Audio Poem- Female Foeticide by Monica Gupta
Audio Poem- Female Foeticide by Monica Gupta
सुनिए मेरी लिखी कविता मेरी आवाज में …
हद हो गर्इ
( भ्रूण हत्या पर लिखी कविता )
हमारे देश मॆं जिस तरह से भूण हत्याएं हो रही हैं अकसर मन विचलित हो जाता है और उसी विचलित मन से बन जाती हैं ऐसी कविता कि हद हो गई … बस बहुत हो गया …
अब बहुत हो गया
बस
अब बहुत हो गया
हद हो गर्इ
टी.वी. हो या समाचार पत्र
कविता प्रतियोगिता हो या राज्यस्तरीय विवाद
पर लगा नहीं पा रहे
भ्रूण हत्या पर लगाम
कह कह कर थक गए हम
पर हम अडि़ग हैं कि
कन्या नही…… कन्या नही
बस चाहिए पुत्र रत्न ही
कोर्इ बात नही
ज्यादा दूर नही है, देख लेंगेें
आज से बीस साल बाद
जब…..
लड़की नही मिलेगी कोर्इ
आपके कुल दीपक से ब्याहने को
आपका वंश चलाने को
ना होगी तब नवरात्रि में कंजको की पूजा
ना होगी पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास पूजा
ना छम छम पायल से किसी का घर आँगन चहकेगा
नाना-नानी बनने का शौक अधूरा ही रह जाऐगा
ना रहेगा प्रेम, ना होगी करूणा
क्योंकि यह तो है नारी का गहना
बेबस मन कन्यादान से वंचित रह जाऐगा
हरा भरा घर मकान बन कर ही रह जाऐगा
मनु, इंदिरा, कल्पना का नाम पन्नों में ही रह जाऐगा
बस……….
कुछ ही सालों की है बात
हैरान, परेशान हताश खुद ही कह उठेंगें आप
कन्या थी अनमोल रत्न
पर तब तक शायद बहुत देर हो चुकी होगी
हमें इन्तज़ार करना होगा
शायद फिर से बीस सालों का
पर तब तक सब कुछ बदल चुका होगा
खामोशी, उदासी, मायूसी का फैल चुका होगा आतंक
तो फिर………..
क्यों हो रही हैं ये भ्रूण हत्याएँ
ठान लो
बस बहुत हो गया
जानते हो
हम भारतवासी……… एक जुट हो क्या है कर सकते
मुसीबत पडने पर दे सकतें हैं जान
चीर सकतें हैं धरती की छाती
उधेड़ सकतें हैं पहाड़ों का सीना
जब ला सकतें हैं हरियाली बंजर धरा पर
फिर क्यों है रोक कलियों के प्रस्फुटन पर
चलिए लें संकल्प
आज, अभी, यहीं
भ्रूण हत्या पर लगाए
कस कर लगाम सभी
मत ड़गमगाने दें भारत का आधार
नर और नारी से ही है हमारा घर संसार
उठो, जागो, चलो
बनाए संसार में भारत की अलग पहचान
ताकि फिर से ना पड़े कहना कि…….
मोनिका, अब बहुत हो गया
हद हो गर्इ
Audio Poem- Female Foeticide by Monica Gupta
लडते झगडे मुद्दे
लडते झगडे मुद्दे – मीठा मीठा गप्प गप्प कडवा कडवा थू थू … लडते, झगडे तो कभी सुलझे बच्चे की तरह टीचर(एंकर} के सामने कुछ पूछ्ने के लिए ऊंगली उठाते, बीच बीच में विज्ञापन और अगले कार्यक्रम की सूचना … इतना सब कुछ होता है आजकल न्यूज चैनल की भैंस … ओह क्षमा बहस में, बस पूछिए ही मत…
लडते झगडे मुद्दे
लडते झगडे मुद्दे – कई बार इतना डरा देते हैं और खासकर शाम का समय तो बेहद ही क्रूशियल होता है. कितनी बार तो चैनल की आवाज ही धीमी करनी पडती है कि पडोसी ये न समझ लें कि हमारे घर में लडाई हो रही है…
हर चैनल, बहस में लडने भिडने मारने को उतारु सा प्रतीत होता है… इसलिए बस आज तो सोच ही लिया कि रोज रोज बुराईयां करने से अच्छा है आज से फालतू की बहस देखना ही बंद … ना होगी भैस ओह पुन क्षमा.. न होगी बहस और न वो पानी मे जाएगी… बस आज शाम टीवी ही नही चलाया… समय गुजर रहा था. गुजर रहा था..
