Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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January 31, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

Skipping Meals to Lose Weight – Effects of Skipping Meals – खाना ना खाने से बढ़ेगा वजन – Monica Gupta

Skipping Meals to Lose Weight

Skipping Meals to Lose Weight – Effects of Skipping Meals – खाना ना खाने से बढ़ेगा वजन – Monica Gupta – वजन कैसे कम करें ?? बहुत लोगो इसी विचार में रहते हैं कि वजन कैसे कम करें… इसमे एक धारणा बहुत आम है कि अगर एक समय का खाना skip कर देते हैं इससे वजन कम हो जाएगा..चाहे वो कुछ भी हो डिनर या ब्रेक फास्ट… वो हमे इसलिए सही लगता है कि खाना वैसे तो कम हो नही रहा न कसरत हो पाती है तो खाना ही  skip कर देते हैं… खाएगें तो ज्यादा खाया जाएगा…

Skipping Meals to Lose Weight – Effects of Skipping Meals – खाना ना खाने से बढ़ेगा वजन – Monica Gupta

Out of site out of mind वाला फार्मूला अपनाते हैं… और वो नियमित रात का खाना या दिन का एक समय का खाना छोड देते हैं .. तो क्या ये सही है या  skip करने से वजन कम हो जाएगा..

देखिए अगर कभी कभार ऐसा होता है कि हम खाना  skip कर रहे हैं ठीक है कोई नुकसान नही पर अगर हम इसे लॉग ट्रम फीचर बना लेंगें तो इसका असर उल्टा ही होगा…

आज इसी बारे में बात करते हैं कि खाना स्किप करके क्या क्या नुकसान हो सकते हैं…

एक स्टडी बताती है कि बेशक एक बार तो कम हो जाएगा पर वो शार्ट टर्म होगा उसके बाद जब वजन बढेगा तो फेटस बहुत ज्यादा बढ जाएगें..

स्किप करने के चक्कर में ओवर ईटिंग हो जाती है…

मान लीजिए मैंने सुबह से कुछ नही खाया ब्रेक फास्ट स्किप कर दिया और लंच तक मुझे जबरदस्त भूख लग गई और मैं क्या करुंगी ऐसे में .. मेरी ओवर ईटिंग हो जाएगी.. यही होता है आप फास्ट का उदाहरण ही ले लीजिए जब भी व्रत खोलते हैं सारा दिन रखने के बाद जब रात को खाते हैं तो खाने पर टूट पडते हैं… वो नुकसान दायक है क्योकि ज्यादा कैलोरी जाएगी एक बात ये भी है कि जब हम ज्यादा समय के लिए भूखे रहते हैं तो एक दम से ज्यादा भूख लगेगी और हम ज्यादा खाएगें.. जब खाएगें तो… इस वजह से हमारा वजन बढने के ज्यादा चांस रहते हैं…

Temptation बढ जाती है.. जंक फूड ले लेते हैं

क्योकि खाते नही क्योकि खाना नही है तो कंट्रोल करते हैं पर होता नही इसलिए अक्सर जंक फूड ले लेते हैं जैसा कि चिप्स, नमकीन सोचते हैं कि ये क्या नुकसान करेगी पर वो डबल नुकसान करती है.. जंक फूड तो बहुत ज्यादा नुकसान करता है.

खाना स्किप करने से हमारा मैटाबोलिजम स्लो हो जाता है.. उस वजह से शरीर में ताकत कम हो जाएगी…

हम किसी काम में फोकस नही कर पाएगें..

जब शरीर में पोषक तत्व नही जाएगे तो काम करने की क्षमता कम हो जाएगी.. सिरदर्द, थकावट, चक्कर आना चिडचिडाहट ऐसी प्रोब्लम हो जाएगी..  होगी.. ऊपर से भले ही हम दिखाए कि हमारा वजन कम हो रहा है या हो जाएगा.. पर अंदर ही अंदर स्ट्रेटस लेवल बढता जाएगा… खाने का मन है खा रहे नही… हम स्ट्रेस में भी जा सकते हैं..

 लगातार स्किप करने से हमारी स्किन, बाल, नाखून, और मसल्स सब कमजोर हो जाएगें.. त्वचा रुखी रुखी बाल भी रुखे, नाखून भी टूटने लगेगें और ऐसे समय में अगर सैल्फी लेने से भी कतराएगें क्योकि अच्छी ही नही आएगी…

तो अच्छा यही होगा कि पैशेंस रखें बजाय स्किप करने के संतुलित डाईट लें.. हैल्दी लें खाना ऐसा लें खाने में फाईबर हो, दलिया हो, आटे में चोकर मिला कर लें,

उतना ही खाएं जितनी भूख हो..   जिसमें फल, सब्जी, अनाज, प्रोटीन, मिनरल, विटामिन

आपने कहावत तो सुनी होगी

सुबह का नाश्ता राजा की तरह, लंच राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह खाएं तो सही रहेगा..

Skipping Meals to Lose Weight – Effects of Skipping Meals – खाना ना खाने से बढ़ेगा वजन – Monica Gupta

January 31, 2018 By Monica Gupta 1 Comment

Improve Memory in Kids – How to Keep Kids Brain Sharp – बच्चों का दिमाग तेज कैसे रखें – Monica Gupta

Improve Memory in Kids

Improve Memory in Kids – How to Keep Kids Brain Sharp – बच्चों का दिमाग तेज कैसे रखें – Monica Gupta – Keep Your Child’s Brain Sharp.. पेरेंटस को अकसर शिकायत रहती है बच्चा पढता नही, याद नही करता, या याद रहता नही तो मैं पूछ्ती हूं कि बच्चे का ब्रेन शार्प हो इसके लिए आप क्या करते हैं.. तो उनके पास कोई जवाब नही होता.. तो चलिए आज मैं कुछ बातें बताती हूं कैसे ब्रेन शार्प हो सकता है बच्चों का… वैसे इसी से रिलेटिड एक वीडियो भी बनाई थी जिसमें ब्रेन गेम्स थे इसका लिंक नीचे दिया है… और आज कुछ ऐसी बातें जिनसे बच्चे का ब्रेन शार्प हो सकता है… तो क्या हैं वो..

Improve Memory in Kids – How to Keep Kids Brain Sharp – बच्चों का दिमाग तेज कैसे रखें –

बेशक आप माने या न माने बच्चे का खेलना बहुत जरुरी है…

Physical Exercise

 

अगर मैं कहूं कि शार्प ब्रेन के लिए बच्चे को खेलने देना चाहिए जितना भागेगें या खेलेंगें दिमाग इतना ही तेज होगा क्योकि इससे हमारा ब्लड  circulation बढेगा और वो दिमाग को ज्यादा oxygen मिलेगी

getting enough sleep एक अच्छी नींद और

अच्छा खाना एक अच्छे ब्रेन के लिए बहुत जरुरी है

तनाव जहां भी सबसे बडा दुश्मन होता है वही खुल कर हसंना ब्रेन मजबूत करने का सबसे अच्छा माध्यम होता है

इसी के साथ साथ बात आती है हमारे पढने की आदत की… Reading  की…. आदत पढने की आदत का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है.. इसके लिए जरुरी नही कि आप कोर्स की ही किताब पढने को बोले बल्कि जिस विषय में उसकी रुचि है उससे सम्बंधित किताबें लाकर देंगें तो ज्यादा रुचि भी बनेगी… पढना और इसी के साथ साथ कुछ चीज को याद करने के लिए या तो लिख लेना या बार बार बोल कर याद करना…

Try New Things नई नई चीजे सीखने दें.. जैसा कि कोई musical instruments, या मान लीजिए बच्चे को सारा दिन बैठ कर टीवी देखने का शौक है तो उसके डांस क्लास, या कोई नई भाषा.. कुछ भी ऐसा जिससे ब्रेन पर जोर पडे… हां रेडियो सुनने से जरुर जोर पडता है क्योकि हम कल्पना करते हैं कि ये जो बोल रहा है कैसा होगी.. जंगल जा रहे है जंगल कैसा होगा… इस तरह की कल्पना … चाहे कोई नई Hobby हो…

बच्चे को एक्टिव रखिए…

उसके बहुत सारे तरीके हैं सब्जी वाला आया है धोबी का हिसाब करना है आज मार्किट गए थे कितने पैसे कहा  खर्च हुए बच्चे को दीजिए हिसाब करने के लिए.. कई बार मार्किट जाए तो बच्चे को भी कुछ पैसे दीजिए और बोलिए कि खुद रखे अपना हिसाब… कही बाहर धूमने जाए तो आगे वाली कार का नम्बर एक बार पढने दीजिए फिर पूछिए कि क्या नम्बर है याद करके बताओ…

या फिर जब पार्क में जाएं तो बोले की अलग अलग कलर्स की चीजे लिखिए जो यहां देखी हैं या दस ग्रीन चीजे जो यहां दिखाई दे रही है… आज सारा दिन एक भी शब्द अंग्रेजी का नही बोलेंगें…

बात बात पर technology का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए.. stop relying on technology एक बात बहुत जरुरी कि बात बात पर हम नेट के गुलाम हो गए हैं.. मान लीजिए कही जा रहे हैं तो GPS global positioning system को ओन कर लेते हैं और दिमाग पर जोर ही नही डालते.. तो उसे बंद कर दीजिए और दिमाग पर जोर दीजिए कि कहां से मुडना है अब कितनी दूर है या जहां जा रहे हैं वहा कौन सी दुकान थी…

या फिर कुछ मैथस की प्रोब्लम का हल निकाल रहे हैं और बार बार केल्कूलेटर यूज कर रहे हैं..

Use your brain instead of your smartphone

हमें अपना नम्बर ही याद नही होता या मम्मी पापा का नम्बर नाम सेव करके रखा होता है याद ही नही रहता… याद रखिए.. एक यही कोम्पीटिशन रख लीजिए पूरा परिवार कि किसे याद हैं फोन नम्बर… Impress your friends by memorizing their phone numbers

खेल तो हैं ही … Play Memory Games,  Puzzles Games , chess are ideal brain exercises because there is always more to learn.

इसके साथ साथ कुछ मजेदार भी कर सकते है जैसा कि राईडल्स पूछ सकते हैं…

उससे मस्ती की मस्ती .. और ब्रेन  को सोचने का मौका भी मिलता है…

What do the numbers 11, 69, and 88 all have in common?

What has to be broken before you can use it? ऐसी क्या चीज है जिसे इस्तेमाल करने के लिए तोडना पडता है.. अंडा

मैं odd number हूं पर अगर एक  letter निकाल देंगें तो मैं even. हो जाऊंगा…  What number am I? मैं कौन सा नम्बर हूं
 Seven  ‘even’

मैं ‘P’ से शुरु होता हू और ‘E’, पर खत्म होता हूं पर मेरे पास thousands of letters हैं मैं क्या हूं  Who am I?
Post Office

Improve Memory in Kids – How to Keep Kids Brain Sharp – बच्चों का दिमाग तेज कैसे रखें – Monica Gupta

 

January 31, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

Aggression in Children – बच्चों में आक्रामकता – Reasons for Aggression in Children – Monica Gupta

Aggression in Children

Aggression in Children – बच्चों में आक्रामकता – Reasons for Aggression in Children – Monica Gupta – Aggression क्यों है आज बच्चों में….  इतने आक्रमक किसलिए हो गए है बच्चे… वो उम्र जो  खेलने खाने की थी उसमे चाकू मार रहे हैं गोली मार रहे हैं चिल्ला रहे हैं क्या करण है… बहुत गम्भीर मुद्दा है…

Aggression in Children – बच्चों में आक्रामकता – Reasons for Aggression in Children –

यही बात मैंनें यू टयूब के जरिए जाननी चाही थी तो बहुत सारे पेरेंटस के कमेंटस आए…जहां बहुत सारे पेरेंटस बहुत चिंतित थे कि आज के बच्चे को हो क्या गया है ?  वही स्टूडेटस का ये कहना कि बहुत प्रेशर है पढाई का…

समाज में,  बेशक,  दो चार ही इस तरह के incident हो पर आखें खोलने के लिए बहुत हैं तो बच्चा इस तरह से आक्रमक हो रहा है कारण है क्या ??

एक कारण ये हो सकता है कि या तो घर पर उसकी ओर कोई ध्यान नही देता.. सब अपने अपने में बिजी हैं… मम्मी किटी पार्टी पापा आफिस या बिजनेस टूर उसे कोई केयर नही मिलती तब वो अपनी फीलिंग अपनी बाते शेयर नही कर पाता .. कोई सुनने वाला ही न हो तो क्या करेगा… तब वो मन में भरता भरता जाता है और उसकी नेचर aggressive होती जाती है…

या फिर बहुत ध्यान रखा जाता है बहुत केयर की जाती है छोटी छोटी जिद पूरी की जाती है.. कुछ ऐसी मांगे भी पूरी की जाती हैं जो उस उम्र में जरुरी नही है जैसाकि छोटा बच्चा है उसे महंगे वाला मोबाईल खरीद कर देना या बच्चा अभी 10 क्लास में है उसे महंगी मोटर साईकिल जैसा कि बुलेट खरीद कर देना..

जब बच्चे को उचित आत्मसम्मान नही मिलता

जब उसके आत्मसम्मान को चोट पहुंचती है तब अक्सर ऐसा होता है मान लीजिए वो बहुत काला है या कद छोटा है और सभी हंसते हैं मजाक बनाते हैं तो मन ही मन गुस्सा बहुत बढने लगता है और वो इस कदर बढ जाता है कि  लगता है और कुछ अलग कर दिखाने के लिए वो कुछ भी कर तो वो आक्रमक हिंसक हो जाता है.. Depressed उदास

घर का माहौल  – घर का खराब माहौल भी कई बार इसकी वजह बन सकता है… परिवार में चल रहा कोई तनाव भी इसकी वजह हो सकता है… कोई टेंशन चल रही है जिसकी वजह से पेरेंटस अपने मे ही उलझे हैं या अपने बडो को देखकर … बार बार बच्चे को मारना शराब पीना और हुडदंग करना… बच्चा आक्रोश भर देता है… कुछ बच्चे अपने बडो को देखकर वैसा ही रिएक्ट करते हैं बडे घर आते हैं हमेशा लडते झगडते रहते हैं तो यही वो भी सीखते हैं.

बच्चों की खराब संगत भी उन्हें ऐसा बनने पर मजबूर कर देती है.. छोटा हो या बडा बच्चा जब उसकी संगत खराब हो जाती है जहां बच्चे नकल भी करते हैं चोरी भी करते है और नशा भी करते हैं… बच्चा एक बार उसमे घिरा तो घिरता ही चला जाता है और कुछ भी गलत कदम उठाने से नही हिचकिचाता..

जब बडे बच्चे छेडते या provoke तंग करते हैं या ब्लेक मेल करते हैं तो उसे उनकी बात माननी पडती है…और वो अपनी बात घर पर नही कह पाता… frustration निराशा में चला जाता है

पढाई का बहुत प्रेशर.. और पेरेंटस का डर जब बहुत ज्यादा प्रेशर हो पेरेंटस की बहुत ज्यादा उम्मीदें हो और बच्चा उनसे बोल न पाए और कुछ कर भी न पाए… पेरेंटस जब बार बार तुलना करते हैं.. तो भी बच्चे में आक्रोश भर जाता है.. क्या और किस तरह से ध्यान देना चाहिए ये अगली वीडियो में बताऊंगी ….

Aggression in Children – बच्चों में आक्रामकता – Reasons for Aggression in Children –

January 24, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

Be Mentally and Emotionally Strong – खुद को कभी कम ना समझें महिलाएं – Tips for Women – Monica Gupta

Be Mentally and Emotionally Strong

Be Mentally and Emotionally Strong – खुद को कभी कम ना समझें महिलाएं – Tips for Women – Monica Gupta – आज जिस बारे में मैं बात कर रही हूं वो हम सभी महिलाओं से जुडी बात है और बात है कि Emotionally और  Mentally Strong कैसे बनें महिलाएं Woman.. बेशक, हम महिलाएं बहुत स्ट्रांग होती है पर बार बार खुद ही underestimate करती हैं दिखाने से वो वाकई में कमजोर बन जाती है… मैं अपनी बात बताने के लिए उदाहरण देती हूं..

Be Mentally and Emotionally Strong – खुद को कभी कम ना समझें महिलाएं –

कल मार्किट में  महिला सब्जी ले रही थी.. और उसने दुकानदार को 100 रुपये दिए और दुकान दार ने उसे 15 रुपये वापिस किए उसे हिसाब समझ नही आया और उसने दो बार पूछा… मैं भी वही खडी थी… दुकानदार ने उसे समझाया कि नही आपने ये ये सब्जी ली है और इसका ये रेट है…

जिस तरह से दुकानदार ने कहा तो उस महिला को लगा कि शायद उसने ही हिसाब सही नही लगाया और हंसते हुए बोली अरे भईया मेरा मैथस बहुत कमजोर है और सामान लेकर चली गई.. उसके जाने के बाद जब दुकानदार मुझे सामान दे रहा था तो उस महिला को देखते हुए हंस रहा था कि लेडीज ऐसी ही होती है हिसाब किताब में.. और यकीन मानिए मुझे उसका ये कहना मुझे जरा भी अच्छा नही लगा.. आखिर बात बात पर हम खुद को किसलिए कमजोर दिखाती हैं…

अब मैंटली का भी उदाहरण सुनिए,,, बात बात पर रोना… हाय हाय करना.. घबराना… कमजोर दिखाता है… जबकि हम कमजोर नही है और अगर हैं भी तो भी हमें दिखाना नही है… तो कैसे बनें मजबूत …

सबसे पहले तो पता करनी है अपनी कमजोरी और उसे पर काम करना है खुद को मजबूत बनाना है.. ना कि जग को दिखाना है…  कैसे मान लीजिए सब्जी वाले से ही बात करनी है तो मजबूती से और किसलिए कमजोरी दिखानी है… पैसे दे रहे हैं इसलिए पूछ्ना तो बनता है कि नही…!!

परवाह नही करनी चाहिए

कोई क्रिटिसाईज कर रहा है या किसी ने रिजेक्ट कर दिया तो जिंदगी खत्म नही हो जाती.. अपनी जिंदगी का कंट्रोल हमारे हाथ में ही रखना चाहिए किसी ने बोला तुम खाना अच्छा नही बनाती तो हां किसी ने बोला कि तुम सुंदर नही हो तो हां मैं सुंदर नही.. और रोने लग गए किसलिए भई… ये हमारी जिंदगी है हमें पता है… कोई हमें रिमोट कंट्रोल से थोडे ही न चलाएगा और हम चल पडेगें…… परवाह नही करनी चाहिए ऐसी बातों से जो हमारा दिल दुखाए..

स्वीकार कर लेना चाहिए… तैयार रहना चाहिए

स्ट्रांग होने का मतलब ये भी नही है कि हम पत्थर दिल हो गए हैं… कई बार भावनाएं छ्लक जाती हैं. कोई हमारा दिल दुखाता है तो दर्द भी होता है पर जरुरत इस बात की है कि हमें स्वीकार कर लेना चाहिए कि कई बार रिश्ते ऐसे ही होते हैं जो दिल तोड देते हैं दिल दुखा जाते हैं… इसलिए मन मजबूत पक्का कर लेना चाहिए पर उन्हें अपने ऊपर इतना हावी नही होने देना चाहिए कि हमारी सेहत ही खराब हो जाए.. उसे दिल से लगा कर बैठ जाएं…

अपने प्रति अच्छा रहना है

किसी ने कुछ कहा और खुद को टार्चर करने लगते हैं खाना नही खाना.. बात नही करनी… खुद को सजा किसलिए देनी है… खुद को मजबूत बनाना है ना कि कमजोर.. वो इसलिए कि आप उसी की हकदार हैं..

