Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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September 29, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक

भारत पाक सीमा पर बढता तनाव

भारत पाकिस्तान के बीच तनाव तो चल ही रहा था कि अचानक एक ब्रेकिंग न्यूज आने लगी  कि हमारे सैनिको द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की गई … आखिर सर्जिकल स्ट्राइक क्या होती है .आईए जाने !!

सर्जिकल स्ट्राइक क्या होती है ?

सर्जिकल स्ट्राइक  के बारे मे जानने के लिए ये भी जानना जरुरी है कि किसी भी सीमित क्षेत्र में सेना जब दुश्मनों और आतंकियों को नुकसान पहुंचाने और उन्हें मार गिराने के लिए सैन्य कार्रवाई करती है तो उसे सर्जिकल स्ट्राइक कहा जाता हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक कब किया जाता है

दरअसल जहां भी सर्जिकल स्ट्राइक किया जाता है वहां के बारे में पुख्ता जानकारी पहले जुटाई जाती है

उसके बाद समय तय किया जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक कब करना है फिर इस अभियान की जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है जिसकी सूचना सिर्फ गिने चुने  लोगों तक ही होती है.

सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक में इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह या इलाके में आतंकी या दुश्मन छिपे हुए हैं सिर्फ उसी जगह को निशाना बनाया जाए या फिर स्ट्राइक किया जाए और इससे बाकी लोगों यानी नागरिकों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचे. भारतीय सेना ने जो सर्जिकल स्ट्राइक की है उसमें भी यही हुआ है कि आतंकी ठिकानों और आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा

हमले में कई आतंकी मारे गए है।.

सूत्रों के मुताबिक इस एलओसी पार जो सर्जिकल स्ट्राइक किया गया है उसे  भारतीय सेना के स्पेशल कमांडों दस्ते ने अंजाम दिया है।

September 29, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जीवन में स्वच्छता का महत्व

जीवन में स्वच्छता का महत्व

जीवन में स्वच्छता का महत्व – Jeevan Mein Swachata Ka Mahatva – हमारे जीवन में स्वच्छता का महत्व कितना है या कौन कितनी सफाई रखता है इसका भी पता नही पर मैने आज स्वच्छता में बहुत बडा योगदान दिया.

जीवन में स्वच्छता का महत्व

अपने पर्स से कागज निकाल कर सडक पर नही फेंंका घर आकर डस्टबीन में ही फेंका. बस .. इतना ही … !! आप भी करके देखिए … स्वच्छता के साथ समाज सेवा भी हो जाएगी और आप दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन जाएगें…

sawacchta-book-by-monica-gupta

 

स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत – एक कहानी – ये भी एक पैमाना था स्वच्छता जानने का

हमारे जीवन में स्वच्छता का महत्व कितना है शायद कहानी पढ कर आपको समझ आ जाए. स्वच्छता पर एक कहानी बहुत समय पहले पढी थी. कहानी कुछ ऐसे थी कि एक राजा मुनादी करवाता है कि जो लडकी अपने घर से सबसे ज्यादा कूडा लाएगी  उसकी शादी राजकुमार से करवा दी जाएगी …यकीनन आपको भी मेरी तरह ही अजीब लगा होगा … पूरी तो पढिए ..

तो वो मुनादी करवा देते हैं इस पर राजमहल में कूडे का अम्बार लग लाता है लडकियां भर भर कर कूडा लाती हैं उसी भीड में एक पतली दुबली सी लडकी भी एक मुठ्ठी कूडा लाती है .. जब राजा के सामने उसका नम्बर आता है तो सभी दरबारी हंसनें लगते हैं कि तेरा नम्बर कैसे आएगा जबकि यहां लडकियां भर भर के कूडा ला रही हैं … इस पर लडकी डरते डरते बताती है कि उसका घर हमेशा साफ रहता है जरा भी कूडा नही निकलता. ये कूडा वो पडोस के घर से मांग कर लाई है.. राजा और राजकुमार उससे इतने प्रभावित होते हैं कि उसकी शादी राजकुमार से हो जाती है … ये भी एक पैमाना था स्वच्छता जानने का …

 

cartoon-toilet-by-monica-guptaselfie-with-toilet

कैसे आएगी स्वच्छता ???