मन मे बुरे बुरे ख्याल आने शुरु हो गए कि आज का मुद्दा क्या होगा. कौन कौन किस चैनल पर आया होगा. किस बात पर लड मर रहे होंगें. किस की खाली कुर्सी दिखाई जा रही होगी. कुछ सूनापन सा महसूस होने लगा.
खैर ध्यान बटाया कि मोनिका तू कार्टून की बना ले कोई ,पर फिर सोचा कि कार्टून बनाने का आईडिया भी तो यही से मिलता है … बस फिर क्या था. अब मैं टीवी के सामने बैठी चाय पीते हुए बहस एंजाय कर रही हूं और बार बार चैनल ही बदल बदल कर देख रही हूं और सोच रही हूं बिल्कुल बेकार मुद्दे … आज तो देख लिया बस पर कल से बिल्कुल नही देखूगी… 🙂
Cover story: Freedom for Women
लडकियां मोबाइल का प्रयोग न करें, जींस न पहनें। घर से बाहर निकलते हुए सिर पर पल्लू रखें, बाज्ार न जाएं..।लडकियों की शादी कम उम्र में कर देनी चाहिए। इससे बलात्कार की घटनाएं कम होंगी और वे सुरक्षित रहेंगी..।
बलात्कार के 90 फीसदी मामले आपसी सहमति के होते हैं..।
लडकियों को देर रात घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए..।
ये सारे बयान और फरमान देश के ज्िाम्मेदार लोगों द्वारा दिए गए हैं। ऐसे समय में जबकि स्त्रियां हर क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम कर रही हैं, ऐसे बयान हास्यास्पद हैं। ये स्त्रियों के प्रति संवेदनहीन नज्ारिए का जीवंत उदाहरण हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्राइम कैपिटल में तब्दील हो रही है। सेंटर फॉर सोशल रिसर्च ने दिल्ली में जनवरी 2009 से जुलाई 2011 के बीच दर्ज मामलों के अध्ययन के बाद एक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में महिलाएं दिन में भी सुरक्षित नहीं हैं।
http://www.jagran.com/sakhi/special-in-the-issue-cover-story-freedom-for-women-S7354SK.html

लडते झगडे मुद्दे –
तेज खबरे – गरमा गरम खबर – Monica Gupta
तेज खबरे – गरमा गरम खबर तेज खबरे – गरमा गरम खबर Short term memory loss. खबरों का संसार जितनी तेजी से बदल रहा है हैरानी होती है अभी एक मिनट पहले जो खबर सुर्खियों में होती है वही पल भर में गायब भी हो जाती है और फिर सामने होती है एक और सनसनी खबर.. … read more at monicagupta.info
न्यूज चैनल और गर्मागर्म बहस – Monica Gupta
न्यूज चैनल और गर्मागर्म बहस मीडिया और हमारे खबरिया चैनल मणि का फोन आया कि तबियत ठीक नही लग रही. मैं तुरंत भागी. इधर उधर घूमती हुई बोली बैचेनी सी हो रही है धबराहट भी, कुछ अच्छा नही लग रहा. अरे !! मैने उसे आराम से बैठाया वो फिर खडी हो गई. बोली बैठा नही … read more at monicagupta.info
न्यूज़ चैनल और मुद्दे
न्यूज़ चैनल और मुद्दे किसने बिगाडा देश का माहौल … न्यूज चैनलों पर मुद्दा गरमाया हुआ है. चैंनलों पर अलग अलग पार्टियों के महारथी, पत्रकार और न्यूज एंकर ऊंची न्यूज़ चैनल और मुद्दे
वैसे लडते झगडे मुद्दे के बारे में आपकी राय जरुर बताईएगा !!!
