Monica Gupta

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August 18, 2015 By Monica Gupta

विदेश यात्रा के योग

विदेश यात्रा के योग

cartoon of modi by monica gupta

विदेश यात्रा के योग

जिस तरह से हमारे प्रधान मंत्री विदेश पर विदेश यात्रा किए जा रहे हैं बहुत लोगों के मन में हूक सी उठती होगी कि हम विदेश यात्रा कब कर पाएगे … हाल ही मे मोदी जी यू ए ई होकर आए वहां बताया कि हमारे देश के प्रधान मंत्री को वहां जाने में 34 साल लग गए … ऐसे में उनकी विदेश यात्रा मोह को देख कर यही कहना पड रहा है मरहबा… मरहबा !!!

 

विदेश यात्रा के योग

August 18, 2015 By Monica Gupta

Love Story

 

monica story love u

Love Story

आज सुनिए मेरी लिखी एक और कहानी मेरी ही जुबानी
शीर्षक है … लव यू
http://radioplaybackindia.blogspot.in/…/love-you-by-monica-…

कहानी – लव यू

मणि का बेटा मनु, होस्टल जाने के लिए तैयार हो रहा था…उसका दाखिला दिल्ली के बहुत अच्छे कालिज में हुआ था. मणि बहुत खुश थी क्योंकि मनु की मेहनत जो सफल हुई थी और आज से वो बहुत अच्छे इंजीनयरिंग कालिज में पढेगा पर मां का दिल जो ठहरा.. मनु दूर चला जाएगा … कैसे रहेगा ? कौन करेगा उसकी देखभाल? बस यही सोच सोच कर उसकी आखे भर आ रही थी. बजाय बेटे के साथ कुछ पल बैठने के वो कभी कपडे धोने बाथरुम मे चली जाती तो कभी रसोई मे जाकर प्याज काटने लगती. बहाने बना कर के बस अपने आंसुओ को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. जब बेटे को बस स्टाप छोडने की बात हुई तो बहाना बना दिया कि काम वाली किसी भी समय आ सकती है. ताला लगा देख कर लौट ना जाए.

जाते जाते बेटा जब आशीर्वाद लेने आया तो चोरी चोरी मां की आखो मे देख ही लिया. मणि इसके लिए भी तैयार थी.. बोली बदलता मौसम है.. ना आज नाक और आंखो से पानी बहुत बह रहा है.छीके भी बहुत आ रही है. मनु चला गया और वो उदास मन से कमरे मे आकर बैठ गई. इतने मे बेटॆ का मैसेज आया ” क्या मम्मी आपको तो झूठ बोलना भी नही आता. अपना ख्याल रखना और मै भी अपना पूरा ख्याल रखूगा” लव यू !!! वैसे आप स्माईल करती ही अच्छी लगती हो !! अब मणि मुस्कुराती मुस्कुराती रो रही थी और बोल रही थी मम्मी too loves u बेटा .. अपना ख्याल रखना….

Love Story कैसी लगी … जरुर बताईगा !!!

 

 

 

August 17, 2015 By Monica Gupta

राखी

 lady photo

राखी

मुझे राखी बिल्कुल अच्छी नही लगती अचानक जब मेरी सहेली ने ये बोला तो मैं सकते में आ गई. अरे !!! क्या हुआ !! अच्छी तो है राखी.. किसलिए अच्छी नही लगती. वो बोली पता नही पर राखी का नाम सुनते ही एक अजीब सी टेंशन हो जाती है.मैने पूछ ही लिया कि क्या इसकी वजह पैसे तो नही वो बोली पैसे कितने दें न दें मुझे उससे क्या मेरा क्या मतलब..मैने बात को सामान्य करते हुए पूछा अच्छा तुम कितने भाई बहन हो. वो मुस्कुराते हुए बोली एक भईया है मेरा… पर अब इसमे भईया कहा से आ गए… अरे !!! मैने कहा कि राखी यानि रक्षा बंधन की बात होगी तो भईया की बात तो…. वो बीच में ही बोली क्य्य्य्य्य्य्य्य्या ???? तुम राखी का त्योहार की बात कर रही हो …