जीवन में स्वच्छता का महत्व बहुत है पर अगर आज के सन्दर्भ में बात करें तो हैरानी है कि सडको पर स्वच्छता दिखाई देती नही और टीवी चैनलों सें स्वच्छता जाती नही दिखती. विज्ञापन भरे पडे हैं स्वच्छता पर अमिताभ बच्चन , सचिन तेंदुलकर, कंगना तो कभी ओलम्पिक पदक विजेता खिलाडी बढ चढ कर नजर आते हैं पर क्या वाकई में फायदा हो रहा है.??क्या नरेन्द्र मोदी जी का या हेमा मालिनी का झाडू लागना हमें आहत कर रहा है हमें झकोंर रहा है कि हम आगे बढे और उनके हाथों से झाडू लें और सफाई रखें. शायद नही बिल्कुल नही..

निसंदेह किसी प्रधान मंत्री को स्वच्छता के प्रति इतना खुल कर सामने आते मैने पहली बार देखा और सुना… !!!

आज मैने स्वच्छता अभियान में बहुत बडा योगदान दिया. मार्किट गई हाथ में एक पॉलीथीन था और मैने उसे सडक पर नही फेंका उसे पर्स में रख लिया और घर आकर उसे डस्टबीन में फेंका … और अपनी थीठ थपथपाई …

अगर आज आपने अपने पर्स से या बैग  से कुछ निकाल कर सडक पर नही फेंका तो यकीन मानिए आपने आज स्वच्छता अभियान में बहुत बडा योगदान दिया है…

.मोनिका गुप्ता , स्वच्छता अभियान

कैसे लाए स्वच्छता के प्रति लोगो में जागरुकता ..

जीवन में स्वच्छता का महत्व समझते हुए यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि कैसे आए स्वच्छता .

वैसे अगर सडकों पर जगह डस्टबीन हों और उसी के सामने खम्भों पर सीसीटीवी कैमरे लगें हों तो  जागरुकता आ सकती है  क्योकि जो सड्क पर कूडा कचरा फेंकें उस पर मोनिटर किया जा सकता है…

या फिर  जगह जगह साईन बोर्ड लगाए जाए कि कचरा कूडे दान में ही डाले अन्यथा 100 रुपये फाईन जुर्माना हो सकता है.

या फिर जो व्यक्ति स्वच्छता अभियान में योगदान दे और बताए भी कि उसके क्या क्या किया और कैसे किया और अगर  प्रधान मंत्री जी की तरफ से प्रशस्ति पत्र मिले तो उनसका मनोबल तो बढेगा ही दूसरे भी उसके देखा देखी आगे आएंगें

स्वच्छता अभियान में आपका जरा सा … जी बिल्कुल जरा सा… योगदान बहुत बदलाव ला सकता है…  फिलहाल तो आज से सडक पर कागज फेंकना बंद कर दीजिए …

 

वैसे स्वच्छता हो या न हो से हमें क्या फर्क पडता है… हमें बहुत फर्क पडता है इसी बात को ध्यान में रखिए …

स्लोगन स्वच्छ भारत अभियान

September 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

देश का खोखला कानून

देश का खोखला कानून

ये अंधा कानून है. देश का खोखला कानून है क्योकि हर रोज कुछ न कुछ ऐसा पढने सुनने को मिल जाता है कि कानून पर से विश्वास ही उठता नजर आता है.

आज भी कुछ ऐसा ही हुआ.  नेट पर सर्च करते हुए अचानक ध्यान एक खबर की और चला गया. खबर थी कि फिल्म ‘पिंक “का पहले क़्लाईमैक्स कुछ और था यानि उन्हें केस हारते हुए दिखाया जाना था पर इसका अंत बदल दिया गया और तीनो केस जीत गई. पढ पिंक के बारे में रही थी पर चेहरे का रंग  गुस्से के मारे लाल हो गया.

न्याय की देवी और आंंखों में पट्टी

देश का खोखला कानून है.

