Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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July 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

ऑनलाइन दोस्ती ऑफ तो नही कर रही

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

ऑनलाइन दोस्ती ऑफ तो नही कर रही – online dosti  – सोशल मीडिया का जमाना है और हम पूरा दिन इसी में लगे रहते हैं और चैटिंग में जुटे रहते हैं बिन जाने की कौन सही है और कौन गलत

ऑनलाइन दोस्ती ऑफ तो नही कर रही

कई बार कंफ्यूजन हो जाता है समझ नही आता कि ये सही हो रहा है या गलत … चलिए आप ही बताईए हुआ ये कि कल मैं अपनी एक जानकार के घर गई .

 

 

वो अपना फेसबुक दिखाने लगी और ये भी दिखाने लगी कि उसके कितने दोस्त है देखते ही देखते उसके पास दो फ्रेंड रिक्वेस्ट आई … और वो जो रिक्वेस्ट थी उसमे चेहरा भी खुद का नही था और न ही कोई अपने बारे में बताया हुआ था … उन्होने उसे हैलो और एक दो मैसेज किए कि आप बहुत खूबसूरत है … और आपको रिक्वेस्ट भेजी है … उसने तुरंत ले ली …

और बताने लगी कि ऐसे उसके बहुत सारे दोस्त है … इतने मे बाहर door bell  हुई … मुझे भी देर हो रही थी तो मैं भी बाहर उसी के साथ चली गई … देखा एक महिला खडी हैं बोली कि हम नए आए है आपके पीछे वाला ही घर है …

यहां दिल्ली से बदली होकर … हमारी कामवाली बाई ने आपके बारे में बताया तो सोचा कि आपसे मिल लूं .. इस पर उसने उस महिला को अंदर आने को भी नही बोला और बाहर से एक जबरदस्ती वाली स्माईल देकर टरका दिया …

उस महिला के जाने के बाद बोली कि न जान न पहचान ऐसे कैसे घर के अंदर आने दूं … तभी उसके मोबाईल में मैसेज आए .. और वो खुश हो गई बोली ये जो नए दोस्त बने हैं वीडियो भेजी है उन्होने ..

वो उन्हें देखने लगी और मैं चुपचाप बाय बोल कर निकल आई … जिन को हम जानते नही … उनसे दोस्ती बनाए जा रहे हैं और जो सामने खडे हैं …

सोच रही थी कि हम कितना बदल गए हैं कभी हम भारतीयों की पहचान यही होती थी कि घर आए मेहमान का स्वागत करते थे फेसबुक पर अनजाने लोगो से कितना जल्दी धुलमिल जाते हैं पर पर जो हमारे घर के नजदीक रहते हैं उन्हें हम जानना तक नही चाह्ते … ये कितना सही या गलत है

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यही कंफ्यूजन है बस … आप बताईएगा ..

दोस्ती चैट

July 13, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

प्रेरक कहानी ये वक्त भी गुजर जाएगा

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

प्रेरक कहानी ये वक्त भी गुजर जाएगा –  yeh waqt bhi guzar jayega – this too shall pass .. एक सूफी कहानी … सूफी गाने हमें बहुत अच्छे लगते हैं ठीक वैसे ही सूफी कहानी भी बहुत प्रेरक और मनोरंजक होती हैं. ये कहानी नेट पर पढी.

प्रेरक कहानी ये वक्त भी गुजर जाएगा

एक राजा दरबार में ये कहते हैं कि मुझसे बडे बडे शास्त्र तो पढे नही जाते इसलिए कोई छोटी सी ऐसी बात बताओ  जो हर समय काम आए दुख में सुख में , हार मे जीत में, जीवन मे या death में , अब सब हैरान की ऐसा क्या हो …

क्योकि इस बारे में तो बडे बडे अध्याय  ही थे …  तभी मंत्री को पता चला कि गांव में एक सूफी संत आए हैं वो उनके पास गए और पूछा तो उन्होने अपनी अंगूठी निकाल कर दी और बोले इस अंगूठी में एक कागज पर लिख है पर उसे जब बहुत मुसीबत आए कोई हल न दिखाई दे तभी खोलना नही तो इसका कोई मतलब नही रह जाएगा …

