Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 24, 2015 By Monica Gupta

Story Time

Story Time ( बच्चों की कहानी )

W की मिठा E
(अंग्रेजी वर्णमाला से बनी कहानी )

W बहुत ही छोटा पर शरारती बच्चा था। मम्मी k कहने पर उस k  डैD  ने  उसे A टू Z Vधालय में भर्ती करवा दिया। उनका Vधालय   jल  K पास होने कारण वहाँ अक्सर c पाही घूमते रहते थे। बच्चों को उन्हें देखना अच्छा लगता था। सड़क K  दूसरी  Oर Bकानेरी नमकीन और Kक की दुकानें थी। बच्चों की पाठशाला में उन्हें पढ़ार्इ के साथ-साथ अच्छी-अच्छी बातें भी C खाते थे।

Aक बार उनकी कक्षा में नोटिस आया कि जो बच्चा सबसे अच्छी Cख अथवा Vचार देगा उसे प्राध्यापिका E नाम में मिठाE देंगी W तो नया-नया ही Vधालय गया था, पर मिठाE का नाम सुनते ही उसके मुँह में पानी आ गया।

उनकी नैंC   Tचर कक्षा में आर्इ और एक-एक बच्चें को अपने पास बुलाकर उनK Vचार और  Cख सुनने लगी।

सबसे पहले  Aकता ने बताया कि kला खाकर छिलका कूड़ेदान में ही फैंकना चाहिए।

Tटू बोला दूध Pकर ताकतवर बनना चाहिए।

मUर बोला जब दो लोग बातें कर रहें हों तो Bच में नहीं बोलना चाहिए।

कPश ने बताया कि सभी से Sसी वैसी बातें ना करके Cधे मुँह बात करनी चाहिए। कभी भी Pठ  Pच्छे नहीं बोलना चाहिए।

Bना ने कहा के Eश्वर में Vश्वास रखना चाहिए। उनकी पूजा करके Rती उतारनी चाहिए।

Dम्पी चुप बैठा था। Tचर के पूछने पर उसने बताया कि वो Bमार है। अब बारी आर्इ की। खाने के शौकीन ने बताया कि ज्यादा  Kक और Iस्क्रीम नही खानी चाहिए Qकि कर्इ बार चटपT चीजों से भी पेट दर्द हो जाता है, इसीलिए हल्का खाना ही खाना चाहिए। यह सुनकर सभी बच्चे हँस पड़े।

Gतेन्द्र आज कक्षा में नही आया था क्योंकि वो Cकर (राजस्थान) गया था।

सिY   Oमी,  Uवी, Eना और Eशा के इलावा सभी ने अपने Aचार  Vर को बताए। उधर Tना चुपचाप बैठी रही Qकि वो घर से लड़कर I थी।

T चर सभी बच्चों के Vचार लेकर प्राध्यापिका के पास गर्इ।

उन्हें सभी बच्चों के Vचार इतने पसन्द आए कि खुश होकर उन्होने सभी बच्चों को मिठाE  Eनाम में दी। बच्चों ने Aक साथ मिलकर मिठाE  खार्इ और इतने में छुटटी की घंT भी बज गर्इ।

Publised in 98 in  Rajisthan Patrika Jaipur  articel in rajasthan patrika

कहानी कैसी लगी … जरुर बताईएगा 🙂

 

 

June 24, 2015 By Monica Gupta

बाल कहानी

बाल कहानी

  100रभ की 6तरी

( अंको को शब्दों के साथ जोड़कर कहानी का आनन्द लें)

2पहर के समय बर7 शुरू हो गर्इ। स्कूल से लौटते समय 100रभ ने अपनी कमीज की आस् 3 ऊपर कर ली थी। उसने पिताजी को बहुत बार 6तरी लाने को कहा था पर वो टाल देते थे। आज उसका जन्मदिन है पर उसकी 100तेली माँ ने उसे अभी तक बधार्इ भी नही दी। जब उसने स्कूल में अपने 2स्तों को यह बात बतार्इ तो वह उल्टे ही 100रभ के कान भरने लगे कि 100तेली माँ के आ4-वि4 अच्छे नही होते। वह हमेशा बच्चों में 2ष ही निकालती हैं और अत्या4 करती हैं। कर्इ बार तो उन्हें 6ड़ी से भी पीटती है। कर्इ बार तो बच्चे इतने ला4 हो जाते है कि घर से भागने की 9बत ही आ जाती है।

स्कूल की छुटटी के बाद वह सोचता हुआ जा रहा था कि 100तेली माँ से उसकी कभी अनबन भी नही हुर्इ पर आज उन्होनें बधार्इ क्यों नही दी। क्या वो भी उसे घर से निकाल देंगीं? लगता है, अब तो पिताजी भी उसे प्यार नही करते। 6तरी भी शायद इसीलिए नही लाकर दे रहे हैं। इसी सोच में उसे रास्ते में 1ता दीदी मिली। वो हमेशा वे2 के बारे में अच्छी-अच्छी बातें बताया करती थी। उन्होनें उसके घर का समा4 जाना और 2राहें पर से अपने घर चली गर्इ। वो 6मियाँ राम जी की 2ती थी। उसके और 100रभ के पिताजी बहुत अच्छे 2स्त थे। 1ता दीदी के पिताजी 9सेना में 9करी करते थे और 100रभ के पिता सवार्इ मानसिंह में रोगियों का उप4 करते।

यही सोचते-सोचते उसका घर आ गया और उसने ड़रते-ड़रते दरवाजे़ पर 10तक दी पर दरवाज़ें खुला था। कमरे में किसी की आहट ना पाकर वो चुपचाप अपने कमरे में चला गया। उसकी हैरानी की कोर्इ सीमा नही रही जब उसने अपनी 4पार्इ पर 100गात रखी देखी। 100गात खोलने पर उसमें सुन्दर सी 6तरी मिली। जैसे ही उसने पलट कर देखा तो उसकी माताजी और पिताजी जन्मदिन की बधार्इ ताली बजा कर दे रहे थे। उस समय तीनों की आँखें नम थी।

आज का दिन 100रभ के लिए ढ़ेरो खुशियाँ लेकर आया था। उसे अपनी माँ का प्यार मिला। माँ ने बताया कि शाम को तोहफा देकर चौंका देना चाहते थे। इसीलिए सुबह बधार्इ नही दी। अब उसके मन में कोर्इ शंका नही थी कि मम्मी पापा उसे बहुत प्यार करतें हैं। अपनी नर्इ 6तरी लेकर वो 2स्तों को दिखाने बाहर भागा। बाहर धूप निकल आर्इ थी और सुन्दर सा इन्द्रधनुष सुनहरी 6ठा बिखेर रहा था।

umberella photo

Photo by oatsy40

रोचक बाल कहानी 100रभ की छतरी

राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित हुई कहानी

आपको कैसी लगी … जरुर जरुर बताईगा 🙂

June 23, 2015 By Monica Gupta

Doctors Strike

Doctors Strike11201876_10207331155696473_4658896105802763754_n

 

Doctors Strike  कोई शक नही कि डाक्टर्स की हडताल आम आदमी के लिए बेहद परेशानी का सबब बन जाती है … जैसाकि आजकल दिल्ली मे देखने को मिल रहा है

June 22, 2015 By Monica Gupta

Short nap

Short nap

high way and car photo

Photo by MSVG

कल हाई वे जाते हुए एक कार हमारे आगे निकली और कुछ ही देर में हमारे देखते ही देखते सीधा सडक से नीचे उतरती चली गई. अचानक उसके ब्रेक की आवाज से हमारा ध्यान गया. ना कार का टायर फटा न सामने से कोई पशु आया और न ही चालक ने शराब पी रखी थी… शुक्र है कि बहुत बचाव हो गया पर हुआ क्या ??? पूछने पर उसने झेपते हुए बताया कि दो चार दिन से आफिस में बहुत काम था और दिल्ली जाना भी जरुरी था.

थकावट बहुत थी और नींद भी पूरी नही हुई थी शायद अचानक कार चलाते झपकी आ गई थी.अरे बाप रे..बेशक वाहन चलाते हुए मोबाईल पर बात करना खतरनाक है पर बिना नींद पूरी हुए वाहन चलाना भी कम खतरनाक नही …

वैसे बस पर भी लिखा होता है कि यात्री का 1 , 2 और 3 सीट पर सोना मना है वो इसलिए लिखा होता है कि  अक्सर यात्री को सोता देख कर वाहन चालक को भी नींद आ जाती है…

पलक झपकते ही कोई बहुत बडी दुर्धटना न हो जाए. इसलिए घर से तरोताजा होकर ही निकलिए …वैसे आप तो ऐसा नही करते होंगें और अगर करते हैं तो जरा नही बहुत सोचने की दरकार है.. आपकी जिंदगी की यात्रा शुभ रहे

short nap बेशक फायदे बहुत है पर अगर आप किसीकार्यक्रम में मंच पर ही झपकी लेने लग जाएगें तो हंसी का पात्र बन जाएगें और ड्राईव करते झपकी लेंगें तो  जान लेवा हो जाएगी … क्योकि भी चीज जिंदगी से बढी नही इसलिए अगर जिंदगी से सच्चा प्यार है तो टेंशन, झपकी थकावट सब घर पर  छोड कर ही निकलना बेहतर है….

 

Hints From Heloise: Power up with a nap! – The Washington Post

Dear Readers: Are you fully awake? Are you TIRED? Are you functioning, but sort of on 3/4 power? You could be one of the millions and millions of folks who are sleep-deprived! We work many hours, do errands on the way home, fight traffic and worry about late buses and trains. Then we come home and there is more to do. If you can find 20-30 minutes for a power nap, it could help tremendously.

Try to find a quiet spot (or wear earplugs), keep light to a minimum (or cover your eyes with something) and find the coolest (temperature) place you can.

If you can’t nap (especially at work), try for a short break — walk around the office or outside. Even go into a bathroom stall and close your eyes, block out noise and quiet your mind — yes, I’ve done this! — Heloise See more…

June 21, 2015 By Monica Gupta

Not a good idea

 

playing kids photo

Photo by “Vicky Dixon”

Not a good idea कुछ देर पहले कुछ स्कूली बच्चे घर के सामने से बाते करते हुए जा रहे थे. एक बोला अरे यार तूने मोदी को देखा. सफेद कुर्ता पजामा पहना हुआ था. दूसरा हंसता हुआ बोला ओ बेटे तू यकीन नही करेगा मेरे पापा, भाईयों बहनों इतना अच्छा बोलतें हैं कि मोदी भी शरमा जाए..

फिर एक अरविंद केजरीवाल का मजाक बनाते हुए कहना लगा कि हमारी तो औकात ही क्या है जी आम आदमी हैं ही हम तो … और फिर अपनी क्लास टीचर का मजाक उडाते वो तो आगे बढ गए पर मैं सोच रही थी कि हम किस तरह से मजाक बनाने लगें हैं. आदर मान देकर बोलना तो लगभग समाप्त ही हो चुका है.

Not a good ideaअब तो आखों की शर्म भी नही रही. ऐसे में, अगर घर के बडे ही बच्चों को आदर मान सीखाने की बजाय दूसरो का मजाक कैसे बनाना है यह सीखाएगें तो क्या होगा आप सोच भी नही सकते … बेशक इसमे टीवी चैनल की भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका बन जाती है. हमारे घर के बच्चे आदर दे मान सम्मान से बात करेंगें तो निसन्देह बहुत अच्छा लगेगा.  अन्यथा कोई बडी बात नही कल को आप और हम भी  इसका शिकार बन गए तो तो..तो … तो …!!! 🙄

 

Not a good idea

June 19, 2015 By Monica Gupta

Dreaming

Dreaming
सैर सपनों की दुनिया की …. आईए !! आज आपको सपनो की दुनिया की सैर करवाते हैं. सपनों की दुनिया का यह शहर किसी अजूबे से कम नही है. यहाँ आकर कभी हम बच्चे बन जाते हैं तो कभी बूढे. कभी नेता बन जाते हैं तो कभी हीरो बन कर जनता को ओटोग्राफ दे रहे होते है. कुल मिलाकर इस दुनिया मे आने पर हम कोई भी रुप धारण कर सकते हैं या कुछ भी अनहोनी होते देख सकते हैं.
सपनो की इस लाजवाब दुनिया के सफर मे सबसे पहले हमे अनु मिली. 40 साल की अनु सर्विस करती हैं और दिन भर बहुत व्यस्त रहती है. जाहिर है कि घर पहुंच कर बिस्तर पर जाते ही नींद की आगोश मे चली जाती होगी. अनु ने भी मुस्कुराते हुए बताया कि यकीनन उन्हें लेटते ही नींद आ जाती है और फिर Dreaming…

वैसे तो ज्यादातर सपने उठने के साथ ही भूल जाते हैं पर एक सपना है जो उसे अभी भी अक्सर दिखाई देता है. सपना है कि वो स्कूल की परीक्षा देने जा रही है और देर हो गई है. पेपर शुरु हो चुका है और वो घबराहट के मारे रोने लगती है तो उन्हे परीक्षा मे बैठने की इजाजत मिल जाती है पर समय कम होने की वजह से घबराहट मे उनकी स्याही की दवात गिर जाती है और सारी उत्तर पुस्तिका खराब हो जाती है. जब उनकी नींद खुलती है तो पसीने पसीने होती है. खुद को संयत करने मे उन्हे थोडा समय लग जाता है पर फिर खुद पर हंसी आती आती है कि इस उम्र मे ऐसे सपने कैसे आ जाते है.
सपनो की ही दुनिया मे एक और पति पत्नी कुसुम और विनोद का जोडा मिला. जोकि दस साल से विवाहित हैं. सपने की बात सुन कर दोनो मुस्कुराने लगे. कुसुम ने बताया कि पिछ्ले दो चार बार से उनकी आखं खुलती है रात को पति के चिल्लाने की वजह से. वो सोते सोते हाय, हाय बचाओ, बोल रहे होते हैं. कई बार तो उन्होने ध्यान ही नही दिया क्योकि वो खुद भी नींद मे होती थी सुबह उठ कर जब इस बारे मे बात करते तब विनोद को याद भी नही रहता कि वो किस वजह से चिल्लाए थे. खैर, एक रात विनोद के चिल्लाते समय कुसुम की आखं खुल गई. उन्होने तुरंत अपने पति को उठाया पहले तो वो गहरी नींद मे थे पर कुछ पल बाद उन्होने नींद मे ही बताया कि वो एक सूनसान रास्ते मे जा रहे थे और अचानक कोई बुढिया आकर उनका बैग खिंचने लगी. इसलिए वो डर के मारे चिल्ला रहे हैं. बताते बताते वो फिर से सो गए. बात बता कर कुसुम हंसने लगी तो पति महोदय ने कहा कि अपनी बात भी तो बताओ जब एक बार तुम भी चीखी थी. इस पर कुसुम ने तुनक के कहा कि शायद वही बुढिया उनके सपने मे भी आ गई थी.
इससे पहले की उनकी नोक झोंक और आगे बढती. हमने ही आगे बढने मे अपनी भलाई समझी. सपनो की दुनिया मे आगे हमे मिली 10 साल की मणि. मणि ने बताया कि बहुत सपने आते है. सपने मे कभी वो स्टेज पर गाना गा रही होती है तो कभी क्लास मे फर्स्ट आती है तो कभी दोस्तो के साथ जंगल मे खेल रही होती है. पर एक सपना भुलाए नही भूलता वो है कि एक रात वो सो रही है. कमरे मे घना अंधेरा है. अचानक दो तीन चोर आ गए. उसकी आंख खुल गई और वो डर के मारे पलंग के नीचे छिप गई. चोर वही घूम रहे हैं. वो चिल्लाना चाह रही है पर उसकी आवाज ही नही निकल रही. वो पूरे जोर के साथ मम्मी, पापा…!! चोर आए हैं चिल्लाए जा रही है पर मानो वो गूंगी हो चुकी है. उफ!! और जब आखं खुली तो इतनी राहत मिली कि बस!! बहुत डरावना सपना था वो. यह सपना शायद जिंदगी भर नही भूलेगा.
सपनो की दुनिया मे और आगे बढे तो 20 वर्ष की नाव्या मिली. उनसे पूछा तो एकदम से खुश होकर बोली कि सपने मे वो मिस इंडिया चुनी गई और अमिताभ बच्चन जी ने उन्हे क्राउन पहनाया. इतना ही नही रणबीर कपूर के साथ उन्होने फिल्म भी साईन की. शूटिंग भी शुरु हो गई थी. सब कुछ इतना अच्छा चल रहा था सब लोग उसके काम की उसकी खूबसूरती की इतनी तारीफ कर रहे थे कि उसी समय अलार्म बजा और वो गहरी नींद से जाग गई. बताते बताते वो उदास हो गई.
उनको शुभकामनाए देते हुए हम आगे बढे तो सामने से 30 वर्ष की दर्शना चली आ रही थी. उन्होने बताया कि बचपन मे एक सपना बहुत आता था. उनके घर के ड्राईंग रुम मे शो केस मे बहुत बडी गुडिया थी. कई बार उन्हे रात को सपना आता अब पता नही कि वो सपना था या सच्चाई थी कि वो गुडिया शो केस से बाहर निकलती और पूरे घर का चक्कर लगाकर वापिस शो केस मे चली जाती. सुबह उठ कर जब वो उस शो केस वाली गुडिया को देखती तो उन्हे लगता कि वो उन्हे देखकर मुस्कुरा रही है. यह सब देख कर उन्हे बहुत डर लगता पर उन्होने अपनी मम्मी को यह बात कभी नही बताई कि कभी उनका मजाक की ना बन जाए. अरे बाप रे! उनका सपना या हकीकत जो भी थी सुनकर तो हम भी डर गए और वहां से खिसकने मे ही भलाई समझी.
Dreaming ….  45 वर्ष की सुनीता मिली. सुनीता ने जो बताया वो भी काफी हैरान कर देने वाला था. उन्होने बताया कि करीब 4-5 साल पहले की बाता है. रात को जब वो सो रही थे तो सपने मे उनके स्वर्गवासी पिता नजर आए. वो गेट के बाहर हाथ मे कोई तोहफा लिए खडे थे.सुनीता ने बताया कि उन्हे देख कर वो बाहर आई उनसे वो तोफहा लिया और गले मिल कर बहुत रोई. फिर अचानक आखं खुल गई. अगले दिन उन्हे खबर मिली कि जो जायदाद का जो काम इतने सालो से अटक रहा था. वो फैसला उनके हक मे रहा और वो जीत गए. बताते बताते सुनीता भावुक हो गई.

Dreaming
सपने की दुनिया मे ऐसे और भी बहुत लोगो से मिले और उन्होने बहुत बाते शेयर की.कोई कहता सुबह का सपना सच होता है तो कोई कहता कि किसी मरे हुए इंसान को देख लो तो उसकी उम्र बढती है.किसी ने बताया कि सपने मे मोटी गाय को देखो तो फायदा और पतली गाय को देखो तो नुकसान होता है. सपने मे कोई बडी इमारत देख लो तो भाग्य उदय होता है इत्यादि इत्यादि!!सच, सपनो की दुनिया ही निराली है.
वैसे इस बात मे भी कोई दो राय नही कि सपने में सपने जैसा कुछ लगता ही नही. बिलकुल ऐसा महसूस होता है जैसे यह सचमुच में घटित हो रहा है. कोई हमेशा हमेशा के लिए इसी दुनिया मे रहना चाह्ता है तो कोई इससे तुरंत बाहर निकलना चाह्ता है. दुनिया भर के अनेकों मनोवैज्ञानिको ने भी सपने की इस दुनिया में झाँकने की कोशिश की, लेकिन इस रहस्यमयी दुनिया को जितना भी समझने की कोशिश की उतनी ही यह उलझाती रही.
इसी बारे मे जब हमने जाने माने मनोचिकित्सक से बात की तो उन्होने बताया कि सपने आना एक सहज प्रक्रिया है. अब सपने किस तरह के आते हैं ये हमारे मन पर निर्भर करता है. असल मे, कोई ना कोई बात हमारे दिलो दिमाग मे कही दब कर बैठी होती है जिसका हमे पता भी नही चलता और देर सवेर कभी ना कभी हमे सपने के रुप मे दिखाई दे जाती है.
जाने माने मनोविश्लेषक सिग्मंड फ्रायड के अनुसार हम अपनी अतृप्त एवं अधूरी इच्छाओं की पूर्ति सपनो के माध्यम से करते है. कोई जो भी कहे पर सपनों का संसार वाकई मे अनूठा, अदभुत और आश्चर्यजनक है … 🙂

Dreaming

dreaming photo 5 Astro tips to overcome bad, horrible dreams-5

अक्सर हमें नींद में सपने आते हैं। कई बार ये सपने इतने डरावने होते हैं कि आंखें खुल जाती हैं और हम डर से पसीने-पसीने हो जाते हैं। इन सपनों में कई बार हम परेशान बच्चे, भटकती आत्माएं, जंगली जानवर, अंधेरे रास्ते या किसी खतरनाक संकट को देखते हैं जिससे हमें भयंकर डर लगने लगता है। ज्योतिष के कुछ साधारण से उपाय करके आप इन डरावने सपनों से बच सकते हैं।

प्रतिदिन रात को सोते समय हनुमान चालीसा का एक बार पाठ करके सोएं, आपको बुरे सपने आना बंद हो जाएंगे।

यदि रात में किसी भी तरह का डर लगता हो तो अपने सिरहाने के नीचे एक पीपल की जड़ तथा उसकी टहनी का छोटा सा टुकड़ा रखें। ये दोनों ही सूर्यास्त से पहले तोड़े, सूर्यास्त होने की स्थिति में अगले दिन ही पेड़ की जड़ और टहनी तोड़े।

कभी भी उत्तर तथा पश्चिम दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। ऎसा करने से शरीर के मैग्नेटिक करंट में बाधा पहुंचती है और दिमाग बैचेन हो जाता है। अक्सर इन दिशाओं में सिर करके सोने वाले चौंक कर उठ जाते हैं। पूर्व को सोने के लिए सबसे अच्छी दिशा माना जाता है। इस दिशा में सिर तथा पश्चिम में पैर करके सोने से अच्छी नींद आती है और बुरे सपनों से भी निजात मिलती है।

सपने में यदि बार-बार नदी, झरना या पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष की वजह से हो सकता है। इसके लिए अमावस्या के दिन सफेद चावल, शक्कर और घी मिला कर पीपल के पेड़ पर सूर्यास्त के बाद चढ़ाने से आराम मिलता है। See more…

Dreaming

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