Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 21, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

ब्लॉग, ब्लॉगर, ब्लॉगिंग और करियर

ब्लॉग, ब्लॉगर, ब्लॉगिंग और करियर

ब्लॉग, ब्लॉगर, ब्लॉगिंग और करियर – Blog ,Blogger, Blogging Free blog, Google ranking  kya  hai  इससे Career कैसे बनाया जा सकता है. कुछ समय पहले तक मेरे दिमाग में भी बहुत प्रश्न धूमते रहते थे कि ब्लॉग क्या है , ब्लॉग कैसे बनाते हैं ब्लॉग के क्या फायदे हैं फ्री ब्लॉग क्या होता है गूगल रैंकिंग में क्या ब्लॉग के द्वारा खुद को उपर लाया जा सकता है अपनी पहचान बनाई जा सकती है? यकीन मानिए बहुत search किया बहुत study भी किया बहुत sites भी देखी और बहुत कुछ समझ भी आया.

ब्लॉग, ब्लॉगर, ब्लॉगिंग और करियर

इंटरनेट आज के समय की आवश्कता है. इंटरनेट पर उपलब्ध ढेरों साईटस हमें हर तरह की जानकारी उपलब्ध करवाती हैं जैसे सोशल नेटवर्किंग साईटस न सिर्फ हमारा मनोरंजन करती हैं बल्कि हमें जागरुक भी करती हैं.

क्लिक भर से हमे हर वो जानकारी मिल सकती है जिसकी हमें तलाश हैं. इन ढेर सारी साईटस में ब्लॉगस भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है. यकीनन, आप मे से बहुत लोग ब्लॉग के बारे में जानकारी रखते होंगें और बहुत से लोग ब्लॉग के बारे में नही भी जानते होंगें.

वैसे कुछ साल पहले तक तो मुझे भी इंटरनेट या ब्लॉग की ज्यादा जानकारी नही थी पर जब मुझे नेट की जानकारी मिली और मैनें इंटरनेट पर जाना शुरु किया तो मानों मुझे नई राह ही मिल गई. घर बैठे बैठे बहुत कुछ पढने को मिलने लगा. जब भी समय मिलता मैं अपनी बातें सोशल नेट वर्किंग साईट पर सांझा करने लगी.

कुछ समय तक तो अच्छा लगता रहा क्योंकि नए नए लोगों से मिलना होता उनके बारे में जानने का मौका मिलता पर कुछ समय बाद यह महसूस होना शुरु हुआ कि कुछ क्रिएटिव यानि रचनात्मक करना है. कोई ऐसा एक मंच चाहिए जो सिर्फ मेरा ही हो और मैं अपनी बातें, अपने विचार वहां सांझा कर सकूं.

धीरे धीरे मैनें सर्च करना शुरु किया और तब मुझे ब्लॉग के बारे में पता चला. वैसे मेरे सर्कल में कुछ जानकार ब्लागर हैं पर जैसा कि मैने बताया कि मुझे जानकारी नही थी इसलिए मन मे ब्लॉगर की हमेशा से ही अलग इमेज रही.

मैं सोचती थी कि जो लोग ब्लॉग लिखते हैं उनका स्तर बहुत ऊंचा होता है जैसे लेखको में साहित्यकार और वरिष्ठ साहित्यकार होते हैं वैसे ही ब्लॉग लिखने वाले होते होंगें. इस के लिए बहुत अनुभव चाहिए होता होगा और धीरे धीरे मैनें ब्लॉग की तह तक जाना शुरु किया कि आखिर ब्लॉग होता क्या है और इसे लिखते कौन हैं.

  • क्या वाकई ब्लॉग बनाना मुश्किल है
  • क्या कोई टेक्नोलोजी या स्किल हमें आनी चाहिए
  • क्या इसके लिए बहुत पढाई की जरुरत है
  • या हमे कोई ट्रेनिंग चाहिए ब्लॉग बनाने के लिए

ब्लॉग है क्या

इसके बारे में सर्च करते हुए मुझे यही समझ आया कि जिस तरह हम डायरी लिखते हैं. उसमे अपने दुख सुख, अनुभव आदि लिखकर अपने मन की बात सांझा करते हैं. ब्लॉग भी आनलाईन डायरी की तरह ही है जिसमें हम अपनी भावनाए अपने विचार, अपना अनुभव व्यक्त करते हैं. ब्लाग लिखने वाले को ब्लागर और ब्लॉग में किए लेखन को ब्लागिंग कहतें हैं.

ब्लॉगिंग के लिए आपको किसी तकनीकी जानकारी की आवश्यकता नही है और ना  कोई उम्र की सीमा . बच्चें, बडे, बुजुर्ग और यहां तक की गृहणियां house wife, home maker  भी ब्लॉगिंग blogging  अपना कर अपना नाम, पहचान और आय का साधन बना सकते हैं.

तो ना तो ब्लॉग बनाना मुश्किल है और ना कोई टेक्नोलोजी या स्किल हमें आनी चाहिए

ना इसके लिए किसी खास पढाई की जरुरत है

और ना ही हमे कोई ट्रेनिंग चाहिए ब्लॉग blog  बनाने के लिए … अब फिर प्रश्न यह उठता है कि कौन  कौन बना सकता है  ब्लॉग ???

Page, Forum, Discussion Group Aasani Se Bana Sakte Hai blog main

उदाहरण -1

जैसाकि मान लिजिए कि एक महिला किचन गार्डनिंग मे बहुत माहिर है उसने छत पर भी खूबसूरत घास का मैदान तैयार किया हुआ है. किचन गार्डन मे सौ से भी ज्यादा फूल लगाए हुए हैं. अब हरी भरी प्रकृति के बारे मे कौन नही जानना चाहेगा. वो अपनी बात ब्लॉग के माध्यम से बहुत अच्छी तरह बता सकती है जो लोग उनसे कुछ जानकारी लेना चाहे वो दे सकती है. अपने विचारों का आदान प्रदान कर सकती हैं अब उसमे लेखक होने की कोई बात ही नही है.

 

उदाहरण -2

 

मेरी एक जानकार बहुत अच्छी कुक cook  है पर वो लेखिका writer  नही. खाने की रेसेपी डालती रहती हैं और नए नए पकवान कैसे बनाए बताती रहती हैं. बस आपकी जानकारी ऐसी हो कि किसी न किसी के काम आ सके अगर आपकी जानकारी अच्छी और सच्ची है और फिर बात वायरल होने में समय नही लगेगा.

वैसे आपसे बात करते करते एक आईडिया मुझे आया कि मेरी एक बुजुर्ग पडोसी महिला सत्संग में बहुत जाती हैं और बहुत अच्छी अच्छी बाते सीख कर आती हैं. अक्सर बार बातों बातों में वो प्रेरक प्रंसग भी सुनाती हैं. अपने समय में उन्होनें दसवीं पास की थी उसके बाद शादी हो गई थी. आज वो पचपन साल की हैं मैं उन्हें सुझाव दूंगी कि वो अपना ब्लॉग बनाए ताकि हम जैसे लोग अच्छी और प्रेरक बातों का फायदा उठा सकें.

वासुदेव कुटुम्बकम – Monica Gupta

वासुदेव कुटुम्बकम क्लिक करें गया वो जमाना जब आपका कही बाहर  धूमने का दिल किया और आपको बोरिया बिस्तर बांधना पडता था. अब जमाना वाकई में  बदल गया है !! अब उठाईए ऊंगली और निकल जाईए ह हा हा … जी हां उठाईए ऊंगली और निकल जाईए… एक क्लिक पर कभी दोस्तों की वॉल पर, कभी … read more at monicagupta.info

 

कैसे कैसे ब्लॉग

सर्च के दौरान एक और बात यह पता चली कि मुफ्त में भी ब्लॉग बनाए जा सकते हैं और जिसे अगर मात्र टाईम ही व्यतीत करना है तो उनके लिए इस तरह का ब्लॉग सही हो सकता है पर अगर हम वाकई में, ब्लागिंग के जरिए कुछ बनना चाहते हैं कुछ कर दिखाना चाहते हैं तो हमें प्रोफेशनल रुप से इसे अपनाना होगा.

ब्लॉगिंग के बहुत फायदे हैं.ब्लाग से हमारी एक अलग पहचान बनती है. इसके साथ साथ आप काम की बातों को दूसरों के साथ सांझा करेगें तो आप खुद तो आत्मविश्वासी बनेंगें ही दूसरों को भी अपनी बातों से प्रेरित कर सकेंगें.

ब्लॉग  बनाने के लिए जो हम अपना डोमेन नेम लेते हैं वो पूरे संसार में बस एक ही होता है जैसाकि मेरा monicagupta.info है ये पूरी दुनिया में किसी और का नही हो सकता. ये ठीक वैसे ही है जैसे आधार कार्ड का नम्बर होता है जो एक ही रहता है.

 

Way to Relax Mind – Monica Gupta

आज की busy life में हम Relax होने के तरीके खोजते रहते हैं ताकि दिमाग किसी तरह से stress free हो जाए इसलिए How to relax our mind  या stress free life जैसे टाईटल ही खोजते रहतें हैं. आईए जाने कि आज के ई युग में  रिलेक्स कैसे हो रहे हैं. read more at monicagupta.info

 

आय का साधन

इतना ही नही अगर हमारा ब्लॉग सही प्रकार से बना हो तो हमारी आय का साधन भी हो सकता है. जी हां, घर बैठे बैठे हमारी आय का जरिया बन सकता है ब्लॉग लेखन. जितना मैनें इसे पढा और समझा है इसका क्षेत्र बहुत विशाल है. इसके माध्यम से आय के बहुत सारे तरीके हैं. सफलता की कहानियां भी बहुत हैं जो हमें प्रेरित करती हैं कि हम भी ब्लॉग के माध्यम से एक आय का साधन बना सकते हैं.

