चलो स्कीम बनाए
चलो स्कीम बनाए
ये व्यंग्य दैनिक भास्कर में प्रकाशित हुआ. बाजार में त्योहार आते नही कि स्कीमें शुरु हो जाती है. फलां के साथ फलां फ्री आदि अब शापिंग की शौकीन महिलाओ को स्कीम के तहत कुछ भी फ्री का मिले तो खुश होना स्वाभाविक ही है पर स्कीम का अंत होता क्या है बेशक स्कीम का स्कैम स्मैक की तरफ फैलता है पर अंत मे रह जाता है सिर्फ स्मोक ही स्मोक …
चलो स्कीम बनाए आपको कैसा लगा ?? जरुर बताईएगा !!!
कहानी
Computer History
बिग बॉस डबल ट्रबल
बिग बॉस डबल ट्रबल
मैं अपनी सहेली मणि की tolerance के आगे नत मस्तक हूं क्योकि वो टीवी के सीरियल BIG BOSS-9 डबल ट्रबल को सीरियस होकर देखती है. इस बार मुझे एक भी पोंईट ऐसा नही मिला कि BIG BOSS देखा जाए.
हैरानी है कि प्रतिभागी खुद ही रहना नही चाहते और जो आऊट होकर जाता है वो भी खुश होकर जाता है ना… इसे देखने के लिए भी अलग टाईप की सहन शक्ति चाहिए और वो शायद मुझमे तो नही
( गूगल सर्च से साभार तस्वीर )
बिग बॉस डबल ट्रबल
मेरा भारत महान
मेरा भारत महान
मेरे सपनो का भारत !!हे भगवान !!! समझ से बाहर है कि आज देश में ये हो क्या रहा है. देश में ‘असहिष्णुता’ ,नेता, बयान भाषण और भी न जाने क्या क्या .. इतना दुख है ये सब देख ,पढ और सुन कर कि दिमाग विचार शून्य है. जहां न्यूज चैनल एक एक बयान कुरेद कुरेद कर दिखाने में जुटे हुए हैं इतनी जबरदस्त और खतरनाक राजनीति हो रही है कि इसका अंदाजा ही नही लगाया जा सकता यकीन मानिए कभी भी ऐसी कल्पना नही की थी.
आज समाज में भूकम्प और आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक माहौल बन रहा है और उसे हवा दे रहा है सोशल मीडिया और न्यूज चैनल. सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मकता उभर उभर कर आ रही है जोकि सही नही है और न्यूज चैनल अपनी अपनी टीआरपी के लिए कुछ भी किसी भी हद तक जा रहे हैं..(हालाकि अपवाद दोनों क्षेत्रों में हैं पर अच्छी और सच्ची बात कही दब रही है)
ऐसे में मेरा दिमाग तो विचार शून्य है अगर आपके पास कोई आईडिया हो तो बताईए कि कैसे सब कुछ ठीक किया जा सकता है मुझे यकीन हैं जैसा मैं अपना देश खुशहाल देखना चाह रही हूं वैसा ही आप भी देखना चाह रहे होंगें. आप भी अपना वही देश देखना चाह रहे होंगें जहां हिंदू मुस्लमान , सिख और ईसाई मिल जुल कर रहते हैं और जहां वो एक दूसरे के दुखदर्द को मिल कर उठाते हैं वहीं तीज त्योहारों को खुशी खुशी मनाते है… !!!
आज गुरुपर्व है और सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं पर अगर हम बधाई देने के साथ साथ उनके बताए मार्ग पर चलेंगें तो देश एक बार फिर शांति प्रिय और खुशहाल हो जाएगा. मुझे अपने देश पर गर्व है और नाज है भारतीय होने पर …. !!!
