Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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September 19, 2015 By Monica Gupta

मन की बात

मन की बात

मन में हम सभी के हजारों बाते होती है कोई कह पाता है तो किसी के मन मे ही रह जाती है अब प्रधान मंत्री ने जब डेंगू मच्छर को  स्वच्छता के लिए धन्यवाद दिया तो वो बोल उठा अरे वाह !!! आपने तो मेरे मन की बात कह दी !!!

असल में वो क्या है ना स्वच्छता की बाते और वायदे तो बडे बडे  हुए थे पर वो मिशन नाकामयाब लग रहा था. फिर आया मौसमी डेंगू … जिसकी वजह से प्रशासन, सरकार जनता हरकत में आई और बचाव के लिए ही सही स्वच्छता रखनी शुरु कर दी …  वैसे वो भी हैरान है कि मन की बात उन्होनें कैसे जान ली…

 

कार्टून ... डेगू मच्छर और मन की बात

कार्टून … डेगू मच्छर और मन की बात

September 19, 2015 By Monica Gupta

रिटायरमेंट

retirement photo

Photo by aag_photos

रिटायरमेंट

मोहन कुमार जिन्हें कभी लोग भाई साहब या बडे भाई के नाम से ज्यादा जानते थे  बार बार अपना मोबाईल और लैंड लाईन चैक कर रहे थे क्योकि बहुत समय से कोई फोन की घंटी नही बजी थी. उन्हे लग रहा था कि फोन मे शायद कोई गडबडी ना हो पर सब ठीक था इसलिए बार बार चैक कर रहे थे. अभी दस दिन ही हुए है उनकी रिटायरमेंट को. शहर मे बहुत अच्छे सरकारी ओहदे पर थे वो. नौकरी के दौरान उन्हे ना दिन का चैन ना रात की नींद .. हर समय वक्त बेवक्त बस कुछ अंंजाने रिश्तेदारों तो कभी जान पहचान नाते रिश्तेदारो के फोन ही घनघनाते रहते.

बडे भाई … आपकी गुडिया की शादी है जरुर आना है और हां अगर सात आठ गैस सिलेंडर का इंतजाम हो जाता तो..! भाई साहब… हम आज सपरिवार आपसे मिलने आ रहे है हफ्ता भर रुकेंगें. भाई जी … पासपोर्ट बनवाना है जल्दी. मुन्ना विदेश जाने की सोच रहा है .. आप साईन कर देना. भाई साहब… चाची बीमार है सोच रहे हैं कि आपके पास ले आए आप सरकारी अस्पताल मे कह कर अच्छा इलाज करवा दोगें .

बडे भाई साहब … सुना है आपके एरिया मे जमीन बिक रही है जरा सस्ते मे सौदा करवा दो .. !! भाई साहब … आपके भतीजे को जेल हो गई है . जरा जज से बात करके मामला रफा दफा तो करवा दो.

और बडे भाई या भाई साहब बने मोहन कुमार सभी का काम करवा देते. इस सब में घर वाले भी अक्सर नाराज हो जाते  इस बात पर अक्सर घर में तनाव भी हो जाता था  पर ….. !!!

मोहन कुमार इसी ख्यालो मे ही गुमसुम थे कि अचानक टेलिफोन की घंटी बजी. उनके चेहरे पर खुशी दौड गई.गला साफ करते हुए उन्होने फोन उठाया पर शायद वो गलत नम्बर था…

और वो सोच रहे थे कि उनके परिवार की नाराजगी कितनी जायज होती थी…

रिटायरमेंट….

September 18, 2015 By Monica Gupta

हे भगवान

 mobile photo

हे भगवान

उफ्फ ये मोबाईल

काफी दिनो से मेरी एक सहेली से फोन पर बात नही हुई तो सोचा कि चलो फ्री हूं उसे फोन मिला लू. असल मे, मेरी सहेली जब भी बात करती है इतनी अच्छी तरह बात करती है मानो सारा प्यार ही उडेल रही हो. उससे बात करके मन खुश हो जाता है.