मंत्री ने अंगूठी राजा को दे दी … तभी दूसरे राजा ने हमला कर दिया .. और वो राजा अपनी जान बचाने के लिए भागा … वो एक गुफा मे छिप गया .. उसके हाथ मे चोट लग गई थी हाथ देखा तो नजर अंगूठी पर पडी … उन्होने सोचा कि अब मुसीबत में हूं और सही समय है इसे पढने का ..

 

उसे पढा तो लिखा था ये वक्त भी गुजर जाएगा … राजा ने पढा तो हिम्मत सी आई … और गुफा से बाहर निकल कर कुछ सैनिक इकठ्ठा किए और एक टीम बना कर फिर उसी राजा पर लडाई की …

अब वो जीत गया … जब अपनी गद्दी पर बैठे तो फिर वो अग़ूंठी निकाली उस पर लिखा था कि ये वक्त बीत जाएगा… राजा फिर सोचने लगा … और अब उसने लडाई छोड कर अच्छे कामों में ध्यान लगाना शुरु कर दिया …

तो समय सदा एक सा नही रहता … इसलिए नेक काम अच्छे काम हमेशा करते रहना चाहिए …

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प्रेरक लघुकथा – सबसे शक्तिशाली कौन

July 13, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बरसात का एक दिन – आहा से आह तक

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

बरसात का एक दिन – बरसात का मौसम – आहा से आह तक  – अपनी बात कहने के लिए हम कहानी लिखते हैं कविता लिखते हैं या लेख भी लिखते है. कई बार हममें किसी बात को लेकर बहुत गुस्सा या नाराजगी होती है यह बात सीधे लिखे दें तो किसी को बुरा लग सकता है …

बरसात का एक दिन – आहा से आह तक

तो ऐसा क्या करें कि अपनी बात भी कही जाएं गुस्सा भी निकल जाए और किसी को बुरी भी न लगे.. ये तरीका होता है व्यंग्य लिखने का यानि स्टायर … कहा नी के साथ साथ मैंए बहुत व्यंग्य भी लिखें जो दैनिक भास्कर के राग दरबारी कॉलम में भी बहुत बार प्रकाशित हुए … चलिए आज आपको व्यंग्य ही सुनाती हूं .. ये लिखा था बरसात के मौसम पर …

आई  बरसात तो … हुआ ये कि हर जगह बारिश हो रही थी पर हमारे शहर में नही हो रही थी … ऐसी बात नही थी कि बादल आते नही थी बादल भी आते ठंडी हवा भी चलती पर बादल भी उड जाते

बहुत मन था कि बरसात आए तो आनंद लें. गर्मा गर्म अदरक और इलाइची की चाय के साथ हलवा और पकौडे बनाए. बच्चो के साथ बारिश मे भीगे और कागज की नाव चलाए. पर खुशी से  आहा करने का मौका ही नही मिल रहा था. यही सोचते सोचते मैं अखबार के पन्ने पलटने लगी.

 

 

अचानक आखो मे आगे अंधेरा सा छा गया. अरे! चिंता मत करे. कोई चक्कर वक्कर नही आया मुझे पर ऐसा लग रहा था कि जो सूर्य महाराज पूरी तेजी से भरी दोपहरी मे चमक रहे थे अचानक उनकी चमक हलकी पड  गई.बाहर देखा तो  आसमान मे बहुत काला बादल  था. आज तो यकीनन बरसना ही चाहिए. मै सोच ही रही थी कि अचानक बूदाबांदी शुरु हो गई और मन मयूर नाच उठा.

इतने मे बच्चे भी वापिस लौट आए और कपडे बदल कर हाथ मे छतरी और बरसाती पहन कर कागज की नाव बना कर  बरसात  का आनंद उठाने को तैयार हो गए. उधर मेरी भी सहेलियाँ आ गई और हमने बरसात का खूब  मजा उठाया. प्रकृति एक दम साफ साफ धुली धुली लग रही थी.

