Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 29, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Girls for Marriage – Matrimonial Site

girls for marriage

Girls for Marriage – Matrimonial Site

Craze for Selfie… शादी कॉम, जीवनसाथी डॉट कॉम , Jeevansathi.com. या रिश्ते ही रिश्ते साईट हो  हमारे देश में लडकी के बडे होते ही शादी के लिए उपयुक्त वर की तलाश शुरु हो जाती है. लडकी कमाती हो , नौकरी करती हो तो कोई दिक्कत नही पर अगर लडकी काम काज न करती हो तो अच्छा रिश्ता नही मिल पाता इसलिए लडकी किस काम में लगी रहती है वो तो बोलना ही पडता है…

अब देखिए न इस महिला की लडकी भी तो फोटोग्राफर है… भले ही अपनी तस्वीर उतारती रहती हो …

Selfie craze gone too far: Making Indian teens ‘insensitive’ | health and fitness | Hindustan Times

Selfie phones and selfie sticks are no longer just a convenience but considered the new symbol of self-absorption, say experts, adding that the selfie fever can further isolate this generation and those to come. Read more…

आपको कार्टून कैसा लगा … जरुर बताईएगा !!

 

August 29, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

अच्छे व्यक्ति के गुण – कैसे बने अच्छे इंसान

जब कोई बात बिगड़ जाये तो रहें बी पॉजिटिव

अच्छे व्यक्ति के गुण क्या हैं हम कैसे बनें अच्छे इंसान … अच्छे इंसान के गुण क्या हों .. आईए आज यही बातो बातों में आपको बताती हूं

 

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता

https://monicagupta.info/wp-content/uploads/2016/08/audio-good-by-monica-gupta.wav

Click & listen audio of 2 mins & 12 secs

कैसे बने अच्छे इंसान-ऑडियो

अच्छे व्यक्ति के गुण क्या होने चाहिए … !!! How to be better person audio

जिंदगी में हम सभी सफल होना चाहतें हैं आगे बढना चाहते है इसके लिए हम अच्छे बनना चाहते हैं पर अच्छे की क्या पहचान है हम अच्छे कैसे बने ये सुनने के लिए आपको क्लिक करना होगा ये ऑडियो..

इंसान की पहचान

अच्छे व्यक्ति के गुण जानने के लिए देखिए ये वीडियो … मोनिका गुप्ता का नमस्कार ….

एक लडका काम की तलाश में दूसरे गांव में गया.  गांव के बाहर कुछ लोग बैठे थे. लडके ने पूछा मैं इस गांव मे रहना चाह्ता हूं यहा कैसे लोग रहते है इस पर एक गाव वाले ने पूछा कि आप जिस गांव से आए हो वहां कैसे लोग रहते थे इस पर वो लडका बोला कि वो जरा भी अच्छे नही थे बडे ही गंदे लोग थे यह सुन कर एक आदमी बोला कि आपको यहां भी ऐसे ही लोग मिलेगें और  लडका ये बात सुन कर चला गया.

कुछ समय बाद उस गांव में एक दूसरा लडका  आया उसने भी  बाहर बैठे लोगों से यही पूछा कि मैं इस गाव में रहना चाह्ता हूं गांव में कैसे लोग रहते हैं एक गांव वाले ने फिर वही बात पूछी कि आप जहां से आए हो वहां कैसे लोग रहते थे .. लडके ने बताया कि बहुत ही अच्छे और मिलनसार लोग है पर मेरी मजबूरी है कि मुझे गांव छोडना पडा. इस पर गांव वाले ने कहा कि यहां भी ऐसे लोग रहते हैं आईए आपका स्वागत है ..

असल में, हम जैसे होंगे हमे लोग भी वैसे ही दिखाई देंगें अगर हम अच्छे है तो हमे अच्छे लोग ही मिलेंगें अब प्रश्न यह उठता है कि हम अच्छे कैसे बनें … प्रश्न बहुत  अच्छा हैइसके लिए कुछ बातो पर ध्यान देंगें तो हम अच्छे बन सकते है जैसा कि  हम दूसरो के प्रति ओनेस्ट रहें.. ईमानदार रहे… मजाक न बनाए हमेशा दूसरो की सुने …

मदद के लिए हमेशा आगे बढे अपने पर विश्वास रखें और हमेशा चेहरे पर स्माईल रखते हुए पोजीटिव रहें Negativity Virus  की तरह फैलती है इसलिए इससे बचें बे फालतू की बहस करने से भी बचे.. समाज में हर तरह के लोग मिलते हैं लोगो की बुराई बजाय बुरी बातें देखने के हर व्यक्ति मे अच्छाई खोजे … और जो भी अच्छाई देखे उसे appreciate भी जरुर करें आदर मान सभी को दें .. चाहे गरीब हो सब्जी वाला हो या सडक पर झाडू लगाने वाला जमादार.  दूसरो से compare या जलन करने की बजाय खुद से प्यार करें और हमेशा अपना बेस्ट दें…   

जाते जाते एक बात … एक अच्छी शुरुआत के लिए कोई भी दिन बुरा नही…..  वैसे कहते भी है ना कि

आखे भी खोलनी पडती हैं रोशनी के लिए , महज सूरज निकलने से अंधेरा नही जाता

कल फिर मिलूगी एक नई रोशनी के साथ तब तक अपना ख्याल रखिए और खुश रहिए बाय …. 

