Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Archives for Monica Gupta

July 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही – Patience रखना सिखाएं

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही – Patience रखना सिखाएं  – chote bacho ki sari zid maan lena sahi nahi – Patience  यानि धैर्य – मेरी एक जानकार के पति बहुत lose temper हैं … यानि बहुत जल्दी आपा खो देते हैं दूसरे शब्दों में कहें तो patience , सब्र नही है … जैसे मान लीजिए गाडी चला रहे हैं और रेड लाईट हो तो गुस्सा आ जाता है … बच्चे की स्कूल बस दो मिनट लेट हो गई या कही लाईन में लगना पडे इंतजार करनी पडे तो गुस्सा आ जाता है और बहुत बोलते हैं …

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही – Patience रखना सिखाएं

मेरी सहेली का कहना है कि वो अपने बच्चे को patience रखना सीखाएगी ताकि उसे पूरी जिंदगी दिक्कत न उठानी पडे … बहुत जरुरी है patience का होना … आमतौर पर हम कई बार गलती कर जाते हैं मान लीजिए बच्चा किसी बात के लिए जिद कर रहा है तो रो रहा है तो उसे चुप करवाने के लिए हम मोबाईल दे देते हैं और वो चुप भी हो जाता है पर अगली बार उसे आप मोबाईल नही दे पाते क्योकि आप जरुरी काम कर रहे हैं तब ऐसे में क्या करेंगें बच्चा तो रो ही रहा है जिद कर रहा है तो उसे चांटा मारेंगें … गुस्सा करेंगें … हाथ पकड कर धसीटते हुए ले जाएगें …

 

तो अच्छा क्या हो … अच्छा ये होगा कि बच्चे को प्यार से समझाएं … मुझे पता है आप यही सोच रहे हो कि बच्चा प्यार को समझता कहां है …आप कोशिश तो कीजिए … कोशिश उस समय नही कीजिए जब वो रो रहा हो चिल्ला रहा हो जब उसका मूड अच्छा हो … तब उससे बात कीजिए …

उसे झूठ मूठ किसी दूसरे बच्चे का उदाहरण दीजिए कि आपकी एक सहेली का बेटा है वो बहुत जिद्दी है उसे कैसे समझाना चाहिए … …

उन्हें खेल के माध्यम से या कहानी के माध्यम से सीखाए कि गुस्से का या सब्र न रखने का परिणाम कभी अच्छा नही होता …

बच्चे को समझाईए कि सफलता भी  उन्हें ही मिलती है जो सब्र रखते हैं …

ये सब सीखाने के लिए जरुरी है कि आप मे भी सब्र हो …

अच्छी मिसाल बनिए.. आप खुद भी बात बात पर उत्तेजित हो जाएगी तो बच्चा हो सीख ही नही सकता … छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही – Patience रखना सिखाएं  – Patience  यानि धैर्य – मेरी एक जानकार के पति बहुत lose temper हैं … यानि बहुत जल्दी आपा खो देते हैं

मान लीजिए आपका नेट नही चल रहा तो आप क्या करेगी … स्माईल देंगीं और कहेंगी कोई बात नही या बार बार चैक करेगी कि चला या नही और अपनी दूसरी सहेलियों से भी पूछेगी कि नेट चल रहा है या नही और भगनाव न करे इस बीच में बच्चा आ जाए तो वो तो पिटा ही समझो …

देखिए वक्त लगता है … क्योकि उन्हें अपनी इच्छा पर काबू करना न सिखाया , तो वे बड़े होकर भी सब्र रखना नहीं सीख पाएँगे..  पर अगर आपने बच्चों को सब्र का पाठ  पढा दिया तो बच्चे के साथ साथ आपका जीवन भी खुशियों भरा होगा …

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही – Patience रखना सिखाएं

Please don’t forget to Subscribe to this Channel for Updates on latest Videos… Click the link below to subscribe now:

http://https://www.youtube.com/@MonicaGupta/

July 20, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

प्रेरक और मनोरंजक कहानी – मीठा मीठा गप गप 

Life of a Teenager

प्रेरक और मनोरंजक कहानी – मीठा मीठा गप गप  – prerak aur manoranjak kahani  “मीठा मीठा गप गप – कड़वा कड़वा थू थू”  अरे मैं किसी फल की बात नही कर रही … कल टीवी पर न्यूज चैनल देख रही थी उसमे बहस हो रही थी और सभी लोग चाहे वो आमंत्रित मेहमान हो या एकंर सभी चिल्ला रहे थे   और एक नेता तो बार बार एक ही बात बोल रहेे थेे  “मीठा मीठा गप गप – कड़वा कड़वा थू थू” देख कर ऐसा लगा मानो कुछ अच्छा रहा ही नही … मैंने टीवी बंद करके नेट चला लिया … दिमाग में बहस की बात “मीठा मीठा गप गप – कड़वा कड़वा थू थू” ही घूूूूम  रहा था …

प्रेरक और मनोरंजक कहानी – मीठा मीठा गप गप

तभी नजर एक कहानी पर गई … और उसे पढ कर मुझे ऐसा लगा कि अच्छाई और अच्छे लोग भी है दुनिया में ऐसा नही है कि बस बुराई ही बुराई है …  वो कहानी मैं आपसे शेयर कर रही हूं …

 

आप भी सुनकर कहेंगें वाकई बहुत अच्छी कहानी है … एक बूढी महिला सडक किनारे बैठ कर संतरे बेचती थी  एक आदमी ने देखा और सोचा कि कितनी बूढी और गरीब है  वो वहां रुका और बुढिया के पास गया और बोला – माता जी 1  किलो संतरे दे दो…  बुढ़िया खुश हो गई और जल्दी से संतरे तौलने लगी….  पैसे देकर मनोज ने थैली से एक संतरे निकाला और खाते हुए बोला – अम्मा ये संतरे मीठे नही हैं और ये कहकर उसने एक संतरा बुढ़िया को दिया वो संतरा चखकर बोली – मीठे तो हैं beta   फिर उस आदमी ने कुछ नही कहा और संतरे ले कर चला गया…

अगले दिन फिर आया … संतरे लिए … चखा और बोला मीठे नही है … और फिर संतरे लेकर चला गया … अब ये रोज का क्रम हो गया…  वो हर  रोज उस बुढ़िया amma से संतरे खरीदता और थैली से एक संतरा निकालकर खाता और बोलता अम्मा संतरे मीठे नही हैं और कहकर बचा संतरा अम्मा को देता…

बूढी संतरा खाकर बोलती मीठे तो हैं बाबू…  कई बार उस आदमी की पत्नी भी साथ होती एक बार वो बोली कि आप संतरे तो हर रोज मीठे होते हैं फिर भी आप यही कहते हो मीठे नही है … वो आदमी बोला कि मुझे पता है पर वो अम्मा कभी खुद उन संतरों को नही खाती…  मैं तो बस ऐसा जानबूझ कर करता हूँ कि इसी बहाने ही सही वो इसे खाले …

अच्छा जहां वो अम्मा सब्जी बेचती एक सब्जी वाली भी वहीं सब्जी बेचती … वो हर रोज उस आदमी को देखती एक दिन वो बूढ़ी अम्मा से बोली – ये लड़का रोज संतरा खरीदने में कितना चिकचिक करता …

रोज तुझे तंग करता है फिर भी मैं देखती हूँ कि तू उसको एक संतरा फालतू तोलती है क्यों? बूढ़ी बोली – मालती, वो लड़का मेरे संतरों की बुराई नही करता बल्कि मुझे रोज एक संतरा खिलाता है और उसको लगता है कि जैसे मुझे पता नही है लेकिन उसका प्यार देखकर खुद ही एक संतरा तोल में ज्यादा डाल देती हूं…

Subscribe to my channel for more  videos:
https://monicagupta.info/subscribe-youtube-channel

July 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

समय पर काम करने के महत्व को समझें माताएं

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

समय पर काम करने के महत्व को समझें माताएं – बच्चोंं की पढाई पर कल मैं वीडियो देख रही थी. किसी में लिखा था कि अगर वास्तु करें या ये टोटका करें या ये मंत्र का जाप करें तो बच्चा पढाई में जरुर ध्यान लगाएगा … ये सब बातें पढ ही रही थी कि मुझे मार्किट जाना पडा …  वैैैैसे  सभी पेरेंटस चाहते  हैं कि बच्चे खूब पढें,  फर्स्ट आएं … पर कई बार समय के हिसाब से न चलने पर गडबड भी हो जाती है samay par kaam karne ka mahatva …

समय पर काम करने के महत्व को समझें माताएं

कल सुबह सुबह मैं किसी काम से मार्किट जा रही थी तो देखा मेरे आगे एक बच्चा और एक महिला शायद उसकी मम्मी होंगे जा रहे थे और बच्चा गुस्से मे बोल रहा था कि आज भी आपने बस मिस करवा दी … आप सुबह जल्दी किसलिए नही उठ सकती … अब पापा को बोलना पडेगा और पापा भी आफिस के लिए लेट हो जाएगें … ऐसा होता है अकसर … हम सभी के साथ होता है … कभी कभार हो जाए तो कोई बात नही पर जब ये ही रुटीन बन जाए तो बहुत दिक्कत होती है और टेंशन अलग …

सुबह तो एक एक मिनट बहुत कीमती होता है इसलिए बहुत सोच समझ कर प्लानिंग कर लेनी चाहिए

 

कई बार तो सुबह सुबह समझ ही नही आता कि खाने में क्या दें … मैगी या फिर अचार परौंठी … बच्चे भी नाराज हो जाते हैं कि या आप हर रोज अचार ही देते हो … तो ऐसा क्या करें … या शर्ट नही मिल रही या नोट बुक कहां रख दी या डायरी में साईन करवाने हैं …  ऐसी प्रोब्लम  न हो ऐसे में क्या करना चाहिए . चलिए मैं बताती हूं

मेरी एक सहेली डिनर के बाद हर रोज बच्चों को कहानी सुनाती है और कहानी सुनाने से पहले वो रसोई ठीक करती है प्लानिंग करती है कल टिफिन में क्या देना है और इसई बीच  बच्चे भी अपना स्कूल बैग लगा लेते हैं और अपना यूनिफार्म एक तरफ रख देते हैं ताकि सुबह मारा मारी न हो … और मम्मी एक काम और करती हैं कि सुबह अगर पाचं बजे उठना है तो पौने 5 का अलार्म लगाती हैं ताकि कुछ समय अपने लिए भी निकाल पाए और सारा काम आराम से हो जाए …

एक बार अपना कर देखिए और अगर आपके पास भी कोई अच्छे अच्छी टिप्स हैं तो जरुर बताईए ताकि हम सभी के काम आए

जब हमारा समय और काम दोनो ही आपकी मुट्ठी में होता है तब आपके सामने और भी कई राहें खुल जाती हैं, हमें नए मौक़े मिलते हैं जिनका आनंद हम फ़ुर्सत के समय में उठा सकते हैं

यह हमारी प्रतिष्ठा को भी बढ़ाता है। जब आप अपना कार्य समय पर करते है वो भी अच्छे से तो इससे आपके स्कूल और ऑफ़िस में हमारा नाम  होता है।

समय पर विचार , छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाये , छोटे बच्चों को पढाने में समय की महत्ता ,   बच्चों की पढ़ाई के लिए जरुरी है planning … प्लानिंग

July 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों को अच्छे संस्कार दें – गुड मैनर्स

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

बच्चों को अच्छे संस्कार दें – गुड मैनर्स – good manner ,  good values to children  or acche sanskaar in everyday life बच्चों को गुड मैनर्स – छोटे बच्चों को पढाई लिखाई के साथ साथ manner  भी यानि शिष्टाचार भी सीखाना चाहिए …

बच्चों को अच्छे संस्कार दें – गुड मैनर्स

कुछ दिन पहले हम एक फ्रेंड के घर गए…हम ड्राईंग रुम मे बैठे ही थे कि उनकी 6 साल की बेटी Popins आ गई और हम सभी के पास जाकर हाथ जोडकर स्माईल लिए नमस्ते करने लगी … यकीन मानिए बहुत अच्छा लगा … नमस्ते करके वो बैठ गई और बोली मम्मी अभी आ रही हैं …

 

मुझे याद आई एक बात जब कुछ दिन पहले मैं एक जानकार के घर गई और उनका बच्चा वहां से बाहर निकलने लगा … शायद उसने देखा नही या खेलने की जल्दी होगी … इस पर मेरी जानकार ने उसे गुस्सा करके बुलाया और बोली … चल पांव छू इनके…

दिखता नही है कि घर पर मेहमान आए है और पागल को देखो … वो अनमने भाव से पाव छू कर भाग  गया … अब आप बताईए कि क्या ये सही है …

या तो बच्चे को पहले समझा कर रखें कि जब घर पर कोई आए तो आकर नमस्ते करो पर जब घर आए मेहमान के सामने ऐसे बोलेंगें तो बच्चे को बहुत महसूस होगा …

तो सबसे जरुरी बात ये है कि बच्चों को शिष्टाचार सिखाते व़क्त यह भी ध्यान रखें हमारी भाषा शैली भी अच्छी हो … बच्चे ज्यादातर पेरेंटस से ही सीखते हैं … अच्छी बात सीखाने के लिए खुद अच्छा बना पडेगा …

इसके लिए अच्छा ये है कि मम्मी खुद मेहमान बन कर जाए और फिर देखे की बच्चा कैसे act  करता है .. कोई कमी तो फिर समझाएं पर मेहमान के सामने ऐसे भी नही बोलें कि बच्चे को अपमान महसूस हो …

एक बार की बात है बचपन से नींव ऐसी डाल दी तो बस … जिंदगी में वो हमेशा respectful रहेगा … कि आप जो बातें उन्हें सिखा रहे हैं, उन्हें पहले ख़ुद अमल में लाएं, क्योंकि बच्चे देखकर जल्दी सीखते हैं. शुरुआत यहां से करें ..जरुर सोचिएगा .. !!

 

Subscribe to my channel for more  videos:
https://monicagupta.info/subscribe-youtube-channel

#बच्चों की बुरी आदतें कैसे दूर करें, बच्चे की परवरिश, परवरिश करना, परवरिश की जिम्मेदारी, बच्चों को कैसे समझाए, how to be a good parent, बच्चों को शिक्षा, good manners for children, learning manners for children, good manners and right conduct for children, children manners

बच्चों को गुड मैनर्स, good manners, good manners for kids, good manners videos for children, अच्छी आदतें, good habits for kids, manners for kids, manners for children, parents, good manners and habits, good manner in everyday life, sanskaar, acche sanskaar, good values, values to children, how to give good values to children , अच्छे संस्कार, संस्कार, बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे दें, moral stories for children

July 17, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बड़े बुजुर्गों की अहमियत – एक प्रेरक कहानी

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

बड़े बुजुर्गों की अहमियत – एक प्रेरक कहानी  – bade buzurgo ki ahmiyat  बड़े बुजुर्गों का महत्व बहुत है हमारी जिंदगी में और उनके अनुभव से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं.  एक कहानी ऐसी भी – बड़े बुजुर्गों के अनुभव से सीखना चाहिए

बड़े बुजुर्गों की अहमियत – एक प्रेरक कहानी

एक कहानी ऐसी भी – बड़े बुजुर्गों के अनुभव से सीखना चाहिए – Motivational & Personal Development Videos in Hindi by Monica Gupta… https://monicagupta.info
एक कहानी ऐसी भी – बड़े बुजुर्गों के अनुभव से सीखना चाहिए … नेट पर पढी  प्रेरक कहानी
एक बुज़ुर्ग से महिला ने पूछा कुछ नसीहत या शिक्षा दीजिये
तो बुजुर्ग ने अजीब सवाल किया
कभी बर्तन धोये हैं?

उस महिला ने हैरान होकर जवाब दिया *जी कभी कभार धोये हैं
बुजुर्ग ने पूछा क्या सीखा?_

उस महिला ने कहा इसमें सीखने वाली बात क्या है?

बुज़ुर्ग ने मुस्कुराकर जवाब दिया_

बर्तन को बाहर से कम, अन्दर से ज़्यादा धोना पड़ता है

हम भी शरीर को धोने में लगे हुए है
*मन को कब धोएंगे?

बड़े बुजुर्गों का महत्व ki kahani, बुजुर्गों की अहमियत, बुजुर्गों का सम्मान, बड़ों का आदर kahani, बड़े बुजुर्गों का महत्व, बुजुर्ग हमारी धरोहर, ek kahani aisi bhi, आदर और सम्मान, एक बार की बात है…, बडॆ-बुजुर्गों के प्रति उसका कैसा व्यवहार हो., बड़ों का सम्मान, बड़ों का आदर, buzurgon ka samman, buzurgon ka samman in hindi, old people, senior citizen, एक कहानी, एक कहानी ऐसी भी, बुजुर्गों पर कहानी

Please don’t forget to Subscribe to this Channel for Updates on latest Videos… Click the link below to subscribe now:
http://https://www.youtube.com/@MonicaGupta/

 

 

July 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मोबाइल का उपयोग या दुरुपयोग

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

मोबाइल का उपयोग या दुरुपयोग – mobile ka upyog aur durupyog – मेरी सहेली मणि बहुत उत्सुक थी उसने बताया कि मेहमान आ रहे हैं दिल्ली से … तीन बच्चे हैं और उनके मम्मी पापा एक दिन रुकेग़ें … बहुत बिजी रहेगा दिन …

मुझे भी अच्छा लगा सुन कर .. आज दिन में वो आ गई … मैं हैरान .. अरे क्या हुआ मेहमान नही आए वो बोली आए हुए हैं तो … क्या हुआ … वो बोली पांच लोग आए हैं पर किसी को फुर्सत ही नही …

 

बस 10 मिनट ही बात हुई आने के बाद … फिर सब अपने अपने में busy हो गए…  मम्मी अपना laptop  लेकर लगी हुई हैं और वो बच्चे अपना अपना mobile लेकर बैठे हुए हैं एक बच्चा वीडियो गेम खेल रहा है … !!

वैसे आप तो ऐसे नही हैं अगर हैं तो जरुर सोचिएगा

मोबाइल का उपयोग या दुरुपयोग – mobile ka upyog aur durupyog

Click the link below to subscribe now:
http://https://www.youtube.com/@MonicaGupta/

  • « Previous Page
  • 1
  • …
  • 73
  • 74
  • 75
  • 76
  • 77
  • …
  • 391
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved