Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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July 8, 2015 By Monica Gupta

Suicide Note

Suicide Note

cartoon suicide note by monica

आजकल व्यापम धोटाले को लेकर टेंशन तो है ही उससे भी ज्यादा टेंशन होने वाली मौतों को लेकर है … ये बेचारा टिल्लू दुनिया से जा रहा है पर मामले की गम्भीरता को देखते हुए एक काम इसने किया कि अपने सोसाईट नोट में लिख दिया कि इसमें व्यापम की कोई भूमिका नही है ताकि पुलिस पब्लिक, पत्रकार ,मंत्री गण हैरान परेशान न हो …

खैर ये तो टिल्लू ने अच्छी बात की पर टिल्लू महाराज  सोसाईड करना अच्छी बात भी नही  है …

July 8, 2015 By Monica Gupta

व्यापम बनाम प्रश्नवाचक

cartoon vyapam by monica gupta

एक नही दो दो प्रश्न वाचक चिन्ह लिए है ये व्यापम घोटाला  … भला इस पर प्रश्न क्यों नही उठेंगें … NRHM के बाद अब तक का सबसे बडा घोटाला.. व्यापम यानि व्यवसायिक परीक्षा मंडल   ….

 

 

: 10 – ABP News

नई दिल्ली: सांसें रोक देने वाले व्यापम घोटाले में मौत का सिलसिला थमा नहीं रहा है. आज सागर में ट्रेनी महिला सब इंस्पेक्टर की खुदकुशी की खबर आई है. पिछले तीन दिन में 3 मौत से देश में सनसनी मची हुई है. दो दिन पहले एक पत्रकार अक्षय सिंह की मौत हुई. एक दिन पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन की भी मौत हुई.

हर तरफ से सीबीआई जांच की मांग हो रही है, लेकिन शिवराज सरकार टस से मस नहीं हो रही है. कांग्रेस ने दावा किया कि अनामिका को व्यापम की जांच में लगी एसटीएफ से धमकियां मिल रही थीँ. कांग्रेस ने दस सवाल दागकर सीएम शिवराज सिंह की भी इस घोटाले में जांच कराने और इस्तीफे की मांग की है.

76 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े व्यापम घोटाले में महिला ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा की खुदकुशी को 45वीं मौत बताया जा रहा है. ब़ड़ा खुलासा ये हो रहा है कि आईजी सागर रेंज केपी खरे ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि अनामिका कुशवाहा को ससुराल से मानसिक प्रताड़ना मिल रही थी. पति पत्नी में मतभेद था. रिश्तों में तनाव था. अनामिका के पिता का आरोप है कि दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. पति ने कल रात से अपना फोन बंद कर रखा था. आज सुबह 6.40 पर तालाब में कूदी अनामिका.

अनामिका की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार ने दावा है कि उसने पारिवारिक कलह के कारण मौत हुई. वो घोटाले की आरोपी भी नहीं थी लेकिन कांग्रेस का दावा है कि अनामिका को लगातार धमकियां मिल रही थीं.

आइए जानते हैं व्यापम से जुड़े आज के 10 बड़े अपडेट्स

1. सागर में महिला ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा ने खुदकुशी की है. पुलिस ने खुदकुशी का ही केस दर्ज किया है. पुलिस एकेडमी के पास ट्रेनिंग कॉलेज के बगल के तालाब में डूब कर अनामिका ने जान दी. मुरैना की अनामिका की भर्ती पिछले साल व्यापम से ही हुई थी. दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया है कि ये 46 वीं मौत या 47वीं. पढ़ें पूरी खबर

2. सीएम शिवराज से सीबीआई जांच की मांग की जा रही है लेकिन शिवराज कह रहे हैं कि हर मौत का व्यापम से कनेक्शन नहीं है. उनका कहना है कि हर मौत को व्यापम से जोड़ना ठीक नहीं है.  देखें: सीएम शिवराज क्या कह रहे हैं

3. कांग्रेस ने दावा किया कि अनामिका को व्यापम की जांच में लगी एसटीएफ से धमकियां मिल रही थीँ. कांग्रेस ने दस सवाल दागकर सीएम शिवराज सिंह की भी इस घोटाले में जांच कराने और इस्तीफे की मांग की है. जानें कांग्रेस के 10 सवाल Via abpnews.abplive.in

July 7, 2015 By Monica Gupta

हिंसक होते बच्चे

हिंसक होते बच्चे

कई बार लगता है कि बच्चो की गुस्सैल और हिंसक होती प्रवृति के जिम्मेदार और कोई नही हम खुद ही है. कारण भी एकदम ठोस है. असल में, बदलते समय के साथ साथ हमारी करनी और कथनी मे फर्क आता गया जो हम महसूस ही नही कर पाए और बच्चे इस बदलाव को सह नही पाए.

 

kids fighting photo

Photo by Tony Fischer Photography

यकीनन हम बच्चो को किताबी पाठ पढाते रहे कि सदा सच बोलो . ईमानदारी का जीवन अपनाओ. बडो का आदर करो. नकल करने से जीवन मे कभी सफल नही होगे.पर हकीकत मे हम उनके आगे कुछ और ही परोसते रहे.

मसलन, अकसर झूठ बोलने पर हम ही उन्हे उकसाते हैं.पाठ ईमानदारी का पढाते हैं और आफिस से रिश्वत या तो ले कर आते हैं या उनके सुखद भविष्य के लिए दे कर आते हैं और तो और परीक्षा हाल मे बच्चो को नकल मारने के लिए सदा उत्साहित करते हैं ताकि कही अच्छी जगह दाखिला होने मे कोई दिक्कत ना आए.

जुगाड संस्कृति से हमेशा बच्चो को जोडे रखना चाहते हैं ताकि कोई दूसरा बच्चा उसको काट करके आगे ना निकल जाए. बडो का आदर करने का पाठ तो पढा देते हैं पर हम घर पर अपने ही बडे बुजुर्गो से ऊची आवाज मे बात करते हैं.

ऐसे मे अगर हम अपनी गलती मान लें तो कोई छोटे नही बन जाएगे.बच्चो का सही मार्गदर्शन हमारा पहला और आखिरी कर्तव्य होना चाहिए….

कैसा लगा आपको ये लेख हिंसक होते बच्चे …. जरुर बताईएगा 🙂

July 7, 2015 By Monica Gupta

बीमार का हाल

बीमार का हाल

sick lady in hospital  photo

Photo by Internet Archive Book Images

मेरी एक जानकार बहुत बीमार थी. काफी समय अस्तपाल मे भी रही. छुट्टी मिली और घर आ गई. मैने फोन करके मिलने को कहा तो उसने बेहद शालीनता से मना कर दिया.

उसने कहा कि कुछ ही दिनों की बात है वो ठीक हो जाएगी तब वो खुद ही फोन कर देगी. तब जरुर आना. बातो बातों मे उसने बताया कि मिलने वाले बीमार की नही अपनी सहूलियत के हिसाब से आते और धंटों बैठ कर गप्पे भी मारते और चाय वाय पी कर आराम से जाते हैं.

एक रिश्तेदार तो इसलिए नाराज हो कर चले गए कि उसने खाने को नही पूछा.. बीमारी करके वैसे ही किसी का हंसना बोलना अच्छा नही लगता …  ये तो लोगो को सोचना चाहिए … अगर उसने मुझे बुला लिया   और दूसरों को मना कर दिया तो भी सब बुरा मान जाएगे …. इसलिए मना कर रही हूं …

सभी को मना किया है. प्लीज बुरा मत मानना…!!!

मैने बिल्कुल बुरा नही माना बल्कि बहुत सही है…  अस्पताल में तो टाईम फिक्स होते हैं पर घर पर फिक्स नही कर सकते..  वाकई में लोग अपनी सहुलियत देख कर ही आते हैं और एक बार आकर आराम से  बैठ जाते हैं …

अब मैं उसके जल्दी से ठीक होने की प्रार्थना कर रही हूं ताकि उससे मिल सकूं…

वैसे आप भी अगर किसी बीमार से मिलने जाते होंगें तो कम समय ही लगाते होंगे .. है ना … अगर नही तो जरा नही बहुत सोचने की दरकार है क्योकि बीमार का हाल अच्छा नही है … !!!

July 7, 2015 By Monica Gupta

Increase vs decrease

  graph photo

Increase vs decrease

जनसंख्या लगातार बढ रही है. महंगाई का तो कोई हिसाब ही नही बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार,प्रदूषण, पेट्रोल, राशन आदि की तो बात ही मत करो . हाल बेहाल है. क्या इनसे कभी छुटकारा मिलेगा.  क्या हमारे सामने कभी कमी भी आएगी या कमी का नाम भी इतिहास हो जाएगा    क्या इनसे कभी छुटकारा मिलेगा…..

अगर आप ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं तो परेशान होने की कोई जरुरत नही है क्योकि आज के समय मे बहुत सी चीजो मे कमी या गिरावट आई है और तो और कुछ चीजे तो इतनी सस्ती हो गई है कि उनका कोई मोल ही नही रहा और आप हैं कि राग अलापे जा रहे हैं.

 

 

सुनिए हमारी जान(जिंदगी) सस्ती हो गई है इसकी कोई कीमत नही रही.

जीवन के मूल्य गिर गए है.

आँखो का पानी खत्म होता जा रहा है.

विश्वास की नीव कमजोर हो गई है.

सहनशक्ति कम हो गई है.

जंगल खत्म हो गए हैं हरियाली मे भारी कमी आई है.पक्षियो की चहचाहट कम हो गई है.

चीनी मे मिठास कम हो गई है.

बिजली की सप्लाई कम हो गई है.

स्कूलो मे टीचर और अस्पतालो मे डाक्टरो की कमी हो गई है.

खाने मे पोषक तत्वो की कमी हो गई है.

लडकियो मे खून की कमी हो गई है.जागरुकता, इज्जत, आदर मान ना के बराबर रह गए है और भी बहुत उदाहरण है इसलिए यह मत कहिए कि आज के समय मे कमी की कमी हो गई …..

 

कैसा लगा आपको ये Increase vs decrease लेख जरुर बताईगा 🙂  )

July 7, 2015 By Monica Gupta

बढता काम्पीटिशन

बढता काम्पीटिशन

thinking future photo

Photo by lindaaslund

आजकल काम्पीटीशन इतना बढ गया है कि बहुत विचार विमर्श चलता रहता  है कि बच्चे को कौन सा क्षेत्र दिलवाया जाए. द्फ्तर मे बास का बेटा इंजीनियर है एक बार तो मन आता है कि ये पढाई सही है.

शर्मा जी का विचार है कि डाक्टरी भी बुरी नही है घर मे एक डाक्टर हो तो अच्छा रहता है. पर जब लाल बत्ती वाली ग़ाडी देखते हैं तो मन करता है कि बच्चा सरकारी अफसर ही बने. बडा सा घर हो. नौकर चाकर आगे पीछे घूमे.

वही एक एक चैनल के  reporter को देख कर कभी कभी मन करता है कि TV पर आए news पढे और मशहूर हो जाए…

वही पडोस के मियाँ जी कहते हैं कि बच्चे को सीधा विदेश भेज दो. वहाँ पढाई भी करेगा और कमाई भी. उधर दादी ने रट लगा रखी है कि बचपने मे उनका मन था कि वो singer बने पर अपना शौक तो पूरा नही कर पाई अब अपनी पोती को गायिका बनाना चाह रही है कि वो रिएल्टी शो मे गाए और वो उसके साथ टीवी पर जाए.

उन्होने तो साडी और ज्वैलरी भी डिसाईड कर ली जो वो उस शो मे पहन कर जाएगी. समझ नही आ रहा कि किस की बात माने .

जी क्या कहा आपने?? … बच्चे से पूछ लें कि वो क्या चाहता है. कमाल करते है आप. जिंदगी का इतना बडा फैसला बच्चे पर कैसे छोड दें. उसे भले बुरे की समझ ही कहा है…. रहने दे आप. हम खुद ही सोच लेगे.

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