Monica Gupta

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July 8, 2015 By Monica Gupta

अधिनायक जय है

adhinayak  by monica gupta

अधिनायक जय है

बचपन से पढते और सुनते आ रहे हैं कि कुछ लोग इतिहास बदल देते हैं …  By God  इस का जीता जागता उदाहरण भी मिल गया … हमारे नेता  और कुछ कर पाए या न कर पाए पर देश का इतिहास जरुर बदलने पर आमादा है

अरे !! हमारे नेता के सिवा है किसी मे इतनी जुर्र्त? नेता और कुछ कर पाए या न कर पाए पर देश का इतिहास जरुर बदलने पर आमादा है चाहे अकबर की बात हो, महाराणा प्रताप की बात हो या फिर हमारे राष्ट्रीय गान जन ग़ण मन … अधिनायक की बात हो… आईए बदलते इतिहास के हम भी साक्षी बनें … भूले व्यापम व्यूपम और बदले इतिहास…… जय जय जय जय हे

Adhinayak Word Should Be removed From National Anthem 12567358

जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान से ‘अधिनायक’ शब्द हटाना चाहिए, इसके बदले ‘मंगल’ शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए। अधिनायक शब्द आजादी से पहले के अंग्रेजी शासकों का महिमा मंडन करता है।

राजस्थान विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह में कल्याण सिंह ने कहा -‘जन-गण-मन अधिनायक जय है.. लेकिन अधिनायक कौन है? ये अंग्रेजी शासक की प्रशंसा है। अब हमे इसकी जगह जन-गण-मन मंगल गाए.. लिखना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान में संशोधन करने का मतलब यह नहीं है कि वह इसके रचयिता रविंद्र नाथ टैगोर का सम्मान नहीं करते हैं।

अकबर नहीं महाराणा प्रताप महान

राज्यपाल कल्याण सिंह ने इसके पहले महाराणा प्रताप को मुगल शासक अकबर से ज्यादा महान बताया था और अकबर की बजाय महाराणा प्रताप नाम से पहले ‘महान’ शब्द लगाने की बात कही थी। ऐसे ही वे झांसी की रानी को विक्टोरिया से अधिक महान और मराठा शासक शिवाजी को औरंगजेब से महान बता चुके हैं। Via jagran.com

 

  BBC

राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने भारत के राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ पर सवाल उठाकर एक नई बहस को हवा दे दी है.

कल्याण सिंह ने हाल में राजस्थान विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पूछा था कि ‘जन गण मन अधिनायक जय हो’ में अधिनायक किसके लिए है.

उन्होंने कहा था कि यह ब्रिटिश समय के अंग्रेज़ी शासक का गुणगान है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान में संशोधन होना चाहिए.

अब जरा, एक नज़र इस गाने के इतिहास पर भी डाल लेते हैं.

यही वह गाना था जिसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज के लड़ाकों ने राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया था.

स्वतंत्रता से पहले 1937 में प्रांतों में पहली चुनी हुई सरकारों ने भी इसे अपनाया. स्वतंत्र भारत के गणराज्य ने काफी चिंतन-मनन के बाद इसे 1950 में अपनाया.

यह गाना पहली बार 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन के दूसरे दिन का काम शुरू होने से पहले गाया गया था.

‘अमृत बाज़ार पत्रिका’ में यह बात साफ़ तरीके से अगले दिन छापी गई. पत्रिका में कहा गया कि कांग्रेसी जलसे में दिन की शुरुआत गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित एक प्रार्थना से की गई.

यही वह साल था जब अंग्रेज सम्राट जॉर्ज पंचम अपनी पत्नी के साथ भारत के दौरे पर आए हुए थे. तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग्स के कहने पर जॉर्ज पंचम ने बंगाल के विभाजन को निरस्त कर दिया था और उड़ीसा को एक अलग राज्य का दर्जा दे दिया था.

इसके लिए कांग्रेस के जलसे में जॉर्ज की प्रशंसा भी की गई और उन्हें धन्यवाद भी दिया गया.

