Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Archives for blogger

May 15, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चोंं की कहानी – ऑडियो – काम ही काम – मोनिका गुप्ता

टैटू गुदवाना और रक्तदानhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/kids-story-kaam-hi-kaam-by-monica-gupta.wav

क्लिक कीजिए और सुनिए 3 मिनट और 20 सैंक़िड की  बाल कहानी

बच्चोंं की कहानी – ऑडियो – काम ही काम – मोनिका गुप्ता

दोस्तों… मेरा हमेशा ये प्रयास रहा है कि मैं अपनी writing के माध्यम से आप सभी का  मनोरंजन कर सकूं…. अब टेक्नोलोजी इतनी fast हो गई है कि blog में Audio और Video भी डाला जा सकता है… तो अकसर मैं कहानियांं और व्यंग्य ब्लॉग में Audio रुप में  post करती रहती हूं .

आज कुछ दोस्तों ने फरमाईश की कि बच्चों की कहानी भी सुनाईए … इसलिए  आज  चुनी है अपनी लिखी बच्चों की  कहानी         ” काम ही काम” ..  जोकि आपको कहानी कम और वास्तविकता ज्यादा लगेगी…

यह कहानी 9 क्लास में पढने वाली मणि की है कि कल उसका टेस्ट है और वो घर पर पढना चाहती है पर मम्मी जिद करती है कि एक शादी में चलने के लिए … क्या मणि शादी मे जाएगी या घर पर रह कर पढेगी और अगर घर पर रहती है तो घटना होती है … बहुत तरह के ताने बाने मे बुनी है ये बच्चों की कहानी … काम ही काम …

सुनिए और बताईए कि कैसी लगी ताकि और भी ऐसी कहानियां आपको सुना सकूं …

 मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता

 

मेरे Blog में आपको बहुत कुछ पढने देखने सुनने को मिलेगा… आप सब कुछ देखिए और बताईए कि आपको कैसा लगा … !!! ताकि अगर कोई कमी है तो मैं और बेहतर करने का प्रयास कर सकूं

इसे भी जरुर सुनिएगा

ऑड ईवन कार नम्बर – दिल्ली और कोर्ट का आदेश

और बताईए कि आपके क्या विचार हैं ??

 

May 14, 2016 By Monica Gupta 1 Comment

लघु कहानी -ऑडियो -दाग – मोनिका गुप्ता

टैटू गुदवाना और रक्तदानhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/daag-short-story-by-monica-gupta.wav

यहां क्लिक करिए और कहानी सुनिए..

लघु कहानी -ऑडियो -दाग – मोनिका गुप्ता

नमस्कार !!आज मैं आपको सुनाने जा रही हूं कहानी “दाग”.  मरीज और डाक्टर के रिश्ते पर दिल को छू जाने वाली कहानी है. एक मरीज बेहद गंभीर अवस्था में एक बहुत बडे और जाने माने अस्पताल मे भर्ती करवाया जाता है. उम्मीद यही है कि बडे अस्पताल में आ गए हैं और मरीज बच ही जाएगा पर क्या डाक्टर उसकी जान बचा पाएगें या पैसे समय पर जमा न करवाने के कारण मरीज मर जाएगा.. या कहानी कुछ और ही मोड पर आ जाती है … आखिर होता क्या है यह सब जानने के लिए आपको सुननी पडेगी कहानी जिसका शीर्षक है .. दाग

 मोनिका गुप्ता

                                      मोनिका गुप्ता

 

 

लघु कथा – महिला दिवस- ऑडियो – मोनिका गुप्ता      कहानी  जोकि नारी दशा का सजीव चित्रण करती है  भी जरुर सुनिए  और बताईए कि कैसी लगी … ??

May 13, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

टैटू गुदवाना और रक्तदानhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/satire-kaam-wali-bai-by-monica-gupta.wav

क्लिक करिए और सुनिए

आप बीती

ऑडियो – काम वाली बाई – व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता का नमस्कार

आज मैं आपको व्यंग्य सुनाने जा रही हूं जिसका शीर्षक है काम वाली बाई है मेरे पास !!!! …सुनने  से पहले प्लीज ध्यान दें ….इस व्यंग्य की सारी बाते सच्ची धटना पर आधारित है और इसका किसी व्यक्ति,स्थान उम्र से अगर मेल हो तो इसे कोई हैरानी बात ना होनी चाहिए…

जी.. क्या कहा आपने, कि मै क्यो मुस्कुरा रही हूं !!! अब मुस्कुराने की तो बात है ही..!!  मेरे पास काम वाली बाई जो है. दिन मे एक बार आती है या पांच दिन में एक बार .. जी क्या .नहीकुछ नही कुछ नही मैं तो बस वैसे ही! किस समय आते है!!! अरे समय की कोई बात नही. बस आना ही बहुत है उसका.

दिन में किसी भी समय वो दरवाजा खटखटा सकती है ….जब वो आती है तो सबसे पहले मै उसका स्वागत मुस्कुरा कर करती हूं. बैठाती हू और चाय भी पिलाती हूं.फिर जरा किसी सीरियल के बारे मे बातचीत करती हूं और फिर शुरु होता है हमारा काम… ओह, आई मीन उसका काम!! इसके पीछे पीछे इसलिए धूमना पडता है कि उसकी नजर जरा कमजोर है. अक्सर या यू कहिए कि कई बार कूडा नही दिखता तो वो उसे दिखाना पडता है. फिर आजकल उसकी कमर मे दर्द चल रहा है उससे झुका नही जाता इसलिए जरा मै वहाँ झाडु करके  उसकी मदद कर देती हूं. झाड पोछ वो करती नही है इसलिए वो भी साथ की साथ मै ही करती हूंं

रसोई मे वो प्याज और अंडे  वाले बर्तन नही धोती क्योकि उसकी महक उसके सिर मे चढती है इसलिए वो बर्तन मुझे ही …इतना सब होने पर भी अक्सर समय बेसमय उसे उपहार देन पडता है.. जी क्या किसलिए ??? अरे भई ताकि वो महारानी जी टिकी रहे.

क्या करे… आजकल काम वाली बाईया मिलती ही कहां हैं!!! कम से कम फेसबुकस्टेटेस मे तो है बताने को कि मेरे पास काम वाली बाई है. स्टेटेस से याद आया फेसबुक करना मैने ही उसे सीखाया और मैं ही उसकी फैंड लिस्ट में नही हूं जब पूछा तो बोली कि आप तो सारा दिन फेसबुक पर ही लगी रहहती हो मोबाईल सारा दिन टिंग टिंग बजता ही रहता है खामखाह सिर दर्द हो जाता है इसलिए आपको फ्रैंड नही बनाया !!

आज सुबह सुबह आई और ये बोल कर गई है कि 500 रुपए बढाओ उसका खर्चा नही चल रहा है. बस जरा  बस यही सुनने के बाद सिर जरा सा दर्द कर रहा है. वैसे आपसे क्या छिपाना !! असल मे, आजकल सिर दर्द बहुत रहने लगा है और बी पी भी ज्यादा हो गया है.. वो क्या है ना काम वाली बाई को कुछ कह नही सकते कुछ कहो तो तैयार रहो सुनने के लिए कि जा रही हूं छोड कर और अगर घर पर बताती हू कि काम वाली बाई कितना तंग करती है तो वो तुरंत कह देते है कि हटा तो उसे. इतना परेशान किसलिए होना है. वो क्या है ना हटाने के बाद मुझे ही पता है कि मेरे स्टेटेस, घूमने फिरने और किटी पार्टी पर रोक ही लग जाएगी इसलिए बस चला रही हूं जैसा चल रहा है और मुझे खुशी है कि काम वाली बाई है मेरे पास !! हाय !!

व्यंग्य - मोनिका गुप्ता

व्यंग्य – मोनिका गुप्ता

कैसा लगा आपको ???

जरुर बताईएगा !!!

लघु कथा – पसंद ना पसंद (Audio)  भी जरुर सुनिए 🙂

 

 

May 10, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्कूली बच्चे और शारीरिक दंड

कार्टून
कार्टून

कार्टून

स्कूली बच्चे और शारीरिक दंड

मुर्गा बनाना मना है … कुछ देर पहले मेरी सहेली मणि का फोन आया वो खुशी खुशी बता रही थी कि आज 30 साल के बाद उसे वो टीचर मिली जो स्कूल में उसकी बहुत पिटाई करती थी. उन्हे  देख कर और मिलकर बहुत अच्छा लगा. आज वो जो भी है उन्ही की वजह से है क्योकि ना स्कूल में वो पिटाई करती न वो पढाई मे ध्यान लगाती और ना वो फर्स्ट डिवीजन में पास होती … !! वाकई मॆंं, थोडी बहुत सख्ती और डर जरुरी होता है मुझे भी याद आ गया जब क्लास में बोलने और गणित में सवाल हल न करने पर क्लास से बाहर दोनो  हाथ उपर खडा होने की सजा मिलती और फिर वो सवाल ऐसा याद हुए … ऐसे याद हुए कि जिंदगी भर नही भूले … मैं सोच ही रही थी तभी अखबार में एक खबर पर नजर गई कि अगर बच्चे को मुर्गा बनाया तो टीचर को होगी 3 महीने की जेल और एक लाख रुपया जुर्माना  …

 

 www.bhaskar.com

जस्टिस जुवनाइल एक्ट में हाल में ही संशोधन किया है। देश में जेजे एक्ट यानि जस्टिस जुवनाइल एक्ट को लागू हुए कई साल हो गए, लेकिन अब इसमें कई बदलाव कर नए सेक्शनों को शामिल किया है। सेक्शन 77 के तहत अध्यापक स्कूल में बच्चे को किसी तरह की सजा देता है और बच्चा उसकी शिकायत खुद जुवनाइल अदालत या जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से अदालत में याचिका दायर करता है तो सजा व जुर्माना दोनों हो सकते हैं…..       read more at bhaskar.com

Rajasthan News | Hindi News | Latest News | Samachar

कई बार देखने में आया है कि विद्यार्थी सजा से इतने भयभीत हो जाते हैं कि काफी दिनों तक विद्यालय जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। मनोविज्ञानियों के अनुसार शारीरिक दंड का बच्चों के दिल और दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। हीन भावना से ग्रस्त बच्चे इसी वजह से पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। कई बच्चे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं, जिसे देखते हुए किशोर न्याय अधिनियम-2015 लागू किया है। बच्चों या अभिभावक की शिकायत पर पुलिस को संबंधित शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज करना होगा। क्रूरता बरती तो 10 साल की सजा ‘आरटीई की धारा 17 के अनुसार शिक्षक द्वारा बच्चे को प्रताडि़त करने और जांच में सही पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। धारा 82 (1) में अनुशासन सिखाने के नाम पर यदि बच्चे जान-बूझकर शारीरिक दंड दिया गया तो पहली बार दोष सिद्ध होने पर 10 हजार रुपए जुर्माना, दूसरी बार में तीन माह की सजा तथा धारा 82 (2) में दोषी शिक्षक को बर्खास्त करने का प्रावधान है।Ó धारा 75 के तहत बच्चे के साथ शारीरिक दंड के नाम यह क्रूरता बरती गई तो आरोपित के खिलाफ 10 वर्ष तक की सजा पांच लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान भी है। read more at rajasthannews.net

इतना ही नही सेक्शन 75 के तहत अगर घर पर माता पिता बच्चे के साथ मारपीट या अभद्र भाषा बोलते हैं तो उन्हें भी 3 साल जेल और 1 लाख रुपया जुर्माना हो सकता है..

चाहे स्कूल हो या घर बच्चे में थोडा डर तो रहना ही चाहिए पर अब बच्चा बिल्कुल बेखौफ हो जाएगा जोकि कही न कही सही नही भी है वैसे आपका इस बारे मे क्या विचार है जरुर बताईएगा …

 

 

May 9, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Short Story – Audio – Retirement – Monica Gupta

मोनिका गुप्ता

Short Story – Audio – Retirement – Monica Gupta

क्लिक कीजिए और सुनिए कहानी

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/05/short-story-retirement-by-monica-gupta.wav

नमस्कार … आज मैं आपको अपनी लिखी कहानी Retirement अपनी आवाज मे सुना रही हूं ये कहानी रवि कुमार की है जो सरकारी नौकरी से हाल ही में रिटायर हुए हैं और उन्हें उन सभी अपनो का इंतजार है जो हमेशा सुबह से शाम तक उनही के पास रहते और बतियाते रहते और कही न कही उनकी सरकारी नौकरी  का पूरा फायदा उठाते तो क्या रिटायर होने के बाद भी उन लोगो ने आना जाना लगाए रखा या किनारा कर लिया यह जानने के लिए आपको सुननी पडेगी मेरी लिखी कहानी रिटायरमैंट

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता

Short Story – Audio – Retirement – Monica Gupta कहानी सुनिएगा और बताईएगा कि कैसी लगी और किस तरह की कहानी या व्यंग्य आप सुनने की इच्छा रखते हैं .

लघु कथा – पसंद ना पसंद (Audio) कहानी  भी जरुर सुनिए

 

May 3, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

कुछ देर पहले सडक पर एक पिता शायद अपने छोटे से बच्चे को स्कूल छोडने जा रहे थे.बच्चा स्कूल नही जाना चाह रहा रहा था इसलिए रो रहा था और उसके पिता भी उसे गुस्से मे बोल रहे थे कि स्कूल नही जाएगा तो जमादार बन जाएगा सडक पर झाडूं लगाएगा कहते कहते और जोरदार चांटे जड दिए. अब सोचने की बात यह है कि बच्चा रो किसलिए रहा है यह वजह पता लगाने की कोशिश करके हल निकालना चाहिए. ये मारपीट कोई हल नही है.

 

आज अचानक एक खबर ने चौक दिया जिसमें एक लडकी ने छ्त से कूद कर आत्महत्या इसलिए कर ली कि IIT-JEE pass करने के बाद भी वो इंजीनियर नही बनना चाह्ती थी. उसने अपने सोसाईड नोट मे लिखा कि उसकी मम्मी ने उसे साईंस दिलवा दी थी .. जबकि उसका कोई interest नही था उसमे… !!

17 year old Girl commit suicide after cracking JEE, didn’t want to be an engineer – Navbharat Times

17 year old Girl commit suicide after cracking JEE, didn’t want to be an engineer – Navbharat Times

 

कोटा जहां ज्यादातर बच्चे शिक्षा के लिए जाते हैं एक खबर के अनुसार वहां ये पाचंवी खुदकुशी है…

कई पेरेंटस तो कालिज मे आने के बाद वो विषय दिलवाते हैं जिसकी बच्चे मे कोई रुचि नही होती. फिर वजह बनती है बच्चो मे टेंशन की और बच्चा पढाई मे पिछडता चला जाता है या फिर कोई गलत रास्ता( नशा या खुदकुशी आदि) रास्ता चुन लेता है.

 

इसी बीच एक अन्य खबर राहत लेकर आई जिसमे कोटा के डीसी ने माता पिता को चिठ्ठी लिख कर मार्मिक अपील की है कि वो बच्चे पर अपनी इच्छाओं का बोझ न डालें .डीसी कोटा श्री रवि कुमार ने पांच पेज का पत्र लिखा है

Kota DC writes To Parents, Do not burden your children – Navbharat Times

कुमार ने लिखा है, ‘कोटा शहर के DC होने के नाते मैं यहां पढ़ने आए आपके बच्चों का स्वागत करता हूं। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं देश के युवा हुजूम का स्वागत करता हूं। यहां पढ़ने आए बच्चे भविष्य में सफल होकर आधुनिक भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हैं।’ सुरपुर ने पत्र में अभिभावकों से परिपक्व व्यवहार करने की अपील की। पत्र में सुरपुर ने युवा छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं का हवाला देते हुए लिखा कि खुदकुशी करने वाले बच्चों के माता पिता की उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। अपेक्षाओं के बोझ तले बनावटी दुविधा में जीने के बजाय उन्होंने मौत को गले लगाना आसान समझा। यह बहुत तकलीफदेह है। उन्होंने लिखा, ‘बच्चों को बेहतर प्रदर्शन के लिए डराने धमकाने या फिर अपेक्षाओं का बोझ लादने की जगह आपके सांत्वना के बोल जरूरी हैं। नतीजों को भूलकर बेहतर करने के लिए प्रेरित करना, मासूम कीमती जानें बचा सकता है।’ DC ने पूछा, ‘क्या माता पिता को बच्चों की तरह अपरिपक्वता दिखानी चाहिए? Kota DC writes To Parents, Do not burden your children – Navbharat Times

 

कुल मिलाकर आज के बच्चो के मन को देखते हुए माता पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. उन्हें बच्चो को बहुत प्यार से हैंडल करने की जरुरत है अन्यथा .

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा के बारे में आपकी क्या राय और सोच है जरुर बताईएगा …

 

 

youth reading photo

Photo by Enokson

  • « Previous Page
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
  • 6
  • …
  • 75
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved