Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Archives for Monica Gupta

May 29, 2015 By Monica Gupta

FATHERS DAY – जीवन में पिता का महत्व

जीवन में माता पिता का महत्व

FATHERS DAY – जीवन में पिता का महत्व – हर साल जून के तीसरे सप्ताह के  रविवार को FATHERS DAY यानि फादर्स डे मनाया जाता है . पाश्चात्य संस्कृति ने चाहे हमें और कुछ सिखाया हो या नहीं, पर इन  दिनों को मनाना तो सिखा ही दिया है. कोई भी दिन हो हमे बस मनाने की इंतजार रहता है.

FATHERS DAY – जीवन में पिता का महत्व

इस दिन भी नेट,सोशल नेट्वर्किगं साईट् या समाचार पत्र भरे रहते है. लोग अपने-अपने अनुभव बताने को बेताब रहते हैं, लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं बताऊंगी. क्योकि आज के बदलते समय में हमे बदलना बहुत जरुरी है. नही तो रिश्तों में खटास आते समय नही लगेगा.

पिता यानि पापा घर के मुखिया होते हैं. उस नाते उनके कुछ फर्ज बन जाते हैं, जिसका उन्हे सुखद भविष्य के लिए पालन करना जरुरी हो जाता है. ऐसे मे भगवान शिव का उदाहरण देना उचित होगा. जिस तरह से शिव जी ने विष का पान किया था. ना तो उसे निगला था और ना ही उसे बाहर निकाला था. बस गले में ही रखा था, वैसे ही घर के मुखिया को करना चाहिए. घर की परेशानी को ना तो बाहर किसी को बताए और ना ही उसे दिल से लगा कर बैठे. कलह हर घर में होती है, लेकिन अगर वो उसे बाहर के लोगो को बताएगे तो बात बढ़ जाएगी और अगर गले से नीचे उतार लेगे तो खुद तबियत खराब करके बैठ जाएगे.

शिव जी के माथे पर जैसे चादँ शंति का प्रतीक है, बस वैसे ही अपना दिमाग शांत रखना चाहिए. उनके मस्तक से निकली गंगा भी इसी बात की प्रतीक है कि गुस्से के पल को भी शांत होकर बिताएं. घर परिवार मे छोटे-मोटे फैसले लेते हुए मन को शांत रखें अगर खुद ही बात-बात पर चिल्लाकर बोलेगें तो घर मे कलह ज्यादा बढ़ जाएगी.बात यह भी नही है गुस्सा करना ही नही चाहिए.करे पर वो भी एक मर्यादा मे रह कर ही करें अन्याय,अनुशासन हीनता आदि के लिए अगर गुस्सा किया जाए तो मगंलकारी ही होता है.

परिवार के सदस्यो के इस बात का भय होना भी जरुरी होना चाहिए कि अगर वो उचित आचरण नही करेगे तो पिता नाराज हो सकते हैं.वैसे भी तुलसी दास जी ने कहा है कि “भय बिन होहि ना प्रीति”… इसलिए परिवार का मुखिया होने के नाते कठोरता और कोमलता दोनो का सही मात्रा मे होना बहुत जरुरी है.

मुखिया का काम यह भी है कि परिवार के सब लोगों को मिला कर रखें.ठीक वैसे जैसे शिव जी का वाहन बैल, उमा का वाहन सिहं, शिव का कंठ हार सर्प, गणेश जी का मूषक और कार्तिक का वाहन मोर है पर शिव की महिमा देखिए आपस मे पुश्तैनी दुश्मनी होते हुए  भी सभी एकता और प्रेम मे बंधे हुए है .मुखिया को भी इसी दिशा मे प्रयास करते रहना चाहिए कि किस प्रकार सभी को प्यार से रखा जाए. सदा इसी सोच में रहना चाहिए कि किस तरह परिवार और ज्यादा खुशहाल रह सकता है. सभी को खुश रखने की कोशिश  मे रहना चाहिए.

खैर बातें तो बहुत सारी हैं, लेकिन अगर ढेर सारी बातें सोचकर न अमल करने से अच्‍छा है एक-दो बातों को ध्‍यान में रखें और उस पर हमेशा अमल करें.

आज की इस दौडती भागती जिंदगी मे सकून के दो पल मिलने बहुत जरुरी है और वो तभी रहेगे जब आप खुद भी खुश रहे और परिवार को भी खुश रखे.

आप सभी को FATHERS DAY फादर्स डे की ढेर सारी शुभकामनाएं!!!

 

Top 10 Best Fathers Day 2015 Quotes

hey thanks for sharing such a beautiful awesome fathers day quotes will more here on my page http://www.ukfathersday.com/2015/05/fathers-day-ideas.html

Father’s Day 2015 is June 21. Here are some heartfelt quotes about the bonds between father and family. Read more…

– LiveHindustan.com

अपने घर में तुम छोटा-सा गेट-टू-गैदर रख सकते हो जिसमें पापा के करीबी दोस्तों और उनके फैमिली मेंबर्स को बुला कर उन्हें सरप्राइज दे सकते हो। See more…

Image via livehindustan.com

May 28, 2015 By Monica Gupta

अच्छे दिन आने वाले हैं

cartoon monica gupta

‘

“अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए थे। एक साल के दौरान उन्होंने 18 विदेश दौरे किए। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई तो पेट्राेल-डीजल सस्ता हुआ। लेकिन फरवरी के बाद कीमतें फिर बढ़ने लगीं। मोदी का चीन दौरा खत्म होते-होते सोशल मीडिया पर उनका जादू भी कमजोर पड़ता दिखा।

 

Modi One Year

See more…

May 28, 2015 By Monica Gupta

टीवी का क्रेज

किसी जमाने में बुदू बक्सा कहलाए जाने वाला टीवी का क्रेज आज लोगो के सिर चढ कर बोल रहा है. हम टीवी सीरियल से इतना धुल मिल गए है कि उसे अपनी जिंदगी का एक अहम हिस्सा समझते हैं ये बात मैं इसलिए कह रही हूं कि मेरी एक जानकार का पथरी का आपरेशन होना था. डाक्टर ने समय और जगह फिक्स कर दी पर वो  जानकार बोली कि एक दिन बाद में आपरेशन  रख दो क्योकि एक  धारावाहिक में बहुत सही कहानी आ रही है किरदार का बच्चा होने वाला है बस वो  राजी खुशी घर आ जाए तो कोई फिक्र नही …

ऐसे ही मैं अपनी सहेली को जन्मदिन का न्योता देने गई कि ठीक आठ बजे पार्टी है और आठ बजे ही केक कटेगा …  इस पर वो बोली कि वो 9 बजे तक ही आ पाएगे क्योकि धारावाहिक की कहानी इतनी मजेदार और सस्पैंस वाली चल रही है कि छोड  नही सकते

वही स्टाप पर  बच्चे को छोडने आई मेरी सहेली की आखें सूजी हुई थी. ऐसा लग रहा था कि बहुत रोई हो. मैने पूछा तो बताया कि प्रिया को कैंसर है.. वो मर जाएगी … मैने सारा दिमाग इस्तेमाल कर लिया पर याद नही आया कि उसके परिवार में प्रिया कौन है . मेरे पूछ्ने पर उसने बताया कि एक साल से वो टीवी सीरियल देख रही है उसी की मुख्य पात्रा है प्रिया… हे भगवान !!! आप समझ सकते हैं कि किस तरह से टीवी का क्रेज सिर चढ कर बोल रहा है लोगो के …

वैसे कोई शक नही ये कलाकार बहुत मेहनत करते हैं और एक दिन बिलंदियों को छूते हैं और छोटे पर्दे से लेकर बडे पर्दे तक धूम मचा देते हैं