‘जन गण मन’ के बाद जॉर्ज पंचम की प्रशंसा में भी एक गाना गाया था. यह दूसरा गाना रामभुज चौधरी द्वारा रचा गया था, सम्राट के आगमन के लिए. Read more…

July 8, 2015 By Monica Gupta

Suicide Note

Suicide Note

cartoon suicide note by monica

आजकल व्यापम धोटाले को लेकर टेंशन तो है ही उससे भी ज्यादा टेंशन होने वाली मौतों को लेकर है … ये बेचारा टिल्लू दुनिया से जा रहा है पर मामले की गम्भीरता को देखते हुए एक काम इसने किया कि अपने सोसाईट नोट में लिख दिया कि इसमें व्यापम की कोई भूमिका नही है ताकि पुलिस पब्लिक, पत्रकार ,मंत्री गण हैरान परेशान न हो …

खैर ये तो टिल्लू ने अच्छी बात की पर टिल्लू महाराज  सोसाईड करना अच्छी बात भी नही  है …

July 8, 2015 By Monica Gupta

व्यापम बनाम प्रश्नवाचक

cartoon vyapam by monica gupta

एक नही दो दो प्रश्न वाचक चिन्ह लिए है ये व्यापम घोटाला  … भला इस पर प्रश्न क्यों नही उठेंगें … NRHM के बाद अब तक का सबसे बडा घोटाला.. व्यापम यानि व्यवसायिक परीक्षा मंडल   ….

 

 

: 10 – ABP News

नई दिल्ली: सांसें रोक देने वाले व्यापम घोटाले में मौत का सिलसिला थमा नहीं रहा है. आज सागर में ट्रेनी महिला सब इंस्पेक्टर की खुदकुशी की खबर आई है. पिछले तीन दिन में 3 मौत से देश में सनसनी मची हुई है. दो दिन पहले एक पत्रकार अक्षय सिंह की मौत हुई. एक दिन पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन की भी मौत हुई.

हर तरफ से सीबीआई जांच की मांग हो रही है, लेकिन शिवराज सरकार टस से मस नहीं हो रही है. कांग्रेस ने दावा किया कि अनामिका को व्यापम की जांच में लगी एसटीएफ से धमकियां मिल रही थीँ. कांग्रेस ने दस सवाल दागकर सीएम शिवराज सिंह की भी इस घोटाले में जांच कराने और इस्तीफे की मांग की है.

76 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े व्यापम घोटाले में महिला ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा की खुदकुशी को 45वीं मौत बताया जा रहा है. ब़ड़ा खुलासा ये हो रहा है कि आईजी सागर रेंज केपी खरे ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि अनामिका कुशवाहा को ससुराल से मानसिक प्रताड़ना मिल रही थी. पति पत्नी में मतभेद था. रिश्तों में तनाव था. अनामिका के पिता का आरोप है कि दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. पति ने कल रात से अपना फोन बंद कर रखा था. आज सुबह 6.40 पर तालाब में कूदी अनामिका.

अनामिका की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार ने दावा है कि उसने पारिवारिक कलह के कारण मौत हुई. वो घोटाले की आरोपी भी नहीं थी लेकिन कांग्रेस का दावा है कि अनामिका को लगातार धमकियां मिल रही थीं.

आइए जानते हैं व्यापम से जुड़े आज के 10 बड़े अपडेट्स

1. सागर में महिला ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा ने खुदकुशी की है. पुलिस ने खुदकुशी का ही केस दर्ज किया है. पुलिस एकेडमी के पास ट्रेनिंग कॉलेज के बगल के तालाब में डूब कर अनामिका ने जान दी. मुरैना की अनामिका की भर्ती पिछले साल व्यापम से ही हुई थी. दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया है कि ये 46 वीं मौत या 47वीं. पढ़ें पूरी खबर

2. सीएम शिवराज से सीबीआई जांच की मांग की जा रही है लेकिन शिवराज कह रहे हैं कि हर मौत का व्यापम से कनेक्शन नहीं है. उनका कहना है कि हर मौत को व्यापम से जोड़ना ठीक नहीं है.  देखें: सीएम शिवराज क्या कह रहे हैं