विज्ञापन और अरविंद केजरीवाल
विज्ञापन और अरविंद केजरीवाल
हर रोज कुछ न कुछ आप पार्टी की ओर से सुनने को मिल रहा है कि आप के बहुत से समर्थको का विश्वास डगमगा रहा है … बात ये नही है कि किसी अन्य पार्टी की तरफ ध्यान आकर्षित हुआ है नही … सभी पार्टियां एक ही कैसी है और अब कार्यशैली देखते हुए लग रहा है कि आप भी इसी मे शामिल होती जा रही है …
– ABP News
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिर विवादों में हैं. इस बार उनकी खिंचाई भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके एक टीवी विज्ञापन को लेकर हो रही है. विज्ञापन में मुख्यमंत्री केजरीवाल का महिमामंडन किया गया है जिस पर विपक्ष हमलावर हो गया है. विपक्ष का आरोप है कि विज्ञापन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिल्ली सरकार ने उल्लंघन किया है.
विपक्ष का जोरदार हमला दिल्ली की केजरीवाल सरकार के टीवी विज्ञापन पर है. इन दिनों भ्रष्टाचार को लेकर दिल्ली सरकार का विज्ञापन टीवी पर जोर-शोर से दिखाया जा रहा है. बीजेपी और कांग्रेस का आरोप है कि विज्ञापन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का चेहरा नहीं दिखाया गया है लेकिन उनका नाम लेकर उन्हें गरीबों के मसीहा के तौर पर पेश किया जा रहा है. विज्ञापन में 9 बार केजरीवाल का नाम लिया गया है. विपक्ष का कहना है कि ये विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के खिलाफ है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सरकारी विज्ञापनों पर सिर्फ राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और प्रधानमंत्री की फोटो लगी हो और किसी व्यक्ति का महिमामंडन नहीं होना चाहिए.
विज्ञापन का इसलिए भी विरोध हो रहा क्योंकि इसमें इसमें पति को बैठे हुए और महिला को काम करते हुए दिखाया गया है. इसे महिलाओं के अपमान से जोड़कर देखा जा रहा है.
विज्ञापन को लेकर विपक्ष को हो-हंगामे के बाद भी आम आदमी पार्टी को इसमें कुछ भी गलत नजर नहीं आता है.
दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन पर आम आदमी पार्टी का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है. आशुतोष के मुताबिक, “इस विज्ञापन में केजरीवाल का चेहरा नहीं दिखाया गया है इसलिए इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं है. आप कुछ भी करती है तो बीजेपी को तकलीफ होती है उन्हें मिर्ची लगती है. बीजेपी किसी भी हद तक गिर सकती है. उनका बस चले तो पूरे हिंदुस्तान से ये आम आदमी पार्टी को बर्खास्त कर दें.”
बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने कहा, ”आप सफाईकर्मचारियों को भूखा रखते हैं, उनको सैलरी देन के लिए आपके पैसा नहीं है उसके बाद इस प्रकार घटिया कैंपने के जरिए अपना प्रमोशन करना चाहते हैं ये कहां तक सही है. इनके निकम्मेपन को 100 करोड़ खर्च करके दिखा रही है.”
बीजेपी प्रवक्ता का संवित पात्रा का कहना है, “‘टीवी ऑन करते ही हर दो मिनट बाद केजरीवाल का गुणगान शुरू हो जाता है. सफाई कर्मचारियों के घर में चुल्हे नहीं जल पा रहे हैं. आप का कहना है कि उनके पास पैसा नहीं है. विज्ञापन पर लाखों खर्च करने वाली पार्टी कहती है कि सफाई कर्मचारियों को देने के लिए पैसा नहीं है. एड में महिला को काम करते हुए दिखाया गया है.”