 

एक स्टार्ट अप जिंदगी के नाम – Monica Gupta

एक स्टार्ट अप जिंदगी के नाम (महिलाए, स्टार्ट अप और मेरे मन की बात ) समाज में दो तरह की महिलाएं हैं एक तो वो जो सारा दिन बस आराम ही आराम करना चाह्ती है.. घर पर नौकर चाकर है अच्छी किटी पार्टी ज्वाईन की हुई है बस घर सम्भालना, आराम करना , वटस अप करना, मैसेज करना, मूवी देखना, चैनल बदलना और शापिंग करना (ओह इतने सारे काम ) और बस सो जाना Read more…

 

सबसे जरुरी बात

आमतौर पर अपने आप को बहुत कम समझतें हैं कि हम तो कुछ नही है हमें कुछ नही आता जबकि खूबी हर व्यक्ति में छिपी होती है बस जरुरत है कि उसे उभारे और ब्लॉग के माध्यम से पूरी दुनिया को अवगत करवाएं.

इसलिए अगर आप वाकई में भीड मे छिपा चेहरा नही बल्कि भीड में अलग चेहरा बनना चाहते हैं तो अपनी कमियां नही, खूबियां तलाश कीजिए और अपनी एक पहचान बनाईए ब्लॉग बनाईए.

 

What is Google Adsense – Monica Gupta

जब भी हम कभी जब ब्लॉग या इंटरनेट से आय कैसे हो कि बात करते हैं तो सबसे पहले हमारे जहन में Adsense का नाम आता है क्योकि सब पूछते हैं Adsense तो होगा ही पर हमें पता नही कि आखिर ये Adsense होता क्या है ?

गूगल ने इसको 18 जून 2003 को launch किया था. आय का फ्री और आसान तरीका है. Google Adsense  CPC यानि cost per click program है. ये एक ऐसा tool है जो पहले आपके ब्लॉग को उसके condition के हिसाब से पहले approvel देता है और  जब आपका ब्लॉग Google Adsense से approved हो जाता है तो  उसके बाद आप google Adsense का ads अपने ब्लॉग पर लगा कर अच्छे पैसे कमा सकते है और अगर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक बढिया है यानि बहुत लोग आ रहे हैं तो Google Adsense एकदम perfect माध्यम है. Read more…

 

और किसी ने क्या खूब कहा है कि

मंजिल मिले या न मिले ये तो अलग बात है हम कोशिश भी न करें ये तो गलत बात है

 

ब्लॉग के फायदे

ब्लॉग लिखेगें तो

रचनात्मकता जागेगी

नई नई बाते सीखने को मिलेगी

आत्मविश्वास पैदा होगा

 

ब्लॉग लिखेंगें तो व्यस्त रहेगें

बे फालतू के विचार नही आएगें

सोच कुछ सकारात्मक लिखने की रहेगी

नकारात्मकता जिंदगी से खत्म हो जाएगी

 

ब्लॉग लिखेंगें तो

अपने विचार और ज्ञान सांझा कर सकते हैं

आपके लेखन से और लोगो की मदद हो सकती है

किसी का ज्ञान आपकी वजह से बढ सकता है.

 

ब्लॉग लिखेगें तो

लोग जानेगें दायरा बढेगा

आपकी अपनी एक पहचान बनेगी

आप अपने विषय मे एक्सपर्ट बन सकते है

और आप एक दिन किसी के लिए प्रेरणा भी बन सकते हैं.

 

ब्लॉग के फायदे – गृहणी के लिए

 

ब्लॉग लेखन से

नाम होगा, पहचान बनेगी

समय का उपयोग, व्यस्त हो जाएगी

तनाव से मुक्ति मिलेगी, खुश रहेंगी

आमदनी होगी तो आत्मविश्वास पैदा होगा

किसी पर निर्भर नही रहना पडेगा.

अपने सर्कल में प्रमुखता तथा वर्चस्व होगा

लोगो का आपके प्रति नजरिया बदलेगा

मान सम्मान मिलेगा, आप छा जाएगीं

 

ब्लॉग के फायदे – रिटायर्ड व्यक्ति

 

समय को सही तरह से व्यतीत कर पाएगें

अपनी जिंदगी के अनुभव सांझा कर पाएगें

अपने ज्ञान से औरों की मदद कर पाएगें

व्यस्त रहेंगें, पहचान बनेगी, मनोबल बढेगा

परिवार की सोच बदलेगी, इज्जत मान बढेगा

ग्रुप बना सकते हैं, दोस्तों का सर्कल बढेगा

आय का साधन बनेगा, दूसरों के लिए प्रेरणादायक होंगें

 

ब्लॉग के फायदे – युवा वर्ग

 

तनावग्रस्त निराशाजनक जिंदगी से मुक्ति मिल सकेगी

उदासीनता और नकारात्मकता खत्म होगी

महत्वाकांक्षी बनेगें और सफलता के लिए प्रयासरत होंगे

आय का माध्यम बनेगा, नौकरी की जरुरत नही पडेगी

दोस्तों और परिवार में मान सम्मान बढेगा

जिंदगी खुशी, उमंग और उल्लास से भरी होगी.