मैने कहा … हां … तो ??? तुम क्या समझी … वो बोली मैं तो राखी”सावंत””आईटम गर्ल  की बात कर रही थी ..हे भगवान !!! वो तो वो और मैं  भी क्या समझ बैठी. फिर उसने मुझसे पूछा कि तुमको राखी कैसी लगती है … मैने कहा कौन सी वाली पहले ही बता दो नही कंफ्यूजन हो जाएगा … ह हा हा हा !! वैसे आपको राखी कैसी लगती है ?????

अब आप ये मत सोचने लग जाना कि कही ये वो वाली राखी गुलजार  तो नही…  जो कहती हैं … मेरे कर्ण अर्जुन आएगें … !!! 

राखी … मुबारक हो !!!

 

August 15, 2015 By Monica Gupta

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस

 

15 august by monica gupta

 

सारा देश स्वतंत्रता दिवस की खुशी मे डूबा है अगर ये  लोग भी आजादी दिवस मनाना चाह्ते हैं तो न तो गलत है और ही बुरा है . हैप्पी स्वतंत्रता डे टू यू  🙂

 

August 15, 2015 By Monica Gupta

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान

beti bachao beti padhao abhiyan

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान –  और तिरंगा फहरा दिया – beti bachao beti padhao abhiyan – लहराते तिरंगें को देख कर मन गर्व से भर उठता है और हाथ खुद ब खुद सेल्यूट की मुद्रा में आ जाते हैं. कल्पना कीजिए अगर आपको मौका मिले देश का तिरंगा फहराने का तो कैसा लगे ?? जी क्या कहा आपने की … आप सपने में भी नही सोच सकते ? जी बिल्कुल सही कहा… मेरी भी यही सोच थी पर मेरी इस सोच को बदल दिया हरियाणा के “”बेटी बचाओ बेटी पढाओ” अभियान ने. अभियान ये था कि गांव की जो लडकी सबसे ज्यादा पढी लिखी होगी वो अपने अपने गांव में तिरंगा लहराएगी.

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान –  और तिरंगा फहरा दिया

मुझे ये अभियान बेहद प्रोत्साहित करने वाला लगा और इस अभियान को लेकर बेहद उत्सुक थी और उत्सुकता से इंतजार था 15 अगस्त का जब ये मौका  गांव की पढी लिखी बेटियों को मिलेगा.

इस सिलसिले में मेरी बात हुई जिला फतेहाबाद के गांव जांडली कलां की सुमन रानी से जिन्हें अपने गांव में तिरंगा फहराने का  सुअवसर मिला. उसके पिता किसान हैं और वो तीन भाई बहन हैं .

सुमन से मैने सारी बात विस्तार से जाननी चाही कि आखिर उन्हें ये मौका कैसे मिला. सीधी सादी सी सुमन ने बताया कि कुछ समय पहले उनके गांव में सर्वे हुआ था और दूसरों की तरह, सुमन ने अपनी पढाई की सारी जानकारी सर्वे मे दी.

वो B.Com , M.Com, B.Ed और MBA हैं और आजकल फतेहाबाद के भूना कालिज में कोमर्स पढा रही हैं. जानकारी के बाद उन्हें 12 तारीख को फिर बुला कर बताया गया कि स्कूल के प्रांग़ण में वो ही तिरंगा लहराएगी.

अचानक सुनकर उन्हें विश्वास ही नही हुआ. खुद को संयत करने के बाद वो भावुक हो गई. और मैं बताना चांहूगी कि आज भी वो ये सारी बात बताते बताते भावुक हो गई. जब उन्होनें अपने पिता जी श्री रमेश कुमार को बताया तो एक बार तो उन्हें विश्वास ही नही हुआ पर जब विश्वास दिलाया तो उनका सीना गर्व से चौडा हो गया कि उनकी बेटी तिरंगा फहराएगी.

beti bachao beti padhao abhiyan

ध्वजारोहण करती सुमन रानी, फतेहाबाद (गांव जांडली कलां)

मेरे पूछ्ने पर कि जब  आज सुबह स्कूल आए तो कैसा लगा? मन में क्या क्या  चल रहा था. वो बोली कि जो उस समय महसूस हो रहा था वो तो शब्दों मे बताया ही नही जा सकता. उनके साथ सुबह उनके पापा, भाई और उनकी छोटी बहन आए थे.

ऐसा महसूस हो रहा था मानो ये सब सपना हो. बहुत गर्व महसूस हो रहा था और मन ही मन ढेरो धन्यवाद इस बात के लिए भी थे कि सरकार ने  बेटी की शिक्षा के लिए इतना सार्थक कदम उठाया. इस कदम के बाद तो ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी बेटियों को पढाएगें ताकि उनकी बेटियों को भी तिरंगा फहराने का मौका मिले.

सुमन बता रही थी कि उन्हें गर्व इस बात का भी है कि प्रदेश में पहली बार ये अभियान चला और वो पहली ही बारी में ही  इसका हिस्सा बनी. तिरंगा फहराने के बाद सुमन ने भाषण भी दिया जिसमें सरकार के इस अभियान की प्रशंसा के साथ साथ बेटी की शिक्षा पर बल दिया.

सभी गांव वासियों से अपील की कि वो अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा पढाए ताकि वो ना सिर्फ गांव में बल्कि समाज में भी अपनी अलग पहचान बना सके. कार्यक्रम में पाचं लडकियों को भी सम्मानित किया गया.

पढाई इस तरह भी पहचान करवा सकती है ये वो अभी तक भी सोच सोच कर रोमांचित हैं. सुमन ने बताया कि उनकी छोटी बहन जोकि अभी M.A कर रही हैं वो भी जिंदगी में कुछ बनना चाह्ती है और इस अभियान ने एक रास्ता दिखाया  है.

वही  जांडली कलां, गर्ल्ज स्कूल के मुख्य अध्यापक श्री कृष्ण कुमार जी ने बताया कि  सुमन इसी स्कूल की पढी हुई है और उन्हें  सुमन पर गर्व है.  अभियान के बारे में उन्होनें  बताया कि  बहुत अच्छा अभियान है और ये अभियान जारी रहना चाहिए क्योंकि जो गांव वाले बेटी को पढाने से कतराते थे आज वो ही बेटी को पढाने के लिए आगे आ रहे हैं.

girl- monica gupta

(अन्य गांव में ध्वजारोहण करती हरियाणा की बेटी)

बेटी बनी सरपंच – बेटी बचाओ बेटी पढाओ

ये अभियान प्रदेश भर में ही नही बल्कि देश भर में चले और  निरंतर चले और  बेटिया पढती रहें … !!!

सुमन रानी और हरियाणा की उन सभी लडकियों को जिन्होनें तिरंगा लहराया उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं !!!

 

August 15, 2015 By Monica Gupta

संसद की मानसून सत्र

monica gupta

संसद की मानसून सत्र

21 जुलाई से आरम्भ हुए सत्र में कोई हलचल नही हुई कोई काम नही हुआ पर आखिरी दिन आखिर मीडिया को टीआरपी बढाने वाला मुद्दा मिला. और मुद्दा था राहुल गांधी के काथ में वो कागज जिसे पढ कर वो संसद में बोले थे.

