Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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October 22, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How To Save Money As A Kid – छोटे बच्चों को जरूर सिखाएं – बचत की आदत

How To Save Money As A Kid

How To Save Money As A Kid – छोटे बच्चों को जरूर सिखाएं – बचत की आदत –  बच्चों को जरूर सिखाएं मनी सेविंग – Teaching kids the importance of saving money – बच्चों को पैसे की वेल्यू समझानी चाहिए…

How To Save Money As A Kid – छोटे बच्चों को जरूर सिखाएं

हमारे देश में खूब सारे त्योहार मनाए जाते हैं और त्योहार हो तो कुछ न कुछ जरुर मिलता है और अगर त्योहार न भी हो जब भी घर में कोई रिश्तेदार आएं तो बच्चों को कुछ न कुछ जरुर देकर जाते हैं … ज्यादातर सामान लाते हैं पर कई बार पैसे भी दे जाते हैं और वो पैसा जाता है मम्मी के पास … तो अब माता पिता  को चाहिए कि बच्चों को बचत करने की आदत डलवाएं..  ताकि जो देकर गए हैं उसका अलग से हिसाब किताब चलता रहे… इसी बहाने बच्चों को इसकी वेल्यू समझानी चाहिए.

बचत भी करनी चाहिए और खर्च भी सोच समझ कर करना चाहिए

तो कैसे करें शुरुआत

बच्चों को बचत की आदत के 9 टिप्स…  

1.पॉकेटमनी जरुर दें… अक्सर हम बच्चे को पाकेट मनी देते हैं जरुर देना चाहिए और ये भी बताईए कि आप लिख लीजिए कि आपको इतने पैसे दिए हैं और हिसाब रखिए कि कितने पैसे किस किस में खर्च किए… ताकि हिसाब किताब की फीलिंग आए

2. गुल्लक दें

बच्चों के घर जब मेहमान आते हैं तो बच्चों को कुछ न कुछ जरुर देकर जाते हैं और वो सब जाता है मम्मी के पर्स में … इसलिए जरुरी है कि    बच्चे की piggy bank हो और उसमे सारा जमा करते रहें इसलिए गुल्लक तो होनी ही चाहिए.. जरुरत के समय जमा किया पैसा कितना काम आता है बच्चे को जरुर सीखाएं और Track भी रखें

3.बच्चे को शापिंग के लिए जरुर भेजे

समझाने के लिए शापिंग जरुर भेजें ताकि बच्चे में समझ आए… कई बार ऐसा भी होगा कि वो महंगी चीज ले आया या कई बार पैसे का हिसाब सही नही किया या कभी गिर गए, गुम हो गए पैसे … हर सूरत में वो जरुर सीखता है इसलिए शापिंग की आदत जरुर डालिए ..छोटी मोटी खरीददारी करने जरुर भेजिए…

  1. बैंक में एकाऊंट खुलवाएं… बैंक ले कर जाएं और बताए …

ऐसे में कई बार बैंक में भी एकाऊंट खुलवाना सही रहता है बच्चे को लेकर जाए और बताए कि किस तरह से होता है और घर पर भी आदत डालिए कि बचत करने के क्या फायदे हैं अगर 100 मम्मी के पास जमा करोगें तो हर महीने 10 रुपये उसमे जुड जाएगें … ऐसा करके बच्चे में इंटर्स्ट पैदा कीजिए

  1. Wish List बनाईए

बच्चों का जरुरत है उस बात की लिस्ट बनाने दीजिए और जैसे जैसे पैसे जमा होते रहें या अपने कुछ पैसे मिलाकर उनकी चीजे खरीदाएंगें तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा..

6. Share करना भी सिखाएं –  saving, investing and donating

सिर्फ जमा करना या खर्च करना ही नही उसे शेयर करना या कभी कभी दान देना charity भी सिखाएं.. अगर किसी को जरुरत है तो उसे देना भी सिखाएं कि पैसे से मदद भी करनी चाहिए…

7. खुद भी उदाहरण बनिए..

अगर हम बच्चों को पैसे की वेल्यू समझाते हैं तो हमे खुद भी उदाहरण बनना होगा … हम लोगो से उधार मांग रहे हैं और पैसा फाल्तू में खर्च कर रहे हैं तो बच्चा नही सीखेगा .. तो उसे सीखनए के लिए खुद भी उदहरण बनाना  होगा

  1. अलग अलग तरीकों द्वारा सिखाएं

बच्चों में बचत की आदत बनें पर वो कंजूस भी न बनें और जरुर पडने पर किसी को दान में भी दे .. इस बारे मे बताने के लिए बहुत सारी कहानियां हैं बच्चों को उनका उदाहरण देकर समझाया जा सकता है… बच्चों के साथ मोनोपली, गेम ऑफ लाइफ जैसे गेम्स खेलें। अपना कोई उदाहरण दीजिए कि मुझे जरुरत थी और मैंनें ऐसा किया बचपन में ..

9 बचत करने के लिए इनाम दें

बच्चों को इनाम दें। बचत की राशि महत्वपूर्ण नहीं होती। बल्कि बचत की आदत स्वभाव में होना बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चों को थोड़ी थोड़ी राशि की बचत की आदत नियमित तौर पर लगाने से उन्हें उनकी आगे की ज़िंदगी में बहुत लाभ होता है अगर बच्चा बचत करता है तो उसे कुछ राशि भी जरुर दीजिए ताकि मनोबल बढें ..

October 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Deal with Siblings Fighting – बच्चों के लड़ाई झगड़ों को कैसे काबू करें – छोटे बच्चों को कैसे समझाएं

How to Deal with Siblings Fighting

How to Deal with Siblings Fighting – बच्चों के लड़ाई झगड़ों को कैसे काबू करें – छोटे बच्चों को कैसे समझाएं – How to Deal with Siblings Fighting – Stop Siblings from Fighting Sibling Relationships – Parenting Tips in Hindi – Motivational Videos in Hindi – बच्चों के लड़ाई झगड़ों को कैसे control करें –  Siblings Fighting

 

Smart Parenting Tips  बच्चों की परवरिश कैसे करें – परवरिश के तरीके – स्मार्ट पेरेंटिंग बच्चों को कैसे सिखाएं अच्छी आदतें – छोटे बच्चों को कैसे समझाएं

डिशूम डिशूम करें बच्चों के साथ भिड जाना चाहिए या…

आप बताईए क्या कहते हैं … जब बच्चे लड़ाई करें झगड़े तो समझाना चाहिए .. पर कैसे देखिए 9  बाते हैं …

1.बचपन से प्यार की भावना डालें

सबसे पहले तो मान लीजिए एक महिला के एक बच्चा है और एक आने वाला है यानि वो प्रेग्नेंट pregnant हैं तो शुरु से अपने बच्चे को होने वाले बच्चे के बारे में बताना चाहिए कि आपका भाई या बहन आ रहा है … अब तो आप बडे हो जाओगें .. उसका ख्याल रखना है और खूब प्यार देना है … जब कमरा शेयर करने की बात हो नन्न्हें मेहमान का सामान आए तो अपने बच्चे से ही पूछिए कि कहा सामान रखें क्या सैटिंग करे … अगर हम उसका पलंग दूसरी जगह रख देंगें उसकी अलमारी के दो खाने खाली कर देंगें कि छोटे बच्चे के सामान के लिए जगह चाहिए तो यकीनन वो चिढ जाएगा … उसके मन में शुरु से ही जलन शुरु हो जाएगी … तो बचपन से ही प्यार पैदा करें.