गमलो मे लगे पौधे हवा के साथ हिलते हुए ऐसे लग रहे थे मानो अपनी खुशी का इजहार कर रहे हों.  फेसबुक पर भी बरसात की सूचना दे दी गई और लाईक और कमेंट का अम्बार लग गया और तो और दो तीन निकट  दोस्तो का तो बधाई के लिए फोन भी आ गया कि आखिरकार भगवान ने आपकी सुन ली.

सारे चेहरे खिले खिले थे.ऐसा लग रहा था मानो खुशी बरस रही थी.  माहौल खुशनुमा हो चला था. अचानक तापमान इतना कम हो गया कि पंखा भी एक नम्बर पर करना पडा. काफी देर तक भीगने के बाद कपडे बदल कर बच्चे नेट पर काम करने लगे और सहेलियो ने भी विदा ली.

तभी अचानक बहुत तेज बिजली चमकी और मेरी आखं खुली. अरे! ये सपना था. बाहर आकर देखा तो सचमुच मूसलाधार  बरसात हो रही थी. बेशक मन खुश हुआ.पर इतनी तेज बरसात देख कर चिंता भी हो गई. तभी बिजली चली गई. चिंता इस बात की थी कि अभी बच्चे भी नही वापिस आए थे. फोन करने लगी तो वो भी डेड हो गया था.

मोबाईल का नेटवर्क तो वैसे ही दुखी कर रहा था. रेंज ही नही होती कभी इसकी. खैर! सोचा कि चलो इतने पकौडो की तैयारी कर लूं रसोई मे गई तो देखा कि रसोई की नाली मे पानी जाने की बजाय बाहर आ रहा था यानि सीवर ओवरफ्लो कर रहा था. बाहर सडक पर देखा तो वो पूरी भर गई थी और ऐसा लग रहा था कि पानी किसी भी क्षण घर मे आ सकता  है  और देखते ही देखते पानी अंदर आना शुरु हो गया. असल मेंं,  बाहर सडक को ऊंचा  बनाया जा रहा है शायद इसी लिए .. !!!

वो क्षण किसी भंयकर सपने से कम नही था. मैने तीन चार पर अपने को चिकोटी काटी कि यह सब सपना ही हो.पर आह! अफसोस यह सपना नही हकीकत था. ना बिजली ना फोन ना मोबाईल और ऊपर से घर मे आता पानी. मेरा सारा शौक हवा हो गया.

बस भगवान से  सच्चे दिल से एक ही प्रार्थना कर रही हूं  कि बरसात  को तुरंत रोक दो मै 11 रुपए का प्रशाद चढाऊगी.पर भगवान तक  मेरी अर्जी जब तक  लगी  तब तक काफी देर हो चुकी थी. बरसात के लिए खुशी की आहा अब तक दुख भरी  आह  मे बदल चुकी थी.

सरकार, प्रशासन और अडोस- पडोस को कोसते हुए नम हुई आखों से सारे काम भूल कर झाडू, कटका लिए बरसात के रुकने की इंतजार कर रही हूं !!!

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आई बरसात तो … बरसात ने दिल तोड दिया…

July 12, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

नशा छुड़ाने का उपाय ये भी – ऐसे भी नशा छुडवाया जा सकता है

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

नशा छुड़ाने का उपाय ये भी – ऐसे भी नशा छुडवाया जा सकता है… nasha mukt नशा मुक्ति  कैसे हो ? नशा नाश का कारण बनता है जबकि हम इसे लेने में अपनी शान समझते हैं … नशा लेंगें भी और ये भी कहेगें नशे ने हमे पकड रखा है हम तो छोडना चाह्ते हैं पर इसी ने हमे पकड रखा है

नशा छुड़ाने का उपाय ये भी – ऐसे भी नशा छुडवाया जा सकता है

अलग अलग तरीके अपनाते हैं लोग नशा छोडने के … कुछ लोग प्रेरक story के माध्यम से भी शिक्षा दे जाते हैं …

एक आदमी बहुत नशा करता था.. एक दिन वो एक महात्मा के पास जाता है कि मेरा घर परिवार नशे की वजह से खत्म हो रहा है  कि मुझे बचाओ .. गुरु कहते हैं कि चाह्ता है तो छोड दे वो कहता मैं छोडना तो चाह्ता हूं पर ये मुझे नही छोड रहा …

गुरु जी ने कहा कि अच्छा कल आना … कल देखता हूं … वो कल आया तो देखा गुरु जी ने एक पेड पकडा हुआ है और जोर जोर से चिल्ला रहे हैं बचाओ … पेड ने पकड रखा है … वो नशा करने वाला हसने लगा बोला कि नशा तो मैं करता हूं और हरकत आप कर रहे हैं भला पेड भी पकड सकता है किसी को …

इस पर गुरु बोले यही तो समझाना चाह रहा हूं कि नशे ने तुझे नही पकडा हुआ वो तो बेचारा निर्जीव है … वो कैसे पकड सकता है पकडा तो तूने हुआ है तो छोड और फिर देख …

उसके समझ आ जाती है … और वो हमेशा के लिए नशा छोड देता है … अगर हम चाहें तो बडी से बडी बुराई छोड सकते हैं … अगर चाहें  तो…

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July 12, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों की मनोरंजक कहानी – समझदार कौन

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

बच्चों की मनोरंजक कहानी – समझदार कौन . Bachho ke Manoranjak Kahani – हमारी जिंदगी में बहुत तनाव है इसलिए कई बार कुछ हलका फुल्का पढ लेना चाहिए ताकि मन रिलेक्स हो जाए . एक ऐसी ही रोचक कहानी पढी …

बच्चों की मनोरंजक कहानी – समझदार कौन

एक राजा खुद को बहुत समझदार समझता था .एक बार उसने धोषणा कर दी कि मुझसे समझदार व्यक्ति खोज कर लाओ मैं देखना चाहता हूं कि मुझसे समझदार भी है कोई या नही … राजा अपने मंत्री को हुक्म देता है और मंत्री बहुत खोज करता है पर उसे कोई समझदार नही मिलता जो राजा को हरा दे … मंत्री की बेटी कहती है आज चिंता न करो …

एक दिन वो एक भोले व्यक्ति को लाती है और पिता को कहती है आप चिंता न करो … राजा के पास लेकर जाया जाता है राजा कहता है वो इशारे से बात करेगा …

राजा एक ऊंगली उठाता है कि सबसे समझदार में हूं इस पर वो दो ऊंगली उठाता है राजा सोचता है कि इसका मतलब है कि भगवान भी है समझदार. राजा फिर तीसरी उंगली ऊठाता है इस पर वो गर्दन न करके हिलाता है और अपनी कुर्सी छोड कर जाने को होता है

राजा खुश क्योकि राजा पूछ्ना चाह रहा था कि क्या कोई तीसरा भी समझदार है और वो मना कर देता है इशारे से और उठ जाता है राजा उसे खूब उपहार देकर विदा करते हैं मंत्र्री को समझ नही आता वो एकांत में पूछता है कि

राजा क्या कह रहे थे … वो बोला राजा ने इशारे से पूछा कि एक भेड चाहिए तो मैंने सोचा राजा बडे आदमी है तो 2 दे देता हूं पर जब राजा ने जब 3 का इशारा किया तो मैंने मना कर दिया .. … मैंने कहा कि 2 है इस पर राजा ने कहा कि मैं 3 भेड लूगा … तो मैंने मना कर दिया और खडा हो गया … इस पर मंत्री हंसता हुआ बोला कि कुछ नही होगा … और उसे वापिस गांव छोड आया..

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July 11, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

दूसरों की मदद करनी चाहिए

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

दूसरों की मदद करनी चाहिए . Dosron ki Madad Karni Chahiye.   दूसरों की सहायता करते रहनी चाहिए निस्वार्थ भावना से. माना बुरी है दुनिया हर तरफ धोखा है … हम तो अच्छे बनें हमें किसने रोका है. 