कल मीडिया को राहुल बाबा के हाथ में एक कागज क्या मिल गया … हल्ला मच गया और तो और हंसी इस बात पर भी आई कि मीडिया कहता कि वो अंग्रेजी में सोचते हैं !!! अरे !! भला ये क्या बात हुई … सभी अपने अपने अंदाज में सोचते हैं … इसमें क्या बडी बात है अब क्या सोच भी अंग्रेजी, या हिंदी या इटली मे होगी … क्षमा करें वैसे मैं आपको बता दू  कि कार्टूनिस्ट भी अपने ही अंदाज में सोचते हैं समझ लीजिए हम बैठे हैं और कुछ सोच रहे हैं … हम भी रेखाओं में सोचते हैं कभी बादल कभी पहाड … समय मिला नही कि रेखाओ से कल्पना के घोडे दौडाने लगते हैं तो बात का बतगंड काहे बनाना … इस सत्र को इस प्रकार से सोचा … क्या समझ आया … !!!

वैसे क्या आप बता सकते हैं कि ये क्या बना है ???  🙂

संसद की मानसून सत्र , लडाई झगडा , भैंस , पानी … लो गई भैंस पानी में …

August 15, 2015 By Monica Gupta

क्षमा याचना

15 august monkey by monica gupta

क्षमा याचना

आज भारत देश आजादी की 68वीं सालगिरह धूमधाम से मना रहा है पर , किंतु , परंतु  यह भी सत्य है कि आज  हालातों और राजनेताओं को मद्देनजर रखते हुए 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस की feel नही आ रही … कारण बिल्कुल साफ है जिस तरह से नेता आपस में झगड रहे हैं… देश के हित की बजाय अपना हित सोच रहे हैं अपशब्द बोल रहे हैं ऐसे में कैसे मना पाएगें स्वतंत्रता दिवस … ये खुशी भीतर से आती है और यकीनन यह खुशी पिछ्ले साल बहुत थी… मोदी जी का भाषण जब लाल किले की प्राचीर से सुना था तब लगा था कि देश के , आम आदमी के अच्छे दिन आ गए हैं पर जैसे जैसे समय बीतता रहा …. बस बीतता रहा … बस बीतता रहा … और वो बीते समय की बात हो गई…

लाल किले की प्राचीर से मोदी जी के भाषण देने के बाद जनता से, उनके भाषण पर राय पूछ्ने पर लगभग सभी के ये विचार थे कि भाषण फीका रहा जो बात पिछ्ले साल की थी वो इस साल नही थी.पिछ्ले साल तो रोंगटे खडे हो गए थे पर आज कुछ  महसूस नही हुआ. एनडीटीवी पर रवीश जी ने तो  कहा कि रोंगटे तो मोदी जी के खडे हो गए  होंगें कि क्या हो गया.. !!

सोशल नेट वर्क पर जैसे फेसबुक, टवीटर या गूगल आदि पर नेट या टीवी चैनल पर झंडे  फहरा  रहे है…  तिरंगें के साथ फोटो पर ले रहे हैं पर भीतरी खुशी नजर नही आ रही … जनता बेहद परेशान है इसलिए तो मेरी पात्रा को कहना पड रहा है कि बेशक, आज का दिन हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है पर आज जिस दौर से हम गुजर रहे है(जिससे आप सब भी परिचित हैं) उससे मन विचलित है इसलिए बस आज तो बापू गांधी से क्षमा ही मांगनी है कि हम आपकी उम्मीदों पर खरे नही उतर रहे … अगले साल यानि 2016 तक सुधार हो इसी आशा के साथ शुभकामनाएं !!!

एक उदारण और जरुर देना चाहूगी कि एक वक्त था जब बापू का अर्थ महात्मा गांधी होता था पर आज के समय में अगर हम नेट पर बापू सर्च करेंगें तो बापू आसाराम ही दिखाई देंगें, उनकी वीडियों,  उनसे ही जुडी ताजा खबरे … सच, 68 साल में बहुत कुछ बदल गया है …

नेता बाल की खाल निकाल रहे हैं … अंट शंट बोल रहे हैं. ना कुछ सार्थक हो रहा है  और न ही इसके प्रयास किए जा रहे हैं.जनता आज बहुत बातो से आजादी चाह्ती है जैसे बड बोले नेताओं से, भ्रष्टाचार से, महंगाई से, उस कानून से जो कछुआ चाल चल रहा है , गरीबी से, आतंक वाद से,  अत्याचार से, बिके और आखं पर कपडा बांधे कानून से…  नेताओ के गंदे विचारों से और भी ना जाने कितनी बातों से हमें आजादी चाहिए.

फिलहाल से गांधी जी के तीन बंदर जो हमें बुरा न देखने, बुरा न सुनने और बुरा न बोलने का संदेश देते हैं हाथ जोड कर उन्ही से माफी मांगते हैं क्षमा याचना करते हैं कि हम आपकी उम्मीदों पर खरे नही उतरे…

 

Navbharat Times

इस स्वतंत्रता दिवस आप किससे आजादी चाहते हैं? कहें अपने ‘दिल की बात….’ See more…

 क्षमा याचना  इस विश्वास के साथ भी  कि शायद 2016 में हमें ये न करना पडे और हमारा देश खुशहाल हो … स्माईल लानी न पडे खुद ब खुद आ जाए !!!

August 12, 2015 By Monica Gupta

सत्यम शिवम सुंदरम- ॐ नम: शिवाय

shiv ji by monica gupta

 

 

shiv ji by monica gupta

 

सत्यम शिवम सुंदरम- ॐ नम: शिवाय

सत्यम शिवम सुंदरम …वातावरण शिवमय हो रहा है.  मंदिर मे लम्बी भक्तों की कतारे शिवलिंग पर दूध चढाने के लिए आतुर… बाबा भोले नाथ की बहुत बातें ऐसी हैं जो जाने अंजाने हमें शिक्षा दे जाती हैं….

हम सभी जानते हैं कि शिव जी ने विष का पान किया था. ना तो उसे निगला था और ना ही उगला था. बस गले में ही रखा था, ठीक वैसे ही, हमें भी, घर की विष रुपी परेशानी को ना तो बाहर किसी को बताए और ना ही उसे दिल से लगा कर बैठे. कलह हर घर में होती है, लेकिन अगर वो उसे बाहर के लोगो को बताएगे तो बात बढ़ जाएगी और अगर गले से नीचे उतार लेगे तो खुद तबियत खराब करके बैठ जाएगे.

शिव जी के माथे पर जैसे चादँ शांति का प्रतीक है, हमें भी वैसे ही अपना दिमाग शांत रखना चाहिए. उनके मस्तक से निकली गंगा भी इसी बात की प्रतीक है कि गुस्से के पल को भी शांत होकर बिताएं.

घर परिवार मे छोटे-मोटे फैसले लेते हुए मन को शांत रखें अगर खुद ही बात-बात पर चिल्लाकर बोलेगें तो घर मे झगडा ज्यादा बढ़ जाएगी. बात यह भी नही है गुस्सा करना ही नही चाहिए. करे पर वो भी एक मर्यादा मे रह कर ही करें अन्याय, अनुशासन हीनता आदि के लिए अगर गुस्सा किया जाए तो मगंलकारी ही होता है और इसके साथ साथ परिवार के सदस्यो के इस बात का भय होना भी जरुरी होना चाहिए कि अगर वो उचित आचरण नही करेगे तो बडे बुजुर्ग नाराज हो सकते हैं.वैसे भी तुलसी दास जी ने कहा है कि “भय बिन होहि ना प्रीति”… इसलिए परिवार का मुखिया अगर कठोरता और कोमलता दोनो दिखाता है तो कोई गलत बात नही हैं. कठोरता और कोमलता का सही मात्रा मे होना बहुत जरुरी है.

एक अन्य उदाहरण है कि जैसे शिव जी का वाहन बैल, उमा का वाहन सिहं, शिव का कंठ हार सर्प, गणेश जी का मूषक और कार्तिक का वाहन मोर है पर शिव की महिमा देखिए आपस मे पुश्तैनी दुश्मनी होते हुए भी  सर्प, बैल, सिंह, मूषक, मोर सभी एकता और प्रेम मे बंधे हुए है .हमे भी इसी दिशा मे प्रयास करते रहना चाहिए कि किस प्रकार सभी को प्यार से और ज्यादा खुशहाल कैसे रखा जा सकता है …

 

.lord shiv by monica gupta

दहेज ना लेकर उन्होने जो कुरीतियो का दमन किया. ये सबक हमे  हमेशा ध्यान मे रखना चाहिए. गणेश और कार्तिक दो बच्चों का शिव पार्वती का छोटा सा परिवार था. उसी का अनुकरण हम लोगो को भी करना चाहिए.

सत्यम शिवम सुंदरम- ॐ नम: शिवाय

August 11, 2015 By Monica Gupta

सकारात्मक सोच

positive thinking by monica gupta

सकारात्मक सोच

जिंदगी में हमेशा सकारात्मक सोच लिए ही आगे बढते रहना चाहिए … लोग तो कहते भी रहेंगें और हमें तंग भी करेंगें पर हमे सच्चे मन से अपने कार्य में जुटे रहना चाहिए और आगे बढते जाना चाहिए …

August 11, 2015 By Monica Gupta

Audio- मेरी कहानी -सहयोग-मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता

story of monica gupta

Audio- मेरी कहानी -सहयोग-मोनिका गुप्ता

http://radioplaybackindia.blogspot.in/2015/08/sahyog-by-monica-gupta.html

 इस लिंक को क्लिक करके सुनिए मेरी लिखी कहानी मेरी ही आवाज में और जरुर बताईगा कि कैसी लगी ???

मेरी कहानी मेरी आवाज

कहानी – सहयोग

सुबह से ही दिनेश बहुत परेशान सा घूम रहा था.  असल मे, कुछ देर पहले ,उसके बचपन के दोस्त रवि की पत्नी का फोन आया था वो धबराई हुई आवाज मे बोल रही थी  कि भाई साहब, हमे आपकी मदद चाहिए. वैसे तो दिनेश और रवि बहुत ही अच्छे दोस्त  थे पर  बच्चो की पढाई और अन्य परिवारिक  कारणों  दिनेश की आर्थिक दशा ठीक नही चल रही थी. दिनेश ने उस समय ये कह कर फोन रख दिया कि आप चिंता मत करो मै हूं ना. पर फोन पर बात करने के बाद  वो  ये सोच कर परेशान हो गया  कि  आर्थिक तंगी के चलते वो उनकी मदद कैसे कर पाएगा.

बात को लगभग एक महीना बीत गया.इस बीच, दोनो की कोई बात नही हुई. दिनेश ने भी कोई बात करने की कोशिश नही की.पर जब भी कोई  फोन आता तो दिनेश का दिल धडकने लगता कि कही ये उसके मित्र का फोन ना हो. लगभग  दो महीने बाद रवि की पत्नी का फोन आया. वो बहुत खुश थी और बार बार उसका धन्यवाद दे रही थी इस पर दिनेश हैरान होकर बोला धन्यवाद किस बात का …  उसने तो कुछ …. इस पर वो बीच में ही बात काट कर बोली …. भाईसाहब,  आपका यह कहना कि चिंता मत करो, मै हू ना, बहुत सहारा दे गया और इन्होने जो नशा छोडने का प्रयास किया था वो  भी सफल रहा. आपकी शुभकामनाओ से यह बिल्कुल ठीक हो गए हैं. ऐसे  मुश्किल समय मे आपकी तरफ से मानसिक सहयोग मिलना ही हमारे लिए बहुत बडी बात थी. हम बहुत जल्द आपसे मिलने आएगे कह कर उसने फोन रख दिया. और दिनेश… एक बार फिर…. कुछ सोचने पर मजबूर हो गया…. !!!

Audio- मेरी कहानी -सहयोग-मोनिका गुप्ता

 

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