Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Blog

March 19, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Brave boy Siddesh

 

Brave boy Siddesh9-Yr-Old-Siddesh-Brave-School-Boy-Averts-Train-Accident

 

Brave boy Siddesh

 

Std IV student Siddesh’s timely alert about a broken track saves many lives on Bengaluru-bound trains

एक से बढ कर एक खबरो का बाजार गर्म है. बेसिर पैर की, फालतू और अंट शंट  खबरों के शोर मे बहुत अच्छी और प्रेरक खबरें खो जाती है और पटडी के  किनारे पर पडे पडे दम तोड देती है.

नेट सर्च करने के दौरान मैने बैंगलौर के  बहादुर बच्चे सिद्देश की खबर पढी जिसने एक भयंकर रेल  हादसा होने से बचा लिया. उस दिन मैने सारे चैनल खंगाल डाले पर कही भी इस बच्चे की खबर नही दिखाई दी फिर मैने अलग अलग अखबार जोकि आन लाईन थे उन पर देखा तो विस्तार से खबर पढी.

खबर कुछ ऐसे थी  कि नौ साल के बच्चे  Siddesh सिद्देश  ने एक ट्रेन हादसा होने से बचा लिया। वो   सरकारी स्कूल, Davanagere मे चौथा कक्षा  में पढ़ते  है। घटना रविवार सुबह की है।सिद्देश  ने  न सिर्फ अपने पिता मंजुनाथ को टूटी रेललाइन के बारे में बताया बल्कि अपनी लाल टी शर्ट लहराकर ट्रेन भी रोकी ।

Siddesh के पिता मंदुनाथ रेल लाइन से थोड़ी दूर पर एक छोटा होटेल चलाते हैं। उनके अनुसार  बच्चे ने   बताया, ‘मैंने टूटी हुई रेल लाइन देखी और परेशान हो गया। मैं जल्दी से अपने पिता जी को बताने के लिए दौड़ा।’ मंजुनाथ ने पहले तो बच्चे की बात को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन नन्हा सिद्देश उन्हें खींचकर रेलवे ट्रेक की ओर ले गया। वहां मंजुनाथ ने देखा की रेल लाइन तो सचमुच टूटी हुई है। वहां कुछ और लोग भी इकट्ठे हुए थे लेकिन वह समझ नहीं पा रहे थे कि इस बारे में क्या किया जाए। तब तक तो कुछ ट्रेनें वहां से गुजर भी चुकी थीं।

मंजुनाथ ने बताया  कि Siddesh हर रोज ट्रेनों को आते-जाते सुनता है और उनकी आवाज से अच्छी तरह वाकिफ है। सिद्देश की मां अंसुयम्मा ने बताया कि उनके  बेटे ने अपनी लाल टी शर्ट एक डंडे में लपेट दी और उसे लहराने लगा। उस समय हुबली- चिद्रांगदा एक्सप्रेस वहां से होकर गुजरने वाली थी।’

 वही रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों में अक्सर रेल लाइनें टेढ़ी-मेंढ़ी हो जाती हैं। कुछ यात्रियों ने सिद्देश की तारीफ की और जिला प्रशासन से उस बहादुरी के लिए अवॉर्ड दिलाने की अपील की। सिद्देश के स्कूल की हेडमास्टर गायत्री देवी एमसी ने कहा कि वह एक औसत स्टूडेंट है और पढ़ाई के अलावा दूसरी गतिविधियों में भी आगे रहता है। अब हेडमास्टर को लगता है कि वह एक बहादुर बच्चा है जिसने कई जिंदगियां बचाईं हैं।रेलवे स्टेशन मैनेजर ने कहा कि हमारे इंजिनियर ने बच्चे का शुक्रिया अदा किया और इनाम को तौर पर 500 रुपये दिए। हम  Brave boy Siddesh को ब्रेवरी अवॉर्डदिलाने की सिफारिश भी करेंगे।

 बात किसी भी तरह के पुरस्कार की नही है बात है कि किस खबर की कितनी अहमियत है अगर इस बहादुर बच्चे की खबर दिखाई जाए तो निसंदेह और भी बच्चे प्रेरणा ले कर अपने चारो तरफ हो रही गतिविधियों के प्रति सजग रह सकते है और एक भारतीय होने का फर्ज अदा कर सकते है.

मुझे व्यक्तिगत रुप से खबर बेहद प्रेरक लगी . इसलिए इसे विस्तार मे दिया. और भविष्य मे भी इस तरह की खबरों पर मेरी नजर रहेगी और ऐसे बहादुर बच्चों  के बारे मे लगातार लिखती रहूगी

बधाई और ढेर सारी शुभ कामनाएं सिद्देश !!! Siddesh  हमें आप पर गर्व है!!!  Brave boy Siddesh … Wow !!!