मुझे खबर पढने के बाद हरियाणा के रुचिका गिरहोत्रा यौन शोषण और हत्याकांड की याद आ गई जिसमे अभी पांच दिन पहले ही हरियाणा के पूर्व डीजीपी शंभू प्रताप सिंह राठौड़ को राहत दी. राठौर पर 14 साल की नाबालिग रुचिका का उत्पीडऩ करने के लिए दोषी पाया गया था ।
हरियाणा के पंचकुला में रहने वाली 15 साल की उभरती हुई टेनिस खिलाड़ी रुचिका ने 1990 में राठौड़ द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने के तीन साल बाद खुदकुशी कर ली थी।
उन दिनों राठौड़ हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, उन पर अपने ऑफिस में रुचिका के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा था.
सीबीआई की एक विशेष अदालत ने राठौड़ को दोषी मानते हुए दिसंबर 2009 में 6 महीने की सजा सनाई थी और केवल 1000 रुपए का जुर्माना लगाया था और अब

छेडछाड के आरोप में ये फैसला आया है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए टिप्पणी की है कि उन्हें जेल नहीं जाना होगा, वे जो जेल काट चुके हैं वह काफी है
ये है हमारे देश का कानून … एक लडकी ने जिस आदमी की वजह से आत्महत्या कर ली कोर्ट उनकी उम्र का हवाला देते हुए, स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए उन्हे अब जेल नही जाना होगा क्योकि सजा वो पह्ले ही काट चुके हैं…

ये बात 1990 की है जब केस दर्ज हुआ था और आज 26 साल हो गए फैसला आते आते और सजा 6 महीने भी नही… वाह कानून … वाह !!

अगर पिंक मूवी का अंत यही होता कि वो केस हार गए तो कोई आश्चर्य नही होना था …

pink’s original climax was changed for viewers – Navbharat Times

‘पिंक’ का क्लाइमैक्स सोचा कुछ और ही गया था, बाद में बदला गया! हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पिंक’ के सितारे इन दिनों बॉक्स ऑफिस इस फिल्म को मिल रही सफलता का जश्न मना रहे हैं। दमदार कॉन्सेप्ट और बेहतरीन अदाकारी के लिए … read more at indiatimes.com

 

वैसे आपकी क्या राय है ???

देश का खोखला कानून

(तस्वीर गूगल से साभार)

September 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सीसीटीवी फुटेज – ऊपर वाले तेरा जवाब नहीं

सीसीटीवी फुटेज

सीसीटीवी फुटेज – ऊपर वाला सब देख रहा है .. आजकल चोरी चकारी होने पर जानने के लिए भले ही लोग भगवान के दर जाते हों पर अब भगवान भी यही कह रहें हैं कि सीसीटीवी फुटेज खंगालो वो सब देख रहा है.

सीसीटीवी फुटेज

ऊपर वाला सब देख रहा है

कब ,कौन , कैसे,  कहां की सारी जानकारी सीसीटीवी फुटेज से मिल जाती है …सीसीटीवी फुटेज – ऊपर वाले तेरा जवाब नहीं…. आजकल लोग हर जगह सीसीटीवी कैमरा लगवाने लग गए हैं क्योकि सीसीटीवी सारी पोल खोल देता है

सीसीटीवी फुटेज – ऊपर वाले तेरा जवाब नहीं

काम वाली बाई और सीसीटीवी कैमरा – Monica Gupta

काम वाली बाई और सीसीटीवी कैमरा Kaamwali bai aur CCTV Camera हमारे देश में काम वाली बाई, maid servant  की बहुत value  है  क्योकि इसके बिना हम बेजान हैं पर आजकल जिस तरह से काम वाली बाई और चोरी करने या फिर बच्चों की देखभाल सही न करने की खबरे सामने आ रही है एक तसल्ली … read more at monicagupta.info

 

 

September 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

अंधविश्वास एक अभिशाप

अंधविश्वास एक अभिशाप

अंधविश्वास एक अभिशाप है और इसके भी समाज में बहुत देखने में आ रहे हैं आज ही एक अंधविश्वास के उदाहरण से दो चार होना पडा .  श्राद्द चल रहे हैं और इन दिनों शुभ कार्य न किया जाए ऐसी मान्यता है पर आज एक बात सुनकर समझ नही आ रहा कि क्या रिएक्श्न हो …

 अंधविश्वास एक अभिशाप –  अंधविश्वास पर कहानी

अंधविश्वास एक अभिशाप है आज मैं बताती हूं अंधविश्वास के उदाहरण का प्रमाण … एक हकीकत जिसे आप अंधविश्वास पर कहानी भी समझ सकते हैं
फिलहाल आप बात सुनिए कि हुआ क्या. एक जानकार ने बताया कि उनके पत्नी को बच्चा होने वाला है डाक्टर को दिखाया तो उन्होने बताया कि महिला के साथ कुछ प्रोब्लम है और तुरंत आप्रेशन करना पडेगा क्योकि शिशु की जान को खतरा है पर वो जानकार दुबारा डाक्टर से मिलने नही गया सोचा दो चार दिन और निकाल लूं जिसका कारण सिर्फ इतना था कि उस जानकार की मां ने कहा कि श्राद्द चल रहे हैं और ऐसे में बच्चे का होना शुभ नही है…

