Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 8, 2015 By Monica Gupta

शुभ लाभ

शुभ लाभ

बेशक, घर लेते या बनवाते समय नक्शे ,वास्तु और ऐसी चीजे जो सुख समृदि लाए आदि रखने का बहुत क्रेज हो गया है. हम लोग घर बनवाने के बाद उसकी सजावट में कोई कसर नही छोडते और महंगी से महंगी चीजे लगवाते हैं ताकि दूसरे लोग देखें. कोई दिक्कत नही जिनके पास पैसा है वो तो  दिखाएगें ही.

 

 photo

बात ये नही है बल्कि बात ये है कि  इसके साथ साथ घर को पूरी तरह से व्यवस्थित रखना भी उतना ही जरुरी है जैसाकि , रंग-रोगन पुराना न पड़े. टपकने वाले नलों की मरम्मत होनी चाहिए. फ्यूज बल्बों को बदलवाने जरुरी हैं,शीशे साफ और खिड़कियों के टूटे कांचो को बदलना भी चाहिए. यकीनन इससे शुभ लाभ की प्राप्ति होगी घर मे बरकत आएगी…

शुभ लाभ  के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है  शौचालय की स्वच्छता. कई लोग घर के बाहर की तरफ शौचालय बनवा लेते हैं पर  उसका रख रखाव सही नही कर पाते और जो भी घर के भीतर दाखिल होता है उसको बदबू से दो चार होना पडता है उसे साफ रखना जरुरी है क्योंकि, घर के स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे  स्वास्थ्य से है. वैसे त्योहारो में घर की सफाई हो ही जाती है पर ये वाली सफाई हमेशा रहनी बेहद जरुरी है …( शुभ लाभ)

June 8, 2015 By Monica Gupta

मजदूर

मेरी सहेली मणि के घर पर कुछ काम चल रहा था. बहुत मजदूर कार्य मे लगे थे. कुछ कमी पडने पर वो जब और मजदूरों को लेने गए तो पता चला कि बहुत मजदूर रैली मे गए हैं. असल में, चुनाव होने वाले थे इसलिए हर पार्टी जुटी हुई थी ज्यादा से ज्यादा भीड जमा करने में …

इस दिन मात्र दो मजदूर ही काम करने  घर आए.  उनको चाय देने के दौरान , रैली के बारे मे मेरे पूछ्ने पर एक मजदूर ने बताया कि बहुत बसे भर भर कर जा रही है. 500 रुपए मिलेगें इसके साथ साथ टिफिन भी फ्री और टिफिन मे एक कूपन भी होगा जिसके पास कूपन निकलेगा उसे ईनाम भी मिलेंगा.

इस पर मैने पूछा कि वो रैली मे क्यो नही गए. मेरी बात सुनने पर एक मजदूर   बोला कि आज तो वो 500 दे देंगें पर कल कौन देगा. वो तो बोतल लेकर पडे रहेंग़ें और दूसरा बोला कि हमारे मेहनत की कमाई ही सच्ची कमाई है.

शाम को अखबार मे पढ लेंगे कि रैली में क्या क्या हुआ. वोट तो अपनी सोच के हिसाब से ही देंगें जल्दी से चाय खत्म करके  वह दीवार की चिनाई मे जुट गया.

मुझे वाकई में खुशी हुई कि कुछ लोग  ऐसी सोच भी रखते हैं और अच्छी  सोच रखते हैं.  सारी उंगलियां बराबर नही होती.

 

 

indian labour  photo

June 8, 2015 By Monica Gupta

सकारात्मक सोच

नेट एक बहुत अच्छा माध्यम है बहुत सारी बातें खोजने का. मुझे सकारात्मक सोच के  विचार पढने बेहद पसंद हैं. एक दिन एक बहुत अच्छे से विचार की तलाश में मैने बहुत साईटस देखी . देखते देखते एक विचार बहुत पसंद आया.मैं उसने नोट करने ही वाली थी कि सोचा चलू और आगे देख लूं शायद उससे भी अच्छा मिल जाए .

और बेहतर के चक्कर में मैं आगे सकारात्मक सोच देखने लगी पर कोई पसंद ही नही आया फिर सोचा चलो पहले वाला ही विचार अच्छा था वही नोट कर लेती हूं  पर ओह नही … वो भी गायब हो गया. यानि बहुत सारी साईटस सर्च कर रही  थी ना वो उसी में कही गुम हो गया.  खोजा… खोजा उसे बहुत खोजा पर !!!  पर मिला नही 🙁 और याद भी नही था कि क्या लिखा था. मात्र एक लाईन तो नही डाल सकती थी ना …

तभी मेरे मन में विचार आया कि जिंदगी मे भी अक्सर ऐसा होता है जो हमारे पास होता है उसकी परवाह नही करते और बेहतर और अच्छा खोजने के चक्कर मे हम अपनो को भी खो देते हैं इसलिए जो है उसी की वेल्यू करनी चाहिए और खुश रहना सीखना चाहिए नही तो मेरी तरह परेशान होना पडेगा!! सकारात्मक सोच

 

positive thinking photo

Photo by somnathbhagat84

June 8, 2015 By Monica Gupta

फ्रिज ने किया फ्रीज

 फ्रिज ने किया फ्रीज

मेरी सहेली मणि का फ्रिज बहुत पुराना और इतना भारी है कि अगर उसे सरकाना हो तो चार आदमियो की जरुरत होती है. आज की तारीख में इतना पुराना हो चला था कि बार बार कहने पर मेरे कहने पर वो नया फ्रिज लेने मार्किट गई कम्पनी के दुकानदार ने गोदाम से फ्रिज मंगवाया तो उनका आदमी अपने कंधे पर फ्रिज लाया. एक अकेला आदमी बडे आराम से फ्रिज लेकर आ रहा था.

मणि के हैरानी से पूछ्ने पर दुकानदार बोला उनका रोज का काम है उन्हें भारी नही लगता पर वो इतनी हल्की क्वालिटी देख बिना खरीदे लौट आई. फ्रिज बेहद हल्का था. मणि का मन ही नही बना कि ऐसा फ्रिज खरीदा जाए. दूसरे शब्दों में कहूं तो मणि को फ्रिज ने किया फ्रीज. वो चुपचाप वापिस आ गई.

fridge photo

वैसे देखा जाए तो यही हाल स्टील के ट्रंक और अलमारी  का भी हैं. कुछ दिन पहले मैं भी मार्किट गई थी. ट्रंक और अलमारी को  खरीदना था. पर इतनी हल्की क्वालिटी देख कर खरीदने का मन ही नही हुआ.कमाल है, बेशक हम प्रगति की राह पर हैं पर ये चीजें सालिड बनने की बजाय इतनी धटिया क्यों बन रही हैं ???

 हैरानी तो तब हुई जब दुकान दार ने भी कहा कि आप के पास जो ट्रंक है  या अलमारी है उसे आप रखिए … ऐसी चीज अब दुबारा नही बन सकती … आजकल वो पुरानी बात नही रह गई है दुकान दार भी मानते हैं कि पहले वाली बात अब नही

सच, मैने तो अब अपना पुराने वाला ही ठीक  करवा लिया और मणि का अभी तक वही फ्रिज चल रहा है 🙂

फ्रिज ने किया फ्रीज

 

 

June 7, 2015 By Monica Gupta

Unsafe Edibles

Unsafe Edibles  मौसम सुहावना होता नही कि अचानक टिक्की, चाट पापडी, पकोडे समोसे आदि के लिए मचल जाते हैं. इतना ही नही बरसात के बाद छोटे मोटे स्टाल्स पर भी भारी भीड दिखाई देती हैं. इस खाने मे कोई बुराई नही पर बुराई है स्वच्छता न होने पर. मेरी एक सहेली बाजार का खाना समोसे टिक्की टाईप बहुत खाती है पर घर पैक करवा कर ले आती है . उसका कहना है कि वहां इतनी गंदगी मे खडे होकर खाना नामुमकिन है इसलिए आराम से घर के साफ माहौल मे खाती है.

Unsafe Edibles

उसकी इन बातों ने मुझे बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया. जहां गंदगी होगी वहां कीटाणु होंगें और  जहां  कीटाणु होंगें वहां बीमारियां भी यकीनन होगी. ना जाने हम हम कितनी बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं और उससे भी बडी बात आती है प्रदूषित खाने की. हम घर में कितनी साफ सफाई रखते हैं पर क्या स्टाल और ठेले वाले भी अपने हाथ बार बार साफ करते होंगें. जो बाजार से सामान खरीद कर लाते होंगें क्या वो शुद्द होता होगा क्योकि अक्सर ज्यादा लाने के चक्कर में हम किसी न किसी बात से समझौता कर लेते है और और ….

 

64% of edibles sold in the open are adulterated indian food photo

मैगी को सेहत के लिए हानिकारक बताते हुए भारत में बैन कर दिया गया है। मगर अहम सवाल है कि क्या भारत में बाकी खाने-पीने की चीजें सेफ हैं और क्या उनमें मिलावट नहीं होती। सर्वे रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में खुले में जितनी चीजें बिकती हैं, उनमें करीब 64 प्रतिशत खाने-पीने की चीजों में मिलावट होती है। इसको रोकने के लिए ना तो सरकार के पास कोई ठोस नीति है और ना ही कानून, जिसके तहत आरोपियों को कड़ी सजा दी जा सके। मार्केट में बिकने वाले फल और सब्जियों में भी हानिकारक तत्व!मिलती-जुलती खबरेंजल्द लाएंगे सुरक्षित स्वदेशी मैगी: बाबा रामदेवनेस्ले ने हटाई मैगी, कहा- जल्द होगी वापसीइन्फोग्रैफिक: आखिर क्यों ‘बेहाल’ हुई मैगी?’खुलासा मैंने किया, पर क्रेडिट बॉस ले गया’प. बंगाल में मैगी पर रोक नहीं लगाएंगी ममता कई खाद्य चीजों में तो हानिकारक केमिकल तक मिलाया जाता है। इनमें दूध, खाद्य तेल, दाल और सब्जियां शामिल हैं। मार्केट सर्वे एजेंसी विनायक रिसर्च और इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम के अलग-अलग सर्वे में यह बात सामने आई है। विनायक रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में हाल में किए गए खाद्य वस्तुओं की जांच में पाया गया कि 60 से 65 फीसदी खुले खाने-पीने के तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट होती है। दूध में भी कई बार हानिकारक केमिकल्स मिलाए जाते हैं इसके अलावा बड़ौदा की एक यूनिवर्सिटी की जांच में दाल और सब्जियों के सैंपल में आर्सेनिक मिला था। यह एक ऐसा केमिकल है, जिससे कैंसर भी हो सकता है। इसके अलावा यूपी में हुई एक जांच में सैंपल के 28 फीसदी अंडों में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया था। इससे पेट में इन्फेक्शन हो जाता है। दूध भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। दूध में कई बार अडल्ट्रेशन की शिकायत सामने आई है। देशभर से मिले करीब 1700 दूध सैंपल में 69 फीसदी दूध के सैंपल भारतीय मानकों के हिसाब से सुरक्षित नहीं थे। मिलाए जाते हैं केमिकल्स विनायक इंक के प्रमुख विजय सिंह का कहना है कि हमारी स्टडी में सामने आया है कि दाल, सब्जियां व फलों में इस तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं, जिससे यह ज्यादा बढ़े। सरकार के पास ऐसी कोई मशीनरी नहीं हैं जिससे इसकी जांच हो। क्योंकि वस्तुएं सीधे तौर रिटेल मार्केट में पहुंचाई जाती हैं और फिर रिटेल मार्केट में उसको भेजा जाता है। एसोचैम का कहना है कि भारत में मिलावट और जमाखोरी रोकने के लिए कानून तो है, मगर वे इतने प्रभावशाली नहीं हैं, जो ऐसे लोगों में खौफ पैदा करें। एसोचैम के डायेक्टर जनरल डी.एस. रावत के अनुसार खुले तौर पर जो खाद्य वस्तुएं बिकती हैं, उसको लेकर आम आदमी के मन में आशंका रहती है। यह इस बात को दर्शाता है कि मिलावट को रोकने के लिए अभी तक पर्याप्त कदम उठाए नहीं गए हैं। Read more…

Unsafe Edibles बेशक, मैगी मॆ जानलेवा मिलावट होती है पर स्टाल पर गंदगी, अस्वच्छता और प्रदूषित पानी भी कम जानलेवा नही… !!! जरा सोच कर कही डाक्टर के पास न भागना पड जाए

May 25, 2015 By Monica Gupta

Cartoon – Hit or Flop

cartoon best by monica gupta

Cartoon – Hit or Flop

100 days of AAP and One Year of BJP…  Hit or Flop

Who is hot and who is flop … Lets see … what people say …. 🙂

Best Wishes …

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