मेरा भारत महान आपको कैसा लगा ?? आपके आईडिया और विचारों का इंतजार है
fullstory हाल ही में अपनी विदेश यात्रा के दौरान हमारे प्रधान मंत्री जी ने कहा
कुआलालंपुर, 22 नवंबर :भाषा: देश में ‘असहिष्णुता’ पर चर्चा की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत को उसकी शक्ति उसकी विविधता से मिलती है और उनकी सरकार प्रत्येक नागरिक को संविधान प्रदत्त समान अधिकार की गारंटी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी ।
प्रधानमंत्री ने यहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपकी विरासत की भूमि भारत ने आजादी के बाद से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह वह देश है जिसे उपनिवेशवाद ने कमजोर किया और आजाद देश के रूप में जन्म लेते समय विभाजन ने आहत किया.. उस समय सवाल उठे थे कि क्या यह नवजात राष्ट्र अपने यौवन को छू पायेगा। कुछ लोग ऐसे थे जो ऐसा होने देना नहीं चाहते थे । ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ आज भारत न सिर्फ एक है बल्कि अपनी विविधता से अपनी शक्ति पाता है। यह एक ऐसा राष्ट्र है जो उसके सभी नागरिकों का है, जहां सभी को संविधान ने समान अधिकारों की गारंटी दी है, अदालत जिनको संरक्षण देते हैं और सरकार सुरक्षा ।
’’ भारत को ‘अतुलनीय विविधताओं वाली और विशाल सामाजिक चुनौतियों वाली भूमि बताते हुए मोदी ने कहा कि मलय.भारतीय समुदाय भारत की भाषाओं, धर्मो और संस्कृतियों की विविधताओं का प्रतिनिधित्व करता है और आपलोग सौहार्द की भावना में एकजुटे बने रहिए न सिर्फ अन्य मलय.भारतीयों के साथ बल्कि सभी मलय जनता के साथ । ptinews.com
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फैशन, सर्दी और महिलाएँ
फैशन, सर्दी और महिलाएँ

फैशन, सर्दी और महिलाएँ
मेरी सहेली मणि का फोन आया वो बात कम और छींके ज्यादा मार रही मेरे पूछ्ने पर कि जुकाम कैसे हुआ वो बोली रात शादी में आक्छी गई थी …. अरे!! तो ??? क्योकि मुझे पता है कि मणि स्वेटर या शाल जरुर लेती है वो दिखावे पर विश्वास नही करती इस पर उसने बताया कि आक्छी शादी बहुत बडे पंडाल में थी कार पार्किंग पर उसकी बहुत सी रिश्तेदार मिल गई और वो सब बिना शाल और स्वेटर के थी मणि की शाल देखा और उतरवा दिया कि अगर वो पहने रहेगी तो उनके परिवार वाले भी पहनने को कहेंगें और उनसे से कोई गर्म कपडा लेना नही चाह रही थी. हालाकि आक्छी एक घंट्रे मे ही उसने कार से स्वेटर निकाल कर चुपचाप पहन लिया पर एक घंटे में जो ठंड लग गई बस वही आक्छी आक्छी … !!!
हे भगवान !! पता नही कुछ महिलाए सर्दी में भी कैसे बिना गर्म कपडों के रह लेती है. यह जानने के लिए मैने कुछ महिलाओ को फोन घुमाया. कांता ने बोला कि कहां है सर्दी ? भई मुझे तो नही लगती सर्दी शादियों में. दिव्या बोली कि शादी एक मौका तो होता है अपने गहने और डिजाईनर ड्रेस दिखाने का भला स्वेटर या शाल मे क्यों छिपाए. वही अंजू ने बताया कि सर्दी तो लगती है पर दूसरी सहेलियां नही पहनती तो हम भी नही पहनते नही तो सोसाईटी में ओल्ड फैशन बन जाएगें. रोशनी को फोन किया तो वो अस्तपाल दवाई लेने आई हुई थी क्योकि सर्दी लगने की वजह से तेज बुखार था. कारण मैने नही पूछा शायद मैं जानती थी.. शायद हम सब महिलाए भी जानती है क्योकि ठंड सभी को लगती है कपकंपी सभी की छूटती है पर … पर … पर …. ????? एक बहुत बडा प्रश्नवाचक चिन्ह !!!