आईए रिश्वत दें – ऑडियो – Monica Gupta

क्लिक करिए और सुनिए 2 मिनट और 26 सैंकिंड का ऑडियो आईए रिश्वत दें – ऑडियो जहां मोदी जी बार बार कह रहे हैं कि न खाऊंगा न खाने दूंगा रिश्वत दूंगा न लेने दूंगा और अरविंद जी भी यही मिशन ले कर चले है कि इसे बंद करवाना ही प्राथमिकता है तो फिर मैं यहांं किस रिश्वत की बात कर रही हूं … पहली बार नही अक्सर देती रहती हूं और देती रहूग़ी क्योकि रिश्वत देने के बाद काम बहुत आसान हो जाता है इसलिए …. अगर आप जानना चाहते हैं कि ये क्या माजरा है तो आपको क्लिक करके सुनना पडेगा … Read more…

 

 आप बताईए कि आपको ये ऑडियो कैसी लगी ??  और आप क्या क्या सुनना चाहतें  हैं ?? मुझे इंतजार रहेगा !!!

August 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

कडवे प्रवचन और आम आदमी

 

महाराज तरुण सागर जी

कडवे प्रवचन और आम आदमी

Kadve Pravachan / महाराज तरुण सागर जी के कडवे प्रवचन

कुछ समय से महसूस हो रहा है कि सोशल मीडिया पर अगर कोई सच्ची और अच्छी बात के खिलाफ बोलता या आवाज उठाता है तो सोशल मीडिया का बडा तबका उसी के पीछे पड जाता है जोकि अच्छी बात है. जैसा कि जब शोभा डे ने खिलाडियो का मजाक उडाया था तब उनके टवीट की बहुत आलोचना हुई थी..

अब विशाल ददलानी जिन्होने पांच साल केजरीवाल जैसा शानदार गाना आप पार्टी को दिया … वो महाराज तरुण सागर पर विवादित टवीट देकर फंस गए और इस कदर फंस गए कि उन्होने सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने तक की बात बोल डाली… वैसे तरुण महाराज  अपने कडवे वचन और अपने दमदार बोलने के तरीके से बहुत पसंद किए जाते हैं.

 आज न्यूज पर वो बोल रहे थे कि लोकसभा और विधान सभा में खतरनाक लोग मौजूद है 160 एमपी तो ऐसे हैं जिन पर आपाराधिक मामले दर्ज हैं गुंडे, चोर, बदमाश लोक सभा और विधान सभा की सीढी चढ गए हैं … समाज के लिए खतरा हैं …

Vishal Dadlani said he self left aap, he regrets on jain muni tweet – Navbharat Times

जैन मुनि के अपमान के बाद विशाल ददलानी ने जताया खेद, कहा खुद से छोड़ी AAP संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने रविवार को कहा कि उन्होंने खुद ही आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़ा है… Read more…

 

बहुत सही कहा और अच्छी बात तो ये हैं कि अभी उन्होनें हरियाणा विधान सभा में विचार रखे थे और अब संसद से भी न्योता मिलने की बात सामने आ रही है… ! वैसे गलत बात बोलने पर आप पार्टी ने त्वरित कार्यवाही की पर क्या अन्य पार्टी भी अपने नेताओ की बदजुबानी पर कुछ ऐसा ही निर्णय लेगी … यक्ष प्रश्न है !

August 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

खुले में शौच, महिलाएं और स्वच्छता अभियान

खुले में शौच, महिलाएं और स्वच्छता अभियान

खुले में शौच, महिलाएं और स्वच्छता अभियान

महिलाओं का खुले में शौच जाना बेहद शर्मनाक

आज हम बात करते हैं खुले में शौच, महिलाएं और स्वच्छता अभियान की . स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 हो या जन आंदोलन के रुप में चला स्वच्छता अभियान. महिलाओ को इसकी महत्ता समझ कर बढ चढ कर आगे आना ही होगा. अपनी और अपने गांव की स्वच्छता की ,कामयाबी की कहानी बनानी होगी.

