भविष्यवाणी
सुविचार
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गूगल सर्च के दौरान कुछ सुविचार संकलित किए
सच है
पकाई जाती है रोटी जो मेहनत के कमाई से..
…हो जाए अगर बासी तो भी स्वाद कम नहीं होता
ईद आती है और चली जाती है ।
गरीबों के रोजे मगर साल भर चलते हैं
रौशनी गर खुदा को हो मंजूर…. तो आँधियों में चिराग जला करतें हैं.
ईद हो या दीवाली हर छुट्टी पे खुश हो लेते हैं
नौकरीपेशा इंसानों का कोई मज़हब नही होता
बस इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है
हम उस रास्ते नही जाते जो रास्ता आम होता है
कुछ लोग इतने गरीब होते है कि
उनके पास सिर्फ पैसे ही होते है..
हम तो बस जज्बात उधार देते हैं
,कोई वक़्त पर नहीं चुकाता इसलिए घाटे में हैं
हादसे से बड़ा हादसा ये हुआ कि
लोग ठहरे नहीं हादसा देख कर .
सिर्फ सिर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती
दिल भी झुकाना पड़ता है इबादत के लिए
पानी दरिया में हो या आखों में
गहराई और राज दोनो मे होते हैं
बच्चे झगड़ रहे थे मोहल्ले के, जाने न किस बात पर…
पर सूकून
इस बात का था न मंदिर का ज़िक्र था न मस्जिद का
इरादे बुलंद है बस एक उड़ान चाहिए।
इन बदली फिजाओं को एक आसमान चाहिए
घड़ी की फितरत भी अजीब है, हमेशा टिक -टिक कहती है..
मगर ना खुद टिकती है और ना ही दूसरों को टिकने देती है
सुविचार
सकारात्मक विचार
सकारात्मक विचार
गूगल सर्च में पढे कुछ सकारात्मक विचार
शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर
दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी सफेद रंग सब से बेहतर
खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर
देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर
सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर
जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर.
खामोशी से भी नेक काम होते हैं…
मैंने देखा है पेङों को, छाँव देते हुए..
हाथ का मज़हब नहीं देखते परिंदे
जो भी दाना दे ,ख़ुशी से खा लेते हैं.
मुस्कुराहट …. हमारी खूबसूरती में सुधार लाने का सबसे सस्ता तरीका है
सकारात्मक विचार

Photo by mkismkismk 
तुलसी
तुलसी
समय बदल रहा है. ठंडे और धुंध भरे दिन चले गए और धूप खिलने लगी. राहत मिली. ध्यान पौधों की तरफ गया तो तुलसी पूरी तरह से सूख चुकी थी.एक दो दिन देखभाल के बाद सोचा कि अब पौधा उखाड कर नया लगाना ही पडेगा पर अभी थोडी देर पहले देखा तो खुशी का ठिकाना नही रहा
तुलसी मे एक पत्ता दिखाई दिया . यानि उसमे अभी जान बाकी है… अब फिर वो बहुत जल्द पत्तों से लद जाएगी . बदलते वातावरण मे खुद को ढालते अक्सर समय लग जाता है कई बार हम खत्म या टूट जाते हैं तो कई बार नए विश्वास से उठ खडे होते है … कुछ भी हो जाए पर प्रयास जारी रखना चाहिए.
तुलसी
शादी ब्याह
शादी ब्याह
हाईटेक होती शादियां
एक जानकार अपनी बिटिया की शादी का कार्ड देने आए और अपनी घोर व्यस्तता जताते हुए बताया कि लगभग 40 -50 तो वीआईपी ही आ रहे हैं शादी में. उनके साथ भी बाडीगार्ड होंगें उनकी भी आवभगत का पूरा चार्ट तैयार करना है. हाई प्रोफाईल शादी है ये कहते हुए कार्ड खोल कर देखने को कहा.. कार्ड वाकई में शानदार था इस पर वो बोले कार्ड के साथ जो मिठाई है वो खाकर देखना और ड्राई फ्रूट खास बाहर से मंगवाया है. बहुत काम है कहते कहते वो चले गए ऐसा लगा कि शायद वो कार्ड नही अपनी हाई प्रोफाईल शादी का ब्यौरा देने आए थे.
मुझे याद आया कि कुछ महीने पहले एक शादी मे जाना हुआ था. और वो बेहद धनवान परिवार था पर शादी में उन्होने बेहद खास खास अपनों को जोकि साठ के करीब ही होंगें आमंत्रित किया था. उनका विचार था कि शादी बहुत ही पर्सनल कार्यक्रम है इसलिए दिखावा करने का क्या औचित्य… बहुत जबरदस्ती करने पर भी मेहमानों से शगुन भी नही लिया … !!!
अक्सर शादी ब्याह जैसे अवसरों पर हम दिखावे के चक्कर में भीड बुला लेते हैं और उसमे अपने लोग कही गुम हो जाते है.. और जो जम कर वेस्टेज होती है उसका तो कहना ही क्या !!! इसलिए जरा नही बहुत सोचने की दरकार है..
शादी ब्याह

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