Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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April 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

कार्टून मन की बात

कार्टून मन की बात

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

दुखी मन की बात …. अच्छे दिन आने वाले है या मोदी लहर बहुत चली और सुनी भी .. पर हुआ क्या … ना तो अच्छे दिन  आए और न ही मोदी लहर ने सूकून दिया … !! जब भी देखो यही सुनने को मिला कि अच्छे दिन आने वाले हैं  आने वाले है लो जी हम यही अपना डेरा डाल कर बैठ गए देखते हैं  कि कब आएगें अच्छे दिन …

मोदी सरकार के दो साल – मेरे मन की बात

April 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन -सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन -सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन.  हैलो चैक चैक मोबाईल चैक … मोबाईल – इंटरनेट और साईड इफेक्ट कल एक जानकार अपनी बिटिया की प्रोब्लम ले कर आई.

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन –  सोशल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन बनता जा रहा है. एक जानकार की बेटी अभी 9 क्लास में है और पिछ्ले साल उसे नया स्मार्ट मोबाईल गिफ्ट किया था. वो उसे हर दो चार मिनट में चैक करती है और उसे देख कर कभी मुस्कुराती है कभी नाराज हो जाती है तो कभी उदास हो जाती है… !! ये  फेसबुक, वटस अप , मैसेज मोबाईल उसकी जिंदगी पर बहुत भयंकर असर डाल रहा है.. इससे कैसे छुटकारा मिले..

बिटिया को कुछ समझाए तो बुरा मान जाती है खुद को कमरे में बंद कर लेती है… !! वैसे यह बात मैने भी महसूस की क्योकि जब कल वो हमारे घर आई हुई थी तो बातों के बजाय पूरे समय ध्यान मोबाईल पर ही था … !! मैं सोच रही हूं कि उसे कैसे समझाया जाए कि उसे बुरा भी न लगे और समझ भी आ जाए … !!

facebook  photo

सोशल मीडिया बनाम डिप्रेशन

असल में आज के बच्चे बहुत भावुक हो गए हैं उन्हें समझाने के लिए भी बहुत समझदारी से काम लेना पडेगा !!

 

नई दिल्ली (टीम डिजिटल)। इन दिनों सोशल मीडिया साइट्स लोगों की जिदंगी का एक अहम हिस्सा बन गई है। लेकिन हाल ही में एक सर्वे से ये बात सामने आई है कि सोशल मीडिया लोगों को डिप्रेशन में ले जा रहा है।

सोशल मीडिया को लेकर जब 30 साल से कम उम्र के लोगों का सर्वे किया गया तो हर पांच में से एक शख्स का कहना था कि जब वह ज्यादा समय तक सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं तो वह खुद को डिप्रेस महसूस करने लगते हैं। read more at www.navodayatimes.in

 

वैसे देखा जाए तो  कही न कही हम सभी इसके शिकार होते जा रहे हैं … कोई कम तो कोई ज्यादा … इसलिए बहुत सोचने की दरकार है वैसे तब  क्या आपके पास है कोई सुझाव जो मैं उसे दे सकूं  और हम खुद पर भी आजमा सकें …

April 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मोदी जी के विदेशी दौरे

Cartoon by Monica Gupta

Cartoon by Monica Gupta

मोदी जी के विदेशी दौरे और मेरे मन की बात

Stand up …बच्चे खेल रहे थे चिडिया उड, पहाड उड … और मेरे मन में चल रहा था मोदी जी उड … यह सिर्फ इसलिए कि मोदी जी की विदेशी यात्राए बहुत हो गई या दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मोदी जी उडते ही रहते हैं …

, in Hindi – NDTV India

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 मई 2014 को (शपथ ग्रहण के बाद से) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 विदेशी दौरों पर गए और इस दौरान 19 देशों की यात्रा की। read more at ndtv.com

– BBC

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी ब्रिटेन और टर्की के दौरे से वापस लौटे ही थे कि वो अब शनिवार से मलेशिया और सिंगापुर के दौरे पर जा रहे हैं.

