Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 30, 2015 By Monica Gupta

Prayers

Prayers

हमारी जिंदगी में  prayers का बहुत मह्त्वपूर्ण स्थान है. महिलाएं तो ज्यादातर सुबह सवेरे अपने दिन की शुरुआत नहाने के बाद  पूजा और धूप बत्ती से करती हैं. मेरी सहेली मणि के घर अगर सुबह सुबह जाओ तो घर महकता मिलेगा. बहुत अच्छा लगता है  क्योकि खुश्बू होती ही इतनी मनभावन है.

उसकी देखा देखी मैने भी ऐसा करना शुरु कर रखा है दिन में तीन चार बार तो खुश्बूदार अगरबत्ती लगा ही लेती हूं पर पर पर  आज कुछ ऐसा पढा कि टैंशन सी हो गई. असल में, खबर है कि” हैरानी होगी आपको यह जानकर कि सुगंधित अगरबत्तियों और धूप बत्तियों से निकलने वाला धुंआ शरीर की कोशिकाओं के लिए सिगरेट के धुएं से अधिक जहरीला साबित होता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगरबत्ती का धुआं सिगरेट के धुएं की तरह है। अगरबत्ती का धुआं कोशिकाओं में जेनेटिक म्‍यूटेशन करता है। इससे कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव होता है, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

अब ज्यादा तो समझ नही आया बस इतना समझ आया कि अगरबत्ती से निकलता धुंआ बेहद नुकसानदायक है.

वैसे पहले गूगल सर्च में कितनी बार पढा है कि अगरबत्ती बनाए खुश्बू के साथ साथ धन भी कमाए या अगरबत्ती बना कर जीवन महकाए  या सफल बिजनेस है अगरबत्ती का  !!!

पर आज वही अगरबत्ती और धुआं  गूगल  पर जब सर्च किया तो वही हैरान कर देने वाली खबर बहुत जगह पढने को मिली…

Prayers

Details

http://epaper.navbharattimes.com/details/4486-61408-1.html Via navbharattimes.com

Reasons to say NO to agarbattis or incense sticks

शोध के नतीजों के आधार पर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह अच्‍छा होगा कि वह धूप के धुंए से बचें। अगरबत्ती और धूपबत्ती को फेफड़ों के कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और बच्‍चों के ल्‍यूकेमिया के विकास केसाथ जोड़ा जा रहा है। Via patrika.com

ये तो कभी सोचा ही नही कि ऐसा भी होता है इसलिए तनाव हो गया है फिलहाल तो मैं मणि को सचेत करने जा रही हूं वैसे आप तो ज्यादा धूप बत्ती नही करते होंगें अगर करते हैं तो जरुर सोचिएगा !!

Prayers लेख आपको कैसा लगा जरुर बताईगा !!!

August 29, 2015 By Monica Gupta

कलाम को सलाम

cartoon kalam road by monica gupta

कलाम को सलाम

कलाम साहब का दिखाया मार्ग हो या उनकी याद में बनाया मार्ग … दोनों मार्गों पर चलना बेहद सुखद है !!!!जब सुना कि एपीजे अब्दुल कलाम साहब के एनडीएमसी एरिया के अंतर्गत आने वाली औरंगजेब रोड की पहचान अब पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. अब्दुल कलाम के नाम पर रखा दिया गया।

कलाम  साहब के निधन के बाद से ही दिल्ली की एक प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर रखने की मांग उठती रही है।

एनडीएमसी ने ये फैसला कर लिया। औरंगजेब रोड का नाम बदल कर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड रखे जाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुशी जताई है। केजरीवाल ने ट्वीट कर एनडीएमसी को बधाई दी है। यह प्रस्ताव बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी, महेश गिरि और आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग नेता विपन रोहिला की तरफ से लाया गया है। इस बारे में सांसद महेश गिरि पहले भी चिट्ठी लिख चुके हैं।

ndmc decided to rename aurangzeb road to apj abdul kalam road: :

Congrats. NDMC jst now decided to rename Aurangzeb Road to APJ Abdul Kalam Road

ndmc decided to rename aurangzeb road to apj abdul kalam road Keyword : Mahesh Giri, letter, PM, rename, Aurangzeb Road, APJ Abdul kalam Read more…

http://www.patrika.com/news/miscellenous-india/ndmc-decided-to-rename-aurangzeb-road-to-apj-abdul-kalam-road-1091671/

इससे पहले दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरी ने भी प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली के औरंगजेब रोड का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति कलाम के नाम पर रखने का अनुरोध किया था। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी कि जनता के राष्ट्रपति के रूप में व्यापक रूप से सम्मानित कलाम की स्मृति के लिए यह एक उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी।पूर्वी दिल्ली के सांसद ने पत्र में कहा है कि पूरा देश कलाम की मृत्यु से शोक में है। वह एक महान वैज्ञानिक और समाज सुधारक थे, जिन्होंने देश के लाखों लोगों को प्रभावित किया और अपना पूरा जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित कर दिया। जनता के राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देने के लिए मैं नई दिल्ली में स्थित औरंगजेब रोड का नाम बदल कर डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम रोड रखने का प्रस्ताव देता हूं।

कलाम को सलाम

August 28, 2015 By Monica Gupta

खबरों की खबर

cartoon media monica gupta

खबरों की खबर

तिल का ताड बनना हो या राई का पहाड .. खबरिया चैनलों का कोई सानी नही. होता कुछ है बताते कुछ है दिखाते कुछ और ही है और जैसे निष्पक्ष पत्रकारिता तो रही नही  इस विषय में भी बहुत सवाल खडे हुए हैं .

बस खबर बनानी है … वो भी हट कर एक्सक्लूजिव

खबरों की खबर

 

 

August 28, 2015 By Monica Gupta

Breaking News

Breaking News

लग रहा है शीना मर्डर मिस्ट्री को लेकर न्यूज चैनल वाले बौखला से गए है.. बस कुछ बोलना है कुछ दिखना है वो भी सबसे पहले सबसे पहले और सबसे तेज Breaking News के  चक्कर मॆं गलती पर गलती हुई जा रही है.

कल गलती एबीपी न्यूज ने की और आज न्यूज 24 के सबसे बडा सवाल में शीना की बजाय बोला और लिखा आता रहा कि सौतेला पिता इंद्राणी का शोषण करता था उफ ये भयंकर उलझन… एक तो मिस्ट्री पहले ही समझ नही आ रही उपर से चैनल वाले और कंफ्यूज कर देते हैं ..

news 24 by monica gupta   murder case by monica gupta

Breaking News
वैसे लगता है कि प्याज सस्ता हो गया या फिर वन रैंक वन पैंशन का भी हल निकल गया है क्योकि कोई बहस ही नही हो रही कोई बात नही हो रही बस शीना इंद्राणी मर्डर … फुल्ल टीआरपी मसाला …इसलिए …

Breaking News

 

August 28, 2015 By Monica Gupta

महिला सशक्तिकरण

 

cartoon CCTV by monica gupta

महिला सशक्तिकरण

ये कैसा महिला सशक्तिकरण

Mahila Sashaktikaran  जब संसद का मानसून सत्र शुरु हुआ था और ललित मोदी के नाम पर विपक्ष ने हमला बोल कर संसद की कार्यवाही ही चलने नही दी… कारण था ललित मोदी की पत्नी की बीमारी… यानि की एक महिला की वजह से संसद ठ्प्प हो गई.. समय बीता और फिर दर्शन दिए  राधे मां ने जिसने दहेज के लिए एक महिला को तंग किया और अपने मिनी पहनावे की वजह से  सुर्खियां बटोरी … जिसका देश भर मे बहुत गलत संदेश गया.  ये खबर चल ही रही थी कि अचानक इंद्राणी मुखर्जी का अपनी बेटी का मर्डर करने की बात सामने आई और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया ये अपनी ही तरह की पहली मर्डर मिस्ट्री है. इस कहानी मे इतने झोल है कि रुह कांप जाए.. एक मां और अपनी ही संतान का खून कर सकती है  … ये खबर चल ही रही थी कि एक वीडियों ने चौका दिया. बात यूपी के कौशाम्बी के मंझन पुर की है एक बहू अपनी लकवा ग्रस्त सास को बेरहमी से मार रही है और पलंग से भी नीचे गिरा दिया. इसे देख कर भी आश्चर्य की कोई सीमा नही रही कि ऐसा भी होता है.

ये कैसा महिला सशक्तिकरण कहने पर मन मजबूर हो जाता है …

इस तरह अगर महिलाए सुर्खियों में रहेगी तो बहुत गलत संदेश जाएगा … महिलाओं को बहुत सोचने की दरकार है और सम्भलने की आवश्यकता !!!

महिला सशक्तिकरण

अब राखी आ रही है बूढी मां ने तो सीसीटीवी को अपना भाई ही मान लिया है . भगवान से पहले अब वो उसको याद  करती है कि बस उसकी रक्षा करना … सीसीटीवी का डर भी तो बहुत है अच्छाई हो या बुराई सब कैद हो जाती है इसमे…

हैप्पी रक्षा बंधन 🙂

महिला सशक्तिकरण

 

 

Woman thrashes her paralyzed mother-in-law, video goes viral

Jhallar, resident of Manjhanpur area lives with his wife Sarita and paralysed mother.

He was shocked to see injury marks on his mother’s body everyday.

So, he secretly installed CCTV camera at his home.

What he saw in the footage was something ferocious, Sarita was thrashing his paralyzed mother, choking her and dragging her from the bed to the ground. Read more…

 

August 27, 2015 By Monica Gupta

News Channel Mistakes

News Channel Mistakes

Funny mistakes तो अक्सर हो ही जाती है न्यूज चैनल वालों से, पर जब मामला मर्डर का हो तो ऐसे में, किसी का मर्डर और नाम किसी का दे देना … सही नही है… इस मामले में तो जल्दबाजी सही नही है… अभी न्यूज चैनल देखते देखते अचानक ध्यान गया कि अरे ये क्या… मर्डर तो शायद शीना का हुआ है ….

 

 

murder case by monica gupta

News Channel Mistakes

 

– www.bhaskar.com

एक अंग्रेजी अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इद्राणी ने अपने दूसरे पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर पीटर और मिखाइल को मारने का प्लान बनाया ताकि परिवार की पूरी प्रॉपर्टी उनकी हो जाए। मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस को भी शक है कि शीना वोहरा के बाद अगला नंबर पीटर मुखर्जी या मिखाइल का था। पुलिस को इस मामले में गिरफ्तार किए गए इंद्राणी के पूर्व ड्राइवर श्याम राय के पास एक 7.66 mm पिस्टम मिली है। पुलिस के मुताबिक, उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी तो मिली है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए इंद्राणी और संजीव खन्ना से पूछताछ की जाएगी। दूसरे पति से छिपाई पहली शादी?

इंद्राणी मुखर्जी के बारे में पता चला है कि उन्‍होंने 21 साल की उम्र में ही दूसरी शादी कर ली थी। वह भी पहली शादी की बात छिपा कर। इस बारे में उनके दूसरे पति संजीव खन्‍ना से गुरुवार को और पूछताछ की जाएगी। उनसे इंद्राणी के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस पीटर की पहली पत्नी के बेटे राहुल से भी और पूछताछ कर रही है। राहुल और शीना के अफेयर होने की बात सामने आ चुकी है। दूसरे पति को पहली शादी की बात पता नहीं संजीव खन्ना को कोलकाता से बुधवार को गिरफ्तार किया गया। संजीव खन्ना की बातों से लगता है  Read more…

गम्भीर  मुद्दों पर ऐसी गल्तियां  देख कर यही अहसास होता है कि चैनल वाले जल्दबाजी बहुत करते हैं जोकि सही नही है

News Channel Mistakes

August 27, 2015 By Monica Gupta

दशरथ मांझी-बाहुबली

दशरथ मांझी-बाहुबली

कल न्यूज चैनल बदलते हुए अचानक एक खबर सुनी और मैने वापिस वही न्यूज चैनल लगा लिया. फिल्मी खबर थी कि फिल्म “मांझी, द मांऊटेन मैन” की रफ्तार सुस्त पडी. मात्र 8 करोड 5 लाख की कमाई ही कर पाई. इससे बेहतर रही “आल इज वैल” उसने कमाए …. बस इससे आगे मैं सुन नही सकी और सोचने लगी कि रील नही बल्कि रियल लाईफ हीरो हैं दशरथ मांझी.

इन आठ दस करोड की कमाई से क्या फर्क पडता है.. बिहार के मुख्यमंत्री भी 2007 में दशरथ मांझी को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाकर पांच मिनट के लिए उन्हे राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उसका सम्मान दे चुके हैं. मांझी के नाम से उसी क्षेत्र में कहीं सडक़ है तो कहीं अस्पताल है और तो और बाहुबली मांझी की तुलना बादशाह शाहजहां से की जा रही है कि जिस शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में धन-बल की सहायता से ताजमहल जैसा अजूबा बना दिया वहीं दशरथ मांझी भी किसी शहाजहां से कम नहीं. मिसाल जो उन्होनें कायम की है वो समस्त सवा सौ करोड देशवासियों के लिए प्रेरणा है और हमेशा रहेगी… 

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कोई पहाड पर चढ कर अपना और अपने देश का नाम रोशन करता है तो कोई बिरला पहाड काट कर ही रास्ता बना देता है…

किसी भी काम के लिए भगवान के भरोसे मत बैठिए, क्या पता भगवान ही आपके भरोसे बैठा हो  🙂

दशरथ मांझी-बाहुबली

August 26, 2015 By Monica Gupta

गूगल डूडल

गूगल डूडल

 

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गूगल डूडल

कोई खास दिन आता नही कि मेरा ध्यान सबसे पहले गूगल  डूडल पर जाता है कि उन्होनें आज क्या बनाया होगा. सच पूछिए तो आज के दिन के बारे मे जरा भी पता नही था हां, पर फिल्म में देखा था इसलिए ये जरुर पता था कि स्पेन में ऐसा टमाटर मारने का उत्सव  कुछ मनाया जाता है पर डूडल देख कर वाकई मजा आ गया.

तरह तरह के रंग बिरगें डूडल सदा हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं. जिस दिन के बारे मे पता होता है उस दिन अच्छा लगता है और जिस दिन की जानकारी न हो वो जानने का मन करता है कि आखिर ये गूगल डूडल स्पेशल है तो कोई खास बात जरुर होगी… 🙂 है ना 🙂 और फिर शुरु हो जाती है गूगल सर्च 🙂

 

La Tomatina’s 70th anniversary and its big, messy secret – Vox

The history of La Tomatina is a lot like any food fight — it’s a little bit of fun that got way out of hand.

The history of La Tomatina is a lot like any food fight — it’s a little bit of fun that got way out of hand.

Like many Spanish festivals, the celebration was originally a religious one, to honor Bunol’s patron saint, San Luis Bertran. One year — either 1944 or 1945 — there was a tussle during a procession and some boys tossed tomatoes. A few say it was prompted by village rivalries. Some say it was a joke. But others claim it stemmed from unhappiness with Francisco Franco’s reign following Spain’s civil war. See more…

और इससे भी अच्छी बात ये है कि सभी के  जन्मदिन पर भी  गूगल खास तोहफा गूगल डूडल  होता है और शुभकामनाएं भी होती है इससे ज्यादा स्पेशल फील करवाना …. !!! 

La Tomatina 70th Anniversary

For its 70th anniversary, Doodler Nate Swinehart captures the energy of today’s festivities with an animation awash in splattered tomatoes and brimming with the youthful delight of its characters.

Concept Thumbnails

Concept Animation

Animation Layout Plan Read more…

थैक्स गूगल … शुभकामनाए !!!

August 26, 2015 By Monica Gupta

Online बनाम Off line

 

Online  photo

Online बनाम Off line करीब एक धंटा बाद बंद कमरे से बाहर निकली मेरी एक जानकार को मैने हिम्मत दी बुद्दू, पगली ऐसे रोते थोडे ही न है. हिम्मत रख, सब्र कर, हर  हर किसी के पास सब कुछ तो नही होता ना… और तुम तो वैसे ही इतनी समझदार हो. यही जिंदगी है बजाय उदास होने के, रोने के, हर हाल में खुश रह. मुझे देखो मैं भी तो सह रही हूं न ये सब पर कभी महसूस होने नही दिया.

वो सहमति की गर्दन तो झटक रही थी पर बोल रही थी कि क्या करुं नही समझा पा रही खुद को.. हर रोज सोचती हूं आज मेरी जिंदगी में भी खुशी आएगी जब मैं भी खुद पर नाज कर पाऊंगी पर ना जाने किस की नजर लग गई.

आप रोज देख ही रही हो तिल तिल करके जी रही हूं. रोते रोते हिचकियां भी लग गई..जी क्या ??? आप जानना चाह रहे हैं कि क्या हुआ? ओह क्षमा करें जानकार से बात करने के चक्कर में, इसकी इस हालात की वजह तो मैं बताना ही भूल गई. ये बेचारी इस लिए रो रही है कि हर रोज फेसबुक पर कुछ न कुछ लिखती है पर इसकी पोस्ट पर एक कमेंट तो दूर की बात लाईक तक भी नही होते.

कल ही उसने कम से कम 50 सैल्फी ली और एक को बेहतरीन मान कर इस आशा और विश्वास के साथ फेसबुक पर डाला कि लाईक और कमेंट की बाढ क्या सुनामी आ जाएगी पर अन्य पोस्ट की तरह ये भी सूखी रह गई और वो डिप्रेशन में चली गई …. अब, कभी अपना उदाहरण देकर तो कभी किसी का उदाहरण देकर उसे समझा रही हूं वैसे आप भी किसी को ऐसी स्थिति में जाने से बचा सकते हैं.

आपका एक कमेंट और एक लाईक किसी की जिंदगी मे बहार ला सकता है. वैसे मैं इस विषय पर शोध करके किताब लिखने की भी सोच रही हूं क्योकि ये आज की सबसे बडी जरुरत जो है.

Online बनाम Off line कैसा लगा जरुर बताईगा  🙂

August 26, 2015 By Monica Gupta

क्या आप जानते हैं ये रोचक बातें

क्या आप जानते हैं – कुछ बातें अकसर हमें हैरान परेशान करती हैं और हम उसके बारे में जानना चहते हैं जैसाकि  कान किसलिए छिदवाए जाते हैं , माथे पर कुमकुम किसलिए लगाया जाता है या जमीन पर बैठ कर भोजन करना किसलिए जरुरी है

 

tulsi by monica gupta

क्या आप जानते हैं ये रोचक बातें

 

क्या आप जानते हैं ये रोचक बातें

क्या आप जानते है कि पहले समय में लोग चुटिया क्यों रखते थे या कान छिदवाने से क्या लाभ होता है या  जमीन पर बैठ कर खाना खाने से क्या फायदा होता है   या  घर पर तुलसी लगाने का कोई फायदा है या नही…

आईए जाने इसी से जुडी कुछ बातें और उसके पीछे  छिपे वैज्ञानिक तर्क ….
क्या आप जानते हैं कि कान छिदवाने की परम्परा के पीछे क्या वैज्ञानिक तर्क है. वो ये हैं कि कान छिदवाने से सोचने की शक्तित बढ़ती है। डॉक्टरों का भी मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।

माथे पर कुमकुम या तिलक लगाने का भी वैज्ञानिक तर्क है और वो ये कि आंखों के बीच में माथे तक एक नस जाती है और कुमकुम या तिलक लगाने से उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है, तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है। इससे चेहरे की कोशिकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता है.

भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात मानी जाती है।
वैज्ञानिक तर्क के अनुसार जमीन पर बैठ कर भोजन करने से, आलथी पलती मारकर बैठने से जोकि एक प्रकार का आसन है. इस पोजीशन या आसन में बैठने से मस्तिाष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है, कि वह भोजन के लिये तैयार हो जाये।

हाथ जोड़कर नमस्ते करने के पीछे भी वैज्ञानिक तर्क है वो ये कि जब सभी उंगलियों के शीर्ष एक दूसरे के संपर्क में आती हैं और उन पर दबाव पड़ता है। एक्यूप्रेशर के कारण उसका सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है, ताकि सामने वाले व्यक्तिर को हम लंबे समय तक याद रख सकें। वैसे दूसरा तर्क यह भी कह सकते हैं कि शैक हैंड के बजाये अगर हम नमस्ते करते हैं तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते। अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा। जोकि फायदेमंद ही रहेगा.

अक्सर भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से किया जाता है और इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क यह है कि तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं। इससे पाचन तंत्र ठीक तरह से संचालित होता है और खाने के अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है। इससे पेट में जलन नहीं होती है।

सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए नमस्कार करने की परम्परा के पीछे भी वैज्ञानिक तर्क ये है कि
पानी के बीच से आने वाली सूर्य की किरणें जब आंखों में पहुंचती हैं, तब हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है।

पुराने समय में ऋषि मुनि सिर पर चुटिया रखते थे। कई बार आपको पंडित लोग आज भी चुटिया लिए मिल जाएगें. इसका वैज्ञानिक तर्क ये है कि जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है उस जगह पर दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं। इससे दिमाग स्थििर रहता है और इंसान को क्रोध नहीं आता, सोचने की क्षमता बढ़ती है।
व्रत रखने का बहुत क्रेज है लेकिन इसके पीछे भी वैज्ञानिक तर्क ये भी है

व्रत करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और फलाहार लेने से शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है, यानि उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से कैंसर का खतरा कम होता है। हृदय संबंधी रोगों, मधुमेह, आदि रोग भी जल्दी नहीं लगते। तुलसी के पूजन को अहमियत देने के पीछे भी वैज्ञानिक तर्क ये है कि

तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। अगर घर में पेड़ होगा, तो इसकी पत्तिकयों का इस्तेमाल भी होगा और उससे बीमारियां दूर होती हैं।

क्या आप जानते हैं … आपको कैसा लगा अगर आपके पास भी कुछ बताने को तो जरुर शेयर करें …

http://hindutavadarshan.blogspot.in/2015/05/blog-post_44.html

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