सरकारी विज्ञापनों के नियमन से जुड़े दिशानिर्देश जारी करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन विज्ञापनों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रमुख न्यायाधीश जैसे कुछ ही पदाधिकारियों की तस्वीरें हो सकती हैं.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश See more…
IBN Khabar
नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल फिर विवादों में हैं। इस बार एक ‘रिश्वत बंद’ कराने वाले एक विज्ञापन को लेकर उनकी खिंचाई हो रही है जिसमें केजरीवाल का गुणगान किया गया है। इसे लेकर आप के पूर्व नेता ही केजरीवाल पर भड़क उठे हैं। इसके अलावा बीजेपी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं।
Apart from being a crass and crude abuse of funds the Kejriwal ad on TV is sexist and projects women as servants of their husbands. Shocking
The ‘Jai Ho Kejriwal’ ad on TV, being a crass projection of Kejriwal, is against the SC order. It is an abuse of funds to project a leader Read more…
AAP
विधायकों को 54000 की सैलरी मिलती है। बिजली पानी के लिए महीने का चार हज़ार मिलता है। कोई सरकारी गाड़ी और घर नहीं मिलता। यूपी के एक विधायक ने बताया कि उन्हें 1 लाख रुपये से ज्यादा मिलते हैं। लेकिन विधायकों के वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव की कांग्रेस और बीजेपी ने आलोचना की है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि ये पार्टी अब आम आदमी की नहीं रही, पांच महीने में इनके विधायक सैलरी बढ़ाने की बात करने लगे हैं।
दिल्ली विधान सभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि अगर सरकार एक रुपये महीना वेतन का प्रस्ताव लाए तो तीन विधायकों का उनका विधायक दल समर्थन करेगा। विजेंद्र गुप्ता जी की भावना का सम्मान करते हुए यह पूछा जाना चाहिए कि वे इस महंगाई में एक रुपये महीने पर कैसे जी सकते हैं। उनकी आय का ज़रिया क्या है। क्या उनके पास इतना पैसा है कि बिना कमाए जी सकते हैं। अगर है तो वे यह तरीका मुझे भी बता दें तो यकीन जानिए ये मेरा आखिरी प्राइम टाइम होगा। मैं सोमवार से काम पर नहीं आऊंगा।
ग्रीन टी के फायदे और नुकसान
ग्रीन टी के फायदे और नुकसान- Green Tea क्या है इसे कितना पीए, किस तरह पीए और इससे वजन कैसे कम होगा इन सब बातों की जानकारी हमें जरुर होनी चाहिए. असल में भई भेड चाल है किसी ने बता दिया कि ग्रीन टी से वजन कम होगा तो हम सब जुट जाते हैं इसे पीने…
ग्रीन टी के फायदे और नुकसान
फैशन ग़्रीन टी का है तो भई हम पीछे कैसे रह सकते हैं. हमने भी खरीदी. अन्य चाय की अपेक्षा हालाकि ये चाय महंगी थी पर सेहत के बारे में कोई समझौता नही खरीदी और सुबह सुबह खाली पेट पीनी शुरु कर दी. वैसे कुछ भी कहिए इसकी पैंकिग बहुत ही स्टाईलिश सी होती है वाकई में ऐसा महसूस होता है कि हम कुछ शानदार पी रहे हैं
कुछ सहेलियों से बातचीत हो रही तो पता चला कि खाली पेट नही पीनी चाहिए. नुकसान होता है एक सहेली ने बताया कि वो दिन में पांच बार पीती है और उसे अपना वजन कम लग रहा है.हालाकि ये बात उस ने बेहद गम्भीरता से की थी पर हम सभी के चेहरे पर स्माईल आ गई. बात तो उस समय हंसी मजाक मे उड गई पर मेरे मन में बैठ गई कि हरी चाय क्या है इसके बारे मे नेट पर ही सर्च करुगी …
