना चाहता है.

अब जरुरत इस बात की है कि हम कुछ हट कर करें जिससे युवाओं में एक नया जोश पैदा हो… वैसे हट करने से याद आया आपने सैल्फी विद डोटर तो सुना ही होगा. बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के अंतर्गत एक और अभियान चला कि गांव की जो बेटी सबसे ज्यादा पढी लिखी होगी वो 15 अगस्त को झंडा फहराएगी और मुख्यातिथि भी होगी उसके साथ आए माता पिता के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की जाएगी.

इस अभियान को इतना पसंद किया गया कि अब तो गांव के वो लोग भी जो लडकियों को पढाना सही नही समझते थे उनकी मानसिकता भी बदल गई है. वो ज्यादा से ज्यादा लडकियों को पढाने के लिए आगे आ रहे हैं.

नेट के माध्यम से रक्तदान से जुडी  खबर हट कर हों  उनका उदाहरण सामने रखे तो भी जागृति आ सकती है… जैसा कि एक खबर पढी कि अहमदाबाद के रोहित उपाध्याय  ने 100 बार रक्तदान किया.. शायद आपको इस खबर में कोई नयापन न लगे पर अगर मैं आपको कहूं कि वो रिक्शा चलातें है तो शायद कुछ हट कर  लगे लेकिन अगर मैं आपको ये बताऊ कि वो मरना चाहते थे इसलिए रक्तदान करने गया था तो शायद आप भी चौंक़ जाएगें.

असल में, अहमदाबाद के राहुल उपाध्याय रिक्शा चलाते हैं वो अपनी जिंदगी से बहुत परेशान  हो गए थे और सुसाईड करना चाहते थे उन्हें लगता था कि रक्तदान करने पर आदमी मर जाता है इसलिए रक्तदान करने गए थे पर रक्तदान करके जब यह पता चला कि  उन्हें तो कुछ हुआ नही और उन्होनें किसी की जिंदगी बचाई है तो उनकी सोच बदल गई और लगातार रक्तदान करने लगे…

रक्तदान और युवा

रक्तदान और युवा

एक अन्य उदाहरण है इंदौर के निवासी अशोक नायक का. पेशे से दर्जी हैं लोगो के कपडे सिलते हैं. रक्त के क्षेत्र मे नायक बनकर उभरे हैं. जब इनका अपना एक दोस्त खून न मिलने की वजह से दुनिया छोड गया तो इन्होने ये बात दिल से लगा ली और अपने छोटे से घर में, छोटा सा ब्लड काल सेंटर खोल लिया और  नेट वर्क तैयार किया और उसी के माध्यम से लोगो को खन उपलब्ध करवाने लगे  .

मुम्बई, दिल्ली, कलकत्ता जैसे महानगरों में इनकी अपनी रक्तदाताओं की सूची है और जैसे ही जरुरतमंद का फोन आता है रक्तदाता वहां हाजिर हो जाता है. अब इन्होने प्रशासन की मदद से रक्तदाता वाहिनी सेवा भी शुरु की है जो की खास तौर पर महिलाओ के लिए है. तो है ना ये मिसाल.

देश में ननद भाभी का झगडे अक्सर हम सुनते हैं पर भाभी की जान बचाने के लिए ननद ने किया रक्तदान भी एक मिसाल बन सकता है राजस्थान के बासवाडा के हमीरपुर गांव में ये मिसाल देखने को मिली जब गर्भवती भाभी की जान बचाने के लिए ननद ने रक्तदान किया.

शादी जैसे पावन दिन पर भी दुल्हे का रक्तदान करना युवाओ के लिए मिसाल बन सकती है. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी अमर सिह ने शादी वाले दिन कुछ हट कर करने की ठानी और शादी के दिन  कुछ मीठा हो जाए सोच कर शादी वाले दिन ही रक्तदान किया और  मिसाल कायम की.

युवा हीरो को बहुत फोलो करते हैं आमिर खान, अमिताभ बच्चन साहब या जान एब्राहिम आदि अगर इनकी फोटो या खबर दिखा कर उन्हें मोटिवेट किया जाए तो यकीनन सकारात्मक असर पडेगा.

विभिन्न धर्मों के लोग जब रक्तदान करते हैं तो प्रेरणा बन जाते हैं. श्वेताम्बर जैन साध्वी का रक्तदान करना अपने आप में एक मिसाल है.11901637_10203274005931532_876266951_o

युवा शक्ति को तरह तरह के इवेंट के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जा सकता है जिसमें एक है युवाओ को लेकर विशाल रक्त बूंद यानि ब्लड ड्राप बनाना  जैसाकि आईएसबीटीआई द्वारा किया गया विशाल आयोजन था.

