Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 14, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

भक्त और भगवान की कहानी – भगवान को कैसे प्रसन्न करें

Monica Gupta

भक्त और भगवान की कहानी – भगवान को कैसे प्रसन्न करें  – वातावरण पूरी तरह से धार्मिक हो रहा है लाऊडस्पीकर से भी भजन की आवाज .. मंदिरों में खूब भीड … कुल मिला कर वातावरण भक्तिमय हो रहा है और यही सोच कर मैंनें नेट ऑन कर लिया और मिली बहुत ही खूबसूरत कहानी …

भक्त और भगवान की कहानी – भगवान को कैसे प्रसन्न करें

एक बार एक सेठ था उसके पास एक व्यक्ति काम करता था..  सेठ उस व्यक्ति पर बहुत विश्वास करता था जो भी जरुरी काम हो वह सेठ  हमेशा उसी व्यक्ति से कहते … वो व्यक्ति भगवान का बहुत बड़ा भक्त था.

एक दिन उस वक्त ने सेठ से तीर्थ यात्रा करने के लिए कुछ दिन कहा … छुट्टी  मांगी तो   सेठ  ने  उसे   छुट्टी   देते   हुए   कहा कि मैं   तो   हूं   कामकाजी  आदमी  हमेशा  व्यापार   के  काम  में  व्यस्त  रहता  हूं  इस  कारण  कभी  तीर्थ   नहीं जा पाता…

तुम  जा  ही  रहे  हो  तो  यह  लो  100   रुपए  मेरी  और    से   प्रभु   के  चरणों   में  समर्पित  कर   देना..    भक्त  सेठ   से   सौ  रुपए   लेकर  यात्रा  पर  निकल  गया  और मंदिर पहुंचा.

वहां खूब भक्तिमय माहौल था … भक्त  भी वहीं रुक कर  हरिनाम संकीर्तन का आनंद लेने लगा । तभी उसने देखा कि कुछ लोग भगवान का जाप कर रहे हैं वो बहुत कमजोर और भूखे प्रतीत हुए पेट धसा हुआ है..
उसने  सोच  क्यों  ना  सेठ  के   सौ  रुपए  से  इन  भक्तों  को  भोजन  करा  दूँ

उसने उन सभी को उन सौ रुपए में से भोजन  की  व्यवस्था   कर  दी । सबको  भोजन कराने  में
उसे   कुल   98 रुपए  खर्च  करने  पड़े… उसके पास दो रुपए बच गए उसने सोचा चलो  अच्छा  हुआ  दो  रुपए  भगवान जी  के  चरणों

में  सेठ  के  नाम  से  चढ़ा  दूंगा। जब  पूछेगा  तो  मैं  कहूंगा  वह  पैसे  चढ़ा  दिए  । सेठ  यह  तो नहीं  कहेगा  100 रुपए  चढ़ाए । सेठ  पूछेगा  पैसे  चढ़ा  दीजिए । मैं  बोल  दूंगा  कि  पैसे  चढ़ा दिए । झूठ  भी  नहीं  होगा  और  काम  भी  हो  जाएगा ।
दर्शनों  करने के बाद 2 रुपए चरणो  में  चढ़ा  दिए । और  बोला  यह  दो  रुपए  सेठ   ने  भेजे  हैं..

उसी  रात  सेठ  के  पास  स्वप्न  में  भगवान जी  आए  आशीर्वाद  दिया  और  बोले  सेठ तुम्हारे  98  रुपए  मुझे  मिल  गए  हैं  और अंतर्ध्यान  हो  गए..
सेठ  जागे और   सोचने  लगे  कि मेरा  नौकर  तौ  बड़ा  ईमानदार  था पर  अचानक   उसे  क्या जरुरत  पड़  गई  थी  उसने  दो  रुपए  भगवान  को  कम  चढ़ाए ?  उसने   दो   रुपए  का   क्या  खा  लिया ? उसे  ऐसी  क्या  जरूरत  पड़ी  ?  ऐसा  विचार  सेठ  करता  रहा जब बाद  भक्त  वापस आया  और  सेठ  के  पास  पहुंचा।  सेठ  ने  कहा   कि मेरे पैसे चढ़ा  दिए  थे ?  भक्त  बोला  हां  मैंने  पैसे  चढ़ा  दिए ।
सेठ  ने  कहा  पर  तुमने  98  रुपए  क्यों  चढ़ाए  दो  रुपए  किस  काम  में  प्रयोग  किए तब  भक्त ने सारी बात बताई
की  उसने  98  रुपए  से  भूखे लोगों को  को  भोजन  करा  दिया  था  । और  प्रभु  जी  को  सिर्फ  दो  रुपए  चढ़ाये  थे..