2. Remain impartial

अगर लडाई करें तो… एक तरफा नही होना है … आमतौर पर मदर्स बिना जाने की क्या बात है एक तरफा फैसला सुना देती है इससे दूसरे बच्चे को हर्ट करता है .. उसे लगता है मम्मी मुझे प्यार नही करती.. ये फीलींग तो बच्चे में आने ही नही देनी चाहिए… आप एज जज की भूमिका निभाए और एक एक करके तर्क सुने और फिर अपना फैसला सुनाएं

 

3. अपने आप को रोल मॉडल बनाना है ..

सुनने में शायद अच्छा न लगे पर ज्यादातर बच्चे झग़डा देख कर ही अकरना सीखतें है मान लीजिए परेरेंटस की लडाई हो गई या आप बाई का गुस्सा कर रही हैं या आफिस में काम बहुत है उसका गुस्सा बच्चे पर उतार रहे है … बच्चा वही देखता है और सीखता है उसे लगता है शायद हर बात का हल झग्दा ही है और बात बात पर उसे लडना अच्छा लगता है इसलिए पेरेंटस को खुद रोल मॉडल बनना पडेगा … बच्चों की लडाई के समय काम रहना है

4 शांत रहना है ..

जब बच्चे लड रहे हो तो एक दम से लडाई मे मत कूदिए … थोडा स्पेस दीजिए कि क्या कहतें हैं किस बात पर झगडा है … आमतौर पर छोटी छोटी बातों पर तो झग़डा होता ही रहता है … और होनी भी चाहिए लडाई बुरी नही है हर बार बीच में आने की जरुरत नही और फिर लडाई के बाद जब शांत हो जाएं तब आराम से बैठ कर बच्चों को समझाएं

5बच्चों को बिजी रखिए… बच्चे जब तक होमवर्क कर रहे हैं व्यस्त हैं तब तक ठीक है … जब होमवर्क खत्म हुआ.. टीवी देखने की बारी आई … फिर शुरु होता है झग़डा. बच्चों को किसी न किसी काम में व्यस्त रखिए ताकि झगडा हो ही ना … Keep kids busy.

6. टाईम मैंनेज कर लीजिए

अगर बच्चों का टाईमटेबल बना होगा तो झगडा कम होने के सारा होंगें.. अगर टाईमटेबल में ये होगा कि इतने से इतने बजे तक बडा बेटा टीवी देखेगा … इतने बजे तक छोटा देखेगा … ऐसे फिक्स होगा तो झगडा कम होगा …

7 Punishment jar

एक जार या डिब्बा बना दीजिए. उसमे जब लडाई हो तो एक एक पर्ची उठवाएं … और जो काम लिखा हो वो करने को बोले जैसा कि कमरे की डस्टिंग या मार्किट से आलू लान अ.. इन कामों से बच्चे बहुत चिडते हैं इसलिए जान बूझ कर ऐसे काम दीजिए जो खुशी खुशी न करें .. और इस वजह से लडाई भी जल्दी से नही करेंगें

8 वजह पता लगाईए

कभी कभार होती है तो अलग बात है पर अगर हर रोज हो रही है तो वजह क्या है … कारण पता कीजिए और उसे दूर करने का पूरा प्रयास कीजिए…

9 अच्छे behavior के लिए  reward भी देजिए

आप बोलिए अगर प्यार से रहे तो ये मिलेगा … इतनी देर खेलने को मिलेगा आपका फेवरेट खाना मंगवाया जाएगा …

इस तरह की Guidelines सेट कीजिए .. ये हैं 9 Guidelines

आप फोलो करेंगें तो पाएग़ें की सुधार होना  शुरु हो गया .

October 20, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

How Women should Deal with Disappointment – महिलाएं ऐसे रखें अपना ख्याल

How Women should Deal with Disappointment

How Women should Deal with Disappointment – महिलाएं ऐसे रखें अपना ख्याल – मैं सोच ही रही थी कि आज किस बारे में बात की जाए तभी ध्यान एक कमेंट पर गया जोकि एक महिला का था और उन्होनें मेरी एक youtube वीडियो पर अपनी प्रोब्लम शेयर की हुई थी… तो मुझे लगा कि उनकी प्रोब्लम सुलझानी ज्यादा जरुरी है.. तो मैं बताती हूं कि उन्होनें क्या लिखा… पर महिलाएं कृपया ध्यान दें क्योकि ये ज्यादातर महिलाओ की प्रोब्लम है…

Mam…I have a topic for you , so please aap jaldi hi is topic pe video bnake btaiye hum sabko..topic ( kisi bhi kaam me man nahi lagta h , sab kuch ek bojh jaisa lagta h..aisa nahi h ke mai kahil hu ya mujhse koi kaam nahi kiya jata , balki kisi bhi kaam ko karne me koi khushi mehsoos nahi hoti or baar baar ye hi khayal aata h ke ye sansaar nashwar h or sab kuch jab mit hi jana h to mai ab tak zinda kyu hu..bas yahi khayal mujhe upset kiye rehta h or kabhi kabhi suicide kar lene ka man karne lagta h ) so please help me….. Aman

How Women should Deal with Disappointment – महिलाएं ऐसे रखें अपना ख्याल

लिखा था किसी काम में मन नही लगता.. ऐसा नही है कोई काम कर नही सकती पर किसी काम को करने में खुशी महसूस नही होती… बोझ लगता है यही ख्याल आता है कि सब कुछ नश्वर है खत्म तो हो जाना है फिर जिंदा किसलिए हूं और यही सोच कई बार extreme भी सोचने पर मजबूर कर देती है क्या करना चाहिए…

अमन पहली बात तो मैं ये बता दूं कि मन नही लगता,  खुशी नही होती,  बोझ हूं ऐसी सोच लिए आप अकेली नही हैं ये सोच भी बहुत महिलाओं के साथ है… और ये बात इसलिए मन में आती है कि हमारा कोई मकसद नही है… हम अपने बारे में जरा भी नही सोचती… बस घर सम्भालना, बच्चों की देखभाल करना, सास ससुर की सेवा करना … और फिर जब कुछ समय अपने लिए सोचने का मिलता है तो यही लगता है कि मैं तो बोझ हूं.. मैं रहूं या न रहूं किसी को कोई फर्क नही पडेगा..