मन ही मन ये निश्चय करना है कि नेगेट्विटि को आने ही नही देना.. हमेशा पॉजीटिव सोच रखनी है.. खुद अच्छे रहना है.. कोए बुरा वर्ताव कर रहा है तो कोई नही ये उसका स्वभाव है…

जाने दीजिए कोई बात हो गई तो – दिल से नही लगानी

जब भी कुछ ऐसी बात हो मन को हटा लीजिए.. एक मेरी जानकार ने बताया था कि वो क्या करती है कि

उसको कोई बात बहुत तंग कर रही है जिसकी वजह से बहुत तनाव है.. तो वो हाथ में एक छोटा सा पत्थर ले लेती है और सोचती है ये ही है सारी परेशानी की जड.. इसी से हुई है सारी दिक्कत.. इसे उठा कर ही फेंक देती हूं या पैर से किक कर देती है.. वो बोलती है ऐसा करने से अच्छा महसूस होता है.. कहने का मतलब ये है कि कैसे भी करके हमें अपने आप को स्ट्रांग बनाना है…

कुछ लोगो का मानना होता है बेचारी औरत.. ये चीज हटानी है बेचारी है.. किसलिए बेचारी हैं हम !! जरा भी बेचारी नही हैं हम बहुत स्ट्रांग हैं हम…

Be Mentally and Emotionally Strong – #TipsForWomenInHindi – Monica Gupta – Never Underestimate Yourself – http://https://www.youtube.com/@MonicaGupta/ – Motivational Videos in Hindi – मोनिका गुप्ता

January 23, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

कड़वा सच – एक सच्ची कहानी – Zindagi Ka Ek Kadwa Sach

I am Proud to be an Indian

कड़वा सच – एक सच्ची कहानी – Zindagi Ka Ek Kadwa Sach –  हम जितना भी झूठ बोल लें पर सच्चाई या कड़वी सच्चाई सामने आ ही जाती है… हर सुबह वो पार्क में मिलती.. जान पहचान कोई नही थी पर रोज सैर करते आमना सामना हो ही जाता और एक दिन जब स्माईल का आदान प्रदान हुआ और फिर वो अक्सर कुछ पल पार्क में बैठने लगीं..

कड़वा सच – एक सच्ची कहानी – Zindagi Ka Ek Kadwa Sach

एक ने बताया कि उनका बेटा विदेश में रहता है और इतनी दूर रहते हुए भी बहुत ख्याल रखता है दिन में दो दो बार फोन करता है.. उसे मेरी तबियत की बहुत फिक्र रहती है…  वही दूसरी महिला ने बताया कि उनका बेटा तो दूर जाना ही नही चाहता… उसने साफ मना कर दिया कि वो हमेशा साथ ही रहेंगें… और इसी तरह हर रोज बाते होने लगी.. एक दिन हमेशा की तरह कुछ देर बैठ कर बातें करती वो अपने अपने घर चली गई..

अगले दिन जब दोनों मिली तो आपस में नजरें नही मिला पा रही थी क्योंकि दोनों के मोबाइल फोन अदल बदल गए थे. पहले तो पता ही नही चला… पता तो तब चला जब फोन की घंटी बजी.

विदेश में रहने वाले ने फोन करके गुस्से से बोला कि क्या आप दिन में दो दो बार फोन करती रहती हो… बार बार मत किया करो जब समय हुआ करेगा  हफ्ते दस में मैं खुद ही कर लिया करुगां और फोन रख दिया.. न हाल चाल पूछा न कुछ और

वही दूसरी महिला के पास भी फोन आया और जब उसने फोन सुना तो आवाज आई.. कल कचहरी पहुंच जाना… ये घर मैं अपने नाम करवा रहा हूं फिर इसे बेच दूंगा आप अपना कोई और ठिकाना देख लेना.. सुन रही हो ना… कल सुबह 11 बजे कचहरी पहुंच जाना… वही मिलूंगा… और फोन रख दिया… बिना हाल चाल जाने… !!

और वो एक दूसरे का फोन देकर  बिना बात किए दोनों चुपचाप लौट गई..

कड़वा सच – एक सच्ची कहानी – Zindagi Ka Ek Kadwa Sach

January 23, 2018 By Monica Gupta 5 Comments

Qualities of a Good Writer – एक अच्छे लेखक के गुण – Writing Tips in Hindi – Monica Gupta

Qualities of a Good Writer

Qualities of a Good Writer – एक अच्छे लेखक के गुण – Writing Tips in Hindi – Monica Gupta – Basic Skills कौशल लेखकों में क्या स्किल यानि कौशल होना चाहिए… जब हम बात करते हैं लेखन की तब मन मे यही विचार आता है कि क्या हम लेखक बन सकते हैं… क्या स्किल होनी चाहिए ?? तो चलिए आज यही बात करते हैं कि अगर आपमे कुछ Basic Skills स्किल्स हैं तो आपको कोई भी शक्ति लेखक बनने से नही रोक सकती…

Qualities of a Good Writer – एक अच्छे लेखक के गुण – Writing Tips in Hindi

तो क्या चाहिए होता है एक लेखक बनने के लिए …

जिस भाषा में भी हम लिखे पकड अच्छी होनी चाहिए… हमारी हिंदी अच्छी हैं अंग्रेजी अच्छी है या कोई और भाषा जो अच्छी है उसमे हमारी पकड अच्छी होनी चाहिए

Spelling कोई मात्रा की गलती न हो

Grammar व्याकरण अच्छी हो

Word usage शब्दों का चयन अच्छा हो

मान लीजिए मैंनें एक कहानी लिखी है और एक ही लाईन में बहुत गल्तियां हैं तो पढने वाला बहुत अनीजी हो जाएगा.. या व्याकरण सही नही है या शब्द सही प्रयोग नही किए तो सब गडबड हो जाएगा… इसलिए भाषा पर पकड मजबूत रखिए… और अगर आपको लगता है कि थोडी बहुत गल्तिया हो जाती हैं तो पहले लिखें और उन गल्तियों को सुधार लें हो जाती है 10% तो चल सकती है पर एक बार इम्प्रेशन खराब पड गया तो जल्दी से कोई दुबारा नही पढेगा.

फिर बात आती है हमारी कल्पना शक्ति की…

भाषा अच्छी है तो हमारी कल्पना कितनी अच्छी है.. कैसे हम एक आईडिया को कहानी का रुप दे सकते हैं. जितना हम क्रिएटिव होंगें जितना हम कुछ नया देंगें या काम का देंगें अपने पाठकों को उतना ही अच्छा होगा..तो हमारी कल्पना चलती रहनी चाहिए..

फोकस रहना बहुत जरुरी है…

हमने अगर एक विषय चुन लिया कि चलो इस पर लिखते हैं फिर अरे नही अब इस पर लिखते हैं लिखने बैठते हैं तो दिमाग साफ…. कि किस पर लिखें तो ऐसा न करें .जो विषय चुना है उस पर पूरा फोकस रखें और उस पर जानकारी Research भी की हो…  भी हो तो बहुत अच्छा होगा observers.

मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए

कई बार हम लिखते तो है पर सोचते हैं कि वो क्या सोचेगा.. जैसे मान लीजिए मैं लिखती हूं लडकियों को समाज में पढने का अधिकार होना चाहिए.. फिर डर भी रही हूं कि मैं जिस गांव में रहती हूं वहां लडकी को पढाया नही जाता बस घर के काम काज के लिए रखा जाता है तो लोग क्या कहेंगें…  समाज क्या कहेगा.. मैं कन्या भ्रूण हत्या पर लिख रही हूं और डर रही हूं तो लेखन का कोई फायदा नही… लिखना ऐसा चाहिए कि किसी की भावनाएं भी आहत न हो और झंकोर भी दे.. कई बार हम पढते हैं न कुछ ऐसा कि हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं बस वैसा ही..

पैशेंस होनी चाहिए

लिखने का पैशन तो होना चाहिए पर साथ ही साथ पैशेंस भी होनी चाहिए… बहुत लोग बहुत जल्दबाज होते हैं.. एक आईडिया आया लिख लिया और चैक किए बिना उसे सम्पादक के पास भेज दिया… माना कि अच्छा लिखा है पर उसमें कुछ ऐसी गल्तियां हो गई तो सम्पादक का मिजाज खराब कर देगीं.. इसलिए संयम होना चाहिए और लिखने के बाद और भेजने से पहले अच्छी तरह से पढ कर चैक करके ही भेजना चाहिए..

और अभ्यास करते रहिए

अगर ऊपर लिखी बातों में आप 100% नही हैं तो भी कोई बात नहीं.. अगर आपको लिखने से प्यार है.. तो लगातार अभ्यास आपको एक न एक दिन ऊंचाईयों पर ले जाएगा… क्योकि जितना लिखेंगें उतना ही सुधार होगा.. नही लिखेंगें तो अपनी कमियां और गल्तियां कैसे पता चलेगी… इसलिए सच्चाई और ईमानदारी से लिखते रहिए..

Qualities of a Good Writer – एक अच्छे लेखक के गुण – Writing Tips in Hindi – Monica Gupta

January 22, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

Lose Weight without Exercise in Hindi – बिना व्यायाम वजन कम कैसे करें – वेट लॉस टिप्स – Monica Gupta

Lose Weight without Exercise in Hindi

Lose Weight without Exercise in Hindi – बिना व्यायाम वजन कम कैसे करें – वेट लॉस टिप्स – Monica Gupta – How to Lose Weight Fast – Weight Loss Tips in Hindi Weight Loss at Home in Hindi – वेट लॉस वजन कम करने के तरीके – वजन कम करने के उपाय – बहुत बिजी लाईफ हो गई है आज की.. जिसे देखो उसके पास समय ही नही…

Lose Weight without Exercise in Hindi – बिना व्यायाम वजन कम कैसे करें – वेट लॉस टिप्स

कल मेरी एक सहेली बहुत साल बाद मिली. वो थोडी मोटी भी हो गई थी बाद यही हो रही थी कि कितनी बिजी लाईफ हो गई है उसने बोला कि वजन तो वो भी कम करना चाह्ती है पर क्या करे समय ही नही है.. सुबह आफिस देर शाम घर समय ही नही है.. न कसरत का न भागने का…  काश कुछ ऐसा हो जाए कि हमें न कसरत करनी पडे न कुछ और करना पडे पर वजन कम हो जाए… मैंनें कहा हो तो सकता है अगर कुछ बातों का ख्याल रखें तो?? तो जो मैंनें उसको बताया वही कुछ बातें आपसे भी शेयर कर रही हूं कि बिना कसरत करे डाईटिंग करे वजन कैसे कम करें..

 

सबसे पहले तो जो भी खाना खा रहे हैं चबा चबा कर खाएं असल में, जल्द बाजी के चक्कर में जल्दी जल्दी मुंह भर लेते हैं और वो वजन बढाने में मदद करता है तो आराम से चबा चबा कर खाने से पेट भी जल्दी भरता है और कैलोरी भी कम जाती है…

फिर बात आती है प्लेट की… छोटी प्लेट लें.. जब किसी प्रोग्राम में जाए तो प्लेट छोटी लें… आपने भी देखा होगा प्लेटस बहुत बडी बडी होती है ऐसे में छोटी प्लेट लेंगें तो खाना भी कम ही डालेगें…

आखों से दूर रखें उस खाने को जो वजन बढाता है… हमारी किचन में ऐसी चीजे जो एक बार मुंह को लग जाए तो मुश्किल हो जाता है उसे छोडना नमकीन या फल ऐसी जगह रखें जहां हमें दिखते रहें बाकि चीजे जो वेट बढाती हैं उन्हें दूर ही रखे…

टीवी देखते हुए खाना नही खाईए… ये बात तो रिसर्च में भी साबित हो चुकी है कि टीवी देखते हुए हम ज्यादा खाना खा लेते हैं कोई सीरियल चल रहा है.. अब देखना क्या होगा.. अब आएगा वो .. और वो तो कब आएगा कब नही पर एक एकस्ट्रा चपाती या परौठी चली जाती है पेट में… क्लाईमेक्स है तो चिंता में और ज्यादा खाया जाता है तो कम्प्यूटर टीवी बंद करके सिर्फ खाने पर ध्यान देना चहैए और चबा चबा कर खाना चाहिए.

पानी बहुत पीना चाहिए.. खाने से पहले अच्छा खासा पानी पी लीजिए .. कुछ पेट तो वैसे ही भर जाएगा.. और वैसे भी पानी ज्यादा पीना हमारे अच्छे स्वास्थय की निशानी होती है…

कुछ लोगो को सोफ्ट ड्रिंक बहुत लेते हैं कुछ ऐसी ड्रिक्स होती हैं जिसमें फेट भी होते हैं शूगर भी वो नुकसान करते है इसलिए ताजा जूस ज्यादा लेना चाहिए बजाय कोई कोल्ड ड्रिंक लेने के… बहुत सारी आप्शन हैं हमारे पास नींबू पानी, ग्रीन टी, नारियल पानी, हल्का गर्म पानी पर ये सोडा या दूसरी चीजे से शरीर में शूगर भी जाती है और नुकसान भी करती है जबकि ये फायदा देती हैं..

खाने में हमें प्रोटीन लेना भी बहुत फायदे मंद होता है. भोजन में हमेशा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा रहती है और प्रोटीन की कम प्रोटीन लेने से मेटाबोलिज्म बूस्ट होता है और भूख कम लगती है.. ये नही हो कि बस प्रोटीन ही ले..  संतुलन बना कर चलना चाहिए.

ज्यादा फाईबर युक्त खाना भी बहुत फायदेमंद रहता है.ओटस, मूसली, फ्लेक्स, स्प्राउट्स, अकुंरित आहार बहुत अच्छे रहते हैं..  ये अलग विषय है और आगे समय समय पर इन टोपिक्स पर वीडीयो बनाती रहूंगी..

नीद अच्छी होनी चाहिए और तनाव नही.. बहुत बार तनाव जब बहुत ज्यादा होता है तो भूख ज्यादा लगती है और फिर हम अनहैल्दी खाना भी खा लेते हैं..

Lose Weight without Exercise in Hindi – बिना व्यायाम वजन कम कैसे करें – वेट लॉस टिप्स – Monica Gupta

January 21, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Teach Kids to Praise Others – बच्चों को सिखाएं प्रशंसा करना – Monica Gupta

How to Teach Kids to Praise Others

How to Teach Kids to Praise Others – बच्चों को सिखाएं प्रशंसा करना – Monica Gupta – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta Videos – Parenting Tips in Hindi –  How to Teach Kids to Praise Others – बच्चों को सिखाएं प्रशंसा करना बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए – बच्चों को सिखाएं अच्छी आदतें –

How to Teach Kids to Praise Others – बच्चों को सिखाएं प्रशंसा करना

Parents बच्चों को बहुत सारी बाते सीखाते हैं लिखना, पढना , बोलना,  खेलना , पर क्या हम उन्हें दूसरे की प्रंशसा करनी चाहिए ये सीखाते हैं अगर किसी की बात अच्छी लगे तो उसकी praise जरुर करनी चाहिए ये गुण या स्किल भी जरुर सीखानी चाहिए… एक भी एक आर्ट है जो बहुत जल्द दूसरे के दिल में जगह बना लेता है..

 

क्या क्या और कैसे सीखाना चाहिए उससे पहले एक छोटी से कहानी सुनाना चाहूंगी..

एक लडका 5 क्लास में पढता है.. उनके स्कूल में एक प्रोग्राम होता है जिसमें एक नाटक भी होना होता है और उस बच्चे का बहुत मन होता हि कि वो उसमे कोई रोल करे… मम्मी भी चहती है कि बच्चे को कोई न कोई रोल जरुर मिलना चाहिए… ऑडीशन होते हैं और बच्चों के साथ साथ पेरेंटस को बुलाया जाता है…

बच्चे अंदर चले जाते हैं और पेरेंटस बाहर बैठ कर इंतजार करते है और मम्मी मन ही मन भगवान से प्रे करती है कि हे भगवान इसे रोल दिलवा देना ताकि इसका मनोबल बना रह नही तो बहुत उदास हो जाएगा.. कुछ देर बाद ऑडीशन खत्म होते है बच्चे बाहर आते हैं और वो बच्चा भी खुशी खुशी बाहर निकलता है.. मम्मी भी खुश कि चलो बच्चे को रोल मिल गया… बच्चा पास आता है तो मम्मी पूछती हैं कि क्या रहा… रोल मिला.. तो बच्चा खुशी खुशी बोलता है कि नही रोल तो नही मिला पर रोल से भी बढ कर मिला है… मम्मी पूछती हैं कि क्या ?? तो वो बोलता है कि मैं सबसे आगे बैठ कर जो बच्चे उसमे रोल कर रहे हैं उनके लिए ताली बजाऊंगा उन्हें एनकरेज करुंगा ताकि वो अच्छा करें..  इसलिए इस बात की महत्ता समझनी चाहिए

तो क्या क्या और किस तरह से बाते सीखानी चाहिए पेरेंटस को….

सबसे पहले तो पेरेट्स को खुद उदाहरण बनना पडेगा… बच्चों को सीखाने के लिए खुद बच्चों के अच्छी बातें देख कर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए.. बच्चे जो देखते हैं वैसा ही करने की कोशिश करते हैं इसलिए खुद रोल मॉडल बने…

पेरेंटस ये भी सीखाएं कि जब किसी की प्रेज करें तो सिर्फ वाह, शाबाश ही नही बल्कि जिस वजह से हम प्रेज कर रहे हैं उसका कारण बताईए.. जैसे मान लीजिए एक परिवार है और मम्मी ने खाना बहुत टेस्टी बनाया है तो पापा कह रहे हैं कि वाह खाना बहुत ही अच्छा बनाया है… बहुत बढिया… बच्चा भी जरुर कहेगा हां खाना बहुत ही अच्छा बनाया है.. मजा आ गया.. और सब क्लेप करते हैं तो जब praise कर रहे हैं तो विस्तार से करनी सीखानी है… या एक बच्चा है वो अंगूठा लेता है और जब आज सारा दिन उसने अंगूठा नही लिया तो उसकी पीठ थपथपाई गई और आईस्क्रीम भी खिलाई गई.. उससे उसका मनोबल इतना बढा कि उसने अगले दिन भी अंगूठा नही लिया… और फिर उसका छूट ही गया

praise करने के बहुत तरीके हो सकते हैं… जैसे मान लीजिए एक बच्चे की स्पोर्टस मीट है और वो आपको दूर से देख रहा है तो आप बक अप करके या थम्सप करके भी उसका मनोबल बढा सकते हैं यही सीखाना है अलग अलग जगह हम ताली बजाकर किसी की तारीफ करते हैं या थम्सप करके, हाई फाईव करके या पीठ थपथाकर प्रशंसा कर सकते हैं..

तो बच्चे को सीखाना चाहिए कि चाहे भाई हो या बहन या स्कूल में कोई दोस्त या कोई भी अगर किसी की कोई भी बात अच्छी लगती हैं तो जरुर प्रेज करनी चाहिए..

बच्चे को सीखाना चाहिए कि वो ध्यान से observe  करे.. कोई बच्चा अच्छा गाता है या लिखाई बहुत अच्छी है या टिफिन खत्म कर देता है है तो उसे वाह बहुत अच्छे आप जरुर स्ट्रोंग बनोगे..

ये शुरुआत भगवान से करनी चाहिए कि Thank You God.. You are so kind…  या अपने घर में अपने भाई बहन से करनी चाहिए क्योकि इससे आपसी रिश्ते मजबूत बनते हैं !!

How to Teach Kids to Praise Others – बच्चों को सिखाएं प्रशंसा करना – Monica Gupta – Parenting Videos in Hindi

 

January 20, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

Detox Your Body at Home – How to Detox Your Body Fast — Starting a Healthy Lifestyle – Monica Gupta

Detox Your Body at Home

Detox Your Body at Home – How to Detox Your Body Fast – Starting a Healthy Lifestyle – Monica Gupta- How to Start a Healthy Lifestyle – Detox Your Body Naturally at Home – #MonicaGuptaVideos – हर सुबह एक नई उमंग नई खुशी लेकर आती है.. हम चाहते हैं कि हमने जो सोचा है जो लिस्ट बनाई है काम की..  उसे पूरा भी करें.. कुछ लोग तो कर लेते हैं पर कुछ लोग नही कर पाते…

Detox Your Body at Home – How to Detox Your Body Fast –

आज मैं उन लोगो की बात कर रही हूं जो नही कर पाते.. एक्टिव रहना चाहते पर रह नही पाते… सुस्ती सी रहती है लथारजिक सी रहती है बॉडी..

जिसकी बहुत वजह होती हैं और उन बहुत वजहों में से एक बहुत महत्वपूर्ण वजह है हमारे शरीर में toxin… यानि शरीर में हानिकारक विषैले तत्व जोकि हमें कुछ करने नही देते और हमारा शरीर एकदम सुस्त रह जाता है… ये हवा से, पानी से खाने से हमारे शरीर के अंदर आ जाते हैं…

तो क्या करना चाहिए ??

क्या इसका कोई इलाज है … हां बिल्कुल है… और इलाज है detox करना… जो लोग नियमित कसरत करते हैं जिम जाते हैं उन्हें तो इसका मतलब पता  है पर कुछ लोगो के लिए ये नया शब्द है.. detox का मतलब है कि हानिकारक और विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालना…

अगर हम हर सुबह detox करेगें तो सारा दिन नई ताजगी नई स्फूर्ति बनी रह सकती है… सुबह सवेरे शरीर डिटाक्स कैसे करें

तो कैसे करें detox..

सबसे पहले तो हमें सुबह समय से उठना है ये नही कि अलार्म 6 बजे का लगाया है फिर पौने 7 उठ रहे हैं.. जो समय सेट है उसी पर उठना है… वैसे उसके लिए समय पर सोना भी बहुत जरुरी है…

फिर हल्का गर्म पानी पीजिए और अगर उसमे नींबू डालेगें तो बहुत अच्छा होगा… कई लोग शहद भी डालते हैं.. अलग अलग तरीके हैं जो आपको सूट करे पर हल्का गर्म नींबू पानी जरुर लीजिए.. इसके बहुत फायदे हैं जैसा कि

पाचन सही रहता है, constipation कब्ज नही रहती, टोक्सिन निकल जाते हैं स्किन साफ हो जाती है और नेचूरल ग्लो करने लगती है .. पर ये एक दिन में नही होगा…

Dry-brush इसके बाद अपनी बॉडी को ब्रुश करना है ताकि डेड सैल साफ हो जाए.. स्किन पर जम जाते हैं इसलिए जरुरी होता है और अगर ब्रुश नही है तो सूखे टोवल से भी साफ कर सकते हैं.. इसे नीचे से ऊपर की और साफ करना चाहिए क्योकि इस तरह स्किन ज्यादा साफ होती है नीचे से ऊपर करेगें तो वो जम जाएगें साफ नही होंगें

फिर बात आती है हमारी जीभ की सफाई..

दांत की सफाई के बाद इसे साफ करने से जीभ की सफाई बहुत जरुरी है इससे bacteria साफ हो जाते हैं हमारी डाईजेशन सिस्ट्म पर असर डालते हैं हमारी पाचन क्रिया जो कमजोर हो जाती है इसे साफ रखने से ठीक रहती है… ये सब डिटाक्स करने के तरीके हैं

और अब बात आती है कसरत करने की… भागने दौडने की, व्यायाम करने की ताकि ज्यादा से ज्यादा पसीना आए और हमारे शरीर के रोम छिद्र खुल जाए..  blood का दौरा बढेगा और  metabolism मजबूत बनेगा.. ऐसा करने से बहुत ताजगी महसूस होती है…

ये सब करने के बाद जरुरी होता है अच्छा हैल्दी नाश्ता .. ऐसा नाश्ता जो सारा दिन शरीर को स्फूर्ति दे ताकत दे… जिसमें ताजे फल, हरी सब्जी, फाईबर जिसमें  ओटस, दाल शामिल हो..

इन सभी के साथ साथ ग्रीन टी भी बहुत फायदा देती है

तो ये सुबह सवेरे की कुछ टिप्स है बॉडी को डिटाक्स करने की…  अगर इन पर एप्लाई करेंगें तो फर्क आपको खुद ही महसूस होना शुरु हो जाएगा..

Detox Your Body at Home

January 19, 2018 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Improve Husband Wife Relationship – पति पत्नी के रिश्ते को बेहतर कैसे बनाएं – Monica Gupta

How to Improve Husband Wife Relationship

How to Improve Husband Wife Relationship – पति पत्नी के रिश्ते को बेहतर कैसे बनाएं – Monica Gupta – How to Improve Husband Wife Relationship – पति पत्नी के रिश्ते को बेहतर कैसे बनाएं – #MonicaGuptaVideos – अगर मैं आपसे पूछू कि क्या आपको आपको लडाई झगडा पसंद है या आराम से जिंदगी बितानी पसंद है??  तो यकीनन आपका जवाब होगा कि अरे लडाई झगडा किसे पसंद होता है सभी चाह्ते हैं आराम की जिंदगी बिताना .. बिल्कुल सही बात पर कुछ लोग समझते ही नही है जब देखो हमेशा तू तू, मैं मैं ही लगी रहती है… खासतौर पर अगर मैं पति और पत्नी के रिश्ते की बात करु तो सुबह आफिस जाने से पहले लडना और वापिस आने पर फिर झगडा…क्या फायदा है इससे .. कुछ फायदा नही … ये सुबह शाम की खिचखिच कम हो सकती है अगर वो कुछ बातों का ख्याल रखें.. रिश्ते बेहतर बनें उसके लिए कुछ बातों का दोनों को ख्याल रखना चाहिए

How to Improve Husband Wife Relationship – पति पत्नी के रिश्ते को बेहतर कैसे बनाएं –

1.  बात करने का तरीका… झगडे का सबसे बडा कारण होता है पति या पत्नी का बात करने का तरीका.. tone बात बात पर ताना कसना… जबकि अगर कोई गुस्से वाली बात हो भी गई है झगडे वाली बात हो ही गई है तो बोल सही रखे व्यंग्य करके बोलेंगें मजाक उडाने के लहजे से बोलेगें तो बुरा तो लगेगा ही..

बात बात पर नाराजगी, blaming जरा भी सही नही… मान लीजिए कोई आदमी जो सरकारी दफ्तर में काम करता है और वो ईमानदार है और झूठ नही बोल सकते तो पत्नी क्या कह्ती हैं यही है सबसे राजा हरिश्चंद्र.. क्या हो गया अगर मां की झूठी बीमारी की बात करके पैसा मांग लेते.. दुख उठा लेंगे पर सच्चाई को नही छोडेंगें… जबकि साथ देना चाहिए अगर वो ईमानदार हैं…

या पति बोलेगें आज तो साले साहब आए थे क्या क्या लाए हैं हमारे लिए जरा दिखाओ तो…

2. रिश्ता बनाए रखने के लिए polite होना जरुरी है.. polite बनने में क्या शर्म?? बल्कि अच्छा ही लगता है इससे हमेशा रिश्ते सुधरते हैं ना कि बिगडते हैं.. हमेशा demand  रखना भी सही नही.. मान लीजिए एक पत्नी कहती हैं पति से मुझे नही पता मुझे छुट्टियों में धूमने बाहर जाना ही जाना है मैं कुछ नही सुनूगी

या फिर वही इसी बात कहो कहें कि क्या अब की बार हम बाहर घूमने चले छुटटियों में बहुत समय हो गया कहीं बाहर नही गए.. थोडा चेंज हो जाएगा..

इस बात का कितना असर पडेगा… ऐसे बोलने से रिश्तें ही सुधरते हैं.. तो अगर  demand की बजाय request करके बात करेंगें तो बहुत फर्क पडेगा..

3. कुछ बातों में सोशल मीडिया से दूरी जरुरी है…

बेशक सोशल मीडिया अपनी बात रखने का बेहतरीन मंच है पर हर बात यहां शेयर करना भी समझदारी नही.. खासकर आपसी झगडा.. बहुत लोग लिख देते हैं खास तौर पर महिलाएं.. ज्यादा कमेंट के चक्कर में या ज्यादा हमदर्दी मिलेगी के चक्कर में कि

मन उदास है.. रोंदू वाली स्माईली डाल दी… फिर पूछते है कि क्या हुआ तो लिख भी देते हैं कि छुटिटयों में कही धूमने नही लेकर जा रहे.. इसलिए.. फिर क्या होता है लोग मजे लेते हैं उन्हें एक चटपटा टोपिक मिल जाता है… आपकी तो सुलह जो हो सकती थी उसका चांस भी चला जाता है.. ये सही मंच नही है अपनी बात शेयर करने का. झगडे छोटे हो या बडे मिल बैठ कर ही सुलझाएं तो ज्यादा बेहतर होता है.

4. परिवार के traditions को निभाना चाहिए

कई बार झगडे की वजह ये भी होती है कि मेरे मम्मी साईड पर ये पूजा पाठ नही होता था या व्रत नही रखते थे तो मैं भी नही रखूंगी… या ये मेरे बस का नही है… जबकि कुछ रीति रिवाज मानने से आपसी प्यार ही बढता है.. जैसा कि मान लीजिए करवा चौथ का व्रत.. इन्हे करने से निभाने से प्यार ही बढता है कम नही होता.. एक तो महिला मना करे कि मैं तो प्यासी नही रह सकती और एक तरफ पति बोले कि तुम मत रखो कैसे रहोगी सारा दिन बिना खाए पीए.. चलो मैं भी व्रत रखता हूं तुम्हारे साथ… रात को एक साथ ही खाएगें !!

5. रिश्ते को for granted भी नही लेना चाहिए

कई बार हम रिश्ते को for granted ले लेते हैं बहुत ज्यादा उम्मीद लगा लेते हैं और फिर दुख होता है.. मान लीजिए एक पत्नी खाना बनाती है और हर रोज उम्मीद रखती है कि पति तो तारीफ करेगें ही करेंगें.. पर वो नही करते.. और जब तारीफ नही मिलती तो मन खराब हो जाता है तो.. for granted न लेकर ऐसे में बोल देना चाहिए कि मुझे लगा था कि आप तारीफ करेंगें अगर करते तो मुझे बहुत खुशी होती… इसलिए कह भी देना चाहिए पर टोन ठीक रखते हुए तो रिश्ता मजबूत हो सकता है..

6. मेरा तुम्हारा / मायका बनाम ससुराल

कई बार झगडे की वजह बनता है मेरा घर तुम्हारा घर यानि मायका और ससुराल.. मेरे घर में ऐसा नही होता… तुम्हारे घर में ऐसा होता है तो एक दूसरे के घरों को जानने को कोशिश करनी चाहिए.. जो अच्छी आदतें हैं उसे अपनाना चाहिए और जो लगता है कि सही नही है उसे अपने घर में दूर करने का प्रयास करना चाहिए. जैसा मान लीजिए एक महिला की ससुराल में खाने से पहले प्रार्थना करते हैं तो अच्छी बाते जरुर ग्रहण करनी चाहिए…

7. झगडे लम्बे नही खींचने चाहिए.. छोटी मोटी नोक झोंक तो होती ही रहती है पर इसे लम्बा नही खीचना चाहिए क्योकि बात दो परिवारों की हो अजती है और असर हर घर परिवार के सदस्य पर पडता है. झगडा हो भी जाए तो मिल बैठ कर सुलझा लेना चाहिए.. मैसेज कर देना चाहिए सॉरी का.. सोरी थंक्स .. बहुत खूबसूरत शब्द हैं इनका इस्तेमाल करते रहना चाहिए… परफेक्ट कोई भी नही … यही सोच कर जोडने की कोशिश में ही रहना चाहिए…

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र,  आज हरे, कल सूख जाएं……क्यों ना जड़ों से सीखें.. रिश्तेदारी निभाना….!

How to Improve Husband Wife Relationship – पति पत्नी के रिश्ते को बेहतर कैसे बनाएं –

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