3. कांग्रेस ने दावा किया कि अनामिका को व्यापम की जांच में लगी एसटीएफ से धमकियां मिल रही थीँ. कांग्रेस ने दस सवाल दागकर सीएम शिवराज सिंह की भी इस घोटाले में जांच कराने और इस्तीफे की मांग की है. जानें कांग्रेस के 10 सवाल Via abpnews.abplive.in

July 7, 2015 By Monica Gupta

दाने दाने में कैंसर

cartoon cancer by monica gupta

cartoon cancer by monica gupta

दाने दाने में कैंसर… पान मसाला

तरह तरह के ब्रांड और तरह तरह के स्वाद पर एक बात सभी में समान है और वो है चटखारे ले कर खाने वाले दाने दाने में कैंसर छिपा है.. बेशक विज्ञापन बहुत आकर्षित करते नजर आते हैं, कई बार ऐसा लगता है कि पान मसाला नही खाया तो जिंदगी ही बेकार है … सफलता भी नही मिलेगी.

और उपर से ये टीवी वाले सच पूछो तो मैं इनसे बहुत नाराज हूं … क्यो?? अरे भई .. कैंसर का प्रोग्राम भी दिखाते है और प्रयोजक भी दिखाते है … आधे से ज्यादा विज्ञापन पान मसाले के ही होते हैं अब चाहे अजय देवगण हो, गोविंदा हो , शाहरुख हो ,,, और हम इम्प्रेस हुए जाते हैं.. टीवी हमारी जिंदगी में सीधा असर डालता है इसलिए ऐसे विज्ञापनों को दिखाने पर इन पर केस होना चाहिए… कि ये विज्ञापन हमें भ्रमित कर रहें  है.

सिविल जज सीनियर डिविजन सिद्धार्थ ¨सह ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। तंबाकू के सेवन से लोगों में तेजी से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो रहीं हैं। आज की युवा पीढ़ी में यह लत तेजी से बढ़ता दिख रहा है, जो खतरनाक संकेत है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.अखिलेश कुमार ने कहा कि तंबाकू सेवन से प्रतिवर्ष 8 लाख लोग मौत के शिकार हो रहे हैं। जो चिंताजनक है। सीएमओ ने कहा कि तंबाकू से कई बीमारियां फैलती हैं। खैनी, पान, पान मसाला, सिगरेट आदि का सेवन बेहद खतरनाक है। बढ़ते हृदय रोग का एक प्रमुख कारण तंबाकू ही है। Read more…

No Smoking

– पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू महंगा होने के बाद बावजूद कम नहीं हुए नशाखोर

ALLAHABAD: आलोक सिंह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में फील्ड ऑफिसर हैं. उनकी सैलरी पंद्रह हजार रुपए है. वह स्मोकिंग करते हैं और रोजाना बीस सिगरेट पी जाते हैं. इस तरह से उनकी एक तिहाई सैलरी हर महीने धुएं में उड़ रही है. यह तो महज एग्जाम्पल है. ऐसे लाखों लोग हैं जो रोजाना तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला की लत पर बड़ी रकम खर्च कर देते हैं. जिसकी वजह से शहर में तंबाकू उत्पादों की बिक्री का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. सरकार द्वारा वैट टैक्स में बढ़ोतरी किए जाने के बाद उत्पाद महंगे हुए लेकिन बिक्री पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा.

तंबाकू से होने वाले नुकसान को लेकर सरकार भले ही लोगों को लाख जागरुक करने की कोशिश करे लेकिन नशाखोरी कम होने के बजाय बढ़ रही है. केवल शहर में रोजाना आठ से दस लाख रुपए के तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला की बिक्री हो रही है. इनमें सबसे ज्यादा डिमांड सिगरेट की है. कुल बिक्री का आधा हिस्सा स्मोकर्स अदा करते हैं. होल सेलर्स बताते हैं कि तंबाकू उत्पादों के मार्केट में सीमित ब्रांड हैं लेकिन इनकी डिमांड बहुत ज्यादा है.

पहले से ज्यादा बढ़ गया पान-मसाले का क्रेज

हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रदेश में गुटखे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था. कंपनियों ने इस आदेश का पालन करते हुए पान मसाले का प्रोडक्शन शुरू कर दिया लेकिन इसके साथ तंबाकू के पाउच फ्री कर दिए. इससे गुटखा प्रेमियों को ऑप्शन मिल गया. अब वह पान मसाले के साथ पहले से ज्यादा तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जो कि सेहत के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है. कंपनियां तंबाकू के पाउच का पैसा पान-मसाले के जरिए वसूल कर रही हैं.

महंगाई भी कम नहीं कर पाई दीवानगी

सरकार द्वारा चालीस फीसदी वैट टैक्स में बढ़ोतरी किए जाने के बाद पान मसाले और सिगरेट के दाम तेजी से बढ़े हैं लेकिन इससे बिक्री पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है. लोग अपना नशा पूरा करने के लिए बढ़े हुए दाम देने को भी तैयार हैं. पान मसाले में एक तो सिगरेट में तीन रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे सरकार का रेवेन्यू भी बढ़ा है. दुकानदार कहते हैं कि महंगाई के चलते कुछ लोगों ने जरूर नशा छोड़ा है लेकिन उससे ज्यादा संख्या उन टीन एजर्स की है जो नशे की लत का शिकार हो रहे हैं.

तंबाकू उत्पाद बेचने वाले कीडगंज के दुकानदार विवेक की मानें तो इस धंधे में ग्राहकों को बुलाना नहीं पड़ता है. वह खुद ब खुद चले आते हैं लेकिन चिंता का सबब है टीन एजर्स का नशे का शिकार होना. वह बताते हैं कि क्फ् से क्7 साल की उम्र के बच्चों में सिगरेट की लत तेजी से बढ़ रही है. अपना स्टेटस सिंबल मेंटेन करने और शोऑफ के चक्कर में वह शौकिया स्मोकिंग करते हैं और धीरे-धीरे एडिक्ट होने लगते हैं. शुरुआत में वह दस से पंद्रह रुपए की महंगी सिगरेट पीते हैं लेकिन नशे का शिकार होने के बाद 7 रुपए वाली सस्ती सिगरेट पीने से भी नहीं हिचकते. inextlive.jagran.com

कुछ समय पहले मेरी सहेली दक्षिण धूमने गई. उसे सुपारी पान मसाले का शौक है. रास्ते मॆं खत्म होने पर सोचा कि वहां मार्किट से ले लेगी. वहां जब पता किया तो पता लगा कि पान मसाला , सुपारी बैन है… वो हसंने लगी क्योकि उसे पता था कि हरियाणा जैसी जगह मे बैन का मतलब क्या होता है पर वहां सही मायने मे पता लगा कि बैन का मतलब बैन बैन ही होता है … काश देश भर की सरकार इसे अमल मे लाए … काश काश …

कुल मिला कर जब तक हम खुद से विचार करके इसे नकार न दे हमें समझ नही आएगी या साफ शब्दों में ये कहॆं कि  अक्ल नही आएगी.. अब ये हमारे उपर है कि विज्ञापन देख कर हमे भ्रमित होना है या …. केसर समझ कर इसे चबाते रहना है …

July 5, 2015 By Monica Gupta

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम – बेशक दुनिया में सैल्फी का इतिहास बहुत पुराना हो पर अगर अपने देश की बात करें तो बात ज्यादा पुरानी भी नही है…लाखों  लोगो को सैल्फी का मतलब ही नही पता था…

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम

चुनावो के दौरान जब मोदी जी ने अपना वोट डाल कर अपनी फोटो ली और वो सोशल मीडिया पर खूब चली तब पता चला कि ये सैल्फी होती है फिर तो मानों सैल्फी की बाढ सी ही आ गई थी और तब इसका प्रचलन शुरु हुआ. मोदी जी की सरकार आने के बाद सैल्फी को बहुत बढावा मिला और साथ ही साथ सोशल मीडिया भी बहुत सक्रिय हो उठा.

selfie with toilet

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम

PICS

बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील जागलान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरणा लेकर इसी महीने पंचायत की तरफ से बेटी बचाओ सैल्फी बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया। सरपंच की यह मुहिम खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन को इस कद्र भायी कि गत रविवार को उन्होंने रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र कर डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रेडियो पर अपने मन की बात कार्यक्रम में गांव की पंचायत द्वारा हाल ही में आयोजित बेटी बचाओ, सैल्फी बनाओ प्रतियोगिता का जिक्र और इसकी तारीफ सुनकर बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील जागलान गदगद हैं। सुनील जागलान ने कहा कि प्रधानमंत्री के मुंह से अपनी तारीफ सुनना उनके लिए अकल्पनीय था। See more…

 

PM was stuck on the idea of sarpanch , ‘#SelfieWithDaughter’ hit on Social media

 

सोशल साइट पर ट्रेंड कर रहे ‘#SelfieWithDaughter’ की कहानी भी कम रोचक नहीं है।

#SelfieWithDaughter’ कैंपेन के सोशल मीडिया पर हिट होते ही बीबीपुर गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग अपनी बेटियों के साथ तस्वीरों को सोशल साइट पर शेयर कर रहे हैं और कैंपेन लगातार ट्रेंड कर रहा है। Via jagran.com

हालाकिं इस सैल्फी की बहुत लोगों द्वारा आलोचना भी हुई कि इस से क्या भला होगा वगैरहा वगैरहा … इस सारे धटना क्रम को देखते हुए मन मे विचार आया कि क्यो ना स्वच्छता पर ही एक सैल्फी ली जाए और स्वच्छता की बात करें तो शौचालय से अच्छा उदाहरण और क्या हो सकता है… देश की बेटिया इस लिए भी मर रही हैं कि घर मे शौचालय नही है … शायद इसे देख कर वो भी अपने अपने घर के शौचालयों की सैल्फी लें और इसी बहाने शौचालयों का निर्माण ही जाए …

एक सैल्फी स्वच्छता के नाम 🙂

July 5, 2015 By Monica Gupta

Toilet – A Necessity

Toilet – A Necessity   कल एक खबर पढी कि दुमका झारखंड की 17 साल की किशोरी ने इसलिए आत्मह्त्या कर ली कि घर मे टायलेट नही था… इधर उधर खेतो में जाने से बहुत परेशान थी … लेकिन शायद परिवार ने इसकी मह्त्ता को कभी नही समझा कि ये भी  ज्यादा जरुरी है…. बेहद दुखद … महिलाओं की मान सम्मान आबरु शौचालय ही है … घर मे शौचालय होना बेहद जरुरी है. 

घर में शौचालय न होने पर बारात का  वापिस चला जाना  या महिला का घर छोड देना या शौचालय बनवाने की जिद ठान लेना तो सुना , शौचालय की वजह से महिला का रेप होना भी होना सुना और अब मौत भी इसकी वजह से जुड गई है…

भले ही  फिलम अभिनेत्री विद्या बालन समझाए या खिलाडी विजेंद्र … पर जब तक लोगो की सोच नही बदलेगी … तब तक कुछ नही हो सकेगा … !!! ये मेरा गांव गांव जाकर महिलाओं से पूछ्ने का पर्सनल अनुभव भी रहा है जब महिलाए बताती थी कि मुहं अंधेरे या शाम ढलने पर ही खेत जाना पडता है दिन मे कभी कोई दिक्कत आने पर रोक कर ही रखना पडता है और मासिक धर्म के दिनों में तो बहुत मुश्किल से दो चार होना पडता है… बेशक मानसिकता यह भी देखने को मिली कि जो शौचालय के लिए पैसा मिला उसे किसी और चीज मे खर्च कर दिया … क्योकि शौचालय की अहमियत समझ नही आई …  बी ए पार्ट वन मे पढने  वाली  लडकी खुले मे शौच जाना नही सहन कर पाई और आत्महत्या कर ली  … बेहद अफसोस हुआ … जागो जनता जागो

  cartoon toilet by monica gupta

 Toilet – A Necessity

| Minor | Committed | Suicide | Dumka | | Hindi Latest News

घर में टॉयलेट न होने पर शादी टूटने और ससुराल छोड़ने के मामले तो आपने सुने होंगे, लेकिन अब ऐसी घटना सामने आई है, जो किसी को बेचैन कर सकती है. झारखंड में 17 साल की एक लड़की ने घर में टॉयलेट न होने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि झारखंड के दुमका जिले में रहने वाली लड़की ने माता-पिता … See more…

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