Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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April 20, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर का समापन – मेरा सुंदर सपना टूट गया

लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर का समापन - मेरा सुंदर सपना टूट गया

लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर का समापन – मेरा सुंदर सपना टूट गया-  lal batti ke vip culture ka samapan – बेशक एक सराहनीय पहल है  … बेशक बहुत लोगो के गले से बात नही उतर रही फिर भी स्वागत है इस ‘वीआईपी कल्चर’ को खत्म करने के इस फैसले का…

लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर का समापन – मेरा सुंदर सपना टूट गया

देश के प्रथम नागरिक, यानी राष्ट्रपति, देश के प्रशासनिक प्रमुख, यानी प्रधानमंत्री तथा देश के प्रधान न्यायाधीश को भी 1 मई से लालबत्ती लगाने की अनुमति नहीं होगी… समूचा सोशल मीडिया देश में फैले ‘वीआईपी कल्चर’ को खत्म करने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से बेहद खुश नज़र आ रहा है, और चौतरफा तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं

 

 

जो होता है अच्छे के लिए होता है – एक प्रेरक कहानी – Monica Gupta

जो होता है अच्छे के लिए होता है – एक प्रेरक कहानी – jo hota hai acche ke liye hota hai – खुश रहने का मंत्र – जो होता है अच्छे के लिए होता है monicagupta.info

 

 

लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर का समापन - मेरा सुंदर सपना टूट गया

माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर जल्द ही हैशटैग #EveryoneVIPinNewIndia ट्रेंड करने लगा, और ढेरों लोगों ने फैसला लेने के लिए सरकार की तारीफ करने के साथ-साथ अपने पसंदीदा नेताओं की तस्वीरें भी पोस्ट करना शुरू कर दिया…

एक खबर ये भी थी कि इसी महीने देश की राजधानी दिल्ली में एक एम्बुलेंस में अस्पताल की ओर जाते घायल बच्चे को उस वक्त तड़पते रहना पड़ा था, जब मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक के काफिले की वजह से ट्रैफिक को रोक दिया गया था…

गुस्साए हुए एक चश्मदीद ने इस घटना का वीडियो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम कर दिया था, और जब वह वीडियो वायरल हो गया, तब पुलिस का बयान जारी हुआ था कि वे सिर्फ प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे…

 

April 20, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

माँ का प्यार ऐसा ही होता है

इंसान और भगवान

माँ का प्यार ऐसा ही होता है –  maa ka pyar aisa hi hota hai – ईश्वर का दूसरा रुप है मां – बचपन में लगी चोट और माँ   की हलकी सी फूंक करना और ये कहना अभी ठीक हो जाएगा … ऐसा मरहम अभी तक नही बना..

माँ का प्यार ऐसा ही होता है

मां का प्यार होता ही ऐसा है … मैने पढा कि सिर्फ एक दिन ही ऐसा होता है जब बच्चा रोया और मां हंसी मुस्कुराई हो … और जानते हैं वो कब होता है वो होता है तब जब बच्चे का जन्म होता है उसका पहला रोना …

उसकी रोने की आवाज सुनकर मुस्कुरा उठती है और सारी जिंदगी उसकी आखों में आसू नही देख सकती … और हैरानी की बात है कि मां और बच्चों के बीच में लडाई होती भी बहुत है … एक ऐसी ही कहानी मैने पढी कुछ कुछ समय पहले

एक बार एक बेटे का अपनी मां के साथ झगडा होता है और वो गुस्से में घर से बाहर चला जाता है … देर रात को उसे भूख लगती है और जेब में पैसे भी नही होते … सामने एक ढाबा खुला होता है वो चुपचाप उसके सामने बैठ जाता है … थोडी देर तक तो ढाबे का मालिक उसे देखता है  … फिर उसके पास आता है पूछ्ता है खाना खाओगे … वो हामी भरता है पर बोलता है पैसे नही हैं वो इशारा करता है कि अंदर आ जाओ …  और खाना खाते खाते बोलता है कि आप कितने अच्छे हैं आँसू पोंछते हुए कहा.

आपने मुझे खाना पूछा और मम्मी ने गुस्से मे जाने को बोल दिया …. वह निष्ठुर हैं.

 

माँ का प्यार ऐसा ही होता है

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दुकानदार ने गहरी साँस ली :

बेटा, तुम ऐसा क्यों सोच रहे हो  दोबारा सोचो. मैंने तो तुम्हें सिर्फ एक बार खाने को दिया  और तुम्हें कृतज्ञता GRATEFUL हो  तुम्हारी माँ ने तुम्हें बचपन से पाला है. तुम उनके प्रति आभारी Thankful क्यों नहीं हो? तुमने उनकी अवज्ञा क्यों की?

ऐसा सुनने पर वो  हैरान हो गया …

कि सही में “मैंने ऐसा क्यों नहीं सोचा? एक अजनबी ने मुझे कितनी बडी बात का अहसास करवाया री माँ ने बचपन से मेरी देखभाल की है और मुझे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ, ज़रा भी नहीं.”

घर लौट आता है और सोचता है कि मां क्या कहेंगी जब घर पहुंचता है तो देखता है कि मां घर के बाह्र ही खडी इंतजार कर रही थी और मां कहतीं है कि कहा रह गए थे कब से इंतजार कर रही हूं खान भी ठंडा हो रहा है … आ जल्दी … और वो मां के लिपट जाता है … और सॉरी बोलता है

बचपन में लगी चोट मां की हलकी सी फूंक करना और ये कहना अभी ठीक हो जाएगा … ऐसा मरहम अभी तल्क नही बना …

हर दिन मदर्स डे , मां की दुआ, माँ पर सुविचार ,माँ की ममता , माँ का महत्व , माँ की ममता और माँ का महत्व जानिए , माँ का प्यार , ईश्वर का दूसरा रुप है मां ,

माँ का प्यार ऐसा ही होता है

April 19, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

जो होता है अच्छे के लिए होता है – एक प्रेरक कहानी

इंसान और भगवान

जो होता है अच्छे के लिए होता है – एक प्रेरक कहानी – jo hota hai acche ke liye hota hai – खुश रहने का मंत्र – जो होता है अच्छे के लिए होता है

जो होता है अच्छे के लिए होता है – एक प्रेरक कहानी

खुश रहने का मंत्र  – जो होता है अच्छे के लिए होता है … इस पर मैने कल नेट पर बहुत अच्छी कहानी पढी सोचा ये आपसे जरुर शेयर करती हूं … क्योकि जब हमारे मन की नही होती तो हम भगवान को कोसना शुरु कर देते हैं जबकि जो होता है अच्छे के लिए होता है ……

कहानी कुछ ऐसे है कि

जो होता है अच्छे के लिए होता है

एक बार भगवान से उनका सेवक कहते है,…भगवान आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे.एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बन कर खड़ा हो जाता हूँ.
आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ. भगवान मान जाते हैं, लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग प्रार्थना करने आयें, तुम बस उनकी प्रार्थना सुन लेना. कुछ बोलना नहीं.
मैंने उन सभी के लिए प्लानिंग कर रखी है. सेवक मान जाता है. ok

सबसे पहले मंदिर में business man  आता है और कहता है, “भगवान मैंने नयी shop डाली है, उसे खूब सफल करना… पैसे निकालते समय तो उसका purse नीचे गिर जाता है.
उसे पता नही चलता और वो चला जाता है.
सेवक बेचैन हो जाता है.
इसके बाद एक गरीब आदमी आता है और भगवान को कहता है कि “घर में खाने को कुछ नहीं. भगवान मदद कर.” बच्चे भूखे मर रहे हैं
तभी उसकी नजर पर्स पर पड़ती है. वह भगवान का शुक्रिया अदा करता है और चला जाता है.

अब तीसरा व्यक्ति आता है. वह नाविक होता है.
वह भगवान से कहता है कि “मैं 15 दिनों के लिए जहाज लेकर समुद्र की यात्रा पर जा रहा हूं. यात्रा में कोई अड़चन न आये.”

तभी पीछे से बिजनेसमैन पुलिस के साथ आता है और कहता है कि
“मेरे बाद ये नाविक आया है. इसी ने मेरा पर्स चुरा लिया है.”
पुलिस नाविक को ले जा रही होती है कि
सेवक से रुका नही जाता और वो बोल पड़ता है. अब पुलिस उस गरीब आदमी को पकड़ कर जेल में बंद कर देती है. रात को भगवान आते हैं, तो सेवक खुशी-खुशी पूरा किस्सा बताता है. भगवान कहते हैं, “तुमने किसी का काम बनाया नहीं, बल्कि बिगाड़ा है.
वह व्यापारी गलत धंधे करता है. अगर उसका पर्स गिर भी गया, तो उसे फर्क नहीं पड़ता था.
इससे उसके पाप ही कम होते, क्योंकि वह पर्स गरीब  को मिला था.
पर्स मिलने पर उसके बच्चे भूखों नहीं मरते.
रही बात नाविक की, तो वह जिस यात्रा पर जा रहा था, वहाँ तूफान आनेवाला था.
अगर वह जेल में रहता, तो जान बच जाती. उसकी पत्नी विधवा होने से बच जाती. तुमने सब गड़बड़ कर दी.” बात पते की…

कई बार हमारी लाइफ में भी ऐसी प्रॉब्लम आती है, जब हमें लगता है कि ये मेरा साथ ही क्यों हुआ. लेकिन इसके पीछे भगवान की प्लानिंग होती है.