इससे एक बार फिर उनके आलोचक सवाल करेंगे कि बार-बार विदेशी दौरों की ज़रूरत क्यों? उनकी मांग है कि प्रधानमंत्री को देश में रह कर घरेलू समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

सत्ता में आने के बाद से अब तक वो 28 देशों का सफर कर चुके हैं. सिंगापुर का पड़ाव 30वां होगा. read more at bbc.com

 अच्छे दिन   भी जरुर पढे

वाह रे … उडन खटोला … कभी कभी मेरे दिल में भी ख्याल आता है … !!

 

April 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

मोदी सरकार के दो साल और मेरे मन की बात

मोदी सरकार के दो साल

मोदी सरकार के दो साल

मोदी सरकार के दो साल और मेरे मन की बात

कब से इंतजार करने मॆ लगे हैं अच्छे दिन के पर न जाने अच्छे दिन आएंगें कब … कोई आईडिया ही नही है अगर आपको है तो बताईए !!

अच्छे दिन       पर ये कार्टून भी जरुर देखिए

मोदी सरकार

‘अबकी बार मोदी सरकार!’ read more at aajtak.intoday.in

 

April 7, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान हम अपने खान पान को लेकर जरा भी सजग नही है. महिलाओं मे खून की कमी होती जा रही है पर शरीर फूलता जा रहा है.. बच्चे कुपोषण के शिकार होते जा रहे है और युवा नशे की लत से अपना स्वास्थय खराब कर रहे हैं …

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान

आईए जाने कि कितने जागरुक हैं हम !! आज मैं अपनी एक जानकार के घर गई हुई थी …  उन्हें चश्मा लगा हुआ है पर पहनती नही …  आज वो चश्मा खोज रही थी.. मुझे खुशी हुई कि चलो अच्छा है चश्मे की मह्त्ता पता चल गई अब उन्हें… !! वो तो बाद मे पता चला कि चश्मा पहनने के लिए कान खुजलाने के लिए खोज रही थी…

हे भगवान !! क्या होगा … हमारा … हमारे स्वास्थय का..!!

 

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान

 

एक सहेली आज फ्रिज साफ करने में जुटी थी कि महीने से साफ नही किया और उनसे पता है क्या किया जितनी भी पुरानी सब्जियां भी सारी गर्म की और खा ली अरे भई फ्रिज की तो सफाई हो गई पेट ने क्या कसूर किया था उस बेचारे को सजा किसलिए दी…

ऐसा मोटापा आपको भी मुबारक हो    जरुर पढिए ..

कुछ मित्र कहते हैं कि कंट्रोल नही होता आलू, चावल नही छोड सकते … अरे भई छोडने को कौन कह रहा है आप जरुर खाईए पर उबाल कर… चावल का मांड निकाल कर और आलू उबाल कर फिर कोई वजन नही बढेगा…

मोटापा और भारतीय महिलाएं       जरुर पढिए

वैसे तो बहुत सारी टिप्स हैं पर एक सबसे आसान टिप है. आप आराम से कर सकते हैं. ये बैठ कर या खडे होकर की जा सकती है.. पहले चेहरे पर अच्छी से स्माईल लाएं … फिर अपनी गर्दन दाएं से बाऎ धुमाए और फिर वही बाएं से दाएं … दो बार करनी है बस इस बात का ध्यान रहे कि जब आपको कोई कुछ खाने को पूछे या पार्टी का निमंत्रण दे तभी इसका इस्तेमाल करना है !! समझ जाईए कि आपने मुस्कुरा कर मना करना है.. अपनी सेहत पर ध्यान दीजिए वरना डाक्टरों के चक्कर लगाने आसान नही है महंगा सौदा है इसलिए ….

विश्व स्वास्थ्य दिवस

विश्व स्वास्थ्य दिवस (अंग्रेज़ी: World Health Day) विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation or WHO) के तत्वावधान में हर साल इसके स्थापना दिवस पर 7 अप्रैल को पूरी विश्व में मनाया जाता है। इसका मकसद दुनियाभर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत 1950 से हुई। इससे पहले 1948 में 7 अप्रैल को ही डब्ल्यूएचओ की स्थापना हुई थी। उसी साल डब्ल्यूएचओ की पहली विश्व स्वास्थ्य सभा हुई, जिसमें 7 अप्रैल से हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का फैसला लिया गया। read more at bharatdiscovery.org

 

विश्व स्वास्थ्य दिवस और हमारा खानपान को लेकर आप क्या  सोचते हैं इस बारे में जरुर बताईएगा !! 🙄

