Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 8, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

Monica Gupta

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi – पढ़ाई कैसे करे. ध्यान कैसे लगाएं पढाई मे. अक्सर पैरेंट्स ये कहते हैं कि हमने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में डाला है … खर्चा भी पूरा कर रहे हैं पर बच्चे का मन नही लगता पढाई में कैसे लगाएं … बार बार यही कहना पड़ता है पढ़ लो पढ़ लो … खुद कैसे इच्छा हो …!!

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

बच्चे 5  क्लास मे हो गए 6  मे हो गए पर पढ़ते ही नही हैं … एक बहुत बडा सवाल ??

चलिए जो हो गया सो हो गया … अब आज ये सोचिए कि

ये सबसे सही समय है क्योकि फाईनल एग्जाम अभी नही है तो कोई मारा मारी या टेंशन नही है अब आपके पास बहुत समय है…  शुभस्य शीघ्रम् शुभ कार्य जितनी जल्दी हो वह कर डालना…

 

क्या क्या करें ?

तो सबसे पहले तो टाईम टेबल बना लीजिए और शुरु में पढाई का कम समय रखें … और धीरे धीरे बढातें रहें … बस इस बात का ख्याल रखें कि जब पढाई है तो बस सिर्फ पढाई … नो टीवी, नो मोबाईल … आपने भी नही … !!

हां पढाई के बाद जरुर कर सकते हैं पर पढाई के समय सिर्फ पढाई .. वो आपने भी नही देखना उसके टाईम टेबल में सिर्फ पढ़ाई ही नही … खेलने का समय भी जरुर होना चाहिए …

पढ़ाई दो तरीके से हो सकती है एक तो अकेले या ग्रुप बना

बच्चों का अपना अपना तरीका होता है कोई जोर जोर से बोल बोल करता learn करता है कोई चुपचाप .. मन ही मन …

जिन्हें बिल्कुल pin drop silence पढ़ना हो वो अकेले वाला चुन सकते हैं वैसे कुछ बच्चे

ग्रुप बना कर भी पढाई करते हैं उससे क्या होता है कि.. कभी कभी ग्रुप बना कर भी पढाई करना फायदेमंद रहता है आपस में बात करके या मिल जुल कर problem slove  कर सकते हैं … आपसे मे test  ले सकते हैं नए ideas भी मिल सकते हैं

जब बच्चा पढ़ाई कर रहे हों तो सारा समान उनके पास रखें कभी उनको पानी पीना है कभी कोई किताब दूसरे कमरे में है …  ऐसे ध्यान हटता है इसलिए एक ही टेबल बनाए और उस पर सारा जरुरत का सामान रखा हो ..

लगातार एक ही subject  मत पढने को कहिए … थोडी थोडा थोडा समय सभी सब्जेक्टस को दें उससे बोर भी नही होंगें और नींद भी नही आएगी …

और अब mothers  की भूमिका ये भी है कि खाना थोडा सा हलका और पौष्टिक ही बनाएं  क्योकि पेट भरा हो तो नींद ज्यादा आती है … खाली भी न हो तब  खाने का मन करेगा …

टेबल पर do not disturb  का बोर्ड लगा दीजिए ताकि उस समय ना आपके पास कोई आए और न डिस्टर्ब करे..

मोबाइल या केबल हमेशा के लिए बंद नही कीजिए बल्कि

ये कहिए कि अगर ये lesson learn  हो गया तो खेलने भी जा सकते हो और अपनी पसंद की कार्टून भी देख सकते हो …

सबसे जरुरी है कि घर का माहौल अच्छा बनएं रखें लडाई झगडा , डांट डपट कम करे … तनाव वाला कोई काम न करें …

स्टडी प्रेशर नही बनाएं  – जहां दबाव बना  वहीं काम खराब … !! बच्चों पर नम्बरों या पोजीशन लाने का दबाव न बनायें

और बच्चे ने सारा learn भी कर लिया और होम वर्क भी कर लिया तो उसे शाबाशी दें … उसका खाने में या जो भी मन है उसे प्रोत्साहन स्वरुप दें …

तो ये तो है कुछ टिप्स … पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

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समय पर काम करने के महत्व को समझें माताएं

August 7, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी

Monica Gupta

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी – Nirasha ko Kaise dur karey – Self Motivation – कल एक जानकर घर आए हुए थे. उनका बेटा 10 क्लास में है … उसने कुछ समय पहले बहुत अच्छी अच्छी कविताएं लिखी थीं और मैंने तब उसे सुझाया भी था कि स्कूल मैगजीन में दो इसे … आज जब वो आए तो उससे पूछा कि और कितनी कविताएं लिखीं ..

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी

इस पर वो बोला कि नही लिख रहा … अरे !! हैरानी इसलिए हुए कि वो वाकई में अच्छी लिख रहा था … वो बोला कोई बोलता ही नही अच्छी लिखी है कोई appreciate नही करता … तो सोचा कि शायद अच्छी नही लिखता हूंगा शायद इसीलिए …  मैंनें उसे समझाया जरुरी नही है कि हर कोई हमारी प्रतिभा को समझे .. अगर कोई नही सोच रहा तो ये उसकी सोच है पर उसकी सोच की वजह से अपनी प्रतिभा को कटघरे में खडा करना सही नही है … बिल्कुल भी पीछे नही हटना चाहिए … चुपचाप मन लगा कर,  दिल लगाकर लिखते रहना चाहिए …

वैसे ऐसा ही होता है जब हमें कही से मोटिवेशन नही मिलती,  लोगो की negativity मिलती है  तो हम demoralize , disappointed  हो जाते हैं निराश हो जाते हैं जबकि हमें इन बातों पर ध्यान न देते हुए बस जो सोचा है उस पर बढ़ते रहना चाहिए …

इसी बारे में एक बहुत ही अच्छी प्रेरक कहानी भी है कि

 प्रेरक कहानी

एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने का competition  हुआ बहुत लोगों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी. चढ़ाई बहुत खडी थी यानि मुश्किल थी …जमा हुए लोग यही सोच रहे थे कि ये लोग चढ ही नही पाएगें नामुमकिन है बहुत मुश्किल है … इसलिए चिल्लाने लगे … अरे क्या कर रहे हो लौट आओ … वापिस आ जाओ … कभी भी सीधे पहाड़ पर नहीं चढ़ पाओगे.. सफलता का तो कोई सवाल ही नहीं, भीड़ चिल्लाये जा रही थी, ये नहीं हो सकता, असंभव और वो उत्साहित प्रतियोगी भी ये सुन-सुनकर हताश हो गए और अपना प्रयास धीरे धीरे करके छोड़ने लगे

लेकिन उन्हीं लोगों के बीच एक participant था, जो बार -बार गिरने पर भी उसी जोश के साथ ऊपर पहाड़ पर चढ़ने में लगा हुआ था ….वो लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा और  वह सीधे पहाड़ के ऊपर पहुच गया और इस प्रतियोगिता का विजेता बना. उसकी जीत पर सभी को बड़ा आश्चर्य हुआ, सभी लोग उसे घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे, तुमने ये असंभव काम कैसे कर दिखाया, ये विजय कैसे की ?

किसी ने बोला कि ये बहरा होगा तभी उस व्यक्ति ने कहा हां कि हर नेगेटिव बात के लिए हमेशा  मैं बहरा था, बहरा हूँ और बहरा रहूँगा .

वो तो समझ गया था … पर अगर आप के साथ भी कुछ ऐसा हो तो कि कोई मोटिवेट नही कर रहा … आपको समझ नही रहा और नेगेटिव हो रहा है तो बहरे बन जाईए … फिर देखिए

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी –

August 6, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids – Parenting Tips

Monica Gupta

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids – Parenting Tips – Chote Baccho ko Kaise Banaye Confident-  How to Make Your Child Smart. Parents चाह्ते हैं कि उनका बच्चा स्मार्ट बनें सबसे आगे रहे और इसके लिए वो बहुत कुछ करते भी हैं … पर सभी बच्चों में अलग अलग स्किल होती हैं…

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids

कुछ बच्चे बहुत bold होते हैं जल्दी से घुल मिल जाते हैं और कुछ बहुत शर्मीले होते हैं स्कूल में भी चुप चुप रहते हैं और घर पर भी जब कोई मेहमान आते हैं तो पर्दे के पीछे से चुपचाप मुंह में ऊंगली डाल कर देखते हैं पर सामने नही आते …  उनको बुलाते रहो पर वो भाग जाते हैं ..

तो क्या करना चाहिए..

ऐसे में बात करनी चाहिए बच्चे से ही कि आप बात किसलिए नही करते किसलिए शर्माते हैं … आराम से ऐसे ही बातों बातों में … ऐसे नही जैसे क्लास लग रही हो और मम्मी,  मौसी,  दादी सब जैसे सी आई डी की तरह पूछ्ताछ करें .. ऐसा माहौल नही बनाना चाहिए …

वजह टटोलने की कोशिश करनी चाहिए कई बार गुस्से में पेरेंटस ये तक कह देते हैं कि नही बात की अगर बात नही की ऐसे ही रहे तो और इसी तरह शर्माया तो होस्टल भेज देंगें … तो डर सा बैठ जाता है …

इसलिए जरा कूल कूल …

 

 

दूसरों के सामने बार बार ये न कहें कि ये तो बहुत शर्मीला है ये तो बात ही नही करता … बच्चे में ऐसे कॉम्पेक्स आ जाएगा …

सिर्फ पढ़ाई ही नही बच्‍चे को स्‍कूल की गतिविधियों में पार्ट लेने दें जिसमें भी उसका मन है … मान लीजिए उसका डांस में मन है और आप हंसेगें नाचेगा क्या … तो बताईए … जिसमें उसका शौक है उसे करने दीजिए … नाटक का मन है तो बोलो कि सारा दिन नाटक ही तो करता है  ये भी नही …

खासतौर पर खेलने के लिए पार्क ले जाईए वहां बहुत बच्चे मिलेगें उन्हें देखेगा तो एक आत्मविश्वास भी आएगा ..

जब भी बाहर जाएं किसी दोस्त के या कहीं भी बच्चे को साथ ले जाएं … और अगर उस परिवार में बच्चे हैं उसी के हम उम्र तो खेलने दें …

बच्चे पर बहुत ज्यादा नजर न रखे … जब बच्चा किसी से बात कर रहा हो खेल रहा हो तो एक आध बार देख लें पर नजर नही रखें नही तो वो बहुत ज्यादा conscious हो जाएगा …

दोस्तों के सामने ज्यादा कठोर न बनें कि चल खेल,  चल बात कर …सख्ती न करें  इससे वो और ज्यादा घबरा जाएगा .. बात बात पर गुस्सा न करें.

तुलना न करें … ये सबसे जरुरी है नही तो बच्चे के मन में complex   आ जाएगा

ज्यादा से ज्यादा समय दें बात करें ताकि वो खुले .. .

अकेला ना छोडे़- शर्मीला बच्‍चा हमेशा अकेला रहना पसंद करते है..

और बच्चे को बार बार टोकने की बजाय उसे मोटिवेट करें उसका कोई छोटा से छोटा काम है उसे शाबाशी दें घर पर मेहमान आएं तो उनसे मिलवाएं …

कुल मिलाकर एक रोल मॉडल बनें …. ये तो थी थोडी टिप्स अगर आपके पास भी कोई टिप्स हों तो जरुर बताईएगा … या ऐसे बच्चों के लिए कोई आईडिया हो तो जरुर बताईगा ..

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August 5, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व – Swachhata ki Avashyakta

Monica Gupta

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व – Swachhata ki Avashyakta –  Baccho ko Kaise Sikhayen Swachata Ka Mahatva -स्कूल की पढाई के साथ साथ कुछ सबक ऐसे भी होते हैं जो मां बच्चों को practical बहुत अच्छी तरह से समझा कर बच्चों को अच्छा इंसान बना सकती है हुआ ये कि घर के सामने से एक बच्चा जा रहा था उसके साथ उसकी मम्मी भी थी … बच्चा शायद अपना पाठ याद करता जा रहा था मम्मी के हाथ में कॉपी थी … और बच्चा संतरा खाता और छिलके फेंकता चल रहा था … तभी मम्मी ने टोका अरे नही छिलके उठाओ … बेटे ने आनाकानी की और बोला कोई डस्टबिन नही है यहां तो मम्मी ने बोला कि कोई बात नही मुझे दे दो .. बच्चे ने छिलके उठाए और मम्मी को दे दिए …

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व

बच्चों को समझाएं स्वच्छता का महत्व स्वच्छता का महत्व बच्चों को जरुर समझाना चाहिए और स्वच्छता का महत्व बच्चों को जरुर समझाना चाहिए और मम्मियां सबसे पहली गुरु हैं इसलिए शुरुआत उन्हें करनी चाहिए जैसा कि एक कहानी मैंनें नेट पर पढी कि  घर पर कूड़े वाला आता है तो बच्चा मम्मी को आवाज लगाता है कि मम्मी कूड़े वाला आया है तब मम्मी समझाती है कि नही बेटा कूड़े वाला नही ये सफाई कर्मचारी है …कूड़े वाले तो हम हैं जो हम इसे कूड़े  देते हैं  वाकई बहुत सही लगी थी ये बात… बच्चों में अच्छे संस्कार डालने चाहिए … यकीन मानिए पहले मैं भी कूड़े वाला ही बुलाती थी पर इस बात को पढ़ने के बाद सफाई कर्मचारी बोलने लगी हूं …

 

हर कोई अपने अपने तरीके से अभियान से जुडा है कोई फिल्म बना कर तो कोई ब्रांड एम्बेसेडर बन कर…

 

अगर आपके  पास भी कोई अच्छी सी बात हो तो जरुर बताईएगा … सब मिलकर एक अच्छा समाज बनाएग़ें …

स्वच्छ भारत अभियान मे हमारा योगदान कितना जरुरी

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व

August 4, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Deal with Angry Child – जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें – How to Deal with Angry Child – बच्चों को कैसे समझाएं – Monica Gupta

How to Deal with Angry Child

How to Deal with Angry Child – जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें – How to Deal with Angry Child – बच्चों को कैसे समझाएं – Monica Gupta – जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें – ziddi-bache-ko-kaise-sudhare –

बहुत सारे मैसेज आए हुए हए थे कि बच्चे बहुत गुस्सैल और जिद्दी हो गए हैं उन्हें कैसे समझाएं … यही कुछ मेरे दिमाग में चल रहा था पहले तो मैं टीवी देखती रही फिर किसी के घर कुछ काम था वहां चली गई …

How to Deal with Angry Child – जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें – How to Deal with Angry Child – बच्चों को कैसे समझाएं

वहां एक चार साल का बच्चा अपनी मम्मी को बहुत तंग कर रहा था जोर जोर से चिल्ला रहा था उसकी मम्मी ने दो चांटे मारे   और फिर बच्चा भी मां को खूब मारने लगा कभी लात कभी बाल खिंचने लगा.. फिर मेरी जानकार भी खूब मारने लगी बच्चा चिल्ला रहा था …

आप गंदी हो बहुत गंदी हो मारती हो … दोनों बराबर का बोले जा रहे थे…

अचानक उनकी मार पिटाई में doorbell हुई  और मेरी नींद खुल गई .. अरे बाप रे ये सब सपना था असल में यही सोचते सोचते सो गई और शायद  सपना आ गया …

बाहर गई तो कोई नही था … शायद बच्चे ही होंगें कई बार बेल बजा कर भाग जाते हैं … क्या बच्चे ऐसे ही होते हैं गंदे, लडाकू,  जिद्दी …

यही सोचते सोचते मैं अखबार  पढने लगी .. एक खबर ने मेरी सोच बदल दी कि बच्चे ऐसे नही होते …

खबर पुणे की थी एक माता पिता के बीच में बहुत लडाई चल रही थी और जब केस जज के पास पहुंचा.. उस दिन बच्चे का जन्मदिन था और माता पिता अलग रहना शुरु कर चुके थे … कोर्ट में जन्मदिन साथ मनाया और जब उससे उपहार की बात पूछी तो बच्चे ने एक लैटर थमा दिया उस पर लिखा था कि लडिए मत … मैं आप दोनों को साथ देखना चाह्ता हूं…

दोनो को महसूस हुआ और खुल कर बात हुई और सुलह हो गई …

तो एक बात तो साफ है कि बच्चे गंदे नही होते … कुछ एक ऐसी बातें हो जाती हैं जो उन्हें चिडचिडा बना देती हैं …

अच्छा एक बात बताईए कि जब मैंनें ये कहा कि बच्चे गंदे होते हैं तो आपको कैसा लगा … अच्छा नही लगा ना आपको मन ही मन गुस्सा भी आया होगा कि ये बच्चे को गंदा कहने वाली कौन है … !! बस !! ठीक है अब मैं समझ गई …

प्यार तो आप बहुत करते हैं बच्चे से पर आपकी जिंदगी में इतने तनाव और busy  है कि आप पूरा ध्यान नही दे पा रहे इस वजह से बच्चा जिद्दी हो गया है…

मेरी एक जानकार ने बताया कि अक्सर उसका बच्चा मार्किट जाने पर बहुत जिद करता … वही दुकान पर लेट जाता .. रोने लगता और जिद करने लगता …  उसका हल उसने ये निकाला कि उसने उस समय बच्चे को कुछ नही कहा …

जब घर आए तो उसने बच्चे से बात नही की और बोला मम्मी को बहुत दुख हुआ कि मम्मी का प्यारा बेटा कैसे करता है … बच्चे जैसे भी हो पर वो मम्मी को नाराज नही देख सकते … वो झूठ मूठ से रोने की acting  करने लगी और बच्चा बार बार मम्मी के चेहरे से बाल हटा कर देखता रहा ..

उसे लगा कि उसने गलत किया है नही करना चाहिए था … और उसने सोरी बोला … उसके बाद से दोनों में बहुत दोस्ती हो गई है अब वो जिद नही करता … घर से बाहर जाने से पहले ही वो rules  बना लेते हैं एक लिस्ट बना लेते हैं कि क्या क्या करना है और क्या नही .. …. आराम से tackle  हो गई प्रोब्लम …

जरुरत यही है कि मार पिटाई हल नही है बच्चों के साथ दोस्ताना treat  करें और अगर  कोई गलती है उसे मान लें … अगर कान पकड कर सोरी बोलना भी पडे तो शर्म नही आनी चाहिए …

देखिए इन सब में एक बार जरुर देखने वाली है कि इन सब में बस एक बात का अगर ख्याल रखेंगें कि उसके उसके दोस्त कैसे हैं .. समय समय पर उसके दोस्तों को घर बुलाते रहें और उनका स्वभाव जानने की कोशिश करें …

जरुरत इस बात की है आप कूल रहें और कूल माईंड से ही कैसे सामना करना हैं वो सोचें … इसकी आखॉं में देखिए जिद्दी नही बहुत प्यारा और मासूम है वो …

यही तो बचपन के दिन है … बडा हो जाएगा चला जाएगा … इसलिए समय दीजिए समझिए और प्यार दीजिए … बस …

अगर आपको मेरी बात पसंद आई हो तो बाकि आपके पास भी कोई टिप्स हो तो कमेंट में जरुर बताईएगा …

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August 3, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों को कैसे लिखना सिखाएं – How to Motivate a Child to Write

Monica Gupta

छोटे बच्चों को कैसे लिखना सिखाएं – Chote Baccho ko Likhna Kaise Sikhaye –  how to create interest in writing – how to motivate a child to write – how to create interest in writing..  पढ़ाई  पढ़ाई के नाम से ही बच्चा दूर भागता है क्या करें ??

छोटे बच्चों को कैसे लिखना सिखाएं – How to Motivate a Child to Write

मेरे पास बहुत सारे मैसेज और mail आते हैं वो जानना चाहते हैं कि बच्चा लिखता नही है PreSchool जाता है  LKG, UKG मे हैं  पर लिखने का जरा भी शौक नही है कैसे उसमें interest बनाएं Motivate  करें  कि वो लिखे …

तो देखिए मैं ऐसे पैरेंटस को एक बात कहना चाहती हूं कि हर घर का अलग माहौल होता है और बच्चे की अपनी skill होती है .. और writing skill slowly यानि वो धीरे धीरे ही आती है … किसी बच्चे में जल्दी तो किसी में समय लगता है बस जरुरत इस बात की होती है कि उसे समय समय पर encourage करते रहेगें तो वो जरुर progress करता दिखाई देगा …

अकसर पैरेंटस की ये शिकायत रहती है कॉपी पर नही लिखता

अच्छा आप एक बात बताईए कि आप कागज पैन का कितना इस्तेमाल करती हैं … बच्चा अगर आपको कुछ लिखते देखेगा तो उसका भी मन करेगा कि वो लिखे पर जब वो देखेगा ही नही … तो उसमें शौक कैसा बनेगा … तो खुद भी अपने लिए पेपर पैन रखे …

इसे fun समझा जाए …

सबसे बडी बात ये हैं कि उन्हें force न किया जाए … इन्हें ये न कहा जाए कि पढो पढो … पढाई करते हैं ये कहिए कि खेल खेलते है .. गेम खेलते हैं Let’s play a game.

Coloring, copying, tracing,  finger painting , करने दीजिए enjoy करने दीजिए कलर से … इन ऊंगलियों को एक बार मजबूत होने दीजिए कि grip मजबूत हो जाए …  उनकी pencil grip, wrist position, pencil position  को सही होने दीजिए.. अगर एक बार गलत तरीके से पकडने लगे तो दिक्कत हो जाएगी …

अच्छा सिर्फ कॉपी पैंसिल ही नही आप उन्हें स्लेट, ब्लैक बोर्ड या white board   भी दे सकते हैं क्योकि उस पर लिख कर मिटाना आसन होता है … या एक ट्रे में मिट्टी या

या फिर आप एक ट्रे में जैसे रंगोली के कलर होते हैं वो डाल दीजिए और बोलिए कि अब अक्षर बनाईए कभी 0 कभी कुछ ताकि उसमें शौक बनें

आप किचन में काम कर रही हैं और चपाती बना रही है उसका alphabet बना दीजिए उसे वहीं बैठा लीजिए और बोलिए आप बनाओ … या फिर क्ले देकर उससे अलग अलग चीजे बनवा सकती हैं देखिए सबसे जरुरी है उसमे interest  create करना एक बार हो गया फिर आगे कभी दिक्कत नही आएगी …

और अगर आपको लगे कि colour से भी नही खेल रहा तो आज की टेलनोलोजी का इस्तेमाल करिए telephone टेलिफोन का कुछ देर के लिए प्लग निकाल लीजिए या calculators के माध्यम से उसे सीखाएं कि ये क्या नम्बर है या वीडियों गेम से भी बच्चा बहुत जल्दी सीखता है … उसमे अलग अलग स्टेज या गेम का नाम क्या है उसे तुरंत पता लग जाता है ..

आजकल मार्किट में बहुत सारी चीजे आती हैं जैसे कि magnetic alphabets … उसे अलमारी या फ्रिज पर भी लगा सकते हैं … देखिए जरुरी है उसमे interest पैदा करना एक बार उसमें interest आ गया तो …

पैशेंस . रखते हुए बच्चों को पूरा समय दीजिए … उनके साथ बैठिए … वो टिक कर नही बैठेगा … ये तो मान कर चलिए … जिस दिन वो टिक गया समझ लो आधी लडाई आपने जीत ली …

बच्चों से कहें कि हम आज मुंह से बात नही करेंगें तो भी करेंगें लिख कर करेंगें …  आपको toffee चाहिए … पैंसिल चाहिए  आप ड्रा करके बताओ और मैं भी उसका जवाब वैसे ही दूंगी … इससे उसमे इंटर्स्ट पैदा होगा …

 

इसलिए वो कुछ लिखें तो उसे encourage करना बहुत जरुरी है फिर देखिए कभी भी दिक्कत नही होगी … इसलिए सबसे जरुरी चीज मम्मी लोगो के लिए..

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छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

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