 

सबसे पहली बात तो ये समझाना पडेगा कि जो भी इस दुनिया में आया है कोई न कोई मकसद लेकर आए हैं. आपने कुछ अच्छा कर्म किया था कि भगवान ने आपको इस धरती पर भेजा है और आपने कुछ तो अच्छा करना ही है… भगवान पर विश्वास रखना है अच्छे काम करने हैं अच्छे काम करने से पहले आपको खुद से प्यार करना होगा….

अब बात आती है क्या करें और कैसे ?? मन भी लगे और खुशी भी मिले

1 तो इसके लिए सबसे पहले अपनी वेल्यू समझनी पडेगी खुद ही नीचा दिखाएगें तो दूसरा कैसे पसंद करेगा आपको आपको खुद से प्यार करना पडेगा अपना सबसे अच्छा दोस्त बनकर खुद को समझाना पडेगा..

कैसे … इसके भी दो तीन तरीके हैं

कुछ समय अपने आप को देना पडेगा.. अगर आप किसी हिल स्टेशन पर या समुद्र के किनारे जा सकती हैं तो वहां चली जाईए अगर नही तो अपने घर के पास के पार्क में जाना शुरु कीजिए.. सुबह या शाम को पार्क मे जाईए वहां देखिए हंसते बोलते बच्चे और लोग …

अपनी सेहत का ख्याल रखिए अच्छी और हैल्दी डाईट लीजिए .. नही खाना भी कोई हल नही… ग्लो न खत्म हो जाए चेहरे से

अपने लिए नई ड्रेस खरीदिए और एक बार अपना हेयर स्टाईल बदल दीजिए … कोई नया स्टाईल रख लीजिए… सिर की मालिश मसाज करवा कर देखिए आपको नई ताजगी महसूस होगी...

2 दिमाग को अच्छी खुराक देनी होगी यानि जब ये सब हो रहा हो तो मन में पॉजीटिव विचार ही रखने हैं कि गिलास आधा खाली नही बल्कि आधा भरा हुआ है … चाहे अच्छी किताबें अच्छी वीडियो या अच्छे दोस्त  जो आपको मोटिवेट करें… और आपको इस स्थीति से बाहर निकालने में मदद करें ना कि और उलझाएं …

3 ऐसी चीजो की लिस्ट बनाईए और आपको खुश करती हैं या स्माईल के आती हैं और उन्ही पर ध्यान दें…

4 और कुछ क्रिएटिव करिए … अपने आपको व्यस्त रखना होगा ताकि ऐसे फालतू के विचार मन में न आएं … अगर कुछ भी नही समझ आ रहा तो कोई नही चीज सीखिए बाहर जाने की भी जरुरत नही नेट पर ही बहुत चीजे सीखाई जाती है अच्छी बातें काम की बातें सीखिए और उसे आगे बढाईए …

5  आप सोचिए कि आप समाज में परिवार में किस तरह से contribute कर सकती हैं... Look for ways to contribute …ब्लड डोनेशन है या वोलेंटियर के रुप में किसी की जिंदगी में रोशनी ला सकती हैं. आई डोनेशन की महत्ता… जितनी आपको नॉलिज है उसे शेयर कीजिए क्या पता किसी की जिंदगी ही बदल जाए ..

केयरिंग बनिए ... किसी की मदद कीजिए..अच्छे काम के लिए हमेशा तैयार रहें .. और शुरुआत करें किसी जानवर को या चिडिया को पानी देने से … एक सूखे हुए पौधे को पानी देने से …

6 किसी पालतू को भी रख सकते हैं कोई pet को पाल सकते हैं ..

7 . कुछ न कुछ हर रोज ऐसा करना है कि किसी चेहरे पर स्माईल ले आए … जब दूसरे के चेहरे  पर स्माईल देखेंगें जोकि आपकी वजह से आई है तो आपके चेहरे पर खुद ब खुद स्माईल आ जाएगी.. जैसाकि Ambulance को जानेे दें…

How Women should Deal with Disappointment – महिलाएं ऐसे रखें अपना ख्याल

October 19, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

मेरी पहली दिवाली

Importance of Mothers in Life

मेरी पहली दिवाली – पापा के बिना … पहली दिवाली पापा के बिना.. जबसे मैंने जन्म लिया पापा के बिना ये मेरी पहली दिवाली है.. बेशक, मेरी शादी होने के बाद से हम साथ नही थे पर एक अहसास था कि पापा हैं और हर त्योहार पर पापा को फोन करना, कभी कभी त्योहार पर मिलने जाना , शरारत करना, रुठना , मनाना , चुहलबाजी करना …

पर इस बार ऐसा कुछ नही .. कुछ भी नही …  कोई फोन नही.. अगर है तो बस एक शून्य …

मेरी पहली दिवाली

पापा अचानक 31 अगस्त की शाम को ऐसी जगह चले गए जहां अब बस दिल से, तस्वीर से या आखं बंद करके ही बात की जा सकती है,,, बहुत खाली खाली लग रहा है.. पापा के बिना पहली दिवाली जो है…

मेरी पहली दिवाली

 

मम्मी से इस बारे में बात नही करना चाहती क्योकि जानती हूं वो खुद बहुत बहुत और बहुत उदास हैं…  हां भाई से जरुर अपने दिल की बात कह कर मन हलका कर लिया पर इतना पता है उसके बाद उसका मन बहुत भारी कर दिया…

भाई हो, भाभी हों या उनके दोनो बच्चे बहुत ख्याल रखते थे पापा का,  पापा को हर शाम को धुमाने ले जाना…  हर सनडे सुबह कार में घूमने ले जाना और नाश्ता कहीं बाहर ही करना और मुझे तुरंत वटसप पर फोटो भेजना कि देखो आज हम कहां कहां गए… !!

पर आज सब शांत है… त्योहार आने पर मन और ज्यादा बैचेन हो गया है… क्योकि सबसे ज्यादा शौक पापा को ही था और खासकर खाने का तो बहुत ज्यादा शौक था

और आज…. !!

त्योहार है इसलिए सोशल मीडिया बहुत एक्टिव है और खूब शुभकामनाएं आ रही हैं पर मन कर रहा है कि सब से दूर भाग जाऊं.. बस अकेले बैठी रहूं कुछ पल और रोती रहूं … आसूं भी ऐसे लग रहे हैं कि मानो झरना बन गए हो.. थमने का नाम ही नही ले रहे.. काश इन दिनों बारिश होती तो मैं बारिश का नाम लेकर आसूं छिपा लेती या रसोई में प्याज छीलने  का भी बहाना भी बना सकती थी पर वो तो न समय देख रहे हैं न जगह…  आसूं रोकने की सारी कोशिश नाकाम … मन को पक्का करने की सारी कोशिश नाकाम.. फिर सोचा कि कुछ लिख लेती हूं शायद मन हल्का हो जाए.. और लिखने बैठ गई ..

ज्यादा कुछ नही लिखा जा रहा क्योकि आखें बार बार भर आ रही हैं और त्योहार भी है बार बार दरवाजे पर घंटी बज जाती है तो तोती आखें रोता चेहरा लेकर बाहर जाना वो भी अच्छा नही लगता…

बस यही कहना है कि पापा आपको बहुत मिस कर रहे हैं हम.. अब तो बस यही प्रार्थना है कि आप जहां हो अपना आशीर्वाद वैसे ही बनाएं रखे जैसा हमेशा बनाएं रखते थे…

October 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों में हीन भावना – हीन भावना को कैसे दूर करे – How To Overcome Inferiority Complex

How To Overcome Inferiority Complex

बच्चों में हीन भावना – हीन भावना को कैसे दूर करे – How To Overcome Inferiority Complex  – हीन भावना का भूत को कैसे दूर करें … कई बार हममे बहुत कुछ करने की काबलियत होती है पर मन में एक Inferiority Complex आ जाता है. हीन भावना आ जाती है और हम पिछडते चले जाते है…

हीन भावना को कैसे दूर करे – How To Overcome Inferiority Complex

एक ऐसी ही प्रोब्लम आई मेरे सामने एक मैसेज आया कि मैं गांव में रहता हूं सारी पढाई वहीं हुई. अब 10 क्लास में शहर पढने आ गया हूं पर बहुत ज्यादा हीन भावना आ गई है… क्योकि सब बहुत स्मार्ट है और अंग्रेजी में बात करते हैं न किसी से नजरे मिला कर बात कर सकता हूं और जब किसी से बात करनी हो तो घबरा जाता हूं क्या करुं… ??

वैसे ये प्रोब्लम बहुत ज्यादा देखने में आती है क्योकि जब छोटे शहर के बच्चे बडे शहर में पढ़ने जाते हैं या नौकरी के लिए जाते हैं तो मन में यही भावना आ जाती है… तो क्या किया जाए…

 

                         How To Overcome Inferiority Complex

ये प्रोब्लम तो….. कोई प्रोब्लम ही नही है… चलिए मैं बताती हूं कि कैसे आप Inferiority Complex को दूर भगा सकते हैं … क्योकि अगर इसे नही भगाया तो ये आपकी जिंदगी को ही बहुत डिस्टर्ब कर देगा..

जानते है जरुरी 7 बातें

1 सबसे पहले तो स्माईल दीजिए लम्बी सांस लीजिए … खुद में आत्मविश्वास भरिए … इनहेल आत्मविश्वास !! देखिए जब खुद से लडना हो तो ये दो चीजे तो बहुत जरुरी होती हैं … अपने अच्छे दोस्त बनिए Love yourself

2 अब बात आती है positive सोच की… इन सब को दूर भगाने के लिए सकारात्मक सोच होनी बहुत जरुरी है… नेगेटिव बातों को मन से निकाल दीजिए…

3 वजह खोजिए कि क्या बात परेशान कर रही है..

आपको वजह पता है कि आप छोटी जगह से आएं है. और जिस जगह गए हैं वहां बच्चे बहुत स्मार्ट हैं और गिटपिट गिटपिट अंग्रेजी भी बोलते हैं तो आपने काम्प्लेक्स आ गया है   इसका मतलब ये हुआ कि आपको बोलना बंद कर देना चाहिए …नही … बिल्कुल नही … तो क्या करें  Identify the root cause and work

4 अब आती है सबसे जरुरी बात.. Focus on your strength और वे ये कि फोक्स कीजिए अपनी strength पर… और प्लीज हंसिए नही कि हममे क्या खास बात है… अभी आपने नेगेटिव बातो से दूर रहने को माना है ना…  इसलिए बी पॉजीटिव …

असल में, क्या है ना कि हम अपनी कमियां तो तुरंत पहचान लेते हैं पर कभी अपनी strength खोजने की कोशिश की है कि हममे क्या खास बात है जो हमें सबसे अलग बनाती है… अपनी best qualities खोजनी हैं  हर किसी में होती है कोई न कोई ऐसी खूबी आपके पास है जो उनके पास नही है जो गिटपिट अंग्रेजी बोलते हैं उसको पहचानिए… और एक बात मैं आपको बताना चाहूंगी कि कोई न कोई किसी न किसी बात का कॉम्प्लेक्स हर किसी में होता है.. बस कोई बता देता है कोई बिन बताए उस पर काबू कर लेता है तो बहुत जरुरी है कि अपनी strength पहचानना…     Focus on your strengths –

5  ये करने के साथ साथ आपको एक काम और करना होगा कि comparison करना बंद कर दीजिए.. जितना कम्पेयर करेंगें उतना दुखी होंगें इसलिए बहुत जरुरी है कि आप जैसे हैं उसे स्वीकार कीजिए और उसे इम्प्रूव करने की कोशिश में जुट जाईए पर तुलना नही…  Stop the comparison, अपने ऊपर लगातार काम करते रहिए…

6 अच्छे लोगो का साथ खोजिए... अच्छे वो जो आपको नीचा या कम दिखाने की कोशिश नही करते .. जो आपको हमेशा मोटिवेट करते मिल जाते हैं.. Stay away from negative people.जैसाकि आप वीडियोज देखिए… अपनी vocabulary इम्प्रूव कीजिए और ऐसे आर्टिक्लस पढिए जो बहुत छोटे शहरों से आए और बहुत नाम कमाया… इन को पढ कर बहुत प्रेरणा मिलेगी Look out for sources of motivation

7.केयरिंग बनें

हम पता है क्या करते है कि कॉम्प्लेक्स आता है तो हम पीछे हट जाते हैं या limit  कर लेते हैं shy हो जाते हैं  खुद को बंद कर लेते हैं पर हमें अपनी झिझक मिटाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सामने आना चाहिए ज्यादा से ज्यादा दूसरों के लिए केयरिंग और मदद करने की कोशिश करनी चाहिए …

बच्चों में हीन भावना 

हम जितना दबते हैं हमें उतना ही दबाया जाता है .. इसलिए बी बोल्ड Don’t limit खुद को बांधे नही चाहे Volunteer रुप में काम करें  शरमाएं नहीं बल्कि और ज्यादा खुद को ज्यादा उभारने की कोशिश करें…

स्कूल में जो अलग अलग क्ल्ब बने होते है activities में अपना हुनर पहचान कर उसमे लगाएं … उभर कर आएं

तो ये थी 7 टिप्स .. अगर आप इन पर एप्लाई करना शुरु कर देंगें तो बदलाव भी यकीनन आएगा … और अगर ये वीडियो आपको अच्छी लगी तो प्लीज इसे शेयर भी कर दीजिए so that  जो बच्चे या जो लोग इस कॉम्प्लेक्स में जी रहे हैं वो बाहर निकले …

बच्चों में हीन भावना हीन – हीन भावना को कैसे दूर करे – How To Overcome Inferiority Complex

October 17, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Importance of Education for Teens – बच्चों के लिए पढ़ाई का महत्व – Why Study is Important for Teens

Monica Gupta

Importance of Education for Teens – बच्चों के लिए पढ़ाई का महत्व – Why Study is Important for Teens आज मेरी बात Teens से…क्या वाकई पढ़ाई जरुरी होती है ?? पढ़ाई की महत्ता..

Importance of Education for Teens – बच्चों के लिए पढ़ाई का महत्व

जब पढ़ाई की बात आती है हमें नींद आनी शुरु हो जाती है या भूख लगनी शुरु हो जाती है पर जब मोबाइल करते हैं या फेसबुक करते हैं तो नींद भाग जाती है … भूख भी भाग जाती है …

 

क्या वाकई पढ़ाई बहुत बोरिंग होती है… क्या इसका कोई फायदा नही…

बताईए … क्या सोच रहे हैं … ??  चलिए मान लीजिए आपको पढ़ाई अच्छी नही लगती … और एक दिन आप सुबह उठते हो और आपके पेरेंटस कुछ नही कहते … आप पढ़ाई करो , स्कूल जाओ … आप अपनी मर्जी के मालिक हो … दो दिन चार दिन खूब धूमते हो खूब मस्ती करते हो … और फिर धीरे धीरे बोर होने लगते हो …

कोई आपको वेल्यू नही देता … आपके दोस्तों ने भी बात करना बंद कर दिया .. आपके छोटे भाई बहन अपनी कोई प्रोब्लम लेकर नही आते … क्योकि आपको आता ही नही कुछ … अब घर के काम के लिए आप रह गए हो … जरा सब्जी ले आओ , जरा ये कर दो जरा वो कर दो … अब क्या चल रहा है मन में पढ़ाई की याद आ रही है ना …

इसकी वेल्यू पता लग रही है ना… तो वेल्यू तो है ही

जहां तक मेरा विचार है .1 % भी पढ़ाई का नुकसान नही है … पढ़ाई के तो बहुत फायदे ही फायदे हैं

चलिए मैं बताती हूं आपको 7 बातें…

1 विद्यां ददाति विनयं

विद्यां से विनय आता है और विनय से योग्यता और योग्यता से धन, धन से धर्म, और धर्म से सुख प्राप्त होता है …

देखिए एक काम किया और कितनी सारी चीजे होती चली गईं   Make us human हमें अच्छा इंसान बनाती है पढ़ाई … शिक्षा हमें इंसान बनाती है… आमतौर पर जो लोग चोरी चकारी करते हैं वो आपने देखा होगा कि अनपढ ही होते हैं

2. Confident बनाती है पढ़ाई हमें

पढ़ाई हमें confident बनाती है कि अगर हम पढे लिखे हैं तो हम बात करने में झिझकते नही … हमे इतना ज्ञान होता है हम बात कर सके… discussion कर सकें … अगर पढे लिखे नही होंगें तो जहां कुछ लोग बात कर रहे होंगें हम चुप खडे पढना नही आता बैंक गए हैं कह रहे हैं भाई ये भर दो क्या लिखा है बता दो ..

3.पढ़ाई हमें आत्मनिर्भर भी बनाती है…

अगर हमे अच्छी शिक्षा ली है तो हम कुछ भी करने के लिए तैयार हैं हम अपना काम भी शुरु कर सकते हैं.. किसी को देखने की किसी पर निर्भर रहने की जरुरत नही…

4 हमारी जिंदगी में खुशी लाती है

बिना पढ़ाई के शिक्षा के जीवन बेकार है.  अगर अच्छी तरह पढ़ाई करेंगें तो अच्छी नौकरी मिलेगी. हमारी समाज में इज्जत बनेगी .. नही तो कोई नही पूछेगा …

5 Turns your dreams into reality – पढ़ाई हमारे सपनो को सच बनाती है

… जब हम पढते हैं तो हमारे मन मे कुछ न कुछ जरुर होता है चाहे हम हीरो बनना चाहें , टीचर बनना चाहे, पुलिस आफिर डाक्टर  कुछ बनना चाहे तो पढाई से ही बना जा सकता है कि हम ये बनें वो बनें और अगर हमने दिल लगा कर पढ़ाई की तो यकीनन हम कुछ न कुछ जरुर पा सकते हैं इसलिए हमारे सपनो को पूरा करने में मदद करती है हमारी शिक्षा..

6  कोई बुदू नही बना सकता

Education produces good citizens  – अच्छे नागरिक बनते हैं शिक्षा से

चलिए मैं आपको एक बात बताती हूं.. कुछ समय पहले हमारे घर काम करने वाली लेट आई जब पूछा तो बोली कि तबियत ठीक नही थी दवाई लेने गई थी फिर उसने मुझे दवाई दिखाई जब मैंनें दवाई देखी तो वो दवाई पुरानी थी यानि एक्पायरी .. मैंने उसे बोला कि तुरंत दवा बदल कर लाओ और दुकानदार को भी गुस्सा करना … वो बेचारी चुपचाप किसलिए चली गई [पता है .. क्योकि वो अनपढ थी और दुकान दार ने उसका फायदा उठाया.

ऐसे ही एक बार और हुआ कि स्कीम थी … एक के साथ एक फ्री पर उसे पता ही नही था … बाद मे बताया तब दुबारा दुकान पर गई …

तो हुआ न नुकसान अनपढ होने का कोई भी बुदू बना सकता

7. दुनिया को अच्छी और रहने लायक जगह बनाती है पढ़ाई

मान लीजिए आप ऐसी जगह रहते हैं जहां सारे अनपढ लोग है … न नहाना , न खाने का तरीका न बात करने का सलीका.. ये इस वजह से है कि वो सब अनपढ हैं … कोई नियन नही कोई कानून नही है वहां .. वहीं आप ऐसी जगह रहते हैं जहां सब पढे लिखे समझदार लोग है आराम से बात करते हैं … तो कौन सी जगह रहने लायक हुई .. वही जहां सब पढे लिखें है… मिलजुल कर प्यार से रहते हैं

तो पढ़ाई को बनाईए अपना पैशन  

और भी जाने कितने फायदे हैं हमें जिंदगी में कुछ न कुछ तो जरुर एचीव करना है … है ना … अगर वाकई करना है तो जुट जाईए पढाई में और कुछ बन कर दिखाईए और दूसरों को Educate करें   पढाई की महत्ता को दूसरों के साथ भी शेयर कीजिए उन्हें समझाईए …

Importance of Education for Teens – बच्चों के लिए पढ़ाई का महत्व

October 16, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Do Good to Others – अच्छाई की राह पर चलें – Inspirational Story

Do Good to Others

Do Good to Others – अच्छाई की राह पर चलें – Inspirational Story  – Do Good and Good will Come Back to You –  आजकल हम बहुत नेगेटिव होते जा रहे हैं ना किसी का अच्छा सोचना,  न किसी का अच्छा करना और क्या आपके मन में भी यही बात आ रही होगी कि ?? किसलिए करें अच्छाई या भलाई ? सभी तो बुरा काम कर रहे हैं… तो हमें अच्छाई के रास्ते पर चल कर क्या मिलेगा..

Do Good to Others – अच्छाई की राह पर चलें – Inspirational Story

मिलता है बहुत कुछ मिलता है चलिए अपनी बात समझाने के लिए मैं एक कहानी सुनाती हूं जोकि मैंनें नेट पर ही पढी थी..

कहानी कुछ इस तरह है

 

एक गांव में एक गुरु अपने शिष्यों को कुछ साल तक शिक्षा देते हैं और जब उसनी शिक्षा समाप्त होने वाली होती है तो वो अलग अलग टास्क देते है और एक आखिरी यानि फाईनल टास्क या परीक्षा होती है कि एक गुफा के अंदर जाना.

सभी को नंगे पैर अंदर जाना होता है सब स्टूडेंटस अंदर जाते हैं बहुत अंधेरी गुफा होती है..

कुछ को जल्दी थी कि ये आखिरी टास्क है फिर घर जाएगें … इसलिए जल्दी जल्दी चल रहे थे गुफा को पार कर रहे थे…

उनमे एक शिष्य था .. जब वो चल रहा था तो उसे कुछ कंकड पैरों में चुभे ..

जिससे उसे चलने में बहुत दिक्कत हुई …

उसने सोचा कि इन कंकरों पत्थर को उठा लेता हूं ताकि गुरु जी जब किसी और को भेजे तो उन्हें न चुभे ..

तो वो उस अंधेरी गुफा में कंकड उठा कर अपनी जेब में भर लिए एक दो उसकी देखा देखी ककंड उठाए पर बस ज्यादा नही उठाए और बाहर निकल गए..

बाहर जब आए तो गुरु जी खडे थे.. गुरु जी ने उससे पूछा कि क्या हुआ देर कैसे लग गई वो बोला कि रास्ते में कंकड बहुत थे ..

सोचा किसी दूसरे के पांव में न चुभ जाए इसलिए अपनी जेब में भर लिए और जेब से निकाल कर दिखाने लगा …

जैसे ही दिखाया तो उसने क्या देखा कि जिसे वो कंकड समझ रहा था वो हीरे थे। जिन्होंने कम उठाये वो पछताए कि ज्यादा क्यों नहीं उठाए…

जिन्होंने नहीं उठाए वो और भी ज्यादा पछताए..  जिसने भला सोचा और ज्यादा कंकड उठाए उसे सबसे ज्यादा फल मिला… तो इसलिए भलाई के काम करते रहना चाहिए…

वैसे वो कहते भी है ना कि

मैं “किसी से” बेहतर करुं क्या फर्क पड़ता है..
मै “किसी का” बेहतर करूं बहुत फर्क पड़ता है..!!

#इंसान की #अच्छाई पर सब #खामोश रहते हैं चर्चा अगर उसकी #बुराई पर हो तो #गूँगे भी बोल पड़ते हैं..!

अच्छाई अगर वह अपने में नहीं तो कही भी नहीं…

बुराई की खासियत हैं कि वो कभी हार नहीं मानती और अच्छाई की एक ही खासियत हैं कि वो कभी हारती नहीं….

 

एक प्रेरक कहानी – कर भला तो हो भला – Do Good to Others – अच्छाई की राह पर चलें – Inspirational Story – Do Good and Good will Come Back to You – Motivational Videos in Hindi – अच्छे काम करते रहना चाहिए

October 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Role of Father in Parenting – बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका – बापू सेहत के लिए तू तो

Role of Father in Parenting

Role of Father in Parenting – बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका – बापू सेहत के लिए तू तो … बापू सेहत के लिए तू तो लाभदायक हैजब भी पेरेंटिंग की बात होती है हमारे जहन में सिर्फ मदर्स ही आती है पर पापा लोग का भी बहुत बडा रोल होता है बेशक,  उनका समय बच्चों के साथ ज्यादा नही निकलता पर ये बात भी सच है कि बच्चे उनके पास आकर उनसे बात करके ज्यादा खुश, satisfied महसूस करते संतुष्ट करते  हैं..बच्चों की जिंदगी में पापा का बहुत बडा Influence  प्रभाव होता  है…

 

कैसे मैं आपको 7 बातें बताती हूं कि कैसे…

Role of Father in Parenting – बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका –

1. पापा Encourage करते है Healthy Risks लेने के लिए

पापा बोल्ड होते हैं इसलिए बच्चों को उत्साहित करते हैं कि चलो आगे आओ … मान लीजिए स्वीमिंग है … या साईकिल चलाना है या स्कूटी चलानी है मम्मी तो घबरा जाएगी पर पापा बच्चों को मोटिवेट करते हैं कि हां हां  चलाओ … चलो शाबाश … क्या है बच्चों को दब्बू बना रही हो … और बच्चे खुश !!

2 पापा के साथ ज्यादा सेफ होते हैं

मान लीजिए कही ट्रिप पर जा रहे हैं और रास्ते में कार खराब हो गई तो बच्चे चिंता नही करते कि कोई बात नही पापा है ना … वहीं अगर मम्मी हो तो मम्मी तो खुद ही घबरा कर फोन करने लगती है … तो बच्चे पापा के साथ खुद को ज्यादा सेफ फील करते हैं…

3 पापा अच्छे जोड़ीदार होते हैं  Playmate, दोस्त होते हैं और टीचर होते हैं

पापा पार्टनर की तरह होते है जब भी बाहर खेलने की बात होती है तो बच्चे यही चाहते हैं पापा उन्ही के पार्टनर बने… क्योकि उन्हें विश्वास होता है कि पापा बहुत स्ट्रांग हैं और पापा की टीम ही जीतेगी.. कुछ समझ नही आ रहा हो तो पापा के पास ही भागते हैं …

4. Health के लिए भी Benefit होता है  – बापू सेहत के लिए तू तो लाभदायक है

पापा के साथ खाना खाते हैं हैल्थ के लिए फायदेमंद होता है.. दो बातें

और कई बार ऐसा भी होता है कि मम्मी बच्चों को खाने के लिए बोलती है पर बच्चे नही खाते और पापा जब बोलते हैं एक ही बार में खा लेते हैं पापा का डर भी होता है कि नही खाया तो पापा गुस्सा हो जाएगें …

अकसर मम्मी बच्चों का बहुत ख्याल रखती हैं और खूब खिलाती है और काम भी नही करने देती … बार बार किचन के चक्कर लगा रही है बच्चों को खाना सर्व कर रही है … वहीं अगर पापा वहां होते हैं तो बच्चों को बोलेगे की चलो जाओ मम्मी की हैल्प करवाओ… मम्मी को भी गुस्सा करेगें की बच्चों को काम नही करने देती बिगाड रही हो … काम करने दो …

5. बहुत केयरिंग होते हैं – दिल कोमल पर दिखाते स्ट्रांग हैं

मदर्स बहुत इमोश्नल होती है… बात बात पर रो देती हैं पर पापा लोग बहुत स्ट्रांग होते हैं और किसी भी बात को जल्दी से रिएक्ट नही करते … वैसे दिल तो बहुत कोमल ही होता है… मेरी एक जानकार की बेटी होस्टल में पढने चली गई .. तो पापा उसे फोन करते कहते हैं कि बेटा फोन करते रहा करो तुम्हारी मम्मी को बहुत इंतजार रहती है तुम्हारे फोन की … जबकि इंतजार उन्हें खुद को रहती है पर कैसे बोल दें … स्ट्रांग़ भी तो है ना …

6. Father As A Role Model – my daddy strongest

बच्चों के लिए पापा किसी रोल मॉडल से कम नही होते … my daddy strongest . कहते हुए बच्चे कितना इतराते हैं.. बेटी तो पापा की लाडली होती ही है … वो अपनी सारी बात अपने पापा से मनवा लेती हैं… बच्चों को पापा पर पूरा विश्वास होता है किसी दोस्त के साथ खटपट हुई हो या कोई और बात … बोलते हैं कि पापा को बता दूंगा फिर देखना … तो पापा पर पूरा विश्वास होता है

7. परिवार का ख्याल रखते हैं

स पिता यस्तु पोषक:
अर्थात पिता वही है जो पोषक है। पालने वाले होते हैं

बच्चों के लिए पापा घर पर बहुत सारे रोल अदा करते हैं सबसे पहले तो सारी डिमांड पूरी उन्ही से होती है … मम्मी से कुछ कहें तो यही सुनने को मिलता है पापा से पूछ कर बताऊंगी यानि मम्मी सारे निर्णय नही ले सकती इसलिए पापा की अहम भूमिका होती है..  …

तो देखा पापा कितना रोल अदा करते हैं..

एक लडकी कहती है

मुझे पापा से ज्यादा शाम अच्छी लगती हैं, क्योंकि पापा तो सिर्फ खिलोने लाते हैं,

लेकिन शाम….शाम तो पापा को घर लाती हैं… 

Role of Father in Parenting – बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका –

October 14, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Problems faced by Women in India – जिंदगी का कड़वा सच – Problems को कैसे Face करें – महिलाएं कृपया ध्यान दें

महिलाएं कृपया ध्यान दें

Problems faced by Women in India – जिंदगी का कड़वा सच – Problems को कैसे Face करें – महिलाएं कृपया ध्यान दें – Motivational Videos in Hindi – Monica Gupta – How to Solve a Problem. Problem का हल कैसे निकालें.

Problems faced by Women in India – जिंदगी का कड़वा सच

जिंदगी का कडवा सच ये भी है कि लाईफ है तो उसमें प्रोब्लमस भी होगी ही… ऐसा तो कोई भी नही दुनिया में जिसे कोई प्रोब्लम न हो … आती ही है प्रोब्लोमस तो जब प्रोब्लम आए तो हमें उसे पकड कर बैठे रहना चाहिए … निराश हो जाना चाहिए…. मायूस हो जाना चाहिए या इससे निकलने की कोशिश करनी चाहिए… आप बताईए कि क्या करना चाहिए… यकीनन बाहर ही निकलने की कोशिश करनी चाहिए

यही कहना है ना आपका

समस्याओं से कभी दूर नही भागे  जिंदगी में Problem को तो फेस करना ही चाहिए नही तो वो और बडी और भयानक होती जाएगी

तो इससे बाहर कैसे निकलें. मान लीजिए मैं किसी ऐसी परेशानी में हूं इसका कोई हल नही समझ आ रहा … तो क्या करें.. ??

सबसे पहले पहचानिए कि क्या कोई समस्या है ??  Identify the issues सबसे पहले तो अपने आप से पूछिए कि क्या ये प्रोब्लम है ?? और जवाब आता है कि हां ये बहुत बडी प्रोब्लम है..

क्या इसका हल बातचीत है… अगर वो भी नही सब करके देख लिया तो

Accept it. इसे Accept  करिए कि है और अब तैयार हो जाईए इसका सामना करने को … देखिए जिसकी वजह से तनाव है पहले तो उससे बात कीजिए पर लगता है कि कोई फायदा नही… तो क्या करें…

अब सोचना बंद करें… अब पहले प्रोब्लम है फिर मान लिया और

जरा सोचिए कि सोच कर क्या फायदा हुआ… चलिए अगर सोचने से फायदा होता है हम सब भी मिलकर सोचगे और सोचते ही रहेंगें इसी चक्कर में खाना पीना भी छोड देंगें

अपने ऊपर कोई बीमारी भी लगा लेंगें

घर पर बुरी तरह से तनाव का वातवरण हो जाएगा

तो है कोई फायदा … तो सोचना बंद करें

अगर सोचना है तो ये सोचिए कि इस तरह की Problem आपके साथ ही नही बहुतों के साथ हैं और भी हैं लोग… आप अकेले नहीं परेशानियों का पहाड़ आपके सिर पर नही है..

जरुरत इस बात की है कि हम डील कैसे करते हैं सामना कैसे करते हैं

Change Your Language About The Problem From Negative To Positive अब आपने क्या करना है कि पॉजीटिव सोचना है… मन में जो बुरे ख्याल आ रहे हैं उन्हें झटक कर अपने आप को किसी न किसी बात में व्यस्त रखना है…

इसके लिए जरुरी है खुद को स्वस्थ रहना और स्वस्थ रहने के लिए आप वॉक पर भी जा सकते हैं … या मेडीटेशन भी कर सकते हैं

ऐसे समय में Positive किताबे पढना या ऐसे ही दोस्तों की संगत मे रहना बहुत जरुरी है…

मनोबल बनाए रखना है…

हर किसी का जीवन परफेक्ट नहीं होता…

अगर हमने परेशानी को परेशानी नही समझा तो वो ज्यादा समय तक नही रहेगी इसलिए उसे भाव ही मत दो ..

और मस्त रहो. जो बात खुशी देती है वो करना सीखो.

पति बहुत शराब पीते हैं 

असल में, ये बात मैं इसलिए कह रही हूं कि पिछ्ले कुछ समय से एक कॉमन प्रोब्लम पर लेडीज के मैसेज आ रहे है और वो है पति का शराब पीना … जिसकी वजह से वो बहुत तनाव में हैं … ये बात मैं उन्ही को कहना चाह रही हूं पहले आप बात कीजिए अगर नही मानते तो ठीक है .. बस स्वीकार कर लीजिए … कि जब छूटेगी  तब छूटेगी …भाव ही मत दीजिए … शो मत कीजिए न नाराजगी न कुछ बस मार्मल बन कर रहिए …  अपनी सेहत किसलिए खराब करनी … बच्चों के साथ व्यस्त रहिए कुछ क्रिएटिव कीजिए, अपने अंदर छिपी कला को बाहर लाईए और उसी में मस्त रहिए… उधर ध्यान ही न ही दीजिए…

बस एक बात करनी हैं कि उम्मीद रखें इसी पर दुनिया कायम है

एक न एक दिन समय जरुर बदलेगा… पर तनाव में रहकर अपनी सेहत खराब करना जरा भी समझदारी नही…

October 13, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Make Your Child Smarter – छोटे बच्चों को स्मार्ट कैसे बनाएं – छोटे बच्चों की परवरिश कैसी हो

How to Make Your Child Smarter

How to Make Your Child Smarter – छोटे बच्चों को स्मार्ट कैसे बनाएं – छोटे बच्चों की परवरिश कैसी हो. बच्चों को स्मार्ट कैसे बनाएं… अक्सर पेरेंट्स को बच्चों के बारे में शिकायत रहती है कि वो पढता नही,  लिखने में स्लो है. लर्न नही होता  खाता नही … तो चलिए  बच्चों को स्मार्ट बनाते हैं अब आप सोच रहे होंगें कि स्मार्ट यानि स्मार्ट का ये मतलब नही कि अच्छे कपडे पहने हो, अच्छे महंगे जूते हो … ये वाला स्मार्ट नही बल्कि दूसरे वाला …

चलिए मैं आपको बताती हूं कि कैसे वाला स्मार्ट इसकी 9  टिप्स बताती हूं.

 

 

छोटे बच्चों को स्मार्ट कैसे बनाएं – How to Make Your Child Smarter – छोटे बच्चों की परवरिश कैसी हो

1 खुश रखिए

देखिए Happy Kids यानि की  Successful Kids … अब बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए उनका खुश रहना बहुत जरुरी है… रोते,  चिडचिड करते बच्चे स्मार्ट नही बन सकते तो सबसे पहले जरुरी है कि बच्चों को खुश रखें. Happier kids are more likely to turn into successful.

2 खेलने के लिए Encourage कीजिए

Physical exercise खेलकूद शरीर से ही नही बल्कि मानसिक रुप से भी बहुत स्ट्रांग बनाते रक्त का संचार बढता है नए brain cells बनते हैं  तो खूब खेलने दीजिए … खूब खेलने भगाने के फायदे ये भी है कि खूब भूख लगती है और एक है नींद

और मेरा तीसरा पोईंट भी नींद है

3 अच्छी नींद बच्चे को स्मार्ट बनाती है… अगर हमारी नींद डिस्ट्रब हो जाए तो कितनी दिक्कत हो जाती है वैसे ही बच्चे की नींद अगर सही से न हो तो वो गुस्सैल चिडचिडा हो जाएगा .. इसलिए सोने दीजिए …

4 रीडिंग लिए Encourage कीजिए

पढने के बहुत फायदे हैं. कई बार हम ही बच्चों को पढ कर कहानी सुनाने लगते हैं .. जबकि हमें बच्चों के साथ मिलकर कहानी बोलनी चाहिए. vocabulary अच्छी होती है झिझक खुलती है और कॉफिडेंस आता है  intelligence बोलने का तरीका आता है.. किसी कहानी मे मान लीजिए दो पात्र है उसमे एक आप एक बन जाईए और दूसरा बच्चा फिर उसी तरह बोलिए .. देखिए वो एंजाय भी करेगा और स्मार्ट भी बनेगा..

5 पोईंट सुनकर शायद आपको खुशी न हो … पर सुनाना तो पडेगा … बच्चे की स्मार्ट नेस का सवाल जो है …

टीवी देखना कम कर दीजिए… हमारी आदत क्या होती है बच्चा खाना खा रहा है चल टीवी देख , रो रहा है चल टीवी देख, आपकी कोई सहेली आई है चल टीवी देख … उससे बहुत आदत पड जाती है और बच्चा सुस्त हो जाता है उसकी कुछ करने की सोचने की क्षमता कम हो जाती है … इसलिए कंट्रोल कीजिए …

6 बच्चे की praise नहीं Encourage कीजिए.. हर समय बच्चे को कुछ करने के लिए प्र्तोत्साहित कीजिए… हम क्या करते हैं जब 10 मे से 10 लेकर आया तभी उसे शाबाशी देंगें पर हर समय Encourage कीजिए.. कई बार बाता बात पर हम उसकी praise करते हैं ये भी ठीक नही.. बात बात पर प्रशांसा करके उसके बिगडने के चांस ज्यादा हो जाते हैं और वो ओवर स्मार्ट बन जाता है. अरे वाह शाबाश

7  अडचन नही डालें – हमारी आदत होती है बार बार टोकने की .. ये मत करो ये ऐसे करो ये ऐसे नही करो … इसे नही करें .. बच्चे को करने दें creative  बनने दे … खुद कुछ discover करने दें

8Help your kid to develop grit – patience  – धैर्य डालना सिखाएं

कई बार बच्चों ज्यादा जिद न करें रोए न चिल्लाएं न हम उनकी सारी मांग पूरी करते जाते हैं इससे उसमे patience नही रहती. खत्म हो जाती है… इसलिए आपको खुद patience रखना बहुत जरुरी है और फिर बच्चे में डालना और इसके लिए क्या जरुरी है इसके लिए जरुरी है 9 पोईंट

9 बच्चो को समय दीजिए

बच्चे को समय दीजिए. उसके मन में बहुत सारी बाते चल रही होती है वो बहुत कुछ जानना चहता है तो उसे समय दीजिए. उसके साथ बैठिए बाते कीजिए. उसकी मदद लीजिए छोटे छोटे कामो में. उसे प्यार और दुलार दीजिए … फिर देखिए बनता है ना स्मार्ट…

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