Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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You are here: Home / Archives for स्वच्छ भारत अभियान

May 25, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच- swachh bharat abhiyan aur hamari soch – स्वच्छता के नारे हो या स्लोगन  . हम अपनी जिंदगी में इसे कितना अपना रहे हैं ? क्या ये सिर्फ सरकार का ही काम है या हमें भी इसमें काम करना होगा अगर स्वच्छ भारत चाहिए तो ??

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

सबसे पहले तो आपका बहुत सारा thanks  कि आप share your knowledge वाली  video न सिर्फ देख रहे हैं बल्कि मैसेज के माध्यम से appreciate  भी कर रहे हैं …

कल एक मैसेज आया और वो बोली कि वो भी share करेंगी knowledge उन्होने topic decide  कर लिया है मैंने उनसे topic पूछा तो उन्होनें बोला कि स्वच्छता को लेकर वो बहुत ज्यादा प्रेरित हैं  लो गो में जागरुकता , स्वच्छता के नारे से शुरुआत करुगी और बीच बीच मे slogan competition  भी करवाऊगी … ताकि जागरुकता आए … वाकई … ये बहुत अच्छा प्रयास रहेगा …सोसाईटी के साथ साथ  लोगो की लाईफ में भी पोजीटिव असर डालेगा …मैं बहुत खुश कि वीडियो देख कर लोगो में जागरुकता आ रही है और वो शेयर करना चाहते हैं…

 

 

वैसे जहां तक स्वच्छता की बात है तो एक समय था जब मुझे भी स्वच्छ्ता की जानकारी नही थी …

बात 2007 की है तब मैं सिरसा से ज़ी न्यूज की रिपोर्टर थी और हमारे शहर में स्वच्छता अभियान शुरु हुआ और इस विश्वास के साथ हुआ कि 90 दिन में पूरा जिला स्वच्छ बना देंगें …

 

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

मैं न्यूज कवर करने गई कि ऐसे कैसे सम्भव है पर जब मैंने देखा कि जिला प्रशासन , ADC , किस तरह से लोगो को स्वच्छता को लेकर मोटिवेट कर रहें हैं और स्वच्छता कितनी जरुरी है तो मैं भी इस अभियान से जुड गई तब हमारे 333 गावों  में से 260 के करीब गावों को राष्ट्रपति से सम्मान मिला था मैं इतना जुड गई थी कि मैंने दो किताबें भी लिख डाली थी ..

स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

एक स्वच्छता एक अहसास और दूसरी जय स्वच्छता … कडी से कडी ऐसे ही जुडती है इसलिए मैं कहती हूं कि अपनी नॉलिज शेयर करनी चाहिए ऐसी नॉलिज हो जो समाज पर पॉजिटिव असर डाले पता नही किसकी जिंदगी में कितना बदलाव ले आए …  वैसे आपने क्या सोचा है … टोपिक ऐसा हो जो लोगो की जिंदगी में सकारात्मक  असर डाले

 

सफाई अभियान पर नारे – Monica Gupta

स्वच्छता के प्रति कैसे बदलें लोगो की मानसिकता बेशक, गली गली में सफाई अभियान पर नारे लगाए जा रहें हैं स्वच्छता की गूंज है. मन की बात में हो , देश के मंत्री ह सफाई अभियान पर नारे – Monica Gupta

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स्वच्छ भारत अभियान और हमारी सोच

December 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छता की आवश्यकता को समझना होगा

 Art of Public Speaking in Hindi

स्वच्छता की आवश्यकता को समझना होगा  – बैंको की लम्बी कतार तो हम सभी ने देखी और झेली है पर कूडा डालने के लिए भी कतार है ? ये कहां और किसलिए ? जनता को स्वच्छ्ता के प्रति उत्साहित करने का शानदार तरीका. कूडा मशीन में डालो और ईनाम पाओ …

रिवर्स वेंडिंग मशीन की सार्थकता …

स्वच्छता की आवश्यकता को समझना होगा – एक सार्थक पहल

बैंको की लम्बी कतार तो हम सभी ने देखी और झेली है पर कूडा डालने के लिए भी कतार है ???? ये कहां और किसलिए ???

खबर है नई दिल्ली नगर पालिका की उन्होने पालिका बाजार में एक मशीन लगाई है मशीन का नाम है रिवर्स वेंडिंग मशीन जो हम प्लास्टिक बोतल की बोतल और केन पर सडक पर ऐसे ही पीकर फेंक देते हैं अगर वो सामान को हम उस रिवर्स वेंडिंग मशीन में डालेगें तो 5 रुपये से 50 रुपये तक के उपहार , वाई फाई, पैन दायरी कूपन आदि मिलेगे… है ना एक एक शानदार पहल है फिलहाल ये मशीन दिल्ली पालिका बाजार में लगी है और बहुत जल्द बहुत जगह लगाई जाएगी
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जनता को स्वच्छ्ता के प्रति उत्साहित करने का शानदार तरीका -एक सार्थक पहल , स्वच्छता की परिभाषा

 

स्वच्छता की आवश्यकता को समझना होगा

मार्किट में एक महिला दुकानदार से लड रही थी वजह थी कि  उन्होनें पॉलीथीन नही रखे हुए थे पेपर बैग हैं … इस पर वो महिला गुस्सा कर रही थी कि पॉलीथीन रखने चाहिए आसानी रहती है … दुकानदार  ने बोला भी कि हम पर्यावरण स्वच्छ रखने मे सहयोग कर रहे हैं इसलिए .. वैसे आप खरीद सकती हैं पर उसने खरीदा नही …

हम ऐसे ही हैं सचेत और जागरुक नाम की कोई चीज ही नही … तो कैसे आएगी जागरुकता …

आज यही सर्च कर रही थी तभी एक खबर ने मेरा ध्यान  आकर्षित किया और मेरे मुंह से निकला वाह !! खबर है नई दिल्ली नगर पालिका की उन्होने पालिका बाजार में एक मशीन लगाई है

मशीन का नाम है रिवर्स वेंडिंग मशीन जो हम  प्लास्टिक बोतल की बोतल और केन पर सडक पर ऐसे ही पीकर फेंक देते हैं अगर वो सामान को हम उस रिवर्स वेंडिंग मशीन में डालेगें तो 5 रुपये से 50 रुपये तक के उपहार , वाई फाई, पैन दायरी कूपन आदि मिलेगे..

. है ना एक एक शानदार  पहल है फिलहाल ये मशीन दिल्ली पालिका बाजार में लगी है और बहुत जल्द बहुत जगह लगाई जाएगी

अच्छा ही तो है अगर ऐसे जागरुकता आ जाए तो …  वैसे ये साल भी अलविदा कहने वाला है और हम सकंल्प लेने की भी सोच रहे हैं … तो क्यो न ये सकल्प लें कि हम स्वच्छता रखेंगें …

सफाई अभियान पर नारे – Monica Gupta

स्वच्छता के प्रति कैसे बदलें लोगो की मानसिकता बेशक, गली गली में सफाई अभियान पर नारे लगाए जा रहें हैं स्वच्छता की गूंज है. मन की बात में हो , देश के मंत्री ह सफाई अभियान पर नारे – Monica Gupta

 

स्वच्छता की आवश्यकता को समझना होगा के बारे में आपके विचारों का स्वागत है …

October 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला – सफलता की कहानी

स्वच्छ भारत अभियान - गांव टीटू खेडा

स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला की सफलता की कहानी  भी सबसे अलग है. स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला स्वच्छता अभियान के मामले में आगे रहा.

स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला में गांव वालों की भूमिका

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत  गांव वैदवाला एक मिसाल बना. स्वच्छता अभियान में गांव वालों की भूमिका सराहनीय रही क्योकि सभी ने मिलकर कार्य किया जिससे स्वच्छता आई. Swachh Bharat Abhiyan – Village Vaidwala – A Success Story

स्वच्छ भारत अभियान जोर शोर से चल रहा है. सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के चलते  गांव एक मिसाल बन गया – गांव वैदवाला की सफलता की कहानी सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत देखिए पहले गांव की महिलाएं, बच्चे, बडे और बुजुर्ग कैसे खुल्ले में शौच जाते थे और जब स्वच्छता अभियान चला और पूरे गांव ने ना सिर्फ इसका मह्त्व समझा बल्कि एकजुट होकर स्वच्छता पर काम किया तो बन गई कामयाबी की कहानी…

बात है 2007-08 की .  हरियाणा के जिला सिरसा में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के चलते गांव वालों में इतना जोश आ गया कि पूरा गांव ही एक परिवार बन गया और स्वच्छता को दिल से अपना लिया. गली गली में जय स्वच्छता के नारे   गूंजने लगे..

इस Campaign का नेतृत्व किया  Dr. Yudhbir Singh, Additional Deputy Commissioner & Project Director, DRDA, Sirsa ने उन्होनें  NGO, “Jai Swachhta Samiti” के साथ मिलकर मात्र 90 दिन सिरसा के 333  गांवों को खुल्ले मे शौच मुक्त बना दिया  This achievement of making all the 333 villages of District Sirsa, Open Defecation Free (ODF)in less than 90 days. इस बात का जिक्र लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड edition 2009. में भी है. It was also published in the “Limca Book of Records” edition 2009.

https://youtu.be/t6QpgTvi79Y

September 6, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

कैसे आएगी स्वच्छता -क्या है स्वच्छता

कैसे आएगी स्वच्छता

कैसे आएगी स्वच्छता -क्या है स्वच्छता – श्रीलंका बना मलेरिया मुक्त – आखिर कैसे आएगी स्वच्छता …swacchata  स्वच्छता का अर्थ आखिर है क्या .. !!! NDTV के प्राईम टाईम में रवीश कुमार बता रहे थे   कि श्रीलंका मलेरिया मुक्त हो गया. जानकर खुशी भी हुई पर दुख भी हुआ कि हमारा देश जोकि पोलियो मुक्त हो चुका है मलेरिया मुक्त क्यो नही हो सकता … इसी मुद्दे पर बहस चल रही थी.

कैसे आएगी स्वच्छता -क्या है स्वच्छता

स्वच्छता का महत्व जानना होगा. मैं सोच रही हूं कि आज ही की बात है घर के सामने से कुछ स्कूली छात्र जा रहे थे और हाथ में नमकीन, चिप्स और चाकलेट के पैकेट और कोई चिंता नही कोई फ्रिक नही. सडक कूडादान है ना खाए जाओ और फेक़ों … किसे चिंता है सफाई की…

टीवी चलाओ तो सारे न्यूज चैनल पर सफाई सफाई सफाई के विज्ञापनों की भरमार रहती है … टीवी पर स्वच्छता अभियान और असल जिंदगी मॆ बुरा हाल …

कैसे आएगी स्वच्छता

कैसे आएगी स्वच्छता -क्या है स्वच्छता

घर से बाहर निकलते ही शर्म आने लगती है इतनी गंदगी देख कर …गांव से भी बदतर हो गया है शहर …

मेरा ये मानना है कि अगर आज हमने अपने बैग से कुछ निकाल कर सडक पर नही फेका या कूडे दान में फेंका तो हमने स्वच्छता अभियान मे जबरदस्त सहयोग दिया है… !! वैसे सरकार को चाहिए कि वो फ्री वाई फाई उसे देगी जो सफाई रखेगा … !! अरे भई दूसरों की ओर मत देखिए खुद सफाई रखिए .. स्वच्छता आ जाएगी .. !!

कैसे आएगी स्वच्छता

वैसे स्वच्छता के बारे में आपके क्या विचार हैं ?? जरुर बताईगा !!

August 30, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छ भारत अभियान- स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत

स्वच्छ भारत अभियान- स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत

 मेरे सपनोंं का भारत

स्वच्छ भारत अभियान जोर शोर से चल रहा है.  स्वच्छता और स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं . जन सर्वेक्षण 2017 हो,  जन आंदोलन हो , सम्मान हो, पुरस्कार होंं  या फिल्मी कलाकार  जैसे  कंगना रनावत , अमिताभ बच्चन या विद्या बालन  को स्वच्छता के मैदान में उतारना हो, मतलब स्वच्छता और जागरुकता लाने से है.

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(तस्वीर गूगल से साभार )

 क्या है स्वच्छता और क्या है खुले में शौच से मुक्ति

स्वच्छ भारत अभियान में  स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना हम सभी देखते हैं .इस बात में कोई दो राय नही कि सरकार ने समय-समय पर योजनाएॅ बनाई और उन्हें लागू किया पर आम जनता तक उनकी आवाज नही पहुँच पाई और वो सरकारी दफ्तरों तक ही सिमट कर रह गई। बेशक, सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य जीवन स्तर को बेहतर बनाना, ग्रामीणों को स्वस्थ जीवन देना ताकि वो निरन्तर कामों में जुटे रहें और कार्य स्थल में उनकी अनुपस्थिति ना के बराबर रहें, जल और स्वच्छता से जुडी़ बीमारियों के प्रतिशत को कम करना और स्वच्छता का प्रचार एवं प्रसार करके उनमें स्वच्छ आदतों का विकास करना था पर ऐसा महसूस किया गया कि बिना गावों के लोगों की मदद के यह अभियान नही चलाया जा सकता इसलिए योजना बनाई गई कि सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान को लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, साक्षर महिला समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर, अध्यापकों, स्कूली छात्रों, महिला मंड़ल तथा ग्राम स्तर पर सभी सामाजिक कार्यों से जुडे़ लोगों को जोड़ा जाना चाहिए जो कि स्वच्छता के क्षेत्र में रूचि रखते हों।

 

क्या है स्वच्छता का अर्थ

  1. जल का उचित रख रखाव और बर्तावः- हैंड़ पंप और नल से प्राप्त सुरक्षित या उबले/ क्लोरिन युक्त जल का उपयोग करना। जल को सुरक्षित स्थान पर रखना।

 

  1. बेकार पानी की उचित निकासीः- पूरे गाँव की नालियां पक्की बनाना और बेकार जल के निष्पादन की उचित व्यवस्था करना।

 

  1. मानव मल का सुरक्षित निबटानः- व्यक्तिगत, सामूहिक/महिला शौचालय स्कूल प्रांगण व आंगनवाडि़यों में शौचालय का निर्माण एवं उपयोग।

 

  1. कूडा़-कर्कट का सही निपटानः- कूडा़- कर्कट व गोबर को सही प्रकार के गड्ढों में संचित करना।

 

  1. घर की सफाई, सुव्यवस्था एवं सुरक्षित भोजन।

 

  1. व्यक्तिगत सफाईः- शौच के बाद साबुन से हाथ धोना, नाखून काटना, नहाना धोना।

 

  1. सामुदायिक एवं पर्यावरण स्वच्छताः- पूरे गाँव की साफ सफाई एवं वृक्षारोपण

 

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के उट्ठेश्य

  1. ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य जीवन स्तर को बेहतर बनाना।
  2. ग्रामीण आबादी में स्वच्छता का प्रचार-प्रसार कर स्वच्छ आदतों का विकास करना।
  3. शिक्षा एवं जागरूकता के द्वारा समुदाय में स्वच्छता सुविधाओं की मांग उत्पन्न करना।
  4. विद्यालयों में स्वच्छता सुविधाओं का निर्माण सामुदायिक सहयोग से करना।
  5. कम लागत तथा सार्थक तकनीको को प्रोत्साहित करना।
  6. ग्रामीणों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना ताकि कार्यस्थलो पर अनुपस्थिति कम हो सके।
  7. जल और स्वच्छता से जुड़ी बीमारियों के प्रतिशत को कम करना।

19

 

स्वच्छता अपनाने से होने वाले फायदे

ये सबसे अहम है और इसे जान लेना हमारे लिए बहुत जरुरी भी है कि आखिर स्वच्छता से फायदे क्या क्या हैं..

 

  1. कम मृत्यु दर और बेहतर स्वास्थ्य
  2. पैसे की बचत।
  3. उत्पादकता में वृद्धि।
  4. ज्यादा आय के साधन।
  5. आत्म सम्मान- देश का सम्मान

 

और सबसे बड़ी बात तो यह होगी कि स्वच्छता अपनाने से ड़ाक्टरों के चक्कर नही लगाने पड़ेगें जिससे पैसे बचेगें। पैसे बचेगें तो खुशियाँ आऐगी, खुशियाँ होगी तो आय के साधन और बढेगें क्योंकि अक्सर तनाव में रहने से काम नही हो पाता जब तनाव ही नही होगा तो और काम करने को मन करेगा, जिससे आय बढे़गी और आय बढे़गी तो जीवन स्तर में सुधार होगा और फिर देश को आगे बढ़ने से कोई  रोक ही नही सकता।

इतना सब होने पर भी आखिर क्यों नही आ पा रही है स्वच्छता

 

ऽ     साधनों की कमी

ऽ     जन जागरण की कमी

ऽ     स्वच्छता की महत्ता पर कम समझ

ऽ     स्वच्छता को सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ न जोड़ा जाना

ऽ     उपभोक्त्ता की पसन्द पर कम ध्यान

ऽ      सरकारी अनुदान की उम्मीद

ऽ     गलत और प्रभावहीन योजना और तरीके

ऽ     संस्थागत ढ़ाचे की कमी

ऽ     बच्चों और महिलाओ की समाज में कमजोर स्थिति

 

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तो क्या  हो रणनीति

 

ऽ     समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना और समुदाय को नेतृत्व प्रदान करना।

ऽ     जागरूकता अभियान के द्वारा स्वच्छता का प्रसार करना।

ऽ     वैकल्पिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना।

ऽ     सरकारी अनुदान पर कम निर्भरता।

ऽ     कार्यक्रम को जन केन्द्रित कार्यक्रम के रूप में कार्यान्वित करना।

ऽ     विद्यालयों को स्वच्छता का एक महत्वपूर्ण घटक मानकर इसे क्रियान्वित करना।

हमें पता है कि

वर्ष 2001 में जनगणना के आधार पर देश भर में ग्रामीण क्षेत्रो में केवल 21.9 प्रतिशत परिवारों को शौचालय सुविधाएँ उपलब्ध थी जबकि हरियाणा में यह प्रतिशत लगभग 28.66 थी। मानवमल खुले में त्यागने से अन्य प्रकार की गन्दगी तथा पीने का साफ पानी न मिलने के कारण हैजा, दस्त, पेचिश, हैपिटाइटिस, मलेरिया, पीलिया और पोलियो जैसी भयंकर और जानलेवा बीमारियों का खतरा मंड़राता रहता और इसी गंदगी की चपेट में महिलाएं और बच्चे आ रहे थे।

वैसे तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेेतु केन्द्र तथा राज्य सरकार समय-समय पर नित नए प्रयास करने में जुटी हुई थी इसलिए 1986 में भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम की शुरूआत की गई और वर्ष 1999 में भारत सरकार द्वारा “सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान” की शुरूआत की गई। लेकिन सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान केन्द्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम से बिल्कुल भिन्न था। क्योंकि यह कार्यक्रम अनुदान आधारित ना होकर समुदाय संचलित, ’जन केन्द्रित’ और मांग जनित कार्यक्रम बना।

इसके अन्तर्गत जनसाधारण को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था ताकि लोग सदियो से चली आ रही खुले में शौच जाने की प्रवृति के नुकसान जान कर सुविधाओं की मांग कर सकें। इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत, स्कूल, आंगनवाडि़यों में शौचालय सिर्फ बनाने ही नही बल्कि उसके प्रयोग पर भी बल देना था। हालांकि राज्य सभा सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक है और वर्ष 2012 का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है लेकिन इस बारे में प्रयासरत है कि वर्ष 2010 तक ही लक्ष्य को हासिल कर लिया जाए ताकि चारों ओर स्वच्छता ही स्वच्छता हो।

कोई शक नही स्वच्छता आज एक आवश्यकता बन गई है और न सिर्फ गांव में बल्कि शहरों में भी जिस तरह से गंदगी बढती जा रही है उससे दूर करना हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए.

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प्रश्नावली –  एक  क्विज स्वच्छता के बारे में 

 

  1. एक गाँव कितने दिन में खुले में मलत्याग सेे मुक्त्त हो सकता हैंः-

1 दिन

2-5 दिन

5-7 दिन

 

  1. खुले में त्याग से मुक्त्ति का अर्थ हैः-

 

शौचालय मुक्त्ति

शौचालय उपयोग

लोग खुले में त्याग बंद करें

 

  1. समुदाय में व्यवहारिक बदलाव लाने के लिए कौन अधिक प्रभावशाली है?

 

स्वयं समुदाय

स्वंय सेवी संस्था

बाहर के लोग

 

4 साधारणतया लोग शौचालय क्यों बनवाते हैं?

 

गोपनीयता के लिए

सुविधा के लिए

स्वास्थ्य कारणों

उपरोक्त सभी

 

5 शौचालय का निर्माण, इसके उपयोग को भी सुनिश्चित करता है।

सत्य

असत्य

 

6 घर में शौचालय होने पर महिलाएँ इसका प्रयोग पुरूषों से ज्यादा करती हैं।

 

सत्य

असत्य

 

7 मानव मल वापस हम तक पहुँचता है?

 

पानी द्वारा

भोजन द्वारा

हवा द्वारा

उपरोक्त सभी माध्यम द्वारा

 

8 निम्न में से क्या अधिक महत्वपूर्ण है?

 

पूरे गाँव में शौचालय का निर्माण

खुले में मल त्याग से मुक्त्ति

दोनों

 

9  निम्न में से कौन सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान का अंग है?

 

ठोस कचरे व प्रदूषित जल का निस्तारण

स्कूल स्वच्छता

आंगनवाढी़ स्वच्छता

व्यक्तिगत स्वच्छता

उपरोक्त सभी

 

10. स्कूल में शौचालय व मूत्रालय का प्रावधान होने से कन्या विद्यार्थियों की संख्या बढ़ जाती है।

 

सत्य

असत्य

 

11. आपके विचार में सम्पूर्ण स्वच्छता के लिए कौन जिम्मेदार है।

 

सरकार

स्वयं सेवी संस्थाएं

समुदाय

उपरोक्त सभी

12. खुले में शौच को रोकने का सही समय है ?

गर्मी

बरसात

सर्दी

तुरंत

13. सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के लिये क्या विधि होनी चाहिए?

 

व्यक्तिगत घर को केंद्रित करना।

सम्पूर्ण गाँव को केंद्रित करना।

 

14. क्या आप मानते हैं कि किसी भी गाँव में सबसे गरीब व्यकित भी शौचालय का निर्माण कर सकता है?

 

हाँ

नही

 

15 लोग खुले में मल त्याग क्यों करतें हैं?

 

शौचालय निर्माण के लिए धन का न होना

शौच के लिए उपलब्ध पर्याप्त खुली जगह

अनुदान मिलने में देरी

स्वच्छता और स्वास्थ्य के मध्य सम्बन्ध का ज्ञान न होना

 

16. मानव और कुत्ते में क्या अंतर है?

 

दोनों खुले में शौच करतें है

कुत्ता शौच के उपरान्त मल को मिट्टी से ढ़क देता है।

दोनों शौच के उपरान्त मल को मिट्टी से ढ़क देते है।

उपरोक्त में से कोई

 

17. खुले में शौच करने की प्रथा की शुरूआत कब हुई?

 

500 वर्ष पूर्ण से

1000 वर्ष पूर्व से

10000 वर्ष पूर्व से

जब से मानव की उत्पति हुई हैं

 

18 खुले में शौच जाने से कौन-कौन सी बीमारियाँ हो सकती है?

 

पोलियो

हैजा

दस्त

उपरोक्त सभी

19 आप सोचते हैं कि जन जन में स्वच्छता आनी चाहिए

हां

नही

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात – Monica Gupta

क्लिक करिए और सुनिए स्वच्छता अभियान पर 4 मिनट और 35 सैकिंड की ऑडियो… मेरा अनुभव स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात बात स्वच्छता अभियान के दौरान की है. जब गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा था.लोगो को समझाया जा रहा था कि खुले मे शौच नही जाओ आसान नही था क्योकि सदियों से चली आ रही मानसिकता बदलना मुश्किल था. See more…

 

स्वच्छता, हमारे लिए कितनी जरुरी है…  वैसे आपका क्या विचार है स्वच्छता के बारे में .. अगर आज आपने  अपने पर्स से कोई बेकार कागज सडक पर नही फेका तो यकीन मानिए आपने भी आज स्वच्छता में अहम रोल अदा किया है … ऐसा मेरा मानना है !!

(सभी तस्वीर गूगल से साभार )

August 8, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका

स्वच्छ भारत अभियान के असली हीरो

स्वच्छ भारत अभियान और बच्चों की भूमिका

स्वच्छता अभियान के दौरान, गांव के  बच्चों मे स्वच्छता के प्रति उत्साह देख कर हमनें ये वीडियो बनाई थी

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, सिरसा , हरियाणा , गांव सिकंंदरपुर

बात उन दिनों की है जब हरियाणा के सिरसा में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान जोरो शोरो से चला हुआ था और सभी गांव वाले एक जुट होकर अपने अपने गांव को स्वच्छ बनाने में जुटे थे. तभी हमने यह महसूस किया कि बच्चे इस अभियान को बहुत गम्भीरता से ले रहे हैं और अपने गांव की न सिर्फ निगरानी कर रहे हैं बल्कि जो भी बाहर शौच के लिए जाता है उसे समझाते हैं और जो नही समझता उसकी शौच पर मिट्टी डाल कर आते ताकि बीमारी न फैले … ये देख आदमी इतना शर्मसार हो जाता  कि वो कुई बना कर उसी में जाने लगा… !!!

बेशक, बच्चों को  जिला प्रशासन और टीचर्स ने मिलकर गाईड किया पर उन्होनें इसके महत्व को समझा और स्वच्छ  गांव  बनाने में जुट गए. कभी रैली निकालना तो कभी खुद झाडू लेकर सफाई में जुट जाना …उनके इसी जोश को देख कर हम भी प्रेरित हुए और बच्चों की वीडियों बना डाली. उन दोनो शकंर अहसान जी का ये गीत बहुत सुर्खियों में था और  इस गाने पर कोई थीम बेस्ड वीडियो भी बनानी थी तब हमने इसे बनाया  स्वच्छता पर …

sawacchta-book-by-monica-gupta

स्वच्छता के नारे – Monica Gupta

• 1-2-3-4, कुर्इ खुदवा लो मेरे यार read more at monicagupta.info

वैसे स्वच्छता को लेकर आपकी क्या सोच है जरुर बताईगा … !!!

 

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