Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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May 16, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

राष्ट्रीय डेंगू दिवस

dengue day by monica gupta

राष्ट्रीय डेंगू दिवस

हम भारतीय कुछ और मनाए या  न मनाए पर दिवस बहुत धूमधाम से मनाते हैं जैसा कि मदर्स डे , जल दिवस, फादर्स डे और अब एक दिन और आया है  राष्ट्रीय डेंगू दिवस… समझ नही आ रहा इसे मनाए तो कैसे मनाए !! क्या मच्छर से कटवा कर या किसी अन्य तरीके से …

लोगों को जागरूक करने के लिए 16 मई को मनेगा डेंगू दिवस

read more at jagran.com

वैसे आप बताईए कि इस दिन को किस तरह से मनाया जाए ?? वैसे अगर नाम कुछ और रखा होता तो इसकी सार्थकता और बनी रहती …

 

May 14, 2016 By Monica Gupta 1 Comment

लघु कहानी -ऑडियो -दाग – मोनिका गुप्ता

टैटू गुदवाना और रक्तदानhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/daag-short-story-by-monica-gupta.wav

यहां क्लिक करिए और कहानी सुनिए..

लघु कहानी -ऑडियो -दाग – मोनिका गुप्ता

नमस्कार !!आज मैं आपको सुनाने जा रही हूं कहानी “दाग”.  मरीज और डाक्टर के रिश्ते पर दिल को छू जाने वाली कहानी है. एक मरीज बेहद गंभीर अवस्था में एक बहुत बडे और जाने माने अस्पताल मे भर्ती करवाया जाता है. उम्मीद यही है कि बडे अस्पताल में आ गए हैं और मरीज बच ही जाएगा पर क्या डाक्टर उसकी जान बचा पाएगें या पैसे समय पर जमा न करवाने के कारण मरीज मर जाएगा.. या कहानी कुछ और ही मोड पर आ जाती है … आखिर होता क्या है यह सब जानने के लिए आपको सुननी पडेगी कहानी जिसका शीर्षक है .. दाग

 मोनिका गुप्ता

                                      मोनिका गुप्ता

 

 

लघु कथा – महिला दिवस- ऑडियो – मोनिका गुप्ता      कहानी  जोकि नारी दशा का सजीव चित्रण करती है  भी जरुर सुनिए  और बताईए कि कैसी लगी … ??

May 13, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

टैटू गुदवाना और रक्तदानhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/satire-kaam-wali-bai-by-monica-gupta.wav

क्लिक करिए और सुनिए

आप बीती

ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता का नमस्कार

आज मैं आपको व्यंग्य सुनाने जा रही हूं जिसका शीर्षक है काम वाली बाई है मेरे पास !!!! …सुनने  से पहले प्लीज ध्यान दें ….इस व्यंग्य की सारी बाते सच्ची धटना पर आधारित है और इसका किसी व्यक्ति,स्थान उम्र से अगर मेल हो तो इसे कोई हैरानी बात ना होनी चाहिए…

जी.. क्या कहा आपने, कि मै क्यो मुस्कुरा रही हूं !!! अब मुस्कुराने की तो बात है ही..!!  मेरे पास काम वाली बाई जो है. दिन मे एक बार आती है या पांच दिन में एक बार .. जी क्या .नहीकुछ नही कुछ नही मैं तो बस वैसे ही! किस समय आते है!!! अरे समय की कोई बात नही. बस आना ही बहुत है उसका.

दिन में किसी भी समय वो दरवाजा खटखटा सकती है ….जब वो आती है तो सबसे पहले मै उसका स्वागत मुस्कुरा कर करती हूं. बैठाती हू और चाय भी पिलाती हूं.फिर जरा किसी सीरियल के बारे मे बातचीत करती हूं और फिर शुरु होता है हमारा काम… ओह, आई मीन उसका काम!! इसके पीछे पीछे इसलिए धूमना पडता है कि उसकी नजर जरा कमजोर है. अक्सर या यू कहिए कि कई बार कूडा नही दिखता तो वो उसे दिखाना पडता है. फिर आजकल उसकी कमर मे दर्द चल रहा है उससे झुका नही जाता इसलिए जरा मै वहाँ झाडु करके  उसकी मदद कर देती हूं. झाड पोछ वो करती नही है इसलिए वो भी साथ की साथ मै ही करती हूंं

रसोई मे वो प्याज और अंडे  वाले बर्तन नही धोती क्योकि उसकी महक उसके सिर मे चढती है इसलिए वो बर्तन मुझे ही …इतना सब होने पर भी अक्सर समय बेसमय उसे उपहार देन पडता है.. जी क्या किसलिए ??? अरे भई ताकि वो महारानी जी टिकी रहे.

क्या करे… आजकल काम वाली बाईया मिलती ही कहां हैं!!! कम से कम फेसबुकस्टेटेस मे तो है बताने को कि मेरे पास काम वाली बाई है. स्टेटेस से याद आया फेसबुक करना मैने ही उसे सीखाया और मैं ही उसकी फैंड लिस्ट में नही हूं जब पूछा तो बोली कि आप तो सारा दिन फेसबुक पर ही लगी रहहती हो मोबाईल सारा दिन टिंग टिंग बजता ही रहता है खामखाह सिर दर्द हो जाता है इसलिए आपको फ्रैंड नही बनाया !!

आज सुबह सुबह आई और ये बोल कर गई है कि 500 रुपए बढाओ उसका खर्चा नही चल रहा है. बस जरा  बस यही सुनने के बाद सिर जरा सा दर्द कर रहा है. वैसे आपसे क्या छिपाना !! असल मे, आजकल सिर दर्द बहुत रहने लगा है और बी पी भी ज्यादा हो गया है.. वो क्या है ना काम वाली बाई को कुछ कह नही सकते कुछ कहो तो तैयार रहो सुनने के लिए कि जा रही हूं छोड कर और अगर घर पर बताती हू कि काम वाली बाई कितना तंग करती है तो वो तुरंत कह देते है कि हटा तो उसे. इतना परेशान किसलिए होना है. वो क्या है ना हटाने के बाद मुझे ही पता है कि मेरे स्टेटेस, घूमने फिरने और किटी पार्टी पर रोक ही लग जाएगी इसलिए बस चला रही हूं जैसा चल रहा है और मुझे खुशी है कि काम वाली बाई है मेरे पास !! हाय !!

व्यंग्य - मोनिका गुप्ता

व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

कैसा लगा आपको ???

जरुर बताईएगा !!!

लघु कथा – पसंद ना पसंद (Audio)  भी जरुर सुनिए 🙂

 

 

May 12, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

परीक्षा परिणाम और गरीबी

Cartoon

परीक्षा परिणाम और गरीबी

आईए दोषारोपण करें …

आजकल  जब नतीजा आता है तो पता चलता है कि  बेहद गरीब बच्चो ने बहुत तकलीफों के चलते  बाजी मारी और अव्वल रहे  सारा मीडिया और कैमरा उस और दौड पडता है बहुत अच्छी बात है पर कुछ वो बच्चे इसे पचा नही पा रहे जिन्हें सारी सुख सुविधाए मिलती हैं टयूशन का खर्चा पेरेंट्स उठाते है और कोचिंग सैंटर मे पढने भेजते हैं पर बजाय मन लगा कर पढने के बच्चे  इसका दोष अपनी अमीरी को ही दे रहे हैं …

Surya Kant Dwivedi works untiringly at the University of Lucknow as a security guard. Making ends meet for his family of five is a struggle on his meagre income. When his youngest son expressed interest in attempting the UPSC exams – not once, but thrice – Surya agreed, despite the fact that his son’s pursuit would mean one less earning member in the family. read more at thebetterindia.com

 

3 Achievers Rise Above Their Circumstances to Crack UPSC

The announcement of the UPSC results this week brought great cheer to more than a 1,000 candidates and their families across the country. The moment of celebration was sweeter still in the Dwivedi household in Lucknow.

Surya Kant Dwivedi works untiringly at the University of Lucknow as a security guard. Making ends meet for his family of five is a struggle on his meagre income. When his youngest son expressed interest in attempting the UPSC exams – not once, but thrice – Surya agreed, despite the fact that his son’s pursuit would mean one less earning member in the family. read more at thebetterindia.com

 

http://www.thebetterindia.com/55096/upsc-aspirants-inspirational-stories/

कुल मिलाकर निष्कर्ष यही निकलता है कि पढाई  अमीरी गरीबी नही देखती वो देखती है सच्ची मेहनत, ईमानदारी  और लग्न अगर हम सच्चे मन से कर रहे हैं तो हमे अच्छे नम्बर लाने से कोई नही रोक सकता …बाकि दोष देना छोडिए और मेहनत कीजिए..

 

परीक्षा परिणाम और गरीबी

 

May 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्कूली बच्चे और शारीरिक दंड

कार्टून
कार्टून

कार्टून

स्कूली बच्चे और शारीरिक दंड

मुर्गा बनाना मना है … कुछ देर पहले मेरी सहेली मणि का फोन आया वो खुशी खुशी बता रही थी कि आज 30 साल के बाद उसे वो टीचर मिली जो स्कूल में उसकी बहुत पिटाई करती थी. उन्हे  देख कर और मिलकर बहुत अच्छा लगा. आज वो जो भी है उन्ही की वजह से है क्योकि ना स्कूल में वो पिटाई करती न वो पढाई मे ध्यान लगाती और ना वो फर्स्ट डिवीजन में पास होती … !! वाकई मॆंं, थोडी बहुत सख्ती और डर जरुरी होता है मुझे भी याद आ गया जब क्लास में बोलने और गणित में सवाल हल न करने पर क्लास से बाहर दोनो  हाथ उपर खडा होने की सजा मिलती और फिर वो सवाल ऐसा याद हुए … ऐसे याद हुए कि जिंदगी भर नही भूले … मैं सोच ही रही थी तभी अखबार में एक खबर पर नजर गई कि अगर बच्चे को मुर्गा बनाया तो टीचर को होगी 3 महीने की जेल और एक लाख रुपया जुर्माना  …

 

 www.bhaskar.com

जस्टिस जुवनाइल एक्ट में हाल में ही संशोधन किया है। देश में जेजे एक्ट यानि जस्टिस जुवनाइल एक्ट को लागू हुए कई साल हो गए, लेकिन अब इसमें कई बदलाव कर नए सेक्शनों को शामिल किया है। सेक्शन 77 के तहत अध्यापक स्कूल में बच्चे को किसी तरह की सजा देता है और बच्चा उसकी शिकायत खुद जुवनाइल अदालत या जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से अदालत में याचिका दायर करता है तो सजा व जुर्माना दोनों हो सकते हैं…..       read more at bhaskar.com

Rajasthan News | Hindi News | Latest News | Samachar

कई बार देखने में आया है कि विद्यार्थी सजा से इतने भयभीत हो जाते हैं कि काफी दिनों तक विद्यालय जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। मनोविज्ञानियों के अनुसार शारीरिक दंड का बच्चों के दिल और दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। हीन भावना से ग्रस्त बच्चे इसी वजह से पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। कई बच्चे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं, जिसे देखते हुए किशोर न्याय अधिनियम-2015 लागू किया है। बच्चों या अभिभावक की शिकायत पर पुलिस को संबंधित शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज करना होगा। क्रूरता बरती तो 10 साल की सजा ‘आरटीई की धारा 17 के अनुसार शिक्षक द्वारा बच्चे को प्रताडि़त करने और जांच में सही पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। धारा 82 (1) में अनुशासन सिखाने के नाम पर यदि बच्चे जान-बूझकर शारीरिक दंड दिया गया तो पहली बार दोष सिद्ध होने पर 10 हजार रुपए जुर्माना, दूसरी बार में तीन माह की सजा तथा धारा 82 (2) में दोषी शिक्षक को बर्खास्त करने का प्रावधान है।Ó धारा 75 के तहत बच्चे के साथ शारीरिक दंड के नाम यह क्रूरता बरती गई तो आरोपित के खिलाफ 10 वर्ष तक की सजा पांच लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान भी है। read more at rajasthannews.net

इतना ही नही सेक्शन 75 के तहत अगर घर पर माता पिता बच्चे के साथ मारपीट या अभद्र भाषा बोलते हैं तो उन्हें भी 3 साल जेल और 1 लाख रुपया जुर्माना हो सकता है..

चाहे स्कूल हो या घर बच्चे में थोडा डर तो रहना ही चाहिए पर अब बच्चा बिल्कुल बेखौफ हो जाएगा जोकि कही न कही सही नही भी है वैसे आपका इस बारे मे क्या विचार है जरुर बताईएगा …

 

 

May 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

अक्षय तृतीया और उसका महत्व

jail cartoon by monica gupta

अक्षय तृतीया और उसका महत्व

हम भारतीय बहुत ज्यादा पूजा पाठ में ध्यान देने वाले और मान्यताओं को मानने वाले हैं और कोशिश यही रहती है कि सारे काम ढंग़ से निबाहे जाएं अब अगर कोई दिन शुभ है तो है … चाहे वो जेल जाना ही क्यो न हो .. अगर अक्षय तृतीया का दिन शुभ है तो उस दिन सारे कार्य करने सही ही होते हैं…

 

no marriage muhurat on akshaya tritiya this year 2016 first of instance in 100 years: :

अक्षय तृतीया पर्व को कई नामों से जाना जाता है. इसे अखातीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है. इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्योहारों की श्रेणी में रखा जाता है. इस दिन स्नान, दान, जप, होम आदि अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना भी किया जाए, अक्षय रूप में प्राप्त होता है.

क्या है अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं. इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है. सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है. भगवान विष्णु ने नर-नारायण, हृयग्रीव और परशुराम का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था. बद्रीनाथ की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है और श्री लक्ष्मी नारायण के दर्शन किए जाते हैं. प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनारायण के कपाट भी इसी तिथि से ही पुनः खुलते हैं. read more at aajtak.intoday.in

importance and rituals of akshay tritiya: :

इस दिन करें ये शुभ कार्य : – अक्षय तृतीया को शादी, गृह-प्रवेश, कपड़े और जेवर की खरीददारी या घर, जमीन, गाड़ी की खरीददारी से जुड़े काम किए जा सकते हैं. – इस दिन नया कपड़ा, जेवर पहनना और नई संस्था और काम का उद्घाटन शुभ माना जाता है. – पौराणिक मान्यता है कि इस दिन पितृ पक्ष को किया गया तर्पण और पिंडदान या किसी भी तरह का दान अक्षय फल देता है. – इस दिन किया गया गंगा स्नान और पूजन सभी पापों को नष्ट करता है. – सम्पन्नता की कामना हर इंसान को होती है. इसी वजह से इस दिन सोना खरीदने से वह अक्षय मतलब कभी न खत्म होने वाला होगा. – अक्षय तृतीया को किया गया जप, तप, हवन, पूजा, दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. – इस दिन हमें सद्गुणों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए और जाने अनजाने में किए गए पापों की क्षमा याचना करनी चाहिए. h/t aajtak.intoday.in

 

importance and rituals of akshay tritiya: :

इस दिन करें ये शुभ कार्य : – अक्षय तृतीया को शादी, गृह-प्रवेश, कपड़े और जेवर की खरीददारी या घर, जमीन, गाड़ी की खरीददारी से जुड़े काम किए जा सकते हैं. – इस दिन नया कपड़ा, जेवर पहनना और नई संस्था और काम का उद्घाटन शुभ माना जाता है. – पौराणिक मान्यता है कि इस दिन पितृ पक्ष को किया गया तर्पण और पिंडदान या किसी भी तरह का दान अक्षय फल देता है. – इस दिन किया गया गंगा स्नान और पूजन सभी पापों को नष्ट करता है. – सम्पन्नता की कामना हर इंसान को होती है. इसी वजह से इस दिन सोना खरीदने से वह अक्षय मतलब कभी न खत्म होने वाला होगा. – अक्षय तृतीया को किया गया जप, तप, हवन, पूजा, दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. – इस दिन हमें सद्गुणों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए और जाने अनजाने में किए गए पापों की क्षमा याचना करनी चाहिए. h/t aajtak.intoday.in

भाग्य, अंधविश्वास और भारतीय  जरुर पढिए

अक्षय तृतीया और उसका महत्व … आपके क्या विचार हैं

जरुर बताईएगा

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