March 19, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Commentator

cartoon commentator

Commentator

जो फेसबुक और टवीटर पर हमेशा कमेंट करता रहे तो उसे क्या बोलेंगें … आप सुनिए कि ये महिला अपने को क्या कह रही है ..

महिलाए हमेशा ही बोलने में माहिर होती हैं. ऐसी ऐसी बातें बोलती हैं कि बस पूछिए ही मत !!! अपनी स्मार्टनेस का किसी तरह का “मौका” नही छोडना चाहती  ये श्रीमति जी !!!

 

Commentator

March 19, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Hetvi Pareek … Child Artist

hetvi pareek     Hetvi Pareek … Child Artist
जिन्हे सपने देखना अच्छा लगता है उन्हे रात छोटी लगती है, जिन्हें सपने पूरा करना अच्छा लगता है उन्हे दिन छोटा लगता है…..!!! ऐसे ही अपने नन्हे मासूम सपने पूरे करने मे जुटी है आठ साल की हेतवी पारिख. जी, हां, वही हेतवी पारिख जिन्हे आप आजकल सब टीवी के बहुचर्चित धारावाहिक “लापतागंज” मे भाग्यलक्ष्मी के किरदार के रुप मे देख रहे हैं. जैसे अपने किरदार मे उसने सब मन मोह लिया ठीक वैसे ही मीठी मुस्कान और प्यारी सी आवाज लिए वो हम सब के दिलों में कब घर कर गई पता ही नही चला.
Hetvi Pareek … Child Artist “बालिका वधू”,”रिंग रांग रिंग”,”हारर नाईटस” आदि धारावाहिको के साथ साथ अनेको विज्ञापनों जैसे लाईफ बाय, हिप्पो चिप्स,कोलगेट, युनिसेफ, नूडल्स आदि में नन्ही हेतवी अपना ध्यान हमारी और आकर्षित कर रही है. प्यारी सी हेतवी से जब बात करने का मौका मिला तो उन्होने मासूमियत से सारे जवाब देने शुरु किए. मुस्कुराते हुए बताने लगी कि उनका जन्म मुम्बई मे 29 दिसम्बर 2004 को हुआ. वो अपने मम्मी पापा की इकलौती बेटी है और वो अभी तीसरी क्लास मे पढ रही है. इसी बीच उनकी मम्मी तृप्ति जी भी आ गई. मेरे पूछ्ने पर कि टीवी सीरियल मे काम करने का कैसे विचार बना. क्या कोई परिवार मे भी हैं जो पहले से ही इस क्षेत्र मे काम कर रहे हैं.
उन्होनें बताया कि उनका कोई फिल्मी बैकग्राऊंड नही है और ना ही कोई गाड फादर हैं. असल मे, जब हेतवी छोटी थी तो सभी कहते थे कि यह बहुत ही प्यारी है इसे अभिनय के क्षेत्र मे आना चाहिए. पहले तो ज्यादा ध्यान नही दिया पर दोस्तों के बार बार कहने पर उन्होनें एक बार कोशिश करने की सोची. पर राह आसान नही थी. बहुत जगह गए. आडीशन दिए.कुल मिलाकर यह ये कहे कि बहुत धक्के खाए तो गलत नही होगा. जब ट्राई करना शुरु किया तब ये तीन साल की थी. दो साल बीत गए पर कही से आशा की किरण नही नजर आई. तृप्ति जी बताए जा रही थी कि बस उन्होने हिम्मत नही हारी और एक दिन आया जब हेतवी 5 साल की उम्र मे कैमरे के आगे अपना पहला शाट दे रही थी.वो पल सबसे ज्यादा खुशी का पल था जब आज भी वो पल आखों के सामने आ जाता है तो आखॆ खुद ब खुद नम हो जाती हैं.
एक वो दिन था और आज का दिन है. आठ साल की हेतवी शूटिंग मे पूरी तरफ से व्यस्त है.पास मे बैठी Hetvi Pareek शरारत कर रही थी तो मैने पूछा कि जब रिकार्डिंग होती है तब पढाई कैसे करती हो इस पर वो बोली कि कभी कभी स्कूल मिस हो जाता है पर जब पेपर होते हैं तब वो उन्हे नियमित रुप से देती है और तब कोई शूटिंग नही करती.

