चुनाव पुराण
चुनाव पुराण
चुनाव आते नही कि नेता हम वोटरो को सिर आखों पर बैठा लेते हैं तरह तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं अच्छे दिनों का सपना दिखाया जाता है और जैसे ही चुनाव के चरण समाप्त हुए फिर तू कौन …. शुरु हो जाता है…
अरे भई यही है चुनाव पुराण … सदियों से यही होता आया है … होता आया था और होता रहेगा … !!!
आज की रात
आज की रात
आज की रात है जिंदगी …. कार्यक्रम के बारे में मैं यही कहना चाहूंगी कि मैं कुछ नही कहना चाहूगी.. ऐसा प्रोग्राम कोई बनाता है भला … !!! इतना अच्छा इतना शानदार !!! अभी तक क्यों नही बनाया था.. दिमाग खराब हो गया था नेताओ के लडाई झगडे देख कर, वोटो के लिए हिंदू मुस्लमानों को भिडवा दिया, कभी बीफ कभी राधे मां तो कभी इंद्राणी… चारों तरफ बस चिल्लम चिल्ली, लडाई झगडा और रही सही कसर न्यूज चैनलों ने पूरी कर दी लगने लगा कि अब कुछ नही रहा. बस, बुराई ही बुराई रह गई है समाज में… न कोई अच्छा है और न कुछ अच्छा होगा पर पर पर जब अमिताभ जी का ये कार्यक्रम देखा तो खुशी से आसूं छलक आए… सिर्फ मैं ही नही बहुत लोग इस प्रोग्राम को देखते हुए इमोशनल हुए होंगें स्टार प्लस पर इस प्रोग्राम को देखते हुए…
बात सिर्फ इमोशनल वाली ही नही है…. सबसे बडी बात ये है कि हमारे समाज में आज भी अच्छाई है आज भी अच्छे लोग हैं और आज भी सच्चाई और ईमानदारी जिंदा है. शुक्र है … !!! जो लोग चुपचाप पूरी मेहनत से समाज सेवा में जुटे हैं उन्हॆं यकीनन बहुत मनोबल मिलेगा और वो ज्यादा गम्भीरता से इसमें जुट जाएगें …
हमने भी सन 2004 मे सैमसन क्रिएशनं https://youtu.be/4_wZ1JfHtV0 में ढेरो कार्यक्रम बना कर उन बच्चों को इसमे शामिल किया था जो प्रतिभावान हैं पर प्रतिभा दिखाने का कोई मंच नही था … बच्चो को इन कार्यक्रमों मे आकर बहुत आत्मविश्वास मिला था. इसलिए मैं कल्पना कर सकती हूं कि जो भी इस कार्यक्रम में आ रहे हैं उनका मनोबल कितना बढा होगा.
आज की रात है जिंदगी की पूरी टीम को बधाई !! मेरा भी प्रयास रहेगा कि भले ही छोटे लेवल पर ही सही पर नेक दूत और आदर्श दूत खोज कर ब्लाग के माध्यम से पाठकों के सामने रख पाऊं ताकि और लोग उनसे प्रेरणा पाकर खुद भी अच्छे बनने का प्रयास कर सकें ..!!! एक शानदार प्रयास… !!!
आज की रात
हैप्पी हैलोवीन-कहानी हैलोवीन की
हैप्पी हैलोवीन- क्या होता है हैलोवीन – Happy Halloween आईए जाने की क्या है कहानी हैलीवीन की अजीब सा लगती है कि भूतो की तरह लोग दिखते हैं और खुश भी होते हैं.
हैप्पी हैलोवीन-कहानी हैलोवीन की
Happy Halloween में लोग मास्क पहन कर जाते हैं और उस भूतिया त्योहार को मनाते हैं तो कुछ लोगो की इस त्योहार के बारे में अलग ही राय है

31 अक्तूबर की शाम को शुरू हुआ हैलोवीन अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ पांच दिन तक चलता है. 5 नवंबर को बड़े पैमाने पर आतिशबाजी के साथ हेलोवीन का त्योहार संपन्न होता है. लोग जगह-जगह अलाव जलाते हैं और भूतिया ड्रेस पहन कर घूमते हैं. अपने घरों की खिड़कियों पर वे कंकाल टांगते हैं. घर में लाइट्स से डरावना माहौल बनाया जाता है.
