Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 21, 2015 By Monica Gupta

Charlie Chaplin Lines

charlienamespic 1pic2cartoon Chaplin by monica gupta

Charlie Chaplin Lines

हर दिल अजीज चार्ली चेप्लिन के जन्म के 125 वे वर्ष पर उनके फ़िल्मी जीवन में व्यंग्य की कथा के साथ-साथ उनकी स्क्रीन पर उपस्थिति का 100 वां वर्ष मनाने के लिए ये साल यानि 2015 चार्ली चैपलिन वर्ष के रूप में मना रहा है. हास्य रेखाओं के रचनाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कार्टून और हास्य चित्र बनाए हैं।इनमें से लगभग 200 कार्टून एक विशेष पुस्तक में शामिल किए गए हैं.चार्ली चैपलिन लाइन्स’ के रूप में सबसे पहले भारत में चार्ली चैपलिन वर्ष समारोह 25-27 जून , NCPA मुंबई में कार्टून/करिकेचर प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है।

खुशी की बात ये भी हैं कि इसमे मेरे बनाए चार्ली चैपलिन भी शामिल हैं …. Charlie Chaplin Lines  🙂

 

vintage everyday: Rarely Seen Candid Photos of Charlie Chaplin While Filming on Venice Beach, California, ca. 1914

These rarely seen photographs may be from on-site at the shooting of 1914 silent film Kid Auto Races at Venice (also known as The Pest) on Venice Beach, California.

This is an Essanay Studios film starring Charlie Chaplin in which his “Little Tramp” character makes his first appearance in a film exhibited before the public. See more…

June 20, 2015 By Monica Gupta

सम्मान का दुरुपयोग

सम्मान का दुरुपयोग   कुछ देर पहले नेट पर एक खबर पढी कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर के ख़िलाफ एक जनहित याचिका स्वीकार की है. उन पर भारत रत्न के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है.

याचिका के अनुसार सचिन भारत रत्न सम्मान का ग़लत इस्तेमाल कर ‘व्यावसायिक उत्पादों के प्रचार के ज़रिए पैसा कमा रहे हैं’.

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश एएम खानविलकर और जस्टिस के के त्रिवेदी की खंडपीठ ने इसे मंज़ूर करते हुए असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल से पूछा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के मामलों में कोई दिशा-निर्देश दिए हैं.उन्हें इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी.’पैसा कमा रहे हैं’ यह याचिका भोपाल के रहने वाले वीके नासवाह ने दायर की है. नासवाह ने कहा, “सचिन ने देश के लिए खेलते हुए बहुत नाम कमाया है. लेकिन अब वो देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न की ‘प्रतिष्ठा’ का इस्तेमाल कर विभिन्न उत्पादों का प्रचार कर पैसा कमा रहे हैं. ये उस सम्मान की मर्यादा और सिद्धांतों से मेल नहीं खाता है.”

नासवाह ने अपनी याचिका में अनुरोध किया है कि सचिन के व्यावसायिक उत्पादों के प्रचार पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए या नैतिकता के नाते उन्हें इस पुरस्कार को लौटा देना चाहिए. ‘अगर वह ऐसा नही करते है तो केंद्र सरकार को उनसे सम्मान वापस ले लेना चाहिए.’सचिन अभी 12 उत्पादों का प्रचार कर रहे है.

सम्मान का दुरुपयोग

case against sachin tendulkar, demand to take back bharat ratan

Case Against Sachin Tendulkar, Demand To Take Back Bharat Ratan See more…

बात ज्यादा पुरानी नही है जब सचिन तेंदुलकए के भारत रत्न सम्मान देने का मुद्दा बहुत गरमाया था और जब सम्मान मिला तो न जाने कितनी करोड आखॆ इस सम्मान को देख कर नम हुई थी. इस विषय पर जब मैने बहुत लोगों से बात की … लगभग सभी  लोगों की राय यही थी कि उन्हें अब विज्ञापनों में काम नही करना चाहिए और सार्थक और सामाजिक मुद्दे उठाने चाहिए ताकि लोग उनसे सीख ले सकें. मेरा भी यही विचार है. भारत रत्न सम्मान की गरिमा बनाई रखी रहनी चाहिए और बेवजद विवादों ने पड कर सामाजिक कार्यों से जुडे मुद्दों पर ध्यान दे…

सम्मान का दुरुपयोग

sachin tendulkar photo

Photo by arunramu

June 20, 2015 By Monica Gupta

फादर्स डे

beer bar  photo

21 june फादर्स डे के लिए सोचा कुछ बच्चों से बात की जाए और उनके पापा के बारे मे विचार लिए जाए कल कुछ बच्चों से बात भी की. लेख लिख ही रही थी कि तभी डोर बेल हुई.