उसी खुशी मे मैने फोन मिला लिया पर मेरी आशा के विपरीत उसने पूछा कि कौन बोल रहा है? पहले मैने सोचा कि मजाक कर रही है फिर सोचा शायद मुझसे नम्बर गलत न मिल गया पर नम्बर भी सही था. जब वो नही पहचानी तो मुझे बताना पडा कि मै कौन बोल रही हूं. उसने तुरंत क्षमा मांगी और बताया कि असल में, उसका मोबाईल चोरी हो गया. नए मोबाईल मे नम्बर फ़ीड नही है इसलिए पहचान नही पाई. खैर उस समय तो मैने फोन रख दिया पर सोचने लगी कि वाकई में मोबाईल हमारी जिंदगी से बहुत बुरी तरह से जुड गया है कि इसके गुम होने पर क्या सब खत्म !!

मैं सोच ही रही थी कि अचानक घर पर मेहमान आ गए. वो बैठे ही थे कि अचानक उनके पास किसी का फोन आया.फोन सुनते ही वो घबरा गए और पूछ्ने लगे कि ये कब हुआ! अचानक ऐसे कैसे हो सकता है! हे भगवान! अब क्या होगा उसके बिना कैसे होगा?कैसे रहेगी ?? मैं बात सुन रही थी और किसी अनिष्ट आशंका को लेकर बुरी तरह धबरा गई. मन मे बुरे बुरे विचार आने लगे. फोन रखते ही मेरे पूछ्ने पर कि क्या हुआ उन्होने धबराए स्वर में बताया कि बिटिया का फोन था अपनी सहेली के मोबाईल से कर रही थी. असल में, उसका मोबाईल खो गया है…. और वो तनाव मे ही बाहर निकल गए.

हे भगवान

उफ्फ  ये मोबाईल 🙂

September 18, 2015 By Monica Gupta

खबरिया चैनल – टीवी चैनल और उकताते दर्शक

खबरिया चैनल

खबरिया चैनल – टीवी चैनल और उकताते दर्शक- आज राजदीप सरदेसाई का छपा लेख पढा. महाराष्ट्र सरकार पर देवेंद्र फडणवीस को पत्र था.तीन बाते लिखी थी और बहुत स्टीक !! पर जैसाकि वो हमेशा पुनश्च: लिखते हैं उसमे लिखा था कि आपकी सरकार की अनुचित प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने के बाद मैं यह भी कहना चाहूंगा कि मीडिया का टेबलाईड चरित्र वाला एक तबका उतना ही दोषी है. एक धिनौनी हत्या को तो प्राईमटाईम में प्रमुखता दी जाती है लेकिन किसानों की मौत का उल्लेख तक नही होता.

पढने के बाद मैं बस यही सोचने लगी कि राजदीप सरदेसाई जैसे सीनियर एडिटर भी खबरिया चैनल पर बेसिर पैर की खबरों से परेशान है वही कई बार रवीश जी भी प्राईमटाईम में बातो बातों मे ही सही चैनल्स पर दिखाई जा रही अटरम शटरम खबरों से दुखी होकर बोल जाते हैं. कई बार तो ये दुख उनके चेहरे से भी झलक पडता है. आमंत्रित मेहमान से भी कल के कार्यक्रम में माहौल गरमा सा गया था.

prime time monica gupta

आखिर ये स्वयं प्रमुख पद पर होते हुए दुखी किसलिए हैं??

मेरी सोच  है कि बढते न्यूज  चैनल और बढती गला काट प्रतिस्पर्धा से इनको बच कर कमस कम अपने चैनल में नए आयाम स्थापित करने चाहिए. वैसे सभी खबरिया चैनल का बहुत बुरा हाल है. लगभग सभी एकंर बहस के दौरान बहुत उतेजित दिखाई देतें हैं  और इसी चक्कर में सुर तार सप्तक यानि चिलम चिल्ली तक पहंच जाता है.

वहीं रवीश जी जैसे एंकर्स  जिन्हे दर्शक पसंद करता है और  फैन लिस्ट भी बहुत लम्बी है  इसलिए उन्हें ही कोई सकारात्मक पहल करनी पडेगी बेशक, एक बार चैनल की टीआरपी धटेगी, पर कम से कम , किसी न किसी चैनल पर दर्शक विश्वास तो कर पाएगी अन्यथा अभी तक तो आमंत्रित मेहमान तू तू मैं मैं और एक दूसरे को पीटते   नजर आते हैं  भगवान न करे कि कभी एंकर्स का नम्बर भी  आ गया तो …. !!!