हैलोवीन डे के सबसे खास परंपरा में शामिल है नक्काशीदार कद्दू में लालटेन जलाना. इसके पीछे एक बेहद रोचक कहानी है. आयरलैंड में जन्मे कंजूस शराबी जैक ने अपने एक शैतान दोस्त को घर में ड्रिंक करने के लिए बुलाया, लेकिन वो पैसे खर्च करना नहीं चाहता था. उसने अपने दोस्त को ड्रिंक के बदले घर में लगा कद्दू देने के लिए राजी किया. लेकिन ड्रिंक करने के बाद वह अपनी बात से मुकर गया. इसके बदले उसके दोस्त ने उसे कद्दू की डरावनी लालटेन बनाकर जैक के घर के बाहर पेड़ पर टांग दिया, जिस पर उसके मुंह की नक्काशी थी और जलते हुए कोयले डाल थे. तब से दूसरे लोगों के लिए सबक के तौर पर इस दिन जैक-ओ-लालटेन का चलन शुरू हो गया. यह उनके पूर्वजों की आत्माओं को रास्ता दिखाने और बुरी आत्माओं से रक्षा करने का प्रतीक है.
राय कुछ भी हो हैप्पी हैलोवीन पर्व की शुभकामनाएं तो बनती ही हैं…..
एक अच्छे नेता के गुण – नेता बनने के टिप्स – Monica Gupta
मुझे पता है कि आप बहुत व्यस्त हैं और सांस तक लेने की फुर्सत भी नही है इसलिए मैं नही कह रही कि आप पढिए पर आप सुन तो सकते ही हैं… ऑडियो पर क्लिक करके अपने काम भी करते रहिए और सुनते भी रहिए… व्यंग्य- सकारात्मक सोच और नेता समाज में इतनी negativity भरी हुई है कि हम खोज में रहतें हैं कि कोई ऐसा मिले जिससे हमे थोडी सी positive फीलिंग आए और … जी क्या ??? एक अच्छे नेता के गुण – नेता बनने के टिप्स – Monica Gupta
फेसबुक पर कमेंट
फेसबुक पर कमेंट
कागजी पहलवान या कमेंट के लिए कुछ भी करेंगें
एक जानकार हमेशा फेसबुक पर बेटी पर अपने कमेंट पोस्ट करते हैं स्वाभाविक है कि अच्छा लगता है कल उनकी बेटी मार्किट में मिली. मेरे पूछ्ने पर कि आजकल क्या कर रही हो इस पर वो बोली कि एमबीए करके खाली बैठी हूं. पापा उसकी नौकरी करने के सख्त खिलाफ है.
वही एक अन्य जानकार फेसबुक पर अपील कर रही थी इस दीपावली पर सिर्फ दीए से घर सजाए. वो भी गरीबों के घर से दीए खरीद कर लाएगी ताकि उनके घर जगमगा सकें. उस कमेंट पर उसे लगभग 200 लाईक और ढेरों कमेंट मिले जिसमें उसने सभी का पर्सनल धन्यवाद भी किया पर मार्किट से सजावटी चाईना लाईट और लडियां खरीदती हुई जब पकडी गई तो बोली अरे.. वो तो वैसे ही लिख दिया था लाईट और लडियों के बिना दीपावली का मजा ही नही.
ठीक ऐसे ही एक जानकार जब भी मिलते खाने की महत्ता बताते और समझाते कभी प्तेट में खाना नही छोडना चाहिए .. वही एक दो शादियों मे भरी खाने की प्लेट डस्टबीन में डालते देखे गए. हैरानी तो इस बात की हुई कि इस के अबद भी फेसबुक पर अपने ऐसे लिखे कमेंटस को जारी रखा…
तो ये क्या है या कमेंट पाने के लिए कुछ भी झूठ, अंट शंट लिखते जाएगें … क्या वाकई में ये लाईक के लायक हैं भई जो मात्र कागजी पहलवान ही हैं जिनकी करनी कथनी मे बेहद फर्क है वो मेरी नजर में वो मित्र नही.. भले ही फेसबुक हो..
फेसबुक पर कमेंट लेख आपको कैसा लगा ? जरुर बताईगा !!
न्यूज़ चैनल और मुद्दे
न्यूज़ चैनल और मुद्दे – किसने बिगाडा देश का माहौल … न्यूज चैनलों पर मुद्दा गरमाया हुआ है. चैंनलों पर अलग अलग पार्टियों के महारथी, पत्रकार और न्यूज एंकर ऊंची आवाज में लगभग चिल्लाते हुए अपनी अपनी बात रख रहे हैं. आखिर किसने बिगाडा… हिंदू, मुस्लमान, वोटरों ने, आरक्षण ने, घर वापसी ने , संघ ने ,चुनावों ने, नेताओ की फालतू बयानबाजी ने, कांग्रेस ने, भाजपा ने, आप पार्टी ने या ….. !!!
न्यूज़ चैनल और मुद्दे –
आधा घंटा या 40 मिनट का कार्यक्रम और एक नन्हा सा, छोटा सा ब्रेक ( जोकि बोलने में छोटा सा ब्रेक होता है लेकिन आधा घंटे मॆं लगभग आठ दस बार तो आता ही है) और लड झगड कर कार्यक्रम समय कम होने की वजह से समाप्त हो जाता है और मुद्दा अनसुलझा रह जाता है कि आखिर किसने बिगाडा देश का माहौल… पर मेरे विचार से देश का माहौल बिगाडने मे इन न्यूज चैनलों का ही बडा हाथ है.
बात सीधी सी है. किसी ने अगर कुछ कहा तो खबरिया चैनल नमक मिर्च लगा कर महज टीआरपी बढाने के लिए बहस करते हैं. कभी टवीटर को बीच मे धसीट लाते हैं तो कभी बयानों को तोड मरोड कर पेश किया जाता है और सबसे दुखद या हास्यास्पद बात तब होती है जब चैनल एक पक्षीय हो जाते हैं और पार्टी विशेष की भाषा ही बोलते हैं… हां, अपवाद हर क्षेत्र में होते हैं इसमें भी हो सकते हैं पर सच मानिए दिखाई नही देते.. तो मैं ज्यादा समय लिए, कोई ब्रेक लिए एक बात विश्वास पूर्वक कह सकती हूं कि देश का माहौल किसने बिगाडा है !!
न्यूज़ चैनल और मुद्दे आपको कैसा लगा ??? जरुर बताईगा !!
करवा चौथ का चांद – आज चाँद कब निकलेगा
करवा चौथ का चांद
करवा चौथ का चांद – आज चाँद कब निकलेगा दिन ढलते ही नजरें बार बार आसमान की ओर जाती है पर पर पर चौथ का चांद और ऊंची होती इमारतें…
करवा चौथ का चांद – आज चाँद कब निकलेगा
कुछ नजर नही आता बात बहुत ज्यादा पुरानी भी नही है जब एक मंजिल की इमारत होती थी और घर से बाहर निकलते ही या छत पर चढते ही हम चांद के दीदार कर लेते थे … पर आजकल महानगरों में ऊंची इमारतों के चलते चांद के दर्शन दूभर हो जाते हैं. मीडिया या फोन के माध्यम से ये तो पता चल जाता है कि चांद निकल आया है पर दीदार नही होता तो व्रत भी नही खोल पाते
और वैसे चांद के दर्शन होते ही आजकल सैल्फी विद मून भी चल निकली है …
ये लेख आपको कैसा लगा ?? जरुर बताईगा !!