अब बताईए कि आपका क्या रिएक्शन हो… मुझे तो बहुत गुस्सा आ रहा है लोगो की सोच पर कि मान्यता के चलते दो दो जिंदगियों को दांव पर लगा दिया…

मां तो मां बेटे ने भी अपनी मां का साथ दिया… वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि अब वो जानकार अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल जा चुका है …!! क्या हुआ क्या नही अभी तो पता नही पर भगवान न करें अगर बच्चे या गर्भवती महिला को कुछ हो गया तो …. निशब्द …

अब सुनिए आगे की कहानी… खुशी इस बात की हुई कि जच्चा बच्चा दोनोठीक हैं … पर आगे जो सुना वो बात  और भी ज्यादा हैरान कर देने वाली है उनके बेटी हुई पर उस जानकार व्यक्ति ने उसका मुंह इसलिए नही देखा कि अभी समय ठीक नही है … तीन दिन के बाद देखेगा ..  भी क्या सोचेगी कि किस दुनिया में आई है वो जहां …..

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अंधविश्वास एक अभिशाप

(तस्वीर गूगल से साभार)

September 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों की मानसिकता समझें अविभावक

बच्चों की मानसिकता

पेरेंटस कृपया ध्यान दें. आज के समय में बच्चों की मानसिकता समझें अविभावक. अपने बच्चें की तुलना दूसरे बच्चे से करने की बजाय अपने बच्चे के गुणों को पहचाने और प्रोत्साहित करें.

बच्चों की मानसिकता समझें अविभावक

बच्चों की मानसिकता पर एक उदाहरण में देना चाहूंगी जो मेरे साथ हुआ .. बात  कुछ दिन पहले की है… पिछ्ले चार पाचं दिन से एक महिला को देख रही थी कि सुबह सुबह अपने छोटे से बच्चे को लेकर घर के सामने से जाती है बच्चा शायद तीसरी क्लास में ही होगा … जब भी हमारे घर के आगे से गुजरती …  उसे डांटती जाती है दो तीन बच्चों के नाम लेती जाती है कि उससे कम नम्बर लाया तो पिटेगा … उस जैसा बन कर रहा कर … बच्चा सिर झुका कर बस चलता ही रहता है …

मैंं उस समय पौधो को पानी दे रही होती थी. उसके जाने के बाद दो दिन से मेरे दिमाग मे यही चलता रहता  कि पता नही हम तुलना किसलिए करते हैं … कभी भी तुलना नही करनी चाहिए क्योकि हर बच्चे मे अपनी खासियत है जोकि दूसरे बच्चे में हो ही नही सकती … और तुलना करके  कडवाहट ही बढती है न कि कम होती है और मन में जो हीन भावना पैदा होता है वो अलग …

हर काम में तुलना करने से गलती निकालने से बच्चे न सिर्फ चिडचिडे हो जाते हैं बल्कि जिद्दी और गुस्सैल भी हो जाते हैं

आज फिर वो घर के सामने से जा रही थी और मैं घर का गेट खोल कर खडी हो गई और जब वो बच्चे को छोड कर वापिस आ रही थी तो मैने उसे रोक कर पूछा कि आप सुमीत की मम्मी को जानती हैं वो बोली कौन सुमीत ?? सुमीत शर्मा .. मैने कहा जी हां वही सुमीत जो आपके बेटे के साथ पढता है वो बोली जानती हूं तो मैने कहा कि उसकी मम्मी तो बहुत स्मार्ट है पर आप तो बिल्कुल स्मार्ट नही है इस पर वो बहुत बुरी तरह झेप गई … और गुस्से में बोली… मैं जैसी हूं अच्छी हूं आपको मतलब.. अचानक मेरी तंद्रा टूटी वो जा रही थी हमेशा की तरह बच्चे को गुस्सा करते हुए …( वो सब मेरा ख्याल था )

उस समय मैने उसके लौटने का इंतजार किया और उसके लौटते हुए पूछ लिया कि आपका बेटा कौन सी क्लास में है और उससे बात करने लगी कि बहुत प्यारा बेटा है बहुत बच्चे यहां से जाते हैं और कई बच्चे तो अपनी मम्मी से ही बतमीजी से बात करते जाते हैं पर आपका बेटा बहुत चुप रहता है बहुत अच्छे संस्कार दिए हैं आपने …

