Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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February 7, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Valentine Week

velentine week cartoon by monica gupta

Valentine Week

एक समय था जब Valentine Day का ही पता नही होता था और अब देखिए  ये रोज डे या चाकलेट डे भी कुछ होता है और अब पता चला …

1.Rose Day – February 7
2. Propose Day – February 8
3. Chocolate Day – February 9
4. Teddy Day – February 10
5. Promise Day – February 11
6. Kiss Day – February 12
7. Hug Day – February 13
8. Valentine’s Day – February 14

हां तो मैं बता रही थी कि एक समय था जब इन दिनों का पता ही नही होता था … रोज की बात से याद आया कि एक समय था जब काम वाली बाई बिना कोई छुट्टी लिए हर “रोज” काम पर आती थी. तब हम सोच भी नही सकते थे कि वो कभी बीमार पड सकती हैं या उन्हे भी कुछ हो सकता है.आज देखिए इतनी छुट्टी कभी उन्हे ब्लड शूगर है तो कभी थाईराईड तो कभी सिर दर्द तो कभी आखे टेस्ट तो कभी बी पी कम हो रहा है इसलिए चैकअप के लिए छुट्टी लेनी है .. उनका BP भले ही कम हो पर उनकी छुट्टियां देख कर हमारा बी.पी जरुर बढ जाता है.

हमेशा की तरह आज भी “वो” देरी से आई तो मेरे आराम से पूछ्ने पर ( अब भई गुस्से में तो बात कर नही सकते इन लोगों से ) इसलिए मेरे पूछ्ने पर साडी मे दबा गुलाब दे कर बोली दीदी जी ये आपके लिए है. बाग मे गई थी इसे लेने इसीलिए देरी …!!!

हैप्पी रोज डे …. वाकई समय बदल रहा है और मैने मुस्कुराते हुए प्यार से चपत लगाई और उससे  थैक्यू कहते हुए गुलाब का फूल ले लिया !!

velentine week cartoon by monica gupta

velentine week cartoon by monica gupta

February 7, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

खबरिया चैनल और खबरों का गिरता स्तर

खबरिया चैनल और खबरों का गिरता स्तर

बेहद दुखद और आश्चर्यजनक है कि खबरें लच्छेदार और मसालेदार दिखाने के चक्कर में न्यूज चैनल कैसी कैसी खबरों को प्रमुखता देते हैं

अरविंद केजरीवाल को जूते खरीदने के लिए 364 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजने की खबर को जिस प्रमुखता से चलाया गया बेहद हैरानी हुई कि क्या वाकई हमारी खबरों में और कुछ दिखाने को नही है जो इस खबर को प्रमुखता दी गई. कभी उसका लाईव फोनो लिया गया तो कभी न्यूज की सुर्खिया बनी

विशाखापत्तनम के एक व्यापारी सुमित अग्रवाल ने दिल्ली के मुख्मंत्री अरविंद केजरीवाल को ओपन लेटर लिखते हुए उन्हें 364 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजा और आग्रह किया है कि डीडी द्वारा भेजी गई धनराशि से वह अपने लिए जूते खरीद लें ताकि आगे से होने वाले महत्वपूर्ण मौकों पर देश का सम्मान को ठेस न पहुंचे।

सुमित ने लिखा सर, आपकी तरह मैं भी एक मकैनिकल इंजिनियर हूं, हालांकि, आईआईटी या ऐसे ही किसी दूसरे प्रतिष्ठित से नहीं पढ़ा हूं। आपकी तरह मैं मारवाड़ी (बनिया) भी हूं। लेकिन, आपकी तरह मेरे अंदर आम आदमी का वह नैचरल आकर्षण नहीं है, इसीलिए बहुत कोशिश करने के बाद भी मैं बस 364 रुपये जुटा पाया हूं। हालांकि, इतने पैसे एक मुख्यमंत्री के लिए काफी नहीं हैं, लेकिन मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया इस छोटे से योगदान को स्वीकार करें और अपने लिए एक जोड़ी बढ़िया ब्लैक फॉर्मल शूज ले लें। अगर आपको और पैसों की जरूरत हो तो मुझे लिखें, जरूरत पड़ी तो मैं कुछ और पैसे जुटाने के लिए पूरे शहर का चक्कर लगा आऊंगा

गूगल सर्च से साभार तस्वीर

गूगल सर्च से साभार तस्वीर

असल में ,जनवरी में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में अरविंद केजरीवाल सैंडल पहनकर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से मिले थे। इसी घटना को आधार बनाकर सुमित ने अपने पत्र में लिखा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की तनख्वाह 2 लाख रुपए मासिक होने के बाद भी वह खास मौकों पर सैंडल पहनकर चले जाते हैं। यह किसी खास दोस्त की निजी पार्टी नहीं थी वरन राष्ट्रपति भवन का डिनर था। जिसकी अपनी अहमियत है।

इस बात में कोई शक नही कि अरविंद केजरीवाल आज करोडों युवाओं के आर्दश हैं देश की राजनीति को उन्होनें एक नई दिशा दी है जिसकी हिम्मत किसी मे नही थी और शायद हो भी नही सकती थी …स्वाभाविक है उनका नाम लेकर हर कोई प्रसिद्द होना चाहता है हैरानी मुझे सुमीत पर नही उन सभी न्यूज चैनलों पर है जो बिना सिर पैर की खबरें दिखा कर टीआरपी बटोरने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं.

हमें उनकी की सादगी पर ना सिर्फ गर्व है बल्कि हम भी उसी सादगी को अपनाना चाहतें हैं और उसी सादगी से सादा जीवन जीना चाहतें हैं सुमित  को किसने भ्रमित किया या नही ये तो पता नही पर हमारे चैनल ऐसी बेसिर पैर की खबरों से हमें दिन रात भ्रमित किए जा रहे हैं ये हैरानी के साथ साथ दुखद है !!

 

Vishakhapattnam engineer sends Rs 364 DD to Arvind Kejriwal to buy shoes- – Patrika News

सुमित आगे लिखते हैं कि शो ऑफ करना अच्छी बात नहीं, परन्तु सादगी का जरूरत से ज्यादा प्रदर्शन इससे भी बुरा है। उन्होंने आगे दिल्ली के सीएम को संबोधित करते हुए लिखा, “मेरे शहर में इस वीकेंड पर इंटरनैशनल फ्लीट रिव्यू का आयोजन होगा। ऐसे मौके अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने और दूसरे देशों के साथ दोस्ती का संबंध बनाने के लिए होते हैं। इस मौके पर 60 देशों के प्रतिनिधि आएंगे। संभावना है कि आपको (केजरीवाल को) भी आमंत्रण मिले। बस इसी वजह से मैं आपको यह खत लिख रहा हूं।” Read more…

खबरिया चैनल और खबरों का गिरता स्तर पर आप भी अपनी राय रख सकते हैं…

Photo by ePublicist

Photo by ePublicist

February 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

ऐसा भी होता है

ऐसा भी होता है

ऐसा भी होता है

कई बार कुछ ऐसी बात हो जाती है जो भुलाए नही भुलती. हमेशा हमारे दिमाग में ताजा रहती है.
बहुत समय बाद एक व्यक्ति से मिलना हुआ. पहले तो पहचान नही पाई पर जब याद आया तो  हम दस मिनट तक हंसते ही रहे… !!! हंसते ही रहे !!! असल में हुआ ये था कि बहुत समय पहले हम किसी शादी में गए थे. वहां बहुत रश था. खाना बहुत देर से सर्व हुआ इस करके वहां बहुत भीड थी…

किसी तरह मैं भी टेबल तक पहुंची तो प्लेट खत्म हो चुकी थी इसलिए एक तरफ किनारे पर खडी प्लेट की इंतजार कर ही रही थी तभी देखा एक व्यक्ति ने प्लेट में तो खाना डाल लिया पर चमच्च नही मिला. काफी देर इधर उधर देखने के बाद उन्होने सब्जी में रखा बडा चमच्च( करछा) (सर्विंग स्पून) उठा लिया और उसी से दाल खाने लगे क्योकि मैं वही खडी थी और पहले तो बहुत कंट्रोल किया कि हंसी न आए पर हंसी छूट ही गई. जिस तरह से वो इतने बडे चमच्च से दाल खा रहे थे … ह हा हा !!!

वो भी समझ गए पर अपनी मजबूरी इशारे से बताई और खाने में जुटे रहे तभी और प्लेट भी आ गई और मैं भी खाना डालने लगी. अब जब दाल ले पास पहुंची तो उसका चमच्च नही था  …  !!!वो व्यक्ति जो खाना खा चुके थे उन्होने मेरी दिक्कत समझी और खुद खाना खाकर मुझे चमच्च देने के लिए पूछा पर मैने मुस्कुरा कर मना कर दिया … आज इतने समय बाद, आज वही चमच्च वाले जानकार मिले और बीती बातें ताजा हो गईं  …!!! वो समय वो अंजाने थे पर अब मैं उनका अनुभव जानना चाह रही थी कि इतने बडे चमच्च से खाना खाया कैसे ??

smily photo

मुझे लगता है कि ऐसी मजेदार बातें हम सभी के साथ होती है इसलिए अगर आप भी अपनी बातें शेयर करेंगें तो बहुत अच्छा लगेगा …

February 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

रक्तदान और जागरुकता

रक्तदान और जागरुकताmonica surat
रक्तदान और जागरुकताmonica surat

रक्तदान और जागरुकता     monica surat

रक्तदान और जागरुकता

Blood Donation की जागरुकता  लोगो में बढ रही है और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगो को जागरुक कर रहे हैं.

सुरत में पिछले दिनों सुरत रक्तदान केद्र और रिसर्च सैटर द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान कैम्प आयोजको की वर्कशाप का आयोजन किया गया

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तमे केम छो

सूरत शहर के बारे में …

डायमंड और टेक्स्टाईल का शहर सुरत भले ही तीन बार बाढ और एक बार प्लेग का प्रकोप झेल चुका हो पर आज भी शान से खडा मुस्कुरा रहा है इसकी वजह ना सिर्फ यहा पर रहने वाले लोग है बल्कि प्रशासन और महानगर पालिका का भी विशेष सहयोग है. सभी का सहयोग मिलता है और मुसीबत जल्द ही छूमंतर हो जाती है ओह छू से याद आया… तमे केम छो… मजा मा…इतना ही नही यहां के लोगो को खाने का भी बहुत शौक है हर रविवार पूरा परिवार बाहर घूमने जाता है और ठेला हो या स्टाल सडक किनारे ही मजेदार जायके का आनंद लेता है.

खम्मणी,फाफडा,पात्रा,खांडवी,लोचा,खाकरा,इंदडा( बडी मुश्किल से नाम याद हुए वैसे कुछ नही भी हुए तो लिख लिए थे) खास भोजन है. वहा के लोग कहते है कि सुरत का जमण और काशी का मरण सब चाह्ते हैं.वैसे एक खाउ गली भी है वहां पर वहां जाना नही हुआ. कुल मिलाकर तापी और नर्मदा का शहर सूरत वाकई”खूबसूरत” है.सू छै !

 

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February 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Weigh On a Scale

How to Weight On a Scale

How to Weigh On a Scale

Tips for Weighing  Yourself on a Scale

वैसे तो भरपूर खाना पीना किसे अच्छा नही लगता पर जब बात सेहत की आती है तो टाय टाय फिस्स हो जाती है और आलू पूरी , चावल, हलवा, खीर भूल कर अच्छी सहेत के लिए कंट्रोल करना पडता है. बहुत मेहनत और बहुत भागदौड करनी पडती है वजन घटाने बढाने के लिए…!!

और ये मेहनत साकार होती है जब हम Weighing Scale photoपर खडे होकर अपना वजन देखते हैं और अगर बढता वजन कम हो तो खुश हो जाते हैं और अगर उतना ही मिले तो मन ही मन नाराज होकर खुद को या जिम को कोसने लगते हैं.

मेरी एक सहेली को तो मानो वजन देखने की बीमारी ही लगी हुई है Obsessed ही लगती है वो … दिन में दस  बारह बार तो देखती ही देखती है जबकि एक बार वजन को दस  बार एंगल बदल बदल कर देखती है.जबकि उसे सिर्फ सुबह के समय ही वजन देखने को बोला गया है उसके घर वाले भी अब तो इतने परेशान हो गए हैं कि हाथ जोड लेते हैं कि आप तो दस क्या बीस बार वजन तोलिए अपना..

वैसे  हम में से बहुतों को जानकारी नही होती कि कब और कैसे अपना वजन देखना चाहिए.

कुछ बातों का जरुर ध्यान रखना चाहिए जैसाकि

खडे होने से पहली ज़ीरो को सैट कर लेना चाहिए और अगर दूसरे के भार देखने के बाद हम खडे हो रहे हैं मशीन पर तो उसे पहले फिर से ज़ीरो पर आने देना चाहिए फिर ही उस पर खडे होना चाहिए.

कोशिश यही रहनी चाहिए कि वजन हर रोज एक ही वक्त और एक ही स्थान पर किया जाए. अक्सर वजन कम ज्यादा के चक्कर में हम जगह बदलते रहते हैं. एक बार जगह सेट कर दीजिए और वही वजन लीजिए. ध्यान इस बात का देना जरुरी है कि  जहां स्केल रखा हो वो जगह समतल यानि फ्लेट हो.

सुबह सवेरे अपनी दिनचर्या से निबट कर  (बाथ और वाश के बाद )खाली पेट अपना वजन देखना सबसे ठीक समय  है.

कोशिश करें कि कपडे जो हर रोज के हो वही हो कई बार हमें पता ही नही चलता कि भार  कपडों का भी हो जाता है खासकर सर्दी में स्वेटर आदि का भी अपना ही भार होता है. उसे पहने पहने भार देखेंगें तो यकीनन ज्यादा ही आएगा.

अगर आभूषण, गहने आदि पहनें हैं तो वो उतार कर वेट देखना सही रहता है क्योंकि कई बार्  डिज़िटल स्केल में मैटल की वजह से गडबडी आ जाती है.

कई बार यह भी देखने में आया है कि सब कुछ ठीक चल रहा है पर भार कम नही हो रहा तो चिंता की बात नही कई बार हारमौंनल की गडबड  भी  शरीर के भार पर असर डालती है (खासकर महिलाओ में यह साफ देखा जाता है)

और और और इन सब बातों के साथ साथ अगर फिर भी वजन कम नही हो रहा तो थोडा और कंट्रोल करना पडेगा  डाइट प्लान पर ध्यान देना होगा और पानी खूब पीना पडॆगा ताकि वजन पर फर्क पडना शुरु हो .

Weighing Scale photo

Photo by Jennifer (@Jen_P_Williams)

 

How to Weigh On a Scale आपको कैसा लगा अगर आपके पास भी कोई टिप्स हों तो जरुर शेयर कीजिएगा  🙄

February 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

वासुदेव कुटुम्बकम

वासुदेव कुटुम्बकम

earth photo

 

वासुदेव कुटुम्बकम- क्लिक करें -गया वो जमाना जब आपका कही बाहर  धूमने का दिल किया और आपको बोरिया बिस्तर बांधना पडता था. अब जमाना वाकई में  बदल गया है !! तो क्या हो गया अब या क्या करना चाहिए ??

वासुदेव कुटुम्बकम

अब… ह हा हा  उठाईए ऊंगली और निकल जाईए ह हा हा … जी हां उठाईए ऊंगली और निकल जाईए… एक क्लिक पर कभी दोस्तों की वॉल पर, कभी वीडियों के जरिए गहरे समुंद्र, कही ऊंची ऊंची पहाडियां, कभी किसी की रसोई में कभी किसी के परिवार से मिलने, कभी किसी की शादी में तो कभी अपनी ही यादों में … कोई बोझ नही कोई तनाव नही …  है ना हल्के से सामान के साथ शानदार सफर  😎

ठीक ऐसा ही बदलाव लाया है   Blog हमारी दुनिया  में    What is Blog and Blogging

बदलते समय के साथ साथ जिस तरह से बदलाव आया है और पूरी पृथ्वी की मानों एक परिवार बन गया है वासुदेव कुटुम्बकम बन गया है . कभी सोचा न था

How to Share Your Message with the World

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February 4, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Your Attention Please Housewives

Your Attention Please Housewives

Your Attention Please Housewives – Good News – गृहणी,Home maker, House wife होना इतना Lucky होगा सोचा ना था …जी, आपने बिल्कुल सही पढा है.House wife होना इतना Lucky होगा सोचा ना था ..

Your Attention Please Housewives

आमतौर पर हम यही सोचते हैं कि  House wife यानि एक ऐसी घरेलू महिला जो बिना मान सम्मान मिले पूरा दिन घर सम्भालती है. Family  का हर सदस्य बस यही सोचता है कि इनको तो सारा दिन घर पर ही रहना है इनको क्या दिक्कत. बिना उनकी feelings महसूस किए, उनके सुख, उनके दुख, उनके दर्द महसूस किए उसे एक ऐसे सदस्य के रुप मे देखा जाता है जिसके पास सारा दिन कोई काम नही और वो सारा दिन दूसरे की सेवा या काम करती रहे.

ये सोच है दूसरों की…… जबकि एक lady यानि गृहणी यानि होम मेकर कभी इस सोच के साथ काम नही करती. वो जो करती है दिल से करती है चाहे बच्चे की देखभाल हो, market का कोई काम हो, कोई बीमार हो, bill भरना हो, guests ने आना हो, बच्चों की exams हो, ननद की शादी हो, कपडे सिलवाने हो, बच्चे की tution हो, फल सब्जी लाना हो, आदि आदि आदि  वो सारा काम अपना प्यार और कर्तव्य समझ कर करती है और उसमें 100% देने की करती है भले ही उसमे हमेशा ही कोई न कोई कमी रह जाती है और अक्सर उसे सुनना भी पडता है पर वो है कि चुपचाप अपने आंसु पोछ कर उठ खडी होती है क्योकि उसे अपना परिवार family बनाए रखना है.

अभी हमने पढी सोच परिवार जनों की…. फिर हमने पढी सोच उस गृहणी की जो निस्वार्थ भाव से जुटी रहती है जुटी रहती है जुटी रहती है और जिसे हम कुछ नही समझते…!!

अब आते हैं उस बात पर कि हाऊस वाईफ होना lucky किसलिए है.

जी हां, या ये कहिए कि एक तरह की खुशखबरी Good news ही है उन महिलाओं के लिए जो ग्रहणी हैं और अपने मन में ढेरों सपने संजोए हैं पर किसी न किसी वजह से नौकरी नही कर पा रही हैं पूरे समय घर पर ही रहती हैं.

बच्चों के स्कूल जाने के बाद, पति के आफिस जाने के बाद, घर का काम निबटाने के बाद और कुछ समय रिलेक्स होने के बाद दिन के कुछ पल उनके लिए फ्री भी होते हैं जिन्हें वो सिर्फ अपने लिए रख सकती है और वो समय है ब्लॉगिंग का.

जी हां, अपना ब्लॉग बनाने का उस पर अपने मन की बात लिखने का, अपने अनुभव सांझा करने का और अगर चाहें तो इसी के साथ साथ आय का साधन भी बनाने का…!!! यानि एक पंथ दो काज !! याहू!!! Yahoo !!

 

cute ladies shopping photo

बेशक, कुछ साल पहले तक न तो नेट की सुविधा थी और ना ही इतना ज्ञान. वो तो भला हो  WhatsAppऔर  Facebook का जिसने उन्हें बाहरी दुनिया से जोडना सिखाया इसलिए फेसबुक पर लिखने, मैसेज करने और वटस अप पर स्माईली smiley  भेजने के साथ साथ चैटिंग chatting करने में हम सभी स्मार्ट smart हैं बस यही तो चाहिए. यानि अब आप ब्लॉगिंग के लिए तैयार हैं पर एक मिनट एक मिनट आप यही सोच रही होंगी कि ब्लॉग बनाएगी कैसे वो तो आता ही नही.

उसे सीखने की कोई जरुरत भी नही क्योकि ब्लॉग हम आपको बना कर देंगें आपका काम तो बस इतना ही होगा कि आपने अपने विचार, अपने अनुभव, अपना ज्ञान, अपनी जानकारी सब इसमें शामिल करना है.

मान लीजिए कि आपको अभी भी समझ नही आ रहा था तो अगर आप अच्छी cook हैं तो अपने अनुभव share कीजिए, एक मां होने के नाते पेरेंटिंग की tips दीजिए वैसे और किसी मैं हम हो न हो शापिंग में तो हम बेहद बेहद एकस्पर्ट होती हैं.. अपनी टिप्स दीजिए… और देखते ही देखते लिखते लिखते आप भी बहुत एक्स्पर्ट हो जाएगी और जो समय कभी काटे नही कटता था … अब आपको लगने लगेगा कि समय बहुत कम है और बहुत कुछ कर के दिखाना है…

 

cute ladies shopping photo

यकीन मानिए फिर देखिएगा कि आपके परिवार वाले किस कदर आपसे प्रभावित होंगें. बच्चे भी अपने दोस्तों से आपको मिलवाने में गर्व महसूस करेंगें. आपके पति के आफिस से भी फोन आएंगें कि भाभी जी जरा अपनी छोटी बहन के सिर पर भी हाथ रख दो उसे भी कुछ सीखा दो सारा दिन खाली बैठी रहती है… कुछ सीख जाएगी… वही आपकी सासू मां ससुर जी भी आपकी बाते अपने सर्कल में करेंगें कि बहू बहुत सयानी है घर भी सम्भाल रही हैं और कमा भी रही है… !!

cute ladies shopping photo

… पता है ये बात मैं आपसे किसलिए कह रही हूं क्योकि मैं आपके अंदर वो spark देख रही हूं जो आप देख कर भी अनदेखा कर रही हैं !!!

अगर मेरी बात में जरा भी दम लगा तो मुझसे SetUpMyBlog पर भी सम्पर्क कर सकते हैं.

तो हैं ना हाऊस वाईफ होना कितना लक्की !! अब कही जाकर Knock Knock करना छोड कर Click Click कीजिए और जुड जाईए पूरी दुनिया से… !!

Your Attention Please Housewives

 

 

Photo by Rainbow Magical Orchestra ♫

Photo by padme9990

February 4, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्कूली शिक्षा

स्कूली शिक्षा

स्कूली शिक्षा

सर्व शिक्षा अभियान हो, मीड डे मील हो या बच्चों की पिटाई न करने का नियम सरकारी स्कूल बहुत तरह से लुभा रहें है पर बच्चों में स्कूल जाने के प्रति जागरुकता कितनी बडी है हम सभी के सामने है. मैं अकसर यह बात सोचती हूं कि स्कूल में पिटाई न करने और पास करने के नियम बना देने से क्या सार्थक परिणाम देंगें या विपरीत परिणाम सामने आ रहे हैं. खैर इन सभी बातों से हट कर एक बात मैं आपसे शेयर कर रही हूं.

school by monica gupta

असल में, जब भी मैं सुबह  सुबह पौधो को पानी दे रही होती हूं ये बच्चे ज्योति, प्रियांशी,बीरु,(पहली क्लास के) हिमांशु , राहुल( नर्सरी के)  घर के आगे से रोज निकलते हैं और सबसे अच्छी बात इनकी ये है कि हमेशा हंसते, बतियाते तो कभी अपने स्कूली पाठ के बारे में बाते करते जाते हैं.

बीते दिनों जब बहुत ठंड और धुंध थी तब भी ये बच्चे रोज जाते थे. बहुत दिनों से सोच रही थी कि इनसे जरुर बात कंरुगी और आज बात कर ही ली. बच्चों ने बताया कि वो सरकारी स्कूल में पढते हैं. इन्हें स्कूल जाना बहुत अच्छा लगता है. मेरे पूछ्ने पर कि सुबह कौन उठाता है इस पर सभी तपाक से बोले हम अपने आप उठ जाते हैं हमे कोई नही उठाता बल्कि अपने बडो को हम भी उठाते हैं.

ऐसा जज्बा, ऐसी लग्न… कसम से, अगर स्कूल में इन्हें सही शिक्षा मिले तो ऐसे बच्चों का भविष्य बहुत खूबसूरत होगा.

मुस्कुराते हुए उनकी फोटो लेकर जब मैं घर वापिस मुड ही रही थी तभी एक मम्मी अपने रोते बच्चे को स्कूल जा रही थी. मैं उसे देख कर कुछ सोच ही रही थी तभी उसकी मम्मी ने बच्चे को एक तमाचा जड दिया और बोली और रो … चार लोग देख रहे हैं और बेईज्जती करवा ले मेरी… मैने नजर घुमाई अरे बाप रे …चार नही यहां तो अकेली मैं ही खडी थी और चुपचाप ही वापिस मुड गई. ह हा हा !!अब मैं इसे क्या बताती कि  मैं भी बचपन में रोते रोते स्कूल जाने वालो मे एक थी और शायद इसलिए उन बच्चों का खुशी खुशी स्कूल जाना बहुत अच्छा लगा…!!

काश हमारे सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर और सुधर जाए और सभी बच्चे हंसी खुशी स्कूल जाए !!! मेरी शुभकामनाएं हैं सभी बच्चॉ के साथ !!!

February 3, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Blood Donation and Way of Motivation

Blood Donation

Blood Donation and Way of Motivation

रक्तदान के प्रति लोगो का, और खास तौर पर युवा का रुझान हो और वो इसकी महता समझे. इस बात को ध्यान मे रख कर हमारी संस्था आईएसबीटीआई ISBTI  और ब्लड कनेक्ट Blood Connect  ने जिला रेड क्रास Red cross , कुरुक्षेत्र KUK  तथा कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के साथ मिल कर कुरुक्षेत्र विश्विधालय के स्टेडियम मे एक विशाल रक्त  Blood Drop की बूंद बनाई जिसमे लगभग 3069 युवा खडे थे.

यह वो युवा थे या तो जिन्होने रक्तदान किया हुआ है या फिर वो रक्तदान के प्रति जागरुक है और अन्यो को इसकी महता समझाते हुए प्रेरित करते हैं. सभी हिस्सा लेने वाले युवाओ को लाल टी शर्ट तथा कैप दी गई ताकि दूर से यह एक विशाल रक्त की बूंद लगे.

यह वाकई मे एक सुखद अनुभव था.( विशालयकाय रक्त की बूंद तथा अन्य तस्वीर में कार्यक्रम के बाद रिलेक्स करते आईएसबीटीआई और ब्लड कनेक्ट की टीम

Making of Blood Drop

 

Blood Donation and Way of Motivation

Blood Donation and Way of Motivation

blood drop isbti kuk

 

February 2, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Comedy Nights Live

Comedy Nights Live

Comedy  Nights Live

वजह जो भी हो कि कपिल शर्मा ने कॉमेडी नाईटस क्यों छोडी क्यो नही पर इस बात मे कोई शक नही Comedy  Nights Live  जरा भी…जरा भी .1% भी अच्छा नही लगा. शायद इसकी सबसे बडी कमी बेकार स्क्रीप्ट रही और उससे भी ज्यादा वही पुराना सेट … अगर नया नाम लेकर, नए कलाकारों को लेकर शुरु करना ही था तो सेट में बदलाव ले आते क्योकि दर्शक उस सेट से बहुत जुडाव रहा है. स्क्रीप्ट भी इस सीरियल की कमजोर कडी साबित हुई. वो जरा भी अच्छी नही थी. बात बात मे कपिल का मजाक उडाया गया ये बात किसी के गले नही उतरी या यूं कहूं कि अच्छी नही लगी.

 Comedy Nights Live

Comedy Nights Live ( गूगल से साभार तस्वीर)

हंसी मजाक के सीरियल में हंसी मजाक होना चाहिए पर मजाक इस ढंग से उडाया गया कि सीरियल खुद ही मजाक बन कर रह गया. सच पूछिए तो मुझे माधुरी दीक्षित जी पर तरस आ रहा था. मन ही मन शायद वो भी सोच रही होगी कि कहां फंस गई काश दो चार मिनट के लिए आती और चली जाती …!!!

Comedy Nights LIVE declared flop show By Fans – bollywood.bhaskar.com

– फर्स्ट एपिसोड में कृष्णा अभिषेक ने कपिल शर्मा का जमकर मजाक उड़ाया। – कृष्णा ने यह कहते हुए सेट पर एंट्री ली कि उनकी नजर काफी दिन से इस घर पर थी। – बाद में एक सीन के दौरान ऑडियंस में बैठे लोगों ने चप्पल फेंकी तो कृष्णा ने कपिल को जिम्मेदार ठहराया। – उन्होंने कहा कि पहले वाला बंदा बहुत चालू था, खुद चला गया ऑडियंस पुरानी छोड़ गया। – इसके अलावा, वे अपने शो में नया किरदार चिंटू शर्मा लाए, जिसे भारती सिंह ने किया। – चिंटू बिट्टू शर्मा का बेटा है। गौरतलब है कि बिट्टू शर्मा वही किरदार है, जिसे कपिल अपने शो में निभाते थे। – कृष्णा ने यह जताने की कोशिश भी की कि कपिल ने शो छोड़ा है। – उन्होंने एक सीन में कहा कि अच्छा शो खूबसूरत लड़की की तरह है, एक छोड़ेगा तो दूसरा लपक लेगा। – चिंटू (भारती सिंह) ने अपना परिचय देते हुए कहा- बाप का पता शायद कोई और चैनल और मेरा पता ‘कॉमेडी नाइट्स लाइव’। शो में और क्या देखने को मिला…

‘कॉमेडी नाइट्स लाइव’ का फर्स्ट एपिसोड रविवार को टेलीकास्ट हुआ। हालांकि, व्यूअर्स को कृष्णा का यह शो पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखा रिएक्शन आया। कोई इस शो को लेकर गालियां देते दिखा तो किसी ने इसे घटिया करार दिया। गौरतलब है कि कृष्णा के इस शो ने कपिल शर्मा के शो ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ को रिप्लेस किया है। कृष्णा ने उड़ाया कपिल का मजाक… Read more…

 

दर्शक रिलेक्स होने के लिए कॉमेडी सीरियल देखता है और अगर सीरियल खुद ही मजाक बन जाए तो … ???

खैर अगले एपीसोड मे क्या होगा क्या नही ये तो समय बताएगा पहला एपिसोड..  🙄

 

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