Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 24, 2015 By Monica Gupta

Package

Package…cartoon package by monica gupta

Package  आमतौर पर जब भी किसी को नई नौकरी मिलती है तो लोगों का यही सवाल होता है कि Package क्या है .. कितना है … पर हमारी ये मैडम जी भी महान है … इन्होनें शादी की है बेटे की और खुशी खुशी बता रही है कि बहुत सारा कैश, प्लैट , गहने और कार के साथ पैकेज में बहू आई है फ्री… फ्री … फ्री … क्या कहेंगें ऐसी मानसिकता को.. दहेज का लालच हमारे देश से खत्म क्यों नही हो रहा … या हम लोग ही इसे खत्म नही करना चाह्ते … कोई भी शादी हो या सगाई का समारोह… हम शादी मे मिली चीजों की नुमाईश करते नजर आते हैं … बहुत शर्म आती है लोगों की मानसिकता पर

 

 youth job money

अक्सर लोग कहते हैं कि जिनकी शादी नहीं हुई, वे खुशनसीब और खुशहाल हैं। उन्हें तनाव कम है। जिनकी शादी हो गई है, वे तनाव में रहते हैं, कई तरह की पारिवारिक परेशानियों में रहते हैं, उन्हें पैसे की ज्यादा जरूरत रहती है, वगैरह! जिनकी शादी नहीं हुई है, उन्हें भी पैसे की कम जरूरत नहीं होती। हमारा समाज अविवाहित लड़कों की पूरी योग्यता उनकी कमाई से नापता है। उनकी कमाई की ऊंचाई के दायरे में ही समाज उनका मान-सम्मान करता है। परिवार का प्यार भी उनकी कमाई की लंबाई-चौड़ाई के अनुपात में घटता-बढ़ता रहता है। उनके लिए दहेज भी उनकी कमाई के ग्राफ के हिसाब से तय होता है। इसलिए आज माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता बेटे की नौकरी हो गई है।

अगर कोई योग्य और समझदार लड़का किसी कारणवश पैसा नहीं कमा पाता है या कम कमाता है, तो उसकी शादी में कई तरह की बाधाएं आती हैं। जबकि एक कम पढ़ा-लिखा और पोंगापंथी लड़का ज्यादा पैसा कमा रहा है, तो उसकी शादी उससे ज्यादा योग्य लड़की से हो जाती है। हमारे समाज के लिए यह सब सामान्य है। लेकिन इस प्रवृत्ति के कारण और परिणाम पर विचार करें तो आश्चर्यजनक तथ्य सामने आएंगे। पैसे की किल्लत और उसके चलते जलालत कई युवाओं को आत्महत्या तक के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर देती है। बेरोजगारी का आलम यह है कि योग्यता के अनुरूप काम की क्या कहें, काम के अनुरूप पैसे भी नहीं मिलते हैं। कुंवारे ही अभी सबसे ज्यादा भटकाव और टकराव झेल रहे हैं- पद, पैसा और प्यार के मोर्चे पर।

पद पाने के लिए वे किसी भी तरह का समझौता कर लेते हैं। कहीं भी, कैसे भी और कैसी भी, बस एक नौकरी मिल जाए! एक नौकरी एक युवा की पूरी जिंदगी की दशा-दिशा नियंत्रित करने लगी है। इसी के लिए वे आसानी से भ्रष्टाचार के शिकार भी हो जाते हैं। इसके बाद भ्रष्टाचार का यह घुन उन्हें ऐसे खाता जाता है कि प्रथम श्रेणी का अधिकारी बनने के बाद भी एक अच्छे-खासे पढ़े-लिखे युवा को जेल जाने की नौबत तक आ जाती है, क्योंकि पद के साथ-साथ पैसे का खुमार युवाओं को अंधा कर देता है। वे जायज-नाजायज में फर्क नहीं कर पाते। रातों-रात अमीर बनने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की ललक उन्हें एक ऐसे अंधे कुएं में ले जाती है, जहां से निकलने का शायद ही कोई रास्ता हो। Read more…