फैशन, सर्दी और महिलाएँ
जीव जंतु और मानव
जीव जंतु और मानव
जीव जंतु और मानव
जीव जंतु और उनका संसार ही अलग है और विविधताओं से भरा है. बच्चॆ तो जीवों के संसार के बारे मे जानने को हमेशा ही उत्सुक रहतें हैं तो आईए जीव जंतुओं के संसार को जाने और इनका संरक्षण करना सीखे
इसी से मिलती एक और मजेदार पोस्ट पढना न भूले
हमारे मित्र
मोबाईल नम्बर
मोबाईल नम्बर
अरे वाह, बडा अच्छा और मंहगा मोबाईल है . True caller भी है वाह जी वाह !!! ये तो बडी अच्छी बात है. बडे सारे नम्बर है आपकी मोबाईल लिस्ट मे. आपके दोस्तो के, सहेलियो के और जो भी नया पुराना दोस्त मिल जाता है उसका नम्बर फीड कर लेते हो और तो और आपके मोबाईल मे तो नरेंद्र मोदी जी और शाहरुख खान का भी नम्बर है.
ये तो अच्छी बात है पर क्या आपके मोबाईल पर एमरजैंसी , पुलिस का ,एक्सीडेंट के दौरान एम्बुलैंस का, रक्तदाताओ का, ब्लड बैंक का ,शहर के अस्पताल या फैमली डाक्टर आदि का नम्बर भी है क्या!! मै जानती हूं कि सुनने मे आपको अच्छा नही लग रहा होगा पर यह बात मैं इसलिए कह रही हूं कई बार घबराहट के समय मे ऐसे नम्बर याद ही नही आते इसलिए यह मोबाईल नम्बर भी जरुर save कर लीजिए को सकता है इसको SAVE करने से आप किसी की जिंदगी ही SAVE कर ले…. है ना !!!
मोबाईल नम्बर के बारे में आपका क्या विचार है !! What an idea !!!

बच्चे और डर
बच्चे और डर
आज बहुत साल बाद एक जानकार से मिलना हुआ. जब हम पहले मिले थे तब तो उनका बेटा सिर्फ 4 साल का था. वो बहुत शरारती था. वो जब भी जिस बात के लिए जिद करता या रोता उसे “”हाऊ आ जाएगा” कह कर डराया जाता वो डर जाता और चुपचाप कहना मान लेता. मम्मी खुश हो जाती कि उनकी तरकीब काम कर गई. वही हाऊ के नाम से उसके हाव भाव बदलने लगते पता नही क्या कल्पना कर बैठा था बालपन हाऊ यानि भूत की
आज वो सोलह साल का हो गया है पर दिल मे हाऊ का डर घर कर गया है. हाऊ का हौव्वा बन गया है उसके मन में. वो ना रात को अकेले घर पर रह सकता न ही अकेले कहीं बाहर जा सकता है अब उसकी मम्मी बेहद परेशान हैं क्योकि उन्होने सपने में भी कभी नही सोचा था कि कुछ ऐसा हो जाएगा. वैसे, हम सभी ऐसे ही है. बच्चों मे तरह तरह का डर बैठा देते हैं ताकि बच्चा हमारी बात मान जाए . डराने धमकाने या डर दिखाने से कुछ समय तक तो शांति हो जाती है पर हम यह भूल जाते हैं कि भूत या कुत्ते आदि का डर बैठा कर बच्चे के कोमल मन पर इसका कितना असर होगा. इसलिए अगर आप भी कभी ऐसा देखे या ऐसा करते हों तो प्लीज डराना बंद कीजिए और बच्चों को समझाने या मनवाने के लिए हाऊ या अन्य चीजों का उदाहरण देना बंद करके बस प्यार से समझाईए और मनाइए…
बच्चे और डर लेख पर अगर आप कुछ कहना चहएं तो स्वागत है

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