Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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May 18, 2015 By Monica Gupta

kids stories

kids stories

घर के बाहर अक्सर साईकिल चलाता रवि मिल जाता था. आज वो बहुत दिनों के बाद दिखा. स्कूल बैग लेकर सिर झुकाए जा रहा था. मेरे आवाज देने पर वो रुका .उसने बताया कि पिछली क्लास मे उसके नम्बर बहुत कम आए थे इसलिए उसका बाहर धूमना और खेलना बंद कर दिया है. अब वो सिर्फ स्कूल और टयूशन जाता है. मेरे दुबारा पूछने पर और वो जो ड्राईग बनाता था वो … उसने जवाब दिया कि वो भी बंद है और अब तो पापा ने टीवी देखने पर भी रोक लगा दी है अब बस सिर्फ पढाई पढाई ही है. और चुपचाप चला गया.

हमेशा हंसता खेलता रवि आज गुमसुम और चुप हो गया है. आखों के नीचे काले गड्डे इस बात को दिखा रहे हैं कि कितना तनाव मे है वो. पर इस तरह से सब कुछ बंद करने पर क्या उसके अच्छे नम्बर आ जाएगें ..???? मैं उसे बहुत समय से जानती हूं अभी सातंवी क्लास मे ही आया है …

क्या एक बार नम्बर कम आने पर सभी चीजों से भी कट जाना चाहिए .. ये बात माता पिता को जरुर सोचनी चाहिए.

और मैने उसके पेरेंटस से मिलने का मन बना लिया…

A real kid story 🙁

kids stories

kids  photo

May 17, 2015 By Monica Gupta

Red Carpet

Red Carpet वाकई, रेड कारपेट पर चलना बेहद सुखद होता होगा. बडे बडे कलाकार इस पर चलते है और हाथ हिला कर अभिवादन करते हैं कितना आनंद मिलता होगा इसमें उन्हे.  अभी कुछ दिन पहले एक समारोह में जाना हुआ शायद  मैं जल्दी पहुंच गई और वहां तैयारियां चल रही थी.

मुख्य द्वार से भीतर तक लाल कालीन बिछाया जा रहा था. जो लोग इसे बिछा रहे थे वो बस बिछा रहे थे यानि वो जिस जमीन पर उसे बिछा रहे थे उसका लेवल सही नही था यानि एक दो जगह तो गड्डे थे और एक जगह तो जमीन बिल्कुल उबड खाबड थी. जो उस पर चलेगा यकीनन उसका संतुलन तो बिगडेगा ही बिगडेगा पर जल्दी काम निबटाने के चक्कर में वो जल्दबाजी कर रहे थे.

Red Carpet

थोडे समय बाद डेकोरेशन पूरी हो गई और मेहमान आने शुरु हो गए. कुछ लोग उस पर बाते करते हुए चल रहे थे कुछ लोगों का जब संतुलन बिग़डा तो वो सचेत हुए वही फिर वो दूसरों को आराम से चलने की नसीहत देते नजर आए …

मेरे सामने रेड कारपेट बिछा हुआ था पर मैं उस पर चलने का हौंसला नही जुटा पाई. हे भगवान !!! ये Red Carpet !!!

May 13, 2015 By Monica Gupta

Road safety

 

cartoon- mobile -monica

Road safety

आज दोपहर एक क्रासिंग पर मोटर साईकिल वाला ट्रैफिक पुलिस से उलझ रहा था. वहां देख रहे सभी लोगो का कहना था कि गलती मोटरसाईकिल सवार की थी वो जल्दी निकलने के चक्कर मे लाल लाईट क्रास कर गया. अचानक मुझे दिल्ली वाली धटना की याद आई जिसमे महिला ने ईंट उठा ली थी इस पर हेड कॉन्स्टेबल ने भी ईंट उठा कर महिला को मारी. सारे धटना क्रम में शुरुआत महिला ने की पत्थर उसने पहले उठाया और अब सुनने मे आ रहा है कि वो बार बार बयान भी बदल रही है जो चैनल वाले इस महिला को नायिका के रुप मे दिखा रहे थे आज वो उसी की गलती बता रहे हैं.

Road safety

पिछ्ले दिनों हेमा मालिनी को भी चोट लगी अगर उन्होने सीट बेल्ट पहनी होती तो बहुत बचाव हो जाता.. नतीजा  कुछ भी निकले पर समझने वाली बात यह है कि हम सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन गम्भीरता से करना ही चाहिए. अब आप सीट बेल्ट या वाहन चलाते फोन पर बात करने को ही लें तो कितने चालक ऐसे मिल जाएगें जोकि आराम से वाहन चलाते हुए फोन करतें  है. जोकि किसी भी कीमत पर सही नही है …

Road safety  नियमों का पालन करना बहुत जरुरी है अन्यथा यम से  आपकी मुलाकात को कोई नही रोक सकता 🙁

May 11, 2015 By Monica Gupta

कौन कीमती

mother and daughter photo

Photo by HA! Designs – Artbyheather

कौन कीमती

गूगल सर्च के दौरान कई बार बहुत अच्छा पढने को मिल जाता है .. ऐसा ही कुछ पढने को मिला और सीखने को मिला…

एक बहुत छोटी सी बच्ची ने अपनी मम्मी से पूछा, “क्या वो कभी अपना रुपयों से भरा पर्स maid के पास छोड सकती हैं”. मम्मी ने लिपस्टिक लगाते हुए बोला पर्स और maid के पास !!! बिल्कुल नही! मतलब ही नही! सवाल ही नही! फिर बच्ची ने बहुत मासूमियत से पूछा, ” फिर “मुझे” maid के पास कैसे छोड सकती हो!!

कौन कीमती … कैसी लगी आपको ??

मुझे तो बहुत उमदा लगी … अगर आप भी ऐसें हैं तो जरा नही  बहुत सोचने की दरकार है !!!

May 11, 2015 By Monica Gupta

समाज और महिलाएं

समाज और महिलाएं

समाज और महिलाएं ,पता नही आज समाज मे क्या हो रहा है…. !!! महिलाएं हारी हारी सी महसूस कर रही है. जहां महिलाओं पर शर्मनाक धटनाए रुकने का नाम नही ले रही वही कुछ नेता लोग अजीबो गरीब बयान देकर पता नही खुद को क्या साबित करना चाहते हैं. मुझे दुख इस बात का भी है कि धटनाओ की वजह से लडकियों और महिलाओं का मनोबल टूट रहा है.

positive thinking by monica gupta

 

समाज और महिलाएं

आज एक महिला से तो मेरी सहेली मणि की बहस ही हो गई. वो अपनी लडकी की पढाई छुडवा रही है और एक उसी की सहेली जोकि शहर से बाहर नौकरी करती थी वो भी नौकरी छोड कर वापिस आ गई है. कारण है माता पिता की चिंता. पुलिस पर से उनका विश्वास हट गया है और दिन तीन दिन पहले राष्ट्रपति की लडकी भी जब एक टीवी पर साक्षात्कार के दौरान यह बोले कि उसे भी दिल्ली मे डर लगता है तो वो तो आम आदमी ही है.

जब मणि ने उसे समझाने की कोशिश की तो वो बोली कि ठीक है आप मेरी दोनो लडकियो की जिम्मेवारी ले लो. मणि के पास अब कुछ कहने को नही था. उसने जब आकर मुझे सारी बात बताई तो मन मे यही बात आ रही थी कि जल्द ही बहुत जल्द ही सरकार को कदम उठाने होंगे. फालतू के बयान बाजी की कौन क्या कह रहा है कौन नही ..

इससे हट कर महिलाओ की सुरक्षा और पुलिस की जिम्मेवारी पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा अन्यथा बहुत लडकियो को अपना मन मार कर घर पर ही बैठना पडेगा.

वैसे समाज और महिलाएं के बारे में आप क्या राय रखतें हैं जरुर बताईगा !!!

May 11, 2015 By Monica Gupta

Blood donation and ladies

Blood donation and ladies

रक्तदान और महिलाए

Blood donation and ladies   कुछ समय पहले ISBTI की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान पर एक दिवसीय सम्मेलन था.बहुत दर्शक और बहुत वक्ता थे. रक्तदान के बारे मे बहुत पुरुषों ने ये बोला कि उन्होनें जब रक्तदान किया तब घर पर अपनी पत्नी को नही बताया  या अपनी मां को नही बताया क्योकि वो नाराज हो जाती कि रक्त किसलिए दे कर आए हो.

