Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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May 3, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

एक कहानी यह भी – हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज

इंसान और भगवान

एक कहानी यह भी – हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज – ek kahani yeh bhi .एक बार की बात है अक्सर कहानी ऐसे ही शुरु होती है कहानी लेखन भी एक कला है और कहानियां हमेशा कुछ न कुछ सीखा कर जाती हैं और अगर बड़े बुजुर्गों का महत्व ki kahani हो तो…

एक कहानी यह भी – हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज

सरप्राईज  अक्सर अच्छे भी लगते हैं और चौंका देते हैं … आज जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रही हूं ये कुछ समय पहले मैने लिखी थी …और कहानी का शीर्षक है सरप्राईज

हृदयस्पर्शी कहानी सरप्राईज

कहानी है 70 साल के राम बाबू की … राम बाबू सोफे पर अध लेटे टीवी पर सपरिवार  सीरियल  देख रहे थे. उसमे एक सीन दिखा रहे थे कि परिवार के बुजुर्ग का जन्मदिन होता है और सभी मिल कर सरप्राईज पार्टी देते हैं.

अचानक मन ही मन दिमाग पर जोर डाला तो राम बाबू को याद आया कि परसो उनका भी जन्मदिन आ रहा है. जरुर उनके परिवार वाले भी कुछ सरप्राईज देंगें.

 

 

देखते ही देखते परसो का दिन भी आ गया. राम बाबू हमेशा की तरह तैयार हो गए.पर सुबह से किसी ने उन्हे मुबारक बाद नही दी .राम बाबू मन ही मन यही सोच कर खुश होते रहे कि बच्चे सरप्राईज  दे रहे हैं  ना इसलिए विश नही कर रहे.

दोपहर को सोते हुए उन्होने कुछ सुना तो था कि बाबू जी को वहा ले जाएगे उन्हे पता नही नही चलेगा. खैर वो चुपचाप रहे. शाम हुई .बच्चे तैयार हुए और बोले की बाजार चलो कुछ काम है आपका भी मन बदल जाएगा.

रामबाबू इसी बात का इंतजार कर रहे थे उन्होने 100 -100 रुपए के लिफाफे बच्चो को  बधाई स्वरुप देने के लिए जेब मे डाल लिए थे.

वो कार में बैठे और बच्चे कुछ सामान डिक्की में रखवा रहे थे …  बाजार जरा दूर था .वो सोचते जा रहे थे कि ना जाने कहा पार्टी होगी. किस किस को बुलाया होगा सच आज उनकी पत्नी सुषमा उनके साथ होती तो कितनी खुश होती.

तभी उनके पोते ने बोला…. दादाजी उठिए … आखं खुली तो सामने वृद्ध आश्रम था. उनकी सांस वही रुक गई. बच्चे कार की डिग्गी से  सामान उतार रहे थे. इतने मे आश्रम का चौकीदार भागा भागा आया.और वो सामान ले जाने लगा. बेटा बोला…  बाबूजी … आज  आप !!!!

रामबाबू सन्न रह गए .ये कैसा सरप्राईज था.

तभी पोते ने आवाज दी. दादू उठो  !!! आप तो सो ही गए थे! धबरा कर वो उठे और जान मे जान आई कि वो सब सपना ही था पर आखं खुलते ही सामने वही वृद्ध आश्रम था.

इस बार वो सपना नही था. सच, मे उन्हे वही लाया गया था. उधर चौकीदार भागता भागता आया और बोला आपका ही इंतजार था. बडी मुश्किल से खुद को संयत करके कापंते पैरो से वो भीतर पहुचे …. तो वो बहुत बडा सरप्राईज था.

उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी बूढे लोगो को बांट्ने के लिए कंबल मगवाए गए थे. अपनी सोच पर गर्दन झटकते हुए आखो मे खुशी के आसूं लिए वो सभी को कंबल बांढने मे जुट गए और सरप्राईज पार्टी यादगार बन गई …  बच्चे अपने प्यारे दादू  को मुबारक बाद देने मे जुट गए.

कई बार सरप्राईज ऐसा भी होता है …

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बच्चों की मनोरंजक कहानी – चॉकलेट की बेटी – Monica Gupta

बच्चों की मनोरंजक कहानी – चॉकलेट की बेटी – chocolate सभी बच्चों को अच्छी लगती है … कितनी खिला दो पर कभी मन नही भरता … बाल साहित्यकार, हिन्दी बाल कहानियाँ बच्चों की मनोरंजक कहानी – चॉकलेट की बेटी – Monica Gupta

 

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May 2, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मटके का पानी छी होता है क्या

मटके का पानी छी होता है क्या

मटके का पानी छी होता है क्या  – matke ke pani ke fayde   गर्मियों में फ्रिज का काम करता है ये मटका. प्यास बुझाने में तो है ही और गुणकारी है घडे का पानी मटके का पानी,   मटके का पानी का जवाब नही ,  अमृत है घड़े का पानी… सुराही हो या घडा गर्मी में किसी वरदान से कम नही … वैसे आपका क्या ख्याल है क्या वाकई में छी है मटके का पानी या अमृत है.

मटके का पानी छी होता है क्या

 

क्या मटके का पानी वाकई छी होता है यानि गंदा … !! कल कुछ ऐसा ही हुआ और मुझे लोगो की सोच पर हैरानी हुई…

बात कल की है मैं stop  पर खडी अपनी सहेली का wait  कर रही थी.गर्मी बहुत तेज थी और stop एक lady पहले से ही खडी थी और उसके साथ था एक छोटा बच्चा था … बच्चा रो रहा था और उसे प्यास लगी थी क्योकि मेरे पास पानी की बोतल थी मैने कहा कि आप ये दे दीजिए उसने झट से बोतल ले ली और ढकन्न खोलते हुए बोली आर ओ  RO का ही है ना पानी …

मैने कहा नही आर ओ  RO  का नही है मटके का है … उसने तुरंत बोतल वापिस कर दी और अपने बच्चे को बोली आंटी का पानी छी … RO का नही है … बस थोडी देर में हम घर पहुंच जाएगें वहां पीएगे … RO का पानी …

और बच्चा प्यास के मारे रोए चला  जा रहा था … इतने में दो तीन लोग और वहां आ गए उन्होनें भी  कहा कि आप बच्चे को पानी दे दीजिए बहुत रो रहा है … पर उसने RO की ही रट लगा रही थी … मुझे दुख हुआ लोगो की मानसिकता पर …

 

 

मटके का पानी मुझे किसी भी हाल में अमृत से कम नही लगता …  इसके तो लाभ ही लाभ है और इस महिला को देखिए …

मटके के पानी में तो गुण ही गुण है … सबसे पहला तो इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है शीतल होता है  …

दूसरा मटके का पानी खुद ब खुद फिल्टर हो जाता है … प्लास्टिक की बोतल में पानी रखा हो या मटके में रखा हो मटका ज्यादा सही रहता है पाचन क्रिया सही रहती है

गला खराब नही होता … अमृत है ठंडा होते हुए भी ठंडा नही होता यानि गला खराब होने का कोई चांस नही जैसा कि आमतौर पर फ्रिज के पानी से हो जाता है

मटके का पानी हमें स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है …

अमृत है घड़े का पानी… सुराही हो या घडा गर्मी में किसी वरदान से कम नही … वैसे आपका क्या ख्याल है क्या वाकई में छी है मटके का पानी या अमृत है

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मटके का पानी , matke ke pani ke fayde  , घडे का पानी , पानी का मटका, मिट्टी का बर्तन , गर्मियों में फ्रिज, गुणकारी है मटके का पानी , प्यास बुझाने में मटके का पानी का जवाब नही ,  घड़ों पानी पड़ जाना

बहुत शर्मिंदा होना।

May 1, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Every Person is Important

Every Person is Important

Every Person is Important – The concept behind the ‘New India’ is that EPI should replace VIP. EPI means Every Person is Important. We should accept the importance of 125 crore Indians,” said Modi, asking people to collectively strive to flush out the VIP Culture ..

Every Person is Important

जहां नेताओ के गले से बात नीचे नही उतर रही वहीं आम आदमी बहुत उत्साहित है …

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May 1, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

आज की नारी पर कहानी – फर्ज में फर्क

मटके का पानी छी होता है क्या

आज की नारी पर कहानी – फर्ज में फर्क – नारी तेरे रूप अनेक – भारतीय समाज में नारी की भूमिका house wife , home maker की है और  working lady वर्किंग लेडी की भी है … aaj ki nari per kahani वर्किंग लेडी यानि काम काजी महिला होना अच्छा है पर क्या वो अपना फर्ज सही से निभा रही है …

आज की नारी पर कहानी – फर्ज में फर्क

आज मैं जो कहानी आपको सुनाने जा रही हूं.. ये बहुत साल पहले मैने लिखी थी कुछ देखा था महसूस किया था … कहानी सुनने के बाद जरुर बताईएगा कि आज क्या कोई बदलाव आया है या नही …

