रिपोर्टर
रिपोर्टर
कहना गलत न होगा कि आज जिस तरह से चैंनलों पर न्यूज नमक, मिर्च छिडक कर परोसी जा रही है उसे देखते हुए ब्लड प्रेशर ही बढ रहा है. ऐसे में इन महिला के दिल में भय समा गया है. इनका कहना है कि होने वाली बहू भले ही किसी प्रोफेशन से हो बस रिपोर्टर नही होनी चाहिए क्योकि हर बात को तोड मरोड कर और चटपटा करके बताएगी और घर में कलह बढ जाएगी…..
क्राईम रिपोर्टर
गरम दल बनाम नरम दिल
गरम दल बनाम नरम दिल
गरम दल के नरम दिल बनने के बेशक बहुत कारण बताए जा रहे हों पर एक कारण बिहार में मिलने वाली हार और गठबंधन सरकार को मिलने वाली जीत माना जा रहा है.
वैसे संसद के शीत सत्र में जीएसटी समेत कई विधेयक पास करवाने हैं शायद इस कारण सरकार के सुर भी नरम पड़ गए हैं. वही प्रधानमंत्री मोदी जी ने लोकसभा में भी कहा – “लोकतंत्र में ज्यादा ताकत तब बनती है जब हम सहमति से चलें. सहमति नहीं बनने पर अल्पमत या बहुमत की बात आती है…. लेकिन यह अंतिम विकल्प होना चाहिए। जब सहमति बनाने के हमारे सारे प्रयास विफल हो जाएं।’
इस ओर प्रयास भी आरम्भ हो चुके हैं जिसका सकेंत मनमोहन सिंह जी और सोनिया जी को चाय पर बुलाना भी माना जा रहा है
www.bhaskar.com
भीमराव अांबेडकर की 125वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में संविधान के प्रति प्रतिबद्धता विषय पर दो दिन चली चर्चा का प्रधानमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने असहिष्णुता बढ़ने और संविधान बदलने के प्रयासों के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि संविधान बदलने के बारे में सोचा जा रहा है। न कभी कोई संविधान बदलने के बारे में सोच सकता है और मैं समझता हूं कि कोई ऐसा सोचेगा तब वह आत्महत्या करेगा।’ शेष|पेज 5 पर असहिष्णुता से जुड़े आरोपों पर उन्होंने दोहराया कि “इस सरकार का एक ही धर्म है- इंडिया फर्स्ट। सरकार का एक ही धर्मग्रंथ है- भारत का संविधान। सर्व पंथ समभाव ही आइडिया ऑफ इंडिया है। देश संविधान के अनुसार चला है। आगे भी चलेगा। संविधान की पवित्रता बनाये रखना हम सबका दायित्व और जिम्मेदारी है, हमें अल्पसंख्यक-अल्पसंख्यक करने के बजाए सर्वसम्मति बनाने पर जोर देना चाहिए।’ अंबेडकर ने जीवनभर यातनाएं सही, लेकिन बदले की भावना नहीं आने दी: मोदी मोदी ने कहा- “डॉ. Read more…
अब आप ही इस बात के कयास लगाए कि गरम दल बनाम नरम दिल माजरा क्या है
भेडचाल
भेडचाल
हम और हमारी भेड चाल यह जानते हुए थी कि ये रास्ता कही नही जाता….
पिछ्ले दिनों दिल्ली से लौटते वक्त, नेशनल हाई वे पर, बहुत सारी भेडें सडक इस तरह से घेर कर चल रही थीं मानों हाई वे न होकर किसी खेत की पगंडडी हो इसलिए कार की रफ्तार बेहद धीमी करनी पडी. मैने कार का शीशा नीचे करते हुए भेडो को बोला ओ भेड जी जरा कच्चे में चलो.. क्यों हमारा रास्ता रोक रखा है. मुझे पता नही कि उन्हें क्या समझ आया क्या नही पर उन्होने म म म म म की आवाज जरुर निकाली. कार आगे बढी तो देखा कि बहुत वाहन लाईन मे लगे खडे हैं पहले लगा आगे शायद रेलवे क्रासिंग होगा पर वो कोई क्रासिंग नही बल्कि जबरदस्त जाम था. किस वजह से था ये पता नही चला. हम सोच ही रहे थे किया किया जाए तभी देखा एक कार बडी मुश्किल से मुडी और धीरे धीरे धूल उडाता चालक अपनी कार को कच्ची सडक पर ले गया उसकी देखा देखी एक और कार मुडी और फिर एक और कार… ना मालूम किसी को रास्ता पता था या नही पर उस कार की देखा देखी, कुछ ही पलों में खेत की पगडंडी पर अनगिनत कारें दौड रही थी.
उसी भेड चाल का हिस्सा बनें हम भी कार मे बैठे यही बात कर रहे थे क्या हम ठीक जा रहे हैं ? पता नही ये रास्ता कहां जाएगा या वापिस ही लौट जाए पर वापिस लौटना भी सम्भव नही था क्योकि वाहनों की कतार बढती ही जा रही थी. तभी देखा वही भेडे अब कच्ची पगडंडी पर हमें क्रास कर रही थी और शायद चिढा रही थी कि लो शुरु हो गई तुम्हारी भी भेड चाल ….!!! और मैं निरुत्तर थी. वैसे देखा जाए तो आज हमारी भॆडचाल ही तो है चाहे सडक पर टैफिक जाम में हो या सोशल मीडिया पर किसी बात की सच्चाई जाने बस भेड चाल की तरह उसका समर्थन करते पीछे लग जाते है म म म म म करते …यह जानते हुए भी कि ये रास्ता कही नही जाता …

भेडचाल का समर्थन न ही करें तो अच्छा क्योकि ये रास्ता कही नही जाता
बिग बॉस डबल ट्रबल
बिग बॉस डबल ट्रबल
मैं अपनी सहेली मणि की tolerance के आगे नत मस्तक हूं क्योकि वो टीवी के सीरियल BIG BOSS-9 डबल ट्रबल को सीरियस होकर देखती है. इस बार मुझे एक भी पोंईट ऐसा नही मिला कि BIG BOSS देखा जाए.
हैरानी है कि प्रतिभागी खुद ही रहना नही चाहते और जो आऊट होकर जाता है वो भी खुश होकर जाता है ना… इसे देखने के लिए भी अलग टाईप की सहन शक्ति चाहिए और वो शायद मुझमे तो नही
( गूगल सर्च से साभार तस्वीर )
बिग बॉस डबल ट्रबल
मेरा भारत महान
मेरा भारत महान
मेरे सपनो का भारत !!हे भगवान !!! समझ से बाहर है कि आज देश में ये हो क्या रहा है. देश में ‘असहिष्णुता’ ,नेता, बयान भाषण और भी न जाने क्या क्या .. इतना दुख है ये सब देख ,पढ और सुन कर कि दिमाग विचार शून्य है. जहां न्यूज चैनल एक एक बयान कुरेद कुरेद कर दिखाने में जुटे हुए हैं इतनी जबरदस्त और खतरनाक राजनीति हो रही है कि इसका अंदाजा ही नही लगाया जा सकता यकीन मानिए कभी भी ऐसी कल्पना नही की थी.
आज समाज में भूकम्प और आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक माहौल बन रहा है और उसे हवा दे रहा है सोशल मीडिया और न्यूज चैनल. सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मकता उभर उभर कर आ रही है जोकि सही नही है और न्यूज चैनल अपनी अपनी टीआरपी के लिए कुछ भी किसी भी हद तक जा रहे हैं..(हालाकि अपवाद दोनों क्षेत्रों में हैं पर अच्छी और सच्ची बात कही दब रही है)
ऐसे में मेरा दिमाग तो विचार शून्य है अगर आपके पास कोई आईडिया हो तो बताईए कि कैसे सब कुछ ठीक किया जा सकता है मुझे यकीन हैं जैसा मैं अपना देश खुशहाल देखना चाह रही हूं वैसा ही आप भी देखना चाह रहे होंगें. आप भी अपना वही देश देखना चाह रहे होंगें जहां हिंदू मुस्लमान , सिख और ईसाई मिल जुल कर रहते हैं और जहां वो एक दूसरे के दुखदर्द को मिल कर उठाते हैं वहीं तीज त्योहारों को खुशी खुशी मनाते है… !!!
आज गुरुपर्व है और सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं पर अगर हम बधाई देने के साथ साथ उनके बताए मार्ग पर चलेंगें तो देश एक बार फिर शांति प्रिय और खुशहाल हो जाएगा. मुझे अपने देश पर गर्व है और नाज है भारतीय होने पर …. !!!
मेरा भारत महान आपको कैसा लगा ?? आपके आईडिया और विचारों का इंतजार है
fullstory हाल ही में अपनी विदेश यात्रा के दौरान हमारे प्रधान मंत्री जी ने कहा
कुआलालंपुर, 22 नवंबर :भाषा: देश में ‘असहिष्णुता’ पर चर्चा की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत को उसकी शक्ति उसकी विविधता से मिलती है और उनकी सरकार प्रत्येक नागरिक को संविधान प्रदत्त समान अधिकार की गारंटी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी ।
प्रधानमंत्री ने यहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपकी विरासत की भूमि भारत ने आजादी के बाद से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह वह देश है जिसे उपनिवेशवाद ने कमजोर किया और आजाद देश के रूप में जन्म लेते समय विभाजन ने आहत किया.. उस समय सवाल उठे थे कि क्या यह नवजात राष्ट्र अपने यौवन को छू पायेगा। कुछ लोग ऐसे थे जो ऐसा होने देना नहीं चाहते थे । ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ आज भारत न सिर्फ एक है बल्कि अपनी विविधता से अपनी शक्ति पाता है। यह एक ऐसा राष्ट्र है जो उसके सभी नागरिकों का है, जहां सभी को संविधान ने समान अधिकारों की गारंटी दी है, अदालत जिनको संरक्षण देते हैं और सरकार सुरक्षा ।
’’ भारत को ‘अतुलनीय विविधताओं वाली और विशाल सामाजिक चुनौतियों वाली भूमि बताते हुए मोदी ने कहा कि मलय.भारतीय समुदाय भारत की भाषाओं, धर्मो और संस्कृतियों की विविधताओं का प्रतिनिधित्व करता है और आपलोग सौहार्द की भावना में एकजुटे बने रहिए न सिर्फ अन्य मलय.भारतीयों के साथ बल्कि सभी मलय जनता के साथ । ptinews.com
Poem My India भी जरुर पढिएगा
- « Previous Page
- 1
- …
- 3
- 4
- 5
- 6
- 7
- Next Page »