बाहर देखा तो तपती धूप मे पसीने से भीगे दो छोटे बच्चे खडे थे. वो पैन बेच रहे थे. मेरे मना करने पर वो बोले कि ले लो आज सुबह से बोनी नही हुई. बहन ने भी कुछ नही खाया. मैने कहा कि तुम्हारे ममी पापा ?? वो बोले पापा शराब पीते हैं उन्ही की वजह से हमे काम करना पड रहा है. मां मजदूरी करती है. उनकी उदासी देख कर बीस रुपए के पैन तो मैने खरीद लिए. पर अचानक मेरी सोच का रुख बदल गया और ऐसे पापाओ पर गुस्सा आने लगा जो शराब के लिए पागल हुए जाते हैं.

बात सिर्फ गरीब लोगों की नही बल्कि हम जैसे मिडल क्लास और हाई प्रोफाईल परिवारों की भी है. कुछ समय पहले एक क्लब मे मीटिंग और डिनर था. रात के 12 बज चुके थे. बच्चे बार बार मम्मियों को घर चलने के लिए कह रहे थे और पापा लोग जुटे थे शराब पीने में…बस अभी चलते है ..कह कह कर एक बजा दिया और लडखडाते हुए खडे हुए. उन बच्चों के चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था. क्या इज्जत और प्यार रह जाएग बच्चों के मन में अपने पिता के लिए …. कैसे खुश होंगें वो फादर्स डे पर…  अगर आप भी अच्छे पिता बनना और कहलाना पसंद करना चहते हैं तो बच्चों की भावनाओं का ख्याल रखिए … शराब ने कोई भला नही करना आपका बल्कि आपको नुकसान ही पहुंचा रही है.

फादर्स डे की शुभकामनाएं अभी नही … जिस दिन आप इस बुरी गंदी आदत से छुटाकार पा लेंगें उस दिन होगा आपका फादर्स डे ..”

यकीन मानिए …  फादर्स डे टापिक पर लिखने का मन की नही किया और मैं शराब की रोकथाम पर कौन क्या क्या आवाज उठा रहा हैं यही सब सर्च करने लगी.

फादर्स”जरा नही “बहुत” सोचने की दरकार है !!!

खुशी है कि महिलाए, खासकर  गावों की, इस मामले में बहुत पहल कर रही है ..

 

Bender beaten his wife,

वडोदरा, जेतपुर। एक शराबी का पत्नी के साथ मारपीट करना शराब का गोरखधंधा करने वालों पर भारी पड़ गया। साथ ही गुजरात में मद्य निषेध व्यवस्था की जमीनी हकीकत की पोल भी खुल गई।

शिथोल गांव में एक शराबी के पत्नी को पीटने की बात पता चलने पर शुक्रवार को महिलाएं इकठ्ठी हुईं। लाठी-डंडे लेकर शराब के ठेकों पर हमला बोल दिया। आक्रोशित-एकजुट महिलाओं को देख कर कई बुटलेगर घरों में ताला लगाकर फरार हो गए। Read more…

 

Rajasthan Patrika:wine contracts resist, women are the main route jammed

बहरोड़ शराब ठेके के विरोध में गुरुवार को कस्बे की भृर्तहरि कॉलोनी की महिलाओं ने बहरोड़ कस्बे के मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम से मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। ऐसे में गर्मी में परेशान वाहन चालक प्रदर्शन कर रही महिलाओं से जाम खोलने की गुजारिश करते रहे, लेकिन महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस भी महिलाओं से जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है।

महिलाओं ने बताया कि जिस जगह पर शराब का ठेका खुला हुआ है उसके नजदीक मंदिर, स्कूल व पार्क है। ऐसे में शराब का ठेका होने से उन्हेें तथा बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि उक्त ठेका अन्य कहीं स्थानांतरित करने की मांग वे पूर्व में कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई गौर नहीं किया जा रहा है। यह प्रदर्शन तीसरी बार किया जा रहा है। शराब ठेकेदार ठेका खोलने पर आमदा है, जबकि कॉलोनीवासी ठेका नहीं खुलने देंगे।