कहानी है मिसेज रोजी की …

नन्हा गोलू घर पर बने पार्क में अपनी आया के साथ खेल रहा था तभी उसका ध्यान अंदर गया … उसकी मम्मी तैयार हो रही थी शायद वो किसी पार्टी में जा रही थी उन्हें देख कर गोलू मचल गया और आया के बार-बार मना करने पर भी अपने घुटनों के बल फुर्ती से अंदर चला गया और गोदी में जाने को मचल गया और अपने गंदे हाथ और मिट्टी वाले पाँव मम्मी की साड़ी पर लगा दिए।

बस, फिर तो मानो घर में तूफान खड़ा हो गया। असली शामत आई आया की, जब गोलू की मम्मी ने धमकी दे डाली कि वह उसे नौकरी से निकाल देगी, एक बच्चे को भी सँभालकर नहीं रख सकती।

 

 

 

तनख्वाह किस बात की लेती है। और तो और, नन्हे शीनू के गाल पर दो-तीन चाँटे भी रसीद कर दिए। अपनी साड़ी को झाड़ती अपने बॉस की पार्टी में चली गई।

उधर, पार्टी जोरों पर थी। वहाँ न जाने कहाँ से उस पार्टी के बॉस का अल्सेशियन Alsatian कुत्ता आ गया और उसने गोलू की मम्मी की साड़ी पर अपने गंदे पंजे जमा दिए। जब बॉस ने ये देखा तो उन्होने सॉरी बोला तो गोलू की मम्मी बोली, ‘‘अरे नहीं, कोई बात नहीं, doge  ही तो है,’’ और उसके नरम – नरम बालों को सहलाकर उसे प्यार से पुचकारने लगीं. उसे किस करते करते बोली माई बेबी! कितना प्यारा है मन करता है कि इसे अपने घर पर ही ले जाऊँ…. !

तो ये है कहानी …

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April 30, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

नारी तेरी अजब कहानी – एक सच्चाई ऐसी भी

Importance of Mothers in Life

नारी तेरी अजब कहानी – एक सच्चाई ऐसी भी – नारी शक्ति पर कहानी  हो या महिला सशक्तिकरण पर… असल में,  नारी का दूसरा नाम है समर्पण वो अपने घर परिवार के प्रति पूरी तरह से समर्पित होकर जुटी रहती है … ऐसी ही एक कहानी है पसंद ना पसंद

नारी तेरी अजब कहानी – एक सच्चाई ऐसी भी

कुछ कहानियां मनोरंजनक होती हैं कुछ प्रेरक तो कुछ  कहानियां जीवन से जुडी होती हैं और बस कुछ नही कहतीं बस अच्छी लगती हैं दिल से लगती हैं और  एक असर छोड जाती हैं …

आज मैं आपको जो कहानी जा रही हूं वो एक महिलाओं की जिंदगी से जुडी ऐसी ही कहानी है  कुछ समय मैने कुछ देखा और महसूस किया और उसे कहानी का रुप दे दिया … आपके हमारे जीवन से जुडी कहानी … अगर  दूसरे शब्दों में कहूं तो जीवन की सच्चाई भी है …

कहानी –  पसंद ना पसंद

एक महिला है अनु वो 41 साल की है और घर के बाहर  खडी सब्जी वाले की बेसब्री से  इंतजार कर रही हैं..  दूसरी गली में सब्जीवाले की आवाज सुनी तो टोकरी लेकर गेट पर आ खड़ी हुई। आज सुबह ही ढेर सारी फरमाइशों की लिस्ट उसे मिली थी।

असल में, आज अनु का जन्मदिन है। तीनों बच्चों और पतिदेव ने अपनी-अपनी पसंद बता दी कि रात को क्या-क्या बनेगा। मटर पनीर, पालक पूड़ी, भरवाँ आलू, चटपटे छोले-भटूरे, गाजर का हलवा, चाउमीन और भी न जाने क्या-क्या।

सभी के स्कूल और ऑफिस जाने के बाद वो सब्जीवाले का इंतजार करने लगी। ‘सब्जी’…‘सब्जी’…सुनकर उसकी तंद्रा भंग हुई और वो बिना मोल-भाव किए ही जल्दी-जल्दी सब्जी खरीदने लगी। बीबीजी की इतनी उत्सुकता देखकर सब्जीवाले ने पूछ ही लिया कि क्या बात है। सब्जी लेते हुए उसने खुशी-खुशी बताया कि आज उसका जन्मदिन है और सभी की फरमाइश का खाना बन रहा है न, इसीलिए।

सब्जी के पैसे देते हुए सब्जीवाले ने पूछा कि बीबी, तुम्हार पसंद की सब्जी कौन-सी है…. अनु ने बिना सोच-समझे बोल दिया कि यह सारी सब्जियाँ उसकी पसंद की ही हैं। लेकिन हाथ में सब्जी की टोकरी लिये घर का दरवाजा खोलती वो यही सोच रही थी कि आखिर उसकी पसंद क्या है।

सच, किसी ने यह नहीं कहा कि आज मम्मी की पसंद का ही खाना बनेगा… आज जो बन रहा है, शायद उसकी पसंद कुछ भी नहीं है, या शायद अब यह ही उसकी पसंद है। अपने विचारों को एक तरफ झटकती, बालों का जूड़ा बनाकर वह लजीज पकवान बनाने में जुट गई।

ये है एक नारी … जो आप हम सभी में है.. बताईए कि कैसी लगी

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April 29, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Be a Reason for Someone’s Smile – खुश कैसे रहें – मुस्कुराने की वजह क्या हो

Be a Reason for Someone's Smile

Be a Reason for Someone’s Smile  – खुश कैसे रहें – मुस्कुराने की वजह क्या हो –   दुनिया में आने की खबर तो नौ महीने पहले ही मिल जाती है लेकिन जाने की खबर नौ सैंकिड पहले भी नही पता चलती इसलिए खुश रहिए मस्त रहिए … अच्छा करिए,  अच्छा बोलिए . zindagi ek safar hai suhana जिंदगी एक सफर है सुहाना , जिंदगी के सफर में कोई भी वजह खोज कर मुस्कुराईए..

Be a Reason for Someone’s Smile – खुश कैसे रहें – मुस्कुराने की वजह क्या हो

क्या !! आज आप कुछ लाईफ मे बदलाव लाने की सोच रहे हैं. रोज रोज की किच किच ,टेंशन से परेशान हो गए है. ये तो बहुत अच्छी बात है, आप ऐसा करिए कि कोई भी वजह खोज कर मुस्कुराईए. अरे क्या हुआ कोई वजह नही मिल रही.

देखिए खुले आसमान को देखिए.. nature को देखिए … birds  को देखिए … आप यह सोचिए कि आज उगता सूरज खूबसूरत लग रहा है

वो भी नही तो या आप आज घर पर किसी को मत डांटिए … सभी के साथ प्यार से नर्मी से पेश आएं अपने बच्चे को बिना डांटे स्कूल छोड कर आए या चाय की तारीफ करें और चाय बनाने वाले की तरीफ करें कि बहुत अच्छी बनाई है

 

एक कहानी – खुश कैसे रहें .

किसी की मदद कीजिए और भगवान के दोस्त बन जाईए …भगवान के दोस्त …  हां आपने वो कहानी नही पढी … मैने  नेट पर पढी कि एक आदमी  बहुत तेज धूप मे एक बच्चे को नगें पैर देखता है तो उसका दिल पसीज जाता है और वो उसके लिए चप्पल ले आता है .. बच्चा चप्पल देख कर खुश हो जाता है और बोलता है … क्या आप भगवान हो … आदमी कहता नही …

यह सुनकर वह बच्चा फिर मुस्कराया और कहा- तो फिर आप जरूर भगवान के दोस्त होंगे? उस आदमी ने कहा- क्यों बेटा तुम्हें ऐसा क्यों लग रहा है कि मैं भगवान का दोस्त हूं? इस पर बच्चे ने कहा- क्योंकि मैंने कल रात भगवान से कहा था कि मुझे नए जूते दे दें. अब मुस्कुराने की बारी उस आदमी की थी.
उन्होंने बच्चे के माथे को प्यार से चूमा और अपने दफ्तर की ओर चल पडा  वो आदमी भी जान ग या  कि भगवान का दोस्त होना कोई मुश्किल काम नहीं… खुशियां बांटने से मिलती हैं किसी मंदिर, मस्जिद आदि में नहीं…

अगर दूसरे के चेहरे पर स्माईल लाईएगें तो  हमारे चेहरे पर खुद ब खुद स्माईल आ जाएगी आपको लगेगा कि आपका जीवन सार्थक हो गया..

दुनिया मॆ आने की खबर तो नौ महीने पहले ही मिल जाती है लेकिन जाने की खबर नौ सैंकिड पहले भी नही पता चलती इसलिए खुश रहिए मस्त रहिए … अच्छा करिए अच्छा बोलिए …

क्या ??आपको बात पसंद नही आई. जी हाँ मुझे भी आपकी बात पसंद नही आई . जब हम बेवजह लडने झगडने और गुस्सा होने का बहाना या मौका खोज सकते है तो फिर खुश होने ,हंसने या मुस्कुराने की वजह क्यो नही खोज सकते!!! जरुर सोचिएगा …

Be a Reason for Someone’s Smile – खुश कैसे रहें – मुस्कुराने की वजह क्या हो

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