सेठ  सारी  बात  समझ  गया  व  बड़ा  खुश  हुआ  तथा  भक्त  के  चरणों  में  गिर  पड़ा  और  बोला  आप  धन्य  हो
आपकी  वजह  से  मुझे  प्रभु के  दर्शन हो  गए… 
भगवान  को  आपके  धन  की  कोई  आवश्यकता  नहीं  है  । भगवान  को  वह  98   रुपए  स्वीकार  है  जो  जीव  मात्र  की  सेवा  में  खर्च   किए   गए   और  उस   दो  रुपए   का  कोई  महत्व  नहीं   जो   उनके   चरणों   में  नगद  चढ़ाए  गए…

वैसे मैंने पढा भी था कि

तुलसी या संसार में सबसे मिलिए धाय
न जाने किस वेश में नारायण मिलि जाय…

अर्थ:
तुलसीदास जी कहते हैं कि हे मनुष्य इस संसार में तू किसी से भी मिले तो उससे प्रेम से मिल मैत्री  से मिल क्योकि न जाने तेरी परीक्षा लेने के लिए भगवन किस वेश में आ जाये और उस समय वो तेरे प्रेम भावः को देख कर तुझे अपना ले तुझे अपने गले से लगा  लेंं…

भक्त और भगवान की कहानी – भगवान को कैसे प्रसन्न करें

August 13, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

अच्छे माता पिता कैसे बनें – Parenting Advice In Hindi

अच्छे माता पिता कैसे बनें – Parenting Advice In Hindi – पिछ्ले कुछ दिनों से मैसेज आ रहे हैं पेरेंटस के कि  हम अच्छे माता पिता बनना चाहते हैं आप बताईए कि क्या करें कैसे शुरुआत करें … तो सबसे पहले तो मेरी शुभकामनाएं !! आपने एक कदम आगे बढाया है और इसका रिजल्ट भी आपको बहुत अच्छा मिलेगा …

अच्छे माता पिता कैसे बनें – Parenting Advice In Hindi

देखिए माता पिता बनना बहुत खुशकिस्मती होती है … पर माता पिता का फर्ज निभाना भी आसान नही होता … बहुत तरीके से बच्चे को टेकल करना पडता है… बच्चा अपने मम्मी पापा के हर कदम से सीखता है इसलिए उसे अच्छा बनाने के लिए हमे पेरेंटस को अच्छा बना ही होगा …

सबसे पहले तो… healthy relationship  बनाए रखने के लिए प्यार दीजिए

तुलना करना बंद कर दीजिए शर्मा जी का बेटा कल फुल मार्क्स लेकर आया .. तुम बहुत पीछे हो … वो गाता अच्छा है तुम्हें तो सारा दिन गेम खेलने से फुर्सत नही …

टोकना बंद कीजिए …  अगर बच्चे ने कुछ किया है मान लीजिए आज वो अपने टाईम टेबल के हिसाब से पढा और आप बजाय ये कहने की शाबाश … आज सूरज कहां से निकला … !! उसे ये बात चुभ सकती है … उसे ताने न मारें

संबोधन पर ध्यान दें बच्चों के घर पर निक नेम होते हैं जब बडे हो जाते हैं तो उन्हें अच्छा नही लगता कि उनके दोस्तों के सामने उस नाम से पुकारा जाए … जैसे मान लीजिए एक लडकी का नाम मुनिया है और स्कूल का नाम आकांशा … तो उसे स्कूल के बच्चों के सामने आकांशा से ही बुलाए .. कई बार फेसबुक वगैरहा पर बच्चे इसलिए अपनी मम्मियों को नही लेते क्योकि वो घर के नाम से बुलाती हैं …इसलिए इस पर भी ध्यान देने की जरुरत है … बचपन में हमारा बच्चा पप्पू, मुन्ना या फिर बबलू हो सकता है, लेकिन बड़े होने पर इन संबोधनों से उसके दोस्त उसका मजाक बना सकते हैं। कई बार तो उसे अपने नामों से खीझ भी हो जाती

बच्चों पर विश्वास करें … उन्हें मौका दें … अगर आप उन पर विश्वास बनाएंगें तो यकीनन वो भी आपका विश्वास नही तोडेगें पर बार बार पूछ कर तांक झाक कर के … उनका विश्वास नही बनेगा …

नकारात्मक बात न करें …  बच्चों के सामने अपने घर परिवार के लोगो की बुराई न करें या मजाक न बनाए उससे बच्चे को भी शय मिलती है इसलिए अगर आपको बुराई करनी भी है तो बस ध्यान यही रखिए के बच्चे के सामने न हो ..  …

बच्चों की अच्छी बात  खोज कर उन्हें मोटिवेट करें … और ये तभी होगा जब आप उन्हें समय देंगें उनके साथ बैठेंगें … इसलिए बच्चों को समय देना उनकी बात सुनना बहुत जरुरी है…

नजरअंदाज करें :  कई बार बच्चे ने कोई गलती की और आपने देख लिया तो उसे नजर अंदाज कर दें हां अगर दूसरी बार भी वही गलती हो तो जरुर समझाए …

और आपके लिए एक होमवर्क है … आपके बच्चे की एक खास बात

बातें तो और भी हैं पर शुरुआत उसी से करिए … और एक खास बात आपके बच्चें में क्या है वो जरुर बताईए कमेंटस में .. मुझे इंतजार रहेगा

अच्छे माता पिता कैसे बनें – Parenting Advice In Hindi

August 12, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

जिंदगी का सबसे बड़ा कड़वा सच – बच्चों के सुखद भविष्य के लिए पेरेंट्स को देना होगा ध्यान – नशा नाश का कारण

Monica Gupta

जिंदगी का सबसे बड़ा कड़वा सच – बच्चों के सुखद भविष्य के लिए पेरेंट्स को देना होगा ध्यान – नशा नाश का कारण- अगर हम बच्चे को अच्छा भविष्य देना चाह्ते है तो … क्या करना होगा … !! अगर हम बच्चे को अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं … तो … क्या करना होगा … क्या करना होगा उस बात बताने से पहले एक incident बताना चाहूंगी …

जिंदगी का सबसे बड़ा कड़वा सच – बच्चों के सुखद भविष्य के लिए पेरेंट्स को देना होगा ध्यान – नशा नाश का कारण

बात कल सुबह की है. कल मैं किसी काम से स्टाप पर खडी थी वहां एक बच्चा भी खडा था स्कूल बैग टंगा हुआ था … स्कूल बस की इंतजार कर रहा था … तो मैंने ऐसे ही उससे बात करनी शुरु कर दी.. कौन सी क्लास मे हो तो बोला 4 क्लास मे … फिर चुप हो गया…अब क्या बात करुं … मैंनें कहा कि अब तो बहुत सारी छुटटिया आएगीं … वो बोला छुट्टी ?? मैंने कहा हां क्योकि अब बहुत सारे फैस्टीवल जो आएंगें … आपको कौन सा फैस्टीवल सबसे ज्यादा पसंद है तो वो बोला कोई नही … मैंनें सोचा मजाक कर रहा है क्योकि ऐसे कैसे हो सकता है.. वो बोला कोई भी अच्छा नही लगता क्योकि पापा उस दिन और ज्यादा शराब पीते हैं और फिर गंदे हो जाते हैं मारते भी हैं … इतने में उसका ओटो आ गया और वो चला गया और मैं सोचती रह गई कि बच्चा बोल क्या गया…
बच्चे तो खुश होते हैं कि त्योहार आए … और ये बच्चा … इसकी चेहरे की मासूमियत और मुस्कुराहट तो मानो गायब ही हो गई थी … और उसकी जगह ले ली थी एक कठोरता ने …एक रुखे व्यवहार ने
अब मैं आती हूं अपनी पहली की बात पर … बच्चो को अगर अच्छा भविष्य देना चाह्ते हैं तो अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं तो जो पेरेंट्स नशा करते हैं उन्हें नशे जैसे बुरी आदत को छोडना होगा ..
वैसे मैंने फेसबुक पर देखा था एक फोटो में 6 – 7 साल की बहुत प्यारी सी लडकी थी और उस के हाथ में एक बैनर था जिस पर लिखा था मेरे पाप ने कहा है कि अगर मेरे फोटो को 1000 लाईक मिलेंगें तो वो सिग्रेट छोड देंगें किसी ने कमेंट लिखा हुआ था कि कैसा पिता है छोड खुद नही सकता और सहारा बच्चों का ले रहा है ??

जो पिता नशा करते हैं उनके बच्चों के साथ साथ दो बातें हो सकती हैं …
बहुत ज्यादा नशा करेंगें , मार पिटाई करेंगें तो
या तो बच्चा आपको नापसंद करना शुरु कर देगा … नफरत करना शुरु कर देगा …
या वो भी नशा करना शुरु कर देगा …
वो पहले चोरी से लेगा फिर सामने लेगा फिर जैसा आप बर्ताव करते हैं वैसा करना शुरु कर देगा … और फिर अच्छा इंसान कैसे बनेगा …
हर समय उसके मन में गुस्सा भरा रहेगा … न वो पढाई में ध्यान लगा पाएगा …असफल , फेल होते जाएगें और मन में हीन भावना घर करती जाएगी और फिर आपकी तरह ही सहरा लेंगें … नशे का … न किसी और जगह … एक निराशा धिरता चला जाएगा … बच्चा …
और आपके स्वास्थ्य की तो बात ही नही हो रही वो कितना नुकसान करेगा … वो अलग विषय है … तो
बच्चे का अच्छा भविष्य चाहते हैं तो बहाने छोडिए … बच्चों की खातिर ही इसे छोड कर बच्चों के साथ समय बिताईए उन्हें अच्छे संस्कार दीजिए … उनके रोल मॉडल बनिए
वैसे आपकी क्या राय है इस बारे में … जरुर बताईएगा … !!

जिंदगी का सबसे बड़ा कड़वा सच – बच्चों के सुखद भविष्य के लिए पेरेंट्स को देना होगा ध्यान – नशा नाश का कारण

August 11, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगो को जागरुक कैसे करें – How to Create Awareness for Blood Donation

Monica Gupta

स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगो को जागरुक कैसे करें – How to Create Awareness for Blood Donation. ये जानते हुए भी कि रक्तदान महादान है फिर भी लोगो में जागरुकता नही आ रही… तो कैसे लाई जा सकती है voluntary blood donation के voluntary blood donation के प्रति जागरुकता ..

स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगो को जागरुक कैसे करें – How to Create Awareness for Blood Donation

कल मैं अपनी एक जानकर के घर गई हुई थी. तभी उनके बेटे का फोन आया और वो पूछ्ने लगी कि blood donate किया क्या … और फिर उसने क्या कहा ये तो पता नही पर वो गुस्सा हो रही थी कि पिछ्ले महीने भी नही किया था … कर आना समय निकाल कर … मुझे बहुत खुशी हुई क्योकि आमतौर पर mothers  पीछे हट जाती है और चाह्ती हैं कि उनके बच्चे तो बिल्कुल न करें …

 

पर ये मम्मी वाह !! जब फोन रखा तो मैंने उन्हें कहा कि आप तो एक प्रेरणा है आप खुद कह रही हैं … इस पर वो बोली कि अरे ऐसी कोई बात नही असल में एक पंडित जी ने बताया है रक्तदान करेगा तो मेरी की हेल्थ ठीक रहेगी  इसलिए बस …

अब बताईए ये है जागरुकता का आलम … समझ नही आता कि इतना नेक कार्य है और फिर भी लोग आगे नही आना चाह्ते …

एक अन्य जानकर हैं वो अभी तक पचास बार रक्त दे चुके हैं पर बार भी अपनी पत्नी को नही बताया क्योकि उन्हें डर है कि अगर बताया तो वो मना न कर दे … नाराज न हो जाए …

एक मेरे जानकार ने तो बताया कि उन्हें सूई से डर लगता पर blood donate करने के बाद जो refreshment मिलती वो बहुत अच्छी लगती तो वो क्या करते जब कैम्प लगता तो अपनी शर्ट की बाजू उपर उठा कर और कॉटन लगा कर उस कमरे में चले जाते और जूस और केला खाकर आ जाते … हालाकि बाद में इसकी महत्ता समझ कर डोनेट करने लगे

वही एक अन्य जानकार ने बताया कि एक बार कैम्प लगा था और चार पांच ऐसे ही गरीब से लोग बैठे थे तो उन्होने गुस्सा किया कि यहां किसलिए बैठे हो जाओ यहां से तो एक आदमी बोला सर हमने अभी ब्ल्ड डोनेट किया है … उनकी ये बात सुनते ही वो बहुत झेंपें … शर्म आई कि ये क्या कह दिया … और उन्होने खुद उन्हे सर्व किया refreshment..

हैरानी है कि हम इसकी महत्ता ही नही समझते.. बहुत बार जब किसी को ब्लड डोनेट करने की बात होती है तो उनकी कोशिश होती है कि घर का ड्राईवर  या  नौकर खून दे आए खुद नही करना चाह्ते … ऐसी बात नही है कि लोग इस बारे  में काम नही कर रहे पर जितनी जागरुकता आनी चाहिए उतनी आ नही रही है … तो कैसे आए जगरुकता … आप ही बताईए अगर हमें लोगो को ब्लड डोनेशन के लिए प्रेरित करना हो तो कैसे करें …

कालिजो के छात्रो मे प्रतियोगिताए जैसे स्लोगन, निबंध या क्विज आदि करवा कर बच्चो को जागरुक किया जा सकता है.

होली इत्यादि पर रक्तदान ,

अखबार में  अच्छे कलरफुल लेखों से  ,

जागरुक करने के लिए कोई ईवेंट कर सकते ,

सोशल नेट वर्किंग का विशाल क्षेत्र खुला पडा है ग्रुप बना कर भी लोगो को प्रेरित किया जा सकता है …

छोटे छोटे विज्ञापन या फिल्में बना कर भी मोटिवेट किया जा सकता है या जो मरीज हैं जिन्हें नियमित  रक्त की जरुरत पडती है उनके मैसेज के माध्यम से भी लोगो को मोटिवेट किया जा सकता है …

वैसे आप बताईए  आप क्या सोचते हैं … ?? किस तरह से लोगो को मोटिवेट करें कि बढ चढ कर लोग इस फील्ड में आगें आएं..

How to Create Awareness for Blood Donation voluntary blood donation

August 10, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

How can a Woman Earn Respect in Family – घर परिवार में अपनी वैल्यू कैसे बनाएं महिलाएं

How can a Woman Earn Respect in Family

How can a Woman Earn Respect in Family – घर परिवार में अपनी वैल्यू कैसे बनाएं महिलाएं – कहिए कैसे हैं आप … आज मैं कहना चाहूंगी कि कैसी हैं आप ?? क्योकि आज मैं बात कर रही हूं आप महिलाओं से…

How can a Woman Earn Respect in Family – घर परिवार में अपनी वेल्यू कैसे बनाएं महिलाएं

असल में,  बहुत महिलाओं का कहना ये  है कि हम कितना काम करते हैं घर का , कितना ख्याल रखतें हैं सबका चाहे बच्चे हो, पति हों, रिश्तेदार हों … पर कोई वैल्यू नही समझता … इसलिए बहुत महसूस होता है … अगर वो हमें वैल्यू दें हमारी काम करने की क्षमता डबल हो जाए पर कोई समझते ही नही… हमें ऐसे ट्रीट किया जाता है मानो हम कोई बेकार हैं…

काम भी हमारे बिना किसी का नही चलता पर हमे उचित सम्मान भी नही मिलता …

 

और ये बात बिल्कुल सही है … और ये बात भी सही है कि हाथ पर हाथ रख कर बैठने या उदास होने से भी बात नही बनेगी … तो क्या करें … क्या करना चाहिए कि हमें वैल्यू मिले …

Challenge Yourself to Be Better

सबसे पहला तो सुबह सवेरे आईना देखिए और स्माईल दीजिए और अपनी पीठ थपथपाईए और सारा दिन अच्छा सा बिताने के लिए खुद को तैयार कर लीजिए.. खुद को   analize कीजिए अपने आप को Challenge दीजिए कि मैंनें अच्छा बने रहना है  पॉजिटिव रहना है. कुुुुछ भी हो जाएं …

Love Your Job.

जो भी काम कर रहे हैं उसे प्यार कीजिए … अगर बच्चों के लिए खाना बना रहे हैं तो प्यार से , मार्किट कोई सामान लेने जाना है तो भी प्यार से .. ये नही कि दस बात घर पर बच्चों को सुना कर जाओगे कि कोई काम नही करता सारा दिन मुझे ही करना पडता है … पिस रही हूं नौकरानी बन कर रह गई हूं. मैं ये कर रही हूं मैं वो कर रही हूं ये कहना कहलाना बंद कर दीजिए..

बेचारी बनना भी छोडिए .. कई बार अपनी importance सिखाने के चक्कर में हम खुद को बेचारी बन कर प्रस्तुत करते हैं … कितना काम है , मेरी खुद की भी तबियत सही नही रहती ,,, ये बंद कर दीजिए … क्योकि इससे आपका मजाक ही बनेगा …

एनर्जी वेस्ट  नही कीजिए इधर उधर बातें करना या गप्पे मारना बंद कर दीजिए … इससे अपनी एनर्जी वेस्ट होने से बच जाएगी.. क्योकि बातों बातों में कुछ गलत सलत , कुछ झूठ सच भी बोला जाएगा … चुगली चपाटी हो गई , किसी की बुराई कर दी तो बेवजह तनाव रहेगा … इसे बंद कर दीजिए.

सोच समझ कर ही रिएक्ट कीजिए पति की बुराई बच्चों से या बच्चों की बुराई पति से करने से बचिए…

घर परिवार के हर सदस्य को वैल्यू दीजिए

मान लीजिए आपकी सहेली का फोन आ गया और आपको पता है कि अभी पिता जी को दवाई देनी है या बिट्टू स्कूल से आया है उसे लंच देना है और आप लगी हुई फोन पर बात करने में … अपनी सहेली को बोलिए मैं थोडी देर में बात करती हूं और बाय बोल कर फोन रख दीजिए … अगर आप किसी को वैल्यू देंगी तो यकीनन आपको भी वेल्यू मिलनी शुरु हो जाएगी …

Always, Always, Always be honest ईमानदार रहिए. चाहे हसबैंड के प्रति हों या बच्चों के प्रति .. कुछ ऐसा काम न कीजिए कि परिवार के सामने नजर नीची करनी पडे … सोशल नेटवर्किंफ साईट अच्छी हैं पर बिगडते भी देर नही लगती …

विश्वास करिए भी और जताईए भी … जब पति बाथरुम में हैं तो फटाफट मोबाईल चैक कर रही हैं या बच्चे का मोबाईल घर पर रह गया तो सारा मोबाईल खंगाल डाला कि … ये सही नही है … इससे विश्वास खत्म हो जाता है … और कोई हमें पसंद नही करेगा ..

दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहिए ... अपने परिवार की नही जो दोस्त हैं उनकी भी… किसी की अगर आपने जरुरत पर मदद कर दी वो कभी नही भूलेगा और हमेशा आपका उदाहरण देगा इसलिए मदद कीजिए

अपने घर की छ्त पर या दरवाजे पर पक्षी या जानवर के लिए दूध या कुछ खाने को रखिए … ये करके भी बहुत परिवार में आपका दर्जा बढ जाएगा कि ये बहुत केयरिंग हैं

कुछ समय अपने पर लगाएं आप सारा दिन घर पर काम करती हैं इसका मतलब ये नही कि आप अच्छे कपडे न पहने या तैयार होकर न रहें … खुद बहुत जरुरी है तैयार होकर रहना .. यानि दिन का कुछ समय अपने पर लगाएं … मान लीजिए आप ऐसी ही घूम रही हो  बच्चों के दोस्त आते हैं और आपको बोलेगें मम्मी आप बाहर मत आना.. जब दोस्त चला जाए तब बाहर आना … क्योकि आपके बिखरे बाल है … अस्त व्यस्त कपडे हैं … ऐसे मैं आप ही सामने नही आना चाहेगीं और अगर आप तैयार होंगी तो बच्चा खुद ही मिलवाएगा और आप बैठ कर उनसे बात भी करेगीं

अब सबसे जरुरी है कि कुछ क्रिएटिव कीजिए … आज नेट ने हमारे सामने ढेर सारे आप्श्न खोल रखें हैं … अगर कुकिंग में अच्छी हैं तो नए नए पकवान बनाना सीखिए … बच्चे छोटे हैं तो पैरेंटिंग टिप्स सीखिए … अपनी नोलिज अपटूडेट रखिए …कहने का मतलब ये है कि जिस भी चीज में शौक है उसे करिए और अपने वैल्यू बनाईए

और सोशल नेट वर्किंग साईटस पर अगर किसी की बात पसंद आए लिखा पसंद आए तो उसे प्रोत्साहित जरुर कीजिएगा अगर आप किसी को वेल्यू देंगी तो यकीनन आपको भी वेल्यू मिलेगी ..

टिप्स तो और भी बहुत हैं पर अगर ये कुछ बातें अपना लेंगी तो आपको वैल्यू मिलनी शुरु हो जाएगी … फिर आप अपने अनुभव शेयर कीजिएगा … बताईएगा कि आपको कैसा लग रहा है

Try not to become a man of success, but rather try to become a man of value.” — Albert Einstein

The recipe is simple add value. Add value to yourself, to others,  That’s how you grow yourself, your wealth, and your impact.

How can a Woman Earn Respect in Family – घर परिवार में अपनी वैल्यू कैसे बनाएं महिलाएं

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August 9, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

खुश रहना है तो खुद को बदलना होगा – Personal Development Tips in Hindi

Monica Gupta

खुश रहना है तो खुद को बदलना होगा – Personal Development Tips in Hindi. . अपना नजरिया बदलना होगा… कुछ कहानियां बहुत प्रेरक होती हैं और हमें बहुत बडा सबक दे जाती हैं. आज वाट्सएप whatsapp पर बहुत ही अच्छी कहानी पढी और वही  शेयर कर रही हूं..

खुश रहना है तो खुद को बदलना होगा

कहानी कुछ ऐसे है कि एक बार …

One day,all the disciples went to their master’ and said, “Master, Master, we all are going on a pilgrimage.

Master: Why you want to go on a pilgrimage trip?

Disciples: So that we can improve our devotion.

Master: OK. Then do me a favour. Please take this Karela (bitter gourd) along with you and wherever you go and whichever temple you visit, place it in the alter of the Deity, take the blessings and bring it back.

So, not only the disciples but the Karela also went on pilgrimage, temple to temple.

And finally when they came back, the Master said, “cook that Karela and serve it to me.”

The disciples cooked it and served it to the master. After having the first bite, the master said,

“Surprising”!!!!!

Disciples: What’s so surprising?

Master: Even after the pilgrimage the karela is still bitter.
How come???’

Disciples: But that’s the very nature of the Karela, Master.

Master: That’s what I am saying. Unless you change your nature, pilgrimage will not make any difference.

So, you & I, if we do not change ourselves no teacher or guru can make a difference in our lives.

If you think positively,
Sound becomes music,
Movement become dance,
Smile becomes laughter,
Mind becomes meditative and
Life becomes a celebration.

अगर खुश रहना है तो बजाय इधर उधर के अपने भीतर झांकों और खुद को बदलने की कोशिश करो … अगर हम खुद बदल लेंगें तो सार्थक परिणाम आने शुरु हो जाएगें …

August 8, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

Monica Gupta

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi – पढ़ाई कैसे करे. ध्यान कैसे लगाएं पढाई मे. अक्सर पैरेंट्स ये कहते हैं कि हमने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में डाला है … खर्चा भी पूरा कर रहे हैं पर बच्चे का मन नही लगता पढाई में कैसे लगाएं … बार बार यही कहना पड़ता है पढ़ लो पढ़ लो … खुद कैसे इच्छा हो …!!

पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

बच्चे 5  क्लास मे हो गए 6  मे हो गए पर पढ़ते ही नही हैं … एक बहुत बडा सवाल ??

चलिए जो हो गया सो हो गया … अब आज ये सोचिए कि

ये सबसे सही समय है क्योकि फाईनल एग्जाम अभी नही है तो कोई मारा मारी या टेंशन नही है अब आपके पास बहुत समय है…  शुभस्य शीघ्रम् शुभ कार्य जितनी जल्दी हो वह कर डालना…

 

क्या क्या करें ?

तो सबसे पहले तो टाईम टेबल बना लीजिए और शुरु में पढाई का कम समय रखें … और धीरे धीरे बढातें रहें … बस इस बात का ख्याल रखें कि जब पढाई है तो बस सिर्फ पढाई … नो टीवी, नो मोबाईल … आपने भी नही … !!

हां पढाई के बाद जरुर कर सकते हैं पर पढाई के समय सिर्फ पढाई .. वो आपने भी नही देखना उसके टाईम टेबल में सिर्फ पढ़ाई ही नही … खेलने का समय भी जरुर होना चाहिए …

पढ़ाई दो तरीके से हो सकती है एक तो अकेले या ग्रुप बना

बच्चों का अपना अपना तरीका होता है कोई जोर जोर से बोल बोल करता learn करता है कोई चुपचाप .. मन ही मन …

जिन्हें बिल्कुल pin drop silence पढ़ना हो वो अकेले वाला चुन सकते हैं वैसे कुछ बच्चे

ग्रुप बना कर भी पढाई करते हैं उससे क्या होता है कि.. कभी कभी ग्रुप बना कर भी पढाई करना फायदेमंद रहता है आपस में बात करके या मिल जुल कर problem slove  कर सकते हैं … आपसे मे test  ले सकते हैं नए ideas भी मिल सकते हैं

जब बच्चा पढ़ाई कर रहे हों तो सारा समान उनके पास रखें कभी उनको पानी पीना है कभी कोई किताब दूसरे कमरे में है …  ऐसे ध्यान हटता है इसलिए एक ही टेबल बनाए और उस पर सारा जरुरत का सामान रखा हो ..

लगातार एक ही subject  मत पढने को कहिए … थोडी थोडा थोडा समय सभी सब्जेक्टस को दें उससे बोर भी नही होंगें और नींद भी नही आएगी …

और अब mothers  की भूमिका ये भी है कि खाना थोडा सा हलका और पौष्टिक ही बनाएं  क्योकि पेट भरा हो तो नींद ज्यादा आती है … खाली भी न हो तब  खाने का मन करेगा …

टेबल पर do not disturb  का बोर्ड लगा दीजिए ताकि उस समय ना आपके पास कोई आए और न डिस्टर्ब करे..

मोबाइल या केबल हमेशा के लिए बंद नही कीजिए बल्कि

ये कहिए कि अगर ये lesson learn  हो गया तो खेलने भी जा सकते हो और अपनी पसंद की कार्टून भी देख सकते हो …

सबसे जरुरी है कि घर का माहौल अच्छा बनएं रखें लडाई झगडा , डांट डपट कम करे … तनाव वाला कोई काम न करें …

स्टडी प्रेशर नही बनाएं  – जहां दबाव बना  वहीं काम खराब … !! बच्चों पर नम्बरों या पोजीशन लाने का दबाव न बनायें

और बच्चे ने सारा learn भी कर लिया और होम वर्क भी कर लिया तो उसे शाबाशी दें … उसका खाने में या जो भी मन है उसे प्रोत्साहन स्वरुप दें …

तो ये तो है कुछ टिप्स … पढ़ाई में मन कैसे लगाये – बच्चों के लिए पढ़ाई के टिप्स – Positive Parenting Tips in Hindi

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समय पर काम करने के महत्व को समझें माताएं

August 7, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी

Monica Gupta

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी – Nirasha ko Kaise dur karey – Self Motivation – कल एक जानकर घर आए हुए थे. उनका बेटा 10 क्लास में है … उसने कुछ समय पहले बहुत अच्छी अच्छी कविताएं लिखी थीं और मैंने तब उसे सुझाया भी था कि स्कूल मैगजीन में दो इसे … आज जब वो आए तो उससे पूछा कि और कितनी कविताएं लिखीं ..

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी

इस पर वो बोला कि नही लिख रहा … अरे !! हैरानी इसलिए हुए कि वो वाकई में अच्छी लिख रहा था … वो बोला कोई बोलता ही नही अच्छी लिखी है कोई appreciate नही करता … तो सोचा कि शायद अच्छी नही लिखता हूंगा शायद इसीलिए …  मैंनें उसे समझाया जरुरी नही है कि हर कोई हमारी प्रतिभा को समझे .. अगर कोई नही सोच रहा तो ये उसकी सोच है पर उसकी सोच की वजह से अपनी प्रतिभा को कटघरे में खडा करना सही नही है … बिल्कुल भी पीछे नही हटना चाहिए … चुपचाप मन लगा कर,  दिल लगाकर लिखते रहना चाहिए …

वैसे ऐसा ही होता है जब हमें कही से मोटिवेशन नही मिलती,  लोगो की negativity मिलती है  तो हम demoralize , disappointed  हो जाते हैं निराश हो जाते हैं जबकि हमें इन बातों पर ध्यान न देते हुए बस जो सोचा है उस पर बढ़ते रहना चाहिए …

इसी बारे में एक बहुत ही अच्छी प्रेरक कहानी भी है कि

 प्रेरक कहानी

एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने का competition  हुआ बहुत लोगों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी. चढ़ाई बहुत खडी थी यानि मुश्किल थी …जमा हुए लोग यही सोच रहे थे कि ये लोग चढ ही नही पाएगें नामुमकिन है बहुत मुश्किल है … इसलिए चिल्लाने लगे … अरे क्या कर रहे हो लौट आओ … वापिस आ जाओ … कभी भी सीधे पहाड़ पर नहीं चढ़ पाओगे.. सफलता का तो कोई सवाल ही नहीं, भीड़ चिल्लाये जा रही थी, ये नहीं हो सकता, असंभव और वो उत्साहित प्रतियोगी भी ये सुन-सुनकर हताश हो गए और अपना प्रयास धीरे धीरे करके छोड़ने लगे

लेकिन उन्हीं लोगों के बीच एक participant था, जो बार -बार गिरने पर भी उसी जोश के साथ ऊपर पहाड़ पर चढ़ने में लगा हुआ था ….वो लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा और  वह सीधे पहाड़ के ऊपर पहुच गया और इस प्रतियोगिता का विजेता बना. उसकी जीत पर सभी को बड़ा आश्चर्य हुआ, सभी लोग उसे घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे, तुमने ये असंभव काम कैसे कर दिखाया, ये विजय कैसे की ?

किसी ने बोला कि ये बहरा होगा तभी उस व्यक्ति ने कहा हां कि हर नेगेटिव बात के लिए हमेशा  मैं बहरा था, बहरा हूँ और बहरा रहूँगा .

वो तो समझ गया था … पर अगर आप के साथ भी कुछ ऐसा हो तो कि कोई मोटिवेट नही कर रहा … आपको समझ नही रहा और नेगेटिव हो रहा है तो बहरे बन जाईए … फिर देखिए

निराशा कैसे दूर करें – How to Deal with Disappointments – प्रेरक कहानी –

August 6, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids – Parenting Tips

Monica Gupta

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids – Parenting Tips – Chote Baccho ko Kaise Banaye Confident-  How to Make Your Child Smart. Parents चाह्ते हैं कि उनका बच्चा स्मार्ट बनें सबसे आगे रहे और इसके लिए वो बहुत कुछ करते भी हैं … पर सभी बच्चों में अलग अलग स्किल होती हैं…

छोटे बच्चों को कैसे बनाएं Confident – Simple Tips to Overcome Shyness in Kids

कुछ बच्चे बहुत bold होते हैं जल्दी से घुल मिल जाते हैं और कुछ बहुत शर्मीले होते हैं स्कूल में भी चुप चुप रहते हैं और घर पर भी जब कोई मेहमान आते हैं तो पर्दे के पीछे से चुपचाप मुंह में ऊंगली डाल कर देखते हैं पर सामने नही आते …  उनको बुलाते रहो पर वो भाग जाते हैं ..

तो क्या करना चाहिए..

ऐसे में बात करनी चाहिए बच्चे से ही कि आप बात किसलिए नही करते किसलिए शर्माते हैं … आराम से ऐसे ही बातों बातों में … ऐसे नही जैसे क्लास लग रही हो और मम्मी,  मौसी,  दादी सब जैसे सी आई डी की तरह पूछ्ताछ करें .. ऐसा माहौल नही बनाना चाहिए …

वजह टटोलने की कोशिश करनी चाहिए कई बार गुस्से में पेरेंटस ये तक कह देते हैं कि नही बात की अगर बात नही की ऐसे ही रहे तो और इसी तरह शर्माया तो होस्टल भेज देंगें … तो डर सा बैठ जाता है …

इसलिए जरा कूल कूल …

 

 

दूसरों के सामने बार बार ये न कहें कि ये तो बहुत शर्मीला है ये तो बात ही नही करता … बच्चे में ऐसे कॉम्पेक्स आ जाएगा …

सिर्फ पढ़ाई ही नही बच्‍चे को स्‍कूल की गतिविधियों में पार्ट लेने दें जिसमें भी उसका मन है … मान लीजिए उसका डांस में मन है और आप हंसेगें नाचेगा क्या … तो बताईए … जिसमें उसका शौक है उसे करने दीजिए … नाटक का मन है तो बोलो कि सारा दिन नाटक ही तो करता है  ये भी नही …

खासतौर पर खेलने के लिए पार्क ले जाईए वहां बहुत बच्चे मिलेगें उन्हें देखेगा तो एक आत्मविश्वास भी आएगा ..

जब भी बाहर जाएं किसी दोस्त के या कहीं भी बच्चे को साथ ले जाएं … और अगर उस परिवार में बच्चे हैं उसी के हम उम्र तो खेलने दें …

बच्चे पर बहुत ज्यादा नजर न रखे … जब बच्चा किसी से बात कर रहा हो खेल रहा हो तो एक आध बार देख लें पर नजर नही रखें नही तो वो बहुत ज्यादा conscious हो जाएगा …

दोस्तों के सामने ज्यादा कठोर न बनें कि चल खेल,  चल बात कर …सख्ती न करें  इससे वो और ज्यादा घबरा जाएगा .. बात बात पर गुस्सा न करें.

तुलना न करें … ये सबसे जरुरी है नही तो बच्चे के मन में complex   आ जाएगा

ज्यादा से ज्यादा समय दें बात करें ताकि वो खुले .. .

अकेला ना छोडे़- शर्मीला बच्‍चा हमेशा अकेला रहना पसंद करते है..

और बच्चे को बार बार टोकने की बजाय उसे मोटिवेट करें उसका कोई छोटा से छोटा काम है उसे शाबाशी दें घर पर मेहमान आएं तो उनसे मिलवाएं …

कुल मिलाकर एक रोल मॉडल बनें …. ये तो थी थोडी टिप्स अगर आपके पास भी कोई टिप्स हों तो जरुर बताईएगा … या ऐसे बच्चों के लिए कोई आईडिया हो तो जरुर बताईगा ..

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August 5, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व – Swachhata ki Avashyakta

Monica Gupta

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व – Swachhata ki Avashyakta –  Baccho ko Kaise Sikhayen Swachata Ka Mahatva -स्कूल की पढाई के साथ साथ कुछ सबक ऐसे भी होते हैं जो मां बच्चों को practical बहुत अच्छी तरह से समझा कर बच्चों को अच्छा इंसान बना सकती है हुआ ये कि घर के सामने से एक बच्चा जा रहा था उसके साथ उसकी मम्मी भी थी … बच्चा शायद अपना पाठ याद करता जा रहा था मम्मी के हाथ में कॉपी थी … और बच्चा संतरा खाता और छिलके फेंकता चल रहा था … तभी मम्मी ने टोका अरे नही छिलके उठाओ … बेटे ने आनाकानी की और बोला कोई डस्टबिन नही है यहां तो मम्मी ने बोला कि कोई बात नही मुझे दे दो .. बच्चे ने छिलके उठाए और मम्मी को दे दिए …

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व

बच्चों को समझाएं स्वच्छता का महत्व स्वच्छता का महत्व बच्चों को जरुर समझाना चाहिए और स्वच्छता का महत्व बच्चों को जरुर समझाना चाहिए और मम्मियां सबसे पहली गुरु हैं इसलिए शुरुआत उन्हें करनी चाहिए जैसा कि एक कहानी मैंनें नेट पर पढी कि  घर पर कूड़े वाला आता है तो बच्चा मम्मी को आवाज लगाता है कि मम्मी कूड़े वाला आया है तब मम्मी समझाती है कि नही बेटा कूड़े वाला नही ये सफाई कर्मचारी है …कूड़े वाले तो हम हैं जो हम इसे कूड़े  देते हैं  वाकई बहुत सही लगी थी ये बात… बच्चों में अच्छे संस्कार डालने चाहिए … यकीन मानिए पहले मैं भी कूड़े वाला ही बुलाती थी पर इस बात को पढ़ने के बाद सफाई कर्मचारी बोलने लगी हूं …

 

हर कोई अपने अपने तरीके से अभियान से जुडा है कोई फिल्म बना कर तो कोई ब्रांड एम्बेसेडर बन कर…

 

अगर आपके  पास भी कोई अच्छी सी बात हो तो जरुर बताईएगा … सब मिलकर एक अच्छा समाज बनाएग़ें …

स्वच्छ भारत अभियान मे हमारा योगदान कितना जरुरी

बच्चों को कैसे समझाएं स्वच्छता का महत्व

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