April 7, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

प्रशांत किशोर बनाम पीके और बिहार के शराब बंदी

शराब बंदी पर कार्टून

शराब बंदी पर कार्टून

प्रशांत किशोर बनाम पीके और बिहार के शराब बंदी

जब से बिहार मे शराब बंदी का नियम लागू हुआ है विरोधी खेमा{ भारतीय जनता पार्टी } कुछ ज्यादा ही बैचेन हो गया है … दुखी है … और कोई न कोई तरकीब निकाल रहा है कि किसी से यह जतलाया जाए कि शराब बंद करवा कर कोई ज्यादा तीर नही मारा है बात तो तब बनेगी जब पी के यानि प्रशांत भूषण को हटाओगे… गौरतलब है कि पहले प्रशांत मोदी जी के साथ थे फिर सुनने मे आया कि अमित शाह से अनबन के बाद उन्होने नीतीश कुमार का साथ दिया और उन्हे भारी मतों से जितवाया

…

UP assembly election: Prashant Kishor finally found space for his team in congress war room – Navbharat Times

बताया वॉर रूम के लिए खूब की मशक्कत बताया जाता है कि कांग्रेस हाइकमान पीके की लंबी चौड़ी टीम को वॉर रूम में जगह देने के पक्ष में नही था। पीके से कहा भी गया था कि वह अपनी टीम के लिए कोई प्राइवेट जगह देखें, जबकि पीके हर हाल में वॉर रूप में अपनी पैठ चाहते थे। इसके लिए पीके ने राहुल गांधी के सामने तमाम जबर्दस्त दलीलें रखीं। प्रशांत की दलील थी कि चुनाव के दौरान वह राहुल गांधी के लगातार संपर्क में रहेंगे, तमाम चीजों को लेकर उनके फीडबैक की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में प्राइवेट जगह पर सुरक्षा कारणों से राहुल के साथ लगातार संपर्क संभव नहीं होगा। मोदी-नीतीश जैसी ही रणनीति सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत की योजना फोटो स्टूडियो सेटअप करने की है, जहां फोटो शूट से लेकर वीडियो शूट एवं कैंपेन वगैरह हो सकें।  इस स्टूडियो में एडिटिंग की सुविधा के साथ-साथ उनके प्रजेंटेशन की सुविधा भी रहेगी। चेक से पेमेंट पार्टी के लिए सिरदर्द? Via indiatimes.com

सच पूछो तो तीर लगा तो है और किसी को धायल भी कर गया है …

प्रशांत किशोर बनाम पीके और बिहार के शराब बंदी  के बारे में आपके क्या विचार हैं …

 

 

April 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

समाज में मीडिया की भूमिका और आत्महत्या का बढता ग्राफ

समाज में मीडिया की भूमिका और आत्महत्या का बढता ग्राफ

समाज में मीडिया की भूमिका और आत्महत्या का बढता ग्राफ

अचानक एक खबर ने हैरत में डाल दिया कि एक मशहूर टीवी अदाकारा प्रत्यूषा बनर्जी में आत्महत्या कर ली … बेशक दुखद खबर थी क्योकि टीवी धारावाहिक में सजीव अभिनय करने वाली अभिनेत्री का अचानक , बेसमय जाना अनेक प्रश्न छोड गया.

वैसे आत्महत्या की खबरें कुछ समय से सुर्खियों में चल रही हैं कभी किसान तो कभी यूनिवर्सिटी में पढने वाला छात्र तो कभी फिल्मी परदे पर अभिनय कर रही नायिकाएं या अभिनेत्रियां….

दिव्या भारती, परवीन बॉबी, जिया खान , सिल्क स्मिता आदि कुछ ऐसे नाम हैं  जिन्हें आजतक कोई नही भूला. इतना ही नही सिल्क स्मिता की असल कहानी पर तो डर्टी पिक्चर नामक फिल्म भी बनी थी जिसे विधा बालन ने  निभाया था.

इसके इलावा खबरों की दुनिया सन्न कर देने वाली खबरों से भरी पडी है…भारत माता की जय का नारा बोलना हो या गुलाम अली साहब के दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम का  विरोध… जिसके चलते रद्द करना पडा.