Package

June 24, 2015 By Monica Gupta

Smile please

cartoon smile by monica guptaSmile please… आज कल तनाव इतना ज्यादा बढ गया है कि स्माईल गायब ही हो गई है. पोस्टर छपने लगें हैं कि अगर किसी ने स्माईल को देखा है तो तुरंत सम्पर्क करें

और बच्चों का बचपन तो इतना तनाव ग्रस्त हो गया है कि उन्हें तो ये भी नही पता कि आखिर स्माईल होती क्या चीज है …

कोशिश यही रहनी चाहिए कि तनाव के बजाय हमेशा चेहरे पर स्माईल ही रहे… वैसे भी मुस्कुराता चेहरा बहुत खूबसूरत लगता है इसलिए स्माईल प्लीज Smile please

June 23, 2015 By Monica Gupta

Doctors Strike

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Doctors Strike  कोई शक नही कि डाक्टर्स की हडताल आम आदमी के लिए बेहद परेशानी का सबब बन जाती है … जैसाकि आजकल दिल्ली मे देखने को मिल रहा है

June 23, 2015 By Monica Gupta

Social Media Addiction

cartoon by monica gupta

Social Media Addiction… अजी बस पूछिए ही मत … इतना बुरा हाल है कि बस …. बच्चे हो या युवा या फिर बडे लोग हर समय जुडे रहना चाह्ते हैं एक मिनट भी इससे दूर नही रह सकते. पहले स्टेटस डालेगें फिर उसे भी बार बार देखेंगें को कितने लाईक आए या नही … अगर आए तो इस बात को नार्मली ही लेते हैं और ना आए तो अपना ब्लड प्रैशर बढा लेते हैं ..और गुस्सा हो जाते हैं कि कोई लाईक क्यो नही आया.. या फलां नेट पर तो था फिर भी सने मेरे स्टेट्स को लाईक क्यों नही किया

अब इन साहब को ही देख लीजिए … import export का  business करते हैं  किस तरह से वो भी आपने सुन लिया होगा. एक महिला ने तो अपनी बिटिया का रिश्ता एक व्यक्ति से इसलिए फिक्स कर दिया कि उसके 10 एकड मे फार्म हाऊस है और ढेर सारे पशु भी है… शुक्र है शादी से पहले ही पता चल गया कि कौन सा फार्म हाऊस था ….

वैसे इतना दीवानापन भी अच्छी बात नही है

The signs and symptoms of social media addiction : Get Healthy

As fun as social media is for keeping up with friends, getting news updates and posting the occasional witty meme, for some people it can be destructive.

Dr. Johann Farley, an addiction medicine physician in Merrillville, is seeing more and more families who are struggling with relational issues as a result of social media addiction or dependency.

According to Farley, who is quick to state that he does use and appreciate his smartphone and the many tools that come with it, the biggest problem with social media is the time it takes away from meaningful relationships.

What may seem like an everyday, menial activity — checking your smartphone — could have a subtle impact on relationships over time, Farley says. He sets up this scenario: “Say you’re married and you and your spouse are sitting on the couch at the end of the day. Instead of getting affectionate with each other and talking about your day, you’re both doing your own thing on your phones. You go to bed without any interaction. From there on, you gradually start to move apart.”

The lack of face-to-face interaction is harmful, yes, but can we really throw around the word addiction?

Farley says yes, even going so far as to compare it to substance abuse addiction. “Do you need that eye-opener every morning? Do you feel like you need (to check social media) to calm your nerves? Can you put your cellphone away on your day off and spend time with the family? If the answer is no, there’s a problem.”

Jamie Monday, a counselor at Crown Point High School, agrees that one can be overly reliant on social media. “Dependency on anything is unhealthy when we are not able to function in our normal lives without it,” she says. “It is a good sign that you are dependent on something if you have tried to cut back your usage but have been unsuccessful.”

Monday says she sees this often among adolescents, particularly when their parents take away their mobile devices as a form of punishment. “If the teen is dependent on social media as their way of communicating with their peers, they will have a meltdown and sometimes even experience depression-like symptoms,” she says. See more…

June 22, 2015 By Monica Gupta

सावधान पत्रकार

सावधान पत्रकार

mafia by monica guptaसावधान पत्रकार पहले उत्तर प्रदेश के जोगेंद्र और अब मध्य प्रदेश में भी एक लापता पत्रकार संदीप कोठारी को जलाकर मार डालने की घटना ने स्तब्ध कर दिया .मैं ये नही कहूंगी कि इस मुद्दे पर सारा मीडिया मौन क्यो हैं? क्योकि जानती हूं टीआरपी नही है मिर्च मसाला भी नही है और अगर कुछ बोले तो कही वो खुद ही इसका शिकार न बन जाए .. भले ही अब उनकी मौत आत्महत्या दिखाई जाए पर ऐसे बेबाक और साहसी पत्रकारों को मेरा नमन.

यकीनन सब देख पढ कर बहुत दुख हुआ कि मीडिया ही इस बात पर मौन धारण करके बैठा है. एक छोटी जगह का पत्रकार सुबह से शाम तक  एक खबर बनाने में के लिए पूरा दिन इस उम्मीद से निकाल देता है कि एक स्टोरी के कुछ पैसे मिलेगें और अगर वो धासूं खबर हुई तो ब्रेकिंग न्यूज भी बन सकती है …  और न्यूज चैनल चलाने वाले और कठपुतलिया बने बैठे आका अपना फरमान सुनाते रहते हैं. सच्चाई और बेबाक पत्रकारिता की आवाज को दबा दिया जाता है ..

एक छोटे से शहर की पत्रकार होने के नाते मैने भी बहुत बाते देखी है कुछ का मुकाबला किया तो कुछ पर चुप होकर बैठ गई. इतना जरुर जानती हू कि छोटे शहर के पत्रकार बहुत छोटी छोटी स्टोरी के लिए  मेहनत करते हैं जिसका उनको एक प्रतिशत भी नही मिलता और वही फालफू की खबरो को मात्र टीआरपी बढाने के लिए पूरा पूरा दिन मिल जाता है

मनमोहन सिह जी और मोदी जी के मौन पर मजाक बनाने और हवा देने वाला मीडिया इस मामले में जिस तरह से मौन साधे बैठा है स्तब्ध कर रहा है

 

BBC

शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत के बाद अब मध्यप्रदेश के एक पत्रकार संदीप कोठारी की कथित रूप से हत्या की ख़बर आ रही है.

जगेंद्र सिंह की 8 जून को हुई मौत से पहले आख़िरी बयान में उन्होंने पांच पुलिस वाले और राज्य के एक मंत्री के ख़िलाफ़ हमले का आरोप लगाया लेकिन अब तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है जबकि कोठारी की हत्या के बाद तीन लोग गिरफ़्तार किए गए हैं.

छोटे शहरों में पत्रकारों पर बढ़ते हुए हमलों पर उनके अंदर असुरक्षा का माहौल है. मैं शाहजहांपुर में कुछ स्थानीय पत्रकारों से मिला और उनके काम काज के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की.

अंधेरे से एक कमरे में पतलून और बनियान पहने एक आदमी कंप्यूटर पर काम कर रहा है. तेज़ पंखे के बावजूद कमरा काफ़ी गर्म है. दो और लोग वहां अपने कामों में मशगूल हैं. कमरे में रखे कैमरे, ट्राइपॉड और टेप्स को देखकर कोई भी अंदाज़ा लगा सकता है कि ये किसी मीडिया वाले का दफ़्तर है.

यानी अगर अख़बार के एक पत्रकार की किसी एक महीने में 10 कहानियां प्रकाशित हुईं तो उस महीने में उसकी कमाई केवल 1500 रुपए हुई. दूसरे शब्दों में उसकी एक मज़दूर से भी कम कमाई है.

स्थानीय पत्रकार कहते हैं कि कहानी के लिए दूर दूर तक धूप, गर्मी और बरसात में अपने पेट्रोल के ख़र्च पर जाना पड़ता है.

वरिष्ठ पत्रकार सरदार शर्मा ‘स्वतंत्र भारत’ अख़बार के ब्यूरो चीफ़ हैं. उनके अनुसार कम वेतन से बड़ी समस्या ‘पत्रकारिता का अपराधीकरण’ है. See more…

धटना ने स्तब्ध कर दिया है और अब लगता है कि रही सही  सच्चाई और दब जाएगी और फिर खत्म ही हो जाएगी

सावधान पत्रकार

June 20, 2015 By Monica Gupta

Yoga Not now

cartoon yoga no by monica gupta

Yoga Not now देखा जाए तो हम लोग बहाना एक्सपार्ट होते हैं. कोई शक नही चीजों  की सराहना भी करते हैं पर  बहाने भी तैयार होते हैं जैसाकि अब इन श्रीमति जी को ही लीजिए … बहुत प्रशंसा कर रहे हैं कि योग बहुत अच्छा रहता है … योग करना चाहिए पर जब अपने करने की बात आती है तो ये बोल रही हैं कि अच्छा है पर वो अगले साल सोचेगी … अरे !!! सोचेगी … ये भी नही कहा कि अगले साल से करुगी … वो भी सोचेगी … हे भगवान !!!

  IBN Khabar

ये ऐप खासतौर पर उन लोगों को लिए तैयार किया गया है, जिनको घर में समय नहीं मिलता। तो वो फुर्सत में ऑफिस में ही, यहां तक कि अपनी ऑफिस चेयर पर बैठे-बैठे ही, वर्क स्टेशन पर काम करते करते ही योगा कर सकते हैं। इसमें ज्यादातर योगासन उसी तरह से तैयार किए गए हैं, जो चेयर पर बैठे-बैठे ही किए जा सकते हैं। Read more…

वैसे योग वाकई बहुत अच्छा है Yoga Not now वाला आईडिया सोच रही हूं ड्राप ही कर दूं ..  🙂

 

  योग दिवस

नयी दिल्ली : अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर देश और विदेश में तैयारी जोरो पर चल रही है. केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज योग दिवस में भाग लेन न्यूयॉर्क रवाना हो गई हैं. वे न्यूयॉर्क में ही योग दिवस के कार्यक्रम में शिरकत करने वाली हैं. वहीं भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह पटना में योग दिवस मनायेंगे. राष्ट्रीय राजधानी में भी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कई दिग्गज भाग लेंगे जिसको देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.यहां मुख्य कार्यक्रम के लिए सुरक्षा कर्मियों की 30 कंपनियों को राजपथ एवं आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया जायेगा.

दिल्ली पुलिस सहित करीब 5000 सुरक्षा कर्मियों को योग स्थल एवं आसपास की सुरक्षा के लिए तैनात किया जायेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हजारों योग अभ्यासी सुबह होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे. खुफिया एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किये जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान किसी भी हवाई खतरे को टालने के लिए पतंग, गुब्बारे, ग्लाइडर एवं माइक्रो लाइट वस्तुओं को उडाने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा फोटोग्राफी के लिए ड्रोन उडानों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा, ‘‘राजपथ पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के लिए पूर्ण सुरक्षा कार्यक्रम किये गये हैं. 18 डीसीपी एवं 30 कंपनियां इस अवसर पर ड्यूटी पर तैनात रहेंगी.’’ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयुष मंत्रालय द्वारा द्वारा आयोजित 35 मिनट का कार्यक्रम सुबह साढे सात बजे शुरू होगा. बस्सी ने कहा कि स्थानी पुलिस सुरक्षा प्रबंधों पर निगाह रख रही है तथा इलाके में खोजी कुत्तों एवं बम निष्क्रिय दस्तों की मदद से छानबीन की जा रही है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 डीसीपी स्तर के अधिकारी सुरक्षा प्रबंधों पर निगाह रख रहे हैं जो गणतंत्र दिवस परेड के समान है. उन्होंने कहा कि योग दिवस कार्यक्रम पर करीब 40 हजार लोगों के भाग लेने की संभावना है. इसमें मंत्रियों एवं सांसदों सहित करीब 500 गणमान्य अतिथि होंगे. अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा हजारों अधिकारी और करीब पांच हजार बच्चे कार्यक्रम में योग करेंगे. चौदह जून से ही यातायात पर पाबंदियां लगा दी गयी है. राजपथ पर विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक यातायात को रोक दिया गया है तथा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है. See more…

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