हरी चाय यानि ग्रीन टी एक प्रकार की चाय होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है। इसका उद्गम करीब ५००० वर्ष पूर्व चीन में हुआ था और आगे चलकर एशिया में जापान से मध्य-पूर्व की कई संस्कृतियों से संबंधित रही. चीन देश में ग्रीन टी की शुरुआत हुई थी|कहते हैं कि चाय के कोमल पत्ते को यदि पीया जाए तो इससे काफी लाभ होता है| ग्रीन टी भी इन्ही पत्तों से बनाई जाती है|
भारत हो या ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों में चाय के कई शौकीन लोग देखने को मिलते हैं और वे इन दिनों सेहतमंद चाय की तरफ कदम बढाते नजर आ रहे हैं| पश्चिम ऑस्ट्रेलिया स्थित स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ अध्यापक कोलिन बिन्स का कहना है कि ग्रीन टी की मांग पहले से काफी अधिक हो गई है| साथ ही यह सेहत की समस्याओं को काफी हद तक घटा देता है| इसकी मदद से स्टोक जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है|
प्रायः लोग ग्रीन टी के बारे में जानते हैं लेकिन इसकी उचित मात्र न ले पाने की वजह से उन्हें उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।
हरी चाय का फ्लेवर ताज़गी से भरपूर और हल्का होता है तथा स्वाद सामान्य चाय से अलग होता है। इसकी कुछ किस्में हल्की मिठास लिए होती है, जिसे पसंद के अनुसार दूध और शक्कर के साथ बनाया जा सकता है।[2] ग्रीन टी बनाने के लिए एक प्याले में २-४ ग्राम चाय पड़ती है। पानी को पूरी तरह उबलने के बाद २-३ मिनट के लिए छोड़ देते हैं। प्याले में रखी चाय पर गर्म पानी डालकर फिर तीन मिनट छोड़ दें। इसे कुछ देर और ठंडा होने पर सेवन करते हैं। विभिन्न ब्रांड के अनुसार एक दिन में दो से तीन कप ग्रीन टी लाभदायक होती है। इसका अर्थ है कि एक दिन में ३००-४०० मिलीग्राम ग्रीन टी पर्याप्त होती है।

ग्रीन टी के फायदे और नुकसान
Green Tea Can Also Be Harmful |
ज्यादातर लोग ग्रीन टी को सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद मानते हैं। इसलिए वे दिन भर में कई बार ग्रीन टी की चुस्कियां लेते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ग्रीन टी का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कई बार अच्छी चीजों को ज्यादा सेवन सेहत बिगाड़ सकता है। दिन भर में पांच से छह कप ग्रीन टी का सेवन परेशानियों को कारण बन सकता है।
ग्रीन टी आयरन को अवशोषित करता है जिससे शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। इसलिए जो लोग एनिमीया के शिकार हैं उन्हें ग्रीन टी पीते समय सावधानी बरतनी चाहिए। इस प्रभाव से बचने के लिए आप चाहें तो खाने के बीच में ग्रीन टी ले सकते हैं या उसमें नींबू मिलाकर भी पी सकते हैं।
ग्रीन टी में कैफीन व टैनिक एसिड पाया जाता है जो गर्भावस्था में नुकसानदेह हो सकता है । इसलिए गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में महिलाओं को ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसे होने वाले शिशु को न्यूरल ट्यूब( मस्तिष्क व रीढ की हड्डी में) जन्म दोष होने की संभावना रहती है।
ग्रीन टी में ऑक्सेलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो गुर्दे में पथरी का कारण हो सकता है। कैल्शियम, यूरिक एसिड व एमिनो एसिड काइस्टीन के साथ फॉस्फेट व ऑक्सेलिक एसिड के साथ संयोजन से गुर्दे की पथरी की समस्या होती है। See more…
Health Benefits of Green Tea In Hindi |
ग्रीन टी के लाभ के बारे में हम सब जानते हैं। एक शोध के मुताबिक रोजाना आठ कप ग्रीन टी हृदय रोग होने की आशंकाओं को कम करती है। इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करती है। साथ ही ग्रीन टी शरीर पर जमा अतिरिक्त वसा को भी दूर करने में मदद करती है।
ग्रीन टी में विटामिन सी, पालीफिनोल्स के अलावा अन्य एंटीआक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो शरीर के फ्री रेडीकल्स को नष्ट कर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इससे शरीर में बीमारियां होने का खतरा कम होता है और शरीर रोग-मुक्त होता है।
ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है। जिसके कारण शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा संतुलित रहती है। कोलेस्ट्रॉल की मात्रा संतुलित रहने से रक्त चाप सामान्य रहता है। जिससे हार्ट अटैक आशंका बहुत कम रहती है।
सिग्रेट लत से भी छुटकारा दिलाए ग्रीन टी
सिगरेट पीने की लत से छुटकारा चाहते हैं तो ग्रीन टी पीजिए। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार ग्रीन टी में मौजूद तत्व निकोटीन की लत छुड़ाने में मदद करते हैं। चीन की पत्रिका साइंस चाइना लाइफ में ए रेवोल्यूशनरी अप्रोज फॉर दे सिसेशन ऑफ स्मोकिंग शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने निकोटीन की तलब को शांत करने के लिए ग्रीन टी के तत्वों को मिलाकर एक सिगरेट का निर्माण किया। मालाबार कैंसर इंस्टीट्यूट के अध्यापक फिंस फिलीप ने कहा कि धूम्रपान की लत छुड़ाने के लिए निकोटीन रिप्लेसमेंट थिरेपी कारगर पाई गई है।
Green Tea Has Side Effects Too | | – Hindi Boldsky
ग्रीन टी यानी की हरी चाय के अनेक प्रकार के स्वास्थ्य वर्धक गुण हैं। जब आप ग्रीन टी पीते हैं तो आपको पता होता है कि यह आपका वजन कम करेगी, त्वचा को सुंदर बनाएगी, बालों का झड़ना रोकेगी और शरीर से गंदगी को बाहर निकालेगी। लेकिन ग्रीन टी का ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिये खराब हो सकता है। जानते हैं कैसे? हरी चाय कब्ज, दस्त, उल्टी, चक्कर और यहां तक कि सिर दर्द पैदा कर सकती है। हरी चाय में कैफीन होती है जो कि अनिद्रा पैदा कर सकती है। तो अगर आप हरी चाय पी कर वजन कम करना चाहते हैं, तो नीचे दिये गए इन चरणों का पालन करें और स्वस्थ्य तरीके से इस ग्रीन टी को अपने जीवन में शामिल करें।
केवल 2-3 कप: पहले भी बोला जा चुका है कि अत्यधिक चाय नुक्सानदायक हो सकती है। इसी तरह से अगर आप रोजाना 2-3 कप से ज्यादा ग्रीन टी पिएंगे तो यह नुक्सान करेगी। क्योंकि इसमें कैफीन होती है इसलिये तीन कप से ज्यादा चाय ना पिएं। Read more…
– LiveHindustan.com
ग्रीन टी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद तो है, लेकिन कई बार यह नुकसानदेह भी साबित होती है। इसलिए खासकर इसकी मात्रा और बनाने के तरीके पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके बारे में बता रही हैं ए. त्रिपाठी
ग्रीन टी को वजन कम करने में मददगार माना जाता है। इसलिए कई लोग इस गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं कि अधिक ग्रीन टी पीने का अर्थ है जल्द वजन कम होना। लेकिन यह अवधारणा पूरी तरह से सही नहीं है। ग्रीन टी सेहत के लिए फायदेमंद है, यह तो हम सभी जानते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी सेहत को फायदा कम और नुकसान अधिक पहुंचा सकती है। यह आंखों से नींद चुरा सकती है, शरीर में आयरन की कमी पैदा कर सकती है।