भारत में हुए पठानकोट ह्मले को  पाकिस्तान ने भारत का ड्रामा करार दे दिया और बोला कि यह हमला पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए है

वही हमारे नेताओ की जुबान काबू में नही है बड बोले बोल … कुछ भी अंट शंट बोलते ही रहते हैं जोकि समाज के लिए अच्छा संकेत नही है…

वही इन सब के बीच कुछ ऐसा सुनने को मिला जिससे हैरानी नही हुई बल्कि  मीडिया पर गुस्सा आया.

राखी सांवत की खबर को चैनल वालो ने महत्ता दी जिस ने तो सकते में ही डाल दिया… राखी ने अपनी बात मोदी जी तक पहुंचाने का प्रयास किया है उसकी मांग है कि सबसे ज्यादा आत्महत्या का कारण पंखा बनता है इसे हटाया जाए … !!!

suicide photo

जिन बेचारो के घर पंखा ही नही होता वो क्या करेंगें… गरीब किसान जो इतना बेहाल जी रहा है … जिसके पास पंखा भी नही है पर आत्महत्या कर रहा है … !! ओह हा पेड कटवा देने चाहिए क्योकि पेड से लटक कर भी तो आत्म हत्या होती है …!!

 

अगर न्यूज चैनल,  मीडिया खुद को समाज का अभिन्न अंग समझता है और चाह्ता है कि समाज में सुधार हो तो क्षमा कीजिएगा मीडिया  जी आपको बदलना होगा … खबरें ऐसी दिखानी होगी जिससे समाज को नई सोच मिले एक बदलाव आए … ऐसी अजीबो गरीब बैसिर पैर की खबरें नही चाहिए … अगर आप नही सुधरे तो  वो दिन नही जब   लोग आपको और खबरों के गिरते स्तर को  दुत्कारना शुरु कर देगें…

मुझे हैरानी हमारे मीडिया पर है कि क्या हो गया उसे कैसी खबरे दिखा रहा है … हैरानी राखी सांवत पर नही मीडिया की भूमिका पर है … अफसोस.. बेहद दुखद 🙁

 

 

समाज में मीडिया की भूमिका और आत्महत्या का बढता ग्राफ के बारे में आपके विचारों का स्वागत है.

April 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बिहार, महिलाएं और शराब बंदी – ड्राई डे

बिहार, महिलाएं और शराब बंदी - ड्राई डे

नशा मुक्ति – एक पहल

आए थे हंसते खेलते मयखाने में “फिराक”

जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए

बिहार, महिलाएं और शराब बंदी – ड्राई डे

बिहार में बहार हो .. यकीनन जो शराब को अपना सब कुछ मानते हैं उसके लिए दुख की घडी होगी क्योकि बिहार मे ततकाल प्रभाव से शराब बंदी कर दी गई है … !! महिलाओं के लिए किसी खुश खबरी से कम नही है क्योकि जिस तरह से शराब ने घर बर्बाद किए हुए हैं उससे निजाद तो मिलेगी जगह जगह खुली शराब की दुकानें   तो पीने की इच्छा को और ज्यादा बलवती कर देती थी … अब कम से कम बिहार में ऐसा नही होगा…

बिहार और शराब बंदी

ऐसे में जो पियक्कड लोग है उनकी नींद उडना स्वाभाविक है ऐसे मे उनके पास मंत्री जी के पास जाकर उनके पैर पकड कर एक ही बात कहनी है कि उन्हें बिहार की बजाय कही भी भेज दिया जाए बस बिहार नही जाना… क्योकि वो शराब के बुना जीने की सोच भी नही सकते

http://khabar.ndtv.com/news/patna/bihar-goes-dry-from-today-six-months-before-planned-1338925

Via ndtv.com

LiveHindustan.com

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हो गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब शहरों में भी शराब के सेवन और कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है। गांवों में देसी, मसालेदार  और विदेशी शराब की बिक्री व उपयोग पर 01 अप्रैल से ही रोक लग गई थी।

बिहार शराबबंदी में मिसाल बनेगा। पूर्ण शराबबंदी होते ही यह ड्राई स्टेट हो गया है। हमें वैसी आमदनी नहीं चाहिए, जिससे लोगों को जीवन की कीमत चुकानी पड़े। राजस्व नुकसान की भरपाई अन्य करों से होगी। लोग अब शराब पर खर्च होने वाले पैसों का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य सुधार, जीवन स्तर को बेहतर करने में करेंगे।- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार read more at livehindustan.com

हालाकि इस खबर को लेकर जनता में संशय ज्यादा है कि अब शराब दो नम्बर मे बिकेगी आदि आदि … पर मेरे विचार से एक अच्छी पहल है और शराब  से होने वाले नुकसान को मद्दे नजर रखते हुए इस पहल का स्वागत करना चाहिए ….

 

April 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

शिमला और खूंखार बंदर

Monkey

शिमला और खूंखार बंदर

जो भी शिमला जाता है उसका सामना बंदरों से तो होता ही होता है… पहाड और बंदर यकीनन पर्याय ही तो है… जहां शहरी लोगों के लिए ये बंदर  आकर्षण का केंद्र बनते हैं वही कुछ देख कर डर के मारे चिल्लाने भी लगते है… और कुछ लोग  इनके कोप के भागी भी बन जाते हैं ये मेरा अपने परिवार के साथ का पर्सनल अनुभव है. जब शिमला में बंदर ने काट लिया था.. यकीनन गुस्सा आया था  कि मारो इनको पर आज जब इनको मारने की खबर हकीकत में पढी तोयकीन मानिए  मैं सकते में आ गई…

Monkey

असल में आज मित्र की फेसबुक वॉल पर खबर पढी कि केन्द्र सरकार ने शिमला शहर में उत्पाती बंदरों को मारने की अनुमति दे दी है. अगले छह माह के लिए यह मंजूरी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जारी की है. इसके तहत नगर निगम शिमला के दायरे में लोग उत्पाती वानरों को मारने में सक्षम होंगे. खबर के अनुसार प्रदेश में सवा तीन लाख से भी ज्यादा बंदर हैं और हर साल 180 करोड़ का नुकसान कृषि व बागबानी को पहुंचाते हैं।

बेशक, जो भी शिमला या आसपास गए होंगें… बंदरों का निशाना जरुर बने होंगें…. हम भी निशाना बने हैं पर क्या यह सही कदम है खूंखार की उपाधि देकर इन्हें मारना कहा तक उचित है…!! 

 

Marauding monkeys to now face bullets in Shimla

Declared vermin, the marauding monkeys will be shot down in areas outside forests to check their menace.

The Ministry of Environment, Forests and Climate Change, in a communication to the Himachal Pradesh government on March 14, declared the rhesus monkey as vermin within Shimla’s municipal limits, which legally allows their elimination. read more at eenaduindia.com

हरियाणा मे भी कुछ जगह जैसाकि जींद के आसपास भी बहुत बंदर है पर कोई न कोई रास्ता इन्हें भगाने का सोचना चाहिए ..मारने का क्या मतलब . ???
पूरी तरह से असमहत…..

 

April 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सोशल मीडिया, वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

like cartoon by monica gupta

ट्रैफिक, लाईक, कमेंटस का ट्रैफिक और वायरल होता सोशल मीडिया का बाजार

E Media और मन की बात

सोशल मीडिया,वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

Like  के लिए कुछ भी करेंगें.. हर रोज खबरे पढने या सुनने को मिलती रहती हैं कि सैल्फी छ्त से लेते हुए या समुंद्र के किनारे लेते या  बस की छत पर लेते हुए दुर्धटना धटी … ये किसलिए होता है अरे भई एक कमेंट एक लाईक के लिए ही ना… तो है ना E Media सोशल मीडिया का बाजार

 

 

like cartoon by monica gupta

सोशल मीडिया,वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

मन की बात

Social Media की दुनिया में हमेशा वायरल होने का इंतजार रहता है मन करता है कि खूब ट्रैफिक हो … चाहे दिन हो या रात हो …  और बस लाईक और कमेंटस मिलते ही रहें मिलते ही रहें … !!  क्योकि खुदा न खस्ता अगर ये नही है  तो व्यक्ति डिपरेशन में चला जाता है और  उसका ठीक होना बहुत मुश्किल हो जाता है..

अब देखिए इस बात की खबर सभी को है तभी तो भिखारी बाबा भी

चंद पैसे के बदले ढेरों कमेंटस का, लाईक का और वायरल होने का आशीर्वाद दे रहे हैं … !!  

आज बदल गया है आशीर्वाद देने का अंदाज !!

 

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