Skill India
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हम हर दम Skill India की बात करते हैं और देश को आगे ले कर जाने की भी बात करते हैं … हमारा भारत देश महान देश है और इसके नेता भी smart हैं अब देखिए ना
BHOPAL: After Amma canteen in Tamil Nadu named after Chief Minister Jayalalithaa aimed to provide subsidised food to poor, MP will have its own Shiv Neer (RO water) to quench parched throats. Taking a cue from the success of “NaMo tea stalls” that helped promote brand Modi, state BJP unit is hoping to promote and strengthen brand Shivraj Singh Chouhan through Shiv Neer.
MP unit of BJP along with Bhopal Municipal Corporation (BMC) has opened city’s own chain of RO water plant named after the chief minister.
It is a unit of community RO water plant and we intend to replace each of our existing “piyau” (traditional water kiosks) across the city with modern and smart Shiv-Neer unit, said commissioner BMC Tejasvi S Naik.
“MP is developing fast under leadership of chief minister so rather than giving it a secular or communal image, we named it Shiv Neer,” justified Naik.
State’s first RO water plant was opened in Anuppur district in 2013 and was named “water point”. This time party aptly renamed it “Shiv Neer” in view of ensuing world Hindi conference, where a large number of participants and dignitaries from across the globe will assemble in the state capital.
मीट पर प्रतिबंध
मीट पर प्रतिबंध
मीट पर बैन होना चाहिए या नही इस विषय पर टीवी पर बहस जोरों पर हैं और जो लोग इसे नही खाते उनका दिमाग देख सुन कर ही घूमे जा रहा है कि सरकार के बैन का तो पता नही पर टीवी पर ऐसी खबरो पर प्रतिबंध यानि बैन कब लगेगा !!!
Will ensure there is no meat ban: Sena
मुंबई। जैनियों के पर्यूषण पर्व के दौरान मुंबई में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना के गठबंधन में दरार पैदा हो गई है। शिवसेना ने बुधवार को कहा कि वह इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं होने देगी। मंगलवार को बीएमसी आयुक्त अजय मेहता ने पर्यूषण पर्व को देखते हुए मुंबई में चार दिन के लिए मीट की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अनुसार 10, 13, 17 और 18 सितंबर को चार दिनों के लिए मुर्गा और बकरे के मीट पर प्रतिबंध रहेगा। निजी दुकानदारों को भी कच्चा मीट बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हालांकि मछली और अंडे को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
इस मुद्दे पर भाजपा से अलग रुख अपनाते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि मीट की बिक्री पर किसी तरह का प्रतिबंध न हो। दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार की तरह शिवसेना बीएमसी में भी भाजपा के साथ सत्ता में है। इस बीच, मीट की बिक्री पर प्रतिबंध की आलोचना करने के एक दिन बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अपने रुख से पलट गई है। बुधवार को राकांपा शासित नवी मुंबई नगर निगम ने भी नौ से 17 सितंबर तक मीट की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।
मीट पर प्रतिबंध या मीट पर बैन के बारे मे आपकी क्या सोच है जरुर बताईएगा !!!
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बिहार चुनाव
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बिहार चुनाव का बिगुल बज गया . अब कमर कसने का टैम आ गया नेता जी … पर खाए पीए नेता जी … अब तनिक हैरान परेसान से हो रहे हैं क्योकि कमरवा अब कमरा सा बन गवा है और कसने का तो सबाल ही पैदा नही होय रहा …
ABP News
12 अक्टूबर को पहले दौर का चुनाव
पहले चरण में भागलपुर मंडल के दोनों जिले भागलपुर और बांका, मुंगेर प्रमंडल के सभी पांचों जिले मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, खगड़िया, जमुई के साथ मिथिला मंडल के समस्तीपुर, बेगूसराय और मगध मंडल के नवादा जिलों में वोट डाले जाएंगे. यानी कुल 10 जिलों की 49 सीटों पर वोटिंग होगी. 2010 में इन 49 सीटों में से जेडीयू के पास 29, बीजेपी के पास 13, आरजेडी के पास 4, कांग्रेस के पास 1 और अन्य के पास 2 सीटें थी.
चुनावों का सबसे छोटा चरण है. मगध प्रमंडल के गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल के अलावा पटना प्रमंडल के कैमूर और रोहतास में वोट डाले जाएंगे. इन 6 जिलों में विधानसभा की कुल 32 सीटें हैं. 2010 के चुनाव में जेडीयू के पास 18 बीजेपी के पास 9, आरजेडी के पास 2, एलजेपी के पास 1 और अन्य को 2 सीटें मिली थी. abpnews.abplive.in
बिहार चुनाव
अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता
अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता
आश्चर्यजनक किंतु सत्य …सुनने मे आया है कि महाराष्ट्र सरकार ने सरकुलर जारी किया है जिसमे अगर जनप्रतिनिधियों पर आपतिजनक टिप्पणी की, बोला या चित्र बनाया तो आईपीसी धारा 124ऎ के अंतर्गत देशद्रोह माना जाएगा … पर ये नही बताया कि अगर जनप्रतिनिधि ही आपतिजनक बयान दे जिससे आम आदमी की भावनाए भडके और चैनल वाले मुद्दा बनाए तो उन जनप्रतिनिधि खिलाफ भी same टू same कानून रहेगा या … ???
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार के सरकुलर से तनाव पैदा हो गया है। महाराष्ट्र के गृह विभाग ने कहा है कि, किसी भी जनप्रतिनिधी खिलाफ़ दिए बयान या लेख से अगर हिंसा भड़कती है तो ऐसा करनेवाले के खिलाफ IPC की धारा 124A के तहत कार्रवाई होगी।
यक्ष प्रश्न यही है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या आजादी पर इस तरह से रोक लगाना सही है या कानून सभी के लिए समान रहेगा …
अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता
http://khabar.ndtv.com/news/india/read-the-the-circular-of-maharashtra-government-1214348
वैसे इस बारे में आपकी राय क्या है जरुर बताईएगा… क्योकि हमारे एक कार्टूनिस्ट मित्र ने तो कार्टून बनाने ही बंद कर दिए है और तनाव में चले गए हैं
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