दूसरों की मदद करनी चाहिए

एक महिला का मैसेज आया फेसबुक पर  उन्होनें मुझसे पूछा कि अनुभव तो मेरे पास भी बहुत है नॉलिज शेयर करने के लिए मेरे पास भी बहुत सारी बाते हैं पर उससे फर्क क्या पडेगा और मेरे अकेले से किसे फर्क पडेगा … कितने हजारो लोग हैं दुनिया में जो ये काम कर रहे हैं … उसकी बात पढ कर मुझे एक कहानी याद आई … जो बहुत समय पहले नेट पर ही पढी थी.

 

 

एक आदमी हर रोज समुद्र के किनारे सैर करने जाता और वो हर सुबह एक आदमी को देखता वो किनारे पर बैठ कर लहरों से बह कर आईं छोटी -छोटी मछलियाँ एक-एक करके उठाता और समुद्र में फेंकता … एक दिन उसने पूछ ही लिया कि भाई आप हर रोज ये क्या करते हो … तट पर तो लाखों मछलियाँ हैं  इस तरह तुम कुछ मछलियाँ पानी में फ़ेंक कर मरने वाली मछलियों का अंतर कितना कम कर पाओगे

इस पर उसने कहा कि बेशक  मैं तट पर बची सारी मछलियों को तो जीवन दान नहीं दे पाऊँगा ” पर एक और मछली को समुद्र में फेंकते हुए बोला ,”किन्तु  इस मछली के जीवन में तो मैंने अंतर ला ही दिया ,और यही मुझे बहुत संतोष दे कर रहा है

बस यही बात है भगवान ने हम सभी में यह योग्यता दी है कि हम एक छोटे से प्रयास से रोज़ किसी न किसी के जीवन में ‘छोटा सा अंतर’ ला सकते हैं  वो किसी भी तरह की हो सकती है किसी भूखे पशु को खाना देना, किसी ज़रूरतमंद की निःस्वार्थ सहायता करना  सोच ये होनी चाहिए कि हम अपने किए काम से किसकी प्रोब्लम हल कर पाए या किसी की जिंदगी में बदलाव ला पाएं .. किसी न किसी के चेहरे पर स्माईल ला पाएं इसी का प्रयास करना चाहिए. जरुर सोचिएगा

दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी – Monica Gupta

आमतौर पर सोचते ही रह जाते है … कही पढी … माना बुरी है दुनिया हर तरफ धोखा है … हम तो अच्छे बनें हमें किसने रोका है       https://monicagupta.info/subscribe-youtube-channel Like this: Like Loading…

दूसरों की मदद करना बहुत अच्छा – एक प्रेरक कहानी मदद , दूसरों की सहायता जरुर करनी चाहिए. मानव जीवन का महत्व भी यही है मानव जीवन का उद्देश्य भी यही हो दूसरों की मदद करना अच्छा – एक प्रेरक कहानी – Monica Gupta

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माना बुरी है दुनिया हर तरफ धोखा है … हम तो अच्छे बनें हमें किसने रोका है

July 10, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

प्रेरक लघुकथा – सबसे शक्तिशाली कौन

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

प्रेरक लघुकथा – सबसे शक्तिशाली कौन   prerak laghu katha  sabse shaktishali kaun .  संसार की सबसे शक्तिशाली चीज क्या है … कल नेट पर एक कहानी पढी और ये जानने के चक्कर में बहुत जल्दी से पढ ली .. कि आखिर सबसे शक्तिशाली चीज है क्या … मन में आ रहा थ … बम … पर जब पढा तो  पढ कर लगा कि हा भई बिल्कुल सही बात है …

  प्रेरक लघुकथा – सबसे शक्तिशाली कौन

कहानी पुराने समय की है गुरुकुल में सभी छात्र मिल-जुलकर पढ़ाई करते थे, एक बार उनके गुरु  ने उन्हें एक topic  दिया,  विषय था- इस संसार में सबसे शक्तिशाली चीज कौन सी बहुत देर तक शिष्य चर्चा में ही लगे हुए थे,

वे सभी उलझन में थे. और अब जब कोई निर्णय नहीं निकला तो वे सभी अपने guru जी के पास गये और निराश मन से उन्होंने उनके सामने अपना सिर झुका दिया..