कैफीन हालांकि ग्रीन टी में ज्यादा मात्रा में कैफीन नहीं होता, लेकिन ज्यादा ग्रीन टी पीने से बेचैनी, हृदय गति में अनियमितता, अनिद्रा की समस्या, चिंता, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। जानकारों का कहना है कि दिन में चार से पांच कप तक ही ग्रीन टी पीनी चाहिए। इससे ज्यादा ग्रीन टी पीने से उन लोगों में परेशानियां जल्दी दिखने लगती हैं, जो कैफीन की ज्यादा मात्रा के आदी नहीं होते।
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तो ये तो थी नेट के अनुसार कुछ जानकारी पर अपना खुद का अनुभव भी बहुत मायने रखता है … अगर आपके पास भी कोई अच्छी जानकारी हो हरियाली चाय ओह मेरा मतलब ग्रीन टी के बारे में तो जरुर सांझा कीजिगा 🙂
सैलरी डबल
सैलरी डबल- एक बार फिर सांसदों की सैलरी का मुद्दा गरमा गया है इससे पहले 2010 में वेतन दुगुना हुआ था. आम लोगों के अच्छे दिन आएं न आएं, लगता है सांसदों के तो आ ही जाएंगे। प्रस्ताव कहता है कि सांसदों की स्वास्थ्य सुविधाओं में उनके बच्चों के अलावा पोते-पोतियों को भी शामिल कर लिया जाए।
MPs’ salaries – Navbharat Times
फोटो शेयर करें जैसे-जैसे हमारे अधिकांश सांसदों के संसदीय बर्ताव और काम करने के तौर-तरीकों में गिरावट आ रही है, वैसे-वैसे सुविधाओं की उनकी मांगें बढ़ती जा रही हैं। बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली संसद की संयुक्त समिति ने कहा है कि सांसदों के वेतन को दोगुना कर दिया जाए। इस समय सांसदों को मासिक वेतन 50,000 रुपये मिलता है। बात यहीं तक सीमित नहीं है।
सांसदों का दैनिक भत्ता 2000 रुपए से अधिक करने और पूर्व सांसदों का पेंशन भी 75 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी सन 2010 में की गई थी। बहरहाल, समिति ने कहा है कि सांसदों के लिए ऑटोमैटिक पे रिविजन की व्यवस्था हो ताकि समय-समय पर बढोतरी स्वयं होती रहे। 34 हवाई यात्राओं में 25 फीसदी किराए के प्रावधान से भी सांसद संतुष्ट नहीं हैं। समिति ने 20 से 25 फ्री हवाई यात्राओं सहित करीब 60 सिफारिशें की हैं। इनमें निजी सचिव के लिए प्रथम श्रेणी के एसी रेल-पास की मांग भी शामिल है।
सांसद ग्राम योजना के तहत कुछ भले न हुआ हो, आम लोगों के अच्छे दिन आएं न आएं, लगता है सांसदों के तो आ ही जाएंगे। प्रस्ताव कहता है कि सांसदों की स्वास्थ्य सुविधाओं में उनके बच्चों के अलावा पोते-पोतियों को भी शामिल कर लिया जाए। गौरतलब है कि अपने क्षेत्र में काम कराने के लिए प्रत्येक सांसद 45,000 रुपए का भत्ता हर महीने पाने का हकदार है। ऑफिस के खर्च के लिए भी माहवार इतनी ही रकम मिलती है।
कपड़े और परदे धुलवाने के लिए हर तीसरे महीने 50,000 रुपए मिलते हैं। सड़क मार्ग का इस्तेमाल करने वाले सांसदों को 16 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से यात्रा भत्ता मिलता है। लेकिन यह सब इन्हें कम लगता है। ऐसा लगना स्वाभाविक इसलिए है कि हमारे ज्यादातर सांसदों की नजरें उन लोगों पर रही ही नहीं जिनका प्रतिनिधित्व वे करते हैं।
अगर अपने आम वोटरों की जिंदगी पर, उनके जीवन की तकलीफों-चुनौतियों पर नजर डालने का वक्त इन्हें मिले तो शायद इनकी भी प्राथमिकता कुछ बदले। मगर, राजनीति का जो चरित्र बनता जा रहा है, उसमें इसकी संभावना तलाशना आकाश कुसुम तोड़ने जैसा ही हो गया है। ऐसे में यह उम्मीद भर जताई जा सकती है कि वेतन के साथ वे अपनी गरिमा बढ़ाने पर भी ध्यान दें तो बेहतर होगा। See more…
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