मेरे पूछने पर कि कभी रिकार्डिंग के दौरान मजेदार बात हुई जिसे याद करके बहुत हंसी आती हो. इस पर उसने एक पल सोचा फिर जोर जोर से हंसते हुए बताने लगी कि कुछ समय पहले लापतागंज की रिकार्डिंग चल रही थी और उसका सोने का सीन था. उसे आखे बंद कर सोने को कहा गया और वो सचमुच मे ही सो गई. सीन खत्म होने के बाद सब उसे उठा रहे थे और वो मजे से सोए जा रही थी. उसकी प्यारी प्यारी बाते सुन कर सच मे बहुत मजा आ रहा था. मैने हेतल से फिर पूछा कि खाने मे क्या पसंद है इस पर वो तपाक से बोली पिज्जा और चाईनीज. मैने भी तपाक से पूछ लिया और दूध पीना कैसा लगता है इस पर वो बोली तो कुछ नही पर उसके हाव भाव से मै समझ गई थी कि और बच्चो की तरह वो भी दूध के नाम से कोसो दूर भागती है.

तृप्ति जी ने बताया कि 6 से 8 घंटे की शूटिंग के दौरान वो घर का खाना, फल और जूस सेट पर ले कर जाती हैं ताकि समय समय पर उसे दे सके. तब वो मना नही करती और चुपचाप ले लेती है. हेतवी साथ ही बैठी सारी बाते सुन रही थी मैने पूछा कि अब तक का सबसे अच्छा रोल कौन सा लगता है इस पर वो बोली कि वैसे तो सभी अच्छे लगते हैं पर लापतगंज करते हुए बहुत मजा आ रहा है. वहां बहुत मस्ती भी करते है. खासकर एक ऐपिसोड था जिसमे सीरियल “चिडिया घर” और “लापतागंज” मिला कर एक घंटे का बनाया था उसमे उसने अपनी मम्मी यानि इन्दुमति का किरदार निभाया था. जिसकी सभी ने बहुत प्रशंसा की थी.

बताते बताते वो मानो उसी की यादो मे खो गई. मैने उसे उन यादो से बाहर निकाला और पूछा कि उसके पसंदीदा हीरो और हीरोईन कौन है. मुस्कुराते हुए वो बोली कि करीना, कैटरीना और आमिर, सलमान और शाहिद अंकल बहुत ही पसंद हैं और बहुत मन है कि इन सभी के साथ एक बार जरुर काम करे वैसे काजोल आंटी के साथ तो नूडल्स के विज्ञापन मे काम किया ही था. तब सच मे बहुत अच्छा लगा था. हेतवी की मम्मी ने बताया कि जो भी रोल इसे दिया जाता है उसे पूरी मेहनत और लग्न के साथ निभाती है और हर समय एक जोश मे रहती है. बात चाहे पढाई की हो या रिकार्डिंग की. दोनो तरफ पूरा ध्यान रहता है. खुशी इस बात की भी है कि पढाई मे भी उतना ही बेहतर नतीजा लाती है और स्कूल मे सब इसे बहुत प्यार करते हैं.
सच मे, Hetvi Pareek  की प्यारी प्यारी बाते सुन कर जाने का मन तो नही कर रहा था पर उसकी शूटिंग थी और तैयारी भी करनी थी. जाने से पहले मैने एक बात उससे जरुर पूछी कि वो अपनी उम्र के बच्चो को क्या मैसेज देना चाहेगी इस पर वो बोली कि किसी भी काम की टॆंशन नही लेनी चाहिए. जिस काम का करने का मन हो वो जरुर करना चाहिए. मेहनत से काम करते रहना चाहिए. फिर उसका रिजल्ट हमेशा अच्छा ही आएगा. वाकई मे, उसने बिल्कुल सही कहा. आज नन्ही हेतवी धारावाहिक, विज्ञापनो के साथ साथ दो फिल्मे भी कर रही है. पापा मम्मी की लाडली हेतवी भी दिन रात मेहनत, लग्न और सच्चाई से काम करती रहे और ईश्वर करे कि जिस मुकाम पर वो पहुचनां चाहे उसे सफलता मिले.
नन्ही ,प्यारी सी Hetvi Pareek … Child Artist  को ढेर सारी शुभकामनाएं !!!!

