Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Archives for प्रेरक प्रसंग

March 11, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

प्रेरक लघु कहानी – जैसा करोगे वैसा भरोगे

मटके का पानी छी होता है क्या

प्रेरक लघु कहानी –  जैसा करोगे वैसा भरोगे – prerak laghu kahani -कोशिश यही करनी चाहिए कि हमें हमेशा अच्छा ही करें  क्योकि जो हम किसी को देते हैं वही हमारे पास लौट कर आता है अच्छे काम करो-  जैसा कर्म करोगे वैसा फल देगा भगवान ….

प्रेरक लघु कहानी

इसी बारे में एक कहानी पढी कि एक गांव में एक किसान रहता है उसके पास गाय भैंस थी वो हर रोज मार्किट जाता और दूध मखन्न बेच कर आता … एक बार एक दुकानदार ने उसे चखने के लिए मखन्न मांगा और उसे अच्छा लगा और हर फिर हर रोज एक किलो मखन्न लाने के लिए बोला … किसान ने उसी की दुकान से अपनी जरुरत का सामान खरीदा एक किलो चीनी और कुछ और समान…

 

 

फिर वो उसे हर रोज एक किलो मखन्न देने लगा … एक दिन दुकान दार ने सोचा कि मै जरा तोल लू कि ये मखन्न है कितना … जब उसने तोला तो वो 900 ग्राम था … दुकान दार  को बहुत गुस्सा आता है कि मेरे साथ बदमाशी कर रहा है इसकी इतनी हिम्मत … अगले दिन जब किसान मख्न्न लेकर आता है तो दुकानदार उसी के सामने तोलता है और मखन्न 900 ग्राम निकलता है …

दुकान दार  चिल्लाने लगता है कि तेरी इतनी हिम्मत मुझसे चलाकी करेगा … वो बोला कि माई बाप  मेरे पास तोला तो है नही मैं बहुत गरीब किसान हूं पिछ्ली बार आपसे एक किलो चीनी लेकर गया था बस उसी को ही बाट बना रखा है …

यानि चालाकी किसान ने नही बल्कि दुकानदार ने की थी और उसका किया उसको वापिस मिल गया … गलत लोग सभी के जीवन में आते हैं पर सीख सही देकर जाते हैं

प्रेरक प्रसंग , प्रेरक लघु कहानी , जैसा करोगे वैसा भरोगे पर कहानी , जैसे को तैसा पर कहानी , अच्छे काम करो, जैसा कर्म करोगे वैसा फल देगा भगवान , अच्छे इंसान , जो अच्छा और सच्चा काम करता है उसे जरा भी तनाव या टेंशन नही होती …

प्रेरक लघु कहानी –  जैसा करोगे वैसा भरोगे

Subscribe to my channel for more  videos:
https://monicagupta.info/subscribe-youtube-channel

September 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

नेकी की दीवार

good-work

नेकी की दीवार

नेकी की राह पर हमेशा चलना सुखकर ही होता है.  राजस्थान के भीलवाडा में एक ऐसा जीता जागता प्रेरक प्रसंग  देखने को मिला जिससे  न सिर्फ खुशी हुई बल्कि मन में, स्वैच्छिक भाव से  कुछ करने को भी  बढावा मिला.   वाकई , किसी को बिना जताए मदद के लिए आगे आना एक ऐसा  खूबसूरत अहसास है जिसे शब्दों में नही बताया जा सकता . एक ऐसी ही प्रेरक खबर राजस्थान के भीलवाडा से पढने को मिली.

भीलवाडा से एक  प्रेरक खबर

नेकी की राह पर चलने का एक जीता जागता उदाहरण … भीलवाडा राजस्थान से एक बहुत ही प्रेरणादायी खबर पढने को मिली. शहर में एक ऐसी दीवार देखने को मिली जहां से कई बेसहारों को मदद मिलेगी। इस दीवार को रंग-रोगन कर कुछ इस तरह आकर्षक बनाया गया है कि आपके पास यदि कुछ देने को हैं तो हैंगर में टांग दीजिए या फिर जरूरत है तो वहां से ले जाइए। माना जा रहा है कि ईरान की तर्ज पर हुई ऐसी ही पहल के चलते शहर के आरसी व्यास कॉलोनी में एक दीवार को ‘नेकी की दीवार’ बनाया गया है.

दीवार पर खूबसूरत चित्रकारी है  चित्रकार केजी कदम्ब की.

जब चित्रकार केजी कदम्ब से बात हुई तो वो इस नए प्रयोग से बेहद उत्साहित नजर आए और उन्होने बताया पहले पहल तो लग रहा था कि पता नही इस तरह का अभियान हमारे देश में कितना सफल होगा.. पर खुशी यह देख कर हुई कि इसकी बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और अन्य राज्यो जैसे गुजरात के सूरत  और यूपी से भी लोग ऐसा ही करवाना चाह रहे हैं …

उन्होनें बताया कि  इसमें चित्रित पेड ये दर्शाता है कि पेड हमेशा देता ही देता है और खुशहाल परिवार दिखाने का भाव भी यही है कि परिवार लेकर भी खुश है और देकर भी खुश है.. !!

ईरान में पिछले कुछ समय से लोगों ने ऐसी दीवारें तैयार की हैं। इस दीवार पर जरूरतमंदों के लिए लोग कपड़े टांग कर चले जाते हैं। इसी तरह जरूरत वाले लोग यहां से कपड़े ले जाते हैं। इन दीवारों को ‘वॉल ऑफ काइंडनेस’ कहा जाता है। अब लोग सिर्फ कपड़े ही नहीं, किताबें और खाने-पीने का सामान भी रख रहे हैं.

बीमा कंपनी के अधिकारी प्रकाश नवहाल इंटरनेशनल बुलेटिन में ईरान की इस दीवार वाली खबर देखर काफी प्रभावित हुए। यहां भी इस तरह की जरुरत महसूस होने से नगर विकास न्यास को सुझाव दिया।

बहुत समय पहले इसी बात से मिलता जुलता प्रसंग पढा था कि इटली के वेनिस शहर के कॉफी शॉप में एक व्यक्ति वेटर को आवाज देता है। वेटर के आने पर वह ऑर्डर प्लेस करता है- ‘दो कप कॉफी कि एक मेरे लिए और एक उस दीवार के लिए. वेटर एक कप कॉफी ले आता है. लेकिन उसे दो कप का भुगतान किया जाता है। उस ग्राहक के बाहर निकलते ही वेटर दीवार पर नोटिस बोर्ड टाइप का एक कागज चिपकाता है, जिस पर लिखा होता है- ‘एक कप कॉफी’।

पांच मिनट बाद दो और व्यक्ति कॉफी शॉप में आते हैं और तीन कप कॉफी का ऑर्डर देते हैं। दो कप कॉफी उनके लिए और एक कप दीवार के लिए। उनके समक्ष दो कप कॉफी पेश की जाती है, लेकिन वे तीन कप कॉफी का भुगतान कर वहां से चले जाते हैं। इस बार भी वेटर वही करता है। वह दीवार पर ‘एक कप कॉफी’ का एक और कागज चस्पां करता है।

इटली के खूबसूरत शहर वेनिस में इस तरह का नजारा अक्सर देखा जा सकता है उस दीवार की भूमिका पर  जरा ध्यान दीजिए किसी की मदद करने के लिए यह भी एक माध्यम है…  यह  शहर के वासियों की उदारता और सेवाभाव को प्रतिबिंबित करती है।

आज यही उदाहरण भीलवाडा में भी देखने को मिला… आमतौर पर जहां मांगने वालो को हिचकिचाहट  होती है वही देने वाला भी थोडा अजीब महसूस करता है पर इस दीवार की कोई दीवार नही यहां कोई भी कभी भी आकर ले भी सकता है और दे भी सकता है… !!

वैसे आपके क्या विचार हैं … जरुर बताईएगा !!!

 

 

July 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जिंदगी का सच -ऑडियो

जब कोई बात बिगड़ जाये तो रहें बी पॉजिटिवhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-our-life-by-monica-gupta.wav
ऑडियो - मोनिका गुप्ता

ऑडियो – मोनिका गुप्ता

Click करिए और सुनिए 1 मिनट और 58 सैंकिड की audio …

 जिंदगी का सच -ऑडियो

जरा सोचिए .हम अपनी जिंदगी में किसको महत्व देते हैं घर परिवार, दोस्त हमारा जोश या सिर्फ काम को, अपनी नौकरी को … क्या जरुरी है और क्या नही जानना चाहते हैं तो क्लिक कीजिए और सुनिए. जिंदगी का सच -ऑडियो

बे वक्त अगर जाऊंगा सब चौक पडेगें….एक अरसा हुआ दिन मे कभी घर को नही देखा…

वाह !! किसी ने क्या खूब कहा है … इस शायरी पर आप ढेर सारे कमेंटस भी बटोर सकते हैं पर अगर इस की गहराई में जाएगें तो ये दो लाईने बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देंंगी..

आज समय देखिए सभी व्यस्त, अति व्यस्त बल्कि ये कहिए कि महा व्यस्त है …. बहुत लोग तो ये भी कहते है कि भई इतना काम है इतना काम है  कि मरने तक ही भी फुर्सत ही नही…  … तो परिवार का क्या ?? और हमारा स्वास्थ्य , हमारे दोस्त, उनका क्या !!

ह हा अजी उनकी चिंता छोडिए.ये कही भागे थोडे ही ना जा रहे हैं पर नौकरी चली गई तो सब चला जाएगा…. रुपया पैसा होगा तो ये सभी लोग हमारे साथ होंग़े. क्यो है ना.

काम के चक्कर मे इतने उलझ गए हैं कि सुबह सवेरे  काम पर निकल जाना देर रात को लौटना. परिवार पर ध्यान देने का तो समय ही नही है. देखा जाए तो सब कर तो परिवार के लिए ही रहें हैं पर परिवार को समय नही दे सकते

पर सच पूछिए तो काम से बढ कर है स्वास्थ्य ,परिवार, दोस्त और हमारा जोश. काम तो एक रबड की बॉल की तरह है जो उछ्ल कर टप्पा खाकर  वापिस आ ही जाएगी पर हमारा परिवार, शरीर, दोस्त, जोश उस कांच की गेंद की तरह है कि उछालते समय अगर एक बार हाथ से छूट गई तो बिखर जाएगी  और जिसे सम्भालना  नामुमकिन हो जाएगा.

कोई शक नही है कि जिंदगी मे  काम बहुत जरुरी है और इसे  दिल लगा कर करना भी बहुत जरुरी है पर जब हम काम करके बाहर निकले तो बस फिर हम, हमारा परिवार, जोश और हमारे दोस्त ही होने चाहिए. इन सभी को अहमियत देना बहुत ही ज्यादा जरुरी है.

वो कहते भी है ना उसे कभी नजर अंदाज मत करो जो आपकी बहुत परवाह करते हैं वरना किसी दिन आपको अहसास होगा कि पत्थर जमा करते करते आपने हीरा गवां दिया.… जरुर सोचिएगा. कल फिर मिलूगी एक नए टोपिक के साथ तब तक अपना ख्याल रखिए … बाय बाय

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved