लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर-मोनिका गुप्ता
Journey from writer to cartoonist of Monica Gupta
लेखन का शौक बचपन से ही था पर असली पहचान मिली इंटरनेट से और फिर शुरु हुआ लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर-मोनिका गुप्ता का यानि मेरा इंटरनेट ने ना सिर्फ लेखन को बढने का मौका दिया बल्कि कार्टून बनाने की दुनिया में भी पांव रखने का मौका दिया.
Indian Lady Cartoonist Monica Gupta
मेरा लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर-मोनिका गुप्ता ज्यादा उतार चढाव वाला नही रहा क्योकि मैनें अखबारों के सम्पादकों के चक्कर नही लगाए… जो बनाया उसे नेट पर फेसबुक पर गूगल प्लस पर डालती गई और फिर शुरु हुई पहचान मिलनी
From writer to cartoonist Monica Gupta
बात बचपन के उन दिनों की है जब घर पर या किसी सहेली या जन्मदिन होता तो मैं कार्ड बना कर दिया करती. उन दिनो कार्डस का बहुत प्रचलन था मेरी कोशिश यह रहती कि कटिंग वाले कार्डस बना कर दूं और सभी पसंद भी करते थे. फिर समय बीता और कार्ड बनाने का शौक जारी रहा.
कालिज मे आने के बाद अखबार द ट्रिब्यून में “You said it” नामक कार्टून आया करता था. अखबार सुबह सुबह आ जाता था और मैं फटाफट वैसा कार्टून बना कर कालिज ले जाती और प्रिन्सीपल के कक्ष के सामने वॉल मैगजीन मे लगा देती.
एक दिन उन्होनें ( शांति मलिक ज़ी) ने मुझे बुलाया और पूछा कि क्या तुम बनाती हो? एक बार तो मैं डर गई सोचा कि आज तो गए काम से डांट पडेगी पर मेरे हां कहने पर कि मैं अखबार से देख कर बनाती हूं उन्होनें शाबाशी दी और बोला कि बनाते रहा करो… उस दिन तो मानो मेरे पंख ही लग गए थे. खैर, समय बीतता रहा और होस्टल जाने के बाद, पढाई मे लग कर कार्टून वार्टून सब भूल गई. फिर बहुत समय बीत गया.
इस बीच लेखन तो चलता रहा पर चित्र बनाना कही छूट सा गया और अन्य कार्यों जैसे आकाशवाणी , दूरदर्शन, डाक्यूमैंट्री, स्क्रिप्ट लेखन , वायस ओवर, अपने बनाए टीवी प्रोग्राम और फिर ज़ी न्यूज की संवाददाता और किताबे लिखने आदि में बहुत व्यस्त हो गई. पर इतना जरुर है दोनो बच्चे बहुत ही अच्छी चित्रकारी करते और कई बार ईनाम भी मिलता तो खुशी के साथ गर्व भी होता.
समय और बीता लेखन जारी रहा किताबें भी आ गई और एक पहली ही किताब ” मैं हूं मणि ” को हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से सन 2012 में बाल साहित्य पुरस्कार भी मिला.फिर मुझे पता लगा ओरकुट नाम का कुछ है उससे पहले की उसे जान पाती…. पता चला कि फेसबुक शुरु हुआ है. फिर उसमे शामिल हो गई. इसी बीच नव भारत टाईम्स में भी अपना ब्लॉग बना लिया और साथ साथ अपना ब्लॉग ( जो आप पढ रहे हैं) भी बना लिया.
फेसबुक पर एक दो कार्टूनिस्ट मित्र बने और मुझे अपना समय याद आ गया. एक दिन हिम्मत करके एक कार्टून डाल ही दिया. यह बात …… मैने सोचा भी नही कि पाठको को अच्छा लगेगा… बस फिर तो मैं रुकी नही. जब कोई आईडिया आता बना लेती और डाल देती. कुछ कमेंटस मुझे यह जताने के लिए भी होते कि मुझे कार्टून नही बनाने चाहिए पर मैं हमेशा अच्छे कमेंटस को ध्यान मे रखती और प्रयास रहता की सुधार भी होता रहे… मुझे पता था कि मेरी चित्रकारी कोई बहुत अच्छी नही है पर सोचा कि जब एक मंच मिला है तो क्यो न उसका पूरा लाभ उठाया जाए है और दूसरा ये कि इसी बहाने प्रैक्टिस ही होती जाएगी …!!
फेसबुक पर जनवरी 2011 में डाले कार्टून 
लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर-मोनिका गुप्ता
फिर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई… A day in the life of India….. इसमे मैने लगातार कार्टून भेजे और कम से कम 50 कार्टून शार्ट लिस्ट हुए. मेरे विचार से किसी नए कलाकार के लिए इससे अच्छा प्रोत्साहन हो ही नही सकता.
http://navbharattimes.indiatimes.com/photomazza/eye-witness/-/photomazaashow/8460997.cms
एक दिन नेट पर सर्च करते हुए मैने देखा कि मेरे बनाए कार्टून्स के स्लाईड बने हुए हैं जोकि मेरा उत्साह बढाने के लिए बहुत थे…
लेखन के साथ साथ नव भारत टाईम्स के ब्लॉग में कार्टून भी नियमित डालने शुरु किए तो वहां से भी बहुत अच्छा रिस्पांस मिलता चला गया.
एक दिन फेसबुक मित्र का मैसेज आया कि आपका कार्टून दैनिक जागरण मे प्रकाशित हुआ है.. लेख, हास्य, व्यंग्य तो बहुत प्रकाशित होते रहते थे पर कार्टून का छपना मेरे लिए बेहद खुशी का पल था.
उसके बाद 2012 से मेरे कार्टून नियमित तौर से दैनिक जागरण के मुद्दा मे प्रकाशित होने लगे… ये लगभग डेढ साल तक आए. हर बृहस्पतिवार ये मुद्दा के तहत प्रकाशित होता था.
इसी बीच अन्य समाचार पत्रों व पत्रिकाओं जैसाकि कार्टून वाच में तथा नभछोर में नियमित कालम{ नजरिया} के नाम से छपना शुरु हुआ जिसमे नियमित रुप से ढेरों कार्टून आते चले गए…
ये सब चल ही रहा था तभी निमंत्रण मिला Cartoonist Exhibition का
बात 29 Oct. 2012 की है .Government Of Kerala की ओर से राष्ट्रपति भवन के आडिटोरीयम में केरल कार्टून अकादमी ने late shree P.K.S. Kutty की याद में एक पुस्तिका का विमोचन किया। विमोचन श्री प्रणव दा ने किया। राष्ट्रपति भवन में 12 बजे कार्यक्रम आरम्भ हुआ कार्यक्रम करीब 2 घटे तक चला .इस अवसर पर श्री प्रणव दा ने भी अपने अनुभव सभी को बताए . देश भर से आए जाने माने कार्टूनिस्ट ने इसमे भाग लिया। अवसर पर Exhibition भी लगाई गयी। जिसे दादा ने बहुत सराहा सच में, सभी जाने माने कार्टूनिस्ट से मिलना,रूबरू होना सुखद अनुभव रहा …

मोनिका गुप्ता कार्टूनिस्ट
हालाकिं प्रणव दा के लिए कार्टून बनाया पर दे न सकी पर वो अनुभव अभी भी मेरी आखों में मौजूद है..
लगातार कार्टून बना रही हूं. कई बार ठीक तो कई बार अच्छे बन जाते हैं. इस बीच कई अखबारों मे कार्टून आने शुरु हो गए. नेट व अन्य अखबारों के साथ साथ कई बार दैनिक भास्कर में भी प्रकाशित हुए और हो रहे है…
तब से लगातार कार्टून बना रही हूं इस बीच काफी पत्र पत्रिकाओं में भी भेजती रहती हूं पर मुझे लगता है कि नेट अपनी बात कहने का सबसे अच्छा माध्यम है आज अगर मैं समाचार पत्रों पर ही निर्भर करती तो शायद कभी बना ही पाती पर ब्लॉग और फेसबुक ने नई पहचान दी और पाठको का कार्टून पर महज लाईक करना ही नया आत्मविश्वास पैदा करता चला गया…
आज के कुछ कार्टून …
एक फायदा और हुआ वो ये कि जहां मेरे पहली पुस्तक “मैं हूं मणि” के कुछ चित्र मैने बनाए वही अपनी लिखी एक अन्य पुस्तक ” अब मुश्किल नही कुछ भी ” का कवर पेज तैयार किया
आम आदमी पार्टी पर बनाए कुछ कार्टूंन वीडियों रुप में बनाए
इसके इलावा 25 June to 27 June, 2015 को A unique, major exhibition of cartoons and caricatures featuring Charlie Chaplin by 200 cartoonists.जोकि Piramal Gallery, National Centre for the Performing Arts (NCPA), Nariman Point, Mumbai मे आयोजित हुई. उसमे भी हिस्सा लिया…
और अगर आप गूगल सर्च करेंगें तो आपको ढेर सारे कार्टून देखने को मिलेंगें …
चार्ली चेप्लिन के जन्म के 125 वे वर्ष पर उनके फ़िल्मी जीवन में व्यंग्य की कथा के साथ-साथ उनकी स्क्रीन पर उपस्थिति का 100 वां वर्ष मनाने के लिए ये साल यानि 2015 चार्ली चैपलिन वर्ष के रूप में मनाया गया. इनमें से लगभग 200 कार्टून एक विशेष पुस्तक में शामिल किए गए हैं.चार्ली चैपलिन लाइन्स’ के रूप में सबसे पहले भारत में चार्ली चैपलिन वर्ष समारोह 25-27 जून , NCPA मुंबई में कार्टून/करिकेचर प्रदर्शनी आयोजित की गई.. इसमे मेरे बनाए चार्ली चैपलिन भी शामिल किए गए
बेशक, मुझे अपने पहले के बनाए कार्टून देख कर हंसी आती हैं कि कितने बुरे बनाती थी … पर ये तो चलता ही रहेगा और चलता ही रहना चाहिए … मेरे विचार से हम जिस भी काम में जुटे वो सच्चे मन और ईमानदारी से करते रहना चाहिए सफलता कभी न कभी जरुर मिलेगी … !!!
हाल ही में एक अन्य प्रदर्शिनि का आयोजन किया गया
IIC is organising 9th Anniversary of the Indian Cartoon Gallery on 4th June 2016 in Bangalore. Distribution of Prizes of MKMA-2015 and an exhibition of Indian and Foreign cartoons will also be organised on the same occasion at the cartoon gallery.
विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्टून प्रतियोगिता – National Level Cartoon Competition
http://blogs.navbharattimes.indiatimes.com/author/monicagupta/
बात 30 जून 2011 की है जब मैंने नव भारत टाइम्स में अपना रीडर्स ब्लाग लिखना शुरु किया था.
इसके बाद 29. 11. 2012 की बात है जब मैनें अपना blog (जिसे आप पढ रहे हैं ) बनाया और उस पर लिखना शुरु किया और आज की तारीख में 1,213 यानि एक हजार 213 पोस्ट हो चुकी हैं और नव भारत टाईम्स के ब्लॉग में भी तब से आज तक 730 लेख, विचार और कार्टून प्रकाशित हो चुके हैं और फिर अक्टूबर 2015 से नव भारत टाईम्स ने मुझे रीडर्स ब्लॉग से author blog में शामिल कर लिया गया है जिसमें मेरे अधिकतर कार्टून प्रकाशित होते हैं.
आप लिंक क्लिक करके देख सकते हैं 😎
अब मैं अपने ही बनाए कार्टून की वीडियों बना रही हूं ताकि आप सभी इसे सहजता से देख पाएं
थैक्स गूगल , फेसबुक गूगल प्लस, टवीटर, पिनट्र्स्ट और नव भारत टाईम्स ब्लॉग के साथ साथ उन सभी का जिन्होनें मुझे हमेशा मुझे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से प्रेरित किया और कर रहे हैं …

सफर जारी है….!!! 🙂
लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर-मोनिका गुप्ता
क्या आप भी कुछ बनना चाह्ते हैं तो सोचिए मत बस प्रयास जारी रखिए हौंसला रखिए और बहरे बन जाईए ( नकारात्मक विचारों की तरफ ध्यान नही दीजिए) … फिर देखिए सफलता न मिले तो मुझे बताईएगा 🙂
हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए !!!
विजन बनाम वजन
विजन बनाम वजन
Vision /वजन = बिहार में उपहार
अब चुनावों में विजन से किसी को क्या मतलब … सभी को वजन से मतबल है कि कित्ता मिलेगा … इसलिए विजन नही वजन का राग असर आलापिएगा सर
जिस तरह से बिहार चुनाव मे जनता को लुभाने के प्रयत्न किए जा रहे हैं … बेहद दुखद है … यानि फिर एक ऐसा उम्मीदवार जीतेगा जो पैसे के बल पर जीता
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने घोषणा पत्र के रूप में अपना विजन डाक्यूमेंट पेश कर दिया। छात्रों को लैपटॉप और दलितों को रंगीन टीवी देने का वादा कर भाजपा ने भी विकास के मुद्दे को एकतरफ रख उसी लोकलुभावन राजनीति की ओर ही कदम बढ़ा दिया है जिस पर पिछले कुछ समय से राजनीतिक दल जीत हासिल करते आए हैं।
पटना में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विजन डाक्यूमेंट पेश करते हुए कहा कि बिहार को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर विकास की दिशा में ले जाने के लिए भाजपा ने यह संकल्प पत्र जारी किया है।
वित्त मंत्री ने भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह बिहार के चर्चित मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया की तर्ज पर बिहार में भी मेक इन बिहार और डिजिटल बिहार कार्यक्रम शुरू करने का वादा किया।
आज शाम घर के सामने से एक छोटा सा बच्चा अपनी मम्मी के साथ जा रहा था और अचानक आसममान ने उडती चिडिया देखकर उत्साहित होता हुआ बोला देखो मम्मी…. टवीटर !!! और टवीट टवीट कह कर बोलने लगा.. मैं सब देख रही थी और देखकर सोचने लगी …आजकल बच्चों बडो मे नेट का क्रेज बढता जा रहा है घंटो घंटो हम नेट पर बैठे रहते हैं. असली चिडिया की चहचाहट उनका कलरव भूल गए हैं… चिडिया को टवीटर के नाम से जानने लगे हैं… नेट का क्रेज होना चाहिए बहुत अच्छी बात है पर हमे प्रकृति से भी दूर नही जाना चाहिए !!
Digital India
Digital India
बेशक, डिजिटल इंडिया बहुत अच्छा प्रयास है और् स्वागत योग्य है पर जिस तरह से नेट वर्क इतना धीमा चल रहा है कि सुबह से दोपहर हो जाती है बस Page is loading ही चलती रहती है कुछ पोस्ट नही कर पाते ऐसे मे किस मन से सुस्वागत करें हम इसका …
Digital India
Here’s what you need to know about the Digital India initiative | Latest News & Updates at Daily News & Analysis
Several people have changed their Facebook profile pictures after CEO Mark Zuckerberg and Prime Minister Narendra Modi did so and urged other to follow suit to support the Digital India initiative. But wait–this profile picture change actually ties more closely in to Facebook’s own Internet.org strategy, which should not be confused as being congruous with India’s Digital India movement.
So merely switching to a tricolour profile picture has, in fact, nothing to do with the Digital India initiative. Lets clear the air and re-look at the tenets that define the Digital India initiative.
Also Read: From Microsoft’s Satya Nadella to Apple’s Tim Cook, who said what about ‘Digital India’
Launched by Prime Minister Narendra Modi on July 1, 2015, the Digital India initiative was started with a view to empower the people of the country digitally. The initiative also aims to bridge India’s digital segment and bring big investments in the technology sector. Via dnaindia.com
Digital India
गूगल
मोदी जी और गूगल
गूगल ऑफिस और मोदी जी का ये दौरा और भी खास बन गया जब वो फेसबुक आफिस में एक प्रश्न का जवाब देते हुए भावुक हो गए और चैंनल पर यही खबर बार बार दिखाई जाने लगी
Jansatta
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गूगल परिसर का दौरा किया और कहा कि एक समय आएगा जब इंटरनेट व प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल होगा और इससे आम लोगों की जिंदगी में गुणात्मक बदलाव आएंगे।
मोदी ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान फेसबुक के बाद गूगल के मुख्यालय का दौरा किया जहां उन्हें गूगल कंपनी द्वारा उत्पादित कुछ आधुनिकतम उत्पाद दिखाए गए।
इस दौरान उन्होंने कहा, कभी-कभी मैं मजाक में कहता हूं कि प्रौद्योगिकी का जन्म समय, मानव श्रम व कागज बचाने के लिए हुआ। लेकिन हुआ इसका उलटा। आज लोग सबसे ज्यादा समय इसी में बिताते हैं। शिशु जब दूध मांगता है तो मां कहती है कि ठहरो मुझे एक व्हाटसएप्प करना है।
उन्होंने कहा, इस प्रौद्योगिकी का बहुत लाभ हुआ है। मुझे उसका बहुत फायदा मिला है। नरेंद्र मोदी एप से लगातार संदेश व सुझाव मिलते हैं। यह लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी ताकत बन गया है। Read more…
गूगल
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कार्टून …. मोनिका गुप्ता






