March 19, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Sukhwant Kalsi … Ek Mulakat

kalsi                                                                              Sukhwant Kalsi … Ek Mulakat

सुखवंत कलसी कार्टून की दुनिया के सम्राट

Journey from commerce to comics !!!
बच्चों और बचपन का नाम लेते ही मन मे बहुत सारी बातें उभर कर आती हैं जैसाकि पढाई, मासूमियत, शरारतें, मस्ती और कार्टून. जी हां, बच्चों और कार्टून का गहरा नाता है. चाहे वो टीवी पर देखें या बच्चों की पत्रिका मे पढें. खुद को तनाव रहित और रिलेक्स करने के लिए यह कार्टून वाकई मे बहुत ताजगी दे जाते हैं. ये तो बात हुई बच्चो की जो कार्टून पढते हैं.
आईए, आज आपकी मुलाकात ऐसी शखसियत से करवाते हैं जो अपने बचपने से ही ऐसे मनोरंजक, ज्ञानवर्धक कार्टून बनाने लगे.जी हां, खुद बनाने लगे और उन्होने सौ नही, हजार नही बल्कि आप बच्चों के लिए दस हजार से भी ज्यादा कार्टून बनाए हैं.
चलिए आप को मैं हिंट देती हूं और आप ही बताईए कि उन आसाधारण प्रतिभा का नाम है क्या !!! मूर्खिस्तान, जूनियर जेम्स बांड…. !!! अरे क्या !!! आप पहचान गए !!! अरे वाह !! आप तो बहुत जल्दी पहचान गए. बिल्कुल सही पहचाना!!! वो महान कलाकार हैं श्री सुखवंत कलसी जी.
श्री सुखवंत कलसी जी ना सिर्फ़ नन्हो की दुनिया के कार्टून सम्राट हैं बल्कि टेलिविजन की दुनिया मे भी उन्होने एक से एक बढ कर लेखन कार्य किया है और उन धारावाहिको को शीर्ष तक ले कर गए हैं.
सुखवंत जी से मिलने से पहले कई बार मन मे यह बात आई कि इतने महान और व्यस्त कलाकार हैं पता नही बात करेगे या नही, समय देंगे या नही पर मेरी हैरानी और खुशी की सीमा नही रही जब सुखवंत जी ने ना सिर्फ समय दिया बल्कि अपने बचपन के बारे मे बहुत सी बाते बताने का भी वायदा किया. उनसे मिलने के बाद शुरु हुआ बातों का सिलसिला.
अपनी चिर परिचित और सहज मुस्कान से साथ सुखवंत कलसी जी ने बताया कि उनका जन्म 14 जुलाई को कानपुर मे हुआ. पापा इंजीनियर थे और मम्मी घर का काम सम्भालती थी.चार भाई बहन यानि उनके एक बडे भाई और दो बहने है. वो सबसे छोटे थे और छोटे होने के नाते बेहद शरारती और लाडले थे.फिर मैने बात की पढाई की तो मुस्कुराते हुए बताने लगे कि वो पढाई मे ठीक ठीक ही थे पर स्कूल मे पढते पढते उन्होने दूसरी गतिविधियो मे भी बहुत बढ चढ कर हिस्सा लिया और उसमे मुख्य थी चित्रकारी.
उन्होनें अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि स्कूल में जब उनके हाउस की डयूटी लगती थी तो वो अपने नोटिस बोर्ड पर कार्टून बनाकर डालते थे और उस समय पूरा स्कूल उमड पडता था यह देखने को कि आज इन्होने क्या बनाया है. स्कूल के टीचर भी बहुत खुश होते और बहुत उत्साहित करते.
मैने बीच मे ही पूछा कि इतनी छोटी उम्र मे कार्टून बनाने शुरु किए. अखबारों या बच्चो की पत्रिकाओं मे देने के बारे मे कुछ बताईए. उन्होने हसंते हुए बताया कि उन दिनो घर मे मम्मी “सरिता” मैगजीन पढा करती थी. इसके इलावा “मनोरमा” व अन्य पत्रिका घर पर आया करती थी.बस तब यह विचार आया कि उनमे भेजकर देखते हैं. एक बार सरिता मे कार्टून भेजने पर जवाब आया. जिसमे सम्पादक महोदय ने लिखा था कि कि रेखाचित्र कमजोर है.प्रयास जारी रखिए सफलता अवश्य मिलेगी. उस पत्र मे बहुत प्रोत्साहित किया और वो कार्टून और वो पत्र अभी तक उन्होने सम्भाल कर रखा हुआ है.पर उसमे बाद भी प्रयास जारी रखा और ईश्वर की कृपा रही और कार्टून छ्पने शुरु हो गए. इसके इलावा एक और भी मजेदार बात हुई एक बार कार्टून बना कर जब वो स्वयं सम्पादक से मिलने गए तो उनकी दीदी और दीदी के रिश्तेदार साथ मे थे. सम्पादक महोदय कार्टून के बारे मे जो भी बात कर रहे थे वो दीदी के रिश्तेदार से सुखवंत कलसी समझ कर ही कर रहे थे बात खत्म होने के बाद दीदी ने जब उन्हे यह बताया कि सुखवंत तो ये है तब वो इतने हैरान हुए कि ये सुखवंत है.इतना छोटा बच्चा और इतने अच्छे कार्टून बना रहा है. उन्हे विश्वास ही नही हुआ.
बातों बातों में ही एक किस्सा याद करते हुए उन्होने बताया कि एक बार सम्पादक महोदय ने उनसे कहा कि आजकल बहुत बचकाना कार्टून बना रहे हो इस पर उन्होने हँस कर कहा तो आप “चंपक” मे स्थान दे दीजिए. इस पर सम्पादक महोदय भी हंसे बिना नही रह सके. सुखवंत जी ने बताया कि ये बात वो इसलिए बताना जरुरी समझते हैं कि ज्यादातर बच्चे हौंसला अफजाई ना मिलने से हिम्मत हार जाते है पर वो हिम्मत नही हारे बल्कि और हर बात को बहुत सकारात्मक रुप से स्वीकार कर के और अपने काम मे दिन रात जुटे रहे.
उन्होने बताया कि पहले उनके पास साईंस विषय था बाद मे उन्होने कामर्स ले ली और फिर कामर्स से कामिक्स तक का लंबा सफर शुरु हो गया.
सन 1972 से “सरिता”, “मनोरमा”, “कारवा”,”वोमेंस ईरा”,”धर्मयुग” आदि कोई किताब ऐसी नही रही जिसमे उन्होने अपना कार्टून ना दिया हो और बच्चो की पत्रिका “दीवाना”( बात बेबात की),”मेला”(भोलू)आदि और फिर 1980 मे डायमंड कामिक्स( हीरा मोती, राजन इकबाल),मनोज कामिक्स, चित्रा भारती आदि ढेर सारी कामिक्स पर काम किया. सफर ऐसे ही आगे बढता रहा.
बाल पत्रिका “नन्हे सम्राट” का भी सम्पादन कर रहे हैं या दूसरे शब्दो मे यह कह सकते है कि “नन्हे सम्राट” के वो ही जन्मदाता है. “नन्हे सम्राट” इस उद्देश्य को लेकर चले कि उसमे सिर्फ और सिर्फ बच्चो का जबरदस्त मनोरंजन हो. ताकि जब बच्चे उसे पढे तो बस हंसी खुशी की दुनिया मे ही खो जाए. उन्होने जो सोचा वो कर के भी दिखाया क्योकि यह उनकी व उनकी टीम के अथक मेहनत और प्रयास का ही नतीजा है कि “नन्हे सम्राट” अपनी अपार सफलता के 25 साल पूरे होने जा रहा हैं और बहुत ही जल्द 300वां अंक प्रकाशित होगा. यह बात बताते हुए उनके चेहरे से खुशी मानो टपक रही थी.मुस्कुराते हुए उन्होने बताया कि बच्चो के इस प्यार से उन्हे यकीनन बहुत उर्जा मिली और नए नए आईडिया आते ही जा रहे हैं.