शाहरूख खान  टीवी पर केवल एक छोटे कलाकार थे।.  छोटे पर्दे पर “फौजी” और “सर्कस” जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में काम करने के बाद शाहरूख ने बुलंदियों का स्वाद चखा
विद्या बालन का नाम बॉलीवुड इंडस्ट्री में ऎसी अभिनेत्रियों में शामिल किया जाता है जिन्होने अपनी फिल्म “कहानी”, “नो वन किल्ड जेसिका”, “डर्टी पिक्चर” से यह साबित कर दिया कि फिल्म सिर्फ एक्टर से नहीं बल्कि एक्ट्रेस से भी चल सकती हैं। अपने करियर की शुरूआत में लगभग 12 फिल्मों से रिजेक्ट होने के बाद छोटे पर्दे पर प्रसारित पहला शो “हम पांच” से एंट्री की जिसके बाद उन्होंने कई एड फिल्मों में भी काम किया, लेकिन किसने सोचा था कि “हम पांच” के दूसरे सीजन में राधिका माथुर का किरदार निभाने वाली विद्या लगातार 3 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम करेगी.
फिल्म “रहना है तेरे दिल में” में मैडी का किरदार कर आर माधवन ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। खूबसूरत स्माइल से लाखों लड़कियों के दिल पर राज करने वाले “3 इडियट्स” एक्टर माधवन ने अपने करियर की शुरूआत बड़े पर्दे से नहीं बल्कि छोटे पर्दे के शो “बनेगी अपनी बात” से की। साउथ हिरो माधवन ने कई साउथ सुपरहिट फिल्में भी की, जिसके बाद वापस उन्होने “तनु वेड्स मनु” से अपनी धमाकेदार वापसी की
यामी गौतम, सुशांत सिंह राजपूत सबसे बड़ा उदाहरण है जिनको हम कह सकते है कि उन्होने छोटे पर्दे से बॉलीवुड का रास्ता बनाया है। सुशांत लंबे समय तक धारावाहिक “पवित्र रिश्ता” में नजर आए जिसके बाद उन्हें फिल्म “काई पो छे” का ऑफर मिला
राजीव खंडेलवाल का नाम सामने आते की सबसे पहले दिमाग में “सच का सामना” रियलिटी शो का नाम याद आता है
एकता कपूर की सबसे पसंदीदा एक्ट्रेस की लिस्ट में प्राची देसाई का भी नाम शामिल धूम मचाओ धूम”, “किस देश में है मेरा दिल”, “गीत” जैसे धारावाहिक में नजर आ चुके टीवी एक्टर जय भानुशाली गुरमीत चौधरी टीवी में धरावाहिक “रामायण” में भगवान राम के रोल में नजर आए जिसके बाद वह रोमांटिक शो “गीत” में भी नजर आए। साथ ही वह “पुर्न विवाह” में भी नजर आए। गुरमीत”झलक दिखला जा” और नच बलिए डांसिग शो में नजर आ चुके हैं। हाल ही एक्टर ने महेश भट्ट की फिल्म “खामोशियां” से बॉलीवुड में डेब्यू किया. टीवी धारावाहिक “बालिका वधु” के शिव से पॉपुलर हुए एक्टर सिद्धार्थ ने “जाने पहचाने से ये अजनबी”, “लव यू जिन्दगी”, “बाबुल का आंगन छूटे ना” धारावाहिक में काम किया जिक के बाद वह डांस शो “झलक दिखला जा” में नजर आए.

 

 Successful TV stars outstanding debut in Bollywood – 10

See more…

तो देखा टीवी का क्रेज किस तरह से सिर चढ कर बोल रहा है . वैसे इन सीरियल को देखना जरुर चाहिए पर ज्यादा सीरीयसली भी नही … ह हा हा !!! है ना !!!

Photos courtesy patrika.com

May 28, 2015 By Monica Gupta

Selfie Selfie

Selfie Selfie
selfie cartoon by monica gupta

Selfie Selfie

Selfie Selfie ..

मोदी सरकार का एक साल पूरा हो गया है. Selfie Selfie ये बता … मुझसे बेहतर कौन ?? वही आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के 100 दिनों से मोदी सरकार के 365 दिनों की तुलना की जा रही है. ऐसे में चिंता होनी ही स्वाभाविक है क्योकि कुछ जनता मोदी सरकार से नाखुश है और कुछ केजरीवाल से नाखुश … ऐसे में  Selfie   से पूछा जा रहा है कि हे Selfie  तू बता कि मुझ से बेहतर है कोई …

Narendra Modis selfie with Li Keqiang

Indian prime minister Narendra Modi just tweeted another selfie—not so surprising given his love for the photo format. But who it was with, and where it was taken, are somewhat shocking. See more…

Narendra Modi takes his selfies …

Read more…

बेशक,  आप कुछ भी कहे पर Selfie  Selfie का जादू सभी के सिर चढ कर बोल रहा है … चलिए अब मैं भी चली सैल्फी लेने … ह ह हा पर इतना यकीन है कि अगर 20 सैलफी लूगी  तो मुश्किल से एक अच्छी आएगी 🙂

May 28, 2015 By Monica Gupta

Youth and depression

Youth and depression

सुनकर आपके मन में भी बहुत बातें आ रही होगीं. क्या होता जा रहा है आज के युवा को !! सोच कर ही धबराहट होने लगती है. सोनम शर्मा का बेटा पढाई में बहुत अच्छा है. हाल ही में उसका 12वी क्लास का नतीजा आया और उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया. नतीजा मेरे हिसाब से बहुत अच्छा था 89.6 % अंक आए थे पर इस शर्म के मारे की लोग क्या कहेंगें. इतने कम अंक लाया है. आगे अच्छे कालिज मे दाखिला कैसे होगा इसी चिंता में खुद को कमरे मे बंद कर लिया और मोबाईल भी स्वीच आफ कर दिया. अगले दिन जब तक उसने दरवाजा नही खोल दिया.  सोनम की जान अटकी रही उसे  डर   सिर्फ इसलिए कि उनका बेटा कुछ गलत कदम न उठा ले.

इसके बहुत कारण हो सकते हैं  जिसमे से एक है माता पिता की  बच्चों से बह्त ज्यादा उम्मीदें  वो सोचते हैं कि बच्चे पर बहुत पैसा खर्च किया है अच्छी से अच्छी कोचिंग दिलवाई है इसलिए अच्छे अंक तो आने ही चाहिए. बच्चा उस उम्मीद को पूरा नही कर पाता और निराशा में चला जाता है. एक बात यह भी हो सकती है कि   एकल परिवार का होना और माँ-बाप, दोनों का कामकाजी होना. यही बात बच्चों को एकांकी और चिड़चिड़ा बना देती  है  आखिर विचार-दर्शन उन्हें कौन करायेगा, माता पिता अपने आफिस कार्य मे व्यस्त हैं और युवावर्ग चौराहे पर खड़ा है. वे जायें तो किधर जायें । अपनी जीवन-गति का निर्माण करें, तो किस प्रकार करें  कौन बतायेगा कौन सही राह दिखाएगा.

एक बात यह भी हो सकती है कि पेरेंटस हद से ज्यादा जरुरत से ज्यादा बच्चे का ख्याल रखते हैं पर इसी के साथ साथ बच्चे की इच्छा जाने बिना वो बच्चे पर अपनी इच्छा लादने या थोपनें की कोशिश करते हैं जिससे बच्चा अपना शत प्रतिशत नही दे पाता और जिंदगी मे ईम्तेहान में लगातार फेल होता जाता है.

फिर बात आती है हमारे समाज की. परीक्षा के दौरान नकल, रिश्वत खोरी, पेपर लीक आदि का होना भी युवा मे depression ,आक्रोश भर  देता है और ईमानदारी से मेहनत करने वाला युवा सिस्टम को देख कर अपना हौंसला छोड देता है.

इन सब के साथ साथ संगत बहुत ज्यादा असर डालती है. बिगडे हुए रईसों के साथ दोस्ती करके और नशे में डूब कर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं.  खुद को स्मार्ट और मार्डन दिखाने के चक्कर में नशा करना वो जिंदगी का अभिन्न अंग मानने लगते  हैं  और इसके साथ साथ सबसे बडा फेक्टर है धैर्य की कमी और यही आज के युवाओं की सबसे बड़ी कमजोरी है.  धैर्य की कमी के कारण आज का युवा सब चीज बस जल्द से जल्द पाना चाहता है.  आगे बढ़ने के लिए वे कड़ी मेहनत करने की बजाय शॉर्टकट्स यानि आसान रास्ता  ढूंढने में लगे रहते हैं. कम समय में सारी आधुनिक चीजों को पाने के लालच में उनमें समझदारी की कमी नजर आती है। भोगविलास के आद‍ी  युवा में लगन, मेहनत, जोश, उमंग और धैर्य की कमी हो गई  है.