 

सभी छात्रों को ऐसा देख guru बहुत ही क्रोधित हुए और कहा- अब यहाँ किसलिए आए हो, मेरा समय बर्बाद मत करो और यहाँ से चले जाओ..

गुरु जी बहुत ही शांत स्वभाव के थे, उनका ऐसा व्यवहार देखकर सभी शिष्य हैरान हो गए और वे सभी वहां से जाने के बाद अपने गुरु की बुराई करने लगे.. किसी ने कहा- “हमारे आचार्य बहुत बुरे हैं,  उन्हें ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए” वे हमारे गुरु बनने के लायक नहीं …  कोई अपने शिष्य पर ऐसे चिल्लाता है कोई …

थोडी देर बाद आचार्य अपने शिष्यों के बीच पहुंचे और बोले- “शिष्यों! तुम सब कितने अच्छे हो गम्भीरत से मेरे दिए विषय पर चर्चा की … मुझे तुम सब पर गर्व है..”

सभी शिष्यों के चेहरे पर मुस्कराहट थी क्योंकि अपनी प्रशंसा हर किसी को प्यारी लगती है..इसके बाद गुरूजी ने सभी शिष्यों को कहा- कुछ समझ आया

वाणी से बढ़कर इस संसार में और कोई भी शक्तिशाली वस्तु नही है..  शिष्यों, आज का मेरा व्यवहार आप सबको अजीब लगा होगा, लेकिन यह मैंने जानबूझकर किया था..

जब मैं तुम पर क्रोधित हुआ तो तुम सबने मेरी आलोचना की लेकिन जब मैंने तुम्हारी प्रशंसा की तो तुम सब खुश हो गये.. वाणी से ही मित्र को शत्रु और शत्रु को भी मित्र बनाया जा सकता है।सोच समझकर अपनी वाणी का प्रयोग करना चाहिए..

वाणी के कारण ही बड़े बड़े झगड़े होते हैं और इसी वाणी के कारण ही उन झगड़ों में सुला होता है..

सभी शिष्यों को अपने आचार्य से आज एक बहुत ही अच्छी सीख मिली थी .. वाणी बहुत ही शक्तिशाली होती है इसलिए हमें हमेशा उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए..

इसलिए हम अपनी वाणी में मधुरता लायें और इस जीवन को सुखद बनाएं … कोई शक ??

प्रेरक लघुकथा – सबसे शक्तिशाली कौन

July 9, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Promote Business Online – Importance of Brand Image in Marketing

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How to Promote Business Online – Importance of Brand Image in Marketing- कल टीवी देख रही थी. जाने माने players हों या अभिनेता … कोई न कोई किसी न किसी ब्रांड के brand ambassador बने हुए हैं और सही भी है क्योकि हम उन्हें जानते है तो किसी भी product से आसानी से con act  हो जाते हैं …

How to Promote Business Online – Importance of Brand Image in Marketing

और वैसे देखा जाए तो आज के समय में ब्रांडिंग जरुरत बन गया है… अच्छी बात ये भी है कि आज नेट का जमाना है और हर कोई ऑनलाईन है ऐसे में अपनी खूबी, अपनी विशेषता लोगो के सामने लाना ब्रांडिंग

है ताकि लोगो को आसानी से पता चल जाए कि हमारी क्या खास बात  है.