उल्लेखनीय है कि महिलाएं जब भी विरोध में सड़क पर उतरती हैं पुलिस प्रशासन व ठेकेदार कुछ दिन के ठेका बंद करवा देते हैं। कुछ दिन बाद फिर से यह ठेका खुल जाता है। लोगों की मांग है कि आबादी क्षेत्र में व भृर्तहरि मंदिर के समीप ठेका नहीं खोला जाए। See more…

……. और जो पिता शराब नही पीते या छोडने का फैसला कर चुके हैं उन्हें हैप्पी फादर्स डे … !!!!

June 19, 2015 By Monica Gupta

Online Shopping – Off तो नही कर रही

Online Shopping - Off तो नही कर रही

Off तो नही कर रही  Online Shopping ???  कल कुछ लोगों से बात हो रही थी. बात शापिंग तक जा पहुंची और फिर ओन लाईन शापिंग पर जा कर ठहर गई और फिर एक धंटा इसी पर चर्चा होती रही. दो गुट बन गए.

Online Shopping – Off तो नही कर रही

एक को इसमे अच्छा अनुभव नही रहा और दूसरा बहुत खुश है कि online शापिंग किसी वरदान से कम नही.एक ने बताया कि टीशर्ट ही दूसरी भेज दी और ear rings  मगवाए तो उसके नग ही निकले हुए थे. वापिस तो हो गए पर तनाव भी तो हुआ.उसकी भरपाई कौन करेगा वही दूसरे ने बताया कि ओन लाईन से खुद जाने का खर्चा बचता है.

आफर मे कई बात चीजे फ्री भी मिल जाती है.वो बहस किसी न्यूज चैंनल की बहस से कम नही थी. एक दूसरे की बात काट रहे थे. कोई अरनब  गोस्वामी बन रहा था तो कोई सम्बित पात्रा और अंत में बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बहस खत्म हो गई.

वैसे आपको Off तो नही करती Online Shopping ?

इनंटरनेट के जमाने में जहां बेशुमार सोशल नेटवर्किंग साईटस हैं वही साईटस के साथ साथ चलते हैं लुभावने विज्ञापन… कम दाम में हमें वो घर बैठे बैठाए शापिंग करवा देते हैं तो बुराई क्या है. Online Shopping men   on line shopping women, on line shopping clothing,on line shopping teens,on line shopping cart, on line shopping sites  ढेरो हैं बेशुमार हैं

Online Shopping से पहले अगर हम जरा सी सतर्कता बरते तो यकीनन लाभ ही होगा. इस पर मैने नेट पर बहुत सर्च किया बहुत लोगों से बात की तब कुछ बाते सामने आई जिसका अगर हम ख्याल रखें तो बचाव हो सकता है.

मोबाइल से शॉपिंग में बेहतर रहेगा कि संबंधित साइट का App डाउनलोड कर उसके माध्यम से खरीदारी करें। आमतौर पर फर्जी शॉपिंग साइटों का मोबाइल app नहीं होता. पहली बार जिस साइट का नाम सुना हो उससे दूर ही रहें तो अच्छा होगा Web site कब  बनी होने की तारीख भी जरुर  देख लें. नई बनी  site से परहेज करना चाहिए.

एक जरुरी बात ये भी  कि किसी प्रोडक्ट की स्पेलिंग आदि में गलती दिखे तो  सावधान हो जाएं कई बार मिलता जुलता नाम हमें चक्कर में डाल देता है. ऑनलाइन पेमेंट करने की जगह कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनें  तो ज्यादा सही रहेगा.
अकसर विज्ञापनों के माध्यम से कई बार कोई ब्रांडेड सामान बेहद ही सस्ता दिखता है तो हम लेने के लिए बैचेन हो जाते हैं पर ऐसे में सतर्कता दिखानी ज्यादा जरुरी है. सावधानी ज्यादा जरुरी है. जिस साईट का अपना  नाम हो कोई अहचान हो  वो साइट डिस्काउंट  दे तो ज्यादा सोच नही होनी चाहिए.

क्या रखें सावधानी – सतर्क हो जाएं

शॉपिंग के logo ,  lable  पर क्लिक करें अगर पेज refresh हो तो सही अगर ऐसा न हो तो सतर्क हो जाएं

Shopping करते वक्त अपनी खरीदारी से संबंधित रिकार्ड का प्रिंट निकाल लें, कई बार धोखाधड़ी होने पर ये काम आता है.
किसी साइट पर जरूरत से ज्यादा जानकारी बिल्कुल न दें और डेबिट कार्ड की जगह कम लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड से करें
web sites पर शापिंग करने से पहले अच्छा  है कि उसका  रिव्यू पढ़ लें
इंटरनेट पर मौजूद किसी भी साइट के URL में यदि http की जगह https लिखा हो तो वह विश्वसनीय है
यूआरएल से पहले पेडलॉक भी उसके सेफ होने की निशानी है

आजकल Online Shopping करने का ट्रेड बढता जा रहा है। लोग बिना सोचे समझे Online Shopping करते है जिसके कारण कभी कभी उन्हें नुकसान भी उठाना पडता है। वहीं Online Shopping  करने से स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पडता है।

लोग घंटों ऑनलाइन शॉपिंग करते रहते है। जब हद से ज्यादा on line shopping की आदत हो जाती है तो ये लत बन जाती है। हम इस लत के चलते ऐसी चीजें भी खरीद लेते है जिसकी जरूरत हमें कभी नहीं पडती वहीं पैसे की बर्बादी भी होती है और बार हम मानसिक तनाव से भी घिर जाते हैं.

मास्टरकार्ड Online Shopping सर्वे 2014 के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में कम से कम एक बार ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या 2012 में 70.9 फीसदी थी, जो 2014 में बढ़कर 94 फीसदी हो गई।

off तो नही कर रही Online Shopping ???

 

 Online shopping fraud can spoil your shopping

ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स के आने के साथ ही इंटरनेट पर प्रोडक्ट्स, सर्विसेस, फ्री ऑफर्स, डिस्काउंट कूपंस आदि की भरमार आ गई है। एक समय था जब ऑनलाइन शॉपिंग से लोग डरते थे, लेकिन आज यह जरूरत बन गई है, क्योंकि यह आपको सहूलियत देती है। जब आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं और अपने घर बैठे-बैठे पेमेंट करते हैं और फिर अपने प्रोडक्ट या सर्विस के आप तक पहुंचने का इं तजार करते हैं। अगर विश्वसनीय ई-टेलर से खरीदारी की है तो आप अपने प्रोडक्ट का लुत्फ उठाते हैं और अगर किसी फर्जी वेबसाइट के हत्थे चढ़ गए हैं तो आपका समय और पैसा दोनों बर्बाद जाता है। इस तरह के फ्रॉड के किस्से इन दिनों बढ़ रहे हैं। आईए जानते हैं किस तरह ऑनलाइन शॉपिंग में होता है फ्रॉड और कैसे इससे बच सकते हैं। Read more…

Online Shopping - Off तो नही कर रही

Online Shopping – Off तो नही कर रही

Webdunia Hindi

वेबदुनिया डेस्क अब यह किसी साइंस फंतासी या अरेबियन नाइट्स की कहानी नहीं रही, अब सच में जमाना आ गया है जब सिर्फ छूने (स्क्रीन) या बटन दबाने भर से आपको अपनी पसंददीदा वस्तुएं दरवाजे पर मिल जाती हैं। भारत सहित दुनियाभर में शुरू हुई इंटरनेट क्रांति अपने चरम पर पहुंच चुकी है।

पॉकेट इंटरनेट (या मोबाइल इंटरनेट) के इस युग में अब आपका मोबाइल फोन जादुई चिराग का काम करने लगा है और ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग, ट्रेवल आदि साइट्स जिन्न की भूमिका निभा रहे हैं। हां, इसके लिए पैसा जरूर देना होता है लेकिन प्रतिस्पर्धा के चलते अब ग्राहकों को फायदे वाली योजनाओं का लाभ मिलने के अवसर भी बढ़ गए हैं। अब सवाल उठता है कि क्या ऑनलाइन सेल और शॉपिंग की अप्रत्याशित सफलता सही मायनों में भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता को प्रतिबिम्बित करती है? या यह 90 के दशक के इंटरनेट बूम जैसा एक छलावा सिद्ध होगी? जो भी हो अब यह निश्चित है कि इसका दूरगामी प्रभाव होगा। यह कितना लाभदायक या नुकसानदेह है इसका पता तो आनेवाले समय में चलेगा। 6 अक्टूबर को एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ने ‘बिग बिलियन डे’ के नाम से एक ऐसी स्कीम दी जिसमें 90 प्रतिशत की छूट दी गई। इसका तात्कालिक परिणाम यह रहा कि भारतीय खुदरा बाजार में हड़कंप मच गया और छोटे-बड़े व्यापारियों ने सरकार से मदद मांगी। … See more…

पांच सौ का नोट और हजार का नोट बंद – मोदी जी का ऐतिहासिक एलान – Monica Gupta

पांच सौ का नोट और हजार का नोट बंद – मोदी जी का ऐतिहासिक एलान – गैरकानूनी हुए पांच सौ और हजार के नोट , इस फैसले पर जनता की मिली जुली प्रतिक्रिया है कोई खुश read more at monicagupta.info

 

Online Shopping … अगर आपके भी इस बारे में कोई सुझाव हो तो सादर आमंत्रित हैं हो सकता है आपके दिए सुझाव से किसी का भला हो जाए या तनाव कम हो जाए 🙂

June 19, 2015 By Monica Gupta

Dreaming

Dreaming
सैर सपनों की दुनिया की …. आईए !! आज आपको सपनो की दुनिया की सैर करवाते हैं. सपनों की दुनिया का यह शहर किसी अजूबे से कम नही है. यहाँ आकर कभी हम बच्चे बन जाते हैं तो कभी बूढे. कभी नेता बन जाते हैं तो कभी हीरो बन कर जनता को ओटोग्राफ दे रहे होते है. कुल मिलाकर इस दुनिया मे आने पर हम कोई भी रुप धारण कर सकते हैं या कुछ भी अनहोनी होते देख सकते हैं.
सपनो की इस लाजवाब दुनिया के सफर मे सबसे पहले हमे अनु मिली. 40 साल की अनु सर्विस करती हैं और दिन भर बहुत व्यस्त रहती है. जाहिर है कि घर पहुंच कर बिस्तर पर जाते ही नींद की आगोश मे चली जाती होगी. अनु ने भी मुस्कुराते हुए बताया कि यकीनन उन्हें लेटते ही नींद आ जाती है और फिर Dreaming…

वैसे तो ज्यादातर सपने उठने के साथ ही भूल जाते हैं पर एक सपना है जो उसे अभी भी अक्सर दिखाई देता है. सपना है कि वो स्कूल की परीक्षा देने जा रही है और देर हो गई है. पेपर शुरु हो चुका है और वो घबराहट के मारे रोने लगती है तो उन्हे परीक्षा मे बैठने की इजाजत मिल जाती है पर समय कम होने की वजह से घबराहट मे उनकी स्याही की दवात गिर जाती है और सारी उत्तर पुस्तिका खराब हो जाती है. जब उनकी नींद खुलती है तो पसीने पसीने होती है. खुद को संयत करने मे उन्हे थोडा समय लग जाता है पर फिर खुद पर हंसी आती आती है कि इस उम्र मे ऐसे सपने कैसे आ जाते है.
सपनो की ही दुनिया मे एक और पति पत्नी कुसुम और विनोद का जोडा मिला. जोकि दस साल से विवाहित हैं. सपने की बात सुन कर दोनो मुस्कुराने लगे. कुसुम ने बताया कि पिछ्ले दो चार बार से उनकी आखं खुलती है रात को पति के चिल्लाने की वजह से. वो सोते सोते हाय, हाय बचाओ, बोल रहे होते हैं. कई बार तो उन्होने ध्यान ही नही दिया क्योकि वो खुद भी नींद मे होती थी सुबह उठ कर जब इस बारे मे बात करते तब विनोद को याद भी नही रहता कि वो किस वजह से चिल्लाए थे. खैर, एक रात विनोद के चिल्लाते समय कुसुम की आखं खुल गई. उन्होने तुरंत अपने पति को उठाया पहले तो वो गहरी नींद मे थे पर कुछ पल बाद उन्होने नींद मे ही बताया कि वो एक सूनसान रास्ते मे जा रहे थे और अचानक कोई बुढिया आकर उनका बैग खिंचने लगी. इसलिए वो डर के मारे चिल्ला रहे हैं. बताते बताते वो फिर से सो गए. बात बता कर कुसुम हंसने लगी तो पति महोदय ने कहा कि अपनी बात भी तो बताओ जब एक बार तुम भी चीखी थी. इस पर कुसुम ने तुनक के कहा कि शायद वही बुढिया उनके सपने मे भी आ गई थी.
इससे पहले की उनकी नोक झोंक और आगे बढती. हमने ही आगे बढने मे अपनी भलाई समझी. सपनो की दुनिया मे आगे हमे मिली 10 साल की मणि. मणि ने बताया कि बहुत सपने आते है. सपने मे कभी वो स्टेज पर गाना गा रही होती है तो कभी क्लास मे फर्स्ट आती है तो कभी दोस्तो के साथ जंगल मे खेल रही होती है. पर एक सपना भुलाए नही भूलता वो है कि एक रात वो सो रही है. कमरे मे घना अंधेरा है. अचानक दो तीन चोर आ गए. उसकी आंख खुल गई और वो डर के मारे पलंग के नीचे छिप गई. चोर वही घूम रहे हैं. वो चिल्लाना चाह रही है पर उसकी आवाज ही नही निकल रही. वो पूरे जोर के साथ मम्मी, पापा…!! चोर आए हैं चिल्लाए जा रही है पर मानो वो गूंगी हो चुकी है. उफ!! और जब आखं खुली तो इतनी राहत मिली कि बस!! बहुत डरावना सपना था वो. यह सपना शायद जिंदगी भर नही भूलेगा.
सपनो की दुनिया मे और आगे बढे तो 20 वर्ष की नाव्या मिली. उनसे पूछा तो एकदम से खुश होकर बोली कि सपने मे वो मिस इंडिया चुनी गई और अमिताभ बच्चन जी ने उन्हे क्राउन पहनाया. इतना ही नही रणबीर कपूर के साथ उन्होने फिल्म भी साईन की. शूटिंग भी शुरु हो गई थी. सब कुछ इतना अच्छा चल रहा था सब लोग उसके काम की उसकी खूबसूरती की इतनी तारीफ कर रहे थे कि उसी समय अलार्म बजा और वो गहरी नींद से जाग गई. बताते बताते वो उदास हो गई.
उनको शुभकामनाए देते हुए हम आगे बढे तो सामने से 30 वर्ष की दर्शना चली आ रही थी. उन्होने बताया कि बचपन मे एक सपना बहुत आता था. उनके घर के ड्राईंग रुम मे शो केस मे बहुत बडी गुडिया थी. कई बार उन्हे रात को सपना आता अब पता नही कि वो सपना था या सच्चाई थी कि वो गुडिया शो केस से बाहर निकलती और पूरे घर का चक्कर लगाकर वापिस शो केस मे चली जाती. सुबह उठ कर जब वो उस शो केस वाली गुडिया को देखती तो उन्हे लगता कि वो उन्हे देखकर मुस्कुरा रही है. यह सब देख कर उन्हे बहुत डर लगता पर उन्होने अपनी मम्मी को यह बात कभी नही बताई कि कभी उनका मजाक की ना बन जाए. अरे बाप रे! उनका सपना या हकीकत जो भी थी सुनकर तो हम भी डर गए और वहां से खिसकने मे ही भलाई समझी.
Dreaming ….  45 वर्ष की सुनीता मिली. सुनीता ने जो बताया वो भी काफी हैरान कर देने वाला था. उन्होने बताया कि करीब 4-5 साल पहले की बाता है. रात को जब वो सो रही थे तो सपने मे उनके स्वर्गवासी पिता नजर आए. वो गेट के बाहर हाथ मे कोई तोहफा लिए खडे थे.सुनीता ने बताया कि उन्हे देख कर वो बाहर आई उनसे वो तोफहा लिया और गले मिल कर बहुत रोई. फिर अचानक आखं खुल गई. अगले दिन उन्हे खबर मिली कि जो जायदाद का जो काम इतने सालो से अटक रहा था. वो फैसला उनके हक मे रहा और वो जीत गए. बताते बताते सुनीता भावुक हो गई.

Dreaming
सपने की दुनिया मे ऐसे और भी बहुत लोगो से मिले और उन्होने बहुत बाते शेयर की.कोई कहता सुबह का सपना सच होता है तो कोई कहता कि किसी मरे हुए इंसान को देख लो तो उसकी उम्र बढती है.किसी ने बताया कि सपने मे मोटी गाय को देखो तो फायदा और पतली गाय को देखो तो नुकसान होता है. सपने मे कोई बडी इमारत देख लो तो भाग्य उदय होता है इत्यादि इत्यादि!!सच, सपनो की दुनिया ही निराली है.
वैसे इस बात मे भी कोई दो राय नही कि सपने में सपने जैसा कुछ लगता ही नही. बिलकुल ऐसा महसूस होता है जैसे यह सचमुच में घटित हो रहा है. कोई हमेशा हमेशा के लिए इसी दुनिया मे रहना चाह्ता है तो कोई इससे तुरंत बाहर निकलना चाह्ता है. दुनिया भर के अनेकों मनोवैज्ञानिको ने भी सपने की इस दुनिया में झाँकने की कोशिश की, लेकिन इस रहस्यमयी दुनिया को जितना भी समझने की कोशिश की उतनी ही यह उलझाती रही.
इसी बारे मे जब हमने जाने माने मनोचिकित्सक से बात की तो उन्होने बताया कि सपने आना एक सहज प्रक्रिया है. अब सपने किस तरह के आते हैं ये हमारे मन पर निर्भर करता है. असल मे, कोई ना कोई बात हमारे दिलो दिमाग मे कही दब कर बैठी होती है जिसका हमे पता भी नही चलता और देर सवेर कभी ना कभी हमे सपने के रुप मे दिखाई दे जाती है.
जाने माने मनोविश्लेषक सिग्मंड फ्रायड के अनुसार हम अपनी अतृप्त एवं अधूरी इच्छाओं की पूर्ति सपनो के माध्यम से करते है. कोई जो भी कहे पर सपनों का संसार वाकई मे अनूठा, अदभुत और आश्चर्यजनक है … 🙂

Dreaming

dreaming photo 5 Astro tips to overcome bad, horrible dreams-5

अक्सर हमें नींद में सपने आते हैं। कई बार ये सपने इतने डरावने होते हैं कि आंखें खुल जाती हैं और हम डर से पसीने-पसीने हो जाते हैं। इन सपनों में कई बार हम परेशान बच्चे, भटकती आत्माएं, जंगली जानवर, अंधेरे रास्ते या किसी खतरनाक संकट को देखते हैं जिससे हमें भयंकर डर लगने लगता है। ज्योतिष के कुछ साधारण से उपाय करके आप इन डरावने सपनों से बच सकते हैं।

प्रतिदिन रात को सोते समय हनुमान चालीसा का एक बार पाठ करके सोएं, आपको बुरे सपने आना बंद हो जाएंगे।

यदि रात में किसी भी तरह का डर लगता हो तो अपने सिरहाने के नीचे एक पीपल की जड़ तथा उसकी टहनी का छोटा सा टुकड़ा रखें। ये दोनों ही सूर्यास्त से पहले तोड़े, सूर्यास्त होने की स्थिति में अगले दिन ही पेड़ की जड़ और टहनी तोड़े।

कभी भी उत्तर तथा पश्चिम दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। ऎसा करने से शरीर के मैग्नेटिक करंट में बाधा पहुंचती है और दिमाग बैचेन हो जाता है। अक्सर इन दिशाओं में सिर करके सोने वाले चौंक कर उठ जाते हैं। पूर्व को सोने के लिए सबसे अच्छी दिशा माना जाता है। इस दिशा में सिर तथा पश्चिम में पैर करके सोने से अच्छी नींद आती है और बुरे सपनों से भी निजात मिलती है।

सपने में यदि बार-बार नदी, झरना या पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष की वजह से हो सकता है। इसके लिए अमावस्या के दिन सफेद चावल, शक्कर और घी मिला कर पीपल के पेड़ पर सूर्यास्त के बाद चढ़ाने से आराम मिलता है। See more…

Dreaming

June 18, 2015 By Monica Gupta

वो तीस दिन

वो तीस दिन

वो तीस दिन ” मेरा पहला बाल उपन्यास और अब तक की सातवीं प्रकाशित किताब है. नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की ओर से प्रकाशित बाल उपन्यास सन 2014 में प्रकाशित हुआ.

बाल उपन्यास की मुख्य पात्रा है कक्षा दस ने पढने वाली मणि. जोकि किसी भी बच्चे की तरह बेहद शरारती चुलबुली है पर कक्षा दस की परीक्षा खत्म होने के बाद नतीजा आने से पहले तीस दिनों में ऐसा क्या होता है कि मणि के एक जबरदस्त बदलाव आ जाता है…

कहानी बेहद रोचक, मनोरंजक और शिक्षाप्रद है.

इसकी एक छोटी सी झलक ….

वो तीस दिन
मै हूँ मणि। आज मेरी दसवीं क्लास की बोर्ड़ परीक्षा का आखिरी दिन है। हे भगवान! कितनी टेन्शन थी ना………। आज पता है मैं घर जाकर सबसे पहले क्या करूंगी। शर्त लगा लो आप लोग बता ही नहीं सकते। मैं सबसे पहले टेलिविज़न चलाऊंगी और दो महीने से जो पिक्चरें मैंने नहीं देखी वो देखूंगी और अपने मोबार्इल पर आए मैसेज पढूंगी। पता है पिछले दो महीनों से मम्मी-पापा ने मुझे कुछ भी नहीं करने दिया बस…………..पढ़ार्इ………..पढ़ार्इ………पढ़ार्इ……… इस करके………. आज मैं ढे़र सारी मनमानी करने वाली हूं।
उफ……….शुक्र है………. आज आखिरी पेपर उम्मीद के अनुसार ठीक ही हो गया अब तो जल्दी थी घर पहुंचने की। मैं रास्ते में जा रही थी कि मेरे सामने वाली सड़क पर एक स्मार्ट सी युवती, छोटे-छोटे बालों वाली, आंखों में धूप का चश्मा लगाए, बैग कन्धे पर लटकाए सड़क पार कर रही थी कि शायद उसका पांव फिसल गया या पता नहीं………..क्या हुआ………पर वो बहुत बुरी तरह से गिर गर्इ। पता नहीं उसे देखकर मेरी बहुत बुरी तरह हंसी निकल गर्इ और मैं ठहाका लगाती ताली बजाकर हंसती हुर्इ आगे बढ़ी। उधर वो तुरन्त उठी मेरी तरफ देखा फिर अपने कपड़ों को झाड़ा और ऐसे चल दी मानो कुछ हुआ ही ना हो। मैं हंसती हुर्इ आगे बढ़ी। सामने से पुनीता आ रही थी उसने बताया कि वो आज से ही ब्यूटीशियन का कोर्स ज्वाइन कर रही है और उसकी बहन कुकिंग का। मैंने मुंह बिचका लिया और बोली भर्इ मैं तो आराम करूंगी और टेलिविज़न ही देखूंगी। उसको बाय बोलकर मैं घर की ओर बढ़ गर्इ। दूसरी तरफ से गीता मैड़म आ रहे थे………मैंने उन्हें देख कर भी अनदेखा कर दिया क्योंकि देखती तो उन्हें नमस्ते करनी पड़ती………….कौन करे नमस्ते…………..यही सोचती हुर्इ मुंह दूसरी तरफ करके मैं आगे बढ़ गर्इ।

घर पहुंची तो मम्मी छोले-भठूरे बना रहीं थीं। मैं बिना हाथ धोए और बिना कपड़े बदले रसोर्इ में घुसी और प्लेट लगाने लगी। मम्मी ने हमेशा की तरह टोका और और ड़ांटा और मैंने भी हमेशा की तरह उनकी बात अनसुनी कर दी और गर्मागर्म भठूरे का पहला निवाला आदत के अनुसार मम्मी को खिलाया और फिर खुद खाया। मम्मी गरमा-गर्म भठूरे उतारती रही मेरी प्लेट में ड़ालती रही और मेरे पेपर के बारे में पूछती रही कि कितने नम्बर आ जाएंगे। मेरा पूरा ध्यान टेलिविज़न पर आ रहे धारावाहिक पर केंद्रित हो चुका था इसलिए मैंने मम्मी को साफ तौर पर कह दिया कि आज का पेपर ठीक हो गया और आज पढ़ार्इ के बारे में कोर्इ बात मत करना। आज मैं सिर्फ टी.वी. देखूंगी और मोबार्इल पर आए मैसेज़ पढूंगी और आगे भेजूंगी। इतने में लार्इट चली गर्इ। मुझे गुस्सा तो बहुत आया पर सोचा चलो समय का फायदा उठाती हूं और मैसेज पढ़ती हूं। बाप रे………बीस मैसेज़ थे।

woh tees din by monica gupta

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tees din

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