Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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July 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

गूगल सर्च – कार्टून

cartoon monica gupta google search

गूगल सर्च – कार्टून

कुछ भी सर्च करना हो तो Google Search से सर्च किया जा सकता है. आज जब अपने नाम के कार्टून सर्च किए तो मेरे कुछ cartoons देखने को मिले..

लेखिका से कार्टूनिस्ट तक का सफर

चार्ली चेप्लिन के जन्म के 125 वे वर्ष पर उनके फ़िल्मी जीवन में व्यंग्य की कथा के साथ-साथ उनकी स्क्रीन पर उपस्थिति का 100 वां वर्ष मनाने के लिए ये साल यानि 2015 चार्ली चैपलिन वर्ष के रूप में मनाया गया. इनमें से लगभग 200 कार्टून एक विशेष पुस्तक में शामिल किए गए हैं.चार्ली चैपलिन लाइन्स’ के रूप में सबसे पहले भारत में चार्ली चैपलिन वर्ष समारोह 25-27 जून , NCPA मुंबई में कार्टून/करिकेचर प्रदर्शनी आयोजित की गई.. इसमे मेरे बनाए चार्ली चैपलिन भी शामिल किए गए

IIC is organising 9th Anniversary of the Indian Cartoon Gallery on 4th June 2016 in Bangalore. Distribution of Prizes of MKMA-2015 and an exhibition of Indian and Foreign cartoons will also be organised on the same occasion at the cartoon gallery.

इसके बाद  29. 11. 2012 की बात है जब मैनें अपना blog (जिसे आप पढ रहे हैं )  बनाया और उस पर लिखना शुरु किया  और आज की तारीख में 1,213 यानि  एक हजार 213 पोस्ट हो चुकी हैं और नव भारत टाईम्स के ब्लॉग  में भी तब से आज तक 730 लेख, विचार और कार्टून प्रकाशित हो चुके हैं और फिर अक्टूबर 2015 से  नव भारत टाईम्स ने मुझे रीडर्स ब्लॉग  से author blog में शामिल कर लिया गया है जिसमें मेरे अधिकतर कार्टून प्रकाशित होते हैं. read more at monicagupta.info

 

 

July 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

रिश्वतखोरी – आईए रिश्वत दें

रिश्वतखोरी - आईए रिश्वत दें

रिश्वतखोरी – आईए रिश्वत दें –  रिश्वत लेना हो देना हो, रिश्वत खोरी हो ,रिश्वत पर निबंध लिखना हो , रिश्वत का अंग्रेंजी में क्या मतलब हो या रिश्वत का हिंदी में क्या मतलब हो … रिश्वत नाम ही बुरा है पर मैने रिश्वत दी … और रिश्वत देने को और लेने को पसंद भी किया … आखिर क्यों … !!

रिश्वतखोरी – आईए रिश्वत दें

सुनकर आपको जरुर हैरानी हो रही होगी क्योकि जहां मोदी जी बार बार कह रहे हैं कि न खाऊंगा न खाने दूंगा रिश्वत दूंगा न लेने दूंगा और अरविंद जी भी यही मिशन ले कर चले है कि इसे बंद करवाना ही प्राथमिकता है तो फिर मैं यहांं किस रिश्वत की बात कर रही हूं

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-bribe-by-monica-gupta.wav
रिश्वतखोरी - आईए रिश्वत दें

रिश्वतखोरी – आईए रिश्वत दें

मुझे तो रिश्वत देना बहुत अच्छा लगता है और आपको ??

रिश्वतखोरी – जहां मोदी जी बार बार कह रहे हैं कि न खाऊंगा न खाने दूंगा रिश्वत दूंगा न लेने दूंगा और अरविंद जी भी यही मिशन ले कर चले है कि इसे बंद करवाना ही प्राथमिकता है तो फिर मैं यहांं किस रिश्वत की बात कर रही हूं …

पहली बार नही अक्सर देती रहती हूं और देती रहूग़ी क्योकि रिश्वत देने के बाद काम बहुत आसान हो जाता है इसलिए …. अगर आप जानना चाहते हैं कि ये क्या माजरा है तो आपको क्लिक करके सुनना पडेगा …

मैने भी रिश्वत दी है और उम्मीद यही है कि बात बन जाएगी … मुझे तो रिश्वत देना बहुत अच्छा लगता है.. इससे काम आसान हो जाता है और एक विश्वास सा भी दिल में बैठ जाता है कि रिश्वत दी है अब जरुर काम बन जाना चाहिए … अरे !!

क्या हुआ ?? मेरी बात सुनकर आप इतने हैरान किसलिए हो रहे हैंं… क्या रिश्वत की बात सुनकर ?? क्या करुं पसंद तो मुझे भी नही है पर वो क्या है ना  एक बार जब दी और काम बन गया तो सोचा इसे रेगूलर फीचर ही बना लूं अरे भई जब काम इतना आसान हो जाए तो फिर टैंशन किस बात की.. वैसे मेरी मानिए तो आप भी रिश्वत दे कर देखिए….

बहुत अच्छा लगेगा.. क्या हुआ ?? आप जानना चाह रहे हैं कि मैने रिश्वत किसे दी और क्यो दी ??? असल में, वो क्या है ना बहुत दिनों से कुछ लिखने की सोच रही थी पर ये मोबाईल, ये नेट मेरा ध्यान भंग कर रहे थे और मैं कुछ लिख नही पा रही थी. जब लिखने बैठती कभी whatsapp तो कभी फेसबुक facebook की याद आ जाती और मेरा ध्यान भंग हो जाता इसलिए मैने अपने आप को रिश्वत दी कि अगर आज पूरा दिन बिना net के काम करुगी तो कल पूरा दिन net ही करुंगी कल लिखने से पूरी छुट्टी ..

रिश्वत दिए 6 घंटे तो हो गए है..  कंट्रोल control  करना बहुत मुश्किल है बार बार मन तो कर रहा है कि बस एक बार वटस अप चैक कर लूं बस एक बार फेसबुक check कर लूं बस पर अपने आप को समझा रही हूं कि कुछ ही घंटो की बात है फिर तो पूरा दिन internet पर ही रहना है … और फिर writing में जुट गई …

वैसे  रिश्वत शब्द तो मैने आपकी attention dievert  करने के लिए use   किया था… दूसरे शब्दों में आप इसे खुद को मोटिवेट motivate  करना भी कह सकते हैं.

असल में, हमारी कमजोरी हमारी खासियत हमसे बेहतर और कोई नही जान सकता. अब ये आपके ऊपर है कि आप खुद को कैसे मोटिवेट motivate  करते हैं और अगर इसी के साथ साथ हमारा मनोरंजन भी हो जाए और हम अपनी ही पीठ थपथपाए तो बुरा क्या है

इसलिए तो कह रही हूं  खुद को भी रिश्वत देकर देखिए आपकी एनर्जी और आपका खुद पर विश्वास confidence  जरुर बढेगा.. !!

वैसे हम हर उस काम को कर सकते हैं जो वाकई में करना चाहते हैं … है ना

कल फिर मिलूगी एक नए topic के साथ तब तक खुश रहिए मुस्कुराते रहिए … बाय बाय bye bye

 

उफ! ये डायटिंग – Monica Gupta

ऑडियो – उफ! ये डायटिंग ये dieting है आसान बस इतना समझ लीजिए… क्लिक करिए और सुनिए मेरा लिखा और मेरी आवाज में व्यंग्य उफ ये डायटिंग वैसे वजन कम करना जरा भी मुश्किल नही. बारिशे शुरु हो चुकी हैं और मुझे फिर याद दिलाया गया वो वादा जो मैने अपने परिवार से किया था कि बस..बरसात आते ही मैं डायटिंग शुरु कर दूंगीं. नमस्कार मैं हूं मोनिका गुप्ता. बात पिछ्ले साल read more at monicagupta.info

 

रिश्वतखोरी कैसी लगी ?? जरुर बताईएगा

 

July 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

चुनाव – नेता और कमर कसना

                                     चुनाव – नेता और कमर कसना cartoon neta ji by monica gupta

चुनाव – नेता और कमर कसना

कमर कसने का सच.. चुनाव आने वाले है भारतीय जनता पार्टी, आप पार्टी, कांंग्रेस पार्टी सहित अन्य पार्टिया तैयार हैं आरोप प्रत्यारोप, पैराशूट उम्मीदवार और भी ना क्या क्या जुमलो से राजनीति सरोबार होने वाली है  ऐसे में नेता जी कमर कसना भी स्वाभाविक है पर हाय रे हाय … भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो गया कि खा खा के दोहरे तीहरे होए जा रहे हैं नेता जी कमर नही कसे जा  रही ….

– चुनाव के लिए अभी से कमर कस लो: राजनाथ, New Delhi News In Hindi -amar Ujala

read more at amarujala.com

वैसे आपका क्या विचार है क्या कमर कसना वाकई लाभदायक है या दिखावा है छ्लावा है

 

July 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

जिंदगी का सच -ऑडियो

जब कोई बात बिगड़ जाये तो रहें बी पॉजिटिवhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-our-life-by-monica-gupta.wav
ऑडियो - मोनिका गुप्ता

ऑडियो – मोनिका गुप्ता

Click करिए और सुनिए 1 मिनट और 58 सैंकिड की audio …

 जिंदगी का सच -ऑडियो

जरा सोचिए .हम अपनी जिंदगी में किसको महत्व देते हैं घर परिवार, दोस्त हमारा जोश या सिर्फ काम को, अपनी नौकरी को … क्या जरुरी है और क्या नही जानना चाहते हैं तो क्लिक कीजिए और सुनिए. जिंदगी का सच -ऑडियो

बे वक्त अगर जाऊंगा सब चौक पडेगें….एक अरसा हुआ दिन मे कभी घर को नही देखा…

वाह !! किसी ने क्या खूब कहा है … इस शायरी पर आप ढेर सारे कमेंटस भी बटोर सकते हैं पर अगर इस की गहराई में जाएगें तो ये दो लाईने बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देंंगी..

आज समय देखिए सभी व्यस्त, अति व्यस्त बल्कि ये कहिए कि महा व्यस्त है …. बहुत लोग तो ये भी कहते है कि भई इतना काम है इतना काम है  कि मरने तक ही भी फुर्सत ही नही…  … तो परिवार का क्या ?? और हमारा स्वास्थ्य , हमारे दोस्त, उनका क्या !!

ह हा अजी उनकी चिंता छोडिए.ये कही भागे थोडे ही ना जा रहे हैं पर नौकरी चली गई तो सब चला जाएगा…. रुपया पैसा होगा तो ये सभी लोग हमारे साथ होंग़े. क्यो है ना.

काम के चक्कर मे इतने उलझ गए हैं कि सुबह सवेरे  काम पर निकल जाना देर रात को लौटना. परिवार पर ध्यान देने का तो समय ही नही है. देखा जाए तो सब कर तो परिवार के लिए ही रहें हैं पर परिवार को समय नही दे सकते

पर सच पूछिए तो काम से बढ कर है स्वास्थ्य ,परिवार, दोस्त और हमारा जोश. काम तो एक रबड की बॉल की तरह है जो उछ्ल कर टप्पा खाकर  वापिस आ ही जाएगी पर हमारा परिवार, शरीर, दोस्त, जोश उस कांच की गेंद की तरह है कि उछालते समय अगर एक बार हाथ से छूट गई तो बिखर जाएगी  और जिसे सम्भालना  नामुमकिन हो जाएगा.

कोई शक नही है कि जिंदगी मे  काम बहुत जरुरी है और इसे  दिल लगा कर करना भी बहुत जरुरी है पर जब हम काम करके बाहर निकले तो बस फिर हम, हमारा परिवार, जोश और हमारे दोस्त ही होने चाहिए. इन सभी को अहमियत देना बहुत ही ज्यादा जरुरी है.

वो कहते भी है ना उसे कभी नजर अंदाज मत करो जो आपकी बहुत परवाह करते हैं वरना किसी दिन आपको अहसास होगा कि पत्थर जमा करते करते आपने हीरा गवां दिया.… जरुर सोचिएगा. कल फिर मिलूगी एक नए टोपिक के साथ तब तक अपना ख्याल रखिए … बाय बाय

July 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात

रिश्वतखोरी - आईए रिश्वत देंhttps://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/07/audio-sani.mp3

क्लिक करिए और सुनिए स्वच्छता अभियान पर  4 मिनट और 35 सैकिंड की ऑडियो… मेरा अनुभव

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात

बात स्वच्छता अभियान के दौरान की है. जब गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा था.लोगो को समझाया जा रहा था कि  खुले मे शौच नही जाओ आसान नही था क्योकि सदियों से चली आ रही मानसिकता बदलना मुश्किल था.

 

ऑडियो

ऑडियो

 

एक बार महिलाओ को समझाने के बाद कि कोई अगर शौच के लिए बाहर जाए तो उसे रोको तो कुछ महिलाओं ने मुझे घेर लिया और बोली कि ठीक है निगरानी कर लेंगें पर  हम को ये बता दो कि पैसा कितना मिलेगा… पैसा ??? किस बात का पैसा ??? इस पर वो बोली कि हम निगरानी करेगी.

सुबह शाम बच्चों बडो को बाहर शौच जाने से रोकेगी इसलिए..मैने उन्हे आराम से पूछा कि बताओ कितना पैसा चाहिए. कोई बोली पाचं सौ तो कोई बोली सात सौ रुपया महीना तो होना ही चाहिए. क्या ??? मैने कहा बस ?? 500 – 700 रुपए महीना. उन्होनें सोचा कि बहुत कम बोल दिया शायद तो एक खडी होकर बोली हजार मैडम जी हजार चाहिए.  क्या ??? सिर्फ हजार !!!

सफाई की कीमत सिर्फ हजार रुपए. इस पर वो फिर सोचने लगी क्योकि शायद इतनी उम्मीद नही थी उनमे महिलाओं मे कानाफूसी होने लगी.मैने उन्हें शांत करवाया और बोला कि ये स्वच्छता अभियान है स्वच्छता अभियान … इस अभियान के अगर आप हजार क्या लाख भी मांगोगे तो भी कम है क्योकि ये जो काम आप लोग करने जा रहे हो यह अमूल्य है बहुमूल्य है इसकी कीमत का तो कोई अंदाजा ही नही लगाया जा सकता.

इस समय वहां पिन ड्राप साईलेंस थी. कोई सिर पर पल्लू डाले तो कोई नाक पर पल्लू रखे मेरी बात गम्भीरता से सुन रही थीं. मैने कहा अच्छा चलो एक बात बताओ … आपको ये पता है कि पहले हमारा देश आजाद नही था. बहुत लोगों ने कुर्बानी दी …

कुछ की आवाज आई कि म्हारा दादा म्हारा ससुर , तो कोई बोली म्हारे भी ताऊ, ने हिस्सा लिया था … मैने कहा कि अरे वाह !! ये तो बहुत अच्छी बात है कि आप उस परिवार से हो … अच्छा ये तो बताओ कि क्या आपने कभी सुना कि जो लोग देश के लिए लडे. स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया उन्होने ये कहा हो कि हम इस लडाई मे तभी हिस्सा लेंगें जब आप हमें पैसे दोगे ..

सब हंसने लगी और बोली ऐसे थोडे ही न होता है बल्कि जिन जिन ने इस आंदोलन में  हिस्सा  लिया उन्होनें अपने गहने, जेवर तक भी दान मे दे दिए थे. बिल्कुल … मैने कहा  बस दिल में एक ही लग्न थी, जज्बा था और  निस्वार्थ सेवा भाव था कि हर हालत में देश को आजाद करवाना ही है कितने लोग तो बेनाम ही रह कर देश के लिए लडे और जान कुर्बान कर दी  कि देश को आजाद करवाना है और देखो सच्चे मन से देश के लिए लडे और आज हम आजाद है…

आज भी एक लडाई हमे लडनी हैं और वो लडाई है गंदगी के साथ …ताकि हमारी आने वाली पीढी  स्वच्छता में सांस ले सके. उसका जड से  सफाया करना है  और उस्के लिए सभी का  साथ चाहिए और निस्वार्थ सेवा भाव चाहिए और आप है कि पैसे मांग रहे हैं  ..इन बातों ने उनको सोचने पर मजबूर कर दिया.

अचानक  कुछ महिलाए बोल पडी … न जी हम कुछ नही लेंगें … सफाई रखेंगें और अपने गांव का देश मॆं नाम जरुर करेंगें … उस समय मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो मैने बहुत बडी लडाई जीत ली. बात गांव की नही बल्कि शहर की भी है अब तो जगह जगह शहर में भी गंदगी के ढेर दिखाई देते हैं…

 

मोनिका गुप्ता , स्वच्छता अभियान

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात

प्रत्यक्षम किम प्रमाणम … आईए देखिए पहले गांव की क्या हालत होती थी और स्वच्छता अभियान के बारे में लोग की सोच क्या हो गई …

स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला – सफलता की कहानी – Monica Gupta

स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला Swachh Bharat Abhiyan – Village Vaidwala स्वच्छ भारत अभियान – गांव वैदवाला .सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के चलते गांव एक मिसाल read more at monicagupta.info

 

गंदगी हम फैलातें हैं और दोष सरकार पर मढ देते हैं हम अपने कर्तव्य भूल जाते हैं अधिकार याद रखते हैं जबकि समाज के प्रति भी हमारे कुछ दायित्व हैं जिसको निभाना हमारा फर्ज है……….

वैसे स्वच्छता के बारे में आपकी क्या राय है ? जरुर बताईएगा …!!

July 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

हमारी आवश्यकता – बिजली और फोन

About Me - Blog Of Monica Gupta

हमारी आवश्यकता – बिजली और फोन

देखो आसमां में खिलकर सूरज निकल रहा है, देश का परचम अब ऊँचा उड़ रहा है ! वर्षो का अँधेरा रोशन हो रहा है,. गरीब की रसोई से धुआं हट रहा है ! मेरा देश, मेरा देश, मेरा देश…. मेरा देश बदल रहा है…आगे बढ़ रहा है…

अचानक मुझे हैरानी हुई कि ये गीत मैं क्यूं गुनगुना रही हूं तब ध्यान आया कि पिछ्ले दिनों इंटरनेट बहुत तंग कर रहा था इसलिए बीएसएनएल बार बार फोन करना पडा और जहा फोन किया उनके मोबाईल पर यही संगीत लगा हुआ था बार बार करने से शायद संगीत दिमाग में बैठ गया.

हमारी आवश्यकता - बिजली और फोन

वैसे हैरानी है कि मेरे मोबाईल में मेरे दोस्तों या रिश्तेदार की बजाय बिजली विभाग या बीएसएनएल की कॉल ही सबसे ज्यादा है यानि टॉप पर है … वैसे अगर बिजली और नेट की सुविधा सही मिलने लगे तो देश को आगे बढने से कोई नही रोक सकता पर ये अडचने बहुत बडा स्पीड ब्रेकर हैं ओफ …

फिर लाईट चली गई और अब मैं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का नम्बर मिला रही हूं और आ रहा है जिस नम्बर पर आपने डायल किया है वो व्यस्त है कृपया थोडी देर बाद कीजिए… हे भगवान !!

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