पटाखा बाजार- पटाखा प्रदूषण
पटाखा बाजार – हैप्पी दीपावली आने वाली है और पटाखा बाजार भी सजने लगा है. हालाकि प्रदूषण के चलते पटाखों पर बैन के बारे में तीन बच्चों की ओर से दायर की गई थी और याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस देकर जवाब मांगा था।
पटाखा बाजार- पटाखा प्रदूषण
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि इस बारे में क्या कदम उठाए जाने चाहिए। दरअसल, बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की..!!याचिका में मांग की गई है कि दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए।
इसी मामले में केंद्र ने कोर्ट में कहा है कि पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2001 में गाइडलाइन जारी करते हुए आदेश आदेश दिए थे कि सुबह छह से रात 10 बजे तक ही पटाखों की इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में पटाखों पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। वैसे भी पटाखे प्रदूषण का इकलौता कारण नहीं हैं।
इस बीच एक संगठन ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि पटाखों पर बैन नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि ये लोगों की आस्था से जुड़ा है। सदियों से ये परंपरा चलती आई है।
तो खैर , अब पटाखे मैदान में आ गए हैं और अपने अपने खरीददारों की इंतजार कर रहे हैं पर कुछ बम , फिरकी या फुलझडी ऐसी हैं जिनकी कोई गारंटी नही जोकि फुस्स हो सकते हैं जबकि कुछ बम पटाखें ऐसे हैं जिनकी फटने की गारंटी शत प्रतिशत है ….ग्राहक अपनी तस्सली से लेकर जाए क्योकिं बिका माल भी वापिस नही होगा….
दीपावली की रात्रि में टोने-टोटके – दीपावली की सफाई – Monica Gupta
दीपावली की रात्रि में टोने-टोटके – दीपावली की सफाई दीपावली आती नही कि टोने टोटके से ना सिर्फ सडक, चौराहा बल्कि हमारा इंटरनेट भी टोने टोटके की पोस्ट से भर read more at monicagupta.info
पटाखा बाजार से आप कौन से बम फिरकी या चरखी लाने वाले हैं जरुर बताईगा … शुभ दीपावली 😆
स्त्री आभूषण और करवा चौथ
स्त्री आभूषण और करवा चौथ – सुंदर और खूबसूरत दिखने की चाह हर किसी में होती है. शादी ब्याह के अतिरिक्त त्योहार हमें ना सिर्फ मिलने जुलने का बल्कि सजने सवरने का भी पूरा अवसर देते हैं. करवाचौथ ऐसा ही खूबसूरत सा सुहागिनों का पर्व है…इसलिए सबसे पहले तो सभी सुहागिनो को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं……!!!
स्त्री आभूषण और करवा चौथ – करवा चौथ की तैयारी
करवा चौथ एक ऐसा पावन दिन है जब पति की आयु के लिए की गई प्रार्थना प्रभु स्वीकार करते हैं और यही विवाहिता के लिए बड़ा वरदान है। इस दिन महिलाएँ पूरा दिन व्रत रखती हैं और रात्रि को चांद देखकर ही व्रत खोलती हैं….
महिलाए विशेष रूप से श्रंगार करती हैं… अच्छी बात ये भी है कि फैशन के इस दौर में भी महिलाएँ इस पर्व पर पारंपरिक रूप से ही तैयार होती हैं।
इसमे कोई शक नही कि सभी सुहागिने अपने अपने रीति रिवाज से करवा चौथ मनाती हैं पर एक बात जो सभी मे एक समान रहती है वो है ढेर सारे गहनो से अपने आप को सजाना. नए नए कपडो के साथ टीका, कडा , हंसली, पायल, कमरबंध आदि और भी ना जाने कितनी तरह से खुद को सजाएगीं पर नारी की असली सुन्दरता तब है जब वो ना सिर्फ इन्हे धारण करें बलिक अपने जीवन मे अपनाए भी. जैसाकि
टीका यानि बिंदी- हमेशा यश का टीका ही लगाए.
कर्ण फूल – हमेशा कानो से दूसरो की प्रंशसा ही सुनें.
छ्ल्ले – कभी किसी से छ्ल ना करें.
पायल – सभी बडे बुजुर्गो का आशीर्वाद लें.
काजल – हमेशा शील का जल नयनो मे रखें. कडे – कभी किसी से कडे वचन ना बोलें.
मोहन माला- अपने सदगुणो से सबका मन मोह लें.
कमरबंध-सत्कर्मो के लिए सदा तैयार रहें.
इसके साथ साथ मेंहदी और सिंदूर से किया श्रंग़ार और खिल जाता है.
करवा मां की कहानी
एक लोक कथा के अनुसार ब्राह्मण की विवाहिता पुत्री वीरवती ने करवा चौथ का व्रत किया था। वीरवती अपने भाईयों की बहुत प्रिय थी. नियमानुसार उसे भी अपनी भाभियों के साथ चंद्रोदय के बाद भोजन करना था,परंतु उससे भूख नहीं सही गई और वह व्याकुल हो उठी।
उसके भाइयों से अपनी बहन की व्याकुलता देखी नहीं गई और उन्होंने पीपल की आड़ में आतिशबाजी का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया और वीरवती को भोजन करा दिया।
परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अदृश्य हो गया। अधीर वीरवती ने बारह महीने तक प्रत्येक चतुर्थी को व्रत रखा और करवा चौथ के दिन तपस्या से वीरवती को माँ पार्वती का आशीर्वाद मिला और उसका सुहाग पुनः प्राप्त हो गया।
इसके अतिरिक्त एक और लोक कथा है जिसमे यही वीरवती भाइयों के प्रेम के कारण ही रानी से नौकरानी बनती है और फिर इसी व्रत की महिमा से माँ पार्वती को प्रसन्न करती है और गाती है रोली की गोली हो गई गोली की रोली हो गई”अपने गौरव को प्राप्त करती है|
कुछ महिलाए मात्र कथा सुनती हैं तो कुछ महिलाए थाली धुमाती हुई कुछ ऐसे गाती हैं
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वीरो कुड़िये कर्वरा ….. सर्व सुहागन कर्वरा
कत्ती न अटेरी न
घूम चरखा फेरी ना
गवांड फेर पाईं ना
सुई च धागा पाईं ना
रुठरा मनाईं ना
सुतडा जगाईं ना
भैन प्यारी वीराँ
चन चड ते पानी पीवां
वे वीरो कुरिए कर्वरा वे सर्व सुहागन कर्वरा
बहुत खुशी होती है यह देख कर कि आज के समय में आए बदलाव के अनुसार अब बहुत से पुरुष भी दिन भर कुछ नही लेते … और अपनी पत्नी की भावनाओं, उनकी आकांक्षाओं का ख्याल रखते हुए दोनों एक-दूजे के साथ-साथ, एक-दूजे के हाथ से व्रत का समापन करते हैं।
आपकी जिंदगी मे ऐसा प्रेम सदा बना रहे …
एक बार फिर से सभी सुहागिनो को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं….
करवा चौथ – चंद्रोदय का समय
करवा चौथ – चंद्रोदय का समय
महिलाओ के लिए करवा चौथ एक उत्सव हैं वही हमारे देश में चुनाव को भी उत्सव रुप में मनाया जाता है. अब बिहार चुनाव के दौरान आया करवा !!! तो नेता भला कैसे पीछे रहते… जैसे ही नेताओ को पता चला कि इस दिन महिलाएं रात को चांद देखती हैं तो पहुंच गए चादं पर अपनी पार्टी का प्रचार प्रसार करने हेतु और लगा दिए अपनी पार्टी के चिन्ह !!!
अब महिला भी हैरान परेशान है कि चांद को देखे या उस पर लगे चिन्हों को 🙂
करवा चौथ
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