खबरिया चैनल

September 18, 2015 By Monica Gupta

शीना हत्याकांड

शीना हत्याकांड

शीना हत्याकांड (मोनिका गुप्ता)

शीना हत्याकांड (मोनिका गुप्ता)

शीना हत्याकांड

इस केस में एक नया टवीस्ट आया है … क्या आपको नही पता !!! नया टवीस्ट ये है कि पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया की इस केस में भूमिका रहेगी या नही इस पर बहुत जल्दी फैसला आ सकता है … यही है इस केस का सबसे बडा टवीस्ट … सभी खबरिया चैनलों की नजरे अब इसी पर टिकी हैं !!

http://khabar.ndtv.com/news/india/rakesh-maria-and-sheena-bora-case-may-soon-be-mutually-exclusive-1218750

 

इस केस में राकेश मारिया के मार्गदर्शन की अभी भी जरूरत है या नहीं।
एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार गृहमंत्रालय के वरिष्ठ नौकरशाह केपी बक्शी ने कहा है कि उन्होंने डीजीपी संजीव दयाल से कहा कि क्या इस मामले में जांच के लिए राकेश मारिया के मार्गदर्शन की और जरूरत है या नहीं। सरकार ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।
एनडीटीवी के सूत्रों के हवाले से खबर है कि खुद राकेश मारिया भी अब इस केस के साथ नहीं रहना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड के आरोपियों से खुद राकेश मारिया ने घंटों पूछताछ की और इस केस के खुलासे और जांच प्रगति में अहम भूमिका निभाई है। इस मामले में कथित रूप से अतिसक्रिय होने के चलते सरकार ने दो हफ्ते पहले उनका तबादला कर दिया था और उन्हें मुंबई पुलिस के कमिश्नर पद से हटा दिया था। मीडिया में काफी चर्चा होने के बाद सरकार ने साफ किया था कि इस मामले की जांच राकेश मारिया करते रहेंगे।

सूत्र बताते हैं कि मारिया का मानना था कि इस मामले में जिसमें तमाम रसूखदार लोग और पैसे वाले लोगों का लेना-देना रहा, के खुलासे के कारण उन्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था। वहीं उनका तर्क रहा है कि इस मामले में जांच में उनके मातहत आने वाले जो अधिकारी थे उन्हें इंद्राणी मुखर्जी कथित रूप से अपने ऊंचे संबंधों का हवाला देकर धौंस दे रही थीं और इतना ही नहीं वह जानबूझकर सारी बातें अंग्रेजी में कर रही थी ताकि पुलिसवालों को जांच में दिक्कत आए। मारिया की ओर से कहा गया कि वह इसलिए मामले में ज्यादा लगे क्योंकि अन्य अधिकारियों का हाथ अंग्रेजी में कुछ तंग था।

अब देखना यही है कि शीना हत्याकांड मामले में अब होगा क्या !!

September 17, 2015 By Monica Gupta

दिखावा

दिखावा

कुछ देर पहले मणि बता रही थी कि उसकी एक जानकार घर पर गणपति लाए और लाते समय, स्थापित करते समय फोटो पे फोटो … फोटो पे फोटो, कोई एंगल नही छोडा… और फिर जुट गए फोटो अपलोड करने मे … पर नेट मे किसी खराबी की वजह से फोटो नही डाल पाए तो श्रीमती जी का मूड खराब हो गया और बच्चों का पारा चढ गया …

वो बौखलाए बार बार बीएसएनएल फोन करने लगे और फोन न मिलने पर मुंह बना कर बैठ गए और बोले क्या फायदा हुआ लाने जब फोटो ही नही डाल पा रहे .. पिता ने जब कहा कि कोई न कल तक ठीक हो जाएगा तो इस पर वो बोले कि आपको तो पता ही नही.. कल तक फोटो तो बहुत पुरानी हो जाएगी और अपने मे जाकर फैल गए..

वैसे,वाकई में,सोचने की बात ये है कि क्या हम ये सब दिखावे के लिए ही करते हैं दिल से नही करते … अगर नेट नही चलता तो सारा प्रोग्राम कैंसिल. हवाई यात्रा की बजाय रेल से जाएगे…बडे होटल मे खा कर पैसे किसलिए वेस्ट करने ढाबें पर ज्यादा ठीक रहेगा खाना सस्ता का सस्ता भी … क्या ऐसी ही सोच है ??? सोच रही हूं !!!

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September 17, 2015 By Monica Gupta

डेंगू का कहर

कैसे रहें सावधान डेंगू के कहर से अरे भई.. डेंगू का कहर  या चिकनगुनिया का नही बल्कि कहर आप लोगो ने गंदगी को लेकर ढाया हुआ है.. गंदगी रखते हो तभी तो हमें आना पडा  नही तो हम इतने सफाई प्रेमी हैं कि साफ पानी में ही पनपते हैं … 

cartoon on dengue bymonica gupta

डेंगू का कहर

कैसे रहें सावधान डेंगू के कहर से

अरे भई.. डेंगू का कहर या चिकनगुनिया का नही बल्कि कहर आप लोगो ने गंदगी को लेकर ढाया हुआ है .

सभी कहते हैं डेगू का कहर .. डेंगू का कहर … असल में, कहर तो जनता ने ढाया हुआ है गंदगी का तभी तो हमे आना पडता है बार बार भारी मात्रा में … सम्भल जाओ लोगो अन्यथा ….

 

हर साल चुपके से आपके घर में घुस आने वाला डेंगू का वाइरस मच्छरों की एडीज़ प्रजाति में पनपता है। किसी मरीज को डेंगू है या नहीं इसका पता करने के लिए होने वाले टेस्ट का खर्च प्राइवेट अस्पतालों में एक से डेढ़ हजार रुपये है।

http://khabar.ndtv.com/news/india/of-dengue-virus-and-the-vaccine-is-not-1218369

September 17, 2015 By Monica Gupta

श्री गणेशा

श्री गणेशा

शिवपुराणमें भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को मंगल मूर्ति गणेश की अवतरण-तिथि बताया गया है जबकि गणेश पुराणके मत से यह गणेशावतार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को हुआ था। गण + पति = गणपति। संस्कृतकोशानुसार ‘गण’ अर्थात पवित्रक। ‘पति’ अर्थात स्वामी, ‘गणपति’ अर्थात पवित्रकोंके स्वामी है श्री गणेशा !!!

श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

गणेशा ( मोनिका गुप्ता)

गणेशा ( मोनिका गुप्ता)

श्री गणेशा

September 16, 2015 By Monica Gupta

डेंगू

डेंगू कार्टून (मोनिका गुप्ता)

डेंगू कार्टून (मोनिका गुप्ता)

डेंगू

जिस तरह से अस्पतालों का हाल बेहाल है और डेगू से मौते हो रही है कारण जगह का न होना है इस लिए  अस्पताल में भर्ती होने से पहले अपना पलंग खुद लेकर जाए तो भर्ती हो जाएगी और ईलाज सम्भव हो जाएगा !!!

Hindi Health Tips | | Webdunia Hindi

रोगी होने के बाद इलाज कराना मजबूरी हो जाता है, लेकिन रोगी न हो इसके लिए सावधानी जरूरी है। बीमारी को पैर पसारने न दिए जाएं साथ ही सुरक्षा के जितने हो सकें उपाय करें। संक्रामक बीमारियों के रोगाणु संपर्क में आने पर हमला करते हैं। रोग प्रतिरोधक प्रणाली को इतना मजबूत कर लें कि रोगाणुओं का हमला भी बेकार चला जाए। स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया ऐसी ही बीमारियां हैं, जो संक्रमण से फैलती हैं। स्वाइन फ्लू किसी भी संक्रमित मरीज की खांसी के साथ निकली बूंदों के संपर्क में आने से फैलता है।

डेंगू मादा एडीस इजीप्ट मच्छर के काटने से फैलता है। इसी तरह मलेरिया भी मच्छर के काटने से फैलता है। इस मौसम में मलेरिया होने की आशंका अधिक रहती है। ND डेंगू के लक्षण अचानक तेज बुखार, शरीर के रेशेस, बदन दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में जबरदस्त दर्द प्रारंभिक लक्षण हैं। एक अन्य प्रकार के डेंगू, जिसको हेमरेजीक डेंगू कहा गया है, में रक्तस्राव के लक्षण व बेहोशी के लक्षण प्रतीत होते हैं। श्वास में रुकावट भी उत्पन्न होती है।

ऐसे मरीज को तुरंत किसी अच्छे अस्पताल में, जहां आईसीयू सुविधा हो, ले जाना चाहिए, क्योंकि उसमें प्लेटीलेट कोशिकाओं (रक्त में एक प्रकार की कोशिकाएं, जो खून के शरीर में बहाव को रोकती है) की कमी हो जाती है। इन वायरसजनित बीमारियों का जलवायु परिवर्तन से गहन रिश्ता है अतः मौसम अनुसार खुद-ब-खुद भी बीमारी का फैलना रुक जाता है। यह बीमारी ब्राजील जैसे देश में सर्वाधिक होती है, जहां तापमान पर्यावरण में अधिक रहता है।

भारत में प्राकृतिक रूप से कई प्रकार के वायरस फैल नहीं पाते हैं। बचाव के तरीके रोगग्रसित मरीज का तुरंत उपचार शुरू करें व तेज बुखार की स्थिति में पेरासिटामाल की गोली दें। एस्प्रिन या डायक्लोफेनिक जैसी अन्य दर्द निवारक दवाई न लें। खुली हवा में मरीज को रहने दें व पर्याप्त मात्रा में भोजन-पानी दें जिससे मरीज को कमजोरी न लगे। फ्लू एक तरह से हवा में फैलता है अतः मरीज से 10 फुट की दूरी बनाए रखें तो फैलने का खतरा कम रहता है। जहां बीमारी अधिक मात्रा में हो, वहां फेस मॉस्क पहनना चाहिए। घर के आसपास मच्छरनाशक दवाइयां छिड़काएं। ND एडिस मच्छर दिन में काटते हैं, अतः शरीर को पूर्ण रूप से ढंकें। पानी के फव्वारों को हफ्ते में एक दिन सुखा दें। घर के आसपास छत पर पानी एकत्रित न होने दें। घर का कचरा सुनिश्चित जगह पर डालें, जो कि ढंका हो। कचरा आंगन के बाहर न फेंककर नष्ट करें। पानी की टंकियों को कवर करके रखें व नियमित सफाई करें। इस तरह थोड़ी-सी सावधानी से स्वस्थ रहा जा सकता है। webdunia.com

September 16, 2015 By Monica Gupta

नौकरी खोज

नौकरी खोज

क्या आप पढे लिखे हैं और नौकरी की तालाश मे दर ब दर भटक रहे हैं तो यह खबर आपके लिए भी हो सकती है

पर कृप्या कमजोर दिल वाले न पढे
पहले समय मे बोला करते थे कि पढ लिख ले नही तो चपडासी बन जाएगा पर आज मायने बदल गए है आज चाहे पीएचडी हो या इंजीनियर, एमएससी हो या एमकाम .. चपडासी बनना ही गवारा है. खबर यूपी के लखनऊ की है वहां विधान सभा सचिवालय के लिए चपडासी पद की 368 भर्ती होनी है और 23 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं जिसमें 255 पीएचडी हैं … डेढ लाख ग्रेजुएट, 25 हजार पोस्ट ग्रेजुएट और 75 हजार 12वी पास !!! हैरानी की बात ये है कि जरुरत मात्र 5 वी पास की है जो साईकिल चलाना जानता हो.

जब इसी बारे में पोस्ट ग्रेजुएट से बात की कि आपने आवेदन क्यो किया तो वो बोला कि एक साल से नौकरी नही मिल रही थी कि दूसरी बात की हमारे पीएम भी चाय बेचते थे और अम्बानी पेट्रोल पम्प पर काम करते थे कोई काम छोटा बडा नही होता.

वही वहां पहले से काम कर रहे चपडासियों मे तनाव सा है कि वो ऐसे पढे लिखो के साथ कैसे तालमेल बैठा पाएगें …

नौकरी खोज
हे भगवान !!! अरे आपको क्या हुआ !!! मैने तो पहले ही कहा था कि कमजोर दिल वाले इसे न पढे !!!

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