Document(206) - Copy

इतना ही नही एक ने तो बताया कि उन्होने 5 साल तक अपने घर मे किसी को खबर नही लगने दी कि वो रक्तदान कर रहे हैं. अगर पता चल जाता तो वो उसे रक्तदान नही करने दिया जाता.
वही उसी कार्यक्रम मे एक सज्जन ने बताया कि महिलाओ की कुछ परेशानियां ऐसी होती है कि वो खून नही दे सकती जैसा कि स्तनपान, महावारी और एनीमिया इसलिए पुरुषो को आगे आना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करना चाहिए.एक सज्जन ने यह भी बताया कि भले ही रक्तदान के लिए महिलाओ मे बहुत उत्साह देखने को मिलता है और वो बढ चढ कर रक्तदान के लिए कैम्पो मे आती भी हैं पर जब उन्हे पता चलता है कि उनमे खून की कमी यानि एनीमिया है वो रक्तदान नही कर सकती तब उन्हे मजबूरन पीछे हटना पडता है.

Blood donation and ladies
तब मेरे दिमाग मे बस एक ही बात आई कि भले ही हम महिलाओ को हर महीने किसी न किसी रुप मे परेशानी से दो चार होना पडता है पर अगर कम से कम हमें रक्तदान के बारे मे विस्तार से जानकारी होगी तो अपने घर परिवार के लोगो को तो बजाय रक्तदान पर नाराज होने के होने प्रेरित तो कर सकती हैं और इसके साथ साथ भले ही रक्तदान ना करे पर इतना तो करें कि खुद मे तो रक्त हो यानि ब्लड डोनर से पहले रक्त ओनर तो बनें.
अगर महिलाए एनीमिया से कम ग्रसित होगी तो रक्त की भी कम जरुरत पडेगी. इसके साथ साथ यह भी जानकारी भी होनी जरुरी है कि रक्तदान से कोई नुकसान नही होता.चाहे स्वयं रक्तदान करे या अपने घर परिवार मे किसी का, तो भी बहुत जागरुकता आ सकती है. असल मे, रक्तदान के बारे मे जब भी महिलाओ से बात की तो यही जवाब मिला कि हमे तो किसी ने कहा ही नही या हमे तो पता ही नही था.
महिला दिवस पर  या कभी भी आप यही संकल्प लें कि रक्तदान के बारे मे सारी जानकारी लेगी और अगर होमोग्लोबिन 12.5 है तो रक्तदान करके खुद महसूस करेगी कि क्या अनुभव रहा और अगर किसी वजह से खुद ना कर पाई तो कम से कम अपने परिवार के सदस्यो को नाराजगी दिखाने के बजाय रक्तदान के लिए जरुर प्रेरित करेगी. जैसे किसी को जन्म देना एक खूबसूरत अहसास है ठीक वैसे ही किसी को नई जिंदगी देना भी एक खूबसूरत अहसास से कम नही है और आप से बेहतर इस बात को कौन जान सकता है … है ना !!!

 इसलिए Donate Blood & save Lives …

जरा से जागरुक बनिए Blood & Blood Donation के बारे में …

वैसे जाते जाते एक बात मैं ये भी बता दूं कि सन 73 में मैने एक बच्ची को एक छोटे से pond मे से डूबने से बचाया था और यही बात मै सभी को बताती रहती पर जब से रक्तदान के बारे मे सुना और इस क्षेत्र में जुडी तो वो बात लगभग भूल ही गई  जब से मैने रक्तदान के बारे मे जाना है तब से इस प्रयास में रही हूं कि रक्तदान कर सकूं पर नही कर पा रही पर आप जैसे लोगो को मोटिवेट करके या जब किसी को रक्त की जरुरत हो उनकी मदद करके इस क्षेत्र में कुछ न कुछ काम तो कर ही रही हूं … और जब किसी की जान बचती है और उनका धन्यवाद कहने के लिए फोन आता है तब मैं खुद को सातवें आसमान पर पाती हूं … !!!

Blood donation and ladies  आप  इस बारे में क्या राय रखते हैं जरुर बताईगा ….

 

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