 

blog photo

Photo by owenwbrown

Photo by tillwe

इतनी जानकारी मैने पढ कर जुटाई है … आज , वाकई में  लिखने , अपनी बात रखने और कहने के लिए इतना अच्छा और सशक्त माध्यम मिला हुआ है कि पूरी दुनिया तक हम अपनी बात पहुंचा सकते हैं….

ब्लॉग, ब्लॉगर, ब्लॉगिंग और करियर के बारे में अगर फिर भी हमें सोचना पड रहा है तो …

माफ कीजिए आप जिंदगी में कुछ करना ही नही चाह्ते … आप बस चैंट  कीजिए, मैसेज भेजिए, पोक कीजिए शायद यही है आपका समय का सदुपयोग …

August 21, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

पत्रकार, पत्रकारिता और नेताजी

पत्रकार, पत्रकारिता और नेताजी

पत्रकार, पत्रकारिता और नेताजी – Journalists क्या वाकई में मक्खी है ?“बेटी बचाओ, बेटी पढाओ”  beti bachao beti padhao पर मैने कुछ दिन पहले अपने blog ब्लॉग पर  article  लिखा और उसमे मैने Modi “जी” , मनोहर लाल “जी” करके नेताओ को सम्बोधित किया तो एक पत्रकार journalists ने कमेंट किया कि आप भी पत्रकार journalists  हैं और यह पत्रकार को शोभा नही देता कि आप नेताओ को “जी” कह कर सम्बोधित करें … !!

पत्रकार, पत्रकारिता और नेताजी

बेशक, मैं भी Zee News reporter रही हूं पर जब भी किसी मंत्री का साक्षात्कार लिया या तो बात सीधा प्रश्न से की या फिर अगर नाम भी लिया तो “ज़ी” लागने से कभी गुरेज नही किया. वैसे कई न्यूज चैनल पर भी मैने देखा है कि मंत्री से नाम लेकर बात करते हैं पर कई चैनल वाले बात करने के दौरान या बहस करते समय “जी” शब्द का इस्तेमाल करके गरिमा भी बनाए रखते हैं.बेशक,  बेशक पत्रकारिता की पढाई में यही सीखाया जाता है पर हकीकत में ऐसा नही होता …

मेरा मानना है कि अगर हम किसी आरोप के सिलसिले में नेता से बात कर रहे हैं मान लीजिए वो जेल जा रहे है तो यकीनन “जी” की जरुरत नही. . बात जी लगा कर हो या बिना जी लगाए … गरिमा जरुर बनाए रखनी चाहिए..

Journalists should be like honey-bee: Modi |

Credibility is a major challenge for the media as, he said, “merely reading the news is not enough but one has to read between the lines to ascertain whether it is credible.”

Guwahati: Prime Minister Narendra Modi asked journalists to be like honey-bees–producing honey and at the same time stinging– and not like house-fly which only spreads dirt.   Modi said “the media faces immense challenge in a fast-moving society like ours. Earlier, we got news once in 24 hours but now we get at least 24 news in one minute and the challenge is to be trusted and remain credible”.

Guwahati: Prime Minister Narendra Modi asked journalists to be like honey-bees–producing honey and at the same time stinging– and not like house-fly which only spreads dirt.    Journalists should Read more…

mona Zee

रवीश कुमार और प्राईम टाईम – Monica Gupta

मैं अक्सर रात नौ बजे  NDTV का प्राईम टाईम देखती हूं दूसरे चैनलों की चिलम चिल्ली से अलग अक्सर रवीश जी का प्राईम टाईम कार्यक्रम एक सुकून सा देता है… उनका लगातार बोलने का तरीका अन्य एंकर्स से अलग कैटागिरी में खडा करता है.  कल रात भी कुछ ऐसा ही हुआ. चैनल लगाया तो स्क्रीन काली थी और रवीश जी बोल रहे थे… बोल क्या रहे थे सच्चाई बया कर रहे थे. जिसे हम लोग लगभग हर रोज बेहद खिन्न और दुखी मन से अपने फेसबुक , Google , Twitter  पर लिखते हैं ऐसे में इतने बडे चैंनल के एक सीनियर जर्नलिस्ट का इस तरह से बोलना वाकई हिम्मत का काम है… यकीन मानिए कार्यक्रम खत्म होते होते तक मैं खुद भी इमोशनल हो गई क्योकि जिस तरह से उन्होनें अपनी बात रखी काबिले तारीफ थी. read more at monicagupta.info

 

खबरों की खबर – Monica Gupta

खबरों की खबर खबरों की खबर तिल का ताड बनना हो या राई का पहाड .. खबरिया चैनलों का कोई सानी नही. होता कुछ है बताते कुछ है दिखाते कुछ और ही है और जैसे निष्पक्ष पत्रकारिता तो रही नही इस विषय में भी बहुत सवाल खडे हुए हैं . बस खबर बनानी है … वो भी हट कर एक्सक्लूजिव read more at monicagupta.info

 

या फिर हम किसी नेता के उसके बडबोले बयान या हिंसा फैलाने वाले बयान पर साक्षात्कार ले रहे हैं तो गरिमा बनाए रखनी चाहिए पर  जी लगाना उचित नही   पर अगर कोई नेता अच्छा और देश हित के लिए सार्थक प्रयास कर रहा है और हम उनके बारे में लिख रहे हैं तो एक आध बार अगर सम्मान दिखा भी देंगें तो कोई फर्क नही पडेगा.. या फिर किसी नेता को हम आदर मान देकर अपने न्यूज स्टूडियो बुलाते है तो उसे आदर देना तो बनता है … वैसे पत्रकार होने का यह मतलब भी नही होना चाहिए कि आदर,मान ही भूल जाओ और नाम ले ले कर उनसे बात करो …

पत्रकार होने का यही अर्थ है ?? क्या पत्रकारिता यही है  कि नेता जी का सम्मान न किया जाए.

मैने उस पत्रकार को तो कुछ नही कहा सिर्फ स्माईल देकर बात वही खत्म कर दी पर

आपका क्या विचार है इस बारे में जरुर बताईगा …

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पत्रकार, पत्रकारिता और नेताजी

August 20, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जान बची तो लाखों पाये – एक सच

जान बची तो लाखों पाये – एक सच

हे भगवान.. ऐसा भी होता है/ सफाई अभियान

राखी का त्योहार गया. घर मे बहुत फल और मिठाई रखी थी कुछ बांट दी और कुछ रह गई. सोचा  सुबह तो निबटा ही दूंगी. खाना बनाकर टीवी देखा और देखते देखते नींद भी आ गई. अचानक फोन की घंटी हुई. फोन उठाया तो रॉग नम्बर था. चाय पीने के बाद शुरु हुआ सफाई अभियान.

मिठाई का दुबारा देखा और सूंधा कि क्या वाकई खराब है या चलाई जा सकती है पर सोचा कि पंगा नही लेते… अचानक गेट पर घंटी बजी और बाहर सफाई कमर्चारी था. कूडा लेने आया था. मैने फटाफट डिब्बा बंद किया और उसे पकडा दिया कि खा लेना.. लगभग आधा धंटे बाद फिर घंटी बजी. बाहर आई तो देखा जमादार के साथ दो तीन लोग खडे थे. जमादार बता रहा था कि इन्ही बीबी ने मिठाई का डिब्बा दिया था. उसने मुझे बताया कि उसके बच्चों ने मिठाई खाई और उनकी तबियत खराब हो गई अस्पताल मेंं है … अरे बाप रे … !!

अस्पताल् के डाक्टर मुझे जानते थे तो मैने फोन करके मरीज का हाल पूछा तो उन्होने बताया कि दोनो बच्चे अभी गम्भीर हैं… हे भगवान !! मैने तो तौबा कर ली कि आगे से कभी किसी को खराब मिठाई नही दूंगी और देना क्या मैं तो कभी घर में भी नही लाऊंगी मिठाई …

मैने सारे देवी देवता याद कर लिए कि बस इस बार बचा लो भगवान !! क्षमा करो … क्षमा करो… दो चार आदमी तो मेरे घर के आगे ही बैठ गए कि अगर बच्चों को कुछ हुआ तो वो यही तोड फोड शुरु कर देंगें…

हे भगवान !! खिडकी से बाहर झांका तो वो लोग बात कर रहे थे कि पुलिस केस तो है ही पुलिस को सूचित कर दिया है आने वाली होगी वो कभी भी …

हे भगवान !! मैं झांक ही रही थी बाहर तभी दरवाजे की घंटी बजी.. मैने सोचा मर गए अब क्या करु … क्या करु …

अचानक मेरी नींद खुल गई… अरे !! मैं पसीना पसीना थी… वो सपना था … क्या ?? वो सब सपना था … जान में जान आई … बाहर आई तो देखा वही सफाई कर्मचारी खडा था कूडा लेने आया था.. मैं जैसे ही कूडा लाने के लिए मुडी वो बोला बीबी जी राखी की मिठाई ?? मैने हसंते हुए कहा कि वो तो खत्म हो गई तुम  पैसे ले जाओ और बच्चो के लिए फल खरीद लेना.. खिला देना…

वो वाली मिठाई भी कूडे की भेट चढ चुकी थी और अब  मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही थी …  वो नमस्ते करता आगे बढ गया और मैं चाय बनाती हुई अपना अपना सोच रही हूं !! जान बची तो लाखों पाये – एक सच !!

सपने से ही सही एक सबक तो मिला  !!…

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वैसे आप क्या सोचते हैं !!

Photo by 412 digital

August 20, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

खेल के नाम – मन की बात

खेल के नाम – मन की बात

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खेल के नाम – मन की बात

पीवी सिंधु, ओलंपिक्स, साक्षी मलिक, रियो ओलम्पिक 2016 , Rio Olympics 2016 ,पुलेला गोपी चंद, मैडल,नरसिंह ,दीपा कर्मकार ओलंपिक ,क्वालीफ़ाई , पहली भारतीय महिला जिमनास्ट  , डोप, साज़िश ,सिल्वर, कांस्य, बधाई, शुभाकामनाएं  आजकल बस यही ब्रेकिंग न्यूज बनी हुई हैं  

बात ज्यादा पुरानी नही बस एक दिन ही पुरानी है जब मैनें सिधु का नाम पहली बार सुना और मन मे आया कि अरे !! कौन हैं ये … किसी से पूछा इसलिए नही कि कोई ये न कह दे कि अरे सिंधु को नही जानती … वैसे दूसरा कारण यह भी था कि बैडमिंटन के इस खेल में तो मैने बस सायना नेहवाल का नाम ही सुना था यकीनन गोपी चंद का नाम जरुर जहन में था पद्म भूषण से सम्मानित पुलेला गोपीचंद भारत के एक शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी व कोच हैं पर देखते ही देखते ज्यादा सर्च करने की जरुरत नही पडी और न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के माध्यम से सिंधू के  बारे में जानकारी मिलती चली गई

टीवी पर टॉक शो के दौरान मैने यह भी सुना कि उसे बार बार मोबाईल चैक करने का बहुत शौक था बस दो मिनट बस एक मिनट कह कर वो बार बार खेलने से पहले चैक करती रहती थी …. पर फिर उसके हाथ से मोबाईल छीन लिया गया कि पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित करो और खेलो वहीं उनकी मम्मी ने बताया कि उनके खाने पर कंट्रोल करना पडा.

बेशक, कुछ पाने के लिए बहुत कुछ बलिदान करना पडता है खोना पडता है, त्यागना पडता है  … इतना आसान नही होता सम्मान मिल जाना देश में अपनी अलग पहचान मिल जाना… आज रजनी कांत से लेकर राष्ट्रपति तक उन्हें संदेश दे रहें हैं….

निसंदेह सिंधु एक प्रेरणा बन कर उभरी है कुछ समय पहले तक जब देश के नाम कोई पदक नही आया था तब कोई ट्वीट करके मजाक बना रहा था तो कोई इसमें भी राजनीति खोज रहा था, कोई वहां सैल्फी लेने के लिए कोसा जा रहा था तो कोई सिर्फ वहां धूमने जाने के कारण निशाने पर था.  … सोशल मीडिया पर कमेंटस की भरमार थी.

वहीं तो बार बार यही आवाज निकल रही थी कि  हे भगवान ये क्या हो “रियो” है. एक तरफ ओलंपिक में हमारे पदक नही आ पा रहे और दूसरी तरफ हमारे खेल मंत्री को ही चेतावनी मिल गई ज्यादा हैरानी तो तब हुई जब चीनी मीडिया ने ओलंपिक में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के छह कारण बता दिए कि भारत में मूलभूत ढांचे की कमी, स्वास्थ्य की कमी, ग़रीबी, लड़कियों को खेलों से दूर रखना, लड़कों पर अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बनने का दबाव, क्रिकेट की लोकप्रियता और ओलंपिक के बारे में ग्रामीण इलाक़ों में जानकारी की कमी है. चीनी मीडिया में ये भी कहा गया है कि भारत चीन के बाद दूसरा सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला देश है लेकिन ओलंपिक में बहुत कम पदक जीत पाता है.

बेशक बात पूरी तरह से गलत भी नही है… हमें बच्चों को खेलों के प्रति उत्साहित करना होगा.. और गंभीरता से, एकाग्रचित्त होकर  खेल खेलना होंगा जैसाकि सिंधु ने किया जिसे अभी तक कोई नही जानता था आज वो ब्रेकिंग न्यूज बन चुकी है…

और आज वो देश के लिए सिल्वर मैडल लाई हैं निसदेह गर्व की बात है ..

बधाई की सच्ची हकदार हैं पर सिर्फ बधाई या शुभकामनाएं देने से बात नही बनेगी सच्ची बधाई तब होगी जब हम उनसे कुछ सीखें जैसाकि मैने अभी ये सीखा कि जब तक मेरा ये आर्टिकल पूरा नही होगा मैं मोबाईल नही देखूंगी … (बेशक बात बहुत छोटी सी है पर इसने काम किया )

वही नेताओ को भी दूर दराज के क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा खेलो में सुविधाएं देनी होगीं ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस ओर आकर्षित हो सकॆं क्योकि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नही है … !!

और रही बात मीडिया की कि स्टूडियों में हाथ में बैडमिंटन लिए अपनी खबरे दिखाने के डोप से जुडी व ऐसी ही अन्य खबरें भी ज्यादा से ज्यादा खबरें दिखाए ताकि नरसिह जैसे खिलाडी को खेलों से वंचित न रहना पडे.

खिलाडियों के लिए एक संदेश ये है कि खेल और सिर्फ खेल पर ध्यान लगाएं पूरी तरह से पागल हो जाए उठते बैठते, सोते जागते बस खेल ही खेल नजर आए हर जगह अपना खेल का चेहरा ही नजर आए ठीक वैसे जैसे अपने प्रियतम का आता नजर आता है … …

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Rio Olympics 2016: I’m on Cloud Nine, says Olympic silver medalist PV Sindhu – Navbharat Times

रियो में सिल्वर जीतकर सिंधु ने कहा, ‘मैं सातवें आसमान पर’ ‘मैं क्या कहूं?’ गले में पड़ा सिल्वर मेडल लहराते हुए भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने कहा है, ‘मैं सातवें आसमान पर हूं। यह हफ्ता आश्चर्यजनक तौर पर अच्छा रहा। मैंने अच्छा खेला। मेरे कुछ मैच शानदार रहे और अब मैं ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट हूं।’ read more at navbharattimes.indiatimes.com

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Rio Olympics 2016: I’m on Cloud Nine, says Olympic silver medalist PV Sindhu – Navbharat Times

रियो में सिल्वर जीतकर सिंधु ने कहा, ‘मैं सातवें आसमान पर’ ‘मैं क्या कहूं?’ गले में पड़ा सिल्वर मेडल लहराते हुए भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने कहा है, ‘मैं सातवें आसमान पर हूं। यह हफ्ता आश्चर्यजनक तौर पर अच्छा रहा। मैंने अच्छा खेला। मेरे कुछ मैच शानदार रहे और अब मैं ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट हूं।’ read more at navbharattimes.indiatimes.com

 

‘दादा को देख, 7 साल की साक्षी ने कुश्ती की ठानी’ – BBC हिंदी

उन्होंने बताया, “साक्षी ने बहुत मेहनत की थी. उसने दिन रात एक कर दिया था. साक्षी ने मुझसे कहा था ‘पापा मैं मेडल जरूर लाऊंगी’. रूस की पहलवान से हारने के बाद भी हमने आस नहीं छोड़ी थी क्योंकि साक्षी पहले भी ऐसा करती रही है. वो दूसरे खिलाड़ी को भांपने नहीं देती है कि वो कौन सा दांव लगाएगी और कौन सा नहीं.”

वो कहते हैं कि जीत के बाद जब साक्षी से उनकी बात हुई तो उसने कहा- ‘पापा ये मेडल मैं आपको गिफ्ट करती हूं.’ साक्षी के पिता उसकी उपलब्धी की पीछे उसकी मां का बड़ा योगदान मानते हैं और कहते हैं कि वो तो दिल्ली में नौकरी करते रहे, लेकिन साक्षी के खाने पीने और उसकी ट्रेनिंग का ध्यान उसकी मां ने ही रखा. read more at bbc.com

रियो ओलंपिक में हरियाणा की साक्षी मलिक ने भारत को कुश्ती में कांस्य दिलाकर इतिहास रचा. क्या कहते हैं उनके पिता? read more at bbc.com

मुझसे मेरा सपना बेरहमी से छीन लिया: नरसिंह – BBC हिंदी

सीएएस के फ़ैसले के बाद नरसिंह ने कहा, ”मेरा सपना था कि मैं ओलंपिक पदक हासिल कर देश का मान बढ़ा सकूं, लेकिन मुझसे इस सपने को बड़ी बेरहमी से छीन लिया गया.”

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार नरसिंह का मानना है कि उन्हें साज़िशन फंसाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधियों ने उनके खाने-पीने में कुछ ‘मिलाया’ था.

भारतीय ओलंपिक संघ ने भी कहा ‘अपनों’ ने ही पहलवान नरसिंह को हराया. read more at bbc.com

 

पुल्लेला गोपीचंद – विकिपीडिया

गोपीचंद के जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण वर्ष 2001 में आया जब उन्होंने लन्दन में एक बार फिर से प्रतिष्ठित 2001 ऑल इंग्लैण्ड ओपन बैडमिन्टन चैम्पियनशिप जीतने के इतिहास को दोहराया. इस चैंपियनशिप में, उन्होंने क्वार्टर फाइनल राउंड में डैनिश खिलाडी ऐन्डर्स बोएसन को हराया. सेमी फाइनल राउंड में उन्होंने दुनिया के पहले नंबर के खिलाडी पीटर गाडे को दो मुश्किल सेट्स में हराया.[14] अंत में, उन्होंने चीन को 15-12, 15-6 चेन होंग से हराया. इसके साथ उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की जो अब तक एक ही भारतीय माननीय प्रकाश पादुकोण ने हासिल की थी। [15] read more at wikipedia.org

 

 

खिलाडी चाहे हरियाणा का हो या हैदराबाद का … नाम देश का ही उंचा होता है …

और आज उन्होनें कर दिखाया और देश में अपनी अलग पहचान बनाई …

मैं एक ही बात सभी के लिए बोलना चाह्ती हूं चाहे वो किसी भी क्षेत्र  से हों

मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे…

बहुत बधाई साक्षी और सिंधु को …दीपा कर्मकार ओलंपिक में क्वालीफ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बनीं. उन्होनें भी एक इतिहास रच डाला …

खेल के नाम – मन की बात

शुभकामनाएं !!!

टवीटर के टवीट और चटपटी खबरों का खेल – Monica Gupta

अरे क्या हुआ अगर अभिनव बिंद्रा निशाना चूक गए ।।।शोभा डे ने जिस तरह से ट्वीटर twitter पर मजाक उड़ाया बहुत गलत किया उनका कहना क़ि रियो जाओ सेल्फ़ी लो और खाली वापिस आ जाओ अवसर और धन की बरबादी हो रही है।।। बेशक अभिनव ने भी इसका जवाब ट्वीटर पर ही दिया पर खुशी इस बात की हुई क़ि जनता को भी शोभा डे का ट्वीट अच्छा नही लगा और शोभा डे को जनता के गुस्से का भागीदार बनाना पड़ा।। सोच समझ कर बोलना चाहिए ।।।खेल की भावना तो होती भी यही है sportsmanship रखनी चाहिए।।। मजाक नही उड़ाना चाहिए।।। read more at monicagupta.info

 

 

August 19, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

आम आदमी पार्टी पंजाब – नवजोत सिंह सिद्धू

आम आदमी पार्टी पंजाब – नवजोत सिंह सिद्धू

sidhu vs kejriwal

आम आदमी पार्टी पंजाब - नवजोत सिंह सिद्धू

आम आदमी पार्टी पंजाब – नवजोत सिंह सिद्धू

Sidhu loves AAP, Sidhu Loves BJP, Sidhu Loves Congress , Sidhu Loves me… के बीच उलझे हैं अरविंद केजरीवाल  सभी को पता है sidhu ने अरविंद केजरीवाल का कितना मजाक बनाया था पर फिर भी आम आदमी पार्टी उनका  स्वागत कर रही है और नवजोत सिह सिदू मौन हैं कि कहा किस पार्टी में जाएग़ें ??

https://youtu.be/-RMmdEjxcjc

 

No precondition from Sidhu, he needs time to think: Arvind Kejriwal – Times of India

The resignation of 52-year-old Sidhu, who was nominated on April 22, was accepted by Chairman Hamid Ansari with immediate effect. In a brief statement on his resignation, Sidhu did not reveal much about his future plans but there were indications that he was miffed with the state of affairs in his party.

Chief Minister Arvind Kejriwal on Friday sought to scotch “rumours” on Navjot Singh Sidhu’s possible induction in Aam Aadmi Party, saying the cricketer- turned-politician has not put any pre-condition and just needs “time to think”.

Chief Minister Arvind Kejriwal on Friday sought to scotch “rumours” on Navjot Singh Sidhu’s possible induction in Aam Aadmi Party, saying the cricketer- turned-politician has not put any pre-condition and just needs “time to think”. h/t timesofindia.indiatimes.com

 

आप नेताओं की पंजाब चुनाव से पहले यूरोप यात्रा की योजना

read more at ndtv.com

 

देखते हैं क्या होता है …

 

August 17, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जुबान सम्भाल के – मनोरंजक कार्टून

जुबान सम्भाल के

जुबान सम्भाल के

जुबान सम्भाल के

जुबान सम्भाल के .. back to pavilion.. लीजिए 15 अगस्त गई और देश भक्ति में सरोबार मेरा भारत महान, मेरा प्यारा देश जैसे नारों से गूंजता हमारा इंटर नेट अब फिर वापिस लौट गया है अपनी बदजुबानी पर , अपशब्दों की भरमार पर … जहांं  से गुजरते समय आखें और नाक दोनो बंद करने पडते हैं…

जुबान सम्भाल के – मनोरंजक कार्टून

देश भक्ति दिखाने का समय गया अब आया समय दुबारा अंट शंट लिखने का … ऐसे में टविटर पहली पायदान पर है यानि   सबसे आगे चल रहा है 140 शब्द लिए छोटा सा टवीटर किसी का मजाक बनाने में तंज कसने में अपशब्दों और गालियों की बौछार लिए तैनात रहता है…

 

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