Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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December 23, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

शरारती बच्चे, छुट्टियां और घर परिवार

didi by monica gupta

दीदी की चिठ्ठी, दैनिक नवज्योति, जयपुर से हर रविवार प्रकाशित होने वाला नियमित स्तम्भ …इसमे दीदी यानि मैं अलग अलग बातें करके नन्हें बच्चों का मनोंरंजन करती और मनोरंजन के साथ अक्सर सीख भी छिपी होती ….

शरारती बच्चे, छुट्टियां और घर परिवार

हैल्लो नन्हे दोस्तो,

कैसे हो! क्या हो रहा है? इतना शोर शराबा !!अरे बाप रे !!! धमाचौकडी!! पता है कल नन्हे नोनू ने इतनी जोर से तकिया उछाला कि वो पंखे पर ही अटक गया. गोलू इतनी जोर से छ्लांग लगता है बिस्तरे से जमीन पर कि पूछो ही मत और पता है नन्ही नैना को तो मिट्टी खाने का बहाना चाहिए जब भी मौका मिला बस बाहर पहुचं जाती है. मैने प्यारी सी मणि से पूछा कि आप क्या कर सकती हो तो पता है वो मुझे तोतली आवाज मे क्या बोली. इसने कहा… दीदी, मैं छब तुछ् तल छ्कती हूं. आप दोलो मै वही तलूदी. मैने उसे कहा अच्छा अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी नाक पर लगा कर दिखाओ. उसने बहुत कोशिश की पर वो नही कर पाई. फिर उसने कहा कि दीदी तुछ दूसली बात बताओ. मैने उसे एक कागज दिया और कहा कि इसे बराबर करके मोड कर दिखाओ आप सात बार से ज्यादा फोल्ड नही कर पाओगे. मेरी बात सुनकर वहां, नोनू और मणि की मम्मी भी आ गई. मणि की मम्मी ने कहा कि ये तो जरा भी मुश्किल नही वो तो इस कागज को दस बार भी मोड सकती है. खैर, मणि ने पहले कोशिश की .असल मे 5 बार मोडते मोडते कागज इतना मोटा हो रहा था कि और नही मोडा जा रहा था. सातवीं बार ही इतना मुश्किल हो गया था उसे मोडना. मणि की मम्मी और कागज ले आई पर कितना भी बडा कागज ले लो वो 7 बार से ज्यादा हम नही मोड सकते.नोनू ने भी बहुत कोशिश की पर सब बेकार. घर मे एक अजीब सी चुप्प्पी छा गई थी. मणि की मम्मी खुश हो गई और बोली कि ऐसी बाते अच्छी है क्योकि कम से कम बच्चे चुपचाप तो लगे रहते है अपने काम मे.काम से मुझे याद आया कि मुझे भी एक बहुत जरुरी काम है पर जाते जाते एक बात आप सभी से जरुर कहूगी कि “हम सब कहते हैं कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पडता है पर सच्चाई यह है कि कुछ पाने के लिए कुछ करना पडता है”.आप करिए और देखिए सफलता आपके साथ साथ होगी.

शुभकामनाओ सहित

आपकी दीदी

मोनिका गुप्ता

December 22, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

निर्भया दोषी- जुवेनाइल जस्टिस बिल

cartoon justice by monica gupta

cartoon justice by monica gupta

निर्भया दोषी- जुवेनाइल जस्टिस बिल

निर्भया गैंग रेप का दोषी रिहा हो गया… अब   बहस चल रही है… बेहद दुखद है हमारे यहां कानून मजबूत नही है … इसे मजबूत जुवेनाईल जस्टिस बिल लाकर कानून मजबूत बनाना होगा ताकि आरोपी, दोषी खुले न धूम सकें

 

December 19, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा

कार्टून - मोनिका गुप्ता

कार्टून - मोनिका गुप्ता निर्भया

निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा

तीन साल बाद आखिर  निर्भया गैंग रेप कांड का सबसे जधन्य नाबालिग दोषी , अपराधी अपनी बाल सजा पूरी करके रिहा हो रहा है. इसे सिलाई मशीन तथा 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं ताकि अपना काम धंधा शुरु कर सके

 

– निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, “मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं। वो रविवार को रिहा हो जाएगा। हमारा तीन साल का संघर्ष काम नहीं आया। क्राइम जीत गया, हम हार गए। उसे जेल में ही रखते तो उम्मीद रहती।” – उन्होंने कहा, “हमारी लाख कोशिशों के बावजूद इतना बड़ा क्राइम करने वाले मुजरिम को कोर्ट और सरकार ने छोड़ दिया। मुझे समझ में नहीं आया कि उसे कहां रखेंगे?” – निर्भया के पिता बद्री सिंह ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि दोषी की रिहाई का फैसला नहीं आएगा। लेकिन हमें इस बारे में अब कुछ नहीं कहना।” – उन्होंने कहा, “तकलीफ तो है, लेकिन हम हाईकोर्ट से बड़े नहीं हैं। कोर्ट ने जो भी सोचा होगा, हमारे लिए वही ठीक है।” – “दो-दो साल की बच्चियों के साथ नाबालिग ऐसी हरकतें कर रहे हैं। हमारी लड़ाई इसी के खिलाफ है।” हाईकोर्ट में क्यों था यह मामला? Read more…

 निर्भया गैंगरेप कांड – दोषी रिहा

 

December 18, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

निर्भया और कितनी- मन की बात

cartoon by Monica gupta

निर्भया और कितनी- मन की बात

Life Ok चैनल पर ‘सावधान इंडिया’ का एक विज्ञापन आ रहा था जिसमे एक पत्नी अपने पति को बोलती है “कितना डरते हैं आप”…. सच .. आज की व्यवस्था देख कर हर आम आदमी आज डरने लगा है… जी हां … मैं भी डर गई हूं…  बहुत डर गई हूं.. हमारा रहा सहा विश्वास कोर्ट पर ही टिका है पर जब उसके फैसले ही तनाव पैदा कर दें तो हमारा डरना स्वाभाविक है.

कुछ दिन पहले सबूतों के अभाव में जानी मानी फिल्मी हस्ती को बा इज्जत बरी कर दिया गया था. वही तीन साल पहले निर्भया कांड जिस तरह से सुर्खियों में रहा …तब न्याय प्रणाली पर विश्वास सा जगा था… निर्भया कांड  न जाने कितनी लाखों आखें नम कर गया था…. कितनी प्रार्थनाएं की गई थी निर्भया की सेहत को लेकर… मोमबत्ती मार्च निकाले गए थे और  लोगो मे जोश  देख कर सरकार तक हिल गई थी.

  cartoon santa by monica gupta

निर्भया कांड का केस  Rare Case यानि दुलर्भ मामला की श्रेणी में रखा गया था और वो नाबालिग सबसे ज्यादा निर्दयी, जधन्य अपराधी रहा था जोकि साबित भी हुआ था पर अब उसे ही 20 दिसम्बर को आजाद कर दिया जाएगा. 

निर्भया गैंगरेप का नाबालिग दोषी 20 दिसंबर को सुधारगृह से रिहा हाे जाएगा

मन में डर तो है पर डरकर भी क्या होगा…!!! बडा प्रश्न न्याय और उसकी प्रणाली पर भी है कि न्याय प्रणाली पर कैसे विश्वास करें. घटना क्रम  को देखते हुए विचार करते हुए अब तो बस एक ही बात समझ आती है कि महिलाए  खुद को मजबूत और तैयार रखें सम्भल कर रहें और जागरुक रहें और एक रेखा में रहें, सीमा में रहें और उसे लांधे नही…

cartoon by Monica gupta

  टीवी चैनल की बहस तो महज आज आज की ही है कल उसे एक नया मुद्दा मिलेगा और वो वहां लपक लेगा हो सकता है कल के लिए टीआरपी बढाने वाला मुद्दा मिल भी गया होगा .. फिर कौन निर्भया और कौन उसके माता पिता … तीन सालों में कुछ नही बदला पर अब हमे बदलना पडेगा … जागरुक होना पडेगा… !! जागरुक रहना पडेगा !!!

डर जरुर लगेगा पर डरपोक न बनें … !!

अब ना निर्भया, न गुडिया, ना पीडिता बनना है … !!! जागरुक बनाना है

निर्भया और कितनी- मन की बात

December 17, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

Audio- Kids story by Monica Gupta

Audio- Kids story by Monica Gupta

Monica Gupta

Audio- Kids story by Monica Gupta

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2015/12/story-fruits-by-monica-gupta.wav

 

बच्चों का कहानी की दुनिया में एक बार फिर स्वागत है. आज की कहानी है प्यारी मणि  अरे नही .. प्यारी मणि नही ये बेचारी मणि है या फिर ये  बेचारी मणि  है … खैर , ऐसा करते हैं कि  पहले आप कहानी सुनिए फिर आप ही बताईए कि मैं प्यारी मणि हूं या बेचारी मणि … वैसे कहानी मे जामुन, अंगूर और अमरुद  के साथ साथ पपीता भी है … कुल मिला कर ताजा ताजा कहानी है मणि और फल सब्जी 🙂

Audio- Kids story by Monica Gupta

 

December 17, 2015 By Monica Gupta Leave a Comment

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव

हमारे व्यक्तित्व

हमारे व्यक्तित्व – व्यक्तित्व की परिभाषा

जिंदगी में हमे बहुत तरह के लोग मिलते हैं. कुछ दिल में जगह बना लेते हैं तो वही कुछ दिल से उतर जाते हैं. हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव कैसा होना चाहिए? वैसे हमारा चेहरा हमारे  व्यक्तित्व और स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। मन के भीतर जो भाव चलते हैं वही चेहरे पर प्रतिबिंबित होते हैं।

   personality photo

व्यक्तित्व परीक्षण के प्रकार

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव. जिंदगी में हमें अलग अलग तरह के स्वभाव के लोग मिलते हैं .  रोंदू, नकारात्मक या जिंदादिल..मैं भी ऐसे उदाहरणों से दो चार हुई.

कहानी 1

श्रीमति देवयानी हमेशा किसी ना किसी बात का रोना ही रोती रहती हैं. उन्हे मैने कभी हसंते या मुस्कुराते नही देखा. इसलिए उनसे बात करने का जरा भी मन नही करता. गर्मी थी तब रोती थी कि हाय गर्मी…. अब सर्दी है तो रो रही है कि हाय सर्दी…कल कपडो के लिए दुखी थी कि फटते ही नही ना उन्हें फेंक सकते और पहने भी कितनी बार… मटर मीठी आए तो इस बात का रोना कि सब्जी ही नही बना पाई सारी कच्ची ही खाई गई … इतनी मीठी मटर का भी क्या फायदा !!!

कहानी 2

कल एक मित्र के घर एक महिला से मिलना हुआ. जितनी देर मे वहां रही वो हंसती और मुस्कुराती रही. उनके जाने के बाद पता चला कि उन्हे  कैंसर है पर  पर वो मस्त  है किसी के आगे अपना दुखडा नही रोती.

कहानी 3

 एक मित्र के पिता से बात करने का मौका मिला. पता चला कि उन्हे फ्रैक्च्चर हुआ था और वो अभी पूरी तरह से  पलंग पर ही है. मैने उसी उदास भाव से उन्हे फोन किया पर वो ऐसे बात करने लगे मानो कुछ हुआ ही ना हो इसलिए मैने भी बीमारी की बात नही की पर फोन रखते रखते बता दिया कि मैने फोन किसलिए किया था. इस पर वो बोले कि अरे ये तो चलता ही रहता है अच्छा है इसी बहाने आराम कर रहा हूं खूब खा पी रहा हूं.

ऐसे जिंदादिल लोगो को सैल्यूट !!! वैसे आप भी रोंदू टाईप तो नही होंगे . है ना !!!… अगर हैं तो जरा नही बहुत सोचिए !!

हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव

वैसे आपका स्वभाव क्या है और किस तरह के लोग पसंद है रोंदू, नकारात्मक या … जिंदादिल

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