Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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April 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

कार्टून मन की बात

कार्टून मन की बात

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

दुखी मन की बात …. अच्छे दिन आने वाले है या मोदी लहर बहुत चली और सुनी भी .. पर हुआ क्या … ना तो अच्छे दिन  आए और न ही मोदी लहर ने सूकून दिया … !! जब भी देखो यही सुनने को मिला कि अच्छे दिन आने वाले हैं  आने वाले है लो जी हम यही अपना डेरा डाल कर बैठ गए देखते हैं  कि कब आएगें अच्छे दिन …

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

March 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

फॉर्च्यून पत्रिका और अरविंद केजरीवाल

cartoon- Monica Gupta

फॉर्च्यून पत्रिका और अरविंद केजरीवाल

ये सम्मान अरविंद केजरीवाल जी को ऑड ईवन लागू करने के लिए मिला. देखा जाए तो जनता का उनके प्रति प्यार भी Odd Even ही रहा … कभी लोग उनसे प्यार करते कभी उनपर नाराज  हो जाते … पर अरविंद जी झुके नही मुसीबतों का सामना करते चले गए … और एक मिसाल हैं एक प्रेरणा हैं … शायद इसलिए अरविंद जी के करोडों प्रशंसक हैं और मैं भी उनमे से एक हूं … !!

 

फॉर्च्यून पत्रिका और अरविंद केजरीवाल

फॉर्च्यून ने 50 नेताओं की लिस्ट में केजरीवाल जी 42वीं पायदान पर हैं . मैगजीन ने जनवरी में 15 दिन के लिए ऑड- ईवन फॉर्मूला लागू करने के लिए दिल्ली सरकार की सराहना की है.. यकीनन आपने गाँधी जी एक बात को साबित कर दिखाया “पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे.” तो आप भी उन्हें ignore करने दीजिये , हंसने दीजिये ,लड़ने दीजिये ,पर अंत में आप जीत जाइये . क्योंकि आप जीतने के लिए ही यहाँ हैं , हारने के लिए नहीं. ढेर सारी शुभकामनाएं !! मेरे बनाए आपके कुछ ऑड- ईवन कार्टून 😀

फार्च्यून की तीसरी सालाना ‘‘वर्ल्डस 50 ग्रेटेस्ट लीडर्स’’ की सूची में दुनियाभर से कारोबार, सरकार, परमार्थ कार्यों और कला के क्षेत्र की उन चुनिंदा हस्तियों को शामिल किया गया है, जो ‘‘दुनिया बदल रहे हैं और दूसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

फॉर्च्यून पत्रिका ने दुनिया के 50 महानतम नेताओं की अपनी सूची में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम शामिल किया है। केजरीवाल इस सूची में स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय नेता हैं.
पहला स्थान अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस को मिला है।
’’ आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल (47 साल) को 42वां स्थान मिला है और वह सूची में शामिल एकमात्र भारतीय नेता हैं।

Cartoon - Odd, even cars- Monica gupta

Cartoon – Cars- Monica gupta

पत्रिका ने केजरीवाल जी की सराहना करते हुए लिखा है, जब केजरीवाल ने धुंध से निपटने के लिए सम विषम योजना का खाका पेश किया तो कई लोगों ने संदेह जताया। नई दिल्ली को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया का सर्वाधिक प्रदूषित शहर कहा था। सम विषम योजना के तहत दिल्ली में सम और विषम नंबर की गाड़ियों को एक एक दिन के अंतर में सड़कों पर चलाया गया। फॉर्च्यून ने कहा, इस जनवरी में परियोजना के उल्लेखनीय नतीजे मिले। सड़कों पर वाहनों की भीड़ कम हुई, पार्टिकुलेट वायु प्रूदूषण सांद्रण में 13 फीसदी की कमी आई और नागरिकों को सांस लेने के लिए साफ हवा मिली। पत्रिका ने कहा कि नेतृत्व का मतलब प्रजानायक होना या लोकप्रियता नहीं होता बल्कि दुनिया भर के लोगों द्वारा उस तरीके की तारीफ करना होता है, जिसके जरिये आप जीवन को बेहतर बनाते हैं।

Best Wishes Arvind ji 🙂

 

 

December 23, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

शरारती बच्चे, छुट्टियां और घर परिवार

didi by monica gupta

दीदी की चिठ्ठी, दैनिक नवज्योति, जयपुर से हर रविवार प्रकाशित होने वाला नियमित स्तम्भ …इसमे दीदी यानि मैं अलग अलग बातें करके नन्हें बच्चों का मनोंरंजन करती और मनोरंजन के साथ अक्सर सीख भी छिपी होती ….

शरारती बच्चे, छुट्टियां और घर परिवार

हैल्लो नन्हे दोस्तो,

कैसे हो! क्या हो रहा है? इतना शोर शराबा !!अरे बाप रे !!! धमाचौकडी!! पता है कल नन्हे नोनू ने इतनी जोर से तकिया उछाला कि वो पंखे पर ही अटक गया. गोलू इतनी जोर से छ्लांग लगता है बिस्तरे से जमीन पर कि पूछो ही मत और पता है नन्ही नैना को तो मिट्टी खाने का बहाना चाहिए जब भी मौका मिला बस बाहर पहुचं जाती है. मैने प्यारी सी मणि से पूछा कि आप क्या कर सकती हो तो पता है वो मुझे तोतली आवाज मे क्या बोली. इसने कहा… दीदी, मैं छब तुछ् तल छ्कती हूं. आप दोलो मै वही तलूदी. मैने उसे कहा अच्छा अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी नाक पर लगा कर दिखाओ. उसने बहुत कोशिश की पर वो नही कर पाई. फिर उसने कहा कि दीदी तुछ दूसली बात बताओ. मैने उसे एक कागज दिया और कहा कि इसे बराबर करके मोड कर दिखाओ आप सात बार से ज्यादा फोल्ड नही कर पाओगे. मेरी बात सुनकर वहां, नोनू और मणि की मम्मी भी आ गई. मणि की मम्मी ने कहा कि ये तो जरा भी मुश्किल नही वो तो इस कागज को दस बार भी मोड सकती है. खैर, मणि ने पहले कोशिश की .असल मे 5 बार मोडते मोडते कागज इतना मोटा हो रहा था कि और नही मोडा जा रहा था. सातवीं बार ही इतना मुश्किल हो गया था उसे मोडना. मणि की मम्मी और कागज ले आई पर कितना भी बडा कागज ले लो वो 7 बार से ज्यादा हम नही मोड सकते.नोनू ने भी बहुत कोशिश की पर सब बेकार. घर मे एक अजीब सी चुप्प्पी छा गई थी. मणि की मम्मी खुश हो गई और बोली कि ऐसी बाते अच्छी है क्योकि कम से कम बच्चे चुपचाप तो लगे रहते है अपने काम मे.काम से मुझे याद आया कि मुझे भी एक बहुत जरुरी काम है पर जाते जाते एक बात आप सभी से जरुर कहूगी कि “हम सब कहते हैं कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पडता है पर सच्चाई यह है कि कुछ पाने के लिए कुछ करना पडता है”.आप करिए और देखिए सफलता आपके साथ साथ होगी.

शुभकामनाओ सहित

आपकी दीदी

मोनिका गुप्ता

December 20, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

प्यार, रिश्ते और अहसास की गर्मी

lady photo

प्यार, रिश्ते और अहसास की गर्मी

कुछ देर पहले मैं खबर देख रही थी कि आज दिल्ली में सबसे ठंडा दिन. इतने मे मणि भी आ गई. अपनी वही पुरानी और सदाबहार शाल के साथ. ये shawl उसकी मम्मी की है और मणि का मानना है कि इसमे बहुत गरमाहट है हालाकि उसकी मम्मी भी नाराज है कि अब ये पुरानी हो गई पर मणि उसे छोडने को तैयार नही. वो मम्मी की महक और गरमाहट शाल के माध्यम से महसूस करती है.

वहीं पिछ्ले दिनों दो तीन पार्टी में मेरी एक सहेली एक ही साडी में दिखी. उसका कहना था कि ये साडी उसके बेटे का सबसे पहला उपहार है. इसे पहन कर ऐसा लगता है कि उसका बेटा उसी के पास है. बेटे के प्यार की गर्मी को वो ऐसे महसूस कर रही थी.

वही विवेक ने अपने कमरे में अपने दादाजी की कुर्सी रखी हुई है जब भी वो ऑफिस का काम करता है उसी पर बैठ कर करता है और उनके प्यार की गरमाहट महसूस करता है…

प्यार रिश्ते और अहसास की गर्मी लेख आपको कैसा लगा ?? जरुर बताईएगा !!!

 wooden chair photo

Photo by ell brown     

कुल मिलाकर यही ये समझ आया कि सिर्फ गर्म कपडे ही गर्मी नही देते प्यार का अहसास भी बहुत गर्मी देता है एक बार आप भी ओढ कर देखिए…

 

December 17, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव

हमारे व्यक्तित्व

हमारे व्यक्तित्व – व्यक्तित्व की परिभाषा

जिंदगी में हमे बहुत तरह के लोग मिलते हैं. कुछ दिल में जगह बना लेते हैं तो वही कुछ दिल से उतर जाते हैं. हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव कैसा होना चाहिए? वैसे हमारा चेहरा हमारे  व्यक्तित्व और स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। मन के भीतर जो भाव चलते हैं वही चेहरे पर प्रतिबिंबित होते हैं।

   personality photo

व्यक्तित्व परीक्षण के प्रकार

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव. जिंदगी में हमें अलग अलग तरह के स्वभाव के लोग मिलते हैं .  रोंदू, नकारात्मक या जिंदादिल..मैं भी ऐसे उदाहरणों से दो चार हुई.

कहानी 1

श्रीमति देवयानी हमेशा किसी ना किसी बात का रोना ही रोती रहती हैं. उन्हे मैने कभी हसंते या मुस्कुराते नही देखा. इसलिए उनसे बात करने का जरा भी मन नही करता. गर्मी थी तब रोती थी कि हाय गर्मी…. अब सर्दी है तो रो रही है कि हाय सर्दी…कल कपडो के लिए दुखी थी कि फटते ही नही ना उन्हें फेंक सकते और पहने भी कितनी बार… मटर मीठी आए तो इस बात का रोना कि सब्जी ही नही बना पाई सारी कच्ची ही खाई गई … इतनी मीठी मटर का भी क्या फायदा !!!

कहानी 2

कल एक मित्र के घर एक महिला से मिलना हुआ. जितनी देर मे वहां रही वो हंसती और मुस्कुराती रही. उनके जाने के बाद पता चला कि उन्हे  कैंसर है पर  पर वो मस्त  है किसी के आगे अपना दुखडा नही रोती.

कहानी 3

 एक मित्र के पिता से बात करने का मौका मिला. पता चला कि उन्हे फ्रैक्च्चर हुआ था और वो अभी पूरी तरह से  पलंग पर ही है. मैने उसी उदास भाव से उन्हे फोन किया पर वो ऐसे बात करने लगे मानो कुछ हुआ ही ना हो इसलिए मैने भी बीमारी की बात नही की पर फोन रखते रखते बता दिया कि मैने फोन किसलिए किया था. इस पर वो बोले कि अरे ये तो चलता ही रहता है अच्छा है इसी बहाने आराम कर रहा हूं खूब खा पी रहा हूं.

ऐसे जिंदादिल लोगो को सैल्यूट !!! वैसे आप भी रोंदू टाईप तो नही होंगे . है ना !!!… अगर हैं तो जरा नही बहुत सोचिए !!

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव

वैसे आपका स्वभाव क्या है और किस तरह के लोग पसंद है रोंदू, नकारात्मक या … जिंदादिल

December 8, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटी सोच

स्वच्छता अभियान और शौचालयों की भूमिका

question mark photo

छोटी सोच

छोटी सोच या ओछी मानसिकता ..

स्टोरी नम्बर 1
एक जानकार आजकल मजाक का कारण बनी हुई है. वजह ये है कि उन्होनें अपने घर में पानी की मोटर के साथ सायरन लगवाया हुआ है ताकि जैसे ही पानी की टैंकी भरे सायरन बज जाए ताकि वो मोटर बंद कर दे और पानी व्यर्थ न जाए पर आस पडोस के लोग मजाक बना रहे है कि बडी आई  !!

स्टोरी नम्बर 2
सडक के किनारे एक व्यक्ति कार रोक कर फोन पर बात कर रहा था. आने जाने वाले लोग मजाक बना रहे थे कि यो देखो… ज्यादा समझ रहा है अपने आप को.. !!

तीसरी स्टोरी 3
चार बच्चे चिप्स खाते जा रहे थे और सडक पर ही खाली रैपर फेंक दिया. बस, एक ने फेंकने की बजाय खाली रैपर जेब में रख लिया क्योकि आस पास को कूडादान नही था. बस, उसी दिन से उसका मजाक उडाया जा रहा है कि बडा आया खुद को समझने वाला.. !!!
अब अगर कोई पानी बचाता है या सडक के नियम अपनाता है या स्वच्छता का ख्याल रखता है तो क्या, वाकई में हमे, उनका मजाक बना कर हतोत्साहित करना चाहिए या … !! 

वैसे, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भी गुजरात के साबरमती आश्रम में आयोजित एक समारोह में कहा  था  कि देश की असली गंदगी नालों में नही बल्कि लोगों के दिमाग में है.…

अब क्या इस बात का भी हमें मजाक बनाना चाहिए या …. आपका क्या ख्याल है इस बारे में …!!

छोटी सोच

 

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