बहुत प्यार मिलता होगा उसे घर में … मैने उसे ये भी कहा कि  आजकल पेरेंटस में भी सब्र नही रहा बस काम्पीटिशन के चलते वो बच्चे से उम्मीद लगा बैठते है कि वो हर चीज में आगे रहे पर ऐसी सोच बिल्कुल गलत है… आप अपने बेटे को बस प्रोत्साहित करती रहिए यकीन मानिए उस जैसा बच्चा और कोई हो ही नही सकता …

उस समय वो स्माईल देकर चली गई उसके एक दो दिन बाद तक वो घर के आगे से जाती रही पर उसने बच्चे को गुस्सा नही किया और बच्चे से मुझे भी मिलवाया मैने भी उसे चॉकलेट दी … शायद वो समझ गई थी कि मैं क्या कहना चाह रही हूं …

वैसे आप कैसे पेरेंटस हैं ??? थोडे से प्यार. दुलार और विश्वास से आप अपने बच्चे का न सिर्फ दिल जीत सकते हैं बल्कि उनको प्रोत्साहित  भी कर सकते हैं…

बच्चों की मानसिकता

 

September 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

हैप्पी बर्थ डे गूगल – गूगल का 18वां जन्मदिन

हैप्पी बर्थ डे गूगल

हैप्पी बर्थ डे गूगल

हैप्पी बर्थ डे गूगल – गूगल का 18वां जन्मदिन आज है. गूगल सर्च इंजन एक शानदार जरिया है जानकारी पाने का . Happy Birth day Google.26 सितम्बर को गूगल का 18वां जन्मदिन मना रहा है. Happy Birthday  पर गूगल ने अपना स्‍पेशल डूडल जारी किया है.

bday-google

क्या है गूगल का इतिहास 
हैप्पी बर्थ डे गूगल – गूगल का 18वां जन्मदिन मना रहा है…
लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में गूगल की स्थापना की थी. दुनिया भर की हर एक छोटी-बड़ी जानकारी और सूचनाओं को एक साथ एक जगह पेश करना इस सर्च इंजन को बनाने का उद्देश्य था.
दुनिया के सामने पहली बार गूगल 1998 में 4 सितंबर को आया था. फिर भी इसका जन्मदिन कब मनाया जाए इसको लेकर काफी विवाद होता रहा है. कई तारीखें सामने आई, लेकिन साल 2006 से गूगल 27 सितंबर को ही अपना बर्थडे मनाते आ रहा है

Happy Birthday Google: google turns 18 today | News in Hindi inKhabar

गूगल आज से बालिग हो गया. जी हां हम सब का चहेता गूगल आज 18 साल का हो गया. इस खास मौके के लिए गूगल ने खुद के लिए एक डूडल बनाया है. Read more…

कोई शक नही गूगल से हर किसी की जिंदगी में बहुत बदालव आया है इसलिए जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं गूगल !!!

 

September 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

प्रकृति से प्रेम करो

प्राकृतिक विरासत की सूची में शामिल हुए पेड

राजधानी के प्रसिद्ध, वर्षों पुराने और ऐतिहासिक 18 पेड़ों को प्राकृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है इससे जहां प्रकृति की रक्षा होगी वही प्रकृति से प्रेम करो का सबक भी मिलेगा  .पर्यावरण का ख्याल रखते हुए ये फैसला लिया गया है..

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पर्यावरण की सुरक्षा की शानदार पहल

प्रकृति से प्रेम करो … पेडों से छेड़छाड़ करना मना है अगर आप इस तरह के बोर्ड लगे हुए देखें तो हैरान होने की आवश्यकता नही क्योकि अब पेडो को भी विरासत की श्रेणी में शामिल किया है आज खबर पढी कि राजधानी के प्रसिद्ध, वर्षों पुराने और ऐतिहासिक पेड़ों को भी विरासत की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। राजधानी के अरावली की पहाड़ी और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) क्षेत्र में पाए जाने वाले इन पेड़ों को इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश पेड़ दक्षिण और नई दिल्ली जिला क्षेत्र में स्थित हैं। इन पेड़ों की देखरेख के लिए बकायदा इनके पास साइन बोर्ड लगाए जाएंगे और उसपर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही इन पेड़ों से छेड़छाड़ करने वालों को चेतावनी भी दी जाएगी।

बेशक दिल्ली में ऐतिहािसक विरासतों की संख्या काफी ज्यादा है। लेकिन अब  पेड़ भी इसमे शामिल हो अहे हैं यकीनन अच्छी पहल है और  इस फैसले से राजधानी के पेड़ों की स्थिति में सुधार आएगी

 

प्राकृतिक विरासत में 18 प्रसिद्ध पेड़ शामिल – www.bhaskar.com

नई दिल्ली | राजधानीको हरा-भरा रखने और प्रदूषणमुक्त करने के लिए दिल्ली के पुराने पेड़ों को प्राकृतिक विरासत की सूची… bhaskar.com

September 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जिंदगी का सच – दोहरी जिंदगी

जिंदगी का सच

जिंदगी का फलसफा

दोहरी जिंदगी जीते और जिंदगी का सच निगलते हम लोग .. ये एक ऐसा कडवा सच है जिसे आप और हम जी रहे हैंं.

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जिंदगी का सच

जिंदगी का सफर

जिंदगी का सच यही है कि वाकई, हम दोहरी जिंदगी जीने लगें हैं एक सोशल मीडिया पर दूसरी असल जिंदगी में.

कुछ दिन पहले मेरा बर्थ डे था. जहां फेसबुक ऑन करते ही शुभकामनाओ की झडी लग गई. हर कोई जानता था और wish किए जा रहा था …  वही जब मुझे उसी दिन जब किसी काम से मार्किट जाना पडा तो मुझे अजीब सा लगा क्योकि फेसबुक जहां भरा हुआ था बधाई और केक cake से असल जिंदगी में किसी को पता ही नही था… ह हा हा !! मैने खुद का सिर झटका और खुद पर हंस दी… वाह री सोशल लाईफ !!

रियल लाईफ में मेरी सहेली के नए पडोसी उससे मिलने आए तो मेरी सहेली  ने उनसे मिलने में ज्यादा गर्म जोशी नही दिखाई वही जब उसे फेसबुक पर किसी अंजान ने मित्रता भेजी तो उसने न सिर्फ तुरंत स्वीकार कर ली बल्कि मैसेज में स्माईल का भी आदान प्रदान हुआ.

एक अन्य जानकार की नई नौकरी लगी तो सबसे पहले सोशल नेट वर्किंग साईट पर अपने दोस्तों से शुभकामनाएं मांगी और लिखा कि मेरी नई नौकरी को आपके आशीर्वाद की बहुत जरुरत है … जबकि उसने अपने माता पिता को बताना भी जरुरी नही समझा दो दिन बात माता पिता को पता चला तो वो बोले बस आपको बताने ही वाले थे …

एक जानकार ने लिखा वो बीमार है और खूब कमेंटस बटोरे जबकि रियल लाईफ मे उसे कुछ भी नही हुआ था बस ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए उसने झूठ लिखा …

वाह री ये  दोहरी जिंदगी…

 

September 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Funny Social Media Cartoons – Twitter is best

Funny Social Media Cartoons

East or West Twitter is The best

Funny Social Media Cartoons – Twitter is best. सोशल मीडिया में सबसे पहले टविटर हमारा ध्यान आकर्षित करता है. मुहावरा पुराना हुआ कि लातों के भूत बातों से नही मानते… आजकल भूत लात हाथ से नही बल्कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखकर मानते हैंं …

social-media-cartoon-by-monica-gupta

Funny Social Media Cartoons

विजयी भव

Funny Social Media Cartoons – Twitter is best

आज कल  हर कोई सोशल मीडिया से बहुत प्रभावित है. किसी को कोसना हो, लडना झगडना हो या अपने दिल की भडास निकालनी हो तो सोशल मीडिया सबसे बडा हथियार  है पर आजकल एक आशीर्वाद भी सोशल मीडिया की देन बन चुका है कि जा सफल भव.. ईश्वर करे तेरी सारी पोस्ट वायरल हो… तू सौ गालियां निकाले और हजार लोग तुझे फॉलो करेंं …

मनोरंजन के साधन

Funny Social Media Cartoons – Twitter is best मनोरंजन के साधन की बात करें तो सोशल मीडिया का नाम जहन में आता है Funny Social Media Cartoons – Twitter is best और अगर सोशल मीडिया में सबसे तेज क्या है तो वो है टविटर जहां 140 शब्द बहुत कुछ कह जाते हैं …

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