जो भी होता है,अच्छे के लिए होता है. मन का हो तो अच्छा न हो तो और भी अच्छा क्योकि अब वो होगा तो भगवान को अच्छा लगता है

 

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जो भी होता है,अच्छे के लिए होता है. मन का हो तो अच्छा न हो तो और भी अच्छा क्योकि अब वो होगा तो भगवान को अच्छा लगता है
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April 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

घरेलू कामकाज और महिलाएं – व्यायाम का महत्व

इंसान और भगवान

घरेलू कामकाज और महिलाएं – व्यायाम का महत्व – gharelu kaamkaj aur mahilaye  – घर का काम household work करने का मतलब व्यायाम होता है आमतौर पर हमारी यही सोच होती है कि झाडू, पोछा और बर्तन करना व्यायाम ही होता है पर मैं गलत थी … इसे व्यायाम नही कहते …  पहला सुख निरोगी काया….

घरेलू कामकाज और महिलाएं – व्यायाम का महत्व

मेरी एक सहेली के घर बहुत समय से काम वाली बाई नही है और वो सारा काम खुद कर रही है और खुश है कि अच्छा खासा व्यायाम हो जाता है पर एक दिन कुछ काम करते करते उसने महसूस किया कि उसका हाथ उपर तक नही जा रहा या हाथ पीछे करने मे उसे दिक्कत हो रही है जब दिखाया तो तब पता चला कि frozen shoulder है … यानि stiffness, pain, and limited range of movement in shoulder .

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वही एक जानकार सारा दिन कम्प्यूटर पर बैठी काम करती रहती है उसे मैने भी बहुत बार समझाया कि थोडा कम करो आखं पर भी जोर पडता है और कमर में भी दर्द हो जाएगा पर उसने सुनी नही एक दिन कार ड्राईव करते हुए जब उसने अपनी बाजू पीछे वाली सीट पर कुछ सामान निकालने के लिए की तो हाथ मुडा ही नही …

 

 

वो तुरंत भागी दिखाने तो पता लगा कि ये भी फ्रोजन शोल्डर है … अब दोनो हर रोज घर के सामने से जाती मिल जाती है यानि नियमित रुप से अपने शरीर का ध्यान दे रही हैं … इसलिए ना सारा दिन कम्प्यूटर पर बैठे रहना सही है और ना ही घर का काम करना व्यायाम मान लेना सही है …  क्या ध्यान दें

बेशक नेट भरा पडा है पर एक बार डाक्टर से जरुर पूछ लें और अगर इस तरह की कोई प्रोब्लम हो तो इधर उधर पूछ्ने के बजाय डाक्टर से ही सलाह लेना ठीक रहता है …

तो आप भी निकलिए अपना टाईम फिक्स कर लीजिए और वाकिंग हो या रनिंग,  योगा जो भी आपको सही लगे जरुर करना चाहिए क्योकि पहला सुख निरोगी काया  ये ठीक है कि घर का काम खुस से कर के थोडा बहुत हिलडुल हो जाती है पर उसी को कसरत मान लेना सही नही …

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April 17, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

धीमी आवाज में बजाईए – ध्वनि प्रदूषण एक समस्या

धीमी आवाज में बजाईए

धीमी आवाज में बजाईए – ध्वनि प्रदूषण एक समस्या – loudspeaker dheemi awaz mai bajao – no horn please –  हम कानून का उल्लंधन क्यो करते हैं … क्यो नही हर कोई चाहे नेता हो अभिनेता हो, आम आदमी हो , मंदिर हो,  मस्जिद हो. गुरुद्वारा हो … शादी ब्याह हो… नियम का सख्ती से पालन होता

धीमी आवाज में बजाईए – ध्वनि प्रदूषण एक समस्या

मैं, बात, सोनू निगम या उनके टविट की नही कंरुगी  हां,  बात ये कहने की आज जरुरत इसलिए महसूस हुई कि उनके टवीट को देख कर मुझे कुछ समय पहले की बात याद आ गई.

उन दिनों में ज़ी न्यूज की रिपोर्टर थी और एक न्यूज आईडिया  Story बना रही थी  कि सुबह सुबह गुरुद्वारे या मंदिरों में लाउड स्पीकर उंचे उंचे गाने शुरु हो जाते हैं जिससे बच्चो की पढाई में खलल पडता है … हालाकि ये न्यूज ओके नही हुई थी और पैंडिग रख दी गई पर  मैं भी इस बात को बहुत महसूस कर रही थी कि इतना ध्वनि प्रदूषण नही होना चाहिए … खैर …

उन्हीं दिनों मैनें महसूस किया कि घर के आगे से एक  रिक्शा बहुत उंची उंची loudspeaker बजाता हुआ जाता है.. उसमे गाने होते हैं और किसी कम्पनी का विज्ञापन …

कई बार वो घर के पास रुक कर सिग्रेट भी सुलगाने लगता और उंची आवाज बजती रहती … इसी बीच मुझे इस बात का पता चल चुका था कि ऐसे रिक्शे वालो को  लाईसैंस मिलता है उसका सबसे आखिरी point  यही होता है कि धीमी आवाज मे बजाईए …

बस … एक दिन जब बाहर से जोर जोर से गाने की आवाज आने लगी तो मैं बाहर निकली और उन्हें रोका … वो बहुत बूढे थे ..  मैने कहा कि अपना लाईसैंस दिखाओ … वो बोले क्या /// शायद उन्हें सुनाई नही दिया था …

मैने इशारा करके कहा कि इसे बंद करो और अपना लाईसैंस दिखाओ … अब वो भी गुस्सा सा हो गया था बोला … किसलिए क्या हुआ ?? … मैने कहा कि इतनी तेज चला रखा है .. जरा दिखाओ …

उन्होनें  जेब से  एक मुडा तुडा सा कागज दिखाया  जिस पर सबसे आखिर में लिखा था कि धीमी आवाज में बजाओ …

वो कागज उनको  दिखाया ये देखो क्या लिखा है .. पर पता नही उस समय क्या हुआ कि  उन बूढे व्यक्ति को देखते हुए मेरा गुस्सा कम हो गया..

मेरी सोच बदल गई … मैने उन्हें आराम से कहा  कि बाबा और किसी का नही तो कम से कम अपने कानों का तो ख्याल कर लो …

सुनना ही बंद हो जाएगा तो क्या करोगे … उन्हें ये बात भी सुनाई नही दी …

पर जब दुबारा जोर से बोल कर समझाया तो उन्हें सुन गया और शायद समझ भी आ गया …  उन्होने इशारा करते हुए कहा कि अब मैं कम आवाज में पर्ची के  हिसाब से चलाउंगा ..

मैने उन्हें पानी पूछा तो बोले नही और कुछ जर्दा टाईप सा कुछ खाया और चले गए … उसके बाद से वो बाबा नजर नही आए … उसके बाद और लोग आते रहे उंची आवाज में विज्ञापन चलाते रहे  और मैं हर बार लाईसैंस की बात करती  तो सब चुप हो जाते …

आज सोनू निगम में टवीट किया और बहस छिड गई इसे मजहबी रंग दिया जा रहा है … जबकि मजहबी रंग देने के बजाय ध्वनि प्रद्षण पर ध्यान देना चाहिए और इस कानून का जहां भी उल्लधंन हो उसे कडी सजा भी मिलनी चाहिए.

हमें कानून के अनुसार काम करना चाहिए  … दुखद है कि हमारे देश में कोई नियम कानून नही है … जबकि होना भी चाहिए और हमें मानना भी चाहिए …

देश के प्रति हमारा कर्तव्य और अधिकार – कितने जागरूक नागरिक हैं हम – Monica Gupta

देश के प्रति हमारा कर्तव्य और अधिकार – कितने जागरूक नागरिक हैं हम – desh ke prati hamare kartavya aur adhikar समाज के प्रति हमारा दायित्व हो या कितने जागरुक देश के प्रति हमारा कर्तव्य और अधिकार – कितने जागरूक नागरिक हैं हम – Monica Gupta

 

धीमी आवाज में बजाईए – ध्वनि प्रदूषण एक समस्या

April 17, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

हाथ की लकीरें क्या कहती है

हाथ की लकीरें क्या कहती है

हाथ की लकीरें क्या कहती है… हाथ रेखा भविष्य  ?? .. haath ki lakeerain kya kehte hain जब चुनाव में किसी पार्टी की हार हो जाती है तो शुरु होता है आत्ममंथन कि क्या हुआ कैसे हुआ और अब क्या करें …

हाथ की लकीरें क्या कहती है

ऐसे में सदियो से राज करने वाली कांग्रेस के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है बात बन नही रही कहीं … इसलिए  अपना हाथ दिखाने में कोई कसर नही छोडना चाह रही

 

हाथ की लकीरें क्या कहती है…

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