Youth  depression में होता है तो पूरा परिवार  मानों  depression मे चला जाता है. बहुत जरुरी है आज के युवा के साथ समझदारी से बात करना. उसकी मन की भावनाओं को समझते हुए उसके हिसाब से बात करना.

 

Youth depression a concern for counselors

Substantial levels of “loneliness, anxiety and depression” among Cayman’s youth, identified in a series of health surveys came as no surprise to counselors in the territory.  Read more…

New Strategies to Treat Depression in Youth

http://www.empr.com/new-strategies-to-treat-depression-in-youth-using-ssris/article/413048/Two new strategies have been developed by Johns Hopkins researchers to treat depression in young patients using serotonin reuptake inhibitors (SSRIs) while mitigating the risks and potential negative effects such as increased suicidal thoughts. The strategies are published in Translational Psychiatry. See more…

 

Picvend.com

http://www.picvend.com/2015/04/blog-post_102.html

 

 

 

 

 

 

समय प्रबंधन की विशेषज्ञ एवं चर्चित किताब ‘व्हाट द मोस्ट पीपल डू बिफोर ब्रेकफास्ट’ की लेखक लौरा वंदेरकम लिखती हैं कि अगर आप किसी चीज को करना चाहते हैं तो आप उसे सबसे पहले करिए। हमारे बीच के लोग जो आज सफलता की सीढ़ियां चूम रहे हैं एवं जिंदगी की सफलता का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं वे इसी फिलॉसफी पर चलते हैं See more…

 

Youth and depression में कुल मिला कर बात का निचोड यही है कि बजाय चिंता मे जाने मे अपने भीतर गुणों को विकसित करें. पीपल स्किल यानि नेतृत्व का गुण, अपना व्यवहार और दूसरों को प्रेरित करने की कला खुद में डालिए. खुद को एक शानदार पैकेज बना डालिए और भेड चाल और भीड से हट कर चलने का प्रयास कीजिए.  समय को महत्व देते हुए आप अपने प्रयासों मे जुटे रहिए … और वो फिल्मी डायलाग है ना कि किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलवाने में जुट जाती है तो भागाईए डिप्रेशन विप्रेशन को क्या बला है ये और नए उसाह, नए जोश और नई उमंग से उठ खडे होईए

Images via empr.com, picvend.com

Images via empr.com, picvend.com

May 27, 2015 By Monica Gupta

स्कूल जाने का जुनून

स्कूल जाने का जुनून

पुस्तक “पाठक मंच न्यूज बुलेटिन”(नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित)

अंक- मई “खेल खेल में “नामक लेख में सिरसा के अमन मिढ्ढा से बातचीत…
हरियाणा के सिरसा में रहने वाले अमन ने एक मिसाल कायम की है. दसवीं क्लास में पढने वाले अमन ने लगातार पांच साल में एक बार भी स्कूल से छुट्टी नही ली.शत प्रतिशत उपस्थिती …है ना हैरानी वाली बात .. इस बेमिसाल उपलब्धि के लिए सेंट जेवियर्स स्कूल ने अमन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. अमन उन बच्चों के लिए प्रेरणा है जो स्कूल जाने के नाम से कतराते हैं और बहाना बना कर स्कूल बंक करते हैं. अमन ने हर क्लास मे प्रथम स्थान प्राप्त किया है. हम सभी को अमन से सीख लेनी चाहिए. खुशी इस बात की भी है कि अब अमन के छोटे भाई नमन ने भी भाई की कदमो पर चलना शुरु कर दिया है.
बहुत बहुत शुभ कामनाएं अमन, नमन और परिवार में उनके मम्मी पापा और दादा जी को जिन्होने बच्चों को हमेशा उत्साहित किया…

aman pgaman pg2

चलों चले स्कूल ( लेख )