अपने टीवी के सफर के बारे में Sukhwant Kalsi जी ने बताया कि 98-99 मे वो मुम्बई शिफ़्ट हो गए और फिर शुरु हुआ टीवी पर लेखन का दौर. “मूवर्स एंड शेखर्स” मे लगभग 250 स्क्रिप्ट उन्होने लिखी और लालू यादव के स्टाईल से शेखर सुमन छाने लगे. इसमे वो खुद भी कभी कवि तो कभी वैज्ञानिक की भूमिका मे नजर आए. बताते बताते वो मुस्कुराने लगे.इसी सिलसिले मे वो लालू जी से भी मिले और लालू जी भी उनसे मिलकर खुश हुए बल्कि उनके काम की बेहद तारीफ भी की. इसके साथ साथ दूरदर्शन तथा अन्य ढेर सारे चैनलो के लिए इन्होने हास्य लेखन किया जैसे “नीलाम घर”,”कामेडी सर्कस भाग 1”,”द ग्रेट इंडियन लाफदर चैलेंज”, “गोलमाल”,”हम आपके है वो” आदि ढेर सारे ऐसे धारावाहिक है जिनका लेखन उन्होने किया.सुप्रसिद्द हास्य कलाकार “राजू श्रीवास्तव” के लिए भी यह लगातार लिख रहे है और सांसद “नवज्योत सिह सिद्दू” के लिए बहुत पंच लाईने लिखी हैं.
बच्चो को संदेश देते हुए उन्होने कहा कि जिंदगी मे सबसे जरुरी पढाई है. हां, अपनी पढाई के साथ साथ अपने पसंद के काम को भी चुन सकते हो पर पढाई सबसे ज्यादा जरुरी है और अपने मम्मी पापा का कहना मानना भी बहुत जरुरी होता है. वो जो भी कहते है हमारे ही भले के लिए होता है और अभिभावको को भी यह संदेश दिया है कि बच्चो की रुचि देख कर उन्हे उत्साहित करने की कोशिश करनी चाहिए.पर दूसरे बच्चे से तुलना भी नही करनी चाहिए. हर बच्चे मे अपनी अपनी खूबी अपनी प्रतिभा होती है.बजाय उसे दबाने के उस खूबी को उभारना चाहिए.
सच, सुखंवत कलसी जी से मिलकर बहुत खुशी हुई.वाकई में, मैनें उनका बहुत सारा समय लिया !!!! पर उनके कार्टून जैसा नही !!!  Sukhwant Kalsi … Ek Mulakat बहुत यादगार रही !!!

March 18, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Smiley

cartoon smile please

Smiley

Smile Please

आज समाज में इतनी टेंशन है तनाव है  कि बस हम हंसना मुस्कुराना भूल ही गए है … बस काम काम और काम इसलिए जरा इस तनाव से निकल कर कुछ समय खुद को दीजिए और मुस्कुराईए … मुस्कुराने से आपके चेहरे की खूबसूरती और भी बढ् जाएगी 🙂

इसलिए Smile Please

March 18, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Bengal nun prayes

Why … Why … Why …

Bengal nun prayes

पश्चिम बंगाल की 72 वर्षीय नन के साथ जो जधन्य धटना धटी वो हतप्रभ कर गई उससे भी ज्यादा इस बात ने चौंका दिया कि नन उन आरोपियों के लिए माफी की प्रार्थना कर रही हैं.

माना की यही भाव शायद उनके कोमल मृदु स्वभाव को दर्शाता है पर जिस तरह से देश का माहौल बिगडा हुआ है.

अदालती कार्यवाही कछुआ चाल् है, पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के बाद भी कोई गिरफ्तारी नही हुई और ऐसे मे दरिंदों के लिए करना माफी की प्रार्थना .. सही नही है. बल्कि ऐसे में एक जुट होकर नन समुदाय को आगे आना चाहिए और जोरदार तरीके से आवाज उठानी चाहिए.उन गुंडों के लिए माफी …Bengal nun prayes … कभी नही … किसी हाल में नही….

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/other-states/kolkata/Bengal-nun-prays-for-forgiveness-of-her-rapists/articleshow/46578113.cms

 

पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले में 72 साल की एक बुज़ुर्ग नन के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है।

पुलिस के मुताबिक, यह मामला शनिवार का है जब 7-8 चोर स्कूल में घुसे, चोरों ने पहले स्कूल में लूटपाट की और फिर 72 साल की बुज़ुर्ग नन के साथ गैंगरेप किया गया।

पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले में 72 साल की एक बुज़ुर्ग नन के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला शनिवार का है जब 7-8 चोर स्कूल में घुसे, चोरों ने पहले स्कूल में लूटपाट की और फिर 72 साल की बुज़ुर्ग नन के साथ गैंगरेप किया गया। पीड़ित नन की सर्जरी की गई है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के विरोध में स्कूल के बच्चों ने नेशनल हाइवे 34 पर प्रदर्शन किया और कई ट्रेनें भी रोकीं। इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ममता बनर्जी ने इसे इंसानियत के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि घर वापसी जैसे अभियानों की आड़ में धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है  See more…

Bengal nun prayes … इतना सब होने के बाद भी वो इंसान माफी के लायक नही हैं …

March 17, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Operation Broom

cartoon operation broom

Operation Broom

AAP Party के ज्यादा अच्छे दिन नही चल रहे.. कोई न कोई मुद्दा उठता ही रहता है. अरविंद जी कह रहे हैं कि अब मेरी सेहत में सुधार हुआ है यानि खांसी ठीक हुई है इसलिए अब बारी है झाडू के आपरेशन की ताकि इसकी नासाज तबियत सुधार ली जाए..

March 16, 2015 By Monica Gupta 1 Comment

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता – पुकार अजन्मी बच्ची की

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता - पुकार अजन्मी बच्ची की

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता – पुकार अजन्मी बच्ची की  लिखने की जरुरत इसलिए आन पडी कि समाज के लोग इसकी मह्त्ता को समझ ही नही पा रहे. देश में जिस तरह से लाख कोशिशों के बावजूद भी भ्रूण हत्याये रुकने का नाम नही ले रही … ऐसे में कुछ लिखने का मन हुआ और पुकार अजन्मी बच्ची की कविता ने जन्म लिया

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता – पुकार अजन्मी बच्ची की

कविता में अजन्मी बच्ची और मां के बीच में बातचीत है … अजन्मी बच्ची इस दुनिया में आना ही नही चाह्ती और मां उसे कह रही है कि तू आ घबरा मत … आईए सुने कविता

अजन्मी बच्ची की पुकार

बच्ची दुनिया का हाल देखते हुए आना ही नही चाह्ती लेकिन उसकी मां उसे हिम्मत देती है और न धबराने को कहती है उसे कहती है कि वो जब इस धरा पर आएगी तो वो धरा को जन्नत बना देंगें.

 

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता - पुकार अजन्मी बच्ची की

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता – पुकार अजन्मी बच्ची की

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2015/03/Audio-Peom-Girl-Foeticide-female-foeticide-india-Monica-Gupta.wav

Audio- Peom-Girl Foeticide-female foeticide

(अजन्मी बच्ची और मां के बीच की बातचीत है इस कविता में)

ये कविता तब मन में उभर कर आई जब देखा कि  देश में किस तरह से कन्या भ्रूण हत्याऎ हो रही है और लाख कोशिश के बाद भी थम नही रहीं … मन विचलित हो रहा था और सोच रहा था कि भीतर कोख में  पल रही बच्ची क्या सोच रही होगी ??? बाहर संसार में आना भी चाहेगी या नही  … !!!

पुकार अजन्मी बच्ची की … कोख मे बच्ची करे पुकार मां… सुन … मां,  मुझे रोक ले इस धरा पे आने से,  बदनसीबी अपनाने से, मैने देखा है तुझे अपनी दिल की आखों से,

 उदास हताश, बेबस और निराश,  सौ-सौ आसूं रोते और बिलखते,  अपमान का घूंट पीते और सहते,  बॉस की निगाहों से दो चार होते,

मां… सुन …मां मुझे रोक ले,  मै आना ही नही चाह्ती ऐसी धरा पे,  जहाँ ना मान है ना सम्मान,  सब पत्थर दिल इंसान,   बस बसे हैं भेडिए,  हर पल बस,  नोचने खसोटने को तैयार,

रोक ले मां, रोक ले,  अब मां बोलती है …

सुनकर बेटी का रुदन,   छलछला गए मां के नयन,

आंसू पोंछ्ती बोली वो,  तू आना, ना घबराना,  तू ही तो मेरी हिम्मत और आशा है,  मेरे कल की दिव्य अभिलाषा है,  संधर्ष से हम बदल देगे वर्तमान,  सुखद भविष्य बनाएंगे,

 धरा को बना कर फूलों की बगिया जर्रा-जर्रा महकाएंगे,

तू आ तो सही, धैर्य,प्रेम,प्यार का पाठ पढा कर,   उज्जवल दुनिया बसाएंगे, तू मेरी दिव्य अभिलाषा,

तू एक बार आ तो सही,   धरा को जन्नत बनाएंगे,   धरा को जन्नत बनाएंगे!

Audio- Peom-Girl Foeticide-female foeticide- india by  Monica Gupta. लिखने के बाद मुझे लगा कि क्यों ना Audio भी बना दूं … !!! आप सुनिए और जरुर बताईए कि कैसी लगी मेरी ये कविता

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता - पुकार अजन्मी बच्ची की

कन्या भ्रूण हत्या पर कविता – पुकार अजन्मी बच्ची की

Press Information Bureau Hindi Releases

सरकार ने देश में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इसमें जागरुकता पैदा करने और विधायी उपाय करने के साथ-साथ महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से अधिकार संपन्न बनाने के कार्यक्रम शामिल हैं। इनमें से कुछ उपाय नीचे दिए गए हैः • गर्भ धारण करने से पहले और बाद में लिंग चयन रोकने और प्रसवपूर्व निदान तकनीक को नियमित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक कानून, गर्भधारण से पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर रोक) कानून 1994 में लागू किया। इसमें 2003 में संशोधन किया गया। • सरकार इस कानून को प्रभावकारी तरीके से लागू करने में तेजी लाई और उसने विभिन्न नियमों में संशोधन किए जिसमें गैर पंजीकृत मशीनों को सील करने और उन्हें जब्त करने तथा गैर-पंजीकृत क्लीनिकों को दंडित करने के प्रावधान शामिल है। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड उपकरण के इस्तेमाल का नियमन केवल पंजीकृत परिसर के भीतर अधिसूचित किया गया। कोई भी मेडिकल प्रैक्टिशनर एक जिले के भीतर अधिकतम दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ही अल्ट्रा सोनोग्राफी कर सकता है। पंजीकरण शुल्क बढ़ाया गया। • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अधिनियम को मजबूती से कार्यान्वित करें और गैर-कानूनी तरीके से लिंग का पता लगाने के तरीके रोकने के लिए कदम उठाएं। • माननीय प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे लिंग अनुपात की प्रवृति को उलट दें और शिक्षा और अधिकारिता पर जोर देकर बालिकाओं की अनदेखी की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। See more…

नारी शक्ति पर कविता – आज की भारतीय नारी – Monica Gupta

नारी शक्ति पर कविता – आज की भारतीय नारी- आज की नारी अबला नही सबला है. हम भारतीय नारियों की बात ही अलग है ढेरो परेशानियों के बावजूद हमेशा सकारात्मक सोच रखती read more at monicagupta.info

कन्या-भ्रूण हत्या का असली कारण हमारी सामाजिक परंपरा और मान्यताएं हैं जो मूल रूप से महिलाओं के खिलाफ हैं। बेशक , मानसिकता बदल रही है पर आज भी बहुत समय लगेगा …

मैं हमेशा एक ही बात कहती हूं  कि

गर्ल है तो कल है !!!

आप सुनिए और जरुर बताईए कि कैसी लगी मेरी ये कविता….

March 16, 2015 By Monica Gupta 1 Comment

Audio Poem- My India- Monica gupta

poem Mera Bharat

 

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2015/03/audio-poem-my-india.-monicagupta.wav

Audio Poem- My India- Monica gupta

Poem  My India

I Love my India  मेरा भारत महान … कुछ समय पहले हमारे एक मित्र विदेश जा कर बस गए कुछ दिनों बाद जब उनसे बात हुई तो उन्होनें बताया कि उनका दिल नही लग रहा वो वहां सैटल नही हो पा रहे.

बेशक, जब वो जा रहे थे तो हमे भी लगा था कि वो कितने लक्की है वो लोग पर उनसे बात होने पर लगा कि असल में, भाग्यशाली तो हम है तो भारत में रहते हैं और आसुंओं के साथ ये कविता बह निकली 🙂

 

पहली पहली बार

विदेश जाने पर

अपने देश का मर्म जाना

वो अपनापन

वो अहसास

वहां गुम थे

संस्कार हो चुका था

संवेदनाओ का

विकृत विकारो  रुपी पाषाणो का

हो रहा था सतत प्रहार

मानो मै इक निरीह विहान

निर्झर की तालाश में

खिन्न.गुमराह, हताश सी संबल खोज रही हूं

पहली बार महसूस हुआ

परिवेश मेरे देश का

ज्वलंत है,विराट है

तपते आतप मे घने विटप की छांव है

नवजात शिशु के लिए मां के क्षीर समान है दुखो का संहारक है

सहज है,सस्मित है

मीत है, वात्सल्यता का प्रतीक है

कण- कण से इसके प्रेम छ्लकता है

तभी तो देश भक्ति गीतो पर भाव विहल हो उठता है

आज मैने पहली पहली बार जाना

यही है वो अपनापन वो अहसास

जिससे है मुझे

मेरे हिन्दुस्तान पर नाज

मोनिका गुप्ता

 

 

 

Poem  My India

Various lists of the World Wonders have been made over the ages to catalogue the most spectacular man made constructions and natural creations in the world. India is a land of incredible beauty and rich history so it desert the own list of Seven Wonders.
From 21. to 31. July 2007 the Times of India carried out a SMS poll to vote for the 7 Wonders of India. The 7 Wonders of India (4 of them are UNESCO World Heritage Sites) have been chosen by the readers of Times of India only.
The Seven Wonders of India are: Gomateshwara, Harmandir Sahib – Golden Temple, Taj Mahal, Hampi, Konark Sun Temple, Nalanda, Khajuraho.
Except for the Golden Temple and the famous Taj Mahal, the rest of Wonders are all located in small towns or in the countryside, some of them are practically unknown for the rest of the world.

Seven Wonders of India – List of Wonders

See more…

Poem … My India और मुझे अपने देश पर गर्व है.

March 15, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Sting

cartoon sting

Sting

स्टिंग बेशक मीडिया का हो या मच्छर का दोनो ही जबरदस्त होते हैं और जबरदस्त होते हैं बेशक हमें दोनों से ही बच कर रहना चाहिए ..!!

Sting

  • « Previous Page
  • 1
  • …
  • 218
  • 219
  • 220
  • 221
  • 222
  • …
  • 235
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved