कथा कहानी
बदलता समाज
बदलता समाज
विवाह समारोह में एक दम्पति से मिलना हुआ. उनकी शादी को 50 साल हो गए थे और उसे सांझा कर रहे थे जब वो पहली बार इंडिया गेट पर मिले. वहां उन्होनें फूलो का गुलदस्ता दिया और ओरेंज बार आईसक्रीम खिलाई. उसके बाद श्रीमान जी ने उनका पीछा करना शुरु कर दिया. कभी कालिज तो कभी किसी दोस्त के घर मिलने लगे और बहुत जल्द शादी के बंधन में बंध गए.
वही एक अन्य जानकार जिनकी हाल ही में शादी हुई उन्होने बताया कि वो सबसे पहले वो अपनी होने वाली पत्नी से फेसबुक पर मिले. वहां उन्होने पहली बार उनकी facebook wall पर फूलो का गुलदस्ता यानि फोटो पोस्ट की भेट किया. जब लगा कि बात आगे बढ सकती है तो कभी किसी दोस्त की wall पर तो कभी किसी दोस्त की time line पर कमेंट करने के बहाने मिलते रहे और अपनी बात अप्रत्यक्ष रुप से प्रकट करते रहे धीरे धीरे बात बढी और दोनों विवाह सूत्र में बंध गए… !!!
मैं सोच रही हूं आज समाज में कितना बदलाव आ गया है … या शायद नही .. या शायद हां … !!!
वैसे आप क्या कहते हैं …. !!!
बदलता समाज
लघु कथा विश्वास
बच्चे और किताबें
समय का महत्व
समय का महत्व
पल पल बेहद कीमती है पर क्या हम इसकी महत्ता समझते हैं ….
आज एक जानकार के घर जाना हुआ. मुझे 6 बजे कही और जाना था वहां लगी दीवार घडी पर समय देखा. उसमे 6 बज रहे थे. अरे बाप रे !! मेरी घडी में तो अभी 6 बजने में 20 मिनट थे. मैने सोचा शायद मेरी घडी मे कोई प्रोब्लम आ गई है और मैं फटाफट जाने के लिए उठी कि मुझे तो 6 बजे जाना था … बहुत देर हो गई… इस पर वो हंसते हुए बोली अरे आराम से बैठ 6 बजने में अभी 20 मिनट हैं … ये घडी आगे की हुई है ताकि हबडा तबडी रहे. मुझे समझ नही आया. घडी आगे या पीछे करने से क्या समय पर काम हो जाते हैं. मेरे विचार से शायद नही क्योकि मानसिकता तो वही बनी रहती है कि अभी बहुत समय है.. वैसे एक आध मिनट आगे पीछे करने में कोई फर्क नही पर बीस बीस मिनट अरे बाप रे … !!
वैसे आप क्या सोच रखते हैं कि घडी में एक दम सही समय करके रखना चाहिए या…. !!!!
TIME IS MONEY…
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