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गर्दन
गर्दन
क्या आपकी गर्दन में दर्द रहता है क्या वो अकडी अकडी सी रहती है तो इसका एक रामबाण उपाय.. !! आप मोबाईल को हाथ मे पकड कर बात करना शुरु कर दीजिए. आप सोच रहे होंगें कि ये मोबाईल बीच मे कहां से आ गया. तो जनाब, मोबाईल ही आया है आपके कंंधे और गर्दन के बीच में … वाहन चला रहे हो तो बिना हाथ कंधे पर टिका कर बात करते हैं. महिला रसोई का काम भी निबटाती रहती है और कंघे पर रखे फोन से बात भी करती जाती है दुकानदार भी कंधे के सहारे फोन टिका कर काम करता रहता है … ये बिल्कुल सही नही है … अब ऐसे में तो गर्दन अकडेगी ही … तो अगर आप इस दर्द से बचना चाह्ते हैं तो … !!!
ये देखिए … ये होता है मोबाईल के इस्तेमाल का नतीजा…. गर्दन सीधी नही रह पाती
सुविचार – हिन्दी एस एम एस
सुविचार – हिन्दी एस एम एस – वटसअप पर हो या मैसेज भेजने हों हमे अच्छे अच्छे प्यारे मैसेज की हमेशा जरुरत पडती रहती है और अगर संदेश प्रेरक हो तो बात ही अलग हो जाती है
सुविचार – हिन्दी एस एम एस
सुविचार ( संकलित)
आँखें भी खोलनी पड़ती हैं,रोशनी के लिए……
सिर्फ सूरज निकलने से, अँधेरा दूर नहीं होता
चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है
और
इंसानों की कीमत खोने के बाद
हम लड़ते रहे ये कहकर कि रिश्वत “अन्याय” है…
उन्होंने भी कबूल कर लिया कि सच में रिश्वत “अन्य-आय” है
वक़्त आपका है
चाहे तो सोना बना लो
और
चाहे तो सोने में गुज़ार दो
जिस दिन आपने अपनी सोच बड़ी कर ली
बड़े बड़े लोग आपके बारे मे सोचना शुरू कर देंगे
थोडी सजा उन्हेँ भी दे देते जज साहब. . . . . . . . .
जिनकी वजह से गरीब लोग सडको पर सोते है
कर्ज और शत्रु को कभी बडा मत होने दो
सिर्फ दो ही “वक़्त” पर तेरा “साथ” चाहिए..
.
.
.
एक तो “अभी” और एक “हमेंशा” के लिये
पहाड़ चढ़ने का एक उसूल है.. झुक कर चलिए .. दौडिये नही ..
ज़िंदगी भी बस इतना ही मांगती है
तुम मुझे आज बचाओ
मैं तुम्हे कल बचाऊंगा….
पैसा
उस गरीब की भी क्या उम्मीदें होंगी जिंदगी से
जिसकी साँसे भी, गुब्बारों में बिकती हैं
जब से परीक्षा वाली जिंदगी पूरी हुई ,
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई
सुधर गया मैं तो बहुत पछताओगें
यही जुनून तो मेरी पहचान है 🙂
जिसके खेत सूखे सूखे से थे… पानी..उसी की आखों में नज़र आया….
स्वच्छता पर सुविचार – Monica Gupta
यह सरकार का अच्छा प्रयास है। गाँव में अनेक किस्म की बीमारियों से बचा जा सकता है। गाँव हरा-भरा और साफ-सुथरा है। read more at monicagupta.info
सुविचार (सकंलित)
Swachh Bharat Mission-Gramin- Bakrianwali
Swachh Bharat Mission-Gramin- Bakrianwali
स्वच्छता एक अहसास है … एक खुशी है … जिसे अभी तक गांव के लोगों ने महसूस नही किया था. स्वच्छ्ता अभियान चलने पर … गांव के लोगों में जो स्वच्छता के प्रति जो जागरुकता पैदा हुई वो वाकई में अपने मे ही एक उदाहरण है…
हरियाणा के जिला सिरसा का एक गांव बकरिया वाली … पूरा गांव व मानो एक परिवार बन कर सफाई मे जुट गया और वो कर दिखाया जो किसी ने सपने मे भी नही सोचा था…ऐसा जोश सिरसा के एक दो गांव का नही बल्कि सभी 333 गांवों का था
इसी सिलसिले मे आईए आपको दिखाते है स्वच्छता से जुडे लोगो से किए सवाल जवाब … और लोगो की खुशी …
Swachh Bharat Mission-Gramin- Bakrianwali
सुविचार
सुविचार ( सकंलित)
झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं
तरक्की के बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती
मैंने कुछ लोग ऐसे भी गरीब देखे हैं
जिनके पास पैसे के सिवा कुछ भी नहीं.
दिखते हैं पर नज़र नहीं आते
कुछ लोग कितने दूर हो जाते हैं.
खुद” को “अच्छा” साबित करने में
“वक्त” बर्बाद मत करना,
क्योंकि…
“सभी” इसी में लगे हुए हैं।
मुसीबतों से उभरती है शख्सियत यारो
जो चट्टानों से न उलझे वो झरना किस काम का.
हर किसी को खुश रख सकूँ, वो तरीका मुझे नहीं आता
जो मैं नहीं हूँ वैसा दिखने का, सलीका मुझे नहीं आता
लगी है प्यास चलो रेत निचोड़ी जाए ,
अपने हिस्से में समंदर नहीं आने वाला
जो झुकते हैं ज़िन्दगी में वो बुज़दिल नही होते
यह हुनर होता हैं उनका हर रिश्ता निभाने का
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है.. सुविचार ( संकलित)

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