कुछ लोगो को तो इसकी importance की जानकारी नही इसलिए branding नही करते पर

कुछ लोग इसलिए भी नही करते कि लोग ये न समझ लें कि हम show off  कर रहे हैं

जबकि ये सोच सही नही जब तक हम अपने बारे में दूसरो को बताएगें नही उन्हें पता कैसे चलेगा …

 

ब्रांडिंग ऑनलाईन और ऑफ लाईन दोनो तरीके से हो सकती है… और ऑनलाईन का बेस्ट सोर्स है वीडियोज.. वीडियोज के माध्यम से बहुत जल्दी कनेक्ट हो जाते हैं और प्रभावित भी कर सकते है क्योकि आज की फास्ट लाईफ में बजाय कही पढने के वीडियो से लोग देख कर बहुत जल्दी समझ जाते हैं … आईए आपको कुछ उदाहरण दिखाती हूं …

तो बताईए .. कैसा लगा आपको !!

अगर आप मे भी कोई स्किल है , विशेषता है और ओनलाईन ब्रांडिग Brand Image  नही की तो क्या किया … अगर आपको इस बारे में और जानना है तो नीचे दिए लिंक पर जाकर जानकरी ले सकते हैं

https://www.facebook.com/ezign.in/

 

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July 8, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मेडिटेशन कैसे करें – Importance of Meditation

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

मेडिटेशन कैसे करें – Importance of Meditation.ध्यान कैसे करें . हमारी सेहत हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए पर हम कितने लोग इसकी महत्ता समझते हैं पूरा पूरा दिन सोशल नेट वर्किंग साईट पर रहेंगें, अटरम शटरम खाते रहेंगें, फोन में या गप्पो मे सारा सार दिन निकाल देंगें पर दस मिनट अगर मेडिटेशन करना पडे तो उसके लिए समय नही निकलेगा …

मेडिटेशन कैसे करें – Importance of Meditation

ये जानते हुए भी कि ये हमारी सेहत के लिए कितना लाभदायक है… हम उस पर जरा भी ध्यान नही देते और इसी वजह से मोटापा, टेंशन, बी पी और नींद न आना जैसी बीमारियों से धिरते चले जाते हैं …

कल घर पर मेहमान आए हुए थे जब सुबह मैं उन्हें bed tea देने गई तो वो जमीन पर आलथी पालथी लगा कर वो आखें बंद करके बैठी थी … चेहरे पर स्माईल थी… लहभग 10 मिनट बाद वो बाहर आई और उन्होने बताया कि वो मेडिटेशन कर रही थी … मैंने उनसे इस बारे में कुछ बताने को कहा … तब उन्होनें बताया कि

 

दिमाग को  शांत रखने के लिए करते हैं … ध्यान वास्तव में विश्राम का समय है.

वैसे तो दिन में कभी भी कर सकते हैं पर सुबह का समय अच्छा रहता है .. जमीन पर आलथी पालथी लगा कर किया जाए तो बहुत अच्छा रहता है कुछ लोग लेट कर या कुर्सी पर बैठ कर भी करते हैं पर कहते है उससे नींद आ जाती है इसलिए पदमासन सही रहता है … अपनी back सीधी रखनी चाहिए.

आखं बंद करके अपनी सांस पर ध्यान देना होता है सांस अंदर आ रही है अब बाहर आ रही है इससे हमारा मन एक तरफ लग जाता है … बेशक ऐसा करने पर कई बार हमारा मन भटक भी जाता है और हम बोर होकर आखें खोलना चाहते हैं पर ऐसे में बैठे रहना चाहिए …

कुछ लोग सोचते हैं कि एक बार ध्यान लगया तो तो अच्छे नतीजे मिलने शुरु हो जाएगें पर ऐसे नही होता .. इसके लिए इसे नियमित बनाना होगा … इसे आदत बना लेना चाहिए फिर देखना खुद को कितना अच्छा महसूस होगा …

उन्होने बताया कि नियमित मेडिटेशन करने से उनका गुस्सा कम हुआ और चिडचिडाहट भी कम हुई है , थकावट  भी महसूस नही होती याद्दाश्‍त मजबूत  हुई है यानी ध्‍यान करने के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं.

अगर हम  नियमित रूप से सुबह के समय मे‍डीटेशन करते हैं तो तनाव और थकान से बचते हैं साथ ही बीमारियों से भी बचाव होता है

तो क्या सोचा ??

इसलिए आज से ही अपनी दिनचर्या में ध्‍यान को शामिल कीजिए.

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July 7, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

अच्छे काम की तारीफ जरुर होगी – रक्तदान पर कहानी

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

अच्छे काम की तारीफ जरुर होगी – रक्तदान पर कहानी – acche kaam ki tareef jarur hogi – बहुत लोग मजाक भी उडाते हैं तंग भी करते हैं पर परवाह नही करनी चाहिए किसी ना किसी रुप में इन्हें सबक जरुर मिलता है … ऐसी ही कहानी लिखी थी … कुछ समय पहले … कहानी  का शीर्षक है महापुरुष …

अच्छे काम की तारीफ जरुर होगी – रक्तदान पर कहानी

कल्पना कीजिए एक आफिस है और वहां की बॉस महिला है और पांच बार घंटी बजा कर पूछ चुकी हैं कि महापुरुष आया या नही … असल में महापुरुष अमर सिंह  40 वर्षीय दुबले पतले चपडासी है ,  ऑफिस में महापुरुष की उपाधि मिली हुई थी। ऑफिस में मैडम जी समेत सभी उसका मजाक उड़ाते थे। वो गरीबों की सेवा करने में और अपना खून देने में वो सबसे आगे रहता था। उसने ना सिर्फ अपनी आंखें दान में की हुई थीं बल्कि अपना शरीर भी दान कर दिया था।

जब वो 20 साल का था खून की कमी की वजह से उसकी गर्भवती पत्नी मर गई थी तभी से वो समाज सेवा से जुड़ गया था। कल अमर सिह किसी से फोन पर बात कर रहा था असल में किसी को रक्त की जरूरत थी और वो फोन पर किसी का पता बता रहा था … इस बात से नाराज होकर बॉस मैडम ने मोबाईल अपने पास रख लिया … आज सुबह से मोबाइल बजे ही जा रहा था। और वो खुद नदारद था..

उसे उठाने की बजाय गुस्से में उन्होने उसे बंद कर दिया और कर्मचारी को बुलाकर कहा कि जब भी वो ऑफिस आए उसका इस्तीफा ले लेना क्योंकि उन्हें ऐसे महापुरुष की जरूरत नहीं है…।

 

 

तभी मैड़म जी का मोबाइल बजा। उनके पति का फोन था। उन्होंने तुरन्त अस्पताल पहुंचने को कहा। मैडम जी बिना देरी किए वहां पहुंचीं तो पता लगा कि स्कूल जाते वक्त उनके बेटे को किसी कार वाले ने टक्कर मार दी।

बहुत खून निकल चुका था। पता लगा कि उनके बेटे का रेयर ब्लड है एक भला आदमी रक्तदान कर रहा है

मैडम जी उस व्यक्ति का धन्यवाद करने के लिए परदा हटा ही रही थीं कि डॉक्टर रक्तदाता से नाराज होकर कह रहे थे कि बीस बार मोबाइल पर घंटी दी।

पर उन्होंने उठाया नहीं तो उनके घर नर्स को भेजना पड़ा। अच्छा हुआ कि वो घर पर मिल गए क्योंकि बच्चे का खून सिर्फ उनके ही खून से मेल खा रहा था। वो तो इस बच्चे के भाग्य अच्छे थे…. कि ….।

अब मैडम के पास कहने को कोई शब्द नहीं थे। आज सही मायनों में वही अमर सिंह महापुरूष बन कर उसके सामने था। अपनी गलती का प्रायश्चित मैडम जी ने अपने ऑफिस में रक्तदान कैम्प लगा कर किया जिसका उद्घाटन उसी महापुरुष से करवाया।

 

अच्छे काम की तारीफ जरुर होगीअच्छे काम की तारीफ जरुर होगी

खामोशी से भी होते हैं नेक काम – मैने देखा है पेडों को छांव देते हुए

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छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

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