Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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May 6, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

समाज में रिश्तों की अहमियत पर एक लघु कहानी

 Art of Public Speaking in Hindi

समाज में रिश्तों की अहमियत पर एक लघु कहानी- जीवन से जुडी सच्चाई … कुछ कहानियों में न तो मनोरंजन होता है और ना कोई प्रेरणा बस वो समाज का आईना होती हैं और सोचने पर मजबूर जरुर कर जाती है …

 समाज में रिश्तों की अहमियत पर एक लघु कहानी –

मैने कुछ समय पहले कुछ देखा महसूस किया और कहानी मे पिरो दिया  .. आज वही कहानी आपको सुना रही हूं … सुनने के बाद जरुर बताईएगा कि आपके क्या विचार हैं ..

कहानी का शीर्षक है  वापसी –

अचानक रात की खामोशी को चीरती हुई मोबाईल की घंटी बजने लगी अमेरिका से रवि का फोन था और वो बता रहा था कि अगले सप्ताह के टिकट हो गए हैं और वो अपनी पत्नी रीमा के साथ आ रहा है। घर में अचानक खुशी की लहर दौड़ गई। मां बाबू जी खुश हो गए क्योकि दो साल के बाद बेटा-बहू आ  रहे हैं।

माँ की आँखों से  जहां खुशी के आँसू थमने का नाम नही ले रहे थे वही भीगी पलकों से वो खाने की लिस्ट भी बनाने में जुट गई कि उन दिनों क्या क्या बनेगा … बेटे बहू की पसंद की सारी चीजे बनाऊंगी और सुनहरे सपने बुनने लगीं … वही रवि के पिता ने पहली मंजिल पर कमरा बनवाने का निर्णय कर रखा था कि जब बेटा आएगा उससे 5 – 7  लाख की माँग करेंगे। उधर, रवि के चाचा ने अपने बेटे विक्की को उनके साथ विदेश भेजने का सोच लिया। उनके साथ घर पर रहेगा और नौकरी खोजेगा।

वहीं रवि  की दादी इस फिराक में थीं कि उनकी बेटी निशा यानी रवि की बुआ, जिसका हाल ही में तलाक हुआ है, उसके लिए विदेश में कोई घर मिल जाए, ताकि एक चिंता मिटे। कुल मिलाकर, उनके आने का सभी को इंतजार था…

सभी बहुत उत्साहित थे। अब तो इंतजार था कि वो कब आएगा… इंतजार की घडियां भी खत्म हुई. हल्ला गुला और शोर शराबें में सप्ताह भी बीत गया और खूब धूमधाम से उनका स्वागत हुआ। वो भारत दो साल बाद लौटा था…

 

 

खूब सारा सामान लाए थे वो। सभी रिश्तेदारों की आँखों में चमक थी कि ना जाने उनके लिए क्या-क्या सामान लाए हों। देर रात तक खाना-पीना चलता रहा। हँसी-खुशी का माहौल अचानक शांत हो गया और सभी उठकर चुपचाप अपने-अपने घर जाने लगे। सभी के चेहरे पर तनाव था।

असल में, खाना खाते-खाते जब रवि के पिता ने उसका प्रोग्राम पूछा कि कितने दिन का प्रोग्राम है तो उसने बताया कि अब वो वापस नहीं जाएगें .. भारत में रहकर ही कोई काम करेंगे, क्योंकि वहाँ दिल नहीं लगा।

देखत-ही-देखते कमरा खाली हो गया। बस, वहाँ रवि  और रीमा बैठे रह गए और सामने बैठी थीं उनकी माँ… जिनकी आँखें खुशी के आँसू बरसाए जा रही थीं कि अब उनका बेटा हमेशा उन ही के पास रहेगा। उसकी आखों के सामने… !!

तो ये थी कहानी आप बताईएगा कि आपको कैसे लगी …

एक कहानी यह भी – हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज – Monica Gupta

एक कहानी यह भी – हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज – ek kahani yeh bhiएक बार की बात है अक्सर कहानी ऐसे ही शुरु होती है कहानी लेखन बड़े बुजुर्गों का महत्व ki kahani read more at monicagupta.info

 

समाज में रिश्तों की अहमियत पर एक लघु कहानी

हिन्दी लघु कहानी,

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एक सच्चाई ऐसी भी – रिश्तों की अहमियत पर एक कहानी

May 5, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान

सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान

सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान .Social media ke fayde aur nuksan …अगर आप ये सोच रहे हैं तो सबसे पहले फायदा सुन लीजिए … फायदा ये हैं कि सेना की लडाई की जरुरत ही नही अगर पाक अपने ना पाक इरादे दिखाएगा तो हमारी टविटर सेना उसे अपने ट्रोल के जरिए इतना धायल कर देगी इतना धायल कर देगी कि बेचारा उठ भी नही पाएगा media ke  labh aur hani

सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान क्या है

मीडिया जिन्दाबाद… लाईन ऑफ नेट जिंदाबाद … !!! और बताओ कहां किससे निबटना है और किसे निबटाना  है ??

छोटी मगर काम की बातें – हिचकिचाहट नही करें पूछ्ने मे – YouTube

https://monicagupta.info/videos/choti-magar-kaam-ki-baate/ कहीं आप भी तो कुछ पूछ्ने में हिचकिचाते नही ?? छोटी मगर काम की बातें – हिचकिचाहट नही करें पूछ्ने… छोटी मगर काम की बातें – हिचकिचाहट नही करें पूछ्ने मे – YouTube

 

 

May 5, 2017 By Monica Gupta 2 Comments

बच्चे की परवरिश में माता पिता का कर्तव्य – बच्चों को कैसे समझाए

 Art of Public Speaking in Hindi

बच्चे की परवरिश में माता पिता का कर्तव्य  – बच्चों को कैसे समझाए –  परवरिश की जिम्मेदारी माता पिता की है इसलिए स्मार्ट पेरेंटिंग या स्मार्ट पेरेंटस कैसे बनें परवरिश के कुछ सुझाव जरुर समझने चाहिए. Bacche ke parvarish mai mata pita ka kartavya

बच्चे की परवरिश में माता पिता का कर्तव्य  – बच्चों को कैसे समझाए 

कल एक जानकार घर आए हुए थे उनका बेटा 10 11 साल का है इसके पास छोटा सा वीडियो गेम था जब मैने दिखाने को कहा तो बेटे ने मना कर दिया … और मेरी known भी बहुत गर्व के साथ बोली मेरा बेटा अपनी कोई चीज किसी के साथ शेयर नही करता … उसे बताते हुए गर्व हो रहा था … अब बताईए क्या ये गर्व की बात है .. ?? जब माता पिता ही ऐसी बातों को बढावा देंगें तो बच्चा सही बाते कैसे सीखेगा …

जबकि हम माता पिता को बच्चे को mentally prepare करना चाहिए ये बच्चे को स्ट्रांग बनाने के लिए होती है ना कि कमजोर बनाने के लिए

 

 

सुनने में भले ही अच्छी ना लगे पर बच्चों को

1 चीजें शेयर करना आना चाहिए … अपनी चीजे शेयर भी करे और दूसरों की हेल्प भी करे…

2 बच्चों का friend बनना चाहिए ताकि आपसे हर बात शेयर करें और इधर उधर से अधकचरा ज्ञान  न मिले …

मेरी सहेली ने बताया कि वो प्लकिंग करती थी … चेहरे पर बाल … उनकी बेटी देखती वो बोलती अरी कुछ नही तू चल जा वहीं वो हर रोज पापा को शेव करते देखती उसे लगा कि एक बार ब्यूटी पार्लर मे जब गई वहा भी देखा कि लडकिया बाल निकलवा रही हैं शायद ये करना सभी को जरुरी होता होगा …

और एक बार  बच्ची ने उत्सुकता वश पापा का रेजर लेकर पूरे चेहरे पर लगा लिया … ऐसा दो तीन बार किया जब मम्मी को पता चला खूब पिटाई हुई…

3 नशे के बारे मे समय समय पर सचेत करते रहना चाहिए कि इससे दूर रहना चाहिए ..

4 लाईफ के बारे में बताए … बच्चों को प्रेरक कहानियां सुनाए और साथ ही साथ बताएं कि जिंदगी में उतार चढाव आते रहते हैं.. हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए

5  पैसे पेड पर नही लगते … उसे कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पडती है बातें तो और भी हैं फिलहाल इन बातों पर ध्यान दीजिए

6 ईमानदार सच्चाई , समय की वेल्यू जैसी बातें तो हम समझाते ही रहते हैं पर बच्चो के सुखद भविष्य के लिए उन्हें शारीरिक ही नही बल्कि मानसिक तौर पर भी मजबूत बनाना हमारा फर्ज है…

 

माता पिता बच्चे को बोल्ड बनाएं कमजोर नही – माँ और बच्चे का रिश्ता – Monica Gupta

माता पिता बच्चे को बोल्ड बनाएं कमजोर नही – माँ और बच्चे का रिश्ता – . how to make your child physically strong , Don’t make your child a coward, माँ और बच्चा read more at monicagupta.info

 

 

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May 4, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मामला गड़बड़ है – निर्भया कांड और अदालत का धीमी गति का फैसला

मामला गड़बड़ है - निर्भया कांड और अदालत का धीमी गति का फैसला

मामला गड़बड़ है – निर्भया कांड और अदालत का धीमी गति का फैसला –  rarest of rare case का ये हाल है तो सोच लीजिए आम आदमी का क्या ?? वो कहां फरियाद लेकर जाए और कब तक इंतजार करेगा…

मामला गड़बड़ है – निर्भया कांड और अदालत का धीमी गति का फैसला

आज न्यूज सर्च करते करते अचानक एक खबर पर नजर ठहर गई … हैरानी हुई कि खबर निर्भया से जुडी थी कि देश को हिला देने वाले 16 दिसंबर 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में चार दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट कल यानि शुक्रवार को अपना अहम फैसला सुनाएगा.

गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर 14 मार्च  2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी. दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी .  देश भर को दहला देने वाली इस वारदात के बाद मुख्य आरोपी ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित खुदकुशी कर ली थी जबकि नाबालिग अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है.

सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा कि गैंगरेप के दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी या नहीं…

मामला गड़बड़ है – निर्भया कांड और अदालत का धीमी गति का फैसला

बात ये नही है कि फांसी मिलेगी या नही.. मैं ये सोच रही हूं कि कानून इतनी धीमी गति से काम करेगा तो कैसे बात बनेगी … अभी तो ये हाई प्रोफाईल और शायद rarest of rare cases केस था … तब ये हाल है हे भगवान !! बहुत सुधार चाहिए न्याय प्रणाली में ….!! खैर फिलहाल नजरे कल पर … !!! कडी सजा तो होनी ही चाहिए !!

निर्भया रेप कांड और हमारी कानून व्यवस्था

निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा – Monica Gupta

निर्भया निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा तीन साल बाद आखिर  निर्भया गैंग रेप कांड का सबसे जधन्य नाबालिग दोषी , अपराधी अपनी बाल सजा पूरी करके रिहा हो रहा है. इसे सिलाई मशीन तथा 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं ताकि अपना काम धंधा शुरु कर सके   – निर्भया की मां आशा … निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा – Monica Gupta

 

निर्भया कांड और दोषी की रिहाई

May 4, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

क्या भूत होते हैं – अगर आपको भूत से डर लगता है तो जरुर सुनें

इंसान और भगवान

क्या भूत होते हैं – अगर आपको भूत से डर लगता है तो जरुर सुनें – क्योकि इसकी कहानी काल्पनिक नही हकीकत है … भूत पिशाच निकट नहीं आवे ..  एक topic  ऐसा है जिस पर बोलना बहुत मुश्किल है और वो है  भूतो पर…  क्या भूत होते हैं – भूत की डरावनी कहानी बेशक अच्छी लगती हैं पर प्रश्न यही है कि क्या वाकई भूत होते हैं ??  डरना मना है..

क्या भूत होते हैं – अगर आपको भूत से डर लगता है तो जरुर सुनें

मेरी सहेली मणि का बहुत धबराए हुए फोन आया कि जल्दी आ मैने  भूत देखा. अरे !!! मैने घडी देखी उस समय आठ बजे थे रात के और जहां तक भूतो का समय है वो रात के 12 बजे से शुरु होता है … खैर वो डरी हुई थी और मैं तुरंत उसके घर गई … वो मुझे घर की छत पर ले गई उसने बताया कि वो छत पर टहल रही थी तब उसने दूर एक भूत देखा … छ्त पर घुप्प अंधेरा था …

तभी मणि दुबारा चिल्लाई वो देख वो रहा … मैने देखा बहुत दूर कुछ अजीब सा था … लाईट भी थी और कुछ अजीब सा दिखा … क्या है समझ नही आ रहा था … कुछ समय बाद लाईट बंद हो गई … क्योकि ज्यादा अंधेरा नही हुआ था हम दोनों नीचे आए और उसी तरफ गए जहां कुछ अजीब सा दिखा था ……

 

 

 

ये तो मुझे पता है कि उसे हारर मूवीज या जासूसी वाले धारावाहिक बहुत पसंद हैं और वो उन्हें आवाज बंद करके देखती है उसका कहना है  कि आवाज बंद कर रखी हो तो डर कम लगता है और फिर भी डर लगे तो आखें भी बंद कर लेनी चाहिए …

खैर हम वहां गए जहां भूत जैसा कुछ देखा था  अचानक किसी की आवाज आने लगी जैसे कोई फोन पर बात कर रहा हो … तब देखा और बहुत ध्यान  से देखा तो क्या देखा कि एक आदमी मोबाईल पर बात करता करता धूम रहा था …

अंधेरा बहुत था इसलिए मोबाईल की लाईट सिर्फ उसके चेहरे पर ही पड रही थी. मेरी हंसी छूट गई.  दूर से हॉरर लग रहा था …  कि सामने कोई है. वो झेपते हुए बोली अरे ऐसा खेल तो हम रात को मोमबती लेकर किया करते थे …भयानक सा मुंह बनाकर बहुत डराते थे एक दूसरे को… 

बात कुछ भी नही होती और बस डर पैदा कर देती है …

 

डरना मना है.. 

कुछ समय पहले मेरे साथ भी कुछ ऐसा हुआ… हुआ ये कि घर नया बनाया था और सुबह सुबह ऊपर की तरफ से एक आवाज आती ठक ठक … पहले तो ज्यादा सोचा नही पर जब हर रोज एक ही समय पर आती तो डर बैठ गया …

इतना कि उपर जाते भी डर लगता … एक बार गलती से मैने अपनी सहेली से बात शेयर कर ली तो उसने पता नही क्या क्या बोल दिया कि भूत होगा … ऐसे आ जाते हैं … पाठ करवा लेना चाहिए …

खैर तब एक दिन सुबह सुबह अचानक बहुत बादल आ गए मैं उपर चैक करने गई कि सब दरवाजे खिडकियां बंद तो है ना तभी मैने देखा कि एक चिडिया शीशे पर चोंच मार रही है … ये आवाज बिल्कुल वैसी भी जैसे हम हर रोज सुना करते …

मैं वही खडी रह गई और देखा चिडिया आती है और शीशे पर चोंच मार कर उड जाती है … फिर समझ आया कि ये क्या कहानी थी … ये चिडिया ही थी और हम भी न जाने क्या समझ रहे थे … दो तीन बार उसे भगाया तो वो नही आई …

कहने का मतलब यही है वहम हमारे दिमाग में होता है भूत होते हैं या नही ये तो नही पता पर जिन दो भूतों से मिली वो मात्र हमारा वहम ही था …  आपकी क्या राय है जरुर बताईएगा

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May 3, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मेरा भारत महान था, है और रहेगा

 Art of Public Speaking in Hindi

मेरा भारत महान था, है और रहेगा –  क्यों न हम सब पार्टी बाजी से बाहर निकल कर देश को आगे बढाने की सोचे. लाल बत्ती कल्चर, छुट्टियां रद्द हो या शराब बंदी  हो  अच्छाई को आगे लाए और बुराई को खदेड दे. हमारा देश suffer कर रहा है बुरे लोगो की हिंसा से नही बल्कि अच्छे लोगो की चुप्पी से…

मेरा भारत महान था, है और रहेगा

एक मई से देश भर में नेताओं का लाल बत्ती कल्चर खत्म हुआ जिसकी शुरुआत आप पार्टी ने की थी वही कुछ दिन पहले सुनने को मिला कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महानायकों की जयंती और बलिदान दिवस की कई सरकारी छुट्टियां रद्द कर दी हैं.महापुरुषों की जयंती पर सभी स्कूल-कॉलेजो में एक घंटे का कार्यक्रम किया जाएगा और् इन मौकों पर सरकारी दफ्तर भी खुलेंगे.

इस निर्णय का स्वागत दिल्ली सरकार ने भी किया और उन्होनें भी कुछ छुट्टियां रद्द कर दी … दोनों बातों में एक समानता ये है कि यह कदम देश हित मे उठाया गया और पार्टी कोई भी हो फैसला स्वीकार किया गया…

कहने का भाव यही है जो फैसला स्वागत योग्य है उसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए क्योकि ऐसे फैसले देश का भविष्य लिखते हैं और हर कोई चाह्ता है कि देश आगे बढे …

और वैसे इन दिनों ट्विटर हो या अन्य सोशल मीडिया इतनी नकारात्मकता  आ गई है कि कोई अच्छी बात कह भी देता है तो उसे एक किनारे लगा दिया जाता है चुप करा दिया जाता है और वो अलग थलग पड जाता है और खुद को गुमनाम  कर लेता है …

कल ही मैं कुमार विश्वास की वीडियों This is Me, This is My Nation  देख रही थी और उन्होने एक बात कही कि

हम भी नही बोले तो खुद को क्या मुंह दिखलाएंगें … बुराई का विरोध करना चाहिए और अच्छाई का स्वागत करना चाहिए … क्योकि ये हरियाणा , पंजाब राजस्थान  की बात नही ये बात है हमारे देश भारत की …

मूवी चक दे इंडिया का वो डायलॉग तो आप शायद भूले नहीं होंगें जिस में शाहरुख खान  जब हॉकी टीम बना रहे होते हैं और लडकियां अपनी अपनी स्टेट का नाम बोलती हैं तब एक डायलॉग था कि मुझे states के नाम न दिखाई देते है न सुनाई देते हैं

सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है I-N-D-I-A.

यकीन मानिए ये डायलॉग मेरे जहन में बैठ गया था और मुझे बहुत ही अच्छा लगा था कि ये होता है अपने देश के प्रति प्रेम … !!

हमारा देश suffer कर रहा है बुरे लोगो की हिंसा से नही बल्कि अच्छे लोगो की चुप्पी से…..  आवाज उठाईए यकीनन हजारों लाखों लोग हैं आपकी तरह … शायद उनमें भी ताकत आ जाए …

 

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 मेरा भारत महान था, है और रहेगा के बारे में आपके विचारों का स्वागत है

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