खुल्ले में शौच से अकसर होते हैं रेप

खुले में शौच, महिलाएं और स्वच्छता अभियान की बारत करें तो अनायास ही रेप जैसी धिनौनी धटना सामने आती है आज अचानक एक खबर ने फिर चौंका दिया. बदायूं बरेली के गांव की रहने वाली तीन लड़कियों जोकि चचेरी बहनें थी और जिनकी उम्र 13, 14 और 15 साल थी। शौच के लिए निकली थी मृत पाई गई. मृत 14 साल की बच्ची के पिता रोते हुए कहते हैं कि उनकी बेटी अगर शौचालय के लिए बाहर नहीं गई होती, तो आज जिंदा होती।

ये पहली घटना नही है अगर हम गूगल सर्च करेंगें तो ऐसी न जाने कितनी धटनाएं हमारे सामने होंगी … जोकि बेहद दुखद है… !!

ये खबर देख ही रही थी दूसरी ओर मोदी जी की मन की बात कार्यक्रम चल रहा था. वो इस बात पर जोर दे रहे थे कि शौचालय बनवाने चाहिए…

वाकई में, कुछ चीजे बहुत जरुरी हैं जिसमें शौचालय बनवाना तो बहुत ही जरुरी है क्योकि महिला की इज्जत और मान सम्मान से जुडा है ये मामला… एक तरफ पर्दा करना और दूसरी तरफ वो ही महिला खुले में शौच जाए कितने शर्म की बात है..

खुले में शौच करना स्वास्थ्य के लिए जितना हानिकारक है उतना ही महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए भी खतरा है. महिलाएं खुले में शौच करती हैं. अकेले जाने से डरती हैं, समूह में जाती हैं क्योंकि अकेले जाने से उनपर यौन हिंसा होने का डर हमेशा बना रहता है. देखा गया है कि गांवों और झुग्गियों में महिलाओं से बलात्कार की अधिकतर घटनाएं शौच को जाते समय ही होती हैं.खास कर मासिक धर्म के दौरान किन दिक्कतों का सामना करना पडता होगा जिसका अंदाजा हम और आप नही लगा सकते…  लड़कियों के बड़े होते ही वो स्कूल जाना कम कर देती हैं क्योंकि स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, अगर हैं भी तो वो स्वच्छता  की दृष्टि से जाने लायक नहीं हैं.

गांवों की लड़कियां स्कूल जाने से वंचित रह जाती हैं इसका सबसे बड़ा कारण शौचालय ही हैं. बेशक जागरुकता आ रही है पर जितनी तेजी से आनी चाहिए वो नदारद है.

स्वच्छता के साथ साथ बीमारी से भी जोड कर देखा जाना जरुरी है. इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं भी काफी गंभीर हैं. एक सर्वे के मुताबिक हमारे देश के पांच साल से कम उम्र के 140,000 से भी ज्यादा बच्चे हर साल डायरिया की भेंट चढ़ जाते हैं. बच्चे जीवाणु संक्रमण और परजीवियों के संपर्क में आते हैं जिससे उनकी छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है. वृद्धि और विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता रुक जाती है. फिर बच्चे चाहे जितना भी खाना खाएं, उन्हें पोषण नहीं मिलता.

प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को  2 अक्टूबर 2014 को शुरू किए गया था और इस अभियान का मिशन 2 अक्टूबर 2019 तक खुले में शौच करने से भारत को मुक्त करना है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ़ के आंकड़ों के मुताबिक़ गांवों में स्थिति और भी ख़राब है. ग्रामीण इलाक़ों में 65 फ़ीसदी लोग खुले में शौच करते हैं. इनमें शामिल महिलाओं को हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वो शौच के लिए बेहद सुबह या फिर देर रात निकलती हैं. जब सन्नाटा होता है. कई अध्ययन  यह ही बताते हैं कि शौचालय के अभाव में खुले में शौच के लिए निकलने वाली महिलाएं यौन हिंसा की ज़्यादा शिकार बनती हैं.

स्लोगन स्वच्छ भारत अभियान

कुछ साल पहले जब हरियाणा के जिला सिरसा में सरकार की तरफ से सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान का कार्यक्र्म चला तो मैं भी रिकार्डिंग के लिए जाती थी .. अक्सर वहां महिलाओ से बातचीत  होती थी तो जहां तक बच्चियों की बात है वो यही कहती थी कि वो अपनी मम्मी के साथ जाती है बाहर और कुछ कहती कि दिन छुपने का इंतजार करना पडता कुछ कहती कि यही भाग्य है … तो क्या हुआ पर जब प्रशासन की तरफ से महिलाओ को जागृत किया गया उन्हें बाहर शौच जाने से होने वाली बीमारी और शर्म का अहसास करवाया गया तो मानो उन्हें नई जिंदगी ही मिल गई… उन्होने ना सिर्फ घर पर शौचालय बनवा लिए बल्कि अन्य ladies को भी बाहर न जाने और घर मे शौच  toilets बनवाने के लिए प्रेरित किया और इस काम में आगे आईं युवा लडकियां, school students …

देखते ही देखते पूरा गांव एक परिवार बन गया और जुट गया स्वच्छता लाने में

 

महिलाए आज घर बने शौचालय इस्तेमाल करके इज्जत की जिंदगी जी रही हैं  और बहुत खुश है … !!

स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात – Monica Gupta

क्लिक करिए और सुनिए स्वच्छता अभियान पर  4 मिनट और 35 सैकिंड की ऑडियो… मेरा अनुभव बात स्वच्छता अभियान के दौरान की है.

क्लिक करिए और सुनिए स्वच्छता अभियान पर 4 मिनट और 35 सैकिंड की ऑडियो… मेरा अनुभव स्वच्छता अभियान और मेरे मन की बात बात स्वच्छता अभियान के दौरान की है. जब गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा था.लोगो को समझाया जा रहा था कि खुले मे शौच नही जाओ आसान नही था क्योकि सदियों से चली आ रही मानसिकता बदलना मुश्किल था. Read more…

अगर आपके पास भी कोई अनुभव हो तो जरुर बताईएगा !!!

August 28, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Social sites – Unsocial activities

Social sites – Unsocial activities – सोशल साईटस बनाम अनसोशल ऐक्टिविटीज .. सोचने की बात है कि सोशल नेट वर्किंग पर हम कितने सोशल … छेडखानी, पीछा करना, अश्लीलता, तंग करना, अपशब्द  बोलना ,अस्वच्छता , गंदगी सिर्फ असल जिंदगी मे ही नही सोशल मीडिया पर भी होता है और जिसकी वजह से सोशल अनसोशल बन जाता है.

Social sites – Unsocial activities

एक सहेली का birth day था सोचा फेसबुक पर बधाई दे दूं तो देखा कि उसके पिछ्ले साल के जन्मदिन की पोस्ट सबसे उपर थी यानि पूरे साल कुछ नही किया … ऐसी बात नही है कि उसने फेसबुक चैक  नही किया इक्का दुक्का पोस्ट लाईक की है पर अपना प्रोफाईल अपडेट नही किया… ये सोशल साईट पर अनसोशल ही माना जाएगा.

एक अन्य उदाहरण मे एक महाशय फेसबुक पर खुद को सोशल और बेहद सभ्य दिखाने के चक्कर में महिलाओं को मैसेज पर लगातार  गुड मार्निग और गुड नाईट भेजते हैं पर इसे सोशल होने की केटेगिरी में नही रखा जा सकता.

एक महिला जानकार poke बहुत करती है जब भी ऑन लाईन हो उसका पोक सबसे पहले आता ये भी सोशल होना नही माना जाएगा …

कोई लोग मैसेज के माध्यम से पैसे की मांग करने लगते हैं या नौकरी दिलवाने की … ये भी अनसोशल ही माना जाएगा… जान पहचान हो बातचीत हो तो आगे बढना चाहिए बिना जाने पहचाने …

कई लोग पोस्ट कोई भी अपना कमेंट जरुर पोस्ट करेंगें … अब आप सोच रहे होंगें कि ये तो अच्छी बात है पर असल में, वो पोस्ट से सम्बंधित कमेंट नही करते बल्कि अपनी संस्था की प्रोमोशन ही करते हैं जहां कही मौका मिला उसे पोस्ट कर दिया ये भी अनसोशल है कुछ लोग एक दूसरे की बात काटते है और मजाक बनाते हैं.. इसे अभी सही नही माना जाएगा.

कई बार तो पोस्ट में दूसरों को अपमानित तक कर देते हैं.

कुछ लोग ज्यादा ही सोशल होकर अपने घर की सारी बात इस प्लेटफार्म पर शेयर कर लेते हैं .. चाहे शादी पर जाना हो या घूमने  जाना हो सारी जानकारी दे देते हैंं और ये भूल जातें है कि एंटी सोशल लोग भी हैं और वो हर बात पर नजर रखे हैं!! हर बात को फेसबुक करना सोशल मीडिया पर सांझा करना सही नही है…

 

social network photo

कुछ् लोग बिना सोचे समझे दूसरे की पोस्ट शेयर कर लेते हैं बिना पडताल किए कि कितना सही या गलत है … दूसरे शब्दों में भेड चाल कही जाती है और कई लोग अफवाह भी उडा देते हैं… ये भी अनसोशल ही माना जाएगा.

कुछ लोग महिला बन जाते हैं और लडकी की फोटो लगा कर लडकियों से बात करते हैं जान पहचान बढाते हैं ये बिल्कुल ही अनसोशल है…

अलग अलग पार्टी के गुट भी बन जाते हैं … गुट बने कोई दिक्कत नही पर दूसरे की पार्टी पर अपशब्द, गाली गलौच करना बिल्कुल अनसोशल माना जाएगा ..

सोशल मीडिया तो एक साधन भर है. इसका इस्तेमाल कैसे और किस रूप में करें ये हम पर निर्भर करता है.  ये हमें अर्श पर पहुंचा सकता है तो फर्श पर भी पटक सकता है अगर हमें एक माध्यम मिला है अपनी बात रखने का तो हमें इसे गम्भीरता से, सोच समझ कर पूरे विश्वास के साथ चलना चाहिए.

सोशल मीडिया का ये कैसा अनसोशल चेहरा..!– IBN Khabar

चांदनी ने फेसबुक पोस्ट पर जो लिखा है, उसने समाज में खलबली मचा दी है। बहुत से लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि कोई लड़की अपनी बोली लगाने का ऐसा इश्तेहार कैसे दे सकती है। 31 साल की चांदनी पेशे से मॉडल है, गुजराती फिल्मों-सीरियलों और विज्ञापनों में छोटे-मोटे किरदार निभाती है। लेकिन जब उसके अपने जानने वालों ने उसकी मजबूरियों का फायदा उठा कर उसका शोषण करने की कोशिश की, तो उसने अपने तरीके से समाज को आईना दिखाने की कोशिश की। Read more…

 

सोशल मीडिया सोशल ही बना रहे तो ही अच्छा … अन्यथा !!!

वैसे आपके क्या विचार हैंं इस बारे में … जरुर बताईएगा !!

Social sites – Unsocial activities

 

August 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

शुभ मुहूर्त में शिशु जन्म – कितना सही

baby smile

(तस्वीर गूगल से साभार)

शुभ मुहूर्त में शिशु जन्म – कितना सही

गुजरात के विरडिया अस्पताल में 15 टेस्ट ट्यूब बच्चों का जन्म हुआ.

 15 अगस्त  को 15 नि:संतान दंपत्तियों के टेस्ट ट्यूब से 15 बच्चों को जन्म दिया।ट्रिनिटी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और विरडिया हॉस्पिटल में 15 अगस्त को 15 महिलाओं की टेस्ट ट्यूब बेबी प्रसूति हुई।  इसके पीछे माना जा रहा है कि  निसंतान दम्पत्तियों मे 15 अगस्त का खास दिन चुना …
मेरे बहुत जानकर है जो इसी तरह  की मंशा रखते हैं कि खास दिन उनका बच्चा इस दुनिया में आए चाहे. 31 दिसम्बर हो या पहली जनवरी या फिर कुछ माता पिता अपनी शादी की सालगिरह या अपने जन्मदिन से भी मिलती जुलती तारीख रखना चाहते हैं…
कुछ कारण यह भी होते है कि ज्यादातर महिलाए सिजेरियन करवाना चाह्ती है क्योकि वो प्रसव के दर्द को सहना नही चाहती…या फिर आज समाज मे देर से हो रहे विवाह या बढती उम्र भी सिजेरियन का कारण बन रही है..
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, सिजेरियन डिलीवरी की दर 15 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि दुनिया भर में यह दर 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है, खासकर अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में।
मेरी एक जानकार हमेशा अपना जन्मदिन होली पर मनाती है उनका कहना है कि जब उनका जन्म हुआ उस दिन होली थी इसलिए हर होली पर उनका जन्मदिन होता है.

वैसे हमारी भारतीय संस्कृति में कुछ दिन बहुत खास हैं.. ऐसे बहुत लोग हैं  जो ग्रह, नक्षत्रों का जोग और संयोंग देखते हुए खास दिन का ध्यान रखते हुए बच्चे का जन्म करवाते हैं . खैर, यह उनका नजरिया है.

बच्चा चाहिए खास दिन खास वक्त – Live Hindustan | DailyHunt

30 साल के संतोष बताते हैं कि ‘हमने पहले से यह नहीं सोचा था, लेकिन जब हमें संभावित तारीख के बारे में बताया गया तो हमने सोचा कि 27 जनवरी कहीं बेहतर दिन होगा।’ अपनी पसंद की तिथि को नेहा ‘सी-सेक्शन’ (शिशु को मां के गर्भ से निकालने के लिए सर्जरी की प्रक्रिया यानी सिजेरियन) के लिए दाखिल हुईं। Read more…

15 baby born on 15 august in Surat – www.bhaskar.com

15 baby born on 15 august in Surat Read more…

 

मेरा नजरिया यह है कि बच्चा किसी भी नक्षत्र या ग्रह में जन्म ले अगर उसे अच्छे संस्कार दिए जाए और गर्भावस्था के दौरान मां अच्छी किताबें, तस्वीरे, संतुलित आहार और खासकर उन दिनों सकारात्मक सोच लिए खुद को खुश रखें तो बच्चा अपना नाम स्वय़ ही सार्थक करने मे सक्षम होगा…!!

August 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

डिटॉक्स डाइट और हम

detox

डिटॉक्स डाइट और हम

Detox diet Tips

एक जानकार से मिलना हुआ. चाय सर्व करते हुए उसने बताया कि वो आज कुछ नही लेगी  डिटॉक्स प्लान है … यानि सारे दिन बस एक ही चीज लेनी है और वो आज घिया ही ले रही है घिया की सब्जी, घिया का रायता… इससे शरीर के अंदर की सफाई हो जाएगी…!!

वो बोली जन्माष्टमी पर बहुत तला भुना और मीठा खा लिया इसलिए डिटॉक्स detox करके normal करेगी मुझे खुशी हुई कि वो अपने शरीर की , diet को लेकर इतनी परवाह करती है …

ज्यादातर लोग अपनी सेहत के प्रति गम्भीर नही होते और बस खाए जाओ खाए जाओ बात पर ही विश्वास रखते हैं … जबकि डिटोक्स प्लान करते रहना चाहिए पाचन क्रिया में बहुत मदद करता है और शरीर से विषैले प्रदार्थ भी निकल जाते हैं !!

फिर बातों बातों में  उसने बात शुरु कर दी अपनी सास और ननद के … यानि भरपूर बुराईयां .. उफ्फ … काश, उसका भी प्लान अपना ले कि आज सारा दिन किसी की बुराई नही करनी, गलत नही बोलना तो तन के साथ मन भी सुंदर लगेगा … फिलहाल, तो मुझे अब वहां से जाने की जल्दी है…

20 Best Ways to detox your body | इन 20 तरीकों से करें अपने शरीर को डिटॉक्‍स – Hindi Boldsky

Are you feeling sluggish? Do you have an outburst of acne and rash on your skin? Is your digestive system going haywire lately? If yes, then your body needs “detox”.क्या आप हमेशा सुस्ती का अनुभव करते हैं? क्या अचानक से आपके चेहरे पर मुहांसे और त्वचा पर फुंसी निकल आती हैं? क्या आप अपने पाचन तंत्र में गड़बड़ी Read more…

Detox क्या है? – सवाल और जवाब

Detox क्या है?

Detox लिए लघु detoxification है। Detox करने के लिए विशेष पदार्थों, आम तौर पर शराब, चीनी, या कैफीन के शरीर को साफ करने का मतलब है। समय यह detox करने के लिए लेता है भिन्न हो सकते हैं

Detox क्या है? – सवाल और जवाब

Tips to follow for a detox plan – Times of India

If you love your body, learn to listen to it. Diet plan A good detox plan should contain 60 per cent liquids and 40 per cent solids, according to experts. Rule number one is to hydrate your body.

If you feel drained out by the end of the day, it’s time to go on a detox programme. Experts tell Saadia S Dhailey how to go about it… Read more…

 

वैसे आपका इस प्लान के बारे में क्या विचार हैं ? जरुर बताईएगा !!

 

August 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

Cartoon – Helping hands are better

help cartoon by monica gupta

Cartoon – Helping hands are better

helping hands are better than praying lips …मदद करने वाले हाथ  प्रार्थना करने वाले होंठो से अच्छे होते हैं…

पिछ्ले दिनों एक खबर ने बहुत विचलित कर दिया जिसमें असपताल  से एम्बूलैंस की  सुविधा न मिलने पर ओडिसा का गरीब दाना मांझी अपनी मृतक पत्नी का शव कन्धे पर लेकर निकल पडा… दस किलोमीटर तक वो चला … दुख इस बात का और भी ज्यादा हुआ कि लोग खडे होकर तमाशा देखते रहे पर मदद के लिए आगे नही आए … इसलिए मैं पलंग लेकर निकल गई हूं ताकि किसी गरीब के साथ भविष्य में ऐसा न हो … !!

मर गई इंसानियत – शव को कन्धे पर लेकर चला दस किलोमीटर – Monica Gupta

तमाम कोशि‍शों के बाद जब मदद नहीं मिली, तो मैंने पत्नी के शव को एक कपड़े में लपेटा और उसे कंधे पर लादकर भवानीपटना से करीब 60 किलोमीटर दूर रामपुर ब्लॉक के मेलघारा गांव के लिए पैदल चलना शुरू कर दिया। Read more…

मर गई इंसानियत – शव को कन्धे पर लेकर चला दस किलोमीटर नेट पर एक खबर देखी जोकि वाकई में वाकई में विचलित कर गई. खबर थी कि ओडिशा के कालाहांडी जिले में एक आदिवासी व्यक्ति अपनी पत्नी के शव को कंधे पर लेकर करीब 10 किलोमीटर तक चला. साथ में उसकी बेटी भी थी. … Read more…

 

वैसे आपकी क्या सोच है … जरुर बताईएगा !!!

 

August 27, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

ओ मांझी रे – सिस्टम और समाज को बदल डालो

majhi

ओ मांझी रे – सिस्टम और समाज को बदल डालो

दशरथ मांझी बनाम दाना मांझी

चाहे मांझी हो या मांझा… सिस्टम के लिए बहुत बडी चुनौती है.

Its right time to wake up ..आज अचानक फेसबुक facebook memories को देखा तो पिछ्ले साल की बात याद आ गई. तब  मांझी का नाम सुर्खियों मे था. दशरथ मांझी का जिहोने पत्नी की दिक्कत को देखते हुए पूरा पहाड ही तोड दिया और आज भी एक मांझी है दाना मांझी जो पत्नी के शव को दस किलोमीटर तक उठा कर चले … दोनो मांझी समाज के लिए एक सबक हैं

सिस्टम को बदलना होगा … सरकार की तरह मुहं बाए करके देखने से कुछ नही होगा हमें खुद को बदलना होगा … चाहे भारी दिक्कतो के चलते बाहुबली बन कर पहाड काटना हो या एंबूलैंस न मिलने पर पत्नी के शव को कन्धे पर उठा कर ले जाना हो … हमें ही पहल करनी होगी … खुद को बदलना होगा फिर प्रशासन हो या सरकार सभी को झुकना पडेगा …

बात पिछ्ले साल की है जब दशरथ मांझी सुर्खियों मे थे दशरथ मांझी तो आपको याद ही होंंगे.. याद नही ?? अरे वही ..  जिनकी तुलना शाहजहां और ताजमहल से की हई थी… सोशल मीडिया ने उन्हे बाहुबली की उपाधि दे डाली थी … अपनी पत्नी की दिक्कत को देखते हुए पहाड तोड कर रास्ता बना दिया था उन्होने..

और आज भी एक मांझी सुर्खियो मे है और उनका नाम है दाना मांझी … खराब सिस्टम के चलते अपनी पत्नी का शव कन्धे पर उठा कर निकल पडे … और वो आज सुर्खियों में है … हर चैनल पर, हर समाचार पत्र की सुर्खिया बनी हुई है दाना मांझी की अपनी मृतक पत्नी के शव को उठा कर ले जाने की यात्रा..

मैं इन दोनो नामो को अलग नजरिए से देखती हूं ये दोनो नाम हमारे लच्चर सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं. अब जरुरत इस बात की है कि क्या हम इन दोनो से कुछ सीख लेते हैं या वैसे ही चलता रहेगा और अव्यव्स्थाओ का जनाजा उठता रहेगा … फेसबुक या सोशल नेट वर्किंग के माध्यम  से हम इन सभी को कोसते ही रहेंगें…

maanjhi

वैसे आपकी क्या राय है … जरुर बताईगा ..

Odisha Woman Body Broken then carried on bamboo by CHC Workers – Jansatta

उड़ीसा के बालासाेर जिले में 80 व‍र्षीया विधवा, सलमानी बेहड़ा की बुधवार सुबह सोरो रेलवे स्‍टेशन के नजदीक मालगाड़ी के नीचे आ जाने से मौत हो गई। उनकी लाश को सोरो कम्‍युनिटी हेल्‍थ सेंटर ले जाया गया। लाश को पाेस्‍टमॉर्टम के लिए बालासोर जिला ले जाना जरूरी था, मगर कोई एम्‍बुलेंस मौजूद नहीं थी।

Read more…

 

सोशल नेटवर्किंग और हमारे सोचने का तरीका – Monica Gupta

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Click n listen hindi audio of 2 min & 8 Sec about “Social Networking Sites and our thinking”. सोशल नेटवर्किंग और हमारे सोचने का तरीका मनोरंजक, प्रेरक ऑडियो, एक जागरुक नागरिक होने के नाते प्लीज बिजली जितनी आती है उसका उपयोग सम्भल कर करे और पानी बिल्कुल वेस्ट ना करें और हो सके तो एक पौधा लगा कर उसकी देखभाल करें …ड्राईव करते समय सीट बेल्ट बांधे या हेलमेट monicagupta.info

 

August 26, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

क्या खाना चाहिए – खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी

क्या खाना चाहिए

क्या खाना चाहिए क्या खायें और क्या नही अक्सर हमें इसकी जानकारी नही होती यानि खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी होना भी बहुत जरुरी होता है

 क्या खाना चाहिए – डाइट कैसी हो – डाइट चार्ट

Information of right food combinations यानि  खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी होनी बहुत जरुरी है.  Healthy diet या खाना क्या खाऎ. उससे भी ज्यादा जरुरी है कि क्या चीज किसके साथ खाई जाए ताकि नुकसान न करे…

तो किसके साथ क्या खाया जाए ?

क्या खाना चाहिए और  खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी कैसे होगी . आज मेरी सहेली मणि बता रही थी कि थायराइड के मरीजों सोया प्रोडक्ट्स, फूलगोभी, ब्रोकली एवं पत्ता गोभी नही खानी चाहिए. मेरे लिए जानकारी नई थी इसलिए सोचा नेट पर सर्च करते है पर नेट पर सर्च करते करते मैने पढा कि बैलेंस्ड डायट के साथ साथ खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी भी जरूरी होनी चाहिए यानि किस-किस चीज को एक साथ खाना चाहिए और किस-किस को नहीं खाना चाहिए  क्योकि अक्सर एक ही वक्त के खाने में कुछ चीजें एक साथ खाना कई बार फायदे की बजाय नुकसानदेह हो सकती है।

अच्छा खाना उसे कहा जाता है जिसमें घी हो,  हल्का और आसानी से पचने वाला हो  और थोड़ा गर्म हो। इस तरह का खाना पाचन बढ़ाता है, पेट साफ रखता है, शरीर का पोषण करता है और आसानी से पच जाता है

दूध और दही दोनों की तासीर अलग होती है। दूध में मिनरल और विटमिन्स के अलावा लैक्टोस, शुगर और प्रोटीन होते हैं एक साथ नही लेना चाहिए … अगर दोनों को खाना ही है तो दोनों के बीच घंटे-डेढ़ घंटे का फर्क होना चाहिए।

फलों में अलग एंजाइम होते हैं और दही में अलग। इस कारण वे पच नहीं पाते। इसलिए दोनों को साथ लेने की सलाह नहीं दी जाती। फ्रूट रायता बेशक अच्छा तो लगता है पर इसे लेने से बचना चाहिए .

संतरा और अनानास जैसे खट्टे फल तो दूध के साथ बिल्कुल नहीं लेने चाहिए। व्रत वगैरह में बहुत से लोग केला और दूध साथ लेते हैं, जोकि सही नहीं है। केला कफ बढ़ाता है और दूध भी कफ बढ़ाता है। दोनों को साथ खाने से कफ बढ़ता है और पाचन पर भी असर पड़ता है।

परांठे या तली-भुनी चीजों के साथ दही नहीं खाना चाहिए क्योंकि दही फैट के पाचन में रुकावट पैदा करता है. दही खाना ही है तो उसमें काली मिर्च, सेंधा नमक या आंवला पाउडर मिला लें। हालांकि रोटी के साथ दही खाने में कोई परहेज नहीं

जो लोग चिकन खाते हैं इन्हें चिकन के साथ जूस या मिठाई नही खानी चाहिए.

कोल्ड ड्रिक के एक दम बाद या पहले पान मसाला नही खाना चाहिए क्योकि इन दोनो के मिश्रण  से साईनाएड बनता है … जोकि जहर ही है.

दही और मछ्ली या फिर प्याज और दूध भी एक साथ सेवन करने पर नुकसान देते हैं

आलू चावल का कॉम्बिनेशंस भी शरीर को नुकसान देता है. इससे अक्सर कब्ज की समस्या हो जाती है.

क्या खाना चाहिए

यह भी पढा कि संतरा और केला एक साथ नहीं खाना चाहिए क्योंकि खट्टे फल, मीठे फलों से निकलने वाली शुगर में रुकावट पैदा करते हैं, जिससे पाचन में दिक्कत हो सकती है। साथ ही, फलों की पौष्टिकता भी कम हो सकती है।

पानी बेहतरीन पेय है, लेकिन खाने के साथ पानी पीने से बचना चाहिए। खाना लंबे समय तक पेट में रहेगा तो शरीर को पोषण ज्यादा मिलेगा। अगर पानी ज्यादा लेंगे तो खाना फौरन नीचे चला जाएगा।

जहां तक प्याज लहसुन की बात है इसे रोजाना खाना चाहिए. लहसुन फैट कम करता है और बैड कॉलेस्ट्रॉल घटाकर गुड कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। इसमें एंटी-बॉडीज और एंटी-ऑक्सिडेंट गुण होते हैं। प्याज से भूख बढ़ती है और यह खून की नलियों के आसपास फैट जमा होने से रोकता है। लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी एलर्जी का मुकाबला अच्छे से किया जा सकता है। लहसुन और प्याज कच्चा या भूनकर, दोनों तरह से खा सकते हैं। लेकिन लहसुन कच्चा खाना बेहतर है।

बेशक, लहसुन अच्छा है पर बहुत लोग इसकी महक से ही दूर भागते हैं …

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वैसे आपके क्या विचार हैं इस लेख के बारे में जरुर बताईगा !!

Photo by USDAgov

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