Cartoonist Exhibition
Cartoonist Exhibition
29 Oct. 2012 की बात है .Government Of Kerala की ओर से राष्ट्रपति भवन के आडिटोरीयम में केरल कार्टून अकादमी ने late shree P.K.S. Kutty की याद में एक पुस्तिका का विमोचन किया। विमोचन श्री प्रणव दा ने किया। राष्ट्रपति भवन में 12 बजे कार्यक्रम आरम्भ हुआ कार्यक्रम करीब 2 घटे तक चला .इस अवसर पर श्री प्रणव दा ने भी अपने अनुभव सभी को बताए . देश भर से आए जाने माने कार्टूनिस्ट ने इसमे भाग लिया। अवसर पर Exhibition भी लगाई गयी। जिसे दादा ने बहुत सराहा सच में, सभी जाने माने कार्टूनिस्ट से मिलना,रूबरू होना सुखद अनुभव रहा ……
Cartoonist Exhibition
काकी कहे कहानी
छोटी बाल कहानी
छोटी बाल कहानी- बच्चों की कहानियां बहुत रोचक लगती हैं उन्हें पढने में बहुत मजा आता है और अगर कहानी हिंदी अंग्रेजी मिक्स हो तो और भी अच्छा हो … मैने भी एक ऐसी ही रोचक और मनोंरजक कहानी लिखी
छोटी बाल कहानी
बहुत छोटी और प्यारी सी कहानी है जिसे हिंदी भी पढनी आती है और अंग्रेजी भी वो इस कहानी का आनंद ले कर इसे पढ सकते हैं… बात सन 98 की है. बच्चों के मजेदार लेख और कहानिया समय समय पर राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाओं मे छपते रहे हैं एक ऐसा ही बच्चों की मजेदार कहानी राजस्थान पत्रिका” मे छपी .. कहानी थी डबलू की मिठाई … हिंदी अंग्रेजी मिक्स …
EarthQuake
वक़्त बहुत लगता है,
एक छोटा सा घर बनाने को…
कोई ऐसा EarthQuake ला दे
दिलो में बढ़ती
जो नफरत की दीवार गिरा दे…
हिचकी बनाम shock treatment
हिचकी बनाम shock treatment
हिचकी यानि hiccups आए तो आप क्या करते हैं ?? आज सुबह से हिचकी आए जाने पर सभी के नाम लिए क्योकि सुना था जो याद कर रहा हो उसका नाम लेने से हिचकी रुक जाती है पर प्रयास विफल रहा. इसी बीच चीनी भी ली और नाक बंद करके पानी भी पी लिया पर हिचकी रुक ही नही रही थी…. सोच रही थी कि नेट पर ही सर्च कर लू शायद कोई धरेलू नुस्खा ही मिल जाए. तभी मेरी सहेली मणि आ गई. मेरी हिचकी से वो अपनी हंसी छुपाने का निरर्थक प्रयास करती हुई बोली कि उसने फेसबुक करना शुरु कर दिया. फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी है वही बताने आई है.
जब आए हिचकी तो ये नुस्खे बनेंगे रामबाण
- एक पुराना नुस्खा है कि जब भी आपको हिचकी आए तो जोर से कान का निचला हिस्सा दबाएं इससे आपकी हिचकी तुरंत बंद हो जाएगी।
- जब भी आपको हिचकी आए अपनी जीभ के नीचे शहद रख दें आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।
- जब भी आपको हिचकी आए तो कोई भी ठंड़ी चीज जैसे बर्फ के टुकड़ों को अपने गले पर मलें या रख दें इससे भी आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।
- जब कभी भी आपको शराब पीने के बाद हिचकी आती है तो उसे भी आप आसानी से रोक सकते है इसके लिए नींबू का एक छोटा सा टुकड़ा अपने मुंह में रखें आपकी हिचकी तुरंत बंद हो जाएगी.
मैं बहुत खुश हुई क्योकि बहुत समय से उसके पीछे पडी हुई थी पर वो मान ही नही रही थी. फटाफट नेट चला कर मैने कहां .. अरे वाह !! मणि बहुत अच्छा किया.. मैं कुछ और कहने को हुई ही थी कि अचानक वो बोल पडी…. रुक गई न हिचकी. मेरा ध्यान फेसबुक पर ही था मैने कहा … हां तो ??? पर मेरे पास तो कोई मैसेज नही आया. मैने उसकी तरफ देखा तो वो मुस्कुरा रही थी. वो तो हिचकी रोकने के लिए … !!! इसे कहते हैं shock treatment… ये नेट पर नही मिलेगा … हे भगवान! मणि भी ना पर थैक्स हिचकी रोकने के लिए. तरकीब काम कर गई … वैसे आप भी आजमा कर देखिएगा shock- treatment 🙂
Earthquake Terror
Earthquake Terror – भूकम्प… तबाही … और अब अफवाहे… हे भगवान !!! मणि तो बता रही थी कि उसे अब भूकम्प के ही सपने आते हैं और जब आखं खुलती है तो बहुत राहत मिलती है कि शुक्र है सपना था..
Earthquake Terror
वही एक जानकार जो दिल्ली में हैं वो बहुत धबराए हुए रहते हैं . हर समय खुद को तैयार रखते हैं कि कोई अनहोनी हो तो बाहर भागे …
वही मैनें भी कुछ मैसेज वटस अप किए जिसमें कहा गया कि “नासा”की तरफ से है कि भूकम्प फलां टाईम आ सकता है. जबकि बाद मे पता चला कि भूकम्प का पूर्वानुमान नही लगाया जा सकता. वही कल अफवाहों का बाजार गर्म था कि …. !!!
खैर आज फिर एक खबर ने चौका दिया कि वो ये आतंकी हमला हो सकता है वो भी ड्रोन के जरिए … हे भगवान !!! प्राकृतिक आपदा से बचा नही जा सकता पर ये आतंकी हमला करने वालो को तो सोचना चाहिए …
ईश्वर से डरना चाहिए … Earthquake Terror
फिलहाल तो आदमी इस प्राक्रतिक आपदा भूकम्प से ही बहुत डरा सहमा सा है…
अफवाहों का शिकार होने से कैसे बचें – अफवाह भूकम्प की – Monica Gupta
अफवाहों का शिकार होने से कैसे बचें – अफवाह भूकम्प की – अफवाहों का शिकार होने से बचें ???. अगर सुबह सुबह आपके पास फोन आए कि भूकम्प bhukamp आने वाला है ये जान read more at monicagupta.info
Earthquake Terror
Earthquake
Earthquake
अचानक दोपहर को फोन घनघना उठे … सभी की राजी खुशी की खबर पूछे जाने लगी और अपने अपने अनुभव बताए जाने लगे … सोशल मीडिया अचानक सक्रिय हो गया. फेसबुक भूकम्प की खबर से भर गया… कुछ जानकार भूकम्प को बहुत से फेसबुक मित्र हल्के मे ले रहे हैं और मजाक भी कर रहे हैं.
सच पूछो तो इस तरह की प्राकृतिक आपदाए हिला कर रख देती है.. इस पर अपना जोर नही चल सकता बस इतना ही कह सकते है कि … ईश्वर सभी का भला करे सभी को ठीक रखें …
Earthquake
Suicide of a News
Suicide of a News
एक खबर की खुदकुशी …
Suicide of a News जंतर मंतर पर किसान रैली चल रही थी और मैं अन्य दर्शकों की तरह टीवी पर खबर देख रही थी. बेशक, बीच बीच में चैनल भी बदल रही थी कि अचानक कुछ ऐसा दिखाया जाने लगा कि रिमोट एक तरफ रख कर मैं नाखून चबाते हुए रैली का प्रसारण लगातार देखने लगी. यकीनन नजरे मेरी थी पर मीडिया की आखों से देख रही थी जो दिखाया जा रहा था वही देख रही थी और देखते देखते मेरे मन मे सिर्फ एक ही बात आ रही थी प्लीज केजरीवाल जी, भाषण बंद कीजिए और उस किसान के साथ अस्तपाल जाईए… और फिर बार बार बार बार कुमार विश्वास का सीन दिखाना लटक गया के बाद उनका इशारा करना … दिमाग खराब हो चुका था कि यह सब आम आदमी पार्टी कर रही है फिर आशुतोष का यह कहना कि अगली बार ऐसा होगा तो … बार बार दिखाए जाने पर मेरा मन आम आदमी पार्टी के प्रति बिल्कुल बदल चुका था. खुद भी पत्रकार रही हूं इसलिए हर बात को गौण करते हुए एक ही बात बार बार मन मे आ रही थी कि केजरीवाल जी को उस समय पेड के पास चले जाना चाहिए था या भाषण रोक कर मंच से ही अपील करनी चाहिए थी जैसाकि मोदी जी ने एक रैली के दौरान दो युवको से की थी (ये भी मैने एक खबर में देखा था) पर पता नही उस समय मंच पर क्या चल रहा था क्या नही पर जो हुआ ठीक नही हुआ और मन में कडवाहट् भर गई.
Suicide of a News सारे चैनल आप पार्टी को दोष देने लगे और उनका लगातार इसी खबर पर फोकस रहा. फिर धीरे धीरे पता चला कि मृतक व्यक्ति आर्थैक रुप से कमजोर नही थे जो उनकी आत्महत्या की वजह बनता. जो पर्ची चैनल वाले को मिली उस पर यही लिखा था कि उनके पिता ने उन्हें घर से निकाल दिया था. खेती उजड गई है. तीन बच्चे हैं अब वो घर वापिस कैसे जाए. अब यह बात भी सामने आ रही है कि वो लिखावट उनकी नही थी. तो पत्र किसने लिखा ??? एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक मरने से कुछ देर पहले तक उन्होने पेड पर से बहुत पोज दिए. पेड पर बैठे बैठे चिल्ला भी रहे थे अपना ध्यान लोगो की तरफ करने के लिए उन्होनें गले मे गमछा लपेट कर दूसरा सिरा टहनी से कस दिया ताकि वो फोकस मे आ जाए पर इस बीच उनका दाया पैर फिसल गया. और जो हुआ हमारे सामने है. निसंदेह जो हुआ बहुत दुखद था.
घटना से कुछ देर पहले उन्होनें फोन करके अपने घर यह भी सूचना दी थी कि वो रैली वाली खबर पर टीवी पर आएगें. अब बात आती है मंच पर बैठे लोगो की. जिनके अनुसार पेड पर क्या हो रहा है दिखाई नही दे रहा था पर हलचल जरुर हो रही थी. लगातार मृतक व्यक्ति पोज दे देकर फोटो भी खिंचवा रहा था जोकि हम सभी ने टीवी पर देखा. मेरा प्रश्न आप सभी से ये है कि जो लोग उस समय उस व्यक्ति के पास खडे थे जो उसे देख रहे थे चाहे पब्लिक हो, पुलिस हो क्या उनका कुछ फर्ज नही था. क्या मीडिया वाले उसे नीचे लाने की अपील नही कर सकते थे … कि सभी को चटपटी खबर मिल रही थी इसलिए मजा ले रहे थे. मेरे विचार से ,मंच पर बैठे लोगो से पहले गुनहगार वो लोग हैं जो उस व्यक्ति को देख कर फोटो ले रहे थे, देख रहे थे और मसालेदार खबर बना कर पेश करे जा रहे थे.
जाने माने पत्रकार राहुल कंवल ने टवीट किया कि जो पत्रकार नेताओ पर आरोप लगा रहे हैं वो जरा देर रुके और खुद से पूछे कि हममें से कोई उस वक्त कोई मदद के लिए आगे क्यों नही आया.
मात्र एक पार्टी को निशाना बना कर राजनीति करना सही नही है आप पार्टी अपनी गलती मान रही है और रो भी रही है पर इससे भी चैनल वाले संतुष्ट नही. कल फिर एक चैनल वाला साईट पर खडा होकर बता रहा था कि मंच से ये पेड बहुत दूर था. कुछ दिखाई देन असम्भव नही था. क्या ये बात वो पहले दर्शको तक नही पंहुंचा सकते थे इतना ही नही एक चैनल वाले ने बताया कि वो वसुंधरा राजे , भाजपा के खिलाफ नारे बाजी कर रहा था. जिस बात को उछाला नही गया पर वही आज तक पर आशुतोष फफक कर रो पडे और अंजना संवेदनहीन होकर प्रश्न पूछती रही. बार बार बार बार यही दिखाया गया. वही कांग्रेस और भाजपा की प्रसन्नता मन ही मन छिपाए नही छिप रही क्योकि अब खुले आम उन्हें आप पर ऊंगली उठाने का मौका मिल गया.
कुछ देर पहले एक बहुत छोटी से खबर दिखाई कि मृतक के परिवार वाले कह रहे थे हमे जबसे ये खबर दिखाई है कि आप पार्टी बार बार पेड पर चढे व्यक्ति कि उतारने की अपील कर रही थी. पुलिस को बोल रही थी. अब हमे लग रहा है कि उनका कसूर नही है…बताईए … क्या कहेंगें… क्या न्यूज चैनल को दोनो तरफ के पक्ष रख कर खबर नही दिखानी चाहिए क्या खुद ही वकील और जज बन कर सारे फैसले सुनाएगी. एक खबर की असलियत कही दफन हो गई और राजनीति जबरद्स्त रुप से हावी हो गई. एक बार फिर एक खबर की आत्महत्या हो गई .. Suicide of a News
वही चिडिया किसानों की भावना समझ कर फसल न खाने की बात कर रही है …
कार्टून दर्द किसान का
कार्टून दर्द किसान का – अफसोस .. जिस तरह से मीडिया कवरेज के दौरान चाहे भाजपा हो, आप पार्टी हो या कांग्रेस … सभी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे है कोई किसानों के दुख दर्द को जानना नही चाहता …
कार्टून दर्द किसान का
वो आत्महत्या किसलिए कर रहे हैं ऐसे मैं हमेशा तंग करने वाली चिडिया उनके दुख को जान कर इस बार बची खुची फसल को बनाए रखेगी … नुकसान नही होने देगी …

कार्टून दर्द किसान का
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