 

drop blood

युवाओं को खास दिन पर रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सकता है जैसाकि होली, 15 अगस्त, कुछ लोग दिन खोजते है तो कई लोग कोई न कोई दिन खोज निकालते हैं रक्तदान करने के लिए अब जैसाकि आदिवासी दिवस शायद हमने कभी सुना भी नही होगा पर देखिए बढ चढ कर रक्तदान हुआ इस दिन भी…

एक अन्य मिसाल अपना खून नेगेटिव होते हुए सोच पोजेटिव रखी और नेगेटिव ब्लड ग्रुप की लिस्ट तैयार कर ली जोकि हरदम रक्तदान के लिए तैयार रहते हैं .. जज्बा हो तो ऐसा

negetive blood donor

जिन मरीजों को लगातार रक्त की जरुरत पडती है अगर वो ही अपना संदेश दें कि रक्तदान कितना अमूल्य है तो भी युवा प्रभावित हो सकते हैं. जैसाकि जम्मू में रहने वाले हीमोफीलिया से पीडित जगदीश कुमार जिन्हे अभी तक लगभग 200बार खूब चढ चुका है या थैलीसीमिया की मरीज संगीता वधवा ,मुम्बई में रहती है

अभी तक  800 बार खूब चढ चुका है और ना सिर्फ थैलीसीमिया पर काम कर रही है पर खुद भी जीने की इच्छा छोड चुकी  संगीता उन लोगो की कांऊसलिंग करती है जिन्होनें जिंदगी से हार मान ली है. संगीता आजकल थैलीसिमिया को खत्म करने के लिए Face , Fight और  Finish पर जबरदस्त काम कर रही है.

सोशल मीडिया पर  भी सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रेरित किया जा सकता है एक मेरी युवा जानकार थी. फेसबुक पर ज्यादा समय रहती थी पर कमेंट कम मिलते थे. बहुत मायूस थी और बातों बातों में उसने अपनी प्रोब्लम बताई.

मैने उससे पूछा कि  रक्तदान कराते हुए की फोटो डालो बहुत कमेंटस मिलेगें उसने बोला कि रक्तदान तो कभी किया नही तो मैने कहा कि कर के देख लो … दो दिन बाद जब मैने उसका प्रोफाईल देखा तो 100 लाईक्स थे और पचास से ज्यादा कमेंटस थे और तो और फैंड रिक्वेस्ट भी आनी शुरु हो गई थी. अब उसने ये अभियान नियमित करने की ठान ली है.

युवाओ को बैट्ररी का उदाहरण देकर भी समझाया जा सकता है कि जिस तरह मोबाईल की बैट्टरी डाऊन हो जाती है और हमे चार्ज करना पडता है ठीक वैसे ही इंसानो की बैट्री भी कभी कभी डाऊन हो जाती है और चार्जर रुपी खून से उसमे जान डालनी पडती है..

प्रधान मंत्री मोदी जी ने भी युवा शक्ति को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और विश्व रक्तदाता दिवस पर टवीट किया कि रक्तदान समाज की बडी सेवा है आज हम रक्तदान के महत्व के बारे में अपने संकल्प को दोहराते हैं मेरे युवा मित्रों को इस सम्बंध में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.

W H O जैसी बडी संस्थाए भी प्रेरणा बन सकती हैं जैसाकि हाल ही में विश्व रक्तदाता दिवस पर कैम्पेन लांच किया गया जिसका थीम था

( मेरे जीवन को बचाने के लिए धन्यवाद )Thank you for a saving my life.

thanks for saving my life

जो इस क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे हैं उनकी सराहना होनी भी बहुत जरुरी है ताकि उनका मनोबल बना रहे. जैसाकि डाक्टर संगीता पाठक, डाक्टर रवनीत कौर, सोनू सिह, ब्लड  कनेक्ट की पूरी टीम, श्री राजेंद्र माहेश्वरी, श्री दीपक शुक्ला, श्री मंजुल पालीवाल जब मैने इनको रक्त की जरुरत के लिए फोन किया समझिए टेंशन खत्म हो गई और मरीज को नया जीवन मिल गया.

जनता को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहना चाहिए और यह डर निकाल देना चाहिए कि अकेले हम से नही हो पाएगा…. और फिर भी  हिम्मत हार जाए तो दशरथ मांझी को याद करिएगा जिन्होने अकेले अपने दम पर पूरा पहाड तोड  कर रास्ता बना लिया था. उनके किए कार्य की तुलना आज ताजमहल से हो रही है.

majhi

तो जैसे मैने आरम्भ मे ही कहा था वसधैव कुटुम्बकम सारी धरती एक परिवार है और हमे हमें अपने परिवार की रक्षा करनी है मिलजुल कर कदम बढाने होंगें और उनके लिए एक ही बात कहना चाहूंगी कि “

“मंजिल मिले या न मिले  ये तो अलग बात है

पर हम कोशिश भी न करें ये तो गलत बात है ”

जय रक्तदाता

मोनिका गुप्ता

monica gupta Honour2

September 25, 2015 By Monica Gupta

नेगेटिव

नेगेटिव

नेगेटिव या पाजिटिव

कुछ देर  पहले एक जानकार का फोन आया बोली बहुत टेंशन हो रही है मैं बिना बात जाने बोली, अरे पाज़िटिव सोच फिर देखना सब ठीक होगा. वो बोली पाज़िटिव ही तो नही चाहिए. उसने बताया कि डेंगू का टेस्ट करवाया है रिपोर्ट आने वाली है और तुम बोल रही हो कि पाजिटिव सोच !!  अरे बाप रे !! मैने तुरंत फोन रखने में ही भलाई समझी.

इतने में एक अन्य रिश्तेदार का फोन आ गया वो बोली कि टेस्ट करवाने के लिए रिपोर्ट भेजी है. मैने कहा चिंता न करना नेग़ेटिव ही आएगी. ( असल में, पहली वाली बात का भूत अभी तक दिमाग में था) वो बोली कि शुभ शुभ बोलो. तीन साल से बहु के बच्चा नही हो रहा अब कुछ आस बंधी और तुम बोल रही हो नेगेटिव रिपोर्ट आएगी. हे भगवान !! आज क्या हो रहा है मेरे साथ. सोच ही रही थी गेट पर घंटी बजी. बाहर गई तो दो लोग खडे थे बोले क्या किसी नेगेटिव को जानती हैं अब दिमाग में फिर वही चल रहा था. मैने कहा कि मैं किसी नेगेटिव व्यक्ति को नही जानती. वो बोले कि हमने सुना था कि आप जरुर मदद करेंगी. नेगेटिव व्यक्ति को जानती होगी. मेरे पूछ्ने पर उन्होनें बताया कि नेगेटिव ब्लड चाहिए मरीज बहुत सीरियस है. अरे बाप रे !! मैने तुरंत फोन घुमाया और नेगेटिव ब्लड का प्रबन्ध करवाया. कुछ देर में एक सहेली आई उसने बताया कि तुमनें एक घर किराए का दिलवाया था पर उसकी मालकिन तो बहुत ही नेगेटिव निकली. दुखी कर दिया उसने हमारा रहना. मैने कहा कि ये तो मैने बता दिया था इस पर वो बोली तभी तो थैक्स करने आई हूं !! मैने कहा वो कैसे ?? इस पर वो बोली कि इतनी नेगेटिव है वो इतनी नेगेटिव है वो हमने सोच लिया अब किराए  के घर  मे नही अपना ही घर बनाएगे और आज हमने जगह देख ली और लोन की बात चल रही है बैंक में.. हे भगवान !! आज तो मैं अच्छी नेगेटिव पाजिटिव के चक्कर मे पडी.

नेगेटिव

नेगेटिव या पाजिटिव

be positive photo

Photo by bluekdesign

September 24, 2015 By Monica Gupta

घर वापसी – डेंगू से कैसे बचें

घर वापसी – डेंगू से कैसे बचें. घर वापसी डेंगू की … सूत्रो से पता चला है कि डेंगू मच्छर नवम्बर तक चला जाएगा जिसे सुनकर डेंगू परिवार में हडकम्प मच गया है और काटने की होड लग गई है…

cartoon by Monica Gupta

घर वापसी – डेंगू से कैसे बचें

घर वापसी डेंगू की

घर वापसी – डेंगू से कैसे बचें आदि हम दिन रात तरकीब लगा रहे हैं पर डेंगू की हिम्मत हो देखो  कैसे ललकार रहा है कि हमसे एक बार कटवा लो हम कौन सा बार बार आने वाले हैं …

September 24, 2015 By Monica Gupta

चप्पलें

 rubber foot wear photo

Photo by ▓▒░ TORLEY ░▒▓

 

चप्पलें

एक सहेली के पावं में फ्रेक्चर हो गया.  उसका फोन बताने के लिए आया. मैं उससे मिलने गई और मिलने से पहले ढेर सारी बाते मन में आ रही थी कि  जरुर ही सडक पर आते जाते किसी वाहन से टक्कर हुई होगी. आजकल लोग चलाते भी तो बेहिसाब तेज है कोई नियम कानून तो रहा ही नही.

 पर वहां पहुंच कर कुछ और ही बात पता चली. असल में, हुआ ये कि घर मे ही उसका पैर फिसला धडाम और …. !!! पर ये हुआ कैसे!! मेरे पूछ्ने पर झिझकते हुए बताया कि  उसकी घरेलू चप्पल धिस गई थी और अक्सर जरा से पानी मे भी फिसलती थी.

कुछ दिन पहले वो बाजार जाकर नई जोडी ले भी आई थी पर आलस वश या कुछ भी समझ लो  …. कुछ भी समझ लो उसे पहना ही नही और सुबह कपडे धोते अचानक फिसली और सीधा 1 महीने के लिए बिस्तर पर. !! बात कितनी छोटी सी थी पर कितनी बडी हो गई और उसके साथ साथ पूरे परिवार को दिक्कत का सामना करना पडेगा वो अलग …

हे पाठक जनो अगर आप भी इस तरह का कोई आलस इत्यादि कर रहे हैं तो कृप्या न करे और अपना ध्यान रखे !!! और रही बात मेरी भई मैं तो नई चप्पलें खरीदने चली ..!!

  • « Previous Page
  • 1
  • …
  • 263
  • 264
  • 265
  • 266
  • 267
  • …
  • 391
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved