Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 10, 2015 By Monica Gupta

पटखनी

पटखनी

cartoon neta by monica gupta

 

पटखनी …. लॉकअप से तोमर ने भेजा सीएम केजरीवाल को इस्‍तीफा
गिरफ्तारी के बाद कल कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तोमर ने लॉकअप से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा, ‘तोमर ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है और मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया।

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दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच अधिकारों की जंग ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने एलएलबी की फर्जी मार्कशीट मामले में राज्य के कानून मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया। इस पर आम आदमी पार्टी बिफर गई। केंद्र पर दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात बनाने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर गृह मंत्रालय में साजिश रची गई।

– www.bhaskar.com

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पटखनी

June 10, 2015 By Monica Gupta

Mouth organ

Mouth organ … बहुत दिनों के बाद मणि का बेटा दो दिन के लिए घर आया. नाश्ते के बाद बेटे ने अपना बैग खोला और बोला आखॆं बंद करो आपके लिए कुछ है. फिर मणि के हाथ कुछ पकडा दिया. हाथ मे लेते ही मणि चौंक गई और आखें खोलती हुई बोली अरे !!! Mouth organ !! इतने साल हो गए .. इसका क्या करुगी.. भूल भाल गई हूं सब !!

बेटे ने कहा जब बचपन में आप हमे Mouth organ बजा कर सुनाती थीं तो आप खुद ही कहती थीं कि एक बार बजाना आ जाए तो जिंदगी भर नही भूल सकते .. मणि ने भी जानॆ अनजाने Mouth organ होठों से लगा लिया . वही मणि मुझे दिखाने लाई थी और डबडबाई आखें, खुशी … उससे कुछ बोला ही नही जा रहा था.

 

Mouthorgan  photo

Photo by Nina J. G.

मैं हाथ में mouth organ लिए ….उसकी तरफ देख कर सोचे जा रही थी….  बहने दे ये आसूं … .. सच, छोटी छोटी खुशियों में कितना सारा प्यार अपनापन और अहसास छिपा होता है

June 10, 2015 By Monica Gupta

Blood Donors -blood donors list

Blood Donors -blood donors list

Blood Donors भगवान का दूसरा रुप होते हैं. स्वैच्छिक रुप में रक्तदान करने से अच्छी कोई अन्य समाज सेवा हो ही नही सकती… क्या आप हैं रक्तदाता …

Blood Donors -blood donors list

कुछ समय पहले किसी परिचित का फोन आया कि मथुरा या अलीगढ मे एक महिला को ओ नैगेटिव रक्त की जरुरत है उस महिला की सर्जरी होनी है. मैने तुरंत नम्बर खोजे.राजस्थान के भीलवाडा से राजेद्र माहेश्वरी जी की मदद से मथुरा में रक्तदाता से सम्पर्क तो हुआ पर बात नही बनी और महिला को आनन फानन अलीगढ ले कर जाना पडा. वहां ओ नैगेटिव का कोई ऐसा रक्तदाता जानकारी मे नही था इसलिए चाह कर भी सहायता नही हो पाई.

क्या आप हैं रक्तदाता 

एक पोस्ट में मैने अलग अलग राज्यों के कुछ ऐसे ही लोगो के नम्बर मांगें थे जो रक्तदान के क्षेत्र मे बहुत काम कर रहे हैं ताकि रक्तदाताओ का एक ऐसा नेट वर्क बनें कि कम से कम हमारा समाज मे इतना तो योगदान हो कि रक्त की कमी से कोई जिंदगी का साथ न छोडे.

 

Blood Donors -blood donors list

Blood Donors -blood donors list

Blood Donors

मुझे इस बात की बहुत खुशी भी है जब मैने यह अभियान शुरु किया तब मात्र चार नाम थे और उसके बाद राजस्थान के भीलवाडा, सूरत गढ, भरतपुर, हनुमान गढ व छ्तीस गढ के कोरबा , महाराष्ट्र के चालीस गांव, Rishikesh, मुम्बई,  पंजाब में पटियाला, सूरत, दिल्ली व इंदौर से ऐसे लगभग 50 रक्तदाताओं से सम्पर्क हुआ कि उन्होनें विश्वास दिलाया कि जहां तक सम्भव होगा वो किसी को रक्त की कमी से जान से हाथ नही धोने देंगें.

और आज भोपाल और पूना से भी रक्तदाता जुडे और यही विश्वास दिलाया कि कही भी अगर रक्त की जरुरत पडे तो वो इंतजाम करवा कर रहेंगें …

मेरे लिए इतना सुनना ही बहुत था. पर अभी भी बहुत रास्ता बाकि है… पर खुशी है कि लोग बहुत अच्छे मिल रहे हैं … अगर आप अपने शहर मे किसी ऐसी शख्सियत को जानते हैं या आप खुद ही हैं तो जरुर बताए !!!

 

Blood Donors भगवान का दूसरा रुप होते हैं. स्वैच्छिक रुप में रक्तदान करने से अच्छी कोई अन्य समाज सेवा हो ही नही सकती… क्या आप हैं रक्तदाता …

Blood Donors -blood donors list

 

रक्तदान और अमिताभ बच्चन

June 10, 2015 By Monica Gupta

Once upon a time

Once upon a time

एक समय था जब हम Once upon a time कह कर अपनी कहानी की शुरुआत करते थे. चाहे वो परियों की हो या शैतान जादूगर की. आज मैं अपनी बात भी उसी बात से शुरु कर रही हूं पर दुख इस बात का है कि ये काल्पनिक नही हकीकत है…

वक्त नही है … समय बहुत कम है … मेरे पास चंद मिनट ही शेष हैं…आपके पास बस दस सैंकिंड हैं … .बाते बहुत हैं पर क्या करुं समय इजाजत नही दे रहा …!!! ऐसा, लगभग, सभी चैनल्स पर, बहस के दौरान न्यूज एकंर बोलते मिल जाते हैं !!! क्या वाकई और तेज, फटाफट  सुपर फास्ट खबरें …. !!!

सुनते तो हम अकसर है और इन दिनों ब्रेकिंग न्यूज पर देखने को भी मिल रही है. अक्सर तुरंत या जल्दी दिखाने के चक्कर मे चैनल रिपोर्टरों की situation हास्यास्पद हो जाती है. ( दो चार बार खुद भी अनुभव लिया है) ब्रेकिंग न्यूज देने के लिए सबसे आगे हम के चक्कर में बाईट लेने के लिए ऐसे उतावले हो जाते हैं कि धक्का मुक्की या गुस्सैल शब्दावली से भी परहेज नही करते.. !!!

चाहे कोर्ट से निकलते वकील की हो, नेता की हो या अन्य …!!!!और अगर वो पत्रकारों की मारामारी लाईव हो गई तो … !!(जोकि अकसर हो जाती है) ! बस यही मुहं से निकलता है !!! हे भगवान !!!

Once upon a time जब पत्रकार को बहुत सम्मान के साथ देखा जाता था. पत्रकार होना बहुत गर्व की बात होती थी पर आज के संदर्भ मे बात करे तो ….. !!! एक पत्रकार या रिपोर्टर चार चार पांच पांच चैनल की कवरेज कर रहा है. मुद्दा बस खबर देना है. बात की गहराई तक जाना या न जाना उसका सरोकार नही. किसी खबर की कवरेज के लिए जाने पर जनता को एक शकां रहती हैं वो कौन सी राजनीति पार्टी से हैं किसी कार्यक्रम मे मात्र उसे मुख्य अतिथि या सम्मानित इसलिए किया जाता है ताकि अगले दिन उस कार्यक्रम की खबर मुख्य रुप से छ्प सके. ऐसी बात नही है कि अच्छे पत्रकार नही रहे वो बिल्कुल हैं पर अच्छाई पर बुराई इतनी ज्यादा हावी हो चुकी है कि अच्छे भले पत्रकार भी खुद को पत्रकार कहलाने से कतराने लगे हैं. उफ !!!

 

 

press tv channels photo

Photo by NASA Goddard Photo and Video

 

Once upon a time   जब चैनल पर कोई बहस  में आने वाले लोग शालीनता रखते थे और बिना किसी की बात काटे  सभ्य ढंग से बात करते थे पर आज …. !!!

आधे धंटे के बहस ऐसे ही खत्म हो जाती है आमंत्रित मेहमान एक साथ बोलते हैं और कौन क्या क्या बोल रहा है किसी का सुर समझ नही आता इससे भी ज्यादा दुख और हैरानी की बात तब होती है जब एंकर भी किसी व्यक्ति विशेष के पक्षपात में बोलता है और हंसी भी आती है जब आमंत्रित मेहमान एंकर को ही चुप करवा देते हैं कि आप ने ही बोलना है तो हमे किसलिए बुलाया है !!! एक बार तो सुनने मे आया था कि हाथापाई भी हो गई थी( हालाकिं ये मैं नही देख पाई)

कुल मिला कर ये जो भी हो रहा है ठीक नही हो रहा. कम से कम न्यूज एंकर को अपनी भावनाओ पर, अपने हाथ की भंगिमाओं पर विशेष ख्याल रखना होगा अन्यथा वो खबर बनाते बनाते कही खुद ही खबर बन गए तो ???

तभी तो मैं कह रही हूं कि Once upon a time जब सही पत्रकारिता हुई करती थी !!

 

 

June 10, 2015 By Monica Gupta

Oh My God

Oh My God…कई बार हम कुछ ऐसा पढ या देख लेते हैं कि मन से खुद ब खुद Oh My God निकल जाता है. मैने भी दो प्रसंग ऐसे पढे की मन से बस यही आवाज आई Oh My God !!! ऐसा भी होता है … आपके साथ शेयर कर रही हूं !!!
एक आदमी को यह शंका थी कि उसकी पत्नी को अच्छी तरह सुनाई नहीं देता है शायद उसे एक श्रवण यन्त्र यानि Hearing aid की जरूरत हो सकती है इसलिए उसने अपने परिवार के डॉक्टर से सलाह ली. डॉक्टर ने उसे सबसे पहले एक साधारण अनौपचारिक परीक्षण की सलाह दी और बताया कि आप सबसे पहले 40 फीट दूर से फिर 30 फीट फिर 10 फीट दूर से बात करके देखना फिर ही मैं कोई इलाज कर पाऊंगा.

उसी शाम जब पत्नी रसोई मे खाना बना रही थी तो पति सोचा कि चलो आज ही कुछ परीक्षण करता हूं. दूसरे कमरे से उसने आवाज देकर पत्नी से पूछा कि आज क्या बनाया है. कोई जवाब नही मिला फिर थोडा और आगे आकर फिर वही पूछा पर फिर भी जवाब नही मिला. और आगे आया पूछा फिर भी कोई जवाब नही. इसी बीच वो रसोई मे अपनी पत्नी के पीछे खडा होकर पूछने लगा, अजी मैनें पूछा आज खाने मे क्या बना है.

उसकी हैरानी का कोई ठिकाना तब नही रहा जब पत्नी ने कहा “ मैं आपको पांचवीं बार बता रही हूं कि आज मटर पनीर बनाया है”

यानि …. दूसरो की कमी के बजाय अपनी कमी को खोजे.

 

Oh God photo

Photo by mikecogh

 

 

ये वाला प्रसंग पढ कर भी आप Oh My God  कह उठेंगें
कमरे का रहस्य
एक अस्पताल में ICU वार्ड के एक पलंग पर मरीज हमेशा ही मर जाता था, बहुत ही रहस्यपूर्ण बात थी की मरीज की कैसी भी हलात हो, कितनी भी सावधानी रखी जाये पर उसी पलंग पर हर रविवार सुबह 11 बजे ही मौत होती थी .पूरा अस्पताल प्रशासन परेशान कि कही भूत प्रेत का चक्कर तो नही . मेडिकल साइंस मानने को तैयार भी नहीं पर सच भी लगता था कि .आखिर रविवार को 11 बजे ही मौत क्यूँ होती है?
अगले रविवार 11 बजे से कुछ पहले ही अस्पताल का सारा स्टाफ उस वार्ड के बाहर बहुत ही बैचेनी, उत्सुकता, खौफ के साथ प्रतीक्षा करने लगे कि देखेँ आखिर आज क्या होता है,कोई क्रॉस ,कोई धार्मिक पुस्तक तो कोई पवित्र जल लिए आया हुआ था ताकि बुरी आत्मा के साए से बचा जा सके.
जैसे ही 11 बजे उस वार्ड मे साप्ताहिक सफाई कर्मी प्रवेश करता है अन्दर घुसते ही वो उस पलंग के पास जाकर जीवन रक्षक उपकरण बंद करता है और उस बिजली के प्लग मे वेक्यूम क्लीनर का प्लग लगा देता है ..
सभी आश्चर्य चकित हो कर देखते रह जाते हैं ..बहुत ही गहरा रहस्य बेपर्दा हो जाता है
Oh My God… तो बताईए कैसे लगी अगर इससे भी रोचक  और मजेदार आपके पास हैं जरुर शेयर कीजिएगा !!!

 

June 10, 2015 By Monica Gupta

Gifts

Gifts

पायल कत्थक नृत्य मे प्रथम आई. उसे नटराज की मूर्ति उपहार स्वरुप मिली. एक मित्र आगरा होकर आए और वो ताजमहल का खूबसूरत पोस्टर ले कर आए.

वही नन्ही नैना को उसकी दादी ने प्यारा सा शेर वाला टेडी बीयर दिया. मणि की दोस्त उसके लिए बेहद खूबसूरत फव्वारा और महाभारत का पोस्टर ले कर आई. ऐसे बहुत से उपहार होते है जिनका हम अक्सर आदान प्रदान करते हैं.

 

taj mahal photo

Photo by particlem

 

 

उपहार एक नई सी खुशी दे जाते  हैं कुछ बच्चे तो अपना बर्थ डे मनाते ही इसलिए है कि ढेर सारे Gifts मिलेंगें.

पर आज अचानक एक लेख पढा कि घर में क्या नही रखना चाहिए. उसमे लिखा था कि महाभारत भारत के इतिहास का सबसे भीषण युद्ध माना जाता है इसलिए इस युद्ध के प्रतीक, तस्वीर या रथ आदि को घर में रखने से झगडा बढ़ता है.

ताजमहल मुमताज की कब्रगाह है इसलिए उसकी तस्वीर या उसका प्रतीक घर में रखना नकारात्मकता फैलाता है. फव्वारा सुख, पैसे को बहा कर ले जाता है. नटराज की मूर्ति में भगवान शिव ‘तांडव’ नृत्य की मुद्रा में हैं जो कि विनाश का परिचायक है। उसे घर मे कभी नही रखना चाहिए और जानवरो का कोई भी प्रतीक स्वरुप लाने से स्वभाव उग्र होने लगता है.

अरेरे !! कितनी सच्चाई है इस बात में यह तो पता नही पर ऐसे लेख पढ कर मेरे मन मे तनाव जरुर हो गया है. Gifts क्या ऐसे भी हो सकते हैं … अगर आप भी कुछ इस बारे मे जानते हों तो जरुर बताईएगा..

6 things that should not be kept at home according to vastu – Navbharat Times

भारतीय वास्तु विज्ञान चाइनीज़ फेंगशुई से काफी मिलता जुलता है। यह प्राकृतिक शक्तियों को मनुष्य के लिए उपयोगी बनाने की एक कलात्मक परंपरा है। हम अक्सर सुनते आए हैं कि घर में क्या रखना अच्छा होता है और क्या रखना बुरा। आइए, आज आपको बताते हैं कि घर में कौन-सी 6 चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए-

नटराज की मूर्ति: नटराज नृत्य कला के देवता हैं। लगभग हर क्लासिकल डांसर के घर में आपको नटराज की मूर्ति रखी मिल जाती है। लेकिन नटराज की इस मूर्ति में भगवान शिव ‘तांडव’ नृत्य की मुद्रा में हैं जो कि विनाश का परिचायक है। इसलिए इसे घर में रखना भी अशुभ फलकारक होता है। 4. Read more…

अब जो घर में Gifts आ गए हैं उनका क्या किया जाए … अगर खुद रखे तो वहम और अगर किसी दूसरे को दें तो बहुत गलत बात होगी !!!

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