हम महिलाओ को सहने सवरने का बेहद शौक होता है पर जब बात गर्मी की हो तो त्राहि माम त्राहि माम अब आप खुद ही देखिए कैसे महिलाए चेहरा ढक कर बाहर निकलती है ऐसे में लिपस्टिक , पाऊडर और लाली चेहरे पर कैसे लगाएगी.
आज इस दुकानदार का सबसे बडा दुख यही है कि कोई महिला आ ही नही रही मेकअप का सामान खरीदने
दोपहर की चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। महिलाए और छात्राएं हिजाब पहन कर घर से निकल रही हैं। इस बीच शीतल पेय की बिक्री बढ़ गई है। सॉफ्ट ड्रिंक के अलावा गन्ने और बेल के शरबत की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। बेल का शरबत सबसे लोकप्रिय पेय बन गया है।
वो सब भी ठीक है पर जल्द से जल्द गर्मी कम हो ताकि महिलाए मेकअप की खरीददारी करने आ सकें















बदहाल इमारते
विरासत की सैर का जिम्मा संभालने वाले इतिहासकार (वॉक लीडर) जैसे कथा-कहानियों के अद्भुत शिल्पी भी होते हैं। हमारे ही शहर के उन पक्षों को वो रोचक शैली में प्रस्तुत करते हैं जिनसे हम अकसर अनजान होते हैं या फिर जिनके बारे में बहुत थोड़ा जानते हैं। सप्ताहांत की शुरुआत का इससे बेहतर तरीका भला और क्या होगा कि आप अपने आपको जानने से दिन की शुरुआत करें। यकीन मानिए, हम भले ही खुद को जानने-समझने और पहचानने का कितना भी दावा क्यों न करते आए हों, । यहां तक कि एक समय था जब सिर्फ विदेशी सैलानी ही इनमें शिरकत इतिहास और ऐतिहासिक धरोहरों की वो समझ दी है कि आज अगर मेरे स्कूली टीचर मुझसे मिलें तो ‘स्टम्प’ हो जाएंगे। इतिहास की जानकारी न रखने वाले सामान्य लोगों को भी इस तरह की विरासत की सैर करने पर महसूस होता है कि पत्थर सचमुच बोलते हैं। खण्डहर खुद-ब-खुद अपनी दीवारों में कैद किस्से-कहानियां कहने लगते हैं और गुजरे जमाने के राजाओं-रानियों की प्रेम कहानियों से लेकर खूनी इतिहास की परतें खुलने लगती हैं। विरासत की सैर और कला के अन्य कार्यक्रमों की जानकारी देने वाली कई वेबसाइटें और फेसबुक पेज भी आजकल लोकप्रिय हो रहे हैं। तो अब आप सुबह-सवेरे उठने और अपना ट्रैक सूट पहनकर इतिहास को जानने के लिए निकलने को तैयार हो जाइये। 