स्कूल जाने का जुनून

स्कूली जीवन यानि पढाई पढाई पढाई !!! और अगर हम बात करें फरवरी और मार्च की तो उस समय और भी ज्यादा पढाई में जुटना पडता है क्योकि फाईनल परीक्षा होती है और हमारी कोशिश रहती है कि अच्छे से अच्छे अंक लेकर  नई क्लास में जाए.वैसे बहुत बच्चे पढाई के प्रति गम्भीर नही होते जबकि कुछ बच्चे सत्र के आरम्भ से ही नियमित पढाई शुरु कर देते हैं. कुछ बच्चे तो हमेशा  छुट्टी की ही फिराक में रहते हैं और कोई शादी या नाना, दादी जी के पास जाने का मौका ही तलाशते रहते हैं ताकि पढाई से छुटकारा मिले. वही कुछ बच्चे “बहाना एकस्पर्ट” भी होते है.स्कूल जाने के नाम से अचानक पेट दर्द या सिर दर्द शुरु हो जाता है और मिल जाती है स्कूल से छुट्टी. पार्क में खेलते हुए बच्चों से मैने बहुत अनुभव सांझा किए.

दीपा, नवनीत, गीता, सार्थक, मुबीन और तेज पाल सभी का  नई क्लास मॆं दाखिला हो गया है और अब वो छुट्टी कम से कम लेंगें और मन लगा कर पढेंगें ऐसा उनका कहना है. उनसे बात हो ही रही थी तभी दो और बच्चे अमन और नमन भी आ गए.

अमन मिढढा से जब स्कूल की पढाई और छुट्टी की बात की तो वो हसंने लगा और उसने बताया कि अब तो दसवीं क्लास में है और पिछले पांच साल का उसका रिकार्ड है कि वो लगातार स्कूल गया है. एक दिन भी छुट्टी नही की. क्या ?? मैं हैरान थी कि ऐसा भी होता है. उसने बताया कि पिछले साल उसे स्कूल की तरफ से एवार्ड और प्रशस्ति पत्र भी मिला है. उसने बताया कि स्कूल में बहुत अच्छा लगता है नई बातें नई चीजें सीखते हैं और पढाई पर भी पूरा ध्यान रहता है छुट्टी करके अगले दिन उधर उधर से कापी मांगना होमवर्क करना , टेस्ट ना दे पाना जरा भी अच्छा नही लगता इसलिए कोशिश यही रहती है कि छुट्टी न की जाए.

मेरे अटकते अटकते पूछ्ने पर कि कभी बीमार नही पडॆ ??? इस पर वो हसंते हुए बोला कि बुखार भी होता है और बीमार भी होते हैं पर दवाई खा कर चले जाते हैं और दोपहर तक तो आ ही जाते हैं तब आराम हो जाता है. और रही बात किसी शादी या कोई कार्यक्रम में जाने की. वो स्कूल मिस करके कभी नही जाता और ना ही जाएगा. अरे वाह !! अचानक मैं बोल उठी. क्योकि बच्चों की सोच आमतौर पर जरा हट कर होती है और अमन अपनी उम्र के हिसाब से बहुत सुलझा हुआ लगा. बातों बातों में अमन ने यह भी बताया कि नियमित स्कूल जाने के लिए उसके मम्मी पापा और दादा जी ने भी बहुत उत्साहित किया और अब और बच्चे भी उससे सीख कर नियमित आने का प्रयास करते हैं तो और भी खुशी होती है.

वैसे इस बात में कोई दो राय नही कि पढाई के प्रति अगर हम शुरु से ही नियमित रहें और खेल कूद के साथ साथ सामान्य ज्ञान की पुस्तकें पढते रहें तो हम आने वाली किसी भी स्पर्धा का डट कर मुकाबला कर सकते हैं. तो बच्चों क्या सोचा तो फिर चलो, चले स्कूल !!!

 

स्कूल जाने का जुनून

  • « Previous Page
  • 1
  • …
  • 325
  • 326
  • 327
  